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राह चलते यदि बिल्ली रास्ता काट ले, तो कई लोग रास्ता बदल लेते हैं या वहीं रुककर उस रास्ते से किसी और के निकलने का इंतज़ार करते हैं. उनके मन में ये डर रहता है कि बिल्ली के रास्ता काटने से उनका काम बिगड़ सकता है. साथ ही बिल्लियों से जुड़े कई अंधविश्वास भी हैं, जिन पर लोग आज भी विश्वास करते हैं. बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ क्यों माना जाता है, इसके बारे में बता रही हैं एस्ट्रो-टैरो-न्यूमरोलॉजी-वास्तु व फेंगशुई एक्सपर्ट मनीषा कौशिक.

Cat Crossing Road

ये है बिल्ली के रास्ता काटने से जुडी मान्यता
कई लोगों की ये धारणा है कि राह चलते यदि बिल्ली रास्ता काट ले, तो उस काम में रुकावट आ जाती है या कोई दुर्घटना हो सकती है. यह भी मान्यता है कि बिल्ली की ज्ञानेंद्रियां बहुत तेज़ होती हैं. कुछ भी अशुभ होने से पहले उसे इसका आभास हो जाता है. इसीलिए माना जाता है कि बिल्ली यदि रोये तो मृत्यु तुल्य दुख होता है, बिल्ली सिर चाटे वाद-विवाद या मुकदमे के शिकार होते हैं.

ये है बिल्ली के रास्ता काटने से जुडी सच्चाई
पुराने समय में ज़्यादातर घर खुले होते थे. ऐसे में बिल्ली घर में आकर दूध पी जाती थी, दही, मक्खन आदि जूठा कर देती थी. बिल्ली द्वारा किए जाने वाले नुकसान के कारण लोग उसे घर के आसपास नहीं आने देते थे. घर के लोगों को बिल्ली से दूर रखने के लिए लोग उसे अशुभ कहते थे.

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Cat Superstitions

ये हैं बिल्लियों से जुड़े 12 अंधविश्वास

1) ऐसी मान्यता है कि कुत्ते की तरह बिल्ली की भी छठी इन्द्री काफी विकसित होती है, जिसके कारण वो भविष्य में होनेवाली घटनाओं को पहले जान लेती है.
2) यदि आप सोये हुए हैं और बिल्ली आकर सिर चाटने लगे, तो आप सरकारी मामले में फंस सकते हैं.
3) बिल्ली यदि आपके पैर चाटे, तो इसे निकट भविष्य में बीमार होने का संकेत माना जाता है.
4) बिल्ली यदि आपके ऊपर से कूद कर चली जाए, तो आपको तकलीफ सहनी पड़ सकती है.
5) ज्योतिषशास्त्र में बिल्ली को राहु की सवारी कहा गया है, इसलिए जिनकी कुण्डली में राहु शुभ नहीं है, उन्हें राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए बिल्ली पालना चाहिए.
6) बिल्ली की जेर को लाल कपड़े में लपेटकर बाजू पर बांधने से कालसर्प दोष से बचाव होत है.
7) नज़र दोष, प्रेत बाधा आदि में बिल्ली की जेर बांधने से लाभ होता है.
8) बिल्ली अगर घर में आकर रोने लगे, तो कोई अनहोनी घटना हो सकती है.
9) बिल्लियों का आपस में लड़ना धन हानि तथा किसी से लड़ाई का संकेत होता है.
10) दीपावली की रात घर में बिल्ली का आना शुभ माना जाता है, इससे लक्ष्मीजी घर आती हैं और घर में कभी भी किसी चीज़ की कमी नहीं रहती.
11) बिल्ली यदि घर में बच्चे को जन्म देती है तो इसे भी शुभ माना गया है.
12) यदि आप किसी शुभ कार्य से कहीं जा रहे हैं और बिल्ली मुंह में मांस का टुकड़ा लिए हुए दिखाई दे, तो काम सफल होता है.

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शादी के बाद भारतीय महिलाएं मांग में सिंदूर क्यों भरती हैं? मांग में सिंदूर भरने के पीछे कौन सी धार्मिक मान्यताएं और क्या वैज्ञानिक रहस्य हैं? भारत में सुहागन स्त्रियों के लिए मांग भरना अनिवार्य क्यों माना जाता है? शादी के समय मांग भरने की रस्म को ख़ास महत्व क्यों दिया जाता है? यदि आप भी इन सवालों के जवाब नहीं जानते, तो हम आपको बता रहे हैं मांग में सिंदूर भरने से जुड़ी मान्यताएं और वैज्ञानिक रहस्य.

Importance And Significance Of Sindoor

1) हमारे देश में सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है इसलिए शादी के समय वर सिंदूर से वधू की मांग भरता है.
2) सिंदूर सुहागन स्त्रियों के शृंगार में महत्वपूर्ण स्थान रखता है इसलिए शादी के बाद लगभग सभी महिलाएं मांग में सिंदूर भरती हैं.
3) पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती अपने पति शिवजी को बुरी नजर से बचाने के लिए सिंदूर लगाती थीं. इसी तरह माता सीता भी भगवान राम की लंबी उम्र के लिए मांग में सिंदूर लगाती थीं.
4) ऐसी धार्मिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी का पृथ्वी पर पांच स्थानों पर वास है, जिसमें से एक स्थान सिर भी है, इसीलिए विवाहित महिलाएं मांग में मां लक्ष्मी का प्रिय सिंदूर भरती हैं, ताकि उनके घर में लक्ष्मी का वास हो और घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहे.
5) शास्त्रों के अनुसार, जो महिलाएं मांग में लंबा सिंदूर लगाती हैं, उनके पति को बहुत मान-सम्मान मिलता है.

