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रसोईघर यानी किचन ऐसी जगह जहां स्वाद होता है, ख़ुशबू होती है और सेहत का ख़ज़ाना छिपा होता है. ऐसे में किचन का डेकोर भी तो उतना ही बेहतर और खूबसूरत होना चाहिए.

यहां हम लाए हैं किचन डेकोर के ऐसे ही स्मार्ट आइडियाज़ जो आपके किचन को सजाने में आपकी मदद करेंगे.

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यह भी पढ़ें: यूं करें मेहमान नवाज़ी… 25+ आकर्षक लिविंग रूम डेकोर आइडियाज़! (25+ Best Living Room Decoration Ideas)

घर का मुख्य कमरा होता है लिविंग रूम क्योंकि सबसे पहले लोग इसे ही देखते हैं. कोई मेहमान आ जाए तो वो लिविंग रूम देख के ही आपकी जीवनशैली और व्यक्तित्व का अंदाज़ा लगा लेते हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि लिविंग रूम आकर्षक और सकारात्मक ऊर्जा वाला हो. ख़ास आपके लिए हम लाए हैं ये डेकोर आइडियाज़ ताकि आप भी अपना घर सजा सकें.

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बेडरूम ऐसी प्राइवेट जगह होती है, जहां हम रिलैक्स करते हैं. सुकून के पल अपनों के साथ बिताते हैं. ज़ाहिर है उसका डेकोर भी ऐसा होना चाहिए कि आपको मानसिक सुकून के साथ साथ सुविधा भी महसूस हो.

बेडरूम के कलर से लेकर सजावट और फ़र्नीचर तक ऐसा होना चाहिए कि हम पॉज़िटिव महसूस कर सकें. तो यहां हम आपके लिए लाए हैं बेडरूम डेकोर आइडियाज़ जिससे आपको अपने सपनों के आशियाने को सजाने में मदद मिलेगी.

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  • घर को साफ़ सुथरा रखें. गंदगी से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है.
  • कहीं भी कचरा या कबाड़ ना रखें. दरवाज़े के पास डस्टबिन ना रखें, क्योंकि इनसे नेगेटिव एनर्जी पैदा होती है.
  • कलर थेरेपी और सायकॉलोजी का प्रयोग करें. 
  • एनर्जी देने वाले फ़्रेश कलर्स यूज़ करें. ग्रीन,ब्लू, पर्पल, येलो, ऑरेंज आदि कलर्स यूज़ करें.
  • नेगेटिव और डार्क कलर्स अवॉइड करें.
  • अरोमा थेरेपी से घर को महकायें.
  • घर में क्रिस्टल्स रखें.
  • सही वेंटिलेशन हों.
  • प्लांट रखें.
  • लाइटिंग डल ना हो.
  • कहीं सीलन या लीकेज ना हो, अगर हो तो जल्द से जल्द ठीक करवायें.
  • दरवाज़े आवाज़ ना करते हैं aur ना ही रगड़ खाते हों.
  • दीवारों में दरार हो तो भरवा लें.
  • ख़ुशनुमा यादों से घर को सजायें, फ़ैमिली फ़ोटो, हंसते हुए चित्र यानी हैपी मोमेंट्स घर की दीवारों पर भी सजे हों.
  • शेल्फ बनवाकर उसमें बुक्स और डेकोरेटिव पीसेज़ रखें, बुक्स रखें और लाइटिंग अरेंज्मेंट करवायें.
  • घर में अंधेरा ना हो, नैचुरल सनलाइट घर में आए इसका ध्यान रहे.
  • अक्वेरीयम रखें. यह समृद्धि लाता है. 
  • मेन डोर को फ़ेस करता हुआ पेड़, पोल या पिलर ना हो.
  • किचन में दवाएँ ना रखें.
  • टूटे बर्तन, रुकी हुई घड़ी या ख़राब इलेक्ट्रॉनिक आइटम घर में ना रखें.
  • बाथरूम का दरवाज़ा बंद रखें.
  • किचन को फ़ेस करता हुआ टॉयलेट ना हो.
  • दीवारों पर अकेलापन, क्रोध, लड़ाई या हताशा वाले चित्र, पैंटिंग्स ना लगायें.
  • फ़र्निचर के कोने बहुत शार्प ना हों, वो टूटा ना हो, हिलने डुलने पर आवाज़ ना करता हो इसका ध्यान रहे.
  • अगर घर को रॉयल लुक देना चाहते हैं तो वाइट और क्रीम यूज़ करें. ये रंग सॉफ़्ट, सूदींग और पॉज़िटिव होता है, जोआपके मन मस्तिष्क और मूड को शांत रखने में सहायता करता है.

वास्तु के कुछ नियमों का पालन करेंगे, तो घर में नकारात्मक ऊर्जाओं से जो असंतुलन होता है, उसके प्रभाव को कम कर सकते हैं.

कैसा हो लिविंग रूम?
यह ऐसा कमरा है, जहां लोग सबसे पहले प्रवेश करते हैं और यहां कदम रखते ही यह ज़रूरी है कि हर किसी को पॉज़िटिविटी का एहसास हो.


– पॉज़िटिव फीलिंग के लिए ज़रूरी है दीवारों का सही कलर सिलेक्शन.
– यहां आप व्हाइट, लाइट ब्लू, क्रीम या पिंक जैसे लाइट शेड भी यूज़ कर सकते हैं या फिर ग्रीन या यलो के शेड्स भी लगा सकते हैं.
– वास्तु के अनुसार आपको अगर अपने लिविंग रूम को पॉज़िटिविटी से भरपूर दिखाना हो, तो इन कलर्स के साथ रेड कलर का टच भी दीवारों को दें, क्योंकि रेड कलर एनर्जी का प्रतीक है.

वास्तु रूल्स

– ड्रॉइंग रूम या लिविंग रूम का डेकोर पॉज़िटिव एनर्जी देनेवाला हो.
– यहां भी वेंटिलेशन व रोशनी भरपूर हो.
– बेहतर होगा कि यहां खिड़कियां अन्य कमरों की तुलना में अधिक हों.
– खिड़कियां पूर्वी दीवार या उत्तर दिशा में हों, तो बेहतर होगा.
– यहां कोई शोपीस या पेंटिंग हो, तो वो नेचर से संबंधित हो. ध्यान रहे कि क्रोध, डरावने या लड़ाई-झगड़ेवाले शोपीस या पेंटिंग यहां न रखें.
– सीलिंग का कलर दीवारों के कलर से अलग रखें.
– फॉल्स सीलिंग लगवाते व़क्त यह ध्यान रहे कि सीलिंग न तो बहुत ज़्यादा नीची हो और न ही बहुत ज़्यादा ऊंची, क्योंकि ऊंचाई से डर, भय व असुरक्षा की भावना पनपती है, जबकि नीचे होने से दबाव महसूस होता है.
– लिविंग रूम को कलरफुल और लाइफ से भरपूर बनाने के लिए रंग-बिरंगे फूलों से इसका डेकोर करें. ध्यान रखें कि प्लास्टिक के फूल इस्तेमाल में न लाएं. नेचुरल फूल लगाएं, इससे पॉज़िटिव एनर्जी आती है.

कैसा हो बेडरूम?
यह आपका पर्सनल कमरा होता है. ज़ाहिर है यहां आकर आपको सुकून महसूस
होना चाहिए.

– बेहतर होगा कि बेडरूम में बहुत ज़्यादा ब्राइट व आंखों को चुभनेवाले कलर्स यूज़ न करें.
– आपका मूड अच्छा हो और नींद अच्छी आए, इसी को ध्यान में रखते हुए यहां लाइट कलर्स
यूज़ करें.
– वास्तु के अनुसार बेडरूम में क्रीम, लाइट पिंक, आसमानी या लाइट ग्रीन कलर यूज़ करना बेहतर होगा.

वास्तु रूल्स

– बेडरूम में पूजा स्थान यानी मंदिर नहीं होना चाहिए.
– आपका बेड दक्षिण या दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में होना चाहिए.
– दक्षिण की तरफ़ सिर करके सोना चाहिए. दक्षिण की तरफ़ सिर करके सोने से धन तथा आयु में वृद्धि होती है.
– चाहें तो पूर्व दिशा की ओर भी सिर किया जा सकता है, क्योंकि इससे मस्तिष्क तेज़ होता है और विद्या प्राप्त होती है.
– बेड के सामने आईना नहीं होना चाहिए.
– आपके बेडरूम का दरवाज़ा भी ठीक बेड के सामने नहीं खुलना चाहिए.
– बेहतर होगा कि दरवाज़ा भीतर की ओर खुले, इससे पॉज़िटिव एनर्जी आती है.
– इस बात का भी ध्यान रखें कि दिन के व़क्त कमरे में नेचुरल लाइट यानी सूर्य की
रोशनी आए.
– कमरे में वेंटिलेशन भी अच्छा हो. इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है और निगेटिव एनर्जी नहीं आती.
– लव बर्ड्स या प्रेम के प्रतीक पक्षियों की तस्वीरें कमरे में लगाई जा सकती हैं.
– कपल्स को बेडरूम में हल्का पीला या गुलाबी कलर करवाना चाहिए.

कैसा हो किचन?
किचन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहीं से हमारे स्वास्थ्य की शुरुआत होती है. यहां पनप रही ऊर्जा व भावनाएं सीधे हमारे मन-मस्तिष्क व सेहत पर प्रभाव डालती हैं.

