Tag Archives: Indian cinema

मूवी रिव्यू: सुपर इफेक्ट्स, थ्रिल, अविश्‍वसनीय एक्शन से भरपूर अद्भुत 2.0 (Movie Review 2.0: Brilliant Visual Effects, Thrills And Action Sequences)

 

2.0

जब दो सुपरस्टार रजनीकांत (Rajinikanth) और अक्षय कुमार (Akshay Kumar) एक साथ हों, तो एक बेहतरीन फिल्म की उम्मीद हर किसी को होती है. लेकिन यहां पर इन दोनों से कई ऊपर रहे निर्देशक एस. शंकर. जैसा कि सभी जानते हैं कि इसे रजनीकांत और अक्षय कुमार की फिल्म करके ख़ूब प्रमोट किया गया, पर इसमें सबसे अधिक प्रभावित करते हैं निर्देशक शंकर. उन्होंने पूरी फिल्म में हर एक सीन पर ख़ूब मेहनत की है. सुपर इफेक्ट्स की भरमार है फिल्म में पर व्यवस्थित व योजनाबद्ध तरी़के से. क़रीब आठ साल पहले शंकर की ही रोबोट फिल्म आई थी, जिसमें रजनीकांत और ऐश्‍वर्या राय बच्चन मुख्य भूमिका में थे, 2.0 फिल्म को उसी का सीक्वल कह सकते हैं.

पहली बार इस तरह की साइंस फिक्शन मूवी के एक्शन, सुपर इफेट्स मिक्सिंग देख हॉलीवुड मेकर भी शंकरजी की तारीफ़ किए बगैर नहीं रह सकेंगे. इसमें कोई दो राय नहीं कि भारतीय सिनेमा ने इस फिल्म के ज़रिए फिल्म बनाने में एक और शिखर को छुआ है. फिल्म के विज़ुअल इफेक्ट्स काबिल-ए-तारीफ़ हैं. उस पर थ्रीडी में होने के कारण फिल्म और भी शानदार बन पड़ी है. इस तरह की फिल्मों में कहानी की उम्मीद बहुत कम होती है, क्योंकि निर्देशक का पूरा ध्यान एक्शन, वीएफएक्स पर होता है और यही एस. शंकर ने भी किया.

कहानी बस इतनी है कि अक्षय कुमार, पक्षीराजन, जो ओर्निथोलॉजिस्ट (पक्षी वैज्ञानिक) हैं, मोबाइल टॉवर से कूदकर आत्महत्या कर लेते हैं. दरअसल, मोबाइल फोन के रेडिएशन से पक्षियों को काफ़ी नुक़सान पहुंच रहा होता है, इसका प्रतिशोध अक्षय इंसानों से लेना चाहता है. एक तरह इसके ज़रिए सोशल मैसेज भी देने की कोशिश की गई है. इसके बाद शहरभर के सभी लोगों के मोबाइल फोन उड़ने लगते हैं. वसीकरण यानी रजनीकांत को इसकी छानबीन करने के लिए कहा जाता है. वे अपनी असिस्टेंट नीला यानी एमी जैक्सन जो एक रोबोट हैं, के साथ पता लगाने की कोशिश करते हैं. इसी बीच शहर में मोबाइल फोन की बनी एक चिड़िया (अक्षय कुमार) शहर पर दनादन हमला करने लगती है. आख़िरकार उससे मुक़ाबला करने के लिए वसीकरण को अपने रोबोट चिट्टी (रजनीकांत डबल रोल में) की मदद लेनी पड़ती है, क्योंकि पक्षीराजन और इंसानों के बीच केवल चिट्टी का अपग्रेडेड वर्ज़न 2.0 है.

पक्षीराजन और चिट्टी का आमना-सामना, लड़ाई, दांवपेंच और उसके अविश्‍वसनीय से एक्शन थ्रिल व रोमांच पैदा करते हैं. फिल्म में भावनाओं की कमी थोड़ी खलती है, पर दो सुपर मानव की टक्कर दिलचस्पी भी पैदा करती है. फिल्म की शुरुआत में ही अक्षय कुमार की मौत होने के बाद उनकी आत्मा, भूत या फिर औरा जो समझ लें का इंसानों से बदला लेने, रजनीकांत से संघर्ष देखने काबिल है.

