Irfan Khan

जब से संजय दत्त के लंग कैंसर से पीड़ित होने की खबर आने के बाद से  ही फैंस ‘संजू बाबा’ के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. सभी को भरोसा है कि संजय दत्त कैंसर को मात देकर जल्दी ही फिल्मों में वापसी करेंगे. वैसे बता दें कि संजय दत्त ही ऐसे अभिनेता नहीं हैं, जो कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं. उनसे पहले भी कई बॉलीवुड सेलेब्स कैंसर से फाइट कर चुके हैं.

Sanjay Dutt



ऋषि कपूर

Rishi Kapoor


ऋषि कपूर को ल्यूकेमिया हुआ था, जो कैंसर का एक टाइप है. ऋषि कपूर को कैंसर करीब 2 साल पहले हुआ था. उन्होंने न्यूयॉर्क में अपना इलाज करवाया. इलाज के दौरान ऋषि कपूर अपनी सेहत की अपडेट फैंस के साथ लगातार शेयर करते रहे. जब इलाज के बाद ऋषि कपूर इंडिया लौटे, तो लगा उन्होंने कैंसर को हरा दिया. लेकिन आखिरकार एक घातक कैंसर से वह जिंदगी की जंग नहीं जीत सके.


इरफान खान

Irrfan Khan


इरफान खान को 2018 में पता चला था कि उन्हें कैंसर है. उन्हें हाई-ग्रेड न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर हुआ था. यह एक रेयर यानी असाधारण टाइप का कैंसर था, जिसके कम मामले सामने आते हैं और जिसके बारे में लोगों को कम जानकारी है और इसलिए इसमें रिस्क भी ज्यादा था. हालांकि बीमारी का पता चलते ही एक्टर ने लंदन में जाकर इलाज करवाया और एक साल बाद भारत वापस लौट भी आए. और एकबारगी ऐसा लगा कि अब वो ठीक हो गए हैं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. आखिरकार कैंसर के सामने वो भी ज़िंदगी की लड़ाई हार गए.


सोनाली बेंद्रे

Sonali bendre

सोनाली बेंद्रे को हाई ग्रेड कैंसर होने के बारे में साल 2018 में पता चला था. सोनाली ने इसकी जानकारी खुद इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर करते हुए दी थी कि उन्हें मेटास्टैटिक कैंसर है. इसके बाद न्यूयॉर्क में उनका इलाज चला और उन्होंने कैंसर से जंग जीत ली. अब वो अपने परिवार के साथ खुशी के कीमती पल बिता रही हैं.


मनीषा कोइराला

Manisha Koirala


साल 2012 में मनीषा को ओवरियन कैंसर हुआ. कई महीनों तक उनका इलाज न्यूयॉर्क में चला. उन्होंने कैंसर के अपने एक्सपीरिएंस के बारे में कहा कि पहले उन्हें यह सिर्फ सामान्य सी फूड पॉइजनिंग लग रही थी, जिससे उनका पेट बार-बार फूलता था. लेकिन जब उनका वज़न भी अचानक काफी कम होने लगा, तो उन्होंने चेकअप करवाया, तब उन्हें ओवरियन कैंसर के बारे में पता चला. उन्होंने भी न्यूयॉर्क में लंबे समय तक इलाज कराया और कैंसर को मात दे दी.

अनुराग बासु 

Anurag Basu


‘बर्फी’, ‘मर्डर’ और ‘गैंगस्टर’ जैसी फिल्में बनाने वाले बॉलीवुड डायरेक्टर अनुराग बासु को 2004 में ब्लड कैंसर हो गया था. डॉक्टर ने उन्हें 3 से 4 महीने का वक्त दिया और कहा कि वो इससे ज़्यादा नहीं जी पाएंगे. लेकिन वो लड़े और उन्होंने कैंसर को हरा दिया. 

लीजा रे

Lisa Ray

बॉलीवुड में काम कर चुकीं कनाडियन एक्ट्रेस लीजा रे को 2009 में मल्टीपल माइलोमा नाम के कैंसर से पीडित हो गई थीं. यह एक रेयर कैंसर है. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी. 2010 में लिजा रे ने स्टेम सेल ट्रांसप्लांट करवाकर इस कैंसर से मुक्ति पा ली, लेकिन आज भी उनका इलाज जारी है और वो सिर्फ जूस, स्मूदिज़ और सब्ज़ियां ही खाती हैं. लीजा रे जो खुद को ‘कैंसर ग्रेजुएट कहती हैं.

