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हर मौ़के पर स्पेशल ज्वेलरी पहनना अब मुश्किल काम नहीं. किफ़ायती दाम में कैसे पाएं डिज़ाइनर ज्वेलरी और किस मौ़के पर कैसी ज्वेलरी पहनें? आइए, हम आपको बताते हैं.

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न्यू ज्वेलरी ट्रेंड
* शादी-ब्याह या ख़ास मौक़ों पर अब लोग टिपिकल गोल्ड या डायमंड ज्वेलरी की बजाय फैशन ज्वेलरी पहनना पसंद करते हैं. ये किफ़ायती भी होती हैं और आकर्षक भी.
* ज्वेलरी में रंगों का जमकर प्रयोग किया जाएगा. सेमी प्रेशियस स्टोन्स, अमेरिकन डायमंड्स, बड़े पेंडेंट, मुगल ज्वेलरी आदि ख़ूब देखने को मिलेंगे.
* ज्वेलरी में कलर, मेटल, जेमस्टोन, स्वरोस्की आदि का ख़ूबसूरती से प्रयोग किया जाएगा.
* जेमस्टोन में पारंपरिक रंग, जैसे- रेड, ग्रीन, ब्लू आदि देखने को मिलेंगे. हां, ज्वेलरी के डिज़ाइन्स और लुक को क्रिएटिव व मॉडर्न रखा जाएगा.
* पिक्चर, टेम्पल ज्वेलरी आदि में प्राचीन मूर्तिकला, ज्योमैट्रिक डिज़ाइन, प्राकृतिक सौंदर्य और बारी़क काम को प्राथमिकता दी जाएगी.

किस मौ़के पर कैसी ज्वेलरी पहनें?
हर मौ़के पर एक जैसी ज्वेलरी नहीं पहनी जा सकती, इसलिए आपके ज्वेलरी कलेक्शन में कुछ चुनिंदा ज्वेलरी होनी ही चाहिए ताकि आप हर मौ़के पर ख़ूबसूरत और स्पेशल नज़र आएं.

फैमिली फंक्शन
* वेडिंग, फैमिली फंक्शन जैसे ख़ास मौक़ों पर हैवी और स्टाइलिश ज्वेलरी पहनें.
* दुल्हन व दूल्हे के परिवार वालों को भी स्पेशल दिखना होता है. ऐसे में दुल्हन जितने हैवी तो नहीं, लेकिन स्पेशल ज्वेलरी ज़रूर पहनें.

कॉकटेल पार्टी
आउटफिट सिलेक्ट करने के बाद ज्वेलरी सिलेक्ट करें. यदि आप सिंगल कलर का आउटफिट पहन रही हैं, तो उसके साथ कॉन्ट्रास्ट कलर की ज्वेलरी पहनें. उदाहरण के लिए, यदि आप प्लेन रेड कलर का आउटफिट पहन रही हैं, तो उसके साथ ग्रीन कलर की ज्वेलरी पहनें. इससे आपका आउटफिट और ज्वेलरी दोनों ख़ूबसूरत नज़र आएंगे. प्रिंटेड या पैटर्न वाले आउटफिट के साथ भी ब्राइट कलर की ज्वेलरी पहनें.

फॉर्मल डिनर
फॉर्मल डिनर के लिए जा रही हैं, तो ड्रॉप ईयररिंग पहनें. ख़ासकर तब जब आपने अपवर्ड हेयर स्टाइल बनाई हो, जैसे फ्रेंच रोल आदि. ड्रॉप ईयररिंग से आपकी गर्दन लंबी और चेहरा स्लिम नज़र आएगा. कंप्लीट लुक के लिए मैचिंग नेकपीस व ब्रेसलेट पहनें. ग्लैमरस लुक के लिए डैंगलर्स, शैंडिलियर ईयररिंग के साथ ब्रेसलेट पहनें. क्लीन, फिनिश्ड लुक के लिए क्लासी नेकपीस पहनना भी काफ़ी है.

डिनर पार्टी
यदि डिनर पार्टी बहुत फॉर्मल नहीं है तो आपको ड्रेसी ज्वेलरी पहनने की ज़रूरत नहीं है. ऐसे में सिंपल, क्लासिक डिज़ाइन जैसे- पर्ल या डायमंड का सिंगल लाइन नेकलेस पहनें. ये हर तरह के आउटफिट और लगभग सभी ओकेज़न पर सूट करते हैं और एलिगेंट भी नज़र आते हैं.

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फेस कट के अनुसार ज्वेलरी सलेक्शन
चेहरे शेप के अनुसार ही ज्वेलरी चुनें. चेहरे का आकार जानने के लिए पूरे बाल पीछे करके आईने के सामने खड़े हो जाएं और मार्कर से अपने आईने पर अपने चेहरे का आउटलाइन बना दें. ऐसा करने से आपको अपने चेहरे का आकार समझ में आ जाएगा.

ईयररिंग
ईयररिंग के शेप और स्टाइल में वेरायटी की कमी नहीं. डैंगलर्स, शैंडिलियर, हूप्स, स्टड, राउंड आदि कई तरह के ईयररिंग आप पहन सकती हैं. आप किस मौ़के के लिए ईयररिंग चुन रही हैं, उसके अनुरूप उनका साइज़ चुनें.
* ओवल फेस के लिए बटन, हूप्स, ट्राइंग्युलर और राउंड ईयररिंग बेस्ट ऑप्शन हैं. इसके अलावा डैंगलर ईयररिंग जो बहुत लंबे न हों, वो भी ट्राई किए जा सकते हैं.
* राउंड फेस पर स्न्वेयर, रैक्टेंग्युलर, डैंगल, एंग्युलर आदि शेप के ईयररिंग अच्छे लगते हैं. इससे चेहरे की गोलाई छुप जाती है और चेहरा बैलेंस्ड नज़र आता है.
* हार्ट शेप और रैक्टेंग्युलर शेप वाले चेहरे पर लॉन्ग व स्ट्रेट ईयररिंग ज़्यादा सूट करते हैं.