Importance Of Sindoor

6) सिंदूर में पारा जैसी धातु की अधिकता होती है, जिससे चेहरे पर जल्दी झुर्रियां नहीं पड़तीं यानी सिंदूर लगाने से महिलाओं के चेहरे पर बढ़ती उम्र के संकेत जल्दी नज़र नहीं आते और उनका चेहरा ख़ूबसूरत नज़र आता है.
7) सिंदूर लगाने से स्त्री के शरीर में स्थित वैद्युतिक उत्तेजना नियंत्रित रहती है.
8) लाल रंग महिलाओं की ख़ुशी, ताकत, स्वास्थ्य, सुंदरता आदि से सीधे जुड़ा है इसलिए मांग में सिंदूर लगाना सेहत की दृष्टि से भी फायदेमंद है.
9) महिलाएं इस बात का ख़ास ध्यान रखें कि कभी भी किसी दूसरी महिला का सिंदूर न लगाएं और न ही अपना सिंदूर किसी को दें. ऐसा करने से पति का प्यार बंट जाता है.
10) बिना स्नान किए सिंदूर कभी न लगाएं. यदि सिंदूर जमीन पर गिर जाए, तो उसे उठाकर डिब्बी में न भरें. जमीन पर गिरा हुआ सिंदूर लगाना सही नहीं माना जाता.

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आप घर पर भी बना सकती हैं सिंदूर
यदि आप घर पर सिंदूर बनाना चाहती हैं, तो इसके लिए हल्दी, फिटकरी और सुहागा को मिक्स करके इसमें नींबू का रस मिलाएं. इस मिश्रण को डिब्बी में भरकर इस्तेमाल करें.

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हमारे शरीर की बनावट हमारे बारे में बहुत कुछ बता देती है, जैसे नाखून. नाखून देखकर आप व्यक्ति के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं. आइए, हम आपको बताते हैं कि नाखून के व्यक्ति के स्वभाव के बारे में कैसे जाना जा सकता है.

Nail Shape, Personality

जिन लोगों के नाखून सफ़ेद हों
जिन लोगों के नाखून का रंग सफ़ेद होता है, ऐसे लोग जन्म से ही अमीर, उदार मन के, दृढ़ निश्चयी और मेहनती होते हैं. ऐसे लोग सबके साथ घुल-मिल जाते हैं और हर काम आसानी से कर लेते हैं.

जिन लोगों के नाखून लंबे हों
जिन लोगों के नाखून लंबे होते हैं, वे उदार, प्रगतिशील और हंसमुख होते हैं. ऐसे लोग जीवन में खूब तरक्की करते हैं और दूसरों की सहायता भी खूब करते हैं.

जिन लोगों के नाखून छोटे हों
जिन लोगों के नाखून छोटे होते हैं, ऐसे लोग थोड़ा संकीर्ण विचारों के होते हैं. बदलाव इन्हें जल्दी पसंद नहीं आता. ऐसे लोगों का व्यवहार भी थोड़ा रूखा होता है. ये सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं, दूसरों को समझने की कोशिश नहीं करते.

जिन लोगों के नाखून पतले व लंबे हों
जिन लोगों के नाखून पतले व लंबे होते हैं, ऐसे लोग जल्दी निर्णय नहीं ले पाते. ऐसे लोगों को निर्णय लेने के लिए परिवार या दोस्तों की मदद की ज़रूरत पड़ती है.

जिन लोगों के नाखून चौकोर हों
जिन लोगों के नाखून चौकोर होते हैं, ऐसे लोग दिल के बड़े कमज़ोर होते हैं. ज़रा सी भी परेशानी से ऐसे लोग घबरा जाते हैं. इन्हें अपनी ज़िंदगी में बहुत ज़्यादा बदलाव नहीं चाहिए होता है. हां, ये मेहनती बहुत होते हैं और अपना हर काम बड़ी लगन से करते हैं.

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इस साल 5 जून से 5 जुलाई तक एक महीने में तीन ग्रहण पड़ने वाले हैं. ये ग्रहण 5 जून, 21 जून और 5 जुलाई को पड़ेंगे. इस बार एक महीने में तीन ग्रहण पड़ेंगे, जिनमें से दो चंद्र ग्रहण और एक सूर्य ग्रहण हैं. जहां तक भारत में ग्रहण के असर की बात है, 5 जून को और 5 जुलाई को जो चंद्र ग्रहण पड़ेगा, वो देशभर में कहीं दिखाई नहीं देगा, इसीलिए इन दोनों ग्रहण के दौरान सूतक काल और वधू पालन करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन 21 जून 2020 को पड़ने वाला सूर्यग्रहण साल का सबसे बड़ा ग्रहण है और ये सूर्यग्रहण जरूर इतिहास रचने वाला है, इसलिए इस ग्रहण के बारे में आपको संपूर्ण जानकारी होनी जरूरी है. 21 जून 2020 को पड़ने वाला सूर्यग्रहण हमारे जीवन पर क्या प्रभाव डालने वाला है, इस ग्रहण से किन राशियों को क्या नुकसान और क्या लाभ होने वाला है, इसके बारे में हमने बात की ज्योतिष शिरोमणि पंडित राजेंद्रजी से. इस साल के सबसे बड़े सूर्यग्रहण के बारे में पंडित राजेंद्रजी हमें इस प्रकार विस्तार से पूरी जानकारी दी.

