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कैसे हुआ गर्भनिरोधक गोलियों का आविष्कार? (Oral Contraceptives: When Was Birth Control Invented?)

आजकल बर्थ कंट्रोल पिल्स (Birth Control Pills) बहुत कॉमन हो गई हैं. आपने भी कभी न कभी गर्भनिरोधक गोलियों (Contraceptive Pills) का प्रयोग ज़रूर किया होगा. पर क्या आप जानती हैं किगर्भनिरोधक गोलियों का आविष्कार (Invented) किसने किया था? आपको जानकर हैरानी होगी कि गर्भनिरोधक गोलियों का आविष्कार किसी पुरुष ने नहीं, बल्कि एक महिला (Woman) ने किया है. जी हां, आपको यह जानकर ख़ुशी होगी कि बर्थ कंट्रोल पिल्स का आविष्कार मार्गरेट हिगिन्स सेंगर (Margaret Sanger) नामक एक महिला ने किया था. दरअसल, मार्गरेट हिगिन्स सेंगर ख़ुद अपने माता-पिता की ग्यारहवीं संतान थी, इसीलिए शायद उसे गर्भनिरोधक गोलियों की अहमियत अच्छी तरह पता थी. हां, आपको यह जानकर दुख होगा कि बर्थ कंट्रोल क्लीनिक चलाने के आरोप में सन् 1917 में मार्गरेट सेंगर (Margaret Sanger) को जेल की सज़ा हुई थी.

Oral Contraceptives

IVF और गर्भनिरोधक गोलियों का आविष्कारक अमेरिकी बायोलॉजिस्ट और शोधकर्ता ग्रेगोरी गुडविन पिंकस (Gregory Goodwin Pincus) को भी माना जाता है. अमेरिकी बायोलॉजिस्ट और शोधकर्ता ग्रेगोरी गुडविन पिंकस बचपन से ही खोजी स्वभाव के थे, जिसके कारण उन्होंने एक ऐसी कॉट्रासेप्ट‍िव पिल बनाई, जिसकी मदद से महिलाएं गर्भवती होने से बच सकती हैं. ग्रेगोरी की उत्सुकता हार्मोनल चेंज और रिप्रोडक्शन प्रोसेस में होने वाले बदलाव में थी. रिप्रोडक्शन प्रक्रिया को क्या बीच में रोका जा सकता है, क्या गर्भधारण को रोका जा सकता है जैसे सवाल ग्रेगोरी के दिमाग में कौंधते रहते थे. अपने इन्हीं सवालों के जवाब के रूप में ग्रेगोरी गुडविन पिंकस (Gregory Goodwin Pincus) को 1934 में पहली बार इस क्षेत्र में बड़ी कामयाबी मिली, जब खरगोश में विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) प्रोड्यूस करने में वो कामयाब हुए. ग्रेगोरी ने कम्बाइंड कॉन्ट्रासेप्ट‍िव पिल्स का भी आविष्कार किया.ग्रेगोरी गुडविन पिंकस ने ‘द कंट्रोल ऑफ फर्टिलिटी’ और ‘द एग्स ऑफ मैमल्स’ नाम की किताबें भी लिखीं, जो आज भी इस क्षेत्र में होने वाले शोध में मददगार साबित होती हैं.

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Personal Problems: आईवीएफ साइकल फेल होने पर क्या दोबारा ट्राई करूं? (Last IVF Failed, Should I Try Again?)

मैं 33 वर्षीया महिला हूं. मैं कंसीव नहीं कर पा रही थी, इसलिए हमने आईवीएफ की मदद लेने का विचार बनाया, पर मेरा आईवीएफ साइकल भी फेल हो गया है. अब मैं क्या करूं? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– रोहिणी देशपांडे, पुणे.

आईवीएफ ट्रीटमेंट करा रहे लोगों के लिए यह काफ़ी हतोत्साहित करनेवाला है, पर आपको इतनी आसानी से हार नहीं माननी चाहिए. इसके फेल होने के पीछे स्टेरॉइड, एस्पिरीन, प्लैटलेट युक्त प्लाज़्मा, इंट्रालिपिड इंफ्यूज़न आदि कारण हैं. आईवीएफ में सफलता के लिए आजकल इंट्रासिटोप्लाज़्मिक स्पर्म इंजेक्शन (आईसीएसआई), एम्ब्रायोस्कोप, इंट्रासिटोप्लाज़्मिक मॉर्फोलॉजिकली सिलेक्टेड स्पर्म (आईएमएसआई) और विट्रिफिकेशन जैसी तकनीक के कारण आईवीएफ के सक्सेस रेट बढ़े हैं. कुछ लोगों के आईवीएफ 5-6 बार भी फेल हो जाते हैं, इसलिए आप निराश न हों.
अपने फर्टिलिटी एक्सपर्ट से बात करें. चाहें तो किसी और एक्सपर्ट से सेकंड ओपिनियन लें.