– किचन के लिए सबसे अच्छा कलर होता है व्हाइट. आप क्रीम भी यूज़ कर सकते हैं.
– यदि किचन को किसी वास्तु दोष से बचाना है या किचन में कोई दोष हो, तो आग्नेय कोण में रेड कलर करवाएं.
– किचन में ब्लू या स्काई ब्लू कलर यूज़ न करें.
– डायनिंग एरिया में लाइट ग्रीन कलर करवा सकते हैं.

वास्तु रूल्स

– किचन हमेशा आग्नेय कोण में ही होना चाहिए.
– पीने का पानी उत्तर-पूर्व दिशा में हो.
– गैस के ऊपर शेल्फ आदि न हों, तो बेहतर होगा.
– ब्लैक कलर के ग्रेनाइट का इस्तेमाल किचन में न ही करें, तो बेहतर होगा.
– ब्लैक की जगह व्हाइट या मैरून या ग्रीन ग्रेनाइट यूज़ किया जा सकता है.
– फ्रिज उत्तर-पश्‍चिम दिशा में रख सकते हैं.
– सिंक उत्तर-पश्‍चिम दिशा में ही हो, तो बेहतर है.
– किचन में चिमनी या एग्ज़ॉस्ट फैन ज़रूर रखें, ताकि वेंटिलेशन बना रहे और धुआं पूरे घर में न फैले.
– गैस कभी भी किचन के बीचोंबीच न रखें.
– किचन के दक्षिण-पश्‍चिम भाग में गेहूं, आटा, चावल आदि रखें.
– उत्तर दिशा की तरफ़ मुंह करके खाना नहीं पकाना चाहिए.
– टूटे-फूटे बर्तन का प्रयोग न करें. बेहतर होगा उन्हें किचन में रखें ही नहीं, क्योंकि ऐसा करने से घर में झगड़े होते हैं और अशांति का माहौल बना रहता है.
– डाइनिंग रूम हमेशा पूर्व या पश्‍चिम में हो.
– किचन में साफ़-सफ़ाई का हमेशा ध्यान रखना चाहिए.
– किचन में हमेशा गुड़ रखना सुख-शांति का प्रतीक माना जाता है.

कैसा हो पूजा घर?
आस्था के लिए यूं तो मन में शुद्ध विचार ही काफ़ी होते हैं, लेकिन हमें कोई प्रतीक भी चाहिए होता है, जिससे ईश्‍वर से कनेक्शन आसान हो जाए. ऐसे में पूजा घर से संबंधित कुछ नियमों का भी ख़्याल रखना ज़रूरी है.

– मंदिर यानी पूजा घर का कलर स़फेद या लाइट क्रीम होना चाहिए.
– पूजा घर में आप आध्यात्मिकता के प्रतीक रंगों का भी प्रयोग कर सकते हैं, जैसे- नारंगी, गेरुआ आदि. इसके अलावा आप लाइट यलो या लाइट ब्लू भी यूज़ कर सकते हैं.
– कुल मिलाकर पूजा घर का वातावरण सात्विक होना चाहिए, जहां बैठकर मन एकाग्र हो सके और शांति व सुकून का आभास हो.

वास्तु रूल्स

– बेडरूम में मंदिर न बनवाएं. यदि मजबूरी हो, तो मंदिर पर परदा लगा दें.
– पूजा घर के सामने टॉयलेट का दरवाज़ा न खुले. इसके अलावा पूजा घर शौचालय के ठीक ऊपर या नीचे न हो.
– पूजा घर का दरवाज़ा लोहे या टिन का न हो.
– कोशिश करें कि पूजा घर ईशान कोण में हो.
– पूजा के दौरान कभी भी प्रतिमा यानी मूर्तियों के आमने-सामने न बैठें, बल्कि हमेशा थोड़ा-सा दाएं कोण में बैठकर पूजा-अर्चना करें.
– मूर्ति का मुख पूर्व या पश्‍चिम की ओर हो, तो बेहतर होगा.
– पूजा घर में किसी भी उग्र देव का चित्र या प्रतिमा न रखें.
– कुलदेवता का चित्र हो, तो यह बेहद शुभ होगा.

बिट्टू शर्मा

यह भी पढ़ें: वैवाहिक जीवन में ख़ुशहाली के लिए वास्तु टिप्स (12 Vastu Tips For Happy Married Life)

 

Interior Design Websites

होममेकर्स के लिए बेस्ट इंटीरियर डिज़ाइन वेबसाइट्स (Best Interior Design Websites For Homemakers)

अपने घर (Home) को देना चाहते हैं एक ख़ास लुक, पर समझ नहीं पा रहे हैं कि आपके घर के लिए बेस्ट (Best) क्या होगा? तो फ़िक्र न करें. इंटरनेट (Internet) का ख़ज़ाना है ना. जी हां, बस एक क्लिक और अनगिनत इंटीरियर डिज़ाइन वेबसाइट्स (Interior Design Websites) आपके सामने. तो देर किस बात कि आज ही क्लिक करें इन वेबसाइट्स पर और बन जाएं इंटीरियर डिज़ाइनर. इंटरनेट के झरोखे से सजाएं अपना आशियाना यहां हम आपको कुछ वेबसाइट्स के बारे में बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप सजा सकते हैं अपने सपनों का घर.

– डिज़ायर टू इंस्पायर डॉट नेट

इस वेबसाइट पर बहुत ही अच्छे-अच्छे इंटीरियर डिज़ाइन आइडियाज़ हैं, जिनसे आप अपना घर बहुत ही ख़ूबसूरती से सजा सकते हैं. अपने नाम के मुताबिक इस वेबसाइट पर इतने बेहतरीन आइडियाज़ हैं कि आप कुछ नया करने के लिए तुरंत इंस्पायर
हो जाएंगे.

– हाउज़ डॉट कॉम

अपने घर को ख़ूबसूरत एक्सेसरीज़ से सजाना चाहते हैं, तो आपके लिए यह वेबसाइट बहुत फ़ायदेमंद साबित हो सकती है. इस वेबसाइट पर लाखों की संख्या में इंटीरियर आइडियाज़ हैं. यहां आप कंटेम्पररी, एक्लेक्टिक, ट्रेडिशनल, मॉडर्न, एशियन, मेडिटेरेनियन, ट्रॉपिकल आदि स्टाइल के बेडरूम डिज़ाइन्स हैं. बच्चों के कमरे के ही 19 हज़ार से ज़्यादा फोटोग्राफ्स हैं. इसके अलावा एक्सटीरियर और एक्सेसरीज़ के हज़ारों आइडियाज़ हैं.

– अपार्टमेंट थेरेपी डॉट कॉम

इस वेबसाइट पर इंटीरियर, रेनोवेशन, डेकोर, टेक्नोलॉजी, गार्डेनिंग, शॉपिंग से जुड़ी बहुत-सी बेहतरीन जानकारियां दी गई हैं. इसमें बच्चों के लिए एक अलग से सेक्शन दिया गया है. इसके अलावा इस वेबसाइट की यह भी एक ख़ासियत है कि इसमें होम टूर्स सेक्शन है, जहां आप अपने घर की फोटोग्राफ्स अपलोड कर सकते हैं, ताकि दुनिया आपके हुनर को जान सके.

– इंडियन होम डिज़ाइन डॉट कॉम

इस वेबसाइट पर इंटीरियर से लेकर एक्सटीरियर तक की तमाम जानकारियां उपलब्ध हैं. अगर आप अपने घर को रेनोवेट करके नया लुक देना चाहते हैं, तो इसमें ख़ास इंडियन्स की पसंद को ध्यान में रखते हुए ट्रेडिशनल घरों के डिज़ाइन्स भी दिए गए हैं. इसके अलावा लेटेस्ट ट्रेंड के इंटीरियर के साथ ट्रेडिशनल इंटीरियर की झलक भी है. रेनोवेशन टिप्स, वुडेन आर्किटेक्चर के साथ-साथ होम डिज़ाइन बुक्स की एक लंबी लिस्ट है.

– फ्रेश होम डॉट कॉम

यह एक बेहतरीन वेबसाइट है, जहां आपको इंटीरियर डेकोरेशन के लेटेस्ट व क्रिएटिव आइडियाज़ मिलेंगे. इस वेबसाइट पर कई आइडियाज़ हैं, जिनकी मदद से आप अपने घर को और भी ख़ूबसूरत बना सकते हैं. साथ ही होमकेयर टिप्स से जुड़े कई बेहतरीन लेख भी हैं. फ्रेश होम डॉट कॉम के फोटोग्राफ्स को देखकर आप भी अपने घर को बनाएं फ्रेश होम.

– इंटीरियर्स इंडियन इटी ज़ोन डॉट कॉम

रेसिडेंशियल, कमर्शियल, विक्टोरियन, कंटेम्प्ररी और मॉडर्न इंटीरियर डिज़ाइन्स से सजे इस वेबसाइट से आप बहुत कुछ सीख सकते हैं. इसके अलावा फर्नीचर्स व फ्लोरिंग की एक ख़ास रेंज भी शामिल है. यहां पर इंटीरियर से जुड़े कई लेख भी हैं, जिन्हें पढ़कर आप इंटीरियर डिज़ाइनर्स के सिक्रेट्स जान सकते हैं.

