irregular periods

मैं 35 वर्षीया महिला हूं और 2 बच्चों की मां भी. पिछले कुछ दिनों से मेरे ब्रेस्ट से मिल्की व्हाइट-सा लिक्विड डिस्चार्ज हो रहा है, जबकि मैंने 5 साल पहले ही अपने बच्चों को स्तनपान कराना बंद कर दिया है. क्या ऐसा डिस्चार्ज होना ख़तरनाक है? मुझे डर है कहीं यह कैंसर तो नहीं?
– सोनाली बंसल, बीकानेर.

पहले तो आप यह बताएं कि क्या आप कोई दवा ले रही हैं? क्योंकि कई बार कुछ दवाओं के खाने से भी ब्रेस्ट से व्हाइट डिस्चार्ज होता है, जिसे ‘गलेक्टोरिया’ कहते हैं. या फिर किसी और कारण से भी ऐसा हो सकता है. इसके लिए आपको गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए. यदि ऐसा दवाओं की वजह से हो रहा है, तो वे उन दवाओं की जगह कुछ अन्य दवाएं आपको देंगी. यदि दवा बदलने के बाद भी यह डिस्चार्ज बंद नहीं होता है, तो गायनाकोलॉजिस्ट आपके कुछ हार्मोनल टेस्ट कराएंगी, जैसे- थायरॉइड टेस्ट, प्रोलेक्टीन लेवल आदि. उसी के आधार पर आपका ट्रीटमेंट करेंगी. कई बार थायरॉइड से संबंधित दवाएं खाने पर भी ब्रेस्ट से डिस्चार्ज होता है.

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Abnormal Nipple Discharge

मैं 35 वर्षीया महिला हूं, मेरी शादी को 9 साल हो गए हैं. मेरे पीरियड्स अनियमित थे. लेकिन ट्रीटमेंट कराने के बाद अब मुझे नियमित पीरियड्स आते हैं. पर मैं गर्भ धारण नहीं कर पा रही हूं, जबकि मेरे और मेरे पति के सारे टेस्ट नॉर्मल हैं. कृपया बताएं, क्या करूं?
– रूपाली गौड, श्रीनगर.

आपको इंफ़र्टिलिटी की समस्या हो सकती है. लगता है आपके ओव्यूलेशन में कुछ प्रॉब्लम है. आपको इंफ़र्टिलिटी स्पेशलिस्ट के पास जाना चाहिए, जो आपके सारे टेस्ट कराने के बाद ही आपका सही ट्रीटमेंट करेंगे. यदि इसके बाद भी सफलता नहीं मिलती है तो टेस्ट ट्यूब बेबी की सहायता से आप मां बन सकती हैं. इसके अलावा यदि आप चाहें तो किसी बच्चे को गोद भी ले सकती हैं.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मेरी उम्र 27 साल है और रेग्युलर एक्सरसाइज़ व डायटिंग के बावजूद मेरा वज़न बढ़ रहा है. मेरे बाल बहुत झड़ गए हैं और पीरियड्स भी अनियमित हो गए हैं. साथ ही मुझे बहुत ज़्यादा ठंड भी लगती है. डॉक्टर ने पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ की जांच के लिए टेस्ट भी करवाया, पर रिपोर्ट्स नॉर्मल आईं. अब उन्हें थायरॉइड की आशंका है और वे मेरा ब्लड टेस्ट कराना चाहते हैं, लेकिन क्या यह थायरॉइड हो सकता है?
– वानी त्रिवेदी, बीकानेर.

थायरॉइड ग्लैंड हमारे गले में स्थित सबसे बड़ा एंडोक्राइन ग्लैंड है, जो थायरॉइड हार्मोंस- टी3 और टी4 का निर्माण करता है. आपके द्वारा बताए गए लक्षणों को देखकर लगता है कि आपको हाइपोथायरॉइडिज़्म है. इसे कंफर्म करने का तरीक़ा स़िर्फ ब्लड टेस्ट ही है, तभी आपके टी3 और टी4 हार्मोंस के लेवल्स का पता चल पाएगा. इसके बाद ही डॉक्टर आपको दवाइयों आदि के बारे में बता पाएंगे.

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 Causes of Irregular Periods
मैं 34 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में अल्ट्रा सोनोग्राफी से पता चला है कि मेरे यूटेरस में फायब्रॉइड है. इसके लिए मैं क्या कर सकती हूं? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– रोशनी पटवा, कानपुर.

