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बर्थडे स्पेशल: आनंद मरा नहीं… आनंद मरते नहीं, काका के सुपरहिट डायलॉग्स और उनकी दिलचस्प बातें (Birthday Special: Top 10 Dialogues Of Rajesh Khanna)

Top 10 Dialogues Of Rajesh Khanna

Top 10 Dialogues Of Rajesh Khanna

बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार, रोमांस के बादशाह, जवां दिलों की धड़कन राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन इस लीजेंड की फिल्में और डायलॉग्स आज भी हमें कुछ सिखा जाते हैं. आइए, इस स्पेशल डे पर एक नज़र डालते हैं उनके कुछ फेमस डायलॉग (Famous Dialogues) पर.

  • मैं मरने से पहले नहीं मरना चाहता… ये तो मैं ही जानता हूं कि ज़िंदगी के आख़िरी पड़ाव पर कितना अंधेरा है.
  • बाबू मोशाय, ज़िंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में है जहांपनाह, उसे ना आप बदल सकते हैं ना मैं. हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं, जिनकी डोर ऊपर वाले की उंगलियों में बंधी है. कब कौन कहां उठेगा ये कोई नहीं बता सकता.
  • बाबु मोशाय, ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए…लंबी नहीं…
  • मैंने तुमसे कितनी बार कहा पुष्पा मुझसे ये आंसू नहीं देखे जाते. आई हेट टियर्स.
  • एक छोटा सा ज़ख़्म बहुत गहरा दाग़ बन सकता है.
  • इंसान को दिल दे, दिमाग़ दे, जिस्म दे पर कमबख़्त ये पेट न दे.
  • सेठ जिसे तुम ख़रीदने चले हो, उसके चेहरे पर लिखा है नॉट फॉर सेल.
  • किसी बड़ी ख़ुशी के इंतज़ार में हम ये छोटी-छोटी ख़ुशियों के मौ़के खो देते हैं.
  • मैंने मौत को देखा तो नहीं, पर शायद वो बहुत ख़ूबसूरत है. कमबख़्त जो भी उससे मिलते हैं, जीना छोड़ देते हैं.
  • ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं.
  • इस एक ग्लास में एक मज़दूर के एक महीने की रोटी है औऱ परिवार की सांस.

आज भी काका के प्रशंसक उन्हें उतना ही प्यार करते हैं और शायद काका भी ऊपर से ये देख रहे होंगे कि उनके फैन्स उन्हें कितना मिस करते हैं. उनकी फिल्में, गाने, संवाद, स्टाइल और दरियादिली को भुलाया नहीं जा सकता. आप भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन अपने फैन्स के दिलों में हमेशा यूं ही छाए रहेंगे, क्योंकि आनंद मरा नहीं… आनंद मरते नहीं.

यह भी पढ़ें: जग जिस पर हंसता है, इतिहास वही रचता है… रेसलर संग्राम सिंह 

राजेश खन्ना… एक रूमानी एहसास

Top 10 Dialogues Of Rajesh Khanna

एक मीठी मुस्कान और न जाने कितनी हसीनाओं के दिल की धड़कनें थम जाती थीं… एक जादूभरी नज़र और न जाने कितनों की रातों की नींदें उड़ जाती थीं… हर दिल उनकी एक-एक अदा पर फिदा था… हर जवां नज़रों में जिसको पाने का ख़्वाब था… वो थे रोमांस के बादशाह, जिनको प्यार से सब कहते थे काका… जी हां, राजेश खन्ना साहब (Rajesh Khanna)… जिनके लिए यह मशहूर था कि ऊपर आका, नीचे काका… ये था उनकी पॉप्युलैरिटी का सबसे बड़ा सबूत…

उनके जन्मदिन के अवसर हम उनकी ज़िंदगी से जुड़े कुछ राज़ आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं…

