Tag Archives: Kartika Aaryan

#CoronaAppeal: कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट करने का कार्तिक आर्यन का लाजवाब अंदाज़… (#Corona: Kartik Aryan’s Brilliant Way To Appeal People About Corona Virus…)

कार्तिक आर्यन ने कोरोना वायरस को लेकर एक बेहतरीन संदेश सोशल मीडिया पर दिया है, जो वायरल हो गया है. उन्होंने दिलचस्प तरीक़े से लोगों को घर पर रहने और बाहर ना निकलने की अपील की है.

https://www.instagram.com/tv/B961N24Jzmc/?igshid=9131uu0eg15h

उनके कहने का स्टाइल इतना मज़ेदार है कि सभी इसे ख़ूब पसंद कर रहा है और उनके दिल को लग भी रहा है. वो कहते हैं ना कि दिल पर लगेगी, तो बात बनेगी, यही करने की कोशिश की है कार्तिक ने.
उनके संदेश का निचोड़ यह है कि जब डॉक्टर, हेल्थ एक्सपर्ट, सरकार हर कोई कह रहे हैं कि घर पर रहें, तो प्लीज़ सभी सुनें. कुछ दिन घर पर ही रहें, बाहर ना निकले. चाहे बिज़नेस का काम हो या नौकरी हो, प्यार-मोहब्बत, रिश्ते-नाते, मनोरंजन कुछ भी हो, सब घर बैठकर करें. स्कूल, कॉलेज, ऑफिस सभी जगह