Solar Eclips

भारत में 21 जून को दिखेगा कंकण (चूड़ामणि) सूर्यग्रहण
कंकण (चूड़ामणि) सूर्यग्रहण 21 जून 2020 को सुबह से दोपहर तक संपूर्ण भारत में खंडग्रास के रूप में दिखाई देगा. उत्तरी राजस्थान, उत्तरी हरियाणा और उत्तराखंड में इस ग्रहण का परमग्रास 994 प्रतिशत रहेगा. 21 जून 2020 को पड़ने वाला सूर्यग्रहण भारत के अलावा दक्षिणी-पूर्वी यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, फिजी, अफ्रीका, हिंद महासागर, पूर्वी एशिया, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन, वर्मा, फिलीपीन्स में दिखाई देगा. यह कंकण सूर्यग्रहण रविवार के दिन घटित हो रहा है, अतः इसे चूड़ामणि सूर्यग्रहण कहा जाता है. शास्त्रों में इस ग्रहण में स्नान-दान, जप-पूजा-पाठ आदि कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है. पवित्र तालाबों, गंगा, हरिद्वार, प्रयागराज आदि पवित्र तीर्थस्थलों पर स्नानादि से विशेष पुण्यफल प्राप्त होता है.

सूर्यग्रहण 21 जून 2020 का समय
इस सूर्यग्रहण की अवधि- 5 घंटे 48 मिनट 03 सेकंड रहेगी

पृथ्वी पर इस कंकण सूर्यग्रहण का समय
ग्रहण प्रारंभ – सुबह 9 बजकर 15 मिनट 58 सेकंड
कंकण प्रारंभ- सुबह 10 बजकर 17 मिनट 45 सेकंड
परमग्रास (मध्य)- 12 बजकर 10 मिनट 04 सेकंड
कंकण समाप्त– दोपहर 2 बजकर 2 मिनट 17 सेकंड
ग्रहण समाप्त- 3 बजकर 4 मिनट 01 सेकंड

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सूर्यग्रहण 21 जून 2020 का 12 राशियों पर होगा क्या असर?
सूर्यग्रहण 21 जून 2020 का यह ग्रहण मृगशिरा और आर्द्रा नक्षत्र मिथुन राशि में घटित होगा. दो तिथि पर गंड व वृद्धि पर भी होगा. लेकिन 21 जून 2020 को पड़ने वाला सूर्यग्रहण साल का सबसे बड़ा ग्रहण है और इसका हर राशि पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा. आइए, हम आपको बताते हैं कि इस सूर्यग्रहण का किस राशि पर क्या असर होने वाला है.

1) मेष
धन के रास्ते खुलेंगे, लाभ होगा.
2) वृषभ
धन की हानि, पैसे से संबंधित चिंता उत्पन्न होगी.
3) मिथुन
दुर्घटना, चोट, भय, चिंता, कलह में वृद्धि हो सकती है.
4) कर्क
शारीरिक पीड़ा हो सकती है, वाहन से बचें.
5) सिंह
चिंता से राहत मिलेगी, नया कार्य मिलेगा.
6) कन्या
रोग बढ़ सकते हैं, कष्ट बढ़ेंगे.
7) तुला
संतान को कष्ट होगा, चिंता उत्पन्न होगी.
8) वृश्चिक
शत्रु बढ़ सकते हैं, बहस से बचें, धन लाभ होगा.
9) धनु
जीवनसाथी को कष्ट हो सकता है, मानसिक चिंता बढ़ेगी.
10) मकर
गुप्त चिंता उभरेगी, शत्रु काम में बाधा डाल सकते हैं.
11) कुंभ
अधिक खर्च होगा, कार्य में परेशानी हो सकती है.
12) मीन
कार्य बढ़ेंगे, धन वृद्धि होगी, नए मकान के योग हैं.

सूर्यग्रहण 21 जून 2020 के दिन करें ये विशेष उपाय, होगी हर मनोकामना पूरी
सूर्यग्रहण 21 जून 2020 के दिन ये विशेष उपाय करने से आप आनेवाली मुसीबत से बच सकते हैं और अपनी हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं. इसके लिए कांसे की कटोरी में घी भरकर उसमें चांदी का सिक्का डालकर अपना मुंह देखकर छायापात्र मंत्र पढ़ें. ग्रहण समाप्ति पर ब्राह्मण को वस्त्र, फल, दक्षिणा दान करें. ये उपाय करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है.

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ग्रहण काल में क्या करें – क्या न करें

  • जब ग्रहण प्रारंभ हो रहा हो, उस समय से पहले ही स्नान, जप, संकल्प आदि कर लें. मध्यकाल में होम, देव पूजा, पाठ, ग्रहण मोक्ष समीप होने पर दान तथा पूर्ण मोक्ष होने पर पुनः स्नान करना चाहिए.
  • पका हुआ अन्न, कटी हुई सब्ज़ियां आदि ग्रहण काल में दूषित हो जाते हैं इसलिए ग्रहण काल शुरू होने से पहले ही इनका प्रयोग कर लें. तेल, घी, मक्खन, लस्सी, पनीर, अचार, चटनी, मुरब्बा में कुशा रखने से ये ग्रहण काल में दूषित नहीं होते हैं.