  • ऐसा माना जाता है कि जब राजेश खन्ना और डिंपल पहली बार मिले थे, तो दोनों ही अपने टूटे दिलों को संभालने की कोशिश में जुटे थे. कहा जाता है कि डिम्पल और ऋषि कपूर बॉबी के दौरान बेहद क़रीब आ गए थे, पर दोनों एक न हो पाए… इसी तरह राजेश खन्ना भी अंजू महेंद्रू के साथ अपनी रिलेशनशिप को एक मुकाम देने में नाकामयाब हो रहे थे. दो टूटे दिल साथ आए और फिर एक हो गए.
  • शादी के व़क्त डिंपल महज़ 15 साल की थीं और राजेश लगभग 31 साल के. शादी के बाद डिंपल का 16वां जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया गया.
  • दोनों ने अपना हनीमून पोस्टपोन किया था, क्योंकि तब तक डिंपल की डेब्यू मूवी बॉबी कंप्लीट नहीं हुई थी.
  • राजेश खन्ना ने जो उस दौरान स्टारडम देखा था, वो आज तक किसी भी सुपरस्टार ने नहीं देखा. उनके स्टारडम का आलम यह था कि उनकी स़फेद कार लड़कियों के लिपस्टिक के निशान से लाल हो जाती थी.
  • सुपरस्टार शब्द ही उनके स्टारडम की व्याख्या करने के लिए इजाद हुआ था.
  • उस व़क्त मुंबई के बंद पड़े स्टूडियोज़ को फिर से जीवंत कर देने का श्रेय भी राजेश खन्ना को जाता है. उस समय के वो सबसे कम समय में सबसे बिज़ी स्टार बन चुके थे.
  • कहा जाता है कि अपने स्ट्रगल के दौर में भी राजेश खन्ना उस दौर की सबसे महंगी कार में प्रोड्यूसर्स से मिलने जाते थे.
  • राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उन्हें उनके रिश्तेदारों ने गोद लिया था. बचपन में उनके कपड़े विदेशों से ही आते थे और वो काफ़ी लाड़-प्यार में पले-बढ़े थे.
  • किशोर कुमार उनके बेहद क़रीबी दोस्त थे और जो किशोर कुमार अपनी कंजूसी के लिए मशहूर थे, उन्होंने राजेश के लिए उनकी होम प्रोडक्शन मूवी (अलग-अलग) के लिए मुफ़्त में गाने गाए.
  • 1969 से लेकर 1971 के बीच राजेश खन्ना ने बतौर सोलो लीड एक्टर लगातार १५ हिट फ़िल्में दी थीं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इनमें से प्रमुख फ़िल्में थीं- आराधना, बंधन, ख़ामोशी, डोली, आन मिलो सजना, सच्चा और झूठा, आनंद, मेहबूब की मेहंदी, दुश्मन आदि.
  • यूँ तो राजेश खन्ना की सभी को स्टार्स के साथ जोड़ी जमी लेकिन इनमें से सबसे ज़्यादा फिलमें उन्होंने की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी के साथ, जी हाँ कुल मिलकर १५ फ़िल्में उनके साथ हैं.
  • गौरतलब है कि मुमताज़ उनकी बेहद क़रीबी को स्टार और दोस्त भी थीं और उनके साथ की सभी ८ फ़िल्में ज़बरदस्त हिट साबित हुई.
  • राजेश खन्ना ने अपनी सुपरहिट फिल्म आराधना में ही इतिहास रच दिया था, फिल्म के मोस्ट रोमांटिक सांग ..रूप तेरा मस्ताना… को सिंगल टेक में ही शूट करनेवाले वो बॉलीवुड के पहले एक्टर बन गए थे.
  • 60 और 70 के दशक में जन्मे कई बच्चों का नाम राजेश रखा गया, ये राजेश खन्ना के स्टारडम का की कमाल था.
  • बहुत काम लोग ही जानते हैं कि फिल्म मिस्टर इंडिया का टाइटल यानि लीड रोल पहले राजेश खन्ना को ही ऑफर किया गया था, लेकिन वो खुद को एक अदृश्य करैक्टर से रिलेट नहीं कर पाए और उन्होंने इस रोल को ठुकरा दिया… बाद में यह रोल अनिल कपूर को मिला, जिसने एक और इतिहास रच दिया.
  • मुम्बई यूनिवर्सिटी में एक लेख राजेश खन्ना के जादुई व्यक्तित्व और करिश्मे पर भी था जो उस वक़्त सिलेबस में शामिल था.
  • अपने करियर में राजेश ने कुल मिलाकर 180 फ़िल्में की. उनके जन्मदिन के अवसर पर हम उन्हें दिल से याद करते हैं और उनकी सबसे जुदा और बेमिसाल अदाकारी व अंदाज़ को सलाम करते हैं.
  • 29 दिसम्बर 1942 में जन्मा ये हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार हमें 18 जुलाई 2012 में अलविदा कह गया. ज़िन्दगी को अपने ही अंदाज़ में जीनेवाले राजेश के आखिरी शब्द थे… टाइम हो गया… पैक अप!

