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सूर्यग्रहण 26 दिसंबर 2019: जानें सूर्यग्रहण का सही समय, आपकी राशि पर ग्रहण का असर और सूर्यग्रहण के प्रभाव से बचने के आसान उपाय (Surya Grahan Solar Eclipse 26 December 2019 Date Time And Effects)

26 दिसंबर 2019 के सूर्यग्रहण यानी इस साल के आखिरी सूर्यग्रहण का आपकी राशि पर क्या असर होगा, ये आप भी ज़रूर जानना चाहते होंगे. ग्रहण का प्रभाव हर राशि पर अलग-अलग पड़ता है इसलिए हर राशि के लोगों को इसके लिए उपाय भी अलग-अलग करने होते हैं. सभी बारह राशियों पर सूर्यग्रहण का क्या असर होगा और ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए उन्हें क्या उपाय करने होंगे ये बता रहे हैं ज्योतिष व वास्तु एक्सपर्ट पंडित राजेंद्र जी.

Surya Grahan Solar Eclipse

* 26 दिसंबर 2019 का सूर्यग्रहण धनु राशि में पड़ रहा है इसलिए धनु राशि वालों को ग्रहण काल में बहुत संभलकर रहना होगा.

* 26 दिसंबर 2019 का सूर्यग्रहण सुबह 8 बजे से 10.50 तक रहेगा यानी ग्रहणकाल 3 घंटे 12 मिनट का होगा. सूतक 25 दिसंबर की रात 8.17 बजे से शुरू हो जाएगा.

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* सूतक काल से ग्रहण काल तक भोजन करना, पानी पीना, शौच आदि वर्जित माना जाता है. हां, गर्भवती महिलाएं, बीमार और बुजुर्ग लोग, छोटे बच्चों के लिए ये नियम नहीं हैं.

* ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए खाना, पानी, घी, पनीर, गीली चीज़ों में कुशा डाल दें.

* इस सूर्यग्रहण में सात राशियां ज्यादा प्रभावित होंगी.

* ग्रहण काल में सही उपाय कर के ग्रहण के प्रभाव से बचा जा सकता है.

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* इस ग्रहण काल में देश में आपदाएं आ सकती हैं.

* यह सूर्यग्रहण देश की राजनीति में भी उथल-पुथल ला सकता है.

सभी बारह राशियों पर 26 दिसंबर 2019 के सूर्यग्रहण का क्या असर होगा और ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए उन्हें क्या उपाय करने होंगे, जानने के लिए देखें ये वीडियो:

जानें सोलह श्रृंगार के पीछे छिपे वैज्ञानिक तथ्य (Scientific Reasons Behind Solah Shringar)

शादी की रस्मों में सोलह शृंगार का विशेष महत्व है. शादी के दिन जब दुल्हन सोलह शृंगार करती है, तो उसकी ख़ूबसूरती और भी निखर जाती है. महिलाओं के जीवन में सोलह शृंगार का महत्व स़िर्फ सजने-संवरने के लिए नहीं है, इसके पीछे कई वैज्ञानिक तथ्य भी छुपे हैं. सोलह शृंगार का महिलाओं के स्वास्थ्य और सौभाग्य से गहरा संबंध है. आख़िर क्या है सोलह शृंगार का वैज्ञानिक महत्व, बता रही हैं एस्ट्रो-टैरो-न्यूमरोलॉजी-वास्तु व फेंगशुई एक्सपर्ट मनीषा कौशिक.

Solah Shringar

1) शादी का जोड़ा
दुल्हन के लिए शादी का जोड़ा चुनते समय सुंदर और चमकदार रंगों को प्राथमिकता दी जाती है, जैसे- लाल, पीला, गुलाबी आदि. दुल्हन के लिए लाल रंग का शादी का जोड़ा शुभ व महत्वपूर्ण माना जाता है. लाल रंग प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है.
धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लाल रंग शुभ, मंगल व सौभाग्य का प्रतीक है, इसीलिए शुभ कार्यों में लाल रंग का सिंदूर, कुमकुम, शादी का जोड़ा आदि का प्रयोग किया जाता है.
वैज्ञानिक मान्यता
विज्ञान के अनुसार, लाल रंग शक्तिशाली व प्रभावशाली है, इसके उपयोग से एकाग्रता बनी रहती है. लाल रंग आपकी भावनाओं को नियंत्रित कर आपको स्थिरता देता है.