मुमताज

Mumtaz


बॉलीवुड की बीते जमाने की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज को साल 2000 में ब्रेस्ट कैंसर हो गया था. कैंसर के ख‍िलाफ मुमताज ने बहादुरी से जंग लड़ी और जीत भी हासिल की. फिलहाल मुमताज स्वस्थ हैं और अपनी फैमिली के साथ खुशहाल जीवन बिता रही हैं.

बारबरा मोरी

Barbara mori


ऋतिक रोशन के साथ फिल्म ‘काईट’ से बॉलीवुड में आने वाली अभिनेत्री बारबरा मोरी भी कैंसर को हरा चुकी हैं. उन्हें कैंसर के बारे में जब पता चला तो वे घबराई नहीं, बल्कि कैंसर से लड़ीं और अब स्वस्थ हैं.

युवराज सिंह

Yuvraj Singh


क्रिकेटर युवराज सिंह ने भी कैंसर से लम्बी लड़ाई लड़ी है. 2011 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद युवराज सिंह के लंग कैंसर से पीड़ित होने की न्यूज़ आई. लेकिन युवराज ने कैंसर को अपने दिमाग पर हावी नहीं होने दिया और इस बीमारी को मात दी.

इन लोगों को भी हुआ कैंसर
– आयुष्मान खुराना की वाइफ ताहिरा कश्यप भी ब्रेस्ट कैंसर से जंग जीत चुकी हैं.

Ayushman Khurana's wife Tahira Kashyap


– फिल्ममेकर राकेश रोशन भी गले के कैंसर से जंग लड़ चुके हैं. उनके बेटे रितिक ने ही लोगों को इसकी जानकारी दी थी.

Rakesh Roshan


– 2017 में विनोद खन्ना की भी ब्लैडर कैंसर की वजह से मौत हो गई.
– कुर्बानी’ स्टार फिरोज खान की मौत भी कैंसर की वजह से हुई.
– सुपरस्टार राजेश खन्ना की मौत भी कैंसर से ही हुई.

करोड़ों रूपए बतौर फीस लेनेवाले बॉलीवुड एक्टर्स में से ऐसे भी कई स्टार्स हैं, जिन्होंने कभी फिल्म, तो कभी डायरेक्टर या प्रोड्यूसर की वजह से फिल्म में काम करने के लिए कोई फीस नहीं ली और फ्री में की ये फ़िल्में. बॉलीवुड में ऐसा कई बार देखा गया है, जब फिल्म के रोल के लिए कुछ कलाकारों ने सिर्फ़ टोकन अमाउंट लिया और पूरी शिद्दत के साथ अपनी भूमिका निभाई. आइए देखें कौन हैं वो बॉलीवुड स्टार्स जिन्होंने ऐसा भी किया है.

अमिताभ बच्चन

amitabh bachchan

फिल्म ब्लैक की स्क्रिप्ट से बिग बी इतने इम्प्रेस्ड हुए थे कि उन्होंने यह फिल्म फ्री में की थी. इस फिल्म को करने का एक और कारण संजय लीला भंसाली के साथ काम करना भी बताया था. इसके अलावा जब अमितजी के मेकअप मैन भोजपुरी फिल्मों के डायरेक्टर बने, तो उन्होंने अमितजी को अपनी फिल्म में रोल दिया, लेकिन अमितजी ने उनकी फिल्मों गंगा, गंगोत्री और गंगा देवी के लिए एक भी पैसा नहीं लिया.

दीपिका पादुकोण

deepika padukone

बॉलीवुड में अपनी डेब्यू फिल्म ओम शांति ओम में सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ काम करने की इतनी बड़ी ऑपर्चुनिटी के लिए दीपिका ने एक भी रुपया नहीं लिया. यह फिल्म उन्होंने फ्री में की थी, जो ब्लॉकबस्टर साबित हुई.