ग्रहण काल में गर्भवती महिलाएं क्या करें – क्या न करें
गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल में सब्जी न काटें, पापड़ न सेंकें, गुस्से से बचना चाहिए. गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल में सोएं नहीं. गर्भवती महिलाओं के अलावा वृद्ध, रोगी, बच्चे भोजन या दवाई का सेवन कर सकते हैं. इसमें कोई दोष नहीं है.

26 दिसंबर 2019 के सूर्यग्रहण के लिए पंडित राजेंद्र जी ने क्या भविष्यवाणी की थी और इस सूर्यग्रहण का आपकी राशि पर क्या असर होगा, जानने के लिए देखें ये वीडियो:

सूर्यग्रहण 21 जून 2020 का क्या होगा असर?
यह सूर्यग्रहण राहु और मंगल के नक्षत्र में होने के कारण अग्नि से भय, दुर्घटना, प्राकृतिक आपदाएं, राजनेताओं को कष्ट, भूकंप, सूखा जैसी विषम परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं. इसके अलावा आंदोलन, फसल को नुकसान, गायों के दूध में कमी, विश्व के राष्ट्र अध्यक्षों के बीच तनाव की स्थिति देखने को मिल सकती है. कपड़े के व्यापारी, फल-फूल का व्यापार करने वाले, लेखक, शराब पीने वाले लोगों के लिए ये ग्रहण शुभ नहीं है. यमुना के निकट के गांववासियों के लिए भी ये समय शुभ नहीं है.

शनि वक्री, गुरु वक्री, बुध वक्री, शुक्र वक्री
चार ग्रहों का वक्री होना, दो नक्षत्र पर ग्रहण, दो तिथियों पर ग्रहण, कुल मिलाकर 21 जून का ग्रहण जरूर कोई इतिहास बनाकर जाएगा. जनता सचेत रहे, जप, हवन, पूजा, ध्यान, सत्संग को प्राथमिकता दे, तो स्थिति ठीक हो सकती है. ईश्वर सबका कल्याण करें, सबकी रक्षा करें.
– कमला बडोनी

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अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के पीछे बहुत सारी मान्यताएं और बहुत सारी कहानियां भी जुड़ी हैं. इसे भगवान परशुराम जन्मदिन यानी परशुराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम के अलावा विष्णु के अवतार नर व नारायण के अवतरित होने की मान्यता भी इसी दिन से जुड़ी है. यह भी मान्यता है कि त्रेता युग का आरंभ इसी तिथि से हुआ था. मान्यता के अनुसार इस तिथि को उपवास रखने, दान करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है यानी इस दिन व्रत रखने वाले को कभी भी किसी चीज़ का अभाव नहीं होता, उसके भंडार हमेशा भरे रहते हैं. चूंकि इस व्रत का फल कभी कम न होने वाला, कभी न घटने वाला, कभी नष्ट न होने वाला होता है, इसलिए इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है. अक्षय तृतीया 2020 का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मान्यताओं से जुड़ी सभी जानकारी दे रहे हैं पंडित राजेंद्रजी.

Akshaya Tritiya 2020

अक्षय तृतीया 26 अप्रैल 2020: जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मान्यताएं

अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त – 05:48 से 12:19
सोना खरीदने का शुभ समय – 05:48 से 13:22
तृतीया तिथि प्रारंभ – 11:51 (25 अप्रैल 2020)
तृतीया तिथि समाप्ति – 13:22 (26 अप्रैल 2020)

अक्षय तृतीया से जुड़ी मान्यताएं

  • माना जाता है कि जो लोग इस दिन अपने सौभाग्य को दूसरों के साथ बांटते हैं, उन्हें ईश्वर की असीम अनुकंपा प्राप्त होती है. इस दिन दिए गए दान से अक्षय फल की प्राप्ति होती है. सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना से इस दिन शिव-पार्वती और नर-नारायण की पूजा का विधान है.
  • अक्षय तृतीया के दिन दान को श्रेष्ठ माना गया है. चूंकि वैशाख मास में सूर्य की तेज धूप और गर्मी चारों ओर रहती है और यह आकुलता को बढ़ाती है, तो इस तिथि पर शीतल जल, कलश, चावल, चना, दूध, दही आदि खाद्य पदार्थों सहित वस्त्राभूषणों का दान अक्षय व अमिट पुण्यकारी होता है.

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Akshaya Tritiya 2020

अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर जानें मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के आसान उपाय

1) लग्न राशि के ‘स्वामी ग्रह’ को करें प्रसन्न
प्रत्येक जातक की एक चन्द्र राशि होती है और इसी तरह कुंडली में जन्म के समय से संबंधित एक लग्न राशि भी होती है. जातक के गुण व व्यवहार को लग्न राशि काफी हद तक प्रभावित करती है. यदि किसी के कार्य नहीं बन पा रहे हैं या आर्थिक रूप से तकलीफ में हैं, तो अपनी लग्न राशि के ‘स्वामी ग्रह’ के अनुकूल रंग की कोई वस्तु अपने साथ जरूर रखें या स्वामी ग्रह के रंग से संबंधित कोई एक छोटा कपड़ा अपने साथ जरूर रखें.

2) अलमारी रखें उचित स्थान पर
धन की अलमारी उत्तर दिशा के कमरे में दक्षिण की दीवार पर अगर लगी हो, तो यह धनवृद्धि में लाभदायक साबित हो सकती है.