बर्थडे स्पेशल: आनंद मरा नहीं… आनंद मरते नहीं, काका के टॉप 10 डायलॉग्स (Birthday Special: top 10 dialogues of Rajesh Khanna)

Rajesh Khanna

Rajesh Khanna

बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार, रोमांस के बादशाह, जवां दिलों की धड़कन राजेश खन्ना भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन इस लीजेंड की फिल्में और डायलॉग्स आज भी हमें कुछ सिखा जाते हैं. आइए, इस स्पेशल डे पर एक नज़र डालते हैं उनके कुछ फेमस डायलॉग पर.

* मैं मरने से पहले नहीं मरना चाहता… ये तो मैं ही जानता हूं कि ज़िंदगी के आख़िरी पड़ाव पर कितना अंधेरा है.

* बाबू मोशाय, ज़िंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में है जहांपनाह, उसे ना आप बदल सकते हैं ना मैं. हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं, जिनकी डोर ऊपर वाले की उंगलियों में बंधी है. कब कौन कहां उठेगा ये कोई नहीं बता सकता.

* मैंने तुमसे कितनी बार कहा पुष्पा मुझसे ये आंसू नहीं देखे जाते. आई हेट टियर्स.

* एक छोटा सा ज़ख़्म बहुत गहरा दाग़ बन सकता है.

* इंसान को दिल दे, दिमाग़ दे, जिस्म दे पर कमबख़्त ये पेट न दे.

* सेठ जिसे तुम ख़रीदने चले हो, उसके चेहरे पर लिखा है नॉट फॉर सेल.

* किसी बड़ी ख़ुशी के इंतज़ार में हम ये छोटी-छोटी ख़ुशियों के मौ़के खो देते हैं.

* मैंने मौत को देखा तो नहीं, पर शायद वो बहुत ख़ूबसूरत है. कमबख़्त जो भी उससे मिलते हैं, जीना छोड़ देते हैं.

* ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं.

* इस एक ग्लास में एक मज़दूर के एक महीने की रोटी है औऱ परिवार की सांस.

आज भी काका के प्रशंसक उन्हें उतना ही प्यार करते हैं और शायद काका भी ऊपर से ये देख रहे होंगे कि उनके फैन्स उन्हें कितना मिस करते हैं. उनकी फिल्में, गाने, संवाद, स्टाइल और दरियादिली को भुलाया नहीं जा सकता. आप भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन अपने फैन्स के दिलों में हमेशा यूं ही छाए रहेंगे, क्योंकि आनंद मरा नहीं… आनंद मरते नहीं.

– श्वेता सिंह 

मैजिकल स्माइल और रोमांटिक आंखों से सिल्वर स्क्रीन को बनाया रूमानी: हैप्पी बर्थ डे काका! (Happy birthday Lover Boy: Rajesh Khanna)

Rajesh Khanna

Rajesh Khanna

एक मीठी मुस्कान और न जाने कितनी हसीनाओं के दिल की धड़कनें थम जाती थीं… एक जादूभरी नज़र और न जाने कितनों की रातों की नींदें उड़ जाती थीं… हर दिल उनकी एक-एक अदा पर फिदा था… हर जवां नज़रों में जिसको पाने का ख़्वाब था… वो थे रोमांस के बादशाह, जिनको प्यार से सब कहते थे काका… जी हां, राजेश खन्ना साहब (Rajesh Khanna)… जिनके लिए यह मशहूर था कि ऊपर आका, नीचे काका… ये था उनकी पॉप्युलैरिटी का सबसे बड़ा सबूत…

उनके जन्मदिन के अवसर हम उनकी ज़िंदगी से जुड़े कुछ राज़ आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं…

– ऐसा माना जाता है कि जब राजेश खन्ना और डिंपल पहली बार मिले थे, तो दोनों ही अपने टूटे दिलों को संभालने की कोशिश में जुटे थे. कहा जाता है कि डिम्पल और ऋषि कपूर बॉबी के दौरान बेहद क़रीब आ गए थे, पर दोनों एक न हो पाए… इसी तरह राजेश खन्ना भी अंजू महेंद्रू के साथ अपनी रिलेशनशिप को एक मुकाम देने में नाकामयाब हो रहे थे. दो टूटे दिल साथ आए और फिर एक हो गए.

– शादी के व़क्त डिंपल महज़ 15 साल की थीं और राजेश लगभग 31 साल के. शादी के बाद डिंपल का 16वां जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया गया.