फरहान अख्तर

farhan akhtar

अपनी पूरी मेहनत और शिद्दत के साथ मिल्खा सिंह का किरदार निभानेवाले फरहान अख्तर ने इस फिल्म के लिए महज़ 11 रूपये का टोकन अमाउंट लिया था. इस फिल्म के लिए फरहान ने काफ़ी मेहनत की, जिसके कारण फिल्म सुपरहिट रही.

शाहिद कपूर

shahid kapoor

साल 2014 में आई फिल्म हैदर के लिए शाहिद कपूर ने कोई पैसे नहीं लिए और यह फिल्म फ्री में की. हैदर फिल्म में उनकी बेहतरीन अदाकारी के लिए शाहिद को काफ़ी सराहना भी मिली थी.

शाहरुख खान

shahrukh khan

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने भी अमिताभ बच्चन की फिल्म भूतनाथ में काम करने के लिए कोई फीस नहीं ली थी. इसके अलावा कमल हसन की फिल्म हे राम में भी उन्होंने फ्री में काम किया था.

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी

nawazuddin siddiqui

साल 2018 में नंदिता दास के डायरेक्शन में बनी फिल्म मंटो के लिए नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने सिर्फ़ 1 रूपये टोकन अमाउंट लिया था. नवाज़ुद्दीन के अलावा ऋषि कपूर, जावेद अख्तर, गुरदास मान, राजश्री देशपांडे, रणवीर शोरी और स्वानंद किरकिरे ने भी यह फिल्म फ्री में की थी. इसके अलावा नवाज़ुद्दीन ने फिल्म हरामखोर के लिए भी सिर्फ़ 1 रूपये टोकन अमाउंट लिया था.

मीना कुमारी

Meena Kumari

कमाल अमरोही की क्लासिक फिल्म पाकीज़ा के लिए मीना कुमारी ने सिर्फ़ 1 रूपये का टोकन अमाउंट लिया था. दुर्भाग्य से यह उनकी आख़िरी फिल्म साबित हुई. फिल्म की रिलीज़ के कुछ हफ़्ते बाद ही लिवर की बीमारी से उनका देहांत हो गया.

ओम पुरी

Om Puri

डेढ़ लाख के बजट में बनी फिल्म घासीराम कोतवाल ओम पुरी की डेब्यू फिल्म थी, जिसके लिए उन्होंने कोई फीस नहीं ली थी. यह एक मराठी फिल्म थी, जो मराठी नाटक पर आधारित थी.

इरफ़ान खान

irrfan khan

साल 2004 में आई फिल्म रोड टु लद्दाख एक ऐसी ही फिल्म थी, जिसे महज़ 16 दिनों में पूरा किया गया था. इस फिल्म के लिए इरफ़ान खान ने कोई अमाउंट नहीं लिया था.

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इरफान ख़ान की अचानक तबीयत बिगड़ जाने के कारण उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है. कल से ही उन्हें बेहद कमज़ोरी महसूस हो रही थी, जिसके कारण वे बाथरूम में गिर भी गए थे. उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी. फ़िलहाल वे आईसीयू में हैं. उनके साथ उनकी पत्नी और दोनों बच्चे हैं. 