नेकलेस
जिन महिलाओं का चेहरा ओवल शेप का होता है, उन पर हर तरह के नेकलेस सूट करते हैं, इसलिए इन्हें नेकलेस सिलेक्ट करते समय कुछ भी सोचने की ज़रूरत नहीं.
* राउंड फेस वाली महिलाओं को 28 से 30 इंच लंबा नेकलेस पहनना चाहिए. इससे उनका चेहरा लंबा नज़र आता है.
* हार्ट शेप फेस वाली महिलाओं के लिए चोकर बेस्ट ऑप्शन है. ये इनकी ठोढ़ी के नुकीलेपन को सॉफ्ट लुक देता है.
* रैक्टेंग्युलर शेप फेस पर हाई चोकर तथा 16 से 18 इंच लंबे यू शेप वाले नेकपीस अच्छे लगते हैं.

ब्रेसलेट
* यदि आपके हाथ ख़ूबसूरत हैं, तो छोटे और पतले ब्रेसलेट पहनें, ख़ासकर आप यदि रिंग भी पहन रही हों.
* यदि आपके हाथ बहुत अच्छे नहीं हैं, तो आप बड़ा ब्रेसलेट पहनें, ताकि देखने वालों का ध्यान आपके हाथ पर नहीं, ब्रेसलेट पर टिके.

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दुल्हन के लिए ज्वेलरी सलेक्शन
* ब्राइडल ज्वेलरी में आजकल इंडो-वेस्टर्न लुक ज़्यादा पसंद किया जा रहा है, जैसे- बोल्ड राजस्थानी पेंडेंट के साथ सेमी प्रेशियस स्टोन्स की स्ट्रिंग्स. इसी तरह चोकर पर रेड, ग्रीन सेमी प्रेशियस स्टोन का कॉम्बिनेशन भी आजकल इन है.
* दुल्हन को जेमस्टोन स्टडेड गोल्ड या डायमंड नेकपीस पहनना चाहिए. इसके साथ दुल्हन के चेहरे व पसंद के अनुसार लॉन्ग व शॉर्ट डैंगलर ईयररिंग पहनने चाहिए. बोल्ड पेंडेंट वाला लॉन्ग बीडेड नेकपीस भी पहन सकती हैं.
* यदि आप एक जैसा लॉन्ग और शॉर्ट नेकपीस पहनेंगी, तो दोनों की ख़ूबसूरती निखरकर नहीं आएगी. दो अलग-अलग नेकपीस आपकी वेडिंग ड्रेस की ख़ूबसूरती को और निखारेंगे.

दीपिका पादुकोण और ऐश्‍वर्या राय की तरह आप भी पहनें ब्राइडल नथ

भारतीय शादियों में नथ का बहुत महत्व है. भारतीय शादियों में लगभग हर दुल्हन नथ ज़रूर पहनती है. हिदीं फिल्मों में भी ब्राइडल नथ को बहुत महत्व दिया जाता है. कई बॉलीवुड एक्ट्रेस ने अपनी फिल्मों में ब्राइडल नथ पहनी हैं और उनका ये लुक बहुत पसंद किया गया है.

दीपिका पादुकोण
एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने पद्मावत, बाजीराव मस्तानीर, रामलीला, चेन्नई एक्सप्रेस आदि फिल्मों में नथ पहनी है और उनका ये लुक बहुत पॉप्युलर हुआ. दीपिका पादुकोण की तरह अब कई लड़कियां अपनी शादी के लिए उसी डिज़ाइन की नथ बनवाने लगती हैं.

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ऐश्‍वर्या राय
दीपिका पादुकोण के अलावा ऐश्‍वर्या राय ने भी जोधा-अकबर, देवदास, उमराव जान आदि फिल्मों में नथ पहनी है.

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उम्र के अनुसार ज्वेलरी सलेक्शन
* टीनएजर्स बड़े हूप्स, फैंसी बीडेड ब्रेसलेट्स, फंकी पेंडेंट्स तथा बहुत सारी चेन वाला नेकपीस पहनना पसंद करते हैं.
* युवा महिलाएं भी बीड्स, पर्ल, बोल्ड पेंडेंट वाली कलरफुल ज्वेलरी पहनना पसंद करती हैं.
* प्रौढ़ महिलाओं को क्लासी, कंटेम्प्रेरी ज्वेलरी पहननी चाहिए  ताकि वो ग्रेसफुल नज़र आएं.
* ज्वेलरी का आउटफिट के साथ मैच होना ज़रूरी नहीं, उसके साथ ख़ूबसूरत दिखना ज़रूरी है.
* बिज़नेस मीटिंग के लिए पावर सूट के साथ डायमंड या सिल्वर स्टड ईयररिंग आपका लुक कंप्लीट करेंगे.