फिल्म में सीन दर सीन स्पेशल इफेक्ट्स का बड़ी ख़ूबसूरती से इस्तेमाल किया गया है. एक समय ऐसा आता है, जब रजनीकांत व अक्षय कुमार की लड़ाई में पांच सौ रोबोट्स रजनीकांत के रूप में आ जाते हैं, तो हज़ारों अक्षय कुमार, फिर लाखों रजनीकांत- सब कुछ विस्मय, विलक्षण, रोगंटे खड़े कर देनेवाले दृश्य हैं, जो दर्शकों को पलभर के लिए भी हिलने नहीं देते और फिल्म से बांधे रखते हैं. इसके लिए टेकनीशियन और डायरेक्टर बधाई के पात्र हैं.

रजनीकांत, अक्षय कुमार के अलावा एमी जैक्सन, सुधांशु पांडे, आदिल शाह सभी ने बेहतरीन अभिनय किया है. अक्षय कुमार पहली बार रजनीकांत के साथ काम कर रहे हैं, उन्हें इस बात की बेहद ख़ुशी है, फिर चाहे वो खलनायक का ही क़िरदार क्यों न हो. बकौल अक्षय उन्हें शूटिंग के समय अपने पक्षीराजन के गेटअप में तैयार होने में क़रीब छह घंटे लग जाते थे. उन्हें इसके मेकअप के लिए मेकअप आर्टिस्ट के सामने घंटों ख़ामोश होकर बैठे रहना पड़ता था. उनके अनुसार, इस कारण उनकी सब्र करने और अपनी धैर्य की क्षमता को विकसित करने में भी मदद मिली.

निर्माता अलीराजा सुबासकरण व राजू महालिंगम ने इस तरह की फिल्म बनाने का रिस्क लिया, जो सराहनीय है. ए. आर. रहमान का संगीत फिल्म को गति देता है, पर गाने केवल दो ही हैं. फिल्म को टूडी और थ्रीडी फार्मेट में दुनियाभर में प्रदर्शित किया गया है और इसके लिए तकनीकी रूप से शंकरजी के पूरी टीम ने ख़ूब मेहनत भी की है. फिल्म में सरप्राइज़ पैकेज के रूप में 3.0 कुट्टी का भी ज़िक्र किया गया है, ताकि प्रशंसकों को शंकर की अगली फिल्म का इंतज़ार रहे.

फिल्म हिंदी, तमिल और तेलगु- इन तीन भाषाओं के साथ अन्य भाषाओं में भी डब होकर प्रदर्शित की गई है. यूं तो फिल्म 512 करोड़ रुपए की लागत में बनी है, पर उसने अभी से सेटेलाइट, डिजिटल, डिस्ट्रिब्यूशन के राइट्स के ज़रिए 350 करोड़ रुपए कमा लिए हैं. यह तो जगजाहिर है कि 2.0 फिल्म दक्षिण भारतीयों द्वारा सुपर-डुपर हिट हो ही जाएगी. लेकिन हिंदी प्रेमी दर्शकों को यह कितना पसंद आएगी, यह तो व़क्त ही बताएगा.

– ऊषा गुप्ता

यह भी पढ़ेनिकयंका की शादी में लगी इस चीज़ पर रोक (Priyanka Chopra-Nick Jonas Bans Smartphones At Their Wedding Venue)

हैप्पी बर्थडे गुलज़ार साहब! देखें उनके 10 बेहतरीन गाने (Happy Birthday Gulzar Sahab)

हैप्पी बर्थडे गुलज़ार साहब! देखें उनके 10 बेहतरीन गाने

हैप्पी बर्थडे गुलज़ार साहब! देखें उनके 10 बेहतरीन गानेअपने शब्दों से जादू कर लोगों की दिलों में अपनी एक ख़ास जगह बनाने वाले गुलज़ार साहब हो गए हैं 83 साल के. 5 दशकों से अपनी शायरी, कविताओं, गानों और कहानियों के ज़रिए हर किसी को अपना कायल बनाए हुए हैं. उनकी उम्र कभी उनके शब्दों की उड़ान को नहीं रोक पाई. झेलम ज़िलें के दीना गांव, जो अब पाकिस्तान में है जन्मे गुलज़ार साहब बंटवारे के बाद परिवार के साथ पंजाब में आकर बस गए. वो हमेशा से ही राइटर बनना चाहते थे. परिवार के मर्ज़ी के बिना गुलज़ार साहब मुंबई आ गए और यहां वो एक गैरेज में मैकेलिक के तौर पर काम करने लगे, लेकिन दिल में राइटर बनने के जज़्बा लिए हुए. जब भी उन्हें समय मिलता, वो कविताएं लिखने लगते. उन्हें पहला ब्रेक मिला बिमल रॉय की फिल्म बंदिनी में. पद्म भूषण गुलज़ार साहब ने कई बेहतरीन कहानियां तो लिखी ही हैं, साथ ही उन्होंने मौसम, आंधी, माचिस, अंगूर, नमकीन, इजाज़त जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया है.आज के दौर में भी मॉडर्न टेस्ट को समझते हुए गुलज़ार साहब ऐसे गाने लिख जाते हैं कि उनके सामने युवा गीतकार भी फ़ीके पड़ जाते हैं. गुलज़ार साहब जानते हैं कि शब्दों से खेलकर कैसे एक बेहतरीन रचना बनाए जा सकती है. शायद ही कोई हो, जो उनकी तरह प्यार के ख़ूबसूरत एहसास या दिल टूटने के दर्द को गानों के ज़रिए बयां कर पाए. बंटवारे का दर्द भी कई बार उनके गीतों में नज़र आया है.

आइए उनके जन्मदिन के मौक़े पर देखते हैं उनके कुछ बेहतरीन गाने.

फिल्म- खामोशी

फिल्म- मासूम

यह भी पढ़ें: फ्रेंड्स के साथ शेयर करें ये गाने और मनाएं Friendship Day! 

फिल्म- आंधी

फिल्म- इजाज़त

यह भी पढ़ें: हैप्पी बर्थडे श्रीदेवी, देखें उनके Unseen Pics

फिल्म- आनंद

फिल्म- माचिस

यह भी पढ़ें: मोहे रंग दे बसंती… देखें देशभक्ति का जज़्बा जगाने वाले 10 गाने 

फिल्म- डेढ़ इश्किया

फिल्म- घर

यह भी पढ़ें: Inside Pictures! सैफ हुए 47 के, पार्टी में सारा को देखते रह जाएंगे आप

फिल्म- कमीने

फिल्म- बंटी और बबली

बॉलीवुड और टीवी से जुड़ी और ख़बरों के लिए क्लिक करें. 

मिस यू काका, देखें राजेश खन्ना के टॉप 5 गाने

rajesh-limg1बाबु मोशाय, ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए…लंबी नहीं…वाक़ई ये लाइन बिल्कुल फिट बैठती है स्व. राजेश खन्ना पर, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी ज़िंदादिली से जी है. 18 जुलाई 2012 को महज़ 69 साल की उम्र में काका सभी को अलविदा कह गए, लेकिन उनकी यादें उनकी सुपरहिट फिल्मों और गानों के ज़रिए सबके ज़हन में अब भी ताज़ा है. बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना. काका ने जो स्टारडम देखा है, वो शायद ही किसी एक्टर ने देखा हो….काका की चौथी पुण्यतिथि पर आइए, उनके कुछ सुपरहिट गाने देखते हैं.

फिल्म- आराधना (1969)

फिल्म- महबूब की मेंहदी (1971)

फिल्म- मेरे जीवन साथी (1972)

फिल्म- दो रास्ते (1969)

फिल्म- आराधना (1969)

 

आइफ़ा में श्रीदेवी को मिलेगा आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट अवॉर्ड

6स्पेन के मेड्रिड में इस साल होनेवाला आइफ़ा अवॉर्ड्स बॉलीवुड की लेडी सुपरस्टार के ख़िताब से नवाज़ी जानेवाली श्रीदेवी के लिए होगा बेहद ख़ास. आइफ़ा में श्रीदेवी को नवाज़ा जाएगा आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट अवॉर्ड से. ये अवॉर्ड उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके बेहतरीन योगदान के लिए दिया जाएगा. अपने 40 सालों के फिल्मी करियर में उन्होंने बॉलीवुड के अलावा साउथ की फिल्मों में भी अपनी ऐक्टिंग का लोहा मनवाया है. 23 से 26 जून तक चलनेवाले 17वें आइफ़ा अवॉर्ड की धूम वाक़ई देखने लायक होगी. श्रीदेवी के लिए आइफ़ा का मंच नया नहीं है.2साल 2013 में श्रीदेवी ने स्टेज पर परफॉर्म भी किया था और उनके डांस का जलवा देखकर हर कोई उनकी तारीफ़ों के पुल बांध रहा था.1देखिए इन तस्वीरों में उनके डांस की झलक.43