– सुनीता सिंह

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Wind Chime

दीपावली में विंड चाइम से लाएं घर में सौभाग्य (Wind Chime For Diwali Decoration)

दीपावली (Diwali) में घर की सजावट का सामान ख़रीदते समय अपनी शॉपिंग लिस्ट में विंड चाइम (Wind Chime) को ज़रूर शामिल करें. विंड चाइम से घर की ख़ूबसूरती निखरती है और घर में सौभाग्य भी आता है. हां, विंड चाइम ख़रीदते समय कुछ बातों का ध्यान दीपावली में घर की सजावट का सामान ख़रीदते समय अपनी शॉपिंग लिस्ट में विंड चाइम को ज़रूर शामिल करें. विंड चाइम से घर की ख़ूबसूरती निखरती है और घर में सौभाग्य भी आता है. हां, विंड चाइम ख़रीदते समय कुछ बातों का ध्यान ज़रूर रखें.

* मार्केट में कई तरह की भारी, हल्की, बड़ी, छोटी और रंगीन विंड चाइम्स (पवन घंटियां) उपलब्ध हैं, लेकिन आप जब विंड चाइम चुनें, तो खोखली व पतली नलीवाली विंड चाइम ही चुनें. ये हवा में आसानी से लहराकर मधुर आवाज़ करती हैं. यदि आप घर में 6 या 7 रॉडवाली विंड चाइम लगाएंगे, तो इससे घर में संपन्नता आती है.

* धातु से बनी विंड चाइम हमेशा पश्‍चिम या उत्तर-पश्‍चिम दिशा में लगाएं. ये दिशाएं धातुओं की होती हैं, इसलिए इन दिशाओं में विंड चाइम लगाने से भाग्योदय होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

* आप चाहें तो लकड़ी की बनी विंड चाइम भी ख़रीद सकते हैं. लकड़ी, ख़ासतौर से बांस से बनी विंड चाइम्स ईको फ्रेंडली होने के साथ-साथ घर-गृहस्थी के मामले में शुभ मानी जाती हैं. इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाना शुभ होता है. लकड़ी या बांस की बनी विंड चाइम में भी रॉड की संख्या बहुत मायने रखती है. इसमें रॉड की संख्या तीन या चार हो तो विंड चाइम शुभ फल प्रदान करती है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और हर कार्य निर्बाध रूप से पूरा होता है.

* कांच की बनी विंड चाइम भी घर की शोभा बढ़ा सकती है, लेकिन यह अगर भारी हुई तो मधुर आवाज़ पैदा नहीं करेगी.

* घर में पांच नलियों या पांच घंटियोंवाली विंड चाइम लगाना हर तरह से शुभ माना जाता है. इससे नकारात्मकता समाप्त होती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है. इसके अलावा अलग-अलग उद्देश्यों के लिए 4, 7, 9, 11 नलियोंवाली विंड चाइम्स भी घर के लिए शुभ मानी जाती हैं.

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* अगर आप अपना सोया हुआ भाग्य जगाना चाहते हैं, तो 6 या 8 रॉडवाली विंड चाइम घर में लगाएं. ये आपके भाग्योदय की बाधाओं को दूर करेगी और आपकी सोई हुई किस्मत को जगा देगी. फेंशगुई और वास्तु में इनका काफ़ी महत्व है.

* अगर आप 2 या 9 घंटियों या नलियों वाली विंड चाइम लगाना पसंद करते हैं, तो सिरामिक की बनी विंड चाइम लेकर आएं. ये विंड चाइम मान-प्रतिष्ठा और यश प्रदान करती है. इसे घर की दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में लगाना शुभ होता है.

* आपसी रिश्तों की परेशानियों को हल करने के लिए भी विंड चाइम आपके लिए सहायक साबित हो सकती है.

* अपने बच्चों को सकारात्मक और क्रिएटिव बनाने के लिए उनके कमरे में भी विंड चाइम ज़रूर लगाएं. इसकी मधुर आवाज़ माहौल को ख़ुशनुमा बनाए रखती है.

* अगर आप अपना सामाजिक दायरा बढ़ाना चाहते हैं, तो सिल्वर कलर की विंड चाइम को घर की पश्‍चिम दिशा में लगाएं. इसमें अगर 7 रॉड लगे हों, तो यह काफ़ी लाभ प्रदान करेगी.

* नाम और पैसे की चाहत हो, तो घर की  उत्तर-पश्‍चिम दिशा में पीले रंग की 6 रॉड वाली विंड चाइम लगाएं.

* आप चाहें तो अलग-अलग कलरवाली रंग-बिरंगी विंड चाइम भी लगा सकते हैं. ये आपके घर का माहौल ख़ुशनुमा बनाए रखेगी और सकारात्मकता के साथ-साथ उत्साह का भी संचार करेगी.

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आमतौर पर हम सभी घर की साफ़-सफ़ाई व होम डेकोर पर अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन इसी के साथ घर की सुरक्षा (Home Security) भी बेहद ज़रूरी है. ऐसे में होम सेफ्टी (Home Safety) से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जानकर हम अपने घर को बेहतर तरी़के से सुरक्षित रख सकते हैं.

Home Safety

1.यदि घर की सुरक्षा की बात की जाए, तो सबसे ज़रूरी है घर का बीमा कराना यानी होम इंश्योरेंस करवाएं, जिसमें मकान व घर के सभी सामानों का बीमा कराया जाता है.

2. घर के प्रवेशद्वार पर मेटल डोर लगाएं और ये सभी दरवाज़े अंदर की तरफ़ खुलते हों, इस बात का भी ध्यान रखें.

3. घर की सेफ्टी के लिए यह भी ज़रूरी है कि कभी भी घर की चाबी घर के बाहर गमले या डोरमैट के नीचे या फिर किसी अन्य जगह पर नहीं छुपाएं.

4. प्रवेशद्वार पर बर्गलर अलार्म भी लगाएं. साथ ही इसे इस्तेमाल करने के तरी़के के बारे में अच्छी तरह से समझ लें.

5. किसी भी अजनबी को ज़रूरी पूछताछ के बाद संतुष्ट होने पर ही घर के अंदर आने दें.

6. घर में अगर स्लाइडिंग दरवाज़े-खिड़कियां हैं, तो उसे लॉक करने की भी पर्याप्त व्यवस्था करें. स्लाइडिंग ट्रैक पर स्टील का पोल भी लगवाएं.

7. कई बार चोर घर के पीछे की तऱफ़ से घर में घुसने की कोशिश करते हैं. ऐसे में घर के चारों ओर ऊंची व मज़बूत कॉन्क्रीट की दीवार बनाएं, जिससे कोई भी अजनबी उसे फांदकर घर के अंदर न आ सके.

8. इसके अलावा बाउंड़्री वॉल की दीवारों पर कंटीले तारों की फेंसिंग या तारों में करंट या एलेक्ट्रिफाइड फेंसिंग भी लगा सकते हैं. इसमें एक सेंसर भी होता है. इससे यह पता चल जाता है कि चोर ने किस एरिया में छेड़छाड़ की है.

9.दरवाज़े पर पीप होल के अलावा इमर्ज़ेंसी स्मोक, हीट व फायर अलार्म लगाएं.

10. बच्चों के रूम में लॉकिंग सिस्टम न रखें. यदि रखना ही हो, तो टावर बोल्ट लॉकिंग सिस्टम का इस्तेमाल करें.

11. गैस का सिलेंडर खुली जगह पर ही रखें. यहां पर बेवजह की ग़ैरज़रूरी चीज़ें न फैलाएं. साथ ही गैस के पाइप को कभी भी किसी वस्तु आदि से ना ढकें. यदि पाइप में कहीं पर क्रैक नज़र आए, तो तुरंत चेंज करवाएं.

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12. होम सेफ्टी के लिए हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी सिस्टम बेहतर विकल्प है. इसमें चोर द्वारा छेड़छाड़ करने पर खिड़की-दरवाज़े में लगे कॉन्टेक सेंसर्स सिक्योरिटी अलार्म को एक्टीवेट कर देते हैं, जो पहले से फीड पुलिस स्टेशन सहित 15 लोगों को मैसेज के द्वारा चोरों की जानकारी दे देता है. इसमें सीसीटीवी कैमरों से उनके चेहरे भी रिकॉर्ड किए जा सकते हैं.

13. एक्सिस कंट्रोल सिस्टम विद इलेक्ट्रो मैग्नेटिक लॉक लगाने से चाबी रखने से छुटकारा मिल जाता है. इस सिस्टम के तहत परिवार के सदस्यों के फिंगर रजिस्टर्ड हो जाते हैं और उन्हीं के अंगूठे को पहचानकर लॉक खुलता है.

14. यदि आप अकेली रहती हैं, तो आप पर्सनल पैनिक बटन लगवा सकते हैं. यह छोटा-सा यंत्र होता है, जिसे हमेशा अपने पास रखा जा सकता है. कोई भी मुसीबत पड़ने पर उसका बटन दबाने से उसमें जिस भी व्यक्ति का नाम व नंबर आपने फीड किया है, वह अलर्ट हो जाता है.

15. लाइट टाइमर भी बेहतरीन ऑप्शन है, जो फिक्स टाइम पर जलती व बंद होती है. इसके अलावा इसे रेडियो से भी जोड़ सकते हैं, जिससे गाने बजने लगते हैं. ऐसे में चोरों को लगेगा कि घर में लोग हैं.