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गोल्डन रूल्स
* अगर आप बहुत ज़्यादा दुबली-पतली हैं, तो बहुत ज़्यादा हैवी या जड़ाऊ ज्वेलरी पहनने की ग़लती न करें.
* यदि आप मोटी हैं, तो बहुत छोटी या गोल आकार की ज़्वेलरी पहनने से परहेज करें.
* यदि आपकी गर्दन मोटी है, तो चोकर या बंद गले वाली ज्वेलरी पहनने से बचें. इससे आपकी गर्दन ज़्यादा मोटी नज़र आएगी.
* यदि गर्दन लंबी है तो बहुत लंबे ईयररिंग न पहनें.
* अगर आपकी नाक बहुत ज़्यादा चौड़ी है तो चौड़ी नोज़ रिंग पहनने से बचें.

किस आउटफिट के साथ कैसा नेकलेस पहनें
किस आउटफिट के साथ कैसा नेकलेस पहनें, इसकी जानकारी हर महिला को होनी चाहिए, तभी वो हर आउटफिट में ख़ूबसूरत नज़र आती है. क्या आप आउटफिट पहनते समय आप इस बात का ध्यान रखती हैं कि उस आउटफिट के साथ आप कैसा नेकपीस पहनेंगी. अगर अब तक आप ऐसा नहीं कर रही हैं, तो अब से हर आउटफिट के साथ उससे मेल खाता आउटफिट ही पहनें. किस आउटफिट के साथ कैसा नेकलेस पहनें? यह बताने के लिए हम आपको बॉलीवुड एक्ट्रेस के लुक्स बता रहे हैं. बॉलीवुड एक्ट्रेस के लुक्स देखकर आप भी उनकी तरह नेकलेस का सिलेक्शन कर सकती हैं.

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* यदि आप ट्यूब टॉप्स, लो नेक, ऑफ शोल्डर, वन शोल्डर ड्रेस पहन रही हैं, तो चोकर या शॉर्ट नेकलेस पहनकर आप परफेक्ट लुक पा सकती हैं और अपनी गर्दन की ख़ूबसूरती निखार सकती हैं.
* किसी भी प्लेन सिंपल साड़ी या ड्रेस के साथ बड़े पैंडेंट वाला नेकलेस पहनकर आप सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बन सकती हैं.
* अगर आप हाई नेक आउटफिट के साथ नेकलेस पहन रही हैं, तो कोई ऐसा चोकर पहनें, जो आपके आउटफिट की नेकलाइन के ठीक ऊपर ख़त्म होता हो या ड्रेस पर आता हो.
* अगर आप शर्ट या ब्लेज़र के साथ ज्वेलरी पहनना चाहती हैं, तो अपनी पसंद का शॉर्ट या लॉन्ग स्टेटमेंट नेकपीस पहनें.
* यदि आप वी नेक वाला आउटफिट पहन रही हैं, तो ऐसे आउटफिट के साथ नाज़ुक लेयर्ड नेकपीस पहनें.
* किसी भी प्लेन ड्रेस, शर्ट, साड़ी आदि के साथ कलरफुल स्टेटमेंट नेकलेस पहनें.
* प्लेन फॉर्मल टॉप के साथ ट्रेंडी नेकपीस पहनकर आप मिनटों में अपना लुक बदल सकती हैं.
* डेनिम शर्ट के साथ भी ट्रेंडी ब्रॉड नेकलेस पहनकर आप सबसे अलग और स्पेशल नज़र आ सकती हैं.
* प्लेन ब्लैक या व्हाइट टॉप की ख़ूबसूरती बढ़ाने के लिए उसके साथ कलरफुल नेकपीस पहनें.

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फेस शेप के अनुसार ईयररिंग्स सलेक्शन
* अगर आपका फेस राउंड और चब्बी है, तो लॉन्ग ईयररिंग्स पहनें, यह आपके फेस को स्लिमर लुक देंगे. बटन शेप्ड, स्टड्स या गोल छोटे ईयररिंग्स अवॉइड करें. आप मीडियम से लार्ज साइज़ के ऐसे ईयररिंग्स सिलेक्ट कर सकती हैं, जिनके एजेस (किनारे) राउंड हों. आपके लिए ओवल शेप्ड सर्कुलर ईयररिंग्स या हूप्स भी परफेक्ट रहेंगी.
* अगर आपका फेस चौकोर है, तो ऐसे ईयररिंग्स सिलेक्ट करें, जो चेहरे को सॉफ्ट लुक दें. अगर आपका फेस पतला और लंबा है, तो ऐसे ईयररिंग्स पहनें, जो चेहरे को थोड़ा चौड़ा दिखाएं. आपके लिए छोटे, राउंड स्टड्स, मीडियम साइज़ के हूप्स आदि परफेक्ट हैं.
* अगर आपका फेस हार्ट शेप्ड है, तो आप शैंडेलियर्स पहनें. इनवर्टेड ट्रायंगल शेप्ड ईयररिंग्स भूलकर भी न पहनें.
* अगर आपका फेस ओवल है, तो आप लकी हैं, क्योंकि आपको ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नहीं है. आप पर हर स्टाइल और शेप की ईयररिंग्स सूट करेंगी.

क़ीमती गहनों की देखभाल के 10 आसान तरीक़े
क़ीमती गहनों की देखभाल सही तरीक़े से करनी बहुत ज़रूरी है. आपके क़ीमती गहने हमेशा चमकते रहें इसलिए हम आपको बता रहे हैं गहनों की देखभाल के 10 आसान तरीक़े.