2) गजरा
गजरा एक ख़ूबसूरत व प्राकृतिक शृंगार है. गजरा चमेली के सुंगंधित फूलों से बनाया जाता है और इसे महिलाएं बालों में सजाती हैं.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, गजरा दुल्हन को धैर्य व ताज़गी देता है. शादी के समय दुल्हन के मन में कई तरह के विचार आते हैं, गजरा उन्हीं विचारों से उसे दूर रखता है और ताज़गी देता है.
वैज्ञानिक मान्यता
विज्ञान के अनुसार, चमेली के फूलों की महक हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है. चमेली की ख़ुशबू तनाव को दूर करने में सबसे ज़्यादा सहायक होती है.

3) बिंदी
बिंदी दोनों भौहों के बीच माथे पर लगाया जानेवाला लाल कुमकुम का चक्र होता है, जो महिला के शृंगार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
धार्मिक मान्यता
बिंदी को त्रिनेत्र का प्रतीक माना गया है. दो नेत्रों को सूर्य व चंद्रमा माना गया है, जो वर्तमान व भूतकाल देखते हैं तथा बिंदी त्रिनेत्र के प्रतीक के रूप में भविष्य में आनेवाले संकेतों की ओर इशारा करती है.
वैज्ञानिक मान्यता
विज्ञान के अनुसार, बिंदी लगाने से महिला का आज्ञा चक्र सक्रिय हो जाता है. यह महिला को आध्यात्मिक बने रहने में तथा आध्यात्मिक ऊर्जा को बनाए रखने में सहायक होता है. बिंदी आज्ञा चक्र को संतुलित कर दुल्हन को ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक होती है.

4) सिंदूर
सिंदूर महिलाओं के सौभाग्यवती होने का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक है. यह सबसे पहले शादी के समय दूल्हे के द्वारा दुल्हन की मांग में भरा जाता है. उसके बाद सौभाग्यवती महिला हर समय इसे अपनी मांग में सजाए रखती है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, सौभाग्यवती महिला अपने पति की लंबी उम्र के लिए मांग में सिंदूर भरती है. लाल सिंदूर महिला के सहस्रचक्र को सक्रिय रखता है. यह महिला के मस्तिष्क को एकाग्र कर उसे सही सूझबूझ देता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, सिंदूर महिलाओं के रक्तचाप को नियंत्रित करता है. सिंदूर महिला के शारीरिक तापमान को नियंत्रित कर उसे ठंडक देता है और शांत रखता है.

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Solah Shringar

5) काजल
काजल आंखों में लगाई जानेवाली काले रंग की स्याही को कहते हैं. काजल महिला की आंखों व रूप को निखारता है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, काजल लगाने से स्त्री पर किसी की बुरी नज़र का कुप्रभाव नहीं पड़ता. काजल से आंखों से संबंधित कई रोगों से बचाव होता है. काजल से भरी आंखें स्त्री के हृदय के प्यार व कोमलता को दर्शाती हैं.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, काजल आंखों को ठंडक देता है. आंखों में काजल लगाने से नुक़सानदायक सूर्य की किरणों व धूल-मिट्टी से आंखों का बचाव होता है.

6) मेहंदी
मेहंदी लगाने का शौक लगभग सभी महिलाओं को होता है. लड़की कुंआरी हो या शादीशुदा हर महिला मेहंदी लगाने के मौ़के तलाशती रहती है. सोलह शृंगार में मेहंदी महत्वपूर्ण मानी गई है.
धार्मिक मान्यता
मानयताओं के अनुसार, मेहंदी का गहरा रंग पति-पत्नी के बीच के गहरे प्रेम से संबंध रखता है. मेहंदी का रंग जितना लाल और गहरा होता है, पति-पत्नी के बीच प्रेम उतना ही गहरा होता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार मेहंदी दुल्हन को तनाव से दूर रहने में सहायता करती है. मेहंदी की ठंडक और ख़ुशबू दुल्हन को ख़ुश व ऊर्जावान बनाए रखती है.