यूटेराइन फायब्रॉइड को मैनेज करने के कई तरी़के हैं. जब ट्रीटमेंट जल्द से जल्द करना हो, तब ज़्यादातर डॉक्टर्स सर्जरी की सलाह देते हैं. आमतौर पर डॉक्टर्स हिस्टेरेक्टॉमी की सलाह देते हैं और अगर महिला मेनोपॉज़ से गुज़र रही हो, तो यूटेरस निकालने की सलाह दी जाती है. और अगर महिला की उम्र कम है और उसकी प्रेग्नेंसी के लिए यूटेेरस और बाकी रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स की ज़रूरत होती है, तो उनका मायमेक्टॉमी किया जाता है. इस प्रक्रिया में स़िर्फ फायब्रॉइड्स को टारगेट करके ख़त्म किया जाता है. इसके लिए डॉक्टर्स हिस्टेरोस्कोप, लैप्रोस्कोप और सर्जरी का सहारा लेते हैं. इसके अलावा लेज़र सर्जरी के ज़रिए फायब्रॉइड को नष्ट करना भी एक ट्रीटमेंट है.

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पीरियड्स प्रोब्लम्स (माहवारी की समस्या) के 5 आसान घरेलू उपाय आपको पीरियड्स प्रोब्लम्स से मिनटों में राहत देंगे. कई महिलाओं को मासिक धर्म यानी पीरियड्स रेग्युलर समय पर नहीं होता है. होता भी है तो कभी बहुत कम और कभी ज़रूरत से ज़्यादा होता है. इन अनियमिततओं से कमर दर्द, पीठ दर्द, पेट में चुभन जैसी कई समस्याएं होती है. पीरियड्स प्रोब्लम्स (माहवारी की समस्या) के 5 आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप पीरियड्स प्रोब्लम्स से आसानी से छुटकारा पा सकती हैं.
Home Remedies For Period Problemsइरेग्युलर पीरियड्स यानी अनियमित माहवारी के लिए ट्राई करें ये घरेलू नुस्ख़े:

* गुड़ के साथ काले तिल को पानी में उबालकर दिन में दो-तीन बार पीने से मासिक धर्म खुलकर होने लगता है.
* गरमागरम दूध के साथ 5-6 ग्राम अजवायन का सेवन करने से भी लाभ होता है.
* यदि पीरियड (माहवारी) नियमित न हो तो 200 ग्राम गाजर का रस सुबह-शाम पानी के साथ पीने से पीरियड नियमित होने लगता है.
* 10 ग्राम तिल को 200 ग्राम पानी में उबालें. एक चौथाई रह जाने पर उसे उतारकर उसमें गुड़ मिलाकर पीएं. इससे पीरियड नियमित होता है और पीरियड के दौरान होनेवाला दर्द भी दूर होता है.
* दालचीनी का चूर्ण 2-3 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से महिलाओं का पीरियड साफ़ होता है और शारीरिक पीड़ा से छुटकारा मिलता है.

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हैवी ब्लीडिंग यानी अधिक रक्तस्राव की समस्या होने पर ट्राई करें ये घरेलू नुस्ख़े:

* मासिक धर्म के अधिक रक्तस्राव में दूब को पीसकर उसका रस छानकर प्रतिदिन सुबह 20 ग्राम की मात्रा में पीना चाहिए.
* महानीम के कोपलों का रस निकालकर पीने से मासिक धर्म सामान्य हो जाता है.
* धनिया और मिश्री को सामान मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लें. इसे 10 ग्राम की मात्रा में लेकर एक कप पानी में उबालें. ठंडा होने पर इसे पीएं. ऐसा सुबह-शाम नियमित रूप से करें. इससे मासिक धर्म की अधिकता दूर होगी.
* बबूल के गोंद का चूर्ण 8 ग्राम सुबह पानी के साथ सेवन करने से अधिक रक्तस्राव होना बंद हो जाता है.
* कुम्हड़े का साग घी में बनाकर खाने से या फिर उसका रस निकालकर शक्कर मिलाकर सुबह-शाम आधा-आधा कप पीने से आराम मिलता है.

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पीरियड्स प्रोब्लम्स (माहवारी की समस्या) के 5 आसान घरेलू उपाय जानने के लिए देखें वीडियो:

 

 

मैं 27 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. पिछले कुछ हफ़्तों से सेक्स के दौरान मुझे वेजाइनल ब्लीडिंग होती है. इसका क्या कारण हो सकता है? क्या मुझे डॉक्टर को मिलना चाहिए.
– युक्ता कौल, नोएडा.