1) सोने के गहनों के घिस जाने या उनमें धूल-मिट्टी लग जाने के कारण उनमें मैल जल्दी जमा हो जाता है. इससे बचने के लिए सोने के गहने के हर पीस को अलग-अलग मलमल के कपड़े में लपेटकर रखें.
2) सोने के गहनों की तरह ही प्लेटिनम ज्वेलरी का भी ख़ास ध्यान रखें. प्लेटिनम ज्वेलरी को अमोनिया से साफ़ करें. प्लेटिनम ज्वेलरी को ज़्यादा देर तक साबुन के पानी में न रखें.
3) हीरे के गहनों को सीधे ड्रॉअर या ड्रेसर पर न रखें, इससे उन पर निशान पड़ जाते हैं. हीरे के गहनों को ख़ास ज्वेलरी बॉक्स में बहुत सहेजकर रखें. हीरे के गहनों को अमोनिया और पानी मिलाकर साफ़ करें.
4) मोती के गहनों को तेज़ आंच से बचाएं, वरना इनकी चमक फीकी पड़ जाती है. मोती के गहनों को मुलायम कपड़े से साफ़ करें और इन्हें एयरटाइट डिब्बे में रखें.
5) सिल्वर ज्वेलरी यानी चांदी के गहनों को हानिकारक केमिकल से दूर रखें, वरना इनकी चमक फीकी पड़ जाएगी. चांदी के गहनों को कुनकुने पानी में डालें. फिर सॉफ्ट टूथब्रश पर सफ़ेद टूथपेस्ट लगाकर ज्वेलरी पर धीरे-धीरे स्क्रब करें. फिर इसे गरम पानी से धोएं.
6) कुंदन ज्वेलरी की चमक बरक़रार रखने के लिए उसे स्पॉन्ज या कॉटन लगे बॉक्स में रखें.
7) ज्वेलरी रखने के लिए ज्वेलरी बॉक्स का इस्तेमाल करें. हर आइटम ज्वेलरी बॉक्स के अलग-अलग पार्ट्स में रखें ताकि वे आपस में उलझने न पाएं.
8) गहनों की सफ़ाई करने के लिए पानी में माइल्ड डिटर्जेंट पाउडर मिला लें. इसमें ज्वेलरी डालकर छोटे सॉफ्ट ब्रश से साफ़ करें. ब्रश से साफ़ करने के बाद ज्वेलरी को सॉफ्ट कपड़े से पोंछें.
9) गहनों को केमिकल से बचाने के लिए मेकअप, बॉडी लोशन, परफ्यूम आदि लगा लेने की बाद ही गहने पहनें.
10) खाना बनाते समय, बर्तन धोते समय, एक्सरसाइज़ करते समय, स्विमिंग करते समय नाज़ुक गहने न पहनें, वरना वो टूट सकते हैं.

शादी की रस्मों में सोलह शृंगार का विशेष महत्व है. शादी के दिन जब दुल्हन सोलह शृंगार करती है, तो उसकी ख़ूबसूरती और भी निखर जाती है. महिलाओं के जीवन में सोलह शृंगार का महत्व स़िर्फ सजने-संवरने के लिए नहीं है, इसके पीछे कई वैज्ञानिक तथ्य भी छुपे हैं. सोलह शृंगार का महिलाओं के स्वास्थ्य और सौभाग्य से गहरा संबंध है. आख़िर क्या है सोलह शृंगार का वैज्ञानिक महत्व, बता रही हैं एस्ट्रो-टैरो-न्यूमरोलॉजी-वास्तु व फेंगशुई एक्सपर्ट मनीषा कौशिक.

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1) शादी का जोड़ा
दुल्हन के लिए शादी का जोड़ा चुनते समय सुंदर और चमकदार रंगों को प्राथमिकता दी जाती है, जैसे- लाल, पीला, गुलाबी आदि. दुल्हन के लिए लाल रंग का शादी का जोड़ा शुभ व महत्वपूर्ण माना जाता है. लाल रंग प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है.
धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लाल रंग शुभ, मंगल व सौभाग्य का प्रतीक है, इसीलिए शुभ कार्यों में लाल रंग का सिंदूर, कुमकुम, शादी का जोड़ा आदि का प्रयोग किया जाता है.
वैज्ञानिक मान्यता
विज्ञान के अनुसार, लाल रंग शक्तिशाली व प्रभावशाली है, इसके उपयोग से एकाग्रता बनी रहती है. लाल रंग आपकी भावनाओं को नियंत्रित कर आपको स्थिरता देता है.

2) गजरा
गजरा एक ख़ूबसूरत व प्राकृतिक शृंगार है. गजरा चमेली के सुंगंधित फूलों से बनाया जाता है और इसे महिलाएं बालों में सजाती हैं.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, गजरा दुल्हन को धैर्य व ताज़गी देता है. शादी के समय दुल्हन के मन में कई तरह के विचार आते हैं, गजरा उन्हीं विचारों से उसे दूर रखता है और ताज़गी देता है.
वैज्ञानिक मान्यता
विज्ञान के अनुसार, चमेली के फूलों की महक हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है. चमेली की ख़ुशबू तनाव को दूर करने में सबसे ज़्यादा सहायक होती है.

3) बिंदी
बिंदी दोनों भौहों के बीच माथे पर लगाया जानेवाला लाल कुमकुम का चक्र होता है, जो महिला के शृंगार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
धार्मिक मान्यता
बिंदी को त्रिनेत्र का प्रतीक माना गया है. दो नेत्रों को सूर्य व चंद्रमा माना गया है, जो वर्तमान व भूतकाल देखते हैं तथा बिंदी त्रिनेत्र के प्रतीक के रूप में भविष्य में आनेवाले संकेतों की ओर इशारा करती है.
वैज्ञानिक मान्यता
विज्ञान के अनुसार, बिंदी लगाने से महिला का आज्ञा चक्र सक्रिय हो जाता है. यह महिला को आध्यात्मिक बने रहने में तथा आध्यात्मिक ऊर्जा को बनाए रखने में सहायक होता है. बिंदी आज्ञा चक्र को संतुलित कर दुल्हन को ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक होती है.