7) चूड़ियां
चूड़ियां हर सुहागन का सबसे महत्वपूर्ण शृंगार हैं. महिलाओं के लिए कांच, लाक, सोने, चांदी की चूड़ियां सबसे महत्वपूर्ण मानी गई हैं.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, चूड़ियां पति-पत्नी के भाग्य और संपन्नता की प्रतीक हैं. यह भी मान्यता है कि महिलाओं को पति की लंबी उम्र व अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमेशा चूड़ी पहनने की सलाह दी जाती है. चूड़ियों का सीधा संबंध चंद्रमा से भी माना जाता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, चूड़ियों से उत्पन्न होनेवाली ध्वनि महिलाओं की हड्डियों को मज़बूत करने में सहायक होती है. महिलाओं के रक्त के परिसंचरण में भी चूड़ियां सहायक होती हैं.

8) मंगलसूत्र
मंगलसूत्र एक ऐसा सूत्र है, जो शादी के समय वर द्वारा वधू के गले में बांधा जाता है और उसके बाद जब तक महिला सौभाग्यवती रहती है, तब तक वह निरंतर मंगलसूत्र पहनती है. मंगलसूत्र पति-पत्नी को ज़िंदगीभर एकसूत्र में बांधे रखता है.
धार्मिक मान्यता
ऐसी मान्यता है कि मंगलसूत्र सकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित कर महिला के दिमाग़ और मन को शांत रखता है. मंगलसूत्र जितना लंबा होगा और हृदय के पास होगा वह उतना ही फ़ायदेमंद होगा. मंगलसूत्र के काले मोती महिला की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मज़बूत करते हैं.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलसूत्र सोने से निर्मित होता है और सोना शरीर में बल व ओज बढ़ानेवाली धातु है, इसलिए मंगलसूत्र शारीरिक ऊर्जा का क्षय होने से रोकता है.

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Solah Shringar

9) कर्णफूल/ईयररिंग्स
कर्णफूल यानी ईयररिंग्स-झुमके, कुंडल, गोल, लंंबे आदि आकार व डिज़ाइन में पाए जाते हैं. आमतौर पर महिलाएं सोने, चांदी, कुंदन आदि धातु से बने ईयररिंग्स पहनती हैं.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, कर्णफूल यानी ईयररिंग्स महिला के स्वास्थ्य से सीधा संबंध रखते हैं. ये महिला के चेहरे की ख़ूबसूरती को निखारते हैं. इसके बिना महिला का शृंगार अधूरा रहता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार हमारे कर्णपाली (ईयरलोब) पर बहुत से एक्यूपंक्चर व एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं, जिन पर सही दबाव दिया जाए, तो माहवारी के दिनों में होनेवाले दर्द से राहत मिलती है. ईयररिंग्स उन्हीं प्रेशर पॉइंट्स पर दबाव डालते हैं. साथ ही ये किडनी और मूत्राशय (ब्लैडर) को भी स्वस्थ बनाए रखते हैं.

10) बाजूबंद
ये बाजू के ऊपरी हिस्से में पहना जाता है. बाजूबंद सोने, चांदी, कुंदन या अन्य मूल्यवान धातु या पत्थर से बना होता है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, बाजूबंद महिलाओं के शरीर में ताक़त बनाए रखने व पूरे शरीर में उसका संचार करने में सहायक होता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, बाजूबंद बाजू पर सही मात्रा में दबाव डालकर रक्तसंचार बढ़ाने में सहायता करता है.

11) कमरबंद
कमरबंद धातु व अलग-अलग तरह के मूल्यवान पत्थरों से मिलकर बना होता है. कमरबंद नाभि के ऊपरी हिस्से में बांधा जाता है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, महिला के लिए कमरबंद बहुत आवश्यक है. चांदी का कमरबंद महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी का कमरबंद पहनने से महिलाओं को माहवारी तथा गर्भावस्था में होनेवाले सभी तरह के दर्द से राहत मिलती है. चांदी का कमरबंद पहनने से महिलाओं में मोटापा भी नहीं बढ़ता.

12) मांगटीका
मांगटीका दुल्हन को मांग में पहनाया जानेवाला ज़ेवर है. यह सोने, चांदी, कुंदन, जरकन, हीरे, मोती आदि से बनाया जाता है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, मांगटीका महिला के यश व सौभाग्य का प्रतीक है. मांगटीका यह दर्शाता है कि महिला को अपने से जुड़े लोगों का हमेशा आदर करना है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार मांगटीका महिलाओं के शारीरिक तापमान को नियंत्रित करता है, जिससे उनकी सूझबूझ व निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है.

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Solah Shringar

13) अंगूठी
शादी की सबसे पहली रस्म अंगूठी से ही शुरू की जाती है, जिसमें लड़का-लड़की एक दूसरे को अंगूठी पहनाकर सगाई की रस्म पूरी करते हैं.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, अंगूठी पति-पत्नी के प्रेम की प्रतीक होती है, इसे पहनने से पति-पत्नी के हृदय में एक-दूसरे के लिए सदैव प्रेम बना रहता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, अनामिका उंगली की नसें सीधे हृदय व दिमाग़ से जुड़ी होती हैं, इन पर प्रेशर पड़ने से दिल व दिमाग़ स्वस्थ रहता है.

14) पायल
पैरों में पहनी जानेवाली पायल चांदी की ही सबसे उत्तम व शुभ मानी जाती है. पायल कभी भी सोने की नहीं होनी चाहिए. शादी के समय मामा द्वारा दुल्हन के पैरों में पायल पहनाई जाती है या ससुराल से देवर की तरफ़ से यह तोहफ़ा अपनी भाभी के लिए भेजा जाता है.
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, महिला के पैरों में पायल संपन्नता की प्रतीक होती है. घर की बहू को घर की लक्ष्मी माना गया है, इसी कारण घर में संपन्नता बनाए रखने के लिए महिला को पायल पहनाई जाती है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी की पायल महिला को जोड़ों व हड्डियों के दर्द से राहत देती है. साथ ही पायल के घुंघरू से उत्पन्न होनेवाली ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहती है.

15) बिछिया
हर वैवाहिक महिला पैरों की उंगलियों में बिछिया पहनती है. बिछिया भी चांदी की ही सबसे शुभ मानी गई है.
धार्मिक मान्यता
महिलाओं के लिए पैरों की उंगलियों में बिछिया पहनना शुभ व आवश्यक माना गया है. ऐसी मान्यता है कि बिछिया पहनने से महिलाओं का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और घर में संपन्नता बनी रहती है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं के पैरों की उंगलियों की नसें उनके गर्भाशय से जुड़ी होती हैं, बिछिया पहनने से उन्हें गर्भावस्था व गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलती है. बिछिया पहनने से महिलाओं का ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है.

16) इत्र
सुगंध ख़ासकर गुलाब के फूल की सुगंध सीधे रूप से प्रेम से संबंध रखती है. सुगंध को प्रेम का प्रतीक माना गया है और यह पति-पत्नी को एक दूसरे की ओर आकर्षित करती है.
धार्मिक मान्यता
सौभाग्यवती महिला के लिए गुलाब की सुगंध सबसे उत्तम मानी जाती है. गुलाब प्रेम का प्रतीक है, इसलिए गुलाब का इत्र लगाने से पति हमेशा पत्नी की ओर आकर्षित रहता है.
वैज्ञानिक मान्यता
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, इत्र मानसिक तनाव दूरकर तरोताज़ा रखता है. गुलाब की सुगंध दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करती है. इत्र को नर्व पॉइंट्स पर लगाना चाहिए.
– कमला बडोनी

पितृपक्ष 2019: ऐसे करें श्राध्द और पितरों का स्मरण (Pitru Paksha 2019: Important Things To Do During Shradh)

भारत में पितृपक्ष का बड़ा महत्व है. हमारे देश में पूर्णिमा से अमावस्या तक 15 तिथियां पितरों के निमित श्राद्ध कर्म के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. इस दौरान सभी लोग अपने पितरों का स्मरण करते हुए श्राध्द कर्म करते हैं. जो पूर्वज हमें छोड़कर चले गए हैं, उनका आभार प्रकट करने के लिए और उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए पितृपक्ष के दौरान उन्हें तर्पण दिया जाता है. ऐसी मान्यता है कि पितृपक्ष में यमराज इन्हें कुछ समय के लिए मुक्त कर देते हैं, ताकि ये धरती पर जाकर अपने वंशजों से तर्पण ग्रहण कर सकें. पितृपक्ष शुरू हो गया है इसलिए पितृपक्ष से जुड़ी कुछ ज़रूरी बातें हम सभी को मालूम होनी चाहिए.

Pitru Paksha 2019

* पितृपक्ष के दौरान सभी लोग अपने पितरों के लिए पिंडदान, तर्पण, हवन और अन्नदान करते हैं. यदि आपको अपने पितरों के श्राध्द की तिथि मालूम नहीं है, तो अपने ब्राह्मण से इसकी जानकारी ले लें. यदि आपको अपने पितरों की मृत्यु के दिन की सही जानकारी नहीं है तो आप सर्वपितृ अमावस्या के दिन उनका श्राध्द कर सकते हैं.

* पितरों को तर्पण देने के लिए दाएं कंधे पर जनेऊ रखकर काले तिल मिश्रित जल से दक्षिण की तरफ मुंह करके तर्पण किया जाता है. ब्राह्मण के निर्देशानुसार तर्पण की सभी क्रियाएं की जाती हैं. फिर ब्राह्मण को फल-मिष्ठान खिलाकर दक्षिणा दी जाती है.

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* श्राध्द के भोजन में दूध, चावल, घी आदि से बनी तरह-तरह की चीज़ें बनाई जाती हैं. श्राध्द के भोजन में लहसुन, प्याज़, बैगन, उड़द, मसूर, चना आदि का प्रयोग नहीं किया जाता है. इस भोजन को कौवे, गाय, कुत्ते को खिलाया जाता है. फिर सभी परिजन साथ मिलकर ये भोजन ग्रहण करते हैं.

* श्राध्द के दिन शराब-धूम्रपान आदि से दूर रहना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. पूरी श्रद्धा से अपने पूर्वजों का स्मरण करना चाहिए.

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सीखें हस्तरेखा विज्ञान: हृदय रेखा से जानें अपनी पर्सनैलिटी और लव लाइफ के बारे में (Learn Palmistry: Heart Line Tells A Lot About Your Personality And Love Life)

हस्तरेखा विज्ञान (Palmistry) से हम अपने व्यवहार, भविष्य, करियर, लव लाइफ आदि के बारे में आसानी से जान सकते हैं. हस्तरेखा विज्ञान की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि इसके लिए हमें किसी और के पास जाने की ज़रूरत नहीं है. यदि हमें हस्तरेखा विज्ञान की समझ है तो हम अपना भविष्य खुद ही जान सकते हैं. यदि आप अपनी पर्सनैलिटी और लव लाइफ के बारे में जानना चाहते हैं, तो ज्योतिष व वास्तु एक्सपर्ट पंडित राजेन्द्र जी आपको सिखा रहे हैं हस्तरेखा विज्ञान. रोजेन्द्र जी आपको अपने हाथ की रेखा देखना सिखा रहे हैं, जिससे आप अपने हाथ की रेखा देखकर अपनी पर्सनैलिटी और लव लाइफ के बारे में आसानी से जान सकते हैं.

Palmistry

यदि आपकी हार्ट लाइन यानी दिल की रेखा छोटी है तो क्या होता है, यदि हार्ट लाइन बड़ी है तो क्या होता है, यदि हार्ट लाइन पर स्टार, बिंदु, त्रिकोण के निशान हैं तो क्या होता है, आपकी लव मैरिज होगी या अरेंज, आपकी शादीशुदा ज़िंदगी कैसी होगी, आपका दिल कितना स्वस्थ रहेगा, आप दूसरों की भावनाओं का कितना ख़्याल रखते हैं… आपकी हार्ट लाइन से जुड़े ऐसे कई सवालों के गूढ़ रहस्य बता रहे हैं ज्योतिष व वास्तु एक्सपर्ट पंडित राजेन्द्र जी.

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अपनी हथेली में हृदय रेखा देखकर जानें अपनी पर्सनैलिटी और लव लाइफ के बारे में, देखें वीडियो:

अपनी राशि के अनुसार कौन सा रत्न पहनें जिससे हो भाग्योदय (Zodiac Birthstones: Gemstones You Should Wear According To Your Zodiac Sign)

रत्नों (Gems) का हमारे जीवन से गहरा संबंध होता है, क्योंकि रत्नों का संबंध ग्रहों (Planets) से होता है और हमारा जीवनचक्र हमारे ग्रहों के अनुरूप ही चलता है. ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की स्थिति को देखते हुए व्यक्ति के भविष्य के बारे में पहले ही बता दिया जाता है. इसीलिए अपनी राशि के अनुसार यदि हम सही रत्न धारण करें, तो अपने भविष्य को काफी हद तक सुधार सकते हैं. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार रत्नों में इतनी शक्ति होती है कि रत्न व्यक्ति का भाग्योदय कर सकते हैं, लेकिन आपने यदि ग़लत रत्न पहन लिया, तो आपको इसका भारी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. यदि आपको रत्नों की सही जानकारी नहीं है, तो रत्न ना पहनें, लेकिन गलत रत्न कभी न पहनें. अपनी राशि के अनुसार कौन सा रत्न पहनें जिससे हो भाग्योदय, आइए जानते हैं.

Zodiac Birthstones

1) मेष राशि
मेष राशि का स्वामी ग्रह मंगल है और मंगल ग्रह का रत्न मूंगा है इसलिए मेष राशि वालों के लिए मूंगा रत्न शुभ होता है. मेष राशि वाले यदि मूंगा रत्न धारण करें, तो इससे उन्हें शारीरिक-मानसिक बल, धन-वैभव, रिश्ते, दोस्त आदि कई सुख मिलते हैं.

मूंगा रत्न की खासियत
मूंगा मंगल ग्रह का रत्न है. मंगल ग्रह को बल प्रदान करने के लिए मूंगा रत्न पहना जाता है. मंगल ग्रह के लिए लाल रंग का मूंगा शुभ माना जाता है इसलिए आपकी राशि यदि मेष है, तो आप लाल रंग का मूंगा धारण कर सकते हैं. मूंगा रत्न को दायें हाथ की कनिष्का या तर्जनी उंगली में मंगलवार को सुबह स्नान करने के बाद पहनें.

2) वृषभ राशि
वृषभ राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है और शुक्र राशि का रत्न हीरा है इसलिए वृषभ राशि वालों को हीरा रत्न धारण करना चाहिए. हीरा रत्न वृषभ राशि वालों की आकर्षण शक्ति को बढ़ाता है. हीरा रत्न वृषभ राशि वालों की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करता है.

हीरा रत्न की खासियत
हीरा शुक्र ग्रह का रत्न है. हीरा रत्न शुक्र ग्रह को बलवान बनाता है. हीरा रत्न को दायें हाथ की मध्यामा उंगली में शुक्रवार की सुबह स्नान करने के बाद धारण करना शुभ माना जाता है. हीरा बहुत महंगा रत्न है और धन-वैभव का प्रतीक माना जाता है. यदि वृषभ राशि वाले लोग हीरा रत्न धारण करते हैं, तो उन्हें जीवन में सुख-सुविधा, ऐश्‍वर्य, ख़ुशहाली सभी कुछ मिलता है.

3) मिथुन राशि
मिथुन राशि का स्वामी बुध है और बुध ग्रह का रंग हरा है इसलिए मिथुन राशि वालों को हरे रंग का पन्ना रत्न पहनना चाहिए. मिथुन राशि के जातक यदि पन्ना रत्न धारण करते हैं, तो इससे उन्हें अच्छी वाणी, बिज़नेस में मुनाफा, अच्छी सेहत, धन-धान्य तथा अन्य बहुत कुछ प्राप्त होता है.

पन्ना रत्न की खासियत
पन्ना रत्न बुध ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता है. पन्ना मूल्यवान रत्नों में से एक है. जब आप पन्ना रत्न खरीदने जाते हैं, तो पन्ना रत्न की चमक, वजन, पारदर्शिता आदि को देखते हुए इसका मूल्य तय किया जाता है. पन्ना रत्न को दायें हाथ की अनामिका उंगली में बुधवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण करना शुभ माना जाता है.

4) कर्क राशि
कर्क राशि का स्वामी ग्रह चंद्र है और ग्रह चंद्र का रत्न मोती है इसलिए कर्क राशि के जातकों को मोती रत्न पहनना चाहिए. कर्क राशि के जातक यदि सफेद मोती रत्न धारण करते हैं, तो इससे उन्हें मानसिक शांति, अच्छा स्वास्थ्य, विभिन्न सुख-सुविधाएं और लंबी आयु प्राप्त होती है.

मोती रत्न की खासियत
मोती रत्न चंद्र ग्रह का रत्न है इसलिए चंद्र ग्रह को बल प्रदान करने के लिए मोती रत्न पहना जाता है. मोती समुद्र से सीप के मुंह से प्राप्त होता है. ज्योतिषशास्त्र में सफेद मोती को सबसे उत्तम माना जाता है. मोती रत्न को दायें हाथ की अनामिका या कनिष्का उंगली में सोमवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण किया जाता है.

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5) सिंह राशि
सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य है और सूर्य का रंग लाल है इसलिए सिंह राशि वाले लोगों को माणिक्य रत्न धारण करना चाहिए. सिंह राशि के लोग यदि माणिक्य रत्न पहनते हैं, तो उन्हें बिज़नेस में लाभ, अच्छा स्वास्थ्य, ऊंचा मुकाम और प्रसिद्धि मिलती है.

माणिक्य रत्न की खासियत
माणिक्य रत्न सूर्य ग्रह का रत्न है इसलिए माणिक्य रत्न सूर्य को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता है. माणिक्य रत्न को दायें हाथ की कनिष्का उंगली में रविवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण किया जाता है.

6) कन्या राशि
कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध है और इसका रंग हरा है इसलिए कन्या राशि वालों के लिए ग्रीन कलर का पन्ना रत्न शुभ होता है. कन्या राशि वाले लोग यदि पन्ना रत्न धारण करते हैं, तो इससे इन्हें आत्मविश्‍वास, धन-वैभव और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है इसीलिए कन्या राशि वालों को पन्ना रत्न पहनने की सलाह दी जाती है.

पन्ना रत्न की खासियत
पन्ना रत्न बुध ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता है. पन्ना मूल्यवान रत्नों में से एक है. जब आप पन्ना रत्न खरीदने जाते हैं, तो पन्ना रत्न की चमक, वजन, पारदर्शिता आदि को देखते हुए इसका मूल्य तय किया जाता है. पन्ना रत्न को दायें हाथ की अनामिका उंगली में बुधवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण करना शुभ माना जाता है.

धन-संपत्ति पाने के 10 फेंगशुई टिप्स जानने के लिए देखें वीडियो:

7) तुला राशि
तुला राशि पर शुक्र ग्रह रूल करता है और शुक्र ग्रह का रत्न हीरा है इसलिए तुला राशि के जातकों को हीरा रत्न पहनना चाहिए. हीरा रत्न वृषभ राशि वालों की आकर्षण शक्ति को बढ़ाता है. हीरा रत्न वृषभ राशि वालों की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करता है.

हीरा रत्न की खासियत
हीरा शुक्र ग्रह का रत्न है. हीरा रत्न शुक्र ग्रह को बलवान बनाता है. हीरा रत्न को दायें हाथ की मध्यामा उंगली में शुक्रवार की सुबह स्नान करने के बाद धारण करना शुभ माना जाता है. हीरा बहुत महंगा रत्न है और धन-वैभव का प्रतीक माना जाता है. यदि वृषभ राशि वाले लोग हीरा रत्न धारण करते हैं, तो उन्हें जीवन में सुख-सुविधा, ऐश्‍वर्य, ख़ुशहाली सभी कुछ मिलता है.

8) वृश्‍चिक राशि
वृश्‍चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल है और मंगल ग्रह का रंग लाल है इसलिए वृश्‍चिक राशि वालों को लाल रंग का मूंगा रत्न पहनना चाहिए. वृश्‍चिक राशि वाले यदि मूंगा रत्न धारण करें, तो इससे उन्हें शारीरिक-मानसिक बल, धन-वैभव, रिश्ते, दोस्त आदि कई सुख मिलते हैं.

मूंगा रत्न की खासियत
मूंगा मंगल ग्रह का रत्न है. मंगल ग्रह को बल प्रदान करने के लिए मूंगा रत्न पहना जाता है. मंगल ग्रह के लिए लाल रंग का मूंगा शुभ माना जाता है इसलिए आपकी राशि यदि मेष है, तो आप लाल रंग का मूंगा धारण कर सकते हैं. मूंगा रत्न को दायें हाथ की कनिष्का या तर्जनी उंगली में मंगलवार को सुबह स्नान करने के बाद पहनें.

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9) धनु राशि
धनु राशि का स्वामी ग्रह गुरु है और गुरु का रंग पीला है इसलिए धनु राशि के जातकों को पीला पुखराज रत्न पहनने की सलाह दी जाती है. धनु राशि के जातक यदि पीला पुखराज रत्न पहनते हैं तो इससे इनका मान-सम्मान बढ़ता है, धन-वैभव और विद्या में वृद्धि होती है, स्वास्थ्य और ऊर्जा हमेशा बनी रहती है.

पीला पुखराज रत्न की खासियत
पीला पुखराज गुरु ग्रह का रत्न है इसलिए गुरु ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पीला पुखराज रत्न पहना जाता है. पुखराज रत्न कीमती रत्नों में से एक है. पुखराज रत्न को दायें हाथ की तर्जनी उंगली में गुरुवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद धारण करना चाहिए.

10) मकर राशि
मकर राशि का स्वामी ग्रह शनि है और शनि का रंग काला है इसलिए मकर राशि के जातकों को नीलम रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है. मकर राशि के लोग यदि नीलम रत्न धारण करते हैं, तो इससे उन्हें आर्थिक लाभ, स्वास्थ्य लाभ, यश-कीर्ति और आत्मविश्‍वास मिलता है.

नीलम रत्न की खासियत
नीलम रत्न शनि ग्रह का रत्न है इसलिए शनि ग्रह के लिए नीलम रत्न पहना जाता है. ऐसी मान्यत है कि नीलम रत्न यदि आपके लिए शुभ हो, तो वो रातोंरात आपकी ज़िंदगी बदल देता है, लेकिन ये यदि आपके लिए शुभ नहीं है, तो ये नुकसान भी कर सकता है इसलिए नीलम रत्न पहनने से पहले इसकी अच्छी तरह जांच ज़रूर करा लें. नीलम रत्न को दायें हाध की मध्यमा उंगली में शनिवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण करें.

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11) कुंभ राशि
मकर राशि की तरह ही कुंभ राशि का स्वामी ग्रह भी शनि है और शनि का रंग काला है इसलिए कुंभ राशि के जातकों को नीलम रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है. मकर राशि के लोग यदि नीलम रत्न धारण करते हैं, तो इससे उन्हें आर्थिक लाभ, स्वास्थ्य लाभ, यश-कीर्ति और आत्मविश्‍वास मिलता है.

नीलम रत्न की खासियत
नीलम रत्न शनि ग्रह का रत्न है इसलिए शनि ग्रह के लिए नीलम रत्न पहना जाता है. ऐसी मान्यत है कि नीलम रत्न यदि आपके लिए शुभ हो, तो वो रातोंरात आपकी ज़िंदगी बदल देता है, लेकिन ये यदि आपके लिए शुभ नहीं है, तो ये नुकसान भी कर सकता है इसलिए नीलम रत्न पहनने से पहले इसकी अच्छी तरह जांच ज़रूर करा लें. नीलम रत्न को दायें हाध की मध्यमा उंगली में शनिवार को सुबह स्नान करने के बाद धारण किया जाता है.

12) मीन राशि
मीन राशि के स्वामी ग्रह राहु तथा शनि दोनों हैं.
मीन राशि के जातकों को लंबी उम्र, अच्छी सेहत और यश-कीर्ति बनाए रखने के रखने के लिए गुरु ग्रह का रत्न पीला पुखराज पहनने की सलाह दी जाती है. इसके साथ ही आप मोती और मूंगा भी धारण कर सकते हैं. आपके लिए कौन-सा रत्न सही है, ये आप अपने ज्योतिष से ज़रूर पूछें.

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हथेली के रंग से जानें अपना भविष्य (Palmistry: Know Your Future & Destiny By Looking At Your Hands)

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क्या आप जानते हैं कि आपकी हथेली का रंग आपके भविष्य और भाग्य के बारे में बहुत कुछ बता देता है. आपकी हथेली का रंग, हथेली की रेखाओं का रंग (Palmistry) आदि देखकर आप ये जान सकते हैं कि आपका भाग्य और भविष्य कैसा है. हथेली का रंग और भविष्य का क्या कनेक्शन है? बता रहे हैं पंडित राजेंद्र जी.

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मशहूर ज्योतिष (Jyotish) और वास्तु एक्सपर्ट राजेंद्रजी से जानें कैसा रहेगा यह सप्ताह आपके लिए. इस हफ़्ते ( Weekly Horoscope ) कैसी रहेगी आपकी लवलाइफ (Love Life), आपकी सेहत, आपकी आर्थिक स्थिति और भी बहुत कुछ. इस सबके साथ एक ख़ास गुडलक टिप जो आपके लिए होगा लाभदायक. साथ ही जानें जब पिता पुत्र में न बने तो क्या करें ? के लिए गुडलक टिप्स (Good Luck Tips).

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