– दोनों ने अपना हनीमून पोस्टपोन किया था, क्योंकि तब तक डिंपल की डेब्यू मूवी बॉबी कंप्लीट नहीं हुई थी.

– राजेश खन्ना ने जो उस दौरान स्टारडम देखा था, वो आज तक किसी भी सुपरस्टार ने नहीं देखा. उनके स्टारडम का आलम यह था कि उनकी स़फेद कार लड़कियों के लिपस्टिक के निशान से लाल हो जाती थी.

Rajesh Khanna
– सुपरस्टार शब्द ही उनके स्टारडम की व्याख्या करने के लिए इजाद हुआ था.

– उस व़क्त मुंबई के बंद पड़े स्टूडियोज़ को फिर से जीवंत कर देने का श्रेय भी राजेश खन्ना को जाता है. उस समय के वो सबसे कम समय में सबसे बिज़ी स्टार बन चुके थे.

– कहा जाता है कि अपने स्ट्रगल के दौर में भी राजेश खन्ना उस दौर की सबसे महंगी कार में प्रोड्यूसर्स से मिलने जाते थे.

Rajesh Khanna
– राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उन्हें उनके रिश्तेदारों ने गोद लिया था. बचपन में उनके कपड़े विदेशों से ही आते थे और वो काफ़ी लाड़-प्यार में पले-बढ़े थे.

– किशोर कुमार उनके बेहद क़रीबी दोस्त थे और जो किशोर कुमार अपनी कंजूसी के लिए मशहूर थे, उन्होंने राजेश के लिए उनकी होम प्रोडक्शन मूवी (अलग-अलग) के लिए मुफ़्त में गाने गाए.

– 1969 से लेकर 1971 के बीच राजेश खन्ना ने बतौर सोलो लीड एक्टर लगातार १५ हिट फ़िल्में दी थीं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इनमें से प्रमुख फ़िल्में थीं- आराधना, बंधन, ख़ामोशी, डोली, आन मिलो सजना, सच्चा और झूठा, आनंद, मेहबूब की मेहंदी, दुश्मन आदि.

– यूँ तो राजेश खन्ना की सभी को स्टार्स के साथ जोड़ी जमी लेकिन इनमें से सबसे ज़्यादा फिलमें उन्होंने की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी के साथ, जी हाँ कुल मिलकर १५ फ़िल्में उनके साथ हैं.

Rajesh Khanna

– गौरतलब है कि मुमताज़ उनकी बेहद क़रीबी को स्टार और दोस्त भी थीं और उनके साथ की सभी ८ फ़िल्में ज़बरदस्त हिट साबित हुई.

– राजेश खन्ना ने अपनी सुपरहिट फिल्म आराधना में ही इतिहास रच दिया था, फिल्म के मोस्ट रोमांटिक सांग ..रूप तेरा मस्ताना… को सिंगल टेक में ही शूट करनेवाले वो बॉलीवुड के पहले एक्टर बन गए थे.

– 60 और 70 के दशक में जन्मे कई बच्चों का नाम राजेश रखा गया, ये राजेश खन्ना के स्टारडम का की कमाल था.

– बहुत काम लोग ही जानते हैं कि फिल्म मिस्टर इंडिया का टाइटल यानि लीड रोल पहले राजेश खन्ना को ही ऑफर किया गया था, लेकिन वो खुद को एक अदृश्य करैक्टर से रिलेट नहीं कर पाए और उन्होंने इस रोल को ठुकरा दिया… बाद में यह रोल अनिल कपूर को मिला, जिसने एक और इतिहास रच दिया.

Rajesh Khanna

– मुम्बई यूनिवर्सिटी में एक लेख राजेश खन्ना के जादुई व्यक्तित्व और करिश्मे पर भी था जो उस वक़्त सिलेबस में शामिल था.

– अपने करियर में राजेश ने कुल मिलाकर 180 फ़िल्में की. उनके जन्मदिन के अवसर पर हम उन्हें दिल से याद करते हैं और उनकी सबसे जुदा और बेमिसाल अदाकारी व अंदाज़ को सलाम करते हैं.

– 29 दिसम्बर 1942 में जन्मा ये हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार हमें 18 जुलाई 2012 में अलविदा कह गया. ज़िन्दगी को अपने ही अंदाज़ में जीनेवाले राजेश के आखिरी शब्द थे… टाइम हो गया… पैक अप!

– गीता शर्मा