Kaifi Azmi

kaifi-azmi-2 (1)हिंदी सिनेमा को बेहतरीन गाने देने वाले शायर, कवि, स्क्रिप्ट राइटर कैफ़ी आज़मी साहब का आज 98वां जन्मदिन है. आज़मी साहब भले ही हमारे बीच आज न हों, लेकिन उनकी लिखे हुई ग़ज़ल, शायरी और गानें हमेशा उनके साथ होने का एहसास कराती रहती है. कैफ़ी साहब का जन्म 14 जनवरी 1919 को आज़मगढ़ ज़िले के मिजवां गांव में हुआ था. उनका असली नाम अख़्तर हुसैन रिज़वी था. बचपने से ही कविताएं पढ़ने के शौक़ीन वाले कैफ़ी साहब ने 11 साल की छोटी-सी उम्र में अपनी पहली ग़ज़ल लिखी थी. उनके पिता उन्हें एक मौलाना के रूप में देखना चाहते थे, लेकिन वह मज़दूर वर्ग के लिए कुछ करना चाहते थे. उन्होंने तय किया कि वो लिखने के हुनर का इस्तेमाल सामाजिक संदेश देने के लिए करेंगे. कैफ़ी साहब को समाज के शोषित वर्ग का शायर कहा जाता था. कैफ़ी साहब केवल शायर ही नहीं थे, वह एक अच्छे स्टेज परफॉर्मर भी थे. स्टेज पर उन्हें सुनना एक अनुभव था. हैदराबाद में एक मुशायरे में कैफ़ी साहब अपनी मशहूर नज़्म ‘औरत’ सुना रहे थे, जिसे सुनकर एक लड़की ने अपनी मंगनी तोड़ दी थी.

कैफ़ी आज़मी की जयंती के मौक़े पर उनकी बेटी शबाना आज़मी ने उनके जुहू स्थित घर जानकी कुटीर पर एक म्यूज़िकल शाम का आयोजन किया है, जिसकी जानकारी उन्होंने टि्वटर पर दी है.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से कैफ़ी आज़मी साहब को नमन.

आइए, उनके जन्मदिन के मौक़े पर देखते हैं उनके लिखे कुछ बेहतरीन गानें.

फिल्म- हक़ीक़त

फिल्म- पाकीज़ा

फिल्म- कागज़ के फूल

फिल्म- हंसते ज़ख़्म

फिल्म- नौनिहाल

फिल्म- हीर रांझा

फिल्म- अर्थ

फिल्म- फिर तेरी कहानी याद आई

फिल्म- छोटी बहु 

– प्रियंका सिंह