Kaala movie review

रजनीकांत इंडियन फिल्म इंडस्ट्री का एक ऐसा नाम है जो किसी पहचान का मोहताज नहीं है. अभिनेता रजनीकांत (Rajnikant) की इमेज सुपरहीरो की है और लोग उनकी हर फिल्म देखने के लिए बेताब रहते हैं, या यूं कह लें कि उनके चाहने वाले सिर्फ़ उनका दीदार करने के लिए सिनेमाघरों तक खींचे चले आते हैं. आज सिनेमाघरों में रजनीकांत की फिल्म ‘काला’ रिलीज़ हुई है और फिल्म में उनका काला अवतार दर्शकों को तेज़ी से सिनेमाघरों की ओर खींच रहा है.

फिल्म- काला
डायरेक्टर- पा. रंजीत
स्टार कास्ट- रजनीकांत, नाना पाटेकर, ईश्वरी राव, हुमा कुरैशी.
रेटिंग- 3/5

कहानी-  इस फिल्म की कहानी पूरी तरह से मुंबई के झोपड़पट्टी इलाके धारावी पर केंद्रित है. फिल्म में काला करिकलन (रजनीकांत) झोपड़पट्टी में रहनेवाले गरीबों का मसीहा, उनका हमदर्द और सुख-दुख का साथी है, लेकिन फिल्म में गैंगस्टर से नेता बने हरि बाबू (नाना पाटेकर) की नज़र इस इलाके पर है. वो इस ज़मीन को हथियाकर इसपर बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी करना चाहता है. जिसके बाद दोनों के बीच जंग छिड़ जाती है. दोनों के बीच की इस दिलचस्प जंग में जीत किसकी होती है यह देखने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

एक्टिंग- हमेशा की तरह इस फिल्म के ज़रिए भी रजनीकांत का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है. रजनीकांत का पुल के ऊपर बारिश में फाइट सीन काफ़ी जबरदस्त है. वैसे भी जिस फिल्म में रजनीकांत होते हैं,  फैंस बाकी एक्टर्स को देखना भूल जाते हैं, लेकिन बात करें नाना पाटेकर की तो उन्होंने भी काफ़ी अच्छी एक्टिंग की है. फिल्म में हुमा कुरैशी सिंगल मदर बनी हैं और वो काला की प्रेमिका का किरदार निभा रही हैं, लेकिन दोनों के बीच उम्र का ज़बरदस्त फ़ासला दिखाई दे रहा है. हालांकि ईश्वरी राव ने काला की पत्नी के रूप में बेहतरीन अभिनय किया है.

डायरेक्शन-  फिल्म के डायरेक्टर पा रंजीत ने फिल्म में रजनीकांत को नया रूप देने की कोशिश की है. हालांकि इस कहानी में कोई नयापन नहीं है, लेकिन मुंबई और धारावी को अच्छे से शूट किया गया है. बारिश में हो रही लड़ाई और नाना पाटेकर के साथ टकराव वाले सीन पर थिएटर तालियों से गूंज उठता है. फिल्म थोड़ी लंबी है और यह बात दर्शकों को परेशान कर सकती है.

अगर आप रजनीकांत और नाना पाटेकर के ज़बरदस्त फैंन हैं तो फिल्म काला ज़रूर देखें.