4) सिंदूर
सिंदूर महिलाओं के सौभाग्यवती होने का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक है. यह सबसे पहले शादी के समय दूल्हे के द्वारा दुल्हन की मांग में भरा जाता है. उसके बाद सौभाग्यवती महिला हर समय इसे अपनी मांग में सजाए रखती है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, सौभाग्यवती महिला अपने पति की लंबी उम्र के लिए मांग में सिंदूर भरती है. लाल सिंदूर महिला के सहस्रचक्र को सक्रिय रखता है. यह महिला के मस्तिष्क को एकाग्र कर उसे सही सूझबूझ देता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, सिंदूर महिलाओं के रक्तचाप को नियंत्रित करता है. सिंदूर महिला के शारीरिक तापमान को नियंत्रित कर उसे ठंडक देता है और शांत रखता है.

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5) काजल
काजल आंखों में लगाई जानेवाली काले रंग की स्याही को कहते हैं. काजल महिला की आंखों व रूप को निखारता है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, काजल लगाने से स्त्री पर किसी की बुरी नज़र का कुप्रभाव नहीं पड़ता. काजल से आंखों से संबंधित कई रोगों से बचाव होता है. काजल से भरी आंखें स्त्री के हृदय के प्यार व कोमलता को दर्शाती हैं.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, काजल आंखों को ठंडक देता है. आंखों में काजल लगाने से नुक़सानदायक सूर्य की किरणों व धूल-मिट्टी से आंखों का बचाव होता है.

6) मेहंदी
मेहंदी लगाने का शौक लगभग सभी महिलाओं को होता है. लड़की कुंआरी हो या शादीशुदा हर महिला मेहंदी लगाने के मौ़के तलाशती रहती है. सोलह शृंगार में मेहंदी महत्वपूर्ण मानी गई है.
धार्मिक मान्यता
मानयताओं के अनुसार, मेहंदी का गहरा रंग पति-पत्नी के बीच के गहरे प्रेम से संबंध रखता है. मेहंदी का रंग जितना लाल और गहरा होता है, पति-पत्नी के बीच प्रेम उतना ही गहरा होता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार मेहंदी दुल्हन को तनाव से दूर रहने में सहायता करती है. मेहंदी की ठंडक और ख़ुशबू दुल्हन को ख़ुश व ऊर्जावान बनाए रखती है.

7) चूड़ियां
चूड़ियां हर सुहागन का सबसे महत्वपूर्ण शृंगार हैं. महिलाओं के लिए कांच, लाक, सोने, चांदी की चूड़ियां सबसे महत्वपूर्ण मानी गई हैं.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, चूड़ियां पति-पत्नी के भाग्य और संपन्नता की प्रतीक हैं. यह भी मान्यता है कि महिलाओं को पति की लंबी उम्र व अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमेशा चूड़ी पहनने की सलाह दी जाती है. चूड़ियों का सीधा संबंध चंद्रमा से भी माना जाता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, चूड़ियों से उत्पन्न होनेवाली ध्वनि महिलाओं की हड्डियों को मज़बूत करने में सहायक होती है. महिलाओं के रक्त के परिसंचरण में भी चूड़ियां सहायक होती हैं.

8) मंगलसूत्र
मंगलसूत्र एक ऐसा सूत्र है, जो शादी के समय वर द्वारा वधू के गले में बांधा जाता है और उसके बाद जब तक महिला सौभाग्यवती रहती है, तब तक वह निरंतर मंगलसूत्र पहनती है. मंगलसूत्र पति-पत्नी को ज़िंदगीभर एकसूत्र में बांधे रखता है.
धार्मिक मान्यता
ऐसी मान्यता है कि मंगलसूत्र सकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित कर महिला के दिमाग़ और मन को शांत रखता है. मंगलसूत्र जितना लंबा होगा और हृदय के पास होगा वह उतना ही फ़ायदेमंद होगा. मंगलसूत्र के काले मोती महिला की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मज़बूत करते हैं.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलसूत्र सोने से निर्मित होता है और सोना शरीर में बल व ओज बढ़ानेवाली धातु है, इसलिए मंगलसूत्र शारीरिक ऊर्जा का क्षय होने से रोकता है.

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9) कर्णफूल/ईयररिंग्स
कर्णफूल यानी ईयररिंग्स-झुमके, कुंडल, गोल, लंंबे आदि आकार व डिज़ाइन में पाए जाते हैं. आमतौर पर महिलाएं सोने, चांदी, कुंदन आदि धातु से बने ईयररिंग्स पहनती हैं.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, कर्णफूल यानी ईयररिंग्स महिला के स्वास्थ्य से सीधा संबंध रखते हैं. ये महिला के चेहरे की ख़ूबसूरती को निखारते हैं. इसके बिना महिला का शृंगार अधूरा रहता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार हमारे कर्णपाली (ईयरलोब) पर बहुत से एक्यूपंक्चर व एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं, जिन पर सही दबाव दिया जाए, तो माहवारी के दिनों में होनेवाले दर्द से राहत मिलती है. ईयररिंग्स उन्हीं प्रेशर पॉइंट्स पर दबाव डालते हैं. साथ ही ये किडनी और मूत्राशय (ब्लैडर) को भी स्वस्थ बनाए रखते हैं.