16. किसी भी अजनबी कॉल द्वारा घर पर आकर कोई गोल्ड ज्वेलरी को दुगुना करने या फिर कोई डबल मुना़फेवाली स्कीम बताने के लिए आना चाहे, तो आप उसे बिल्कुल एंटरटेन न करें और न ही घर पर अकेले होने पर बुलाएं.

17. दरवाज़े पर सिक्योरिटी लॉक की जगह डेथ बोल्ट भी लगा सकते हैं. यह भी काफ़ी मज़बूत रहता है.

18. घर के नौकर या मेड या फिर किसी भी अपरिचित व्यक्ति के सामने आलमारी न खोलें. न ही अपनी ज्वेलरी, पैसे या अन्य क़ीमती सामान या फिर पैसों का लेन-देन उनके सामने करें.

19. बच्चे घर में अकेले रहते हों, तो उनकी सुरक्षा के लिए खिड़की और बालकनी पर बनी रेलिंग यानी लोहे की जाली 42 इंच ऊंची बनवाएं. रेलिंग के दो रॉड्स के बीच कम से कम 4 इंच से अधिक का गैप न रखें, वरना खेलते हुए बच्चे का सिर रॉड्स के बीच फंस सकता है.

20. मेन डोर पर सामान्य तालों की बजाय बायोमैट्रिक्स न्यूमैरिक लॉकिंग, प्री टाइम सेटिंग, कार्ड स्वैपिंग लॉक लगा सकते हैं. ये काफ़ी सेफ रहते हैं. इसमें एक छोटी-सी स्क्रीन होती है, उसमें स्कैनर लगा होता है. यह आपके उंगलियों की पहचान करती है और आपसे चार अंकों का पिन कोड मांगता है. यदि कोई इसे खोलने की कोशिश करता है, तो घर के अंदर लगा सायरन बजने लगेगा और आपको पता चल जाएगा. इसी प्रकार का एक लॉक है न्यूमैरिक लॉक. यह मोबाइल में रखे पासवर्ड की तरह होता है, जिसमें आप अपनी पहचान के लिए चार अंकों का कोड डालते हैं.

21. घर में इंट्रूजन अलार्म जैसे हाईटेक उपकरण लगा सकते हैं. आपकी ग़ैरमौजूदगी में यदि कोई घर के अंदर प्रवेश करता है या घर में कुछ असामान्य होता है, तो यह उपकरण उसकी पहचान कर अलार्म बजा देता है. इसमें कुछ फोन नंबर भी फीड कर सकते हैं, जिससे आपको मैसेज भी मिल सकता है.

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इन बातों पर भी ध्यान दें…

* अगर आप कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे हैं, तो पड़ोसियों को घर पर ध्यान रखने के लिए कह जाएं.

* बाथरूम में थर्मोस्टेट लगवाएं और गरम पानी का तापमान हमेशा नियंत्रित रखें. इससे यदि आपकी अनुपस्थिति में बच्चा बाथरूम में पानी से खेलता है, तो कोई दुर्घटना नहीं होगी.

* होम सेफ्टी के लिए घर में डॉगी रखना भी फ़ायदेमंद रहता है.

* घर के कमरों में नीचे की तरफ़ इलेक्ट्रिक प्लग-वायर आदि न लगाएं, क्योंकि छोटे बच्चे खेलते हुए इन्हें छू सकते हैं. इलेक्ट्रिक सॉकेट में उंगली डाल सकते हैं.

* बुज़ुर्गों के लिए सेफ्टी वॉक स्टेप्स बनाएं.

* कभी भी छोटे बच्चों को किचन में अकेला न छोड़ें. वे गैस चूल्हा, सिलेंडर आदि को छेड़ सकते हैं.

* धुएं के लिए स्मोक एंड फायर डिटेक्टर लगाएं.

* होम क्लीनिंग व केमिकल प्रोडक्ट्स को शिशुओं की पहुंच से दूर रखें.

* कमरों के नीचे के रैक में दवाइयां, सिरप आदि न रखें.

* इलेक्ट्रॉनिक सामान बच्चों के पहुंच से दूर रखें. वे इसे लेकर एक्सपेरिमेंट्स कर सकते हैं.

– ऊषा गुप्ता

घर को मैनेज करना आसान काम नहीं है, लेकिन अब इस काम को आसान और तनावरहित बना दिया है, आपके स्मार्टफोन ने. बस ज़रूरत है तो ऐसे ऐप्स को डाउनलोड करने की, जिनकी सहायता से आप अपने घर की क्लीनिंग, मेंटेनेंस, गार्डनिंग सर्विस से लेकर बजट बनाने और ग्रॉसरी शॉपिंग तक के सारे काम आसानी से कर सकते हैं.

Home Management Apps

आर ग्रॉसरीज़ (Our Groceries)

अब आपको न तो किराने के सामान को याद रखने की ज़रूरत है और न ही किराने के सामान की लिस्ट बनाने के लिए पेन व डायरी ढूंढ़ने की, क्योंकि आपके ग्रॉसरी शॉपिंग के काम को आसान बना दिया है आपके स्मार्टफोन ने. आप अपने स्मार्टफोन में ‘आर ग्रॉसरीज़’ मोबाइल ऐप को डाउनलोड करके अपनी ग्रॉसरी शॉपिंग के काम को आसान कर सकते हैं. इस फ्री ऐप को डाउनलोड करने के बाद आपको किराने का सामान याद रखने की आवश्यकता नहीं है. ग्रॉसरी शॉपिंग के लिए यह बेस्ट ऐप है. इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद आपको किरानेे के जिस सामान की आवश्यकता है, उसकी सूची बनाकर सामान ऑर्डर कर सकते हैं. फिर अगले महीने इस सूची में बदलाव करके आप दोबारा सामान ऑर्डर कर सकते हैं.

कुछ अन्य ग्रॉसरी ऐप्स इस प्रकार से हैं

1. ज़ोपनॉउ (ZopNow)

2. आरामशॉप (AaramShop)

3. गोदरेज नेचर्स बास्केट

(Godrej Nature’s Basket)

4. पेपरटैप (PepperTap)

5. बिगबास्केट (BigBasket)

6. लोकल बनिया (LocalBanya)

मनी मैनेजर ऐप- वॉलनट (Walnut)

यह बेस्ट मनी मैनेजर ऐप है, जो आपके मासिक ख़र्चों को स्वचालित (ऑटोमैटिकली) और सुरक्षित रूप से ट्रैक करता है. इस ऐप को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि आपके ख़र्चे बजट के अंदर हों, बिलों का भुगतान समय पर हो और बचत अधिक से अधिक हो. इस ऐप के ज़रिए आप अपने बैंक अकाउंट से डेबिट हुई रक़म, कैब का भुगतान, हर महीने राशन,

बिजलीपानी, शॉपिंग आदि बिलों के भुगतान के बारे में जान सकते हैं. इस ऐप में जाकर आप कैटेगरी के अनुसार ख़र्चों को बांट सकते हैं, जैसेएंटरटेनमेंट, ग्रॉसरी, हेल्थ, इंवेस्टमेंट आदि. यह ऐप आपको पेंडिंग बिल्स की याद दिलाता है. किसी को ट्रांसफर की गई रक़म और किसी से रिसीव की हुई राशि के बारे में भी जानकारी देता है. दूसरे शब्दों में कहें तो वॉलनट ऐप का उद्देश्य ये बताना है कि आपने अपना पैसा किस तरह से ख़र्च किया है और कितनी अच्छी तरह से आप बचत कर सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि अगर आप फ़िज़ूलख़र्च क़िस्म के हैं, तो यह ऐप आपके लिए बहुत फ़ायदेमंद है.

इसके अलावा और भी मनी मैनेजर ऐप्स हैं:

– मनी व्यू मनी मैनेजर (Money View Money Manager)

क्विकली डेली एक्सपेन्स मैनेजर (Qykly Daily Expense Manager

ईटी मनी (ET Money)

एम ट्रैकर (mTrakr)

टुडूस्टि (Todoist)

अगर आपको काम भूलने की आदत है, तो यह ऐप आपके लिए बहुत ही फ़ायदेमंद है. इस ऐप की ख़ास बात यह है कि अनगिनत लोग प्रोफेशनल कामों के लिए इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अब घर के ज़रूरी कामों के लिए भी यह बहुत उपयोगी साबित हो रहा है. इस ऐप में आप अपने सभी महत्वपूर्ण कामों, जैसेग्रॉसरी शॉपिंग, मूवी के टिकट बुकिंग, डॉक्टर के अपॉइंटमेंट्स, बच्चों को एक्टिविटी क्लास में ले जाना जैसे कामों को जोड़ सकते हैं और उनको सिनक्रोनाइज़ भी कर सकते हैं. यह आपकी टुडूलिस्ट को अच्छी तरह से ऑर्गनाइज़ करता है. इस ऐप के द्वारा आप अगले 7 दिन की टुडूलिस्ट एडवांस में बना सकते हैं. यूज़र्स इस ऐप में

अलगअलग प्रोजेक्ट/टास्क के तहत पर्सनल, शॉपिंग, वर्क और अन्य टास्क दर्ज़ कर सकते हैं. आप इस ऐप को अपने फैमिली के हर सदस्य के फोन पर डाउनलोड कर सकते हैं.