3) मुख्य द्वार पर दीपक लगाएं
प्रात: सुबह लक्ष्मीजी का पूजन घर में प्रतिदिन किया जाना चाहिए और सायंकाल घर के मुख्य द्वार पर दाईं ओर एक घी का दीया जरूर जलाना चाहिए. इन दोनों कार्यों से धन की देवी लक्ष्मीजी प्रसन्न होकर व्यक्ति के पास ही रहती हैं.

4) घर के मुख्य द्वार पर गणेशजी का स्वरूप
गणेश भगवान के स्वरूप को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से घर में धन संबंधित सभी समस्याओं का अंत होता है और घर में नकारात्मक शक्तियों का भी उदय नहीं हो पाता है.

5) घर में तुलसीजी का पौधा लगाएं
तुलसीजी की सेवा करने से धन-धान्य की कोई कमी नहीं होती है. तुलसी के पौधे पर नियमित रूप से दीपक लगाने और पूजन से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.

6) गोमाता को चारा खिलाएं
नित्य सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर गोमाता को हरा चारा या आटे का भोग लगाने से भी लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं.

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Akshaya Tritiya 2020

अक्षय तृतीया पर करें 14 तरह के दान, देखें जीवन में चमत्कार

चूंकि तृतीया मां गौरी की तिथि है, इसलिए इस दिन गृहस्थ जीवन में सुख-शांति की कामना से की गई प्रार्थना तुरंत स्वीकार होती है. गृहस्थ जीवन को खुशहाल रखने के लिए इस दिन उनकी पूजा की जानी चाहिए.

अक्षय तृतीया के दिन ये 14 दान हैं महत्वपूर्ण
1) गौ,
2) भूमि
3) तिल
4) स्वर्ण
5) घी
6) वस्त्र
7) धान्य
8) गुड़
9) चांदी
10) नमक
11) शहद
12) मटकी
13) खरबूजा
14) कन्या

अधिकतर लोग छोटे बच्चों को बुरी नज़र से बचाने के लिए उनके माथे पर, कान के पीछे, हथेली या तलवो पर कला टीका लगाते हैं. क्या वाकई बुरी नज़र लगती है? क्या वाकई बुरी नज़र होती है? कुछ समय पहले सारा अली खान अपने भाई इब्राहिम अली खान के साथ एक प्रमुख पत्रिका के लिए शूट कर रही थी. शूटिंग के समय सारा अली खान और उनके भाई इब्राहिम अली खान के साथ उनकी मां अमृता सिंह भी मौजूद थीं. सारा अली खान और उनके भाई इब्राहिम अली खान ने शूटिंग के लिए सफ़ेद रंग के बहुत ही खूबसूरत कपड़े पहने थे. सारा अली खान सफ़ेद कपड़ों में बहुत खूबसूरत लग रही थी, ऐसे में मां अमृता सिंह ने अपनी बेटी सारा अली खान को बुरी नज़र से बचाने के लिए काला टीका लगाया था. सारा अली खान, इब्राहिम अली खान और उनकी मां अमृता सिंह की ये फोटो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुई थी. ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या वाकई बुरी नज़र लगती है? बच्चों को बुरी नज़र से बचाने के लिए काला टीका क्यों लगाते हैं? बुरी नज़र से बचने के लिए काला टीका लगाने की मान्यता और सच्चाई के बारे में विस्तार से बता रही हैं एस्ट्रो-टैरो एक्सपर्ट व न्यूमरोलॉजिस्ट मनीषा कौशिक.

Amrita Singh Sara Ali Khan Ibrahim Ali Khan

बच्चों को बुरी नज़र से बचाने के लिए काला टीका लगाने के पीछे ये मान्यता है
आपने अक्सर ये महसूस किया होगा कि जब हम किसी व्यक्ति से मिलते हैं, तो उससे मिलते या बात करते समय हम या तो अच्छा महसूस करते है या कुछ भी महसूस नहीं कर पाते या फिर बहुत बुरा महसूस करने लगते हैं. जिन लोगों से मिलकर हमारा मन खिन्न हो जाता है या हम भारीपन महसूस करने लगते हैं, जिन लोगों को हमारी सफलता से ईर्ष्या होती है, ऐसे लोगों से मिलकर होने वाली खिन्नता और भारीपन को हमारे बुज़ुर्गों ने नज़र लगना कहा है. काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को अपने अंदर समा लेता है, जिससे हम नकारात्मकता से बचे रहते हैं. नकारात्मक ऊर्जा को हमसे दूर रखने के लिए ही हमारे बड़े-बुज़ुर्ग हमें काला टीका या काला धागा बांधने की सलाह देते हैं.

आप भी देखिए सारा अली खान, इब्राहिम अली खान और उनकी मां अमृता सिंह की ये फोटो, जो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुई थी.

