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यूरीन इंफेक्शन से बचने के घरेलू उपाय (Home Remedies For Urine Infection)

यूरीन इंफेक्शन
यूरीन इंफेक्शन, Urine Infection
यूरीन इंफेक्शन (Urine Infection) महिलाओं में होनेवाली आम बीमारी है. क़रीब 70 फीसदी महिलाओं को ज़िंदगी में कभी न कभी ये समस्या ज़रूर होती है. ये कई कारणों से हो सकता है. यूरीन इंफेक्शन से पीड़ित महिलाओं को यूरीन पास करते समय जलन होना, बार-बार यूरीन पास करने की इच्छा होना, कमर और पीठ दर्द आदि हो सकता है. इस समस्या से निपटने के लिए आज़माएं ये घरेलू उपाय.

* 50 ग्राम आंवले के रस में 30 ग्राम शहद मिलाकर दिन में तीन बार पीएं. (ये मात्रा एक बार की है.) ऐसा एक हफ़्ते तक करने से पेशाब खुलकर आता है और जलन शांत होती है.

* 15 ग्राम धनिया को रात में पानी में भिगोएं. सुबह इसे ठंडाई की तरह पीसकर छान लें. फिर उसमें मिश्री मिलाकर पीएं. इससे पेशाब की जलन शांत होगी और यूरीन भी ठीक से पास होगा.

* धनिया और आंवले के चूर्ण को बरााबर मात्रा में मिलाकर रात को भिगोकर रखें. सुबह इसे मसलकर छान लें. इस पानी को पीने से यूरीन इंफेक्शन में राहत मिलती है.

* गेहूं के 10-15 दाने रात को एक ग्लास पानी में भिगो दें. सुबह उसे छान लें और उसी पानी में 25 ग्राम शक्कर मिलाकर पीएं. इससे यूरीन पास करते समय जलन नहीं होगी.

* 2 ग्राम इलायची (छिलके के साथ) को कूटकर 100 ग्राम पानी और 200 ग्राम दूध में मिलाकर उबालें. जब दो उबाल आ जाए तो उसे उतारकर ढंककर रखें. ठंडा होने पर उसमें शक्कर मिलाकर आधे-आधे घंटे के अंतराल पर 100-100 ग्राम पीने से फ़ायदा होगा.

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* इलायची के दाने और सोंठ का चूर्ण बराबर मात्रा में लेकर अनार के रस या दही के पानी में मिलाएं. फिर इसमें सेंधा नमक मिलाकर पीएं. यूरीन इंफेक्शन दूर हो जाएगा.

* नारियल पानी में गुड़ व धनिया का चूर्ण मिलाकर पीने से भी यूरीन इंफेक्शन में आराम मिलता है.

* 50 ग्राम प्याज़ को बारीक़ काटकर 500 ग्राम पानी में उबालें. जब पानी आधा हो जाए तो इसे आंच से उतारकर ठंडा करके पीएं. इंफेक्शन दूर होगा.
ध्यान रखें ये बातें
* कई बार महिलाएं तेज़ यूरीन आने पर भी रोके रखती हैं, ऐसा करना बहुत ख़तरनाक हो सकता है. इससे यूरीन इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है.
* हमेशा साफ़-सुथरे टॉयलेट का ही इस्तेमाल करें. गंदे टॉयलेट के इस्तेमाल से भी संक्रमण की संभावना रहती है.
* पीरियड्स के दौरान सैनेटरी नैपकीन बदलती रहीं, ज़्यादा देर तक एक ही पैड यूज़ करने से भी इंफेक्शन का डर रहता है.
* हमेशा कॉटन पैटी का ही इस्तेमाल करें, सिंथेटिक कपड़े नुक़सानदायक साबित हो सकते हैं. साथ ही ये भी ध्यान रखें कि कपड़े ज़्यादा टाइट न हो.

यूरीन इंफेक्शन होने पर चाय, कॉफी और चॉकलेट से दूर रहें.
विटामिन सी युक्त फलों का रस- जैसे, संतरा, मौसंबी, नींबू,
अन्नानास आदि का जूस पीना इसमें बहुत फ़ायदेमंद होता
है. ख़बू पानी पीएं. इससे भी बैक्टीरिया
ख़त्म होते हैं.

 

पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या ब्रेस्टफीडिंग से बच्चे को एचआईवी ट्रांसफर हो सकता है? (Can HIV Be Transmitted Through Breastfeeding?)

HIV Be Transmitted Through Breastfeeding
मेरी 4 महीने की प्रेग्नेंसी है. मैं और मेरे पति दोनों ही एचआईवी (HIV) पॉज़ीटिव हैं. हालांकि मैंने एंटीरेट्रोवायरल (एआरवी) लेना शुरू कर दिया है, फिर भी जानना चाहती हूं कि क्या ब्रेस्टफीडिंग से ये बच्चे को ट्रांसफर हो सकता है?
– रोशनी जायसवाल, रोहा.

ब्रेस्टफीडिंग से एचआईवी (HIV) के ट्रांसफर होने की संभावना रहती है, पर क्योंकि आपने चौथे महीने से ही एआरवी लेना शुरू कर दिया है, इसलिए ब्रेस्टफीडिंग के कारण इसकी संभावना अब कम है. एआरवी की मदद से बे्रस्टफीडिंग के बावजूद आपका बच्चा एचआईवी के संक्रमण से बच सकता है. आमतौर पर बच्चे के जन्म के बाद एचआईवी का टेस्ट किया जाता है, ताकि इसका पता चल सके.