एवरनोट (Evernote)

एवरनोट ऐप के ज़रिए आप अपने पर्सनल और प्रोफेशनल प्रोजेक्ट्स को अच्छी तरह से ऑर्गनाइज़ कर सकते हैं. यह एक ऑर्गनाइज़र और प्लानर नोटबुक ऐप है, जिसमें आप अपनी टुडूलिस्ट बना सकते हैं, इमेजेस ऐड कर सकते हैं, कैमरे से डॉक्युमेंट्स को स्कैन करके सेव कर सकते हैं. इस ऐप में आप अपने नोट के कंटेंट को एडिट और शेयर भी कर सकते हैं. इस ऐप के ज़रिए ऐसी रेसिपी, जो आप बनाना चाहते हैं और ऐसे फर्नीचर जो भविष्य में ख़रीदना चाहते हैं, उन्हें आप सेव कर सकते हैं. इनके अलावा आप ऑडियो रिकॉर्डिग्स को भी सेव कर सकते हैं.

कोज़ी फैमिली ऑर्गनाइज़र (Cozi Family Organizer)

अगर आपने स्मार्टफोन पर इस ऐप को डाउनलोड किया है, तो फिर आपको कैलेंडर देखने की ज़रूरत नहीं है. आपको अपने फैमिली मेम्बर्स को भी यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि वे किसी विशेष दिन, जैसेबर्थडे, एनीवर्सरी पर क्या करनेवाले हैं. बस ज़रूरत है, तो इस ऐप को डाउनलोड करने की. और फिर घर के सभी सदस्यों को इसमें ऐड कर दें. उसके बाद प्रत्येक सदस्य को अपना शेड्यूल देखने के लिए अपडेट करें. इसी तरह से जब वे अपना शेड्यूल अपडेट करेंगे, तो आप भी देख सकते हैं. इस तरह से यह ऐप फैमिली के बीच कॉर्डिनेशन को आसान बनाता है. इस ऐप को आप गूगल, ऐप्पल आईकेल और आउटलुक कैलेंडर को ‘कोज़ी’ करके डाउनलोड कर सकते हैं.

चीप होम सर्विस ऐप (CHEEP)

ऑफिस के साथ घर की दोहरी ज़िम्मेदारी एक साथ निभाना महिलाओं के लिए बेहद मुश्किल काम हैउनके इस मुश्किल काम को आसान बनाने में मदद की है चीप होम सर्विस ऐप ने. होम सर्विस ऐप के ज़रिए आप 24*7 अपने घर की क्लीनिंग, पेस्ट कंट्रोल, रेफ्रिजेरेटर रिपेयर, लॉन्डरी सर्विस, एसी इंस्टॉलेशन, हाउसमेड सर्विस, गार्डनिंग सर्विस, ड्राइवर, कारपेंटर, प्लबिंग, इलेक्ट्रिशियन, होम ट्यूटर, मेकअप आर्टिस्ट, पार्टी प्लानर, वास्तु कंसल्टेंट और अन्य बहुत सारी सेवाओं के लिए मदद ले सकते हैं. ये सभी सेवाएं विश्‍वसनीय प्रोफेशनल्स द्वारा दी जाती हैं. इन सेवाओं के लिए आप कॉल और चैट भी कर सकते हैं. यहां तक कि प्रोफेशनल को हायर करने के लिए नेगोशिएट भी कर सकते हैं. प्रोफेशनल्स द्वारा काम पूरा न किए जाने की स्थिति में रिफंड भी मिलता है.

देवांश शर्मा

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इंडोर प्लांट्स न स़िर्फ घर की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि वो घर के साथ-साथ घर में रहनेवालों को भी हेल्दी रखते हैं. घर में मौजूद टॉक्सिक हवा को क्लीन (Air Purifying Plants) करनेवाले और बेहतरीन होम रेमेडीज़ के तौर पर काम आनेवाले कुछ ऐसे ही उपयोगी व हेल्दी इंडोर प्लांट्स के बारे में हम बता रहे हैं.

घर में हैं, हेल्दी इंडोर प्लांट्स, Healthy Plants, Purify Your Indoor Air

कितने फ़ायदेमंद हैं इंडोर प्लांट्स?
  • इंडोर प्लांट्स घर में ऑक्सीजन(Air Purifying Plants) की मात्रा बढ़ाते हैं, जिससे हमें ताज़ी हवा मिलती है और हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है.
  • एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्वे द्वारा की गई स्टडी में यह बात सामने आई है कि इंडोर प्लांट्स के कारण घर में मॉइश्‍चर का लेवल सामान्य से थोड़ा बेहतर रहता है, जिसके कारण घर में रहनेवालों को ड्राई स्किन, सर्दी-खांसी और गले में खराश जैसी समस्याएं कम होती हैं.
  • इंडोर प्लांट्स हवा को शुद्ध करने का काम करते हैं. इस विषय पर नासा ने कई रिसर्च भी किए हैं, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि इंडोर प्लांट्स हमारे लिए बहुत हेल्दी होते हैं. उनके मुताबिक़ शुद्ध हवा के लिए हर 100 स्न्वेयर फीट में एक इंडोर प्लांट रखना चाहिए.
  • कैंसस स्टेट यूनिवर्सिटी द्वारा की गई स्टडी में यह बात सामने आई है कि सर्जरीवाले मरीज़ों के कमरे में प्लांट रखने से उनके घाव जल्दी भरते हैं, इसलिए अगली बार किसी ऐसे मरीज़ को देखने जा रहे हैं, जिनकी सर्जरी हुई है, तो इंडोर प्लांट(Air Purifying Plants) से बेहतर कोई गिफ्ट नहीं हो सकता.
  • इंडोर प्लांट्स हमारी कार्यक्षमता बढ़ाते हैं. नेचर या पेड़-पौधों के इर्द-गिर्द रहने से हमारी याद्दाश्त बेहतर होती है और फोकस बढ़ता है, जिससे हमारी काम करने की क्षमता बढ़ती है. मिशिगन यूनिवर्सिटी की स्टडी में पाया गया कि इंडोर प्लांट रखने से एकाग्रता 20% तक बढ़ जाती है.
  • इंडोर प्लांट्स सुकूनभरी नींद भी देते हैं. अगर आप भी रातभर करवटें बदलते हैं, तो अपने बेड के पास लैवेंडर और जैसमीन प्लांट्स रखें
  • इसके अलावा ये हमारी मेंटल हेल्थ के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद होते हैं. ये पॉज़िटिविटी का लेवल बढ़ाकर हमें रिलैक्स्ड और सिक्योर फील कराते हैं.
 तुलसी
  • आयुर्वेद और नैचुरोपेथी दोनों में ही तुलसी(Air Purifying Plants) को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. इसके एसेंशियल ऑयल से कई बीमारियां दूर होती हैं. यह हमारी श्‍वसन प्रणाली के लिए बेहतरीन औषधि है. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स स्ट्रेस को कम करने के साथ-साथ डायबिटीज़ और हार्ट प्रॉब्लम्स में भी कारगर साबित होते हैं. आम बुख़ार से लेकर गंभीर बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन में तुलसी का पौधा बहुत फ़ायदेमंद साबित होता है.
  • इसमें मौजूद प्यूरिफाइंग, डिटॉक्सिफाइंग और क्लींज़िंग प्रॉपर्टीज़ के लिए यह हर्बल व कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किया जाता रहा है.
  • यह इम्यूनिटी बूस्टर है. तुलसी के पत्तों को उबालकर उसमें कालीमिर्च पाउडर मिलाकर पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.
  • यह तरह-तरह के एलर्जीज़ और इंफेक्शन्स से लड़ता है.
  • यह स्किन डिसऑर्डर, खुजली और दाद का कारगर इलाज है.
  • फाइटो न्यूट्रिएंट्स, एसेंशियल ऑयल, विटामिन ए और सी के गुणों से भरपूर तुलसी के काढ़े से सर्दी-खांसी, बुख़ार, ख़राब गला, सीने में जकड़न, फ्लू आदि में राहत मिलती है.
  • यह बढ़े हुए ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखता है, इसलिए डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए काफ़ी लाभदायक सिद्ध होता है.
  • यह शरीर में मौजूद यूरिक एसिड लेवल को कंट्रोल में रखता है, जिससे किडनी स्टोन का ख़तरा नहीं रहता.
  • यह हेपेटाइटिस, मलेरिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू और ट्यूबरकुलोसिस में काफ़ी कारगर सिद्ध होता है.
एलोवीरा
  • न्यूट्रीएंट्स, एक्टिव एंज़ाइम्स, विटामिन्स, मिनरल्स और अमीनो एसिड के गुणों से भरपूर एलोवीरा न स़िर्फ स्किन प्रॉब्लम्स को दूर रखता है, बल्कि अपने आप में हेल्थ रेमेडी है. यह कई हेल्थ प्रॉब्लम्स को दूर करता है.
  • एंटी-इंफ्लेमेटरी(Air Purifying Plants) गुणों से भरपूर एलोवीरा शरीर में मौजूद फ्री रैडिकल्स को दूर करता है, जिससे शारीरिक जलन से राहत मिलती है.
  • गैस्ट्रो के इलाज में एलोवीरा का इस्तेमाल किया जाता है. हार्ट बर्न, सीने में दर्द, निगलने में परेशानी जैसे लक्षणों में राहत दिलाता है.
  • एलोवीरा का जूस गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल प्रॉब्लम्स के लिए ज़िम्मेदार पैथोजेन्स से हमारी सुरक्षा करता है.
  • यह ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखता है, इसलिए डायबिटीज़ के मरीज़ इसे सप्लीमेंट के तौर पर लेते हैं.
  • यह ओरल हेल्थ के लिए बेस्ट रेमेडी माना जाता है. इसमें मौजूद गुणों के कारण यह मसूड़ों को सॉफ्ट बनाता है और मुंह के छालों और घाव के लिए बेहतरीन औषधि है.
  • एलोवीरा का जूस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाता है.
  • एलोवीरा में एंटी ट्यूमर और एंटी कैंसरस प्रॉपर्टीज़ होती हैं, जिससे कैंसर का ख़तरा भी कम होता है.
  •  पाइल्स के इलाज में एलोवीरा काफ़ी कारगर साबित होता है.
  • एजिंग के लक्षणों, सन बर्न और टैन को दूर करता है, स्ट्रेच मार्क्स को घटाकर त्वचा को मॉइश्‍चराइज़ करता है.
  • डैंड्रफ को दूर कर, बालों के हेल्दी ग्रोथ में मदद करता है, जिससे स्काल्प का पीएच बैलेंस बना रहता है और बाल सॉफ्ट व सिल्की बने रहते हैं.