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बच्चों को बुरी नज़र से बचाने के लिए काला टीका लगाने के पीछे ये सच्चाई है
संसार में हर वस्तु व हर व्यक्ति के इर्दगिर्द एक ऊर्जा होती है और जितनी तेज़ी से नकारात्मक ऊर्जा फैलती है, उससे कम तेज़ी से सकारात्मक ऊर्जा फैलती है. जब भी हम किसी व्यक्ति के संपर्क में आते हैं, तो उसकी ऊर्जा हमें प्रभावित करने लगती है. अगर व्यक्ति से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है, तो वह ऊर्जा हमारे ऊपर भी भारी मात्रा में हावी होने लगती है. ऐसे लोग हमारी ऊर्जा को नकारात्मकता से प्रभावित कर हमारी ऊर्जा को तो नष्ट करते ही हैं, साथ ही हमारे प्रति बुरे विचार भी रखते हैं. ऐसे ही लोगों की बुरी नज़र हमें लगती है. इसी तरह जब हमें किसी से मिलकर अच्छा लगता है, तो ज़ाहिर-सी बात है कि वो व्यक्ति मन में हमारे लिए अच्छे विचार रखता है. ऐसे लोगों से मिलनेवाली तरंगें हमें अच्छा व मज़बूत बनाती हैं.

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घर में लाल चींटियों (Red Ants) का आना अशुभ माना जाता है इसलिए हम सब घर में लाल चींटियां देखकर उन पर आटा या हल्दी डालकर उन्हें भगा देते हैं. क्या वाकई घर में लाल चींटियों का आना अशुभ होता है? घर में लाल चींटियां आने से क्या होता है, इसके बारे में बता रही हैं एस्ट्रो-टैरो एक्सपर्ट व न्यूमरोलॉजिस्ट मनीषा कौशिक.

Red ants

आपने भी अपने घर में कभी न कभी लाल चींटियों को देखा ही होगा. जब बात बारिश के मौसम की आती है तो हम अक्सर अपने इर्दगिर्द घर के कोनो में, दरवाज़ों के किनारे, रसोई घर में इत्यादि जगहों पर चींटियों को पाते हैं. ऐसे में घर में चींटियों को देखते ही हम उन पर हल्दी या आता डालकर उन्हें भगा देते हैं. परन्तु क्या हम कभी यह सोचते हैं कि अचानक चींटियों का झुण्ड हमारे घर में क्यों आने लग गया है? अक्सर मौसम बदलते ही हम अपने घर में चींटियों का झुण्ड देखते हैं. परन्तु बेमौसम अचानक और बार-बार चींटियों का घर में या ऑफिस में दिखना क्या हमें कुछ इशारा करता है? क्या है चींटियों के आने की सच्चाई? घर में सामान्यतः दो प्रकार की चींटियां पाई जाती हैं- एक लाल चींटियां और दूसरी काली चींटियां.

घर में लाल चीटियों के आने से क्या होता है?
ऐसी मान्यता है कि चीटियों का संबंध हमारे ग्रहों में से शनि और राहु से होता है. चीटियों को शुभ-अशुभ मानने से जुड़ी एक कथा भी है. चींटी को श्रीहरि विष्णु का प्रतीक माना जाता है. ये तो हम सभी जानते हैं कि प्रह्लाद को मारने हेतु विभिन्न प्रकारों से सताया गया था. एक बार हिरण्यकश्यप ने कहा कि यदि हरि पर इतना विश्वास है, तो इस दहकते लोहे के खंबे से लिपटकर दिखाओ. ऐसे में प्रह्लाद ने जब अपने आराध्य श्री विष्णु को चींटी के रूप में उस लौह स्तंभ पर घूमते देखा, तो खुशी-खुशी उससे लिपट गए. तपता हुआ लौह स्तंभ शीतल हो गया. ऐसी मान्यता है कि चींटी रूपी नारायण को भोजन कराने से राहु एवं शनि के कोपों का शमन होता है. कई लोग ऐसा भी मानते हैं कि घर में लाल चीटियों का आना अशुभ होता है. साथ ही ऐसी भी मान्यता है कि चीटियों को आटा डालने से कर्ज़ से मुक्ति मिलती है.

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Red ants

घर में लाल चीटियों के आने से होता है ये
एस्ट्रो-टैरो एक्सपर्ट व न्यूमरोलॉजिस्ट मनीषा कौशिक के अनुसार, किसी भी जीव को शुभ-अशुभ से जोड़ना गलत है. लाल चींटियों को अशुभ मानने के पीछे ये वजह हो सकती है कि लाल चींटियों के काटने से बहुत तेज़ दर्द तो होता है और सूजन भी आ जाती है. चींटियां ज़्यादातर खाने की चीज़ों के आसपास ही आती हैं. पुराने ज़माने में लोगों की रसोइयां साधारण होती थीं. रसोई के बर्तन आदि खुले ही रहते थे. ऐसे में नमी के कारण चींटियां रसोई में और खाने की चीज़ों पर आ जाती थीं. काली चींटियां तो अपना भोजन लेकर बिलों में चली जाती थीं, लेकिन लाल चींटियां खाद्य पदार्थों को खराब करने के साथ ही तेज़ काटती भी थीं. लाल चींटियों के काटने के कारण ही उन्हें अशुभ संकेत से जोड़कर देखा जाता है.

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सपने में दांत टूटना देखने से क्या होता है? क्या आपने भी सपने में दांत टूटते हुए देखा है? हम सभी सपने देखते हैं. कभी अच्छे तो कभी बुरे, लेकिन सपने आते ज़रूर हैं. ज़्यादातर सपने देखकर हम भूल भी जाते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हमारा देखा हुआ सपना हमें याद भी रहता है ओर किसी घटना को भी दर्शाता है. ऐसे विशेष सपनों का दिखना और उनका हमें याद रहना या तो आनेवाली किसी विशेष घटना की तरफ़ संकेत देता है या हमारे साथ हो चुकी घटना या हमारे आसपास के माहौल को दर्शाता है. ऐसा ही एक सपना है दांत टूटने का, जो अक्सर लागों को दिखाई देता है. आइए, जानते हैं दांत टूटने के सपने से जुड़े कुछ अर्थ.