बिल्कुल, आपको तुरंत किसी गायनाकोलॉजिस्ट को कंसल्ट करना चाहिए. डॉक्टर आपकी जांच करेंगे कि कहीं वेजाइना या सर्विक्स में कोई सूजन या बढ़ोतरी तो नहीं है. इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे- इंफेक्शन्स, ड्राई वेजाइना, सेक्सुअल अराउज़ल के व़क्त बार्थोलिन ग्लैंड में लुब्रिकेशन की कमी, वेजाइना या सर्विक्स का प्री कैंसर आदि. इसलिए सबसे ज़रूरी है कि आप जल्द से जल्द किसी गायनाकोलॉजिस्ट को मिलें, ताकि वो ब्लीडिंग का कारण पता कर सके.

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 Vaginal Bleeding, During Sex
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मेरी कज़िन 16 साल की है और 13 साल की उम्र से ही उसके पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर पिछले एक साल से उसके पीरियड्स अनियमित हैं. क्या यह सामान्य है?
– प्रिया सेठी, बरेली.

आमतौर पर 12 से 14 साल की उम्र में लड़कियों के पीरियड्स शुरू हो जाते हैं, पर पीरियड्स को नियमित होने में कुछ साल लग जाते हैं. इस अवस्था को हाइपोथैलामिक पिट्यूटरी ओवेरियन एक्सिस डिस्फंक्शन कहते हैं. इस उम्र में ज़्यादातर लड़कियां अपने वज़न को लेकर काफ़ी सचेत रहती हैं, इसलिए अंडरवेट और ओवरवेट दोनों ही तरह की लड़कियों के पीरियड्स पर इसका प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा अगर कोई बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ करती है या उसे पॉलिसिस्टिक ओवरीज़ या थायरॉइड जैसे हार्मोनल प्रॉब्लम्स हैं, तो भी उसके पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मेरे पति की उम्र 33 साल है, पर हाल ही में हमें पता चला कि उन्हें नॉन हॉकिंग्स लिंफोमा नामक कैंसर है, जिसके लिए उन्हें कीमोथेरेपी (chemotherapy) करानी पड़ेगी. हमारा एक ही बच्चा है, इसलिए डॉक्टर ने पति के स्पर्म और फर्टिलाइज़्ड एग फ्रीज़ करके रखने की सलाह दी है. हम बहुत दुविधा में हैं, क्या करें? क्या कीमोथेरेपी से पति इंफर्टाइल हो जाएंगे?

– सलोनी बांदेकर, नागपुर.

नॉन हॉकिंग्स लिंफोमा के मामलों में कीमोथेरेपी काफ़ी असरदार साबित होती है. पहले हम कपल्स को ऐसी सलाह नहीं दे सकते थे, पर एडवांस होती टेक्नोलॉजी ने यह मुमकिन कर दिया है कि कीमोथेरेपी के बाद भी आप पैरेंट बन सकते हैं. आपको यह समझना होगा कि कैंसर में कैंसरस सेल्स बड़ी तेज़ी से बढ़ते हैं और कीमोथेरेपी का काम इन तेज़ी से बढ़नेवाले सेल्स को ख़त्म करना ही है. इस प्रक्रिया में हेल्दी सेल्स को भी नुक़सान पहुंचता है, जिससे डायरिया, गले में ख़राश, बालों का झड़ना और इंफर्टिलिटी जैसे साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिलते हैं. कीमोथेरेपी स्पर्म को भी नुक़सान पहुंचाती है, इसीलिए आपके डॉक्टर ने ऐसी सलाह दी है.

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chemotherapy

मैं 17 साल की कॉलेज स्टूडेंट हूं. 13 साल की उम्र में मेरे पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर कभी नियमित रूप से पीरियड्स आए नहीं. पिछले दो साल में स़िर्फ दो बार पीरियड्स आए हैं. डॉक्टर का कहना है कि इस उम्र में ऐसा होना सामान्य है, पर मेरी सभी सहेलियों के पीरियड्स नियमित हैं, इसलिए मुझे चिंता हो रही है. कृपया, मार्गदर्शन करें.

– रूपल मेहता, सूरत.

आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने के दो साल तक अनियमित रहते हैं. कभी-कभार तो डेढ़ या दो महीने बाद पीरियड्स आते हैं, पर ज़्यादातर मामलों में 2 साल के बाद पीरियड्स नियमित हो जाते हैं, जबकि आपके मामले में ऐसा नहीं हुआ. आपको डरने की ज़रूरत नहीं. डॉक्टर से मिलकर आपको जनरल चेकअप के साथ-साथ कुछ ब्लड टेस्ट्स कराने होंगे, ताकि किसी भी तरह के हार्मोनल इश्यूज़ के बारे में पता चल सके. हो सकता है, इसका कारण थायरॉइड या पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ हो, पर आप घबराएं नहीं, क्योंकि हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए तुलना न करें, बल्कि डॉक्टर से मिलें.

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अनियमित पीरियड्स के लिए होम रेमेडीज़

– एक कप पानी में अदरक का छोटा टुकड़ा उबालें. स्वाद के लिए इसमें शक्कर या शहद मिला लें. इसे दिन में तीन बार, खाने के बाद लें.
– पीरियड्स अनियमित हो गए हों, तो रोज़ रात को एक कप दूध में आधा टीस्पून दालचीनी पाउडर मिला लें या फिर पुदीने की पत्तियों को सुखाकर पाउडर बना लें और 1-1 टीस्पून शहद और पुदीना मिलाकर दिन में तीन बार लें.
– एक ग्लास पानी में 2 टीस्पून सौंफ रातभर भिगोकर रखें. सुबह छानकर पी लें.
– तिल में गुड़ मिलाकर पीस लें. इस मिश्रण को रोज़ाना खाली पेट 1 टीस्पून लें.
– गुड़ पीरियड्स को नियमित करने में मदद करता है, इसलिए इसे ऐसे भी खा सकते हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मेरी 16 वर्षीया भांजी के पीरियड्स (periods) वैसे तो नियमित हैं, पर अक्सर एग्ज़ाम्स के दौरान अनियमित हो जाते हैं और एग्ज़ाम्स के बाद वापस से सामान्य हो जाते हैं. क्या यह नॉर्मल है?
– विनिता मल्होत्रा, रायपुर.
परीक्षा के दौरान सभी बच्चे तनाव महसूस करते हैं, पर कुछ में उस तनाव का असर ज़्यादा दिखाई देता है. कुछ लड़कियों को तो परीक्षा के दौरान पीरियड्स (periods) ही नहीं आते, पर परीक्षा के बाद पीरियड्स अपने नियमित समय पर आने लगते हैं. दरअसल, तनाव के कारण शरीर में हार्मोंनल चेंजेज़ होते हैं, जो पीरियड्स को प्रभावित करते हैं. आपकी भांजी को इस तनाव से निपटना सीखना होगा. वो योग या एक्सरसाइज़ कर सकती है या फिर म्यूज़िक सुनकर भी ख़ुद को रिलैक्स रख सकती है. साथ ही पैरेंट्स को भी समझना होगा कि एग्ज़ाम्स के व़क्त बच्चों पर बहुत ज़्यादा दबाव न डालें.

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irregular periods during exams
कुछ ही महीने में मेरी दूसरी डिलीवरी है. दो साल पहले, पहली डिलीवरी के व़क्त डिलीवरी की तारीख़ के एक हफ़्ते बाद भी जब डिलीवरी नहीं हुई, तब डॉक्टर ने लेबर पेन शुरू करनेवाली दवाइयां दी थीं. मेरे डॉक्टर ने कहा है कि इस बार भी शायद मेरा लेबर पेन ख़ुद से शुरू न हो. क्या ऐसा ही होता है?
– श्रुति झा, दरभंगा.
आप अकेली नहीं हैं, जिसके साथ ऐसा हुआ है. ऐसा लगभग 7% महिलाओं के साथ होता है. चूंकि पिछली प्रेग्नेंसी के व़क्त ऐसा हुआ था, इसलिए दोबारा इसकी संभावना बनी हुई है. हालांकि हर प्रेग्नेंसी अलग होती है, फिर भी अभी आपके पास कुछ महीने हैं, डॉक्टर से संपर्क बनाए रखें.
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हैप्पी पीरियड्स के लिए टिप्स

  • रोज़ाना कम से कम दो लीटर पानी पीएं. शरीर हाइड्रेटेड रहेगा, तो वॉटर रिटेंशन का असर कम होगा और आप अच्छा महसूस करेंगी.
  • खाने में नमक और चाय-कॉफी की मात्रा कम कर दें.
  • डार्क चॉकलेट खाएं. इसमें मौजूद तत्व शरीर में सेराटॉनिन की मात्रा बढ़ा देते हैं, जिससे चिड़चिड़ापन, थकान और मूड स्विंग्स से आपको राहत मिलती है.
  • अधिक रक्तस्राव या दर्द हो रहा हो, तो गर्म पानी की बॉटल से पेट के निचले हिस्से में सेंक करें, अच्छा लगेगा.
     