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पुदीना
  • मैग्नीज़, विटामिन ए और सी के गुणों से भरपूर पुदीने(Air Purifying Plants) को दुनिया की सबसे पुरानी औषधि माना गया है.
  •  इसमें मौजूद मेंथॉल की ख़ूबियों के कारण यह माइंड और बॉडी दोनों पर कूलिंग इफेक्ट देता है.
  • पेटदर्द, मितली आदि में पुदीना बेस्ट रेमेडी है. आज भी पेटदर्द होने पर लोग पहले पुदीने की गोली खाते हैं.
  • माइग्रेन, टेंशन या फिर स्टे्रस के कारण होनेवाले सिरदर्द से राहत दिलाता है.
  • इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह की दुर्गंध को दूर कर दांतों व मसूड़ों की समस्याओं से निजात दिलाता है.
  • यह एलर्जी और अस्थमा से राहत दिलाता है.
  • मसल पेन से राहत दिलाने में पुदीना काफ़ी कारगर माना जाता है.
  • यह एकाग्रता को बढ़ाकर याददाश्त को बढ़ाने में मदद करता है.
 लैवेंडर
  • अपनी ख़ुशबू के लिए मशहूर लैवेंडर में कई औषधीय(Air Purifying Plants) गुण भी हैं. यह एक माइल्ड एंटी डिप्रेसेंट होने के साथ-साथ कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से शरीर की सुरक्षा करता है.
  • यह थकान और तनाव को दूर करने में मदद करता है.
  • अनिद्रा से जूझ रहे लोगों के लिए यह काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होता है. इसकी चाय भी अनिद्रा की समस्या को दूर करने में मदद करती है.
  • एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ऑक्सीडेंट्स के गुणों से भरपूर लैवेंडर शारीरिक जलन को दूर करने के साथ-साथ मसल पेन से भी राहत दिलाता है.
  • स्किन प्रॉब्लम्स में भी लैवेंडर काफ़ी कारगर सिद्ध होता है. ड्राई स्किन को ट्रीट करने के साथ-साथ त्वचा संबंधी गंभीर समस्याएं, जैसे- सोरायसिस और एक्ज़िमा आदि में काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होता है.
  • लैवेंडर एंटी सेप्टिक के गुणों से भरपूर है, तभी तो घाव पर लैवेंडर का पेस्ट लगाने से घाव न स़िर्फ जल्दी भरता है, बल्कि किसी तरह का इंफेक्शन भी नहीं होता.
  • पीएमएस के लक्षणों में राहत दिलाता है. लैवेंडर को अरोमा थेरेपी के ज़रिए पीएमएस के दर्द व परेशानियों से निजात दिलाने में इस्तेमाल किया जाता है.
करीपत्ता
  • खाने के स्वाद को दुगुना करने के अलावा करीपत्ता(Air Purifying Plants) में कई औषधीय गुण भी हैं, इसलिए आपके घर में भी करीपत्ता ज़रूर होना चाहिए.
  • कार्बोहाइडेट्स, फाइबर, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, विटामिन ए, बी, सी, ई के गुणों से भरपूर करीपत्ता हार्ट को बेहतर ढंग से काम करने और इंफेक्शन्स से लड़ने में मददगार साबित होता है.
  • आयरन और फॉलिक एसिड से भरपूर करीपत्ता एनीमिया से बचाता है.
  • ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखकर यह डायबिटीज़ से लड़ने में मदद करता है.
  • यह पाचनशक्ति को बेहतर बनाता है.
  • स्टडी में पाया गया है कि यह बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाकर इसके नुक़सान से हमें बचाता है.
  • इसमें मौजूद विटामिन ए आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करता है.
  • अगर आपके बाल स़फेद हो रहे हैं, तो खाने में करीपत्ता शामिल करें. यह बालों को स़फेद होने से रोकता है.

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हवा को शुद्ध करनेवाले प्लांट्स

मनी प्लांट और पीस लीलीमनी प्लांट और पीस लीली: ये दोनों ही इंडोर प्लांट एयर पॉल्यूशन को कंट्रोल करते हैं. घर में ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाकर घर में रहनेवालों को हेल्दी रखते हैं. हवा में मौजूद कार्बन डाईऑक्साइड को कम करके हवा को शुद्ध करते हैं.

स्पाइडर प्लांट: यह इंडोर प्लांट हवा में मौजूद ख़तरनाक केमिकल्स से हमें सुरक्षित रखता है. स्पाइडर प्लांट हवा में मौजूद कार्बन मोनॉक्साइड को सोख लेता है, जिससे घर में रहनेवाले लोगों पर इसका साइड इफेक्ट नहीं होता.

स्नेक प्लांट:  इसे मदर-इन-लॉज़ टंग भी कहते हैं. ज़्यादातर लोग इसे अपने बाथरूम और बेडरूम में रखते हैं.  यह हवा को शुद्ध करने के साथ ही ऑक्सीजन सप्लाई भी बढ़ाते हैं. रात को ये कार्बन डाई ऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन देते हैं, इसलिए लोग इसे बेडरूम में भी रखते हैं.

गोल्डन फोटोज़: बाकी एयर क्लीनिंग इंडोर प्लांट्स की तरह यह भी हवा में मौजूद जहरीली गैसों, कार्बन मोनॉक्साइड, बेनजेन और फॉर्मलडिहाइड को सोखकर आपको शुद्ध हवा देता है. इसे आप गमले में या हैंगिंग पॉट में लगाकर खिड़की में रख सकते हैं. 

– दिनेश सिंह           

आपके जीवन में हमेशा ख़ुशियां शामिल हों, सुख-संपत्ति और स्वास्थ्य प्राप्त हो, इसके लिए ज़रूरी है होम डेकोर करते समय अपनी राशि का भी ध्यान रखें.

मेषराशि के अनुसार होम डेकोर

एनर्जेटिक मेष राशिवालों का रेड पसंदीदा कलर है.

– घर या ऑफिस में रेड या हॉट पिंक का इस्तेमाल इनमें एनर्जी बनाए रखता है.

– इन्हें लाइट्स पसंद हैं. कम लाइट्स में ये डिप्रेशन महसूस करते हैं.

– इस राशिवालों को लाइट कलर्स से बचना चाहिए और डेकोर मेें ब्राइट कलर्स का इस्तेमाल करना चाहिए. रेड रंग का हिंट हर रूम में होना चाहिए, ख़ासकर किचन और डाइनिंग रूम में.

– प्रेरणादायक पंक्तियां, ट्रॉफीज़ या मेमेंटोज़ को ये होम एक्सेसरीज़ के तौर पर इस्तेमाल करना पसंद करते हैं.

– मेष राशिवाले पढ़ने के शौक़ीन होते हैं, इसलिए इन्हें अपने घर में बुकशेल्फ भी बनाना चाहिए.

– इन्हें क्लीन-ऑर्गेनाइज़्ड घर पसंद आता है, तो होम डेकोर भी वे उसी के हिसाब से करवाते हैं.

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वृषभ

– इस राशिवाले लक्ज़री और कंफर्ट चाहते हैं और इसकी झलक इनके होम डेकोर में भी नज़र आती है.

– इन्हें ट्रेडिशनल चीज़ों से लगाव होता है. शायद इसलिए इनके घरों में आपको एंटीक चीज़ों का कलेक्शन मिल जाएगा.

– इन्हें हर ख़ूबसूरत चीज़ आकर्षित करती है, इसलिए चाहे वो आर्ट पीस हो या कोई पेंटिंग- ये डेकोर में इनको शामिल कर लेते हैं.

– पर्शियन रग्स, पेंटिंग्स, लेदर सोफा, आर्टिस्टिक फोटोफ्रेम- इनके घर में आपको ये चीज़ें ज़रूर नज़र आ जाएंगी.

– व्हाइट और ब्लू रंग इस राशिवालों के लिए लकी कलर्स हैं और फेवरेट कलर्स भी. इन्हें डेकोर में शामिल करें.

– घर की दीवारों को यलो, क्रीम या व्हाइट रंग से पेंट करें. इससे पॉज़िटिव एनर्जी बनी रहेगी.