10) बाजूबंद
ये बाजू के ऊपरी हिस्से में पहना जाता है. बाजूबंद सोने, चांदी, कुंदन या अन्य मूल्यवान धातु या पत्थर से बना होता है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, बाजूबंद महिलाओं के शरीर में ताक़त बनाए रखने व पूरे शरीर में उसका संचार करने में सहायक होता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, बाजूबंद बाजू पर सही मात्रा में दबाव डालकर रक्तसंचार बढ़ाने में सहायता करता है.

11) कमरबंद
कमरबंद धातु व अलग-अलग तरह के मूल्यवान पत्थरों से मिलकर बना होता है. कमरबंद नाभि के ऊपरी हिस्से में बांधा जाता है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, महिला के लिए कमरबंद बहुत आवश्यक है. चांदी का कमरबंद महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी का कमरबंद पहनने से महिलाओं को माहवारी तथा गर्भावस्था में होनेवाले सभी तरह के दर्द से राहत मिलती है. चांदी का कमरबंद पहनने से महिलाओं में मोटापा भी नहीं बढ़ता.

12) मांगटीका
मांगटीका दुल्हन को मांग में पहनाया जानेवाला ज़ेवर है. यह सोने, चांदी, कुंदन, जरकन, हीरे, मोती आदि से बनाया जाता है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, मांगटीका महिला के यश व सौभाग्य का प्रतीक है. मांगटीका यह दर्शाता है कि महिला को अपने से जुड़े लोगों का हमेशा आदर करना है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार मांगटीका महिलाओं के शारीरिक तापमान को नियंत्रित करता है, जिससे उनकी सूझबूझ व निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है.

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13) अंगूठी
शादी की सबसे पहली रस्म अंगूठी से ही शुरू की जाती है, जिसमें लड़का-लड़की एक दूसरे को अंगूठी पहनाकर सगाई की रस्म पूरी करते हैं.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, अंगूठी पति-पत्नी के प्रेम की प्रतीक होती है, इसे पहनने से पति-पत्नी के हृदय में एक-दूसरे के लिए सदैव प्रेम बना रहता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, अनामिका उंगली की नसें सीधे हृदय व दिमाग़ से जुड़ी होती हैं, इन पर प्रेशर पड़ने से दिल व दिमाग़ स्वस्थ रहता है.

14) पायल
पैरों में पहनी जानेवाली पायल चांदी की ही सबसे उत्तम व शुभ मानी जाती है. पायल कभी भी सोने की नहीं होनी चाहिए. शादी के समय मामा द्वारा दुल्हन के पैरों में पायल पहनाई जाती है या ससुराल से देवर की तरफ़ से यह तोहफ़ा अपनी भाभी के लिए भेजा जाता है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, महिला के पैरों में पायल संपन्नता की प्रतीक होती है. घर की बहू को घर की लक्ष्मी माना गया है, इसी कारण घर में संपन्नता बनाए रखने के लिए महिला को पायल पहनाई जाती है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी की पायल महिला को जोड़ों व हड्डियों के दर्द से राहत देती है. साथ ही पायल के घुंघरू से उत्पन्न होनेवाली ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहती है.

15) बिछिया
हर वैवाहिक महिला पैरों की उंगलियों में बिछिया पहनती है. बिछिया भी चांदी की ही सबसे शुभ मानी गई है.
धार्मिक मान्यता
महिलाओं के लिए पैरों की उंगलियों में बिछिया पहनना शुभ व आवश्यक माना गया है. ऐसी मान्यता है कि बिछिया पहनने से महिलाओं का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और घर में संपन्नता बनी रहती है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं के पैरों की उंगलियों की नसें उनके गर्भाशय से जुड़ी होती हैं, बिछिया पहनने से उन्हें गर्भावस्था व गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलती है. बिछिया पहनने से महिलाओं का ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है.

16) इत्र
सुगंध ख़ासकर गुलाब के फूल की सुगंध सीधे रूप से प्रेम से संबंध रखती है. सुगंध को प्रेम का प्रतीक माना गया है और यह पति-पत्नी को एक दूसरे की ओर आकर्षित करती है.
धार्मिक मान्यता
सौभाग्यवती महिला के लिए गुलाब की सुगंध सबसे उत्तम मानी जाती है. गुलाब प्रेम का प्रतीक है, इसलिए गुलाब का इत्र लगाने से पति हमेशा पत्नी की ओर आकर्षित रहता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, इत्र मानसिक तनाव दूरकर तरोताज़ा रखता है. गुलाब की सुगंध दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करती है. इत्र को नर्व पॉइंट्स पर लगाना चाहिए.
– कमला बडोनी

कान के झुमके खरीदते समय डिज़ाइन के साथ ही अपने चेहरे का शेप (How To Select Earrings Jhumka) यानी आकार भी ज़रूर ध्यान में रखें. आजकल बाज़ार में कान के झुमकों की बहुत सारी वैरायटी मौजूद है. कान के झुमके सभी महिलाओं को बहुत पसंद आते हैं इसलिए हर महिला के ज्वेलरी कलेक्शन में कान के झुमके ज़रूर होते हैं. कान के झुमके अपने चेहरे के अनुरूप ख़रीदकर आप अपने चेहरे की ख़ूबसूरती कई गुना बढ़ा सकती हैं.