    डॉ. राजश्री कुमार
    स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
    [email protected] 

 

महिलाओं की ऐसी ही अन्य पर्सनल प्रॉब्लम्स पढ़ें

 

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पीडियड्स के समय दर्द, अनियमित पीरियड्स, अत्यधिक ब्लीडिंग आदि प्रॉब्लम्स से क्विक रिलीफ पाना चाहती हैं तो ये होम रेमेडीज़ ट्राई करें.

 

Home Remedies for Period Problems

 

जब हो बहुत ज़्यादा दर्द

पीरियड्स के दौरान होनेवाले अत्यधिक दर्द में पेनकिलर लेने की बजाय ये होम रेमेडीज़ ट्राई करें.
* जैसे ही दर्द शुरू हो दो-तीन ग्लास गर्म पानी पी लें.
* एक जगह बैठने या लेटे रहने की बजाय टहलें. इससे दर्द से राहत मिलती है.
* दादी मां ये नुस्खा आज़माएं- एक टीस्पून शक्कर को आधा टीस्पून घी और आधा टीस्पून आजवायन के साथ गर्म करें और पानी के साथ इसका सेेवन करें.
* 2 से 3 ग्राम अदरक, 4 काली मिर्च, एक बड़ी इलायची, इन्हें कूटकर उबलते पानी में डालिए, फिर इसमें काली चाय, दूध और शक्कर मिलाइए. उबालकर थोड़ी देर रखने के बाद गर्म ही पीजिए. मासिक धर्म के दर्द से मुक्ति के लिए यह अत्यंत उपयोगी नुस्खा है.
* पीरियड्स के पहले ही दिन एक ग्लास गुनगुने पानी में डेढ़ टीस्पून दालचीनी पाउडर और 1 टेबलस्पून शहद मिलाकर दिन में तीन बार पीएं.
* एक कप पानी में अदरक का एक टुकड़ा, शहद और नींबू का रस मिलाकर पांच मिनट तक उबालें. दिन में तीन बार पीएं.
* एक कप पानी में 1 टेबलस्पून तुलसी की पत्तियां उबालकर थोड़ी-थोड़ी देर में पीएं.
* अलसी में दर्दनिवारक गुण होते हैं, जो पीरियड्स में होनेवाले दर्द व मरोड़ मेें आराम दिलाते हैं. 1-2 टेबलस्पून अलसी फांक लें.
* गर्म पानी की थैली से पेट के निचले हिस्से में सेंक करें. तुरंत आराम मिलेगा.
* एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण पपीता पीरियड्स के दर्द में काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होता है.

अनियमित माहवारी

* पीरियड्स नियमित न हो तो यह नुस्खा आज़माएं- 10 ग्राम तिल को 200 ग्राम पानी में उबालें. चौथाई रहने पर उसे उतारकर तथा उसमें गुड़ मिलाकर पीएं.
* गाजर का रस पीने से भी पीरियड्स नियमित हो जाता है. सुबह-शाम 200 ग्राम गाजर का जूस पानी के साथ पीनेे से मासिक धर्म नियमित होने लगता है.
* पीरियड्स अनियमित तथा दर्द के साथ हो तो आधा चम्मच कलौंजी दिन में दो बार मासिक धर्म के दौरान लें. कलौंजी के बीजों का चूर्ण बनाकर रख लें और इसे गर्म पानी के साथ लें.
* पीरियड्स शुरू होने के कुछ दिन पहले ही 1 टीस्पून साबूत धनिया दो कप पानी में डालकर उबालें. जब पानी आधा रह जाए, तब उसे उतारकर छान लें. दिन में तीन बार इसे पीएं. धीरे-धीरे माहवारी सामान्य हो जाएगी.
* एक कप पानी में आधा टीस्पून अदरक मिलाकर पांच-सात मिनट तक उबालें. स्वाद के लिए थोड़ी शक्कर मिला लें. खाना खाने के बाद दिन में तीन बार यह काढ़ा लें. महीनेभर यह उपाय करें.
* 1 ग्लास दूध में डेढ़ टीस्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर तीन-चार हफ़्तों तक पीएं. अगर आप चाहें, तो चाय में दालचीनी पाउडर भी मिलाकर पी सकती हैं.
* एक ग्लास दूध में 1/4 टीस्पून हल्दी पाउडर मिलाकर रोज़ाना पीएं. अनियमित माहवारी को नियमित करने में यह भी काफ़ी मदद करता है.
* एक ग्लास पानी में 2 टेबलस्पून सौंफ भिगोकर रातभर रखें. सुबह छानकर सौंफ का पानी पी लें. इस नुस्ख़े को एक महीने
तक आज़माएं.
* 1 टीस्पून पुदीना के पत्तों को सुखाकर पीस लें. उसमें 1 टीस्पून शहद मिलाकर दिन में तीन बार उसका सेवन करें.
* गाजर का जूस भी अनियमित माहवारी को नियमित बनाता है.