पिछले हफ़्ते ही उनकी मां सईदा बेगम का बीमारी के चलते जयपुर में देहांत हो गया था. मुंबई में रहने, अस्वस्थ होने और लॉकडाउन की वजह से वे मां की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो पाए. उन्होंने वीडियो कॉल के ज़रिए मां को श्रद्धांजलि दी.
लॉकडाउन होने और एयरलाइन बंद होने की वजह से
वे रूटीन चेकअप के लिए लंदन नहीं जा पा रहे थे. वे अपना इलाज वहीं करवा रहे थे. ऐसे में वे मुंबई के हॉस्पिटल में चेकअप करवा रहे थे. अब सुनने में आया है कि अपने रूटीन चेकअप में दिक्कत की वजह से भी वे कोकिलाबेन हॉस्पिटल में एडमिट हुए हैं. अभी आईसीयू में है.
अंग्रेजी मीडियम फिल्म की शूटिंग के दौरान भी उन्हें कई बार बीमारी की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. इरफान ख़ान को मार्च 2018 में अपनी बीमारी न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर का पता चला था. उन्होंने इसका खुलासा सोशल मीडिया के ज़रिए किया था. यह एक दुर्लभ बीमारी है. फिर इरफान अपने इलाज के लिए लंदन चले गए थे. सालभर तक वहां रहने, इलाज और चेकअप करवाने के बाद पिछ्ले साल मुंबई आए थे. फिर भी वह पूरी तरह से ठीक नहीं हुए थे.
वे अंग्रेज़ी मीडियम फिल्म का प्रमोशन बीमारी की वजह से नहीं कर पाए. इसका उन्हें काफ़ी दुख हुआ, जो उन्होंने अपने फैंस के साथ शेयर किया. इरफान ख़ान काफ़ी हिम्मती और सकारात्मक सोचवाले इंसान हैं. इसी कारण वे इस बीमारी से पिछले 2 साल से लड़ रहे हैं और उसे चुनौती दे रहे हैं. उनके इस संघर्ष में उनकी जीवनसाथी सुतापा का बराबर साथ रहा. परिवार, दोस्त, को-स्टार उनकी समय-समय पर मदद करते रहे हैं. उनका साथ निभाते रहे हैं. हर कोई चाहता है कि वह जल्दी ठीक हो जाएं.
लॉकडाउन होने की वजह से उन्हें अपने रूटीन चेकअप में परेशानी आ रही थी और तबीयत बिगड़ने की वजह से वे कोकिलाबेन हॉस्पिटल में एडमिट हुए हैं. वैसे उनके संपर्क के लोगों ने कहा है कि चिंता की कोई बात नहीं है. फिर भी उनके अपने और फैंस प्रार्थना कर रहे हैं कि वे जल्दी ठीक हो जाएं और फिर से अपने अभिनय का जलवा दिखाएं.
इरफान ख़ान ने एक-से-एक बेहतरीन फिल्में की हैं और लाजवाब अभिनय किया है. फिर चाहे वो पान सिंह तोमर, मदारी, पीकू हो या हिंदी मीडियम,
अंग्रेज़ी मीडियम हो. नायक, खलनायक हो या हर छोटी-बड़ी भूमिका, हर एक में वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं और अपने सशक्त अभिनय का लोहा मनवाते रहे हैं. हमारी दुआ है कि जल्द ठीक हो जाएं और फिर से अपने अभिनय की दूसरी पारी शुरू करें.

Irrfan Khan

“हिंदी से अंग्रेज़ी तक का सफ़र आख़िर तय कर ही लिया…” इरफान ख़ान ने इस उद्गार के साथ अपनी फिल्म अंग्रेज़ी मीडियम के ट्रेलर के बारे में बताया, जो आज रिलीज हुआ.

Angrezi Medium Film

 

हम सभी जानते हैं कि हिंदी मीडियम फिल्म को उसके यूनीक कॉन्सेप्ट के कारण अपार सफलता मिली थी. हर किसी ने उसे पसंद किया था. उस पर इरफान ख़ान की उम्दा अदाकारी ने सभी का दिल जीत लिया था. इसी फिल्म की अगली कड़ी के रूप में यानी इसकी सीक्वल है अंग्रेज़ी मीडियम. इरफान ख़ान तो है ही इसमें, बस अन्य कलाकार बदल गए हैं और कई दिलचस्प क़िरदार जुड़ गए हैं, जैसे- करीना कपूर, राधिका मदान, डिंपल कापड़िया, दीपक डोबरियाल, रणवीर शौरी, पंकज त्रिपाठी, कीकू शारदा, पूर्वी जैन आदि.

होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी अंग्रेज़ी मीडियम जहां हंसाती-गुदगुदाती है, वहीं कई जगहों पर गंभीरता से सोचने के लिए भी मजबूर कर देती है. मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म को दिनेश विजान का भी अच्छा साथ मिला है. संगीत का जादू गुरु रंधावा, तनिष्क बागची, सचिन-जिगर और सचेत-परंपरा का है, जो फिल्म को गति प्रदान करता है. फिल्म 20 मार्च 2020 को रिलीज होगी.

हिंदी मीडियम फिल्म ने जहां लोगों की सोच पर करारा कटाक्ष किया था, वहीं अंग्रेज़ी मीडियम भी वही कहानी दोहराती है, पर अलग अंदाज़ में. आज भी हम अंग्रेज़ी की ग़ुलामी से उबर नहीं पाए हैं. हास्य व्यंग्य से भरपूर यह फिल्म भारतीयों की मानसिकता कोे बख़ूबी दर्शाती है.