How To Select Earrings Jhumka

 

ओवल चेहरा
ओवल चेहरा बहुत ख़ूबसूरत होता है इसलिए आपको कान के झुमके खरीदते समय बहुत ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नहीं है. आपके चेहरे पर हर शेप और डिज़ाइन के कान के झुमके अच्छे लगेंगे. आप अपने लिए स्टड, लटकन, ड्रॉप झुमके आदि में से कुछ भी चुन सकती हैं.

हार्ट शेप चेहरा
हार्ट शेप चेहरा हो तो कान के झुमके खरीदते समय आपको अपने चेहरे का आकार ध्यान में रखना होगा. आपको ऐसे कान के झुमके खरीदने चाहिए जिनका बेस चौड़ा हो और वो झुमके ऊपर की ओर से पतले हों. ऐसे कान के झुमके आपके चेहरे का शेप बैलेंस करेंगे, जिससे आप बहुत ख़ूबसूरत नज़र आएंगी.

गोल चेहरा
यदि आपका चेहरा गोल है, तो आपको कान के झुमके खरीदते समय लंबी डिज़ाइन वाले झुमके ख़रीदने चाहिए. लंबे कान के झुमके पहनकर आपका गोल चेहरा लंबा नज़र आएगा और आप बहुत ख़ूबसूरत नज़र आएंगी. आप कान के झुमके खरीदते समय हमेशा लंबे झुमके ही ख़रीदें.

Photo Courtesy – Nargis 

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5 स्टाइलिश अंदाज़ में पहनें साड़ी, देखें वीडियो:

सौरव गांगुली का अपनी बिटिया के साथ पहले फोटो शूट ने जीता सबको दिल!

सौरव गांगुली क्रिकेट की दुनिया के बेताज बादशाह तो हैं ही, लेकिन वो एक परफेक्ट फादर भी हैं. जी हां, अपनी 16 साल की बिटिया सना के साथ उन्होंने हाल ही में एक फोटो शूट करवाया, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. सौरव और सना ने यह फोटो शूट एक जूलरी ब्रैंड के लिए किया, जिसे बेहद पसंद किया जा रहा है. गुलाबी साड़ी में सिमटी सना बेहद प्यारी लग रही हैं और उन्हें बेहद लाड से निहार रहे हैं पिता सौरव. सौरव की पत्नी डोना ने अपने फेसबुक अकाउंट पर ये पिक्चर्स अपलोड की हैं, जिन्हें फैंस बेहद पसंद कर रहे हैं. आप भी देखिए पिता और बेटी के इस ख़ास अंदाज़ को.

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डोना ने ये पिक्चर्स फेसबुक पर अपलोड करते समय सना के लिए एक प्यारा सा मैसेज भी पोस्ट किया है. 

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Jewellery Designing

किसी भी पार्टी, फंक्शन आदि में जाने से पहले ख़ूबसूरत कपड़ोेंं के साथ ज्वेलरी का टच पर्सनालिटी को और भी निखारता है. फैशन ने आज ग्लोबल स्तर पर लोगों के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है. ज्वेलरी का बढ़ता ट्रेंड ही आज युवाओं को इसमें करियर बनाने के लिए आकर्षित कर रहा है. फैशन की दुनिया में क़दम रखना चाहते हैं, तो ज्वेलरी डिज़ाइन आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है. ज्वेलरी डिज़ाइन में करियर बनाने के लिए कैसे करें शुरुआत? आइए, जानते हैं.

क्या है ज्वेलरी डिज़ाइन?
तरह-तरह के गहनों को बनाने की कला को ही ज्वेलरी डिज़ाइन कहते हैं. गोल्ड, सिल्वर, पर्ल, प्लेटिनम, आदि धातुओं को तराशकर उनसे
तरह-तरह के गहने बनाए जाते हैं. इसी तरह हाथी दांत, पत्थर, सीप आदि का भी प्रयोग स्टाइलिश ज्वेलरी बनाने में किया जाता है. ज्वेलरी डिज़ाइनर उन्हें कहते हैं, जो ज्वेलरी की स्टाइल, पैटर्न आदि सेट करते हैं.

शैक्षणिक योग्यता
ज्वेलरी डिज़ाइन में करियर बनाने के लिए 12वीं पास होना बहुत ज़रूरी है. इसके बाद आप आगे के कोर्स कर सकते हैं. दसवीं पास वालों के लिए भी ज्वेलरी डिज़ाइन में बेहतरीन करियर विकल्प है. दसवीं के बाद आप शॉर्ट टर्म कोर्सेस कर सकते हैं. आगे के कोर्स के लिए इच्छुक व्यक्ति को ऐप्टीट्यूड टेस्ट देना पड़ता है. इसके बाद ही आप आगे के कोर्स के लिए आवेदन भर सकते हैं.

क्या हैं कोर्सेस?
ज्वेलरी डिज़ाइन में करियर बनाने के लिए डिप्लोमा, डिग्री या सर्टीफिकेट कोर्स कर सकते हैं.