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Personal Problems

मेरी उम्र 29 वर्ष है. हाल ही में मेरे ओवेरियन ट्यूब्स का पोटेंसी टेस्ट हुआ, जिसमें दोनों ही ट्यूब्स ब्लॉक हैं. ऐसे में मैं किस तरह मां बन सकती हूं?
– उर्मिला मिश्रा, जमशेदपुर.

जैसा कि आपने बताया आपकी दोनों ही ट्यूब्स ब्लॉक हैं, तो आपके पास प्रेग्नेंसी के लिए दो विकल्प हैं. पहला विकल्प है सर्जरी, जहां सर्जरी के ज़रिए ट्यूब्स के ब्लॉक्स निकाले जाएंगे. इसके बाद आप नेचुरली कंसीव कर सकती हैं, पर इसमें एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी के चांसेज़ ज़्यादा रहते हैं. दूसरा विकल्प है आईवीएफ. लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के कारण आईवीएफ में सफलता की संभावना पहले के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा बढ़ गई है. आईवीएफ की प्रक्रिया भी काफ़ी आसान और पेशेंट फ्रेंडली है. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट से बात कर सकती हैं, वो आपका सही मार्गदर्शन करेंगे.

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Dr. Rajshree Kumar

 

 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या आईवीएफ की मदद से कंसीव कर पाऊंगी? (How In Vitro Fertilization Can Help Me Conceive?)

Vitro Fertilization Can Help Me Conceive
मैं 35 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. पिछले 2 सालों से मैं कंसीव नहीं कर पा रही हूं. कृपया, बताएं कि आईवीएफ की मदद से किन रिप्रोडक्टिव प्रॉब्लम्स को सुलझाया जाता है?
– अंकिता शाह, राजकोट.

आईवीएफ निम्नलिखित परिस्थितियों में आपकी मदद कर सकता है- अगर आपकी इंफर्टिलिटी के कारण का पता नहीं चल पाया है, आपके फैलोपियन ट्यूब्स ब्लॉक्ड हैं, आप फर्टिलिटी ड्रग्स और इंट्रायूटेराइन इंसेमिनेशन प्रक्रिया में असफल हो चुकी हैं या फिर जहां इसके साथ मेल सब-फर्टिलिटी की थोड़ी-बहुत संभावना है. आईवीएफ यानी इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन, जिसका अर्थ है ‘ग्लास में फर्टिलाइज़ेशन’ जिसे आमतौर पर ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ के नाम से भी जाना जाता है. आईवीएफ की प्रक्रिया में महिला की ओवरी से अंडों को निकालकर पुरुष के स्पर्म्स के साथ लैब में फर्टिलाइज़ किया जाता है और इसके बाद इस फर्टिलाइज़्ड अंडे को दोबारा महिला के गर्भाशय में डाल दिया जाता है.

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Vitro Fertilization Can Help Me Conceive

मैं 29 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और एंडोमिट्रियोसिस के बारे में जानना चाहती हूं. यह क्या होता है और इसके लिए क्या उपचार उपलब्ध हैं?
– कुसुम देसाई, अमरावती.

एंडोमिट्रियोसिस ऐसी अवस्था है, जब गर्भाशय की लाइनिंग गर्भाशय के बाहर ओवरीज़ पर या पेल्विक के भीतर चली जाती है. इसके कारण दर्दयुक्त माहवारी, पेल्विक एरिया में दर्द, इंफर्टिलिटी जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. हालांकि पेनकिलर्स, हार्मोन ट्रीटमेंट्स और सर्जरी की मदद से इससे छुटकारा पाया जा सकता है, पर मरीज़ की अवस्था को देखते हुए डॉक्टर उपयुक्त उपचार की सलाह देते हैं. हार्मोनल ट्रीटमेंट्स में बर्थ  कंट्रोल पिल्स, मिरेना इंट्रा यूटेराइन सिस्टम और हार्मोनल इंजेक्शन के ज़रिए इसका इलाज किया जाता है.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

 

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है? (How Can I Check My Fertility?)