 

मिथुन

-ये सोशल और ज़िंदादिल होते हैं और लोगों से मिलना-जुलना इनको पसंद आता है. इनका घर भी इनके दिल की तरह ही बड़ा होता है.

– मिथुन राशिवाले काफ़ी क्रिएटिव होते हैं और घर सजाते वक़्त भी ये क्रिएटिविटी का इस्तेमाल करते हैं. इनके होम डेकोर में आपको ओल्ड और मॉडर्न दोनों का परफेक्ट ब्लेंड नज़र आएगा.

– इस राशिवालों को बदलाव पसंद है, घर की सजावट में भी ये बदलाव करते रहते हैं.

– लाइट ग्रीन, लाइट ब्लू, ऑरेंज और रेड कलर का इस्तेमाल करना चाहिए. ये इनके लिए लकी कलर्स हैं.

– वायव्य (उत्तर-पश्‍चिम) कोण में हल्का फर्नीचर रखें. इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहेगी.


कर्क

– कर्क राशिवाले क्रिएटिव और रोमांटिक होते हैं. इन्हें रिश्तों से गहरा जुड़ाव होता है, इसलिए इनके लिए डेकोरेशन से ज़्यादा ज़रूरी है घर में कोज़ी और अपनापन.

– चूंकि ये फैमिली से ज़्यादा जुड़ाववाले होते हैं, इसलिए इनके घर में फैमिली फोटोज़, कोलाज, एलबम आदि को ख़ास जगह दी जाती है.

– एंटीक चीज़ें इन्हें पसंद हैं, फिर चाहे वो एंटीक फर्नीचर हो, आर्ट पीस या होम एक्सेसरीज़- ये डेकोर में इसका ख़ूबसूरती से इस्तेमाल करते हैं.

– सिल्वर, लाइट ब्लू और व्हाइट इस राशि के लिए लकी कलर है. इनका इस्तेमाल इनको शांति और सुकून देगा.

– ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में पानी से भरा बर्तन या बहते पानी की तस्वीर ज़रूर लगाएं.

सिंह

– रॉयल, क्लासिक और एलीगेंस- सिंह राशिवालों की ख़ूबियां हैं और ये उनके होम डेकोर में भी नज़र आती हैं.

– सिंह राशिवालों को नेचर से ख़ास लगाव होता है, इसलिए ये होम डेकोर में इनडोर प्लांट्स को ख़ास जगह देते हैं.

– ये क्लीन इंटीरियर सिलेक्ट करते हैं. बड़े-बड़े फर्नीचर इन्हें अच्छे नहीं लगते. क्लासी, मॉडर्न और कंफर्टेबल यही इनका डेकोर मंत्र होता है.

– इन्हें बोल्ड कलर्स पसंद हैं. डीप रेड, टरकॉइज़, प्लम कलर्स का इस्तेमाल ये ज़्यादा करते हैं, जो इनके होम डेकोर को रॉयल अंदाज़ देते हैं.

– लिविंग रूम के डेकोर पर ये ख़ासतौर से ध्यान देते हैं, क्योंकि यहां समय बिताना इन्हें पसंद होता है.

– व्हाइट, सिल्वर और गोल्ड इनके लिए लकी कलर्स हैं. कुशन कवर्स, परदे या बेडशीट में इनका इस्तेमाल जीवन में सुख-समृद्धि लाएगा.

 

कन्या

– इस राशिवाले परफेक्शनिस्ट होते हैं. होम डेकोर में भी इन्हें सब कुछ परफेक्ट ही चाहिए. ये कभी संतुष्ट भी नहीं होते, इसलिए डेकोर में ये बदलाव लाते रहते हैं.

– इन्हें क्लीन डेकोर पसंद है. थोड़ा भी क्लटर इन्हें पसंद नहीं आता.

– कन्या राशिवालों के घर में प्रवेश करते ही एक अलग ही शांति और सुकून का एहसास होता है.

– सिंपल और बेसिक यही इनका होम डेकोर मंत्र है. होम एक्सेसरीज़ के तौर पर ये कुछ ही चीज़ें यूज़ करते हैं, मसलन- कलरफुल कुशन्स, फ्लावर वास.

– लाइट ग्रीन, ब्लू, यलो और ऑरेंज इनके लिए लकी कलर्स हैं.

– तुलसी का पौधा लगाएं, हमेशा स्वस्थ रहेंगे.र्ीं नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्‍चिम) में कोई हैवी फर्नीचर रखें या अपने पूर्वजों की तस्वीर लगाएं, तो हमेशा ख़ुशहाली बनी रहेगी.

 

तुला

– इस राशिवाले आर्ट और क्राफ्ट लवर होते हैं और अपने होम डेकोर को भी डिज़ाइनर लुक देना पसंद करते हैं.

इनके डेकोर में आपको परफेक्ट बैलेंस नज़र आएगा. कहीं कुछ भी ज़्यादा या लाउड नहीं. बस, जितने की ज़रूरत है, वही ख़ूबसूरती से अरेंज किया हुआ.

– इन्हें लाइट व कूल कलर पैलेट पसंद आता है. क्रीम, व्हाइट, पिंक, लाइट ब्लू इनके लिए परफेक्ट कलर सिलेक्शन है.

– कलाप्रेमी होने के कारण आपको इनके घर होम थिएटर, स्टाइलिश आउटफिट से भरा वॉर्डरोब और किताबों का कलेक्शन मिलेगा.

– हां, ये कभी-कभी बहुत ज़्यादा हैवी फर्नीचर सिलेक्ट करने की ग़लती कर बैठते हैं, जिससे इन्हें बचना चाहिए.

 

वृश्‍चिक

– वृश्‍चिक राशिवाले लोग बेहद प्राइवेट क़िस्म के होते हैं. इनके लिए घर यानी पर्सनल स्पेस, जिसमें बहुत ज़्यादा बाहरी लोगों की दख़लअंदाज़ी पसंद नहीं.

– इसी वजह से इनके घर पर आपको वेल्वेट जैसे हैवी फैब्रिकवाले परदे ही मिलेंगे.

– इन्हें अपनी पर्सनल लाइफ इतनी पसंद है कि ये बेडरूम को लिविंग रूम से एकदम डिटैच्ड यानी अलग-थलग रखते हैं.

– इनके होम डेकोर में पावर की झलक मिलती है, चाहे फिर वो फर्नीचर सिलेक्शन हो, फनिर्ंशिंग या होम एक्सेसरीज़.

– ये क्वालिटी से कभी समझौता नहीं करते. हाई क्वालिटी फर्नीचर, पेंटिंग- इनका सिलेक्शन बेहद ख़ास होता है.

– वृश्‍चिक राशिवालों को पानी बेहद पसंद है. बीच के किनारे घर बनाना इनका सपना होता है. अगर आप ऐसा नहीं कर सकते, तो फिश एक्वेरियम घर में रखें.

– रेड, लाइट यलो और ऑरेंज इनके फेवरेट कलर्स हैं और इन्हें अपने डेकोर में शामिल करना वो नहीं भूलते.

धनु

– इस राशिवालों को ओपन स्पेस बहुत पसंद है, इसलिए बालकनी या टैरेस वाला घर ही इन्हें अच्छा लगता है.

– ऑरेंज, हॉट पिंक, यलो जैसे ब्राइट कलर्स को डेकोर में शामिल करें.

– इस राशिवालों को एथनिक लुक पसंद है. ब्रोकेड के कुशन कवर्स, डिफरेंट प्रिंट्स के कर्टन और बेडशीट्स का कलेक्शन इनके पास होता है.

– कंफर्टेबल सोफा, परफेक्ट लाइटिंग अरेंजमेंट और एक बड़ा-सा डाइनिंग टेबल- ये सारी चीज़ें इनके घर में आपको नज़र आ ही जाएंगी.

 

मकर

– मकर राशिवाले बेहद अनुशासित होते हैं.

– होम डेकोर में सिंप्लिसिटी ही इनका फॉर्मूला है. ये कम से कम फर्नीचर और होम एक्सेसरीज़ ही इस्तेमाल करना पसंद करते हैं.

– डेकोर में कंफर्टेबल स्टाइल इनकी पहली चॉइस होती है.

– इन्हें कल्चर और ट्रेडिशन से भी प्यार होता है, इसलिए ये एंटीक चीज़ों को डेकोर में शामिल करना पसंद करते हैं.

– डार्क ब्लू, ग्रीन, ब्राउन और ब्लैक कलर इनके फेवरेट और लकी कलर्स हैं. सुख-समृद्धि के लिए इन्हें डेकोर में शामिल करें.

– घर के दक्षिण कोण में वॉयलेट रंग का इस्तेमाल इनको फाइनेंशियली मज़बूत बनाएगा.

 

कुंभ

– मॉडर्न और फ्यूचरिस्टिक- इनके होम डेकोर में इनकी पर्सनैलिटी की झलक मिलती है.

– कंटेम्परेरी और एंटीक फर्निशिंग, लेदर सोफा इन्हें ख़ास पसंद आते हैं.

– ब्लू, वॉयलेट, इंडिगो आदि इनके फेवरेट कलर्स हैं, जिसका इस्तेमाल ये होम डेकोर में भी करते हैं.

– नेचुरल लाइट्स इन्हें एनर्जेटिक फील कराती है, इसलिए ये विंडोज़ बड़े ही सिलेक्ट करते हैं.