सर्टीफिकेट कोर्सेस

  • बेसिक ज्वेलरी डिज़ाइन
  • डायमंड आइडेंटीफिकेशन एंड ग्रेडिंग
  • कैड फॉर जेम्स एंड ज्वेलरी
  • कलर्ड जेमस्टोन आइडेंटिफिकेशन

डिग्री कोर्सेस

  • बीएससी इन ज्वेलरी डिज़ाइन
  • बैचलर ऑफ ज्वेलरी डिज़ाइन
  • बैचलर ऑफ एक्सेसरीज़ डिज़ाइन
  • मास्टर्स डिप्लोमा इन ज्वेलरी डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी

डिप्लोमा कोर्सेस

  • डिप्लोमा इन ज्वेलरी डिज़ाइन एंड जैमोलॉजी
  • एडवांस ज्वेलरी डिज़ाइन विद कैड
  • ज्वेलरी मैनुफैक्चरिंग

कोर्स के दौरान
तेज़ी से बढ़ते इस क्षेत्र की डिमांड लोगों को इसमें करियर बनाने के लिए आकर्षित कर रही है. ज्वेलरी डिज़ाइन कोर्स के दौरान अलग-अलग पत्थरों, ज्वेलरी बनाने में कलर कॉम्बिनेशन, डिज़ाइन थीम, प्रेज़ेंटेशन, फ्रेमिंग, कॉस्ट्म ज्वेलरी आदि सिखाया जाता है.

तकनीकी शिक्षा
ज्वेलरी डिज़ाइन कोर्स के दौरान कम्प्यूटर एडेड ज्वेलरी सॉफ्टवेयर, जैसे- ज्वेल कैड, ऑटो कैड, 3 डी स्टूडियो आदि के बारे में टेक्निकल नॉलेज भी दिया जाता है. इसके साथ ही फोटोशॉप, कोरल ड्रॉ, वेट एंड मेटल कम्पोजिशन के बारे में भी बताया जाता है.

प्रमुख संस्थान

  •  जैमोलॉजी इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, मुंबई.
  • सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई.
  •  जैमस्टोन्स आर्टिसन्स ट्रेनिंग स्कूल, जयपुर.
  • इंडियन जैमोलॉजी इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली.
  • जैम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, जयपुर.
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली.
  • ज्वेलरी डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट, नोएडा.
  • एसएनडीटी यूनिवर्सिटी, मुंबई.

पर्सनल स्किल 
ज्वेलरी डिज़ाइन में करियर बनाने के लिए सबसे पहले इस क्षेत्र के प्रति लगाव और ज्वेलरी डिज़ाइन का सेंस होना बहुत ज़रूरी है. इसके साथ ही क्रिएटिव, कल्पनाशील, न्यू ट्रेंड का सेंस, फैशन सेंस आदि के साथ मेहनती होना बहुत आवश्यक है. ज्वेलरी डिज़ाइन में करियर बनाने की सोच रहे हैं, तो धैर्य को अपना साथी बना लें. इस काम में ईमानदारी भी बहुत ज़रूरी होती है. ख़ासतौर पर अगर आप किसी गोल्ड, डायमंड जैसी धातुओं से ज्वेलरी बनाने में लगे हैं, तो थोड़ी सी भी लापरवाही आपके व्यक्तित्व पर प्रश्‍न चिह्न लगा सकती है. ग्लोबल मार्केट और फैशन के प्रति रुचि होना बहुत ज़रूरी है.

रोज़गार के अवसर
ज्वेलरी डिज़ाइन में आगे बढ़ने के लिए बहुत स्कोप है. कोर्स करने के बाद आप फुल टाइम किसी कंपनी के साथ जुड़कर काम शुरु कर सकते हैं. ज्वेलरी डिज़ाइन हाउस, एक्सपोर्ट हाउस, फैशन हाउस आदि जगहों पर आप काम शुरु कर सकते हैं. इसके साथ ही अगर आप आर्थिक रूप से मज़बूत हैं, तो ऑफिस-कम होम से भी काम शुरु कर सकते हैं. घर से काम शुरु करने के कई फ़ायदे होते हैं. घर के काम के अलावा आप अपने करियर को भी संवार सकते हैं. इतना ही नहीं दिन में किसी ऑफिस में काम करके आप घर पर पार्ट टाइम इस काम को जारी रख सकते हैं. आप अगर किसी कंपनी से फुल टाइम नहीं जुड़ना चाहते तो फ्रीलांस के तौर पर काम शुरू कर सकते हैं. इससे आप मनमुताबिक़ पैसा कमा सकते हैं.

सैलरी
पढ़ाई के तुरंत बाद किसी कंपनी में जॉब लगने पर शुरुआत में 7 से 8 हज़ार रुपए प्रति माह आप कमा सकते हैं. अनुभव के साथ इस क्षेत्र में आप उम्मीद से ज़्यादा कमा सकते हैं. अनुभव होने पर 18 से 20 और फिर इसी तरह आगे बढ़ते रहते हैं. प्रसिद्ध ज्वेलरी डिज़ाइनर महीने का लाख रुपए भी लेते हैं.

टॉप कंपनी
ज्वेलरी डिज़ाइन का कोर्स करने के बाद आप नौकरी के लिए इन जगहों पर जा सकते हैं.

  •  तनिष्क
  •  गिली
  • नक्षत्र
  •  ज्वेलरी मेकिंग एंड डिज़ाइनिंग यूनिट्स
  • ज्वेलरी शॉप्स एंड शोरूम
  •  एंटीक एंड आर्ट ऑक्शन हाउसेस

– श्वेता सिंह 

सलमान खान अब जल्द ही ज्वेलरी के बिज़नेस में आज़माएंगे अपनी क़िस्मत. अगले महीने उनके बिइंग ह्यूमन ब्रांड के तले अब कपड़ों के बाद ज्वेलरी का बिज़नेस शुरू किया गया है. इससे हुई कमाई का एक हिस्सा चैरिटी में जाएगा. बिइंग ह्यूमन ज्वेलरी के बारे में और जानकारी दे रही हैं सलमान की बहन अर्पिता खान शर्मा.