मैं 38 वर्षीया महिला हूं और कुछ ही महीनों में अपने 39 वर्षीय मंगेतर से शादी करनेवाली हूं. मेरे मंगेतर को बच्चों का बहुत शौक़ है, इसलिए वो जानना चाहते हैं कि इस उम्र में मेरे कंसीव करने के कितने चांसेज़ हैं? क्या ऐसा कोई टेस्ट है, जिसके ज़रिए मैं इस बारे में पता कर सकती हूं? कृपया मार्गदर्शन करें. 
– ममता मेनन, ग्वालियर.

यह सच है कि 35 साल की उम्र के बाद महिलाओं में फर्टिलिटी का लेवल तेज़ी से नीचे गिरता है, पर आपको अपने मंगेतर को यह समझाना होगा कि बच्चे के लिए आपके एग्स का हेल्दी होना जितना ज़रूरी है, उतना ही उनके स्पर्म की अच्छी क्वालिटी का होना भी ज़रूरी है. एंटी मुलेरियन हार्मोन (एएमएच) नामक ब्लड टेस्ट के ज़रिए आप अपने ओवेरियन रिज़र्व लेवल के बारे में पता कर सकती हैं. हालांकि इससे आपको एग्स के बारे में पता नहीं चलेगा, पर यह आपको आगे आईवीएफ में मददगार साबित हो सकता है. अपने मंगेतर के साथ डॉक्टर से मिलकर इस बारे में अधिक जानकारी लें.

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मैं 38 वर्षीया महिला हूं. मेरी पिछली डिलीवरी हॉस्पिटल पहुंचने से पहले घर पर ही हो गई थी, जिसके बाद से ही मुझे पीठदर्द और शरीर के निचले हिस्से में भारीपन महसूस हो रहा है. डॉक्टर के मुताबिक़ मेरा गर्भाशय और यूरिनरी ब्लैडर का कुछ हिस्सा नीचे की ओर खिसक गया है. मैं सर्जरी नहीं करवाना चाहती, इसलिए उन्होंने मुझे रिंग पेसरी इंसर्ट करवाने की सलाह दी है, पर इसे हर 3 महीने में बदलना होगा. मुझे क्या करना चाहिए? आप क्या सलाह देंगी.
– मोहिनी राव, नोएडा.

आपके द्वारा बताए लक्षणों से लग रहा है कि आपको गर्भाशय व यूरिनरी ब्लैडर का प्रोलैप्स हुआ है. जैसा कि आपने बताया रिंग पेसरी आपकी समस्या का एक अस्थायी विकल्प है, जो गर्भाशय को उसकी जगह पर वापस पहुंचा देता है, पर इसे हर 3 महीने में या इंफेक्शन होने पर निकलवाना पड़ता है. सर्जरी इसका स्थायी इलाज है, पर चूंकि आप सर्जरी नहीं करवाना चाहतीं, इसलिए इसे ट्राई कर सकती हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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सिंगल पैरेंट बने तुषार कपूर (Tushar Kapoor became a single parent)

Tushar Kapoor

Tushar Kapoor

12कपूर परिवार में है ख़ुशी का माहौल. जितेन्द्र और शोभा कपूर के यहां पोता जो हुआ है. जी हां, बिल्कुल सही पढ़ रहे हैं आप, तुषार कपूर पिता बन गए हैं. दरअसल, तुषार ने पिता बनने के लिए आईवीएफ और सेरोगेसी का सहारा लिया है. जसलोक अस्पताल में बच्चे के जन्म के बाद तुषार बेहद ख़ुश हैं. यूं तो फिल्म इंडस्ट्री में आमिर खान और शाहरुख खान भी सेरोगेसी के ज़रिए पिता बन चुके हैं, लेकिन यह निर्णय उन्होंने शादी के बाद लिया था, जबकि तुषार अनमैरिड हैं. सिंगल पैरेंट बने तुषार ने अपने बेटे का नाम लक्ष्य रखा है. तुषार के माता-पिता ने इस निर्णय में उनका साथ दिया और वे पोते के आने से बेहद ख़ुश हैं. अस्पताल के डॉक्टर्स की मानें तो तुषार ने हर कदम पर बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में पूरी जानकारी ली. फ़िलहाल लक्ष्य अपने पिता और दादा-दादी के साथ घर पर है और पूरी तरह से स्वस्थ है.