Dream Interpretation

सपने में दांत टूटना देखने से क्या होता है?
हम अक्सर अपने घर के बड़े-बुज़ुर्गों को कहते सुनते हैं कि सुबह के सपने अक्सर सच होते हैं. लेकिन सही मायने में ऐसा कोई भी सपना जिसमें कोई विशेष घटना या कोई वस्तु दिखाई दे, तो ऐसा सपना किसी ख़ास परिस्थिति जो हो घटित हो चुकी है या होनेवाली है, उसकी ओर संकेत देता है. ऐसा ही एक सपना है दांत टूटने का, जो अक्सर लागों को दिखाई देता है. कई लोग इस सपने को यह सोचकर अनदेखा कर देते हैं कि ये महज़ एक इत्तेफ़ाक है, लेकिन दांत टूटने का सपना एक बहुत ही गहरा अर्थ रखता है, जो हमारी ज़िंदगी में कई मायनों से जुड़ा है.

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जानें सपने में दांत टूटना दिखने के शुभ-अशुभ संकेत
आपने भी अक्सर ऐसा सुना होगा कि दांत टूटने का स्वप्न आनेवाली बीमारी, संकट या किसी कष्ट को दर्शाते हैं, पर क्या यह सच है? क्या सही में दांत टूटना आनेवाली किसी परेशानी की ओर संकेत करता है? नहीं, ये सच नहीं है. बचपन में जब हमारे दूध के दांत गिरते हैं, तो हमें उनके बदले नए और मज़बूत दांत मिलते हैं और ये नए दांत ज़िंदगीभर हमारे साथ रहते हैं. नए दांत तभी आते हैं, जब पुराने दांत टूट जाएं.
इसी तरह जब कोई व्यक्ति दांत टूटने का सपना देखता है, तो वह उसके जीवन में आनेवाले नए अवसरों की ओर इशारा करता है.

इसके अतिरिक्त यह भी मायने रखता है कि व्यक्ति ने सपना किन परिस्थितियों में देखा है. अगर हम सामान्य रूप से दांत टूटने का सपना देखें, तो दांत टूटने का स्वप्न एक बहुत अच्छा और नवीनता दर्शानेवाला स्वप्न माना गया है. अत: आपने भी यदि सपने में दांत टूटते देखा है, तो डरें नहीं, ये आपके लिए बहुत अच्छा संकेत है.

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सपने में सिक्के देखने से क्या होता है? क्या आप जानते हैं सपने में सिक्के दिखने के शुभ-अशुभ संकेत? सपनों की दुनिया जितनी खूबसूरत है, उतनी ही निराली भी है. हम सपने में खुद को या हम से जुड़े लोगो को बहुत कुछ करते या बहुत-सी परिस्तिथियों में देखते हैं. हम अपने आप को या खुद से जुड़े लोगो को असंभव स्थितियों में देखते हैं, असंभव चीज़ें देखते हैं या कुछ ऐसा देखते हैं, जो असल ज़िंदगी में बिल्कुल भी साध्य ना हो. लेकिन इन परिस्थितियों व वस्तुओं को सपने में देखना हमारे जीवन पर काफी प्रभाव डालता है. सपने में सिक्के देखने से क्या होता है, इसके बारे में बता रही हैं एस्ट्रो-टैरो-न्यूमरोलॉजी-वास्तु व फेंगशुई एक्सपर्ट मनीषा कौशिक.

Seeing Coins In Dream

सपने में सिक्के देखने से क्या होता है?
कुछ सपने ऐसे होते हैं जो हमें ख़ुशी देते हैं, हमें सचेत करते हैं या हमें हमारे भविष्य के बारे में आगाह करते हैं. सपनों की दुनिया बहुत ही प्रभावशाली है, ये हमें हमारे आतंरिक विश्‍वास व क्षमताओं से रू-ब-रू कराकर हमें सतर्क करते हैं. सपने मानसिक चिंताओं से हमारा ध्यान भंग करने और हमारे मन के भय को खत्म करने में भी सहायक होते हैं.

ऐसे समझें सपनों के संकेत
आपके द्वारा देखे गए स्वप्न, चाहे वो शुभ फलदायी हों या अशुभ फलदायी, उनके द्वारा दिए गए संकेत को अवश्य समझें. विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ सामान्य सपने अमूमन हम सभी देखते हैं, जैसे- ऊंचाई से गिरना, तेज़ दौड़ना, दांत टूटना, सिक्के देना या सिक्के मिलना आदि. इस तरह के सपने मनुष्य लगभग एक समान परिस्तिथियों से गुज़रते हुए देखता है. आइए, हम आपको कुछ ऐसे सपनों के बारे में बताते हैं, जिन्हें देखकर मनुष्य खुश तो होता है, लेकिन ये नहीं समझ पाता कि ऐसे सपने देखना शुभ है या अशुभ. कई लोग अपने सपने के बारे में बताते हैं कि उन्होंने सपने में सिक्के देखे, सपने में सिक्के दिए या फिर सपने में सिक्के लिए. दरअसल, सिक्कों से जुड़े सपने, जो कई अलग-अलग परिस्तिथियों में देखे जाते हैं, उनका अर्थ भी परिस्तिथियों के अनुसार अलग-अलग होता है.