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HIV Be Transmitted Through Breastfeeding

मेरी उम्र 35 साल है. शादी को 5 साल हो गए हैं, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मेरी और मेरे पति की सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं, फिर भी डॉक्टर ने मुझे डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपिक की सलाह दी है, क्या मुझे इस टेस्ट की ज़रूरत है?
– रजनी जोगी, भागलपुर.

मैं समझ सकती हूं कि आप ऑपरेशन की प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं. डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपिक टेस्ट एनीस्थिसिया की मदद से किया जाता है, जिसमें पेट, गर्भाशय, ट्यूब्स, ओवरीज़, पिछला कोई पेल्विक इंफेक्शन या फिर एंडोमिटिरियोसिस की संभावना की जांच की जाती है. कुछ मामलों में देखा गया है कि ओवरीज़ में एग तो बनते हैं, पर किसी इंफेक्शन के कारण ट्यूब्स के सिकुड़न या टेढ़ेपन की वजह से महिलाएं कंसीव नहीं कर पातीं. इसलिए यह टेस्ट ज़रूरी है, ताकि सही तरी़के से आपकी जांच हो सके.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: बार-बार वेजाइनल इंफेक्शन क्यों होता है? (Personal Problems: what to do for recurrent vaginal infection ?)

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मैं 43 वर्षीया महिला हूं. मैं  बार-बार होनेवाले वेजाइनल इंफेक्शन (Vaginal infection) से परेशान हूं. एक साल पहले डॉक्टर ने मुझे एक वेजाइनल टैबलेट दी थी, जब उसका इस्तेमाल करती हूं, तो ठीक हो जाता है, पर कुछ दिनों बाद वापस से डिस्चार्ज और खुजली शुरू हो जाती है. साथ ही यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन भी हो जाता है. कृपया, बताएं कि इन टैबलेट्स का इस्तेमाल मैं कितने दिनों में कर सकती हूं?
– रुचिका मल्होत्रा, जयपुर.
जैसा कि आपने बताया आप काफ़ी समय से इस समस्या से परेशान हैं, ऐसे में सबसे पहले आपको अपना ब्लड शुगर लेवल चेक करवा लेना चाहिए, क्योंकि आपके बार-बार यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और वेजाइनल इंफेक्शन (vaginal infection) के पीछे कोई और कारण हो सकता है. इसलिए टैबलेट लेने की बजाय पहले अपना टेस्ट करवाएं.

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 vaginal infection
मैं 16 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. मुझे बहुत ज़्यादा वेजाइनल डिस्चार्ज होता है. कई बार तो व्हाइट ड्रेस पहनना मेरे लिए मुसीबत बन जाता है. मेरी एक सहेली ने गायनाकोलॉजिस्ट से मिलने की सलाह दी है, पर मुझे डॉक्टर से मिलने में झिझक हो रही है. कृपया, मेरी मदद करें.
– कारुण्या महाजन, पुणे.
लड़कियों में वेजाइनल डिस्चार्ज होना सामान्य बात है, पर मेंस्ट्रुअल साइकल के मुताबिक़ हर महिला का वेजाइनल डिस्चार्ज भी अलग-अलग होता है. अगर डिस्चार्ज के कारण खुजली, जलन या बदबू नहीं आ रही है, तो डरने की कोई बात नहीं है. कॉटन अंडरगार्मेंट्स पहनें. बहुत ज़्यादा सेंटेड सोप इस्तेमाल न करें. प्राइवेट पार्ट को अच्छी तरह क्लीन करें और सूखा रखने की कोशिश करें. अगर फिर भी आपकी समस्या कम नहीं होती, तो आपको डॉक्टर से मिलना ही होगा.

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व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या के 5 आसान घरेलू उपाय- देखें वीडियो: 

 

ज़रूरी नहीं आपको वेजाइनल इंफेक्शन हो!

वेजाइनल इंफेक्शन को लेकर महिलाओें में काफ़ी भ्रांतियां हैं. अगर आपको सामान्य से थोड़ा ज़्यादा डिस्चार्ज हो रहा है, तो ज़रूरी नहीं कि वो इंफेक्शन हो. पीरियड्स के क़रीब 10-15 दिनों बाद एग व्हाइट डिस्चार्ज होता है, जो कुछ दिनों में बदलकर गाढ़ा हो जाता है. अगर आपको फंगल इंफेक्शन होगा, तो वह गाढ़ा होगा और साथ में खुजली भी होगी. हाइजीन का पूरा ख़्याल रखें और बहुत ज़्यादा सोप के इस्तेमाल से बचें. वेजाइना को क्लीन करने के लिए माइल्ड सोप या इंटीमेट सोप का इस्तेमाल करें. अगर आपको डायबिटीज़ है और आप गर्भनिरोधक गोलियां ले रही हैं, तो इसकी संभावना बढ़ जाती है. ब्लड शुगर कंट्रोल में रखें, इससे बार-बार इंफेक्शन भी नहीं होगा. हमेशा कॉटन अंडरगार्मेंट्स ही पहनें.
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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected] 

 

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