 

मीन

– प्रकृति प्रेमी मीन राशिवाले लोगों को ऐसे ही घर की तलाश होती है, जहां से कुदरत का ख़ूबसूरत नज़ारा दिखता हो.

– स्टाइल की अच्छी समझ होती है मीन राशिवालों को और ये क्रिएटिव भी होते हैं. स्टाइल और किएटिविटी का ये कॉम्बीनेशन इनके होम डेकोर को ख़ूबसूरत अंदाज़ देता है.

– यलो, क्रीम और गोल्डन शेड्स इनके होम डेकोर में आपको ज़रूर नज़र आएंगे, क्योंकि ये इनके फेवरेट कलर्स हैं.

– इन्हें अपने घर के ईशान कोण में पानी भरकर रखना चाहिए. इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है.

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 श्रेया तिवारी

हर साल घर का रेनोवेशन कराना आसान नहीं है. लेकिन यदि घर की सजावट में थोड़ा-सा बदलाव किया जाए, तो घर को न्यू लुक ज़रूर दिया जा सकता है. पर अधिकतर लोगों के मन में होम डेकोर व डिज़ाइन्स को लेकर कई मिथ्स होते हैं, जिसके कारण वे डेकोर संबंधी सही निर्णय नहीं ले पाते. जाने ऐसे ही कुछ मिथ्स की हक़ीक़त.

होम डेकोर से संबंधित मिथ्स एंड फैक्ट्स

मिथ: छोटे कमरे में छोटा फर्नीचर रखें.
यह केवल एक अवधारणा है. छोटे कमरे में छोटा फर्नीचर रखने से बेशक वह कम जगह घेरते हैं, लेकिन ऐसा करने से आपको स्वीट होमवाली फीलिंग नहीं आएगी. यदि आप अपने छोटेे कमरे को बड़ा लुक देना चाहते हैं, तो 1-2 ब़ड़े फर्नीचर, जैसे बड़ी चेयर/सेटी भी रख सकते हैं.

 

मिथ: घर के हर कमरे की सीलिंग पर व्हाइट पेंट कराना चाहिए.
घर को सजाने का यह तरीक़ा अब पुराना हो गया है. हर कमरे की सीलिंग पर व्हाइट कलर कराना बोरियत का एहसास कराता है. सीलिंग कमरे के 1/6 हिस्से को दर्शाता है. इसलिए इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. सीलिंग की टाइप और ऊंचाई को ध्यान में रखकर कमरे को क्रिएटिव लुक दिया जा सकता है. जैसे- दीवारोें को डार्क कलर से और सीलिंग पर लाइट कलर करके कमरे को स्पेशियस और ब्राइट लुक दिया जा सकता है.
– सीलिंग और दीवारों पर एक ही कलर का पेंट करके कमरे का लुक बदल सकते हैं, चाहें तो मोल्डिंग से सीलिंग लाइन भी बनवा सकते हैं.
– बड़े कमरे में डार्क कलर की सीलिंग कमरे को स्मॉल लुक देती है.
– कैबिनेट, फर्नीचर, कारपेट आदि के कलर से मैच करती हुई सीलिंग भी रखी जा सकती है.

 

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मिथ: छोटे कमरों में केवल व्हाइट या पेल जैसे न्यूट्रल कलर का चुनाव करें.
आजकल मार्केट में न्यूट्रल कलरवाले शेड कार्ड्स मिलते हैं, जिनमें न्यूट्रल कलर के अनेक शेड्स दिए रहते हैं. आप उनमें से अपने फेवरेट कलर का चुनाव कर सकते है. चाहें तो न्यूट्रल कलर में दूसरे कलर्स को मिक्स-मैच करके कमरे को स्पेशियस लुक दे सकते हैं. इसके अलावा कमरे का साइज़, फर्नीचर का साइज़, फर्नीचार अरेंजमेंट और वॉल कलर से भी आप छोटे कमरे का बड़ा लुक दे सकते हैं.

 

मिथ: न्यूट्रल कलर से नीरसता/बोरियत महसूस होती है.
ऐसा नहीं है. लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए अब पेंट बनानेवाली कंपनियां न्यू कलर स्कीम्स निकालने लगी हैं, जिसमें अनगिनत शेड्स दिए रहते हैं. इन शेड्स में से आप अपनी पसंद के कलर का चुनाव कर सकते हैं. यदि आप न्यूट्रल या मोनोक्रोमेटिक कलर का चुनाव कर रहे हैं, तो 2-3 कलर को मिलाकर नए कलर को चुनें.

 

मिथ: फर्नीचर, वॉल कलर, फैब्रिक्स आदि सभी मैचिंग होने चाहिए.
यदि सभी चीज़ें मैचिंग की होंगी, तो घर का डेकोर आपको बोरियत का एहसास कराएगा. फर्नीचर और वॉल कलर से मैच करते हुए डेकोरेटिव आइटम्स को लगाना ग़लत नहीं है, बस आसान-सा उपाय है घर को सजाने का, लेकिन पहले से डिज़ाइन की गई जगहों पर मैचिंग का फर्नीचर आदि लगाने की बजाय एंटीक आइटम्स (स्टैचू, बड़े वास आदि) का प्रयोग करें, जिससे कमरे का लुक अलग लगे. मैचिंग की तुलना में आप के द्वारा किया गया यह एक्सपेरिमेंट घर को क्लासी लुक देता है. मैचिंग का ट्रेंड अब पुराना हो गया है, विशेष रूप से फर्नीचर के मामले में.

होम डेकोर से संबंधित मिथ्स एंड फैक्ट्स

मिथ: बेज कलर फर्नीचर, रग्स, एक्सेसरीज़ आदि के साथ आसानी से मैच हो जाता है.
यह पूरी तरह से सही नहीं है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बेज भले ही न्यूट्रल (सॉफ्ट) कलर है और आसानी से अन्य एक्सेसरीज़ से मैच भी हो जाता है, लेकिन ऐसा करने से घर में डल फीलिंग आती है. इसलिए बेज कलर का चुनाव अन्य एक्सेसरीज़ से मिक्स और मैच करते हुए करेंगे, तो घर को न्यू व स्टाइलिश लुक दे सकते हैं. इसके अलावा यदि आप घर की दीवारों पर न्यूट्रल कलर कराने की सोच रहे हैं, तो बेज कलर को छोड़कर अन्य न्यूट्रल कलर भी ट्राई करें. आजकल मार्केट में बेज के
साथ-साथ अन्य बहुत सारे न्यूट्रल शेड्स उपलब्ध हैं, जिनसे आप अपने घर के डेकोर को नया लुक दे सकते हैं.

 

मिथ: पैटर्न (कलर और शेप) और प्रिंट्स (लैपर्ड, जेब्रा, स्पॉटेड एंड स्ट्राइप्स, ज्यामैट्रिकल) को एक साथ मैच न करें.
ज़्यादातर लोगों को यह भ्रम होता है कि पैटर्न और कलर्स को एक साथ मैच नहीं करना चाहिए. लेकिन इस भ्रम को
थोड़ी-सी क्रिएटिविटी के द्वारा तोड़ा जा सकता है. जैसे- कलर स्कीम और मेन पैटर्न को ध्यान में रखते हुए स्ट्राइप्स, स्क्वेयर और स्मॉल प्रिंट्स का सिलेक्शन कर सकते हैं. इसी तरह से यदि फैब्रिक का चुनाव कर रहे हैं, तो सॉलिड कलरवाले टैक्स्चर और स्क्वेयर पैटर्न का चुनाव करें.

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मिथ: डेकोर और डिज़ाइनिंग के बारे में इंटीरियर डिज़ाइनर द्वारा बताए गए रूल्स को फॉलो करें.

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. एक्सपर्ट्स द्वारा बताए गए डेकोर और डिज़ाइनिंग संबंधी सारे पुराने नियमों में बदलाव लाएं. यदि आप अपने घर का डेकोर बदल रहे हैं, तो सबसे ज़रूरी बात है आपका पर्सनल टेस्ट और स्टाइल, जो आपकी पर्सनैलिटी को प्रतिबिम्बित करता है. डेकोर और डिज़ाइनिंग का पहला नियम यह है कि आपको घर का लुक किस तरह का चाहिए- क्लासिक या मॉडर्न? आपका फेवरेट कलर कौन-सा है? आपको किस तरह का आर्ट वर्क पसंद है? आदि. दूसरे शब्दों में कहें तो, घर का स्टाइल और डेकोर आपकी पसंद का होना चाहिए, न कि अन्य लोगों की.

 

मिथ: घर का डेकोर बदलते समय लेटेस्ट ट्रेंड को फॉलो करें.
एक्सपर्ट के अनुसार, घर का डेकोर इस तरह का होना चाहिए, जो आपको वॉर्म फील कराए. यदि आप अपने घर को कंटेम्प्रेरी लुक देना चाहते हैं, तो लेटेस्ट ट्रेंड को फॉलो करें. वैसे भी ट्रेंड समय-समय पर बदलते रहते हैं. अच्छा यही होगा कि आप अपने घर को क्लासी लुक दें. क्लासी लुक को फॉलो करते हुए आप अपने घर पर ट्रेंडी सामान/चीज़ों को रख सकते हैं, कुछ समय बाद आप उन्हें आसानी से बदल या हटा सकते हैं.

– पूनम नागेंद्र शर्मा