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कौन-से सिक्के देखने से क्या होता है?
आपने अपने सपने में किस धातु का सिक्का देखा है और उसका क्या अर्थ होता है? आइए, हम आपको बताते हैं:

1) सपने में चांदी के सिक्के देखना
अगर आपको सपने में चांदी के सिक्के दिखाई दें, तो ये चन्द्रमा को दर्शाता है. ऐसा सपना हमारे सहजबोध (इंट्यूशन) की तरफ इशारा करता है, जैसे- आप यदि किसी ऐसी अवस्था में हैं, जहां आप ये निश्‍चय नहीं कर पा रहे हैं कि ये करना सही होगा या वो करना. ऐसी स्थिति में आपको अपने सहजबोध (इंट्यूशन) की सुननी चाहिए.सपने में चांदी के सिक्के आपकी उलझन का उत्तर दर्शाते हैं.

2) सपने में सोने के सिक्के देखना
यदि आपको सपने में सोने के सिक्के दिखाई देते हैं, तो निराश ना हों. सपने में सोने के सिक्के दिखने का सीधा संबंध सूर्य से है. सूर्य सबसे अधिक ऊर्जावान है और सूर्य हमारे अंदर के उत्साह, जोश और उमंग की तरफ इशारा करता है. अगर आप किसी ऐसी परिस्तिथि में हैं, जहां आप ये निर्णय नहीं ले पा रहे हैं कि आपको यह कार्य करना चाहिए या नहीं, तो आप खुश हो जाइए. यह सपना आपको यही बता रहा है कि आप जो कार्य करने जा रहे हैं, वो आपके लिए बहुत ही शुभ और फलदायी होगा.

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3) सपने में तांबे के सिक्के देखना
तांबे के सिक्के ग्रह मंगल से संबंध रखते हैं. सपने में तांबे के सिक्के दिखने का मतलब है, उभारना, इलाज (हीलिंग). यदि आप सपने में खुद को किसी से तांबे के सिक्के लेते हुए देखते हैं, तो ये सपना आपके स्वास्थ्य की तरफ इशारा करता है. यह सपना यह बताता है कि आप जिस समस्या या बीमारी से जूझ रहे थे, अब आप उससे बाहर आ जाएंगे. साथ ही आने वाले समय में आपका स्वास्थ्य बेहतर होगा.

4) सपने में मुद्रा (करेंसी) के सिक्के देखना
यदि आप सपने में मुद्रा (करेंसी) से जुड़े सिक्के देखते हैं यानी अपने देश की करेंसी के सिक्के देखते हैं, तो यह आपके आने वाले खर्चे या आने वाले मुनाफे की और संकेत करता है. यदि आपको सपने में कोई ये सिक्के दे, तो इसका मतलब है कि आपको आने वाले समय में कुछ न कुछ मुनाफा अवश्य ही होगा. इसी तरह यदि सपने में आप ये सिक्के किसी को देते हुए दिखते हैं, तो इसका अर्थ यह है कि आने वाले समय में आपको जो बड़ी आर्थिक हानि होने वाली थी, वो थोड़े से नुकसान से ख़त्म हो जाएगी. यानी आपका बड़ा घटा छोटे घाटे में टल जाएगा.

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26 दिसंबर 2019 के सूर्यग्रहण यानी इस साल के आखिरी सूर्यग्रहण का आपकी राशि पर क्या असर होगा, ये आप भी ज़रूर जानना चाहते होंगे. ग्रहण का प्रभाव हर राशि पर अलग-अलग पड़ता है इसलिए हर राशि के लोगों को इसके लिए उपाय भी अलग-अलग करने होते हैं. सभी बारह राशियों पर सूर्यग्रहण का क्या असर होगा और ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए उन्हें क्या उपाय करने होंगे ये बता रहे हैं ज्योतिष व वास्तु एक्सपर्ट पंडित राजेंद्र जी.

Surya Grahan Solar Eclipse

* 26 दिसंबर 2019 का सूर्यग्रहण धनु राशि में पड़ रहा है इसलिए धनु राशि वालों को ग्रहण काल में बहुत संभलकर रहना होगा.

* 26 दिसंबर 2019 का सूर्यग्रहण सुबह 8 बजे से 10.50 तक रहेगा यानी ग्रहणकाल 3 घंटे 12 मिनट का होगा. सूतक 25 दिसंबर की रात 8.17 बजे से शुरू हो जाएगा.

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* सूतक काल से ग्रहण काल तक भोजन करना, पानी पीना, शौच आदि वर्जित माना जाता है. हां, गर्भवती महिलाएं, बीमार और बुजुर्ग लोग, छोटे बच्चों के लिए ये नियम नहीं हैं.

* ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए खाना, पानी, घी, पनीर, गीली चीज़ों में कुशा डाल दें.

* इस सूर्यग्रहण में सात राशियां ज्यादा प्रभावित होंगी.

* ग्रहण काल में सही उपाय कर के ग्रहण के प्रभाव से बचा जा सकता है.

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* इस ग्रहण काल में देश में आपदाएं आ सकती हैं.

* यह सूर्यग्रहण देश की राजनीति में भी उथल-पुथल ला सकता है.

सभी बारह राशियों पर 26 दिसंबर 2019 के सूर्यग्रहण का क्या असर होगा और ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए उन्हें क्या उपाय करने होंगे, जानने के लिए देखें ये वीडियो: