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पितृपक्ष 2019: ऐसे करें श्राध्द और पितरों का स्मरण (Pitru Paksha 2019: Important Things To Do During Shradh)

भारत में पितृपक्ष का बड़ा महत्व है. हमारे देश में पूर्णिमा से अमावस्या तक 15 तिथियां पितरों के निमित श्राद्ध कर्म के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. इस दौरान सभी लोग अपने पितरों का स्मरण करते हुए श्राध्द कर्म करते हैं. जो पूर्वज हमें छोड़कर चले गए हैं, उनका आभार प्रकट करने के लिए और उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए पितृपक्ष के दौरान उन्हें तर्पण दिया जाता है. ऐसी मान्यता है कि पितृपक्ष में यमराज इन्हें कुछ समय के लिए मुक्त कर देते हैं, ताकि ये धरती पर जाकर अपने वंशजों से तर्पण ग्रहण कर सकें. पितृपक्ष शुरू हो गया है इसलिए पितृपक्ष से जुड़ी कुछ ज़रूरी बातें हम सभी को मालूम होनी चाहिए.

Pitru Paksha 2019

* पितृपक्ष के दौरान सभी लोग अपने पितरों के लिए पिंडदान, तर्पण, हवन और अन्नदान करते हैं. यदि आपको अपने पितरों के श्राध्द की तिथि मालूम नहीं है, तो अपने ब्राह्मण से इसकी जानकारी ले लें. यदि आपको अपने पितरों की मृत्यु के दिन की सही जानकारी नहीं है तो आप सर्वपितृ अमावस्या के दिन उनका श्राध्द कर सकते हैं.

* पितरों को तर्पण देने के लिए दाएं कंधे पर जनेऊ रखकर काले तिल मिश्रित जल से दक्षिण की तरफ मुंह करके तर्पण किया जाता है. ब्राह्मण के निर्देशानुसार तर्पण की सभी क्रियाएं की जाती हैं. फिर ब्राह्मण को फल-मिष्ठान खिलाकर दक्षिणा दी जाती है.

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* श्राध्द के भोजन में दूध, चावल, घी आदि से बनी तरह-तरह की चीज़ें बनाई जाती हैं. श्राध्द के भोजन में लहसुन, प्याज़, बैगन, उड़द, मसूर, चना आदि का प्रयोग नहीं किया जाता है. इस भोजन को कौवे, गाय, कुत्ते को खिलाया जाता है. फिर सभी परिजन साथ मिलकर ये भोजन ग्रहण करते हैं.

* श्राध्द के दिन शराब-धूम्रपान आदि से दूर रहना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. पूरी श्रद्धा से अपने पूर्वजों का स्मरण करना चाहिए.

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सीखें हस्तरेखा विज्ञान: हृदय रेखा से जानें अपनी पर्सनैलिटी और लव लाइफ के बारे में (Learn Palmistry: Heart Line Tells A Lot About Your Personality And Love Life)

हस्तरेखा विज्ञान (Palmistry) से हम अपने व्यवहार, भविष्य, करियर, लव लाइफ आदि के बारे में आसानी से जान सकते हैं. हस्तरेखा विज्ञान की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि इसके लिए हमें किसी और के पास जाने की ज़रूरत नहीं है. यदि हमें हस्तरेखा विज्ञान की समझ है तो हम अपना भविष्य खुद ही जान सकते हैं. यदि आप अपनी पर्सनैलिटी और लव लाइफ के बारे में जानना चाहते हैं, तो ज्योतिष व वास्तु एक्सपर्ट पंडित राजेन्द्र जी आपको सिखा रहे हैं हस्तरेखा विज्ञान. रोजेन्द्र जी आपको अपने हाथ की रेखा देखना सिखा रहे हैं, जिससे आप अपने हाथ की रेखा देखकर अपनी पर्सनैलिटी और लव लाइफ के बारे में आसानी से जान सकते हैं.

Palmistry

यदि आपकी हार्ट लाइन यानी दिल की रेखा छोटी है तो क्या होता है, यदि हार्ट लाइन बड़ी है तो क्या होता है, यदि हार्ट लाइन पर स्टार, बिंदु, त्रिकोण के निशान हैं तो क्या होता है, आपकी लव मैरिज होगी या अरेंज, आपकी शादीशुदा ज़िंदगी कैसी होगी, आपका दिल कितना स्वस्थ रहेगा, आप दूसरों की भावनाओं का कितना ख़्याल रखते हैं… आपकी हार्ट लाइन से जुड़े ऐसे कई सवालों के गूढ़ रहस्य बता रहे हैं ज्योतिष व वास्तु एक्सपर्ट पंडित राजेन्द्र जी.

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अपनी हथेली में हृदय रेखा देखकर जानें अपनी पर्सनैलिटी और लव लाइफ के बारे में, देखें वीडियो:

अपनी राशि के अनुसार कौन सा रत्न पहनें जिससे हो भाग्योदय (Zodiac Birthstones: Gemstones You Should Wear According To Your Zodiac Sign)

रत्नों (Gems) का हमारे जीवन से गहरा संबंध होता है, क्योंकि रत्नों का संबंध ग्रहों (Planets) से होता है और हमारा जीवनचक्र हमारे ग्रहों के अनुरूप ही चलता है. ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की स्थिति को देखते हुए व्यक्ति के भविष्य के बारे में पहले ही बता दिया जाता है. इसीलिए अपनी राशि के अनुसार यदि हम सही रत्न धारण करें, तो अपने भविष्य को काफी हद तक सुधार सकते हैं. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार रत्नों में इतनी शक्ति होती है कि रत्न व्यक्ति का भाग्योदय कर सकते हैं, लेकिन आपने यदि ग़लत रत्न पहन लिया, तो आपको इसका भारी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. यदि आपको रत्नों की सही जानकारी नहीं है, तो रत्न ना पहनें, लेकिन गलत रत्न कभी न पहनें. अपनी राशि के अनुसार कौन सा रत्न पहनें जिससे हो भाग्योदय, आइए जानते हैं.

Zodiac Birthstones

1) मेष राशि
मेष राशि का स्वामी ग्रह मंगल है और मंगल ग्रह का रत्न मूंगा है इसलिए मेष राशि वालों के लिए मूंगा रत्न शुभ होता है. मेष राशि वाले यदि मूंगा रत्न धारण करें, तो इससे उन्हें शारीरिक-मानसिक बल, धन-वैभव, रिश्ते, दोस्त आदि कई सुख मिलते हैं.

मूंगा रत्न की खासियत
मूंगा मंगल ग्रह का रत्न है. मंगल ग्रह को बल प्रदान करने के लिए मूंगा रत्न पहना जाता है. मंगल ग्रह के लिए लाल रंग का मूंगा शुभ माना जाता है इसलिए आपकी राशि यदि मेष है, तो आप लाल रंग का मूंगा धारण कर सकते हैं. मूंगा रत्न को दायें हाथ की कनिष्का या तर्जनी उंगली में मंगलवार को सुबह स्नान करने के बाद पहनें.

2) वृषभ राशि
वृषभ राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है और शुक्र राशि का रत्न हीरा है इसलिए वृषभ राशि वालों को हीरा रत्न धारण करना चाहिए. हीरा रत्न वृषभ राशि वालों की आकर्षण शक्ति को बढ़ाता है. हीरा रत्न वृषभ राशि वालों की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करता है.

हीरा रत्न की खासियत
हीरा शुक्र ग्रह का रत्न है. हीरा रत्न शुक्र ग्रह को बलवान बनाता है. हीरा रत्न को दायें हाथ की मध्यामा उंगली में शुक्रवार की सुबह स्नान करने के बाद धारण करना शुभ माना जाता है. हीरा बहुत महंगा रत्न है और धन-वैभव का प्रतीक माना जाता है. यदि वृषभ राशि वाले लोग हीरा रत्न धारण करते हैं, तो उन्हें जीवन में सुख-सुविधा, ऐश्‍वर्य, ख़ुशहाली सभी कुछ मिलता है.

3) मिथुन राशि
मिथुन राशि का स्वामी बुध है और बुध ग्रह का रंग हरा है इसलिए मिथुन राशि वालों को हरे रंग का पन्ना रत्न पहनना चाहिए. मिथुन राशि के जातक यदि पन्ना रत्न धारण करते हैं, तो इससे उन्हें अच्छी वाणी, बिज़नेस में मुनाफा, अच्छी सेहत, धन-धान्य तथा अन्य बहुत कुछ प्राप्त होता है.

पन्ना रत्न की खासियत
पन्ना रत्न बुध ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता है. पन्ना मूल्यवान रत्नों में से एक है. जब आप पन्ना रत्न खरीदने जाते हैं, तो पन्ना रत्न की चमक, वजन, पारदर्शिता आदि को देखते हुए इसका मूल्य तय किया जाता है. पन्ना रत्न को दायें हाथ की अनामिका उंगली में बुधवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण करना शुभ माना जाता है.

4) कर्क राशि
कर्क राशि का स्वामी ग्रह चंद्र है और ग्रह चंद्र का रत्न मोती है इसलिए कर्क राशि के जातकों को मोती रत्न पहनना चाहिए. कर्क राशि के जातक यदि सफेद मोती रत्न धारण करते हैं, तो इससे उन्हें मानसिक शांति, अच्छा स्वास्थ्य, विभिन्न सुख-सुविधाएं और लंबी आयु प्राप्त होती है.

मोती रत्न की खासियत
मोती रत्न चंद्र ग्रह का रत्न है इसलिए चंद्र ग्रह को बल प्रदान करने के लिए मोती रत्न पहना जाता है. मोती समुद्र से सीप के मुंह से प्राप्त होता है. ज्योतिषशास्त्र में सफेद मोती को सबसे उत्तम माना जाता है. मोती रत्न को दायें हाथ की अनामिका या कनिष्का उंगली में सोमवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण किया जाता है.

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5) सिंह राशि
सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य है और सूर्य का रंग लाल है इसलिए सिंह राशि वाले लोगों को माणिक्य रत्न धारण करना चाहिए. सिंह राशि के लोग यदि माणिक्य रत्न पहनते हैं, तो उन्हें बिज़नेस में लाभ, अच्छा स्वास्थ्य, ऊंचा मुकाम और प्रसिद्धि मिलती है.

माणिक्य रत्न की खासियत
माणिक्य रत्न सूर्य ग्रह का रत्न है इसलिए माणिक्य रत्न सूर्य को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता है. माणिक्य रत्न को दायें हाथ की कनिष्का उंगली में रविवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण किया जाता है.

6) कन्या राशि
कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध है और इसका रंग हरा है इसलिए कन्या राशि वालों के लिए ग्रीन कलर का पन्ना रत्न शुभ होता है. कन्या राशि वाले लोग यदि पन्ना रत्न धारण करते हैं, तो इससे इन्हें आत्मविश्‍वास, धन-वैभव और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है इसीलिए कन्या राशि वालों को पन्ना रत्न पहनने की सलाह दी जाती है.

पन्ना रत्न की खासियत
पन्ना रत्न बुध ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता है. पन्ना मूल्यवान रत्नों में से एक है. जब आप पन्ना रत्न खरीदने जाते हैं, तो पन्ना रत्न की चमक, वजन, पारदर्शिता आदि को देखते हुए इसका मूल्य तय किया जाता है. पन्ना रत्न को दायें हाथ की अनामिका उंगली में बुधवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण करना शुभ माना जाता है.

धन-संपत्ति पाने के 10 फेंगशुई टिप्स जानने के लिए देखें वीडियो:

7) तुला राशि
तुला राशि पर शुक्र ग्रह रूल करता है और शुक्र ग्रह का रत्न हीरा है इसलिए तुला राशि के जातकों को हीरा रत्न पहनना चाहिए. हीरा रत्न वृषभ राशि वालों की आकर्षण शक्ति को बढ़ाता है. हीरा रत्न वृषभ राशि वालों की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करता है.

हीरा रत्न की खासियत
हीरा शुक्र ग्रह का रत्न है. हीरा रत्न शुक्र ग्रह को बलवान बनाता है. हीरा रत्न को दायें हाथ की मध्यामा उंगली में शुक्रवार की सुबह स्नान करने के बाद धारण करना शुभ माना जाता है. हीरा बहुत महंगा रत्न है और धन-वैभव का प्रतीक माना जाता है. यदि वृषभ राशि वाले लोग हीरा रत्न धारण करते हैं, तो उन्हें जीवन में सुख-सुविधा, ऐश्‍वर्य, ख़ुशहाली सभी कुछ मिलता है.

8) वृश्‍चिक राशि
वृश्‍चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल है और मंगल ग्रह का रंग लाल है इसलिए वृश्‍चिक राशि वालों को लाल रंग का मूंगा रत्न पहनना चाहिए. वृश्‍चिक राशि वाले यदि मूंगा रत्न धारण करें, तो इससे उन्हें शारीरिक-मानसिक बल, धन-वैभव, रिश्ते, दोस्त आदि कई सुख मिलते हैं.

मूंगा रत्न की खासियत
मूंगा मंगल ग्रह का रत्न है. मंगल ग्रह को बल प्रदान करने के लिए मूंगा रत्न पहना जाता है. मंगल ग्रह के लिए लाल रंग का मूंगा शुभ माना जाता है इसलिए आपकी राशि यदि मेष है, तो आप लाल रंग का मूंगा धारण कर सकते हैं. मूंगा रत्न को दायें हाथ की कनिष्का या तर्जनी उंगली में मंगलवार को सुबह स्नान करने के बाद पहनें.

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9) धनु राशि
धनु राशि का स्वामी ग्रह गुरु है और गुरु का रंग पीला है इसलिए धनु राशि के जातकों को पीला पुखराज रत्न पहनने की सलाह दी जाती है. धनु राशि के जातक यदि पीला पुखराज रत्न पहनते हैं तो इससे इनका मान-सम्मान बढ़ता है, धन-वैभव और विद्या में वृद्धि होती है, स्वास्थ्य और ऊर्जा हमेशा बनी रहती है.

पीला पुखराज रत्न की खासियत
पीला पुखराज गुरु ग्रह का रत्न है इसलिए गुरु ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पीला पुखराज रत्न पहना जाता है. पुखराज रत्न कीमती रत्नों में से एक है. पुखराज रत्न को दायें हाथ की तर्जनी उंगली में गुरुवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद धारण करना चाहिए.

10) मकर राशि
मकर राशि का स्वामी ग्रह शनि है और शनि का रंग काला है इसलिए मकर राशि के जातकों को नीलम रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है. मकर राशि के लोग यदि नीलम रत्न धारण करते हैं, तो इससे उन्हें आर्थिक लाभ, स्वास्थ्य लाभ, यश-कीर्ति और आत्मविश्‍वास मिलता है.

नीलम रत्न की खासियत
नीलम रत्न शनि ग्रह का रत्न है इसलिए शनि ग्रह के लिए नीलम रत्न पहना जाता है. ऐसी मान्यत है कि नीलम रत्न यदि आपके लिए शुभ हो, तो वो रातोंरात आपकी ज़िंदगी बदल देता है, लेकिन ये यदि आपके लिए शुभ नहीं है, तो ये नुकसान भी कर सकता है इसलिए नीलम रत्न पहनने से पहले इसकी अच्छी तरह जांच ज़रूर करा लें. नीलम रत्न को दायें हाध की मध्यमा उंगली में शनिवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण करें.

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11) कुंभ राशि
मकर राशि की तरह ही कुंभ राशि का स्वामी ग्रह भी शनि है और शनि का रंग काला है इसलिए कुंभ राशि के जातकों को नीलम रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है. मकर राशि के लोग यदि नीलम रत्न धारण करते हैं, तो इससे उन्हें आर्थिक लाभ, स्वास्थ्य लाभ, यश-कीर्ति और आत्मविश्‍वास मिलता है.

नीलम रत्न की खासियत
नीलम रत्न शनि ग्रह का रत्न है इसलिए शनि ग्रह के लिए नीलम रत्न पहना जाता है. ऐसी मान्यत है कि नीलम रत्न यदि आपके लिए शुभ हो, तो वो रातोंरात आपकी ज़िंदगी बदल देता है, लेकिन ये यदि आपके लिए शुभ नहीं है, तो ये नुकसान भी कर सकता है इसलिए नीलम रत्न पहनने से पहले इसकी अच्छी तरह जांच ज़रूर करा लें. नीलम रत्न को दायें हाध की मध्यमा उंगली में शनिवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण किया जाता है.

12) मीन राशि
मीन राशि के स्वामी ग्रह राहु तथा शनि दोनों हैं.
मीन राशि के जातकों को लंबी उम्र, अच्छी सेहत और यश-कीर्ति बनाए रखने के रखने के लिए गुरु ग्रह का रत्न पीला पुखराज पहनने की सलाह दी जाती है. इसके साथ ही आप मोती और मूंगा भी धारण कर सकते हैं. आपके लिए कौन-सा रत्न सही है, ये आप अपने ज्योतिष से ज़रूर पूछें.

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हथेली के रंग से जानें अपना भविष्य (Palmistry: Know Your Future & Destiny By Looking At Your Hands)

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क्या आप जानते हैं कि आपकी हथेली का रंग आपके भविष्य और भाग्य के बारे में बहुत कुछ बता देता है. आपकी हथेली का रंग, हथेली की रेखाओं का रंग (Palmistry) आदि देखकर आप ये जान सकते हैं कि आपका भाग्य और भविष्य कैसा है. हथेली का रंग और भविष्य का क्या कनेक्शन है? बता रहे हैं पंडित राजेंद्र जी.

हथेली के रंग से जानें अपना भविष्य जानने के लिए देखें ये वीडियो:

जानें अपना साप्ताहिक राशिफल: 23-29 Oct, 2017 (Know Your Weekly Horoscope: 23-29 Oct, 2017)

Weekly Horoscope
मशहूर ज्योतिष (Jyotish) और वास्तु एक्सपर्ट राजेंद्रजी से जानें कैसा रहेगा यह सप्ताह आपके लिए. इस हफ़्ते ( Weekly Horoscope ) कैसी रहेगी आपकी लवलाइफ (Love Life), आपकी सेहत, आपकी आर्थिक स्थिति और भी बहुत कुछ. इस सबके साथ एक ख़ास गुडलक टिप जो आपके लिए होगा लाभदायक. साथ ही जानें जब पिता पुत्र में न बने तो क्या करें ? के लिए गुडलक टिप्स (Good Luck Tips).

राशि: मेष (Aries)

राशि: वृषभ (Taurus) 

राशि: मिथुन (Gemini)

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राशि: कर्क (Cancer)

राशि: सिंह (Leo)

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राशि: कन्या (Virgo) 

राशि: तुला (Libra)

राशि: वृश्‍चिक (Scorpio)

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राशि: धनु (Sagittarius)

राशि: मकर (Capricorn)

राशि: कुंभ (Aquarius)

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राशि: मीन (Pisces)

जब पिता पुत्र में न बने तो क्या करें?

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