अधिक रक्तस्राव

अगर आपके पीरियड्स सात दिन से ज़्यादा रहते हैं और आपको हर 2-3 घंटों में सैनिटरी नैपकीन बदलनी पड़ती है, तो आप अधिक रक्तस्राव की समस्या से जूझ रही हैं. यह आपके लिए नुक़सानदायक है, क्योंकि इसके कारण आप एनीमिया की भी शिकार हो सकती हैं. इसलिए इन होम रेमेडीज़ की मदद से उसे कंट्रोल करें.
* एक ग्लास ऑरेंज जूस में 2 टेबलस्पून नींबू का रस मिलाकर दिन में चार-पांच बार पीएं.
* हैवी ब्लीडिंग में मूली काफ़ी लाभदायक होती है. 2-3 मूली को पीसकर उसमें 1 कप छाछ मिलाकर 3-4 बार पीएं.
* कद्दू को पीसकर उसमें थोड़ी-सी शक्कर मिलाएं. इस मिश्रण को दूध या दही में मिलाकर खाएं.
* पीरियड्स के 1-2 हफ़्ते पहले कुछ दिनों तक गन्ने का जूस पीएं. यह पीरियड्स को नियमित करने के साथ-साथ हैवी ब्लीडिंग को भी कंट्रोल करता है.
* बेल की पत्तियों को पानी में उबालकर-छानकर पीएं. इसके अलावा बेल खाने से भी अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या में राहत
मिलती है.
* सरसों को पीसकर पाउडर बना लें. आधा टीस्पून सरसों पाउडर एक ग्लास दूध में मिलाकर दिन में दो बार पीएं.

 

व्हाइट डिस्चार्ज

व्हाइट डिस्चार्ज को ज़्यादातर महिलाएं हल्के में लेती हैं, पर बहुत अधिक व्हाइट डिस्चार्ज सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिसीज़, हार्मोनल प्रॉब्लम्स, वेजाइनल इंफेक्शन, ओवेरियन कैंसर और सर्वाइकल इंफेक्शन्स का कारण भी बन सकता है. इससे निजात पाने के लिए अपनाएं कुछ घरेलू नुस्ख़े.
* एक कप पानी में कुछ भिंडी उबालें. जब पानी गाढ़ा हो जाए, तब उसे छानकर व ठंडा करके पी लें.
* 2 टेबलस्पून आंवला पाउडर में शहद मिलाकर दिन में दो बार खाएं. व्हाइट डिस्चार्ज से जल्द राहत मिलेगी.
* इस दौरान चावल का मांड़ दिन में दो बार पीएं. यह काफ़ी लाभदायक होता है.
* अमरूद की पत्तियों को पानी में उबालकर दिन में दो बार पीएं.
* अनार की पत्तियों को पीसकर रोज़ाना खाली पेट खाने से भी व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या से राहत मिलती है.

यूरिनरी इंफेक्शन्स

महिलाओं में यह एक आम समस्या है. संकोच के कारण अक्सर महिलाएं इसे छिपाए रखती हैं, ऐसे में ये होम रेमेडीज़ उनके लिए काफ़ी कारगर सिद्ध होंगी.
* इसमें भरपूर पानी पीना आपके लिए बहुत लाभदायक होगा. इसलिए ख़ूब पानी पीएं.
* ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फ्रूट्स को अपने डायट में शामिल करें.
* अदरक की चाय आपको इससे राहत दिलाएगी.
* गर्म पानी की थैली से सेंक करें.
* दो कप पानी में 1 टेबलस्पून पार्सले की सूूखी पत्तियों को उबालकर उसका पानी पीएं.
                                                                                                                                    – सुनीता सिंह