Indian Army

हमारे देश में जब भी हीरो की बात आती है, तो सबके जेहन में सबसे पहले फिल्म जगत के हीरो आते हैं, लेकिन देश के असली हीरो का ज़िक्र कोई नहीं करता. क्या हम कभी ये सोचते हैं कि हम सब बेफिक्र इसलिए रहते हैं, क्योंकि हमारी सुरक्षा के लिए हमारे देश के जवान सरहद पर दिनरात पहरा देते हैं. हम चैन से सो सकें इसलिए वो दिनरात कड़ी धूप, ठिठुरती ठंड, बरसते आसमान में भी सरहद से नज़रें नहीं हटाते. इस समय जब पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, ऐसे में हमने अपने पांच जवानों को खो दिया है. जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में रविवार को आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में कर्नल आशुतोष के साथ चार अन्य जवान शहीद हो गए. हमारे इन जवानों के लिए यदि हम कुछ कर न सकें, तो उन्हें तहे दिल से श्रद्धांजलि तो दे ही सकते हैं.

Colonel Ashutosh Sharma wife daughter final salute

शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा को पत्नी,बेटी और परिजनों ने नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए सेना की 21 राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा को आज राजकीय सम्मान के साथ जयपुर में नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. आज जब शहीद आशुतोष का पार्थिव शरीर जयपुर पहुंचा, तो वहां पर उन्हें तिरंगे में लपेटकर राजकीय सम्मान के साथ आखिरी विदाई और सलामी दी गई. इस अवसर पर शहीद आशुतोष की पत्नी, बेटी और अन्य परिजन मौजूद थे. अंतिम विदाई के दौरान कर्नल आशुतोष शर्मा की पत्नी पल्लवी शर्मा लगातार रोती रहीं, लेकिन उनके चेहरे पर अपने पति की शहादत का गर्व भी था. कर्नल आशुतोष शर्मा की पत्नी पल्लवी शर्मा ने कहा कि उनके पति ऐसी ही मौत चाहते थे, वो देश के लिए मर-मिटना चाहते थे. कर्नल आशुतोष शर्मा की पत्नी की आंखों से पति को खोने दर्द बह रहा था, लेकिन उनके एक-एक शब्द में अपने पति के लिए गर्व भी झलक रहा था.

Colonel Ashutosh Sharma final salute

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दी शहीद आशुतोष को अंतिम विदाई
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शहीद आशुतोष को अंतिम विदाई दी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अलावा भारतीय जनता पार्टी के नेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी शहीद आशुतोष को श्रद्धांजलि अर्पित की. बता दें कि शहीद आशुतोष वैसे तो बुलंदशहर के रहने वाले हैं, लेकिन उनका परिवार काफी समय से जयपुर में रहता है इसलिए उन्हें अंतिम विदाई जयपुर में दी गई.

देखिए समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा जारी शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा की अंतिम विदाई का ये वीडियो, देखकर आंखें भीग जाएंगी आपकी

देश के लिए मर-मिटनेवाले शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा और अन्य जांबाज़ जवानों को हमारा तहे दिल से सलाम!

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vijay diwas

साल 1971… भारतीय इतिहास का गौरवमयी स्वर्णिम साल, जब भारतीय सेना ने अपना दमखम दिखाते हुए पाकिस्तानी सेना पर विजय प्राप्त की थी. भारतीय जवानों ने पाक के उस नापाक इरादे को कुचलते हुए देश का गौरव बढ़ाया था. अपनी जान की परवाह किए बिना भारतीय जवानों ने जी-जीन लगा दी थी. इसका परिणाम ये हुआ कि भारतीय सेना का परचम देश में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्‍व में लहराया. जवानों के उसी पराक्रम को हम विजय दिवस के रूप में मनाते हैं.

वर्तमान स्थिति की ही तरह उस बार भी पाक सैनिकों की ओर से लड़ाई का आगाज़ हुआ. हर बार चोरी-छुपे वार करनेवाले पाकिस्तानियों को लगा था कि वो इस युद्ध में जीत जाएंगे, लेकिन हुआ इसके ठीक विपरीत. बादलों की तरह गरजनेवाले पाक सैनिकों की हालत भारतीय जवानों ने कुछ ऐसी कर दी कि वो समझ ही नहीं पा रहे थे कि अब किया क्या जाए.

एक नज़र इतिहास के उन पन्नों पर
4 व 5 दिसंबर को जब दो हज़ार से ज़्यादा पाकिस्तानी सैनिक लोंगेवाला में नाश्ता, रामगढ़ में लंच और जोधपुर में डिनर का सपना लिए आधी रात को भारतीय सीमाओं की ओर बढ़ रहे थे, तो पंजाब रेजीमेंट के स़िर्फ 120 जवानों इन पाकिस्तानियों को खदेड़ दिया. उस युद्ध में पाकिस्तानियों को ऐसा लगा था जैसे वो भारतीय सेना को हराकर हमारे देश में विजय पताका फहराएंगे. पाकिस्तानियों की यही ग़लती उनकी सबसे बड़े हार की वजह बनी. भारतीय जवानों ने पाक सैनिकों का मनोबल कुछ ऐसा तोड़ा कि वो आत्मसमर्पण करने के लिए आतुर हो गए. लगभग 93 हज़ार सैनिक हथियार नहीं उठा पाए और 16 दिसंबर को पाकिस्तानी सेना के हज़ारों सैनिकों ने अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ पाकिस्तानी जनरल एके नियाजी सहित भारतीय सेना के समक्ष ढाका में आत्मसमर्पण किया.

देश के जवानों को हमारी शुभकामनाएं. सीमा पर आप हैं, तभी हम अपने घरों में चैन की सांस ले पा रहे हैं. मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से हमारे शहीदों को शत शत नमन.

– श्वेता सिंह

AK21478593068_bigअक्षय कुमार न केवल देशभक्ति पर बेस्ड फिल्में करते हैं, बल्कि उनमें देशभक्ति का जज़्बा भी है. चाहे किसानों की मदद के लिए हाथ बढ़ाना हो, पाकिस्तान में हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर सेना को सपोर्ट करना हो या फिर देश सेवा का कोई दूसरा मौक़ा हो, अक्की हर वक़्त देश के लिए हाजिर रहते हैं. अब अक्षय कुमार जम्मू एवं कश्मीर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बेस कैंप तक पहुंच गए. अक्षय ने वहां मौजूद जवानों से मुलाकात की, साथ ही सीज़फायर उल्लंघन और मुठभेड़ में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी. उन्होंने कहा, “मैं यहां उन्हें यह बताने आया हूं कि पूरे देश को उन पर गर्व है और हम सभी इनके साथ मज़बूती से खड़े हैं.” akshay-kumar-759

जवानों को देश का रियल हीरो बताते हुए अक्षय ने कहा, ”मैं तो एक रील हीरो हूं, फिल्मी हीरो, आप लोग रियल हीरो हैं, मैं तो नकली बंदूको से खेलता हूं, आप असली बंदूकों से खेलते हैं, उसका इस्तेमाल करते हैं, मैं कहता हूं कि मुझे वहां नीचे होना चाहिए और आप लोगों को इस मंच पर.”