आज ट्रेलर आने से पहले कल इरफान ख़ान ने एक भावनात्मक वॉइस ओवर वीडियो अपने प्रशंसकों से साझा किया था. इसमें उन्होंने ने स्वास्थ्य के कारण फिल्म का प्रमोशन न कर पाने की मजबूरी बताई. साथ ही उन्होंने अपनी गंभीर बीमारी एंडोक्रॉइन ट्यूमर के बारे में भी बताया, जिसके कारण वे लंबे समय से अमेरिका में अपना इलाज करवा रहे हैं. उनकी बातों में ज़िंदगी और अपनी सोच के प्रति उनका दार्शनिक अंदाज़ भी बख़ूबी नज़र आया. उनके इस इमोशनल नोट ने हर किसी को भावुक कर दिया. इससे फिल्मी सितारे भी अछूते नहीं रहे.

ऋतिक रोशन ने तो इरफान को बधाई दी फिल्म के लिए. साथ ही उनके सेहत के लिए दुआ भी की. वरुण धवन ने भी उनके जज़्बे को सलाम किया और मूवी की तारीफ़ करते हुए शुभकामनाएं दीं. करीना कपूर ने भी इरफान के साथ काम करते हुए ख़ुशी प्रकट की थी और उनकी अदाकारी के बेइंतहा तारीफ़ की थी.

 

Angrezi Medium Film

कैंसर की बीमारी में सबसे अहम् भूमिका इंसान की सकारात्मक सोच निभाती है. यदि आप पॉज़िटिव रहते हैं, तो इसके हर मुश्किल दौर से संघर्ष के साथ ही सही उबर जाते हैं. इसका बेहतरीन उदाहरण रहे हैं- सोनाली बेंद्रे, मनीषा कोईराला, लिज़ा रे, ऋषि कपूर आदि. इसलिए इरफान ख़ान को सभी का ख़ूब प्यार, शुभकामनाएं और दुआएं हमेशा ही मिलती रही है. जब मार्च 2018 में उन्होंने अपनी इस दुर्लभ गंभीर बीमारी का ज़िक्र किया था. तब हर तरफ़ से सहानुभूति, हौसलाअफ़ज़ाई, आशावादी रहने की लहर सी चल पड़ी थी. हर किसी ने उन्हें हिम्मत दी. कई सितारों ने तो आगे बढ़कर उनकी आर्थिक मदद भी की. हमें भी यक़ीन ही नहीं पूरा विश्‍वास है कि इरफान ख़ान इससे उबर जाएंगे. और जल्द ही अपनी फिल्मी पारी को एक ऊंची उड़ान देंगे.

Angrezi Medium Film

फ़िलहाल अंग्रेज़ी मीडियम की कॉमेडी, ड्रामा और इमोशन्स से भरपूर ट्रेलर का लुत्फ़ उठाएं.

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फिल्म- हिंदी मीडियम

स्टारकास्ट-  इरफान खान, सबा कमर, दीपक डोबरियाल और अमृता सिंह

निर्देशक- साकेत चौधरी

 रेटिंग- 3.5 स्टार
Master (1)
हिंदी मीडियम नाम से ही आप समझ गए होंगे की कहानी हिंदी मीडियम में पढ़े व्यक्ति की कहानी है. वो इस मीडियम में पढ़ने की परेशानी झेल रहा है, क्योंकि आज इंग्लिश बोलना न केवल ज़रूरी है, बल्कि स्टेट्स सिंबल भी बन चुका है. आइए, जानते हैं कैसी है फिल्म?
कहानी
ये कहानी आपको कुछ अपनी लाइफ की तरह लगेगी, क्योंकि बच्चे का बड़े स्कूल में एडमिशन कराने के लिए आपने भी ख़ूब मेहनत की होगी. कहानी है राज मल्होत्रा, मीता और पीया की. राज सरकारी स्कूल में हिंदी मीडियम से पढ़ा लिखा है और उसकी साड़ी का स्टोर चलाता है, जबकि उसकी पत्नी मीता अपनी बेटी पीया को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाना चाहती है. एडमिशन लेने के लिए वो अपना घर तक शिफ्ट कर देते हैं. फिल्म में कुछ मज़ेदार सीन्स हैं, जिसमें कैसे बच्चे के एडमिशन के लिए पैरेंट्स अपने इंटरव्यू की तैयारियां करते हैं और स्कूल की लिस्ट में बच्चे का नाम न आने पर कैसे गरीबी का सहारा लेकर बीपीएल कोटे से पीया का एडमिशन करवाते हैं. एक बार फिर राज और मीता पॉश इलाक़े से झुग्गी बस्ती में शिफ्ट होते हैं और गरीबी की ट्रेनिंग लेते हैं.
फिल्म की यूएसपी
साकेत चौधरी ने इस सिंपल-सी कहानी को बड़े ही ख़ूबसूरती से पेश किया है. दूसरी यूएसपी है फिल्म के गाने, जो पहले ही काफ़ी पसंद किए जा रहे हैं. तीसरी यूएसपी है फिल्म के कलाकारों की ऐक्टिंग इरफान खान, दीपिक डोबरियाल, सबा कमर हर किसी ने अपने-अपने किरदार के साथ पूरा न्याय किया है.
फिल्म देखने जाए या नहीं
अगर आप एक अच्छी फिल्म देखना चाहते हैं, तो ये फिल्म आप बिल्कुल मिस नहीं कर सकते हैं. हिंदी मीडियम फिल्म एक अच्छा मैसेज देने के साथ आपके वीकेंड को ख़ुशनुमा बना देगी.

irfan_300616-101029 (1)बॉलीवुड के पान सिंह तोमर यानी इरफान खान (Irfan Khan) हो गए हैं 50 साल के. थिएटर से टेलिविज़न और बॉलीवुड से हॉलीवुड का सफर तक करने वाले इरफान को ऑलराउंडर ऐक्टर माना जाता है. किसी भी रोल को बड़े ही सहजता से कर जाते हैं इरफान. वे जब कोई किरदार निभाते हैं, तो ऐसा लगता है कि जैसे ये रोल उन्हीं के लिए बना है.

मेरी सहेली की ओर से पद्मश्री इरफान खान को ए वेरी हैप्पी बर्थ डे. आइए, आपको बताते हैं उनके बारे में कुछ बातें, जो शायद आप नहीं जानते होंगे.

  • इरफान को बचपन से ही ऐक्टिंग का शौक़ था. 7 जनवरी 1967 को जयपुर में जन्में इरफान के पिता टायर का बिज़नेस करते थे. फिल्मों में आने से पहले उनका नाम साहबज़ादे इरफान अली खान था.
  • इरफान ने ऐक्टिंग की शिक्षा ली है. एमए की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली.
  •  इरफान ने चाणक्‍य, भारत एक खोज, चंद्रकांता, द ग्रेट मराठा, बनेगी अपनी बात जैसे सीरियल्स में काम किया है.
  • हॉलीवुड के अभिनेता टॉम हैंक्स ने इरफान की तारीफ़ करते हुए कहा कि इरफान की तो आंखें भी एक्टिंग करती हैं.
  • उन्होंने अपने 28 साल के करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया है, जिनमें एक डॉक्टर की मौत, साढ़े सात फेरे, मकबूल, हासिल, लाइफ इन ए मेट्रो, पान सिंह तोमर, स्लमडॉग मिलियनेयर, नेमसेक, तलवार, लंचबॉक्स, गुंडे, हैदर, पीकू, जज़्बा जैसी बेहतरीन फिल्में शामिल हैं.
  • इरफान की हॉलीवुड की फिल्मों की बात की जाए, तो जुरासिक वर्ल्ड और स्पाइडर मैन जैसी फिल्मों ने उन्हें हॉलीवुड में भी पहचान दिलाई.
  • फिल्म पान सिंह तोमर के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.
  • लाइफ ऑफ पाई और पान सिंह तोमर उनके करियर की बेस्ट फिल्में मानी जाती हैं.
  • फिल्म सलाम बॉम्बे में इरफान को मीरा नायर ने एक कैमियो रोल दिया, लेकिन फिल्म की रिलीज़ से पहले उनका रोल काट दिया गया था.
  • इरफान के दो बेटे हैं अयान और बाबिल. इनकी पत्नी सुतपा सिकंदर भी एनएसडी ग्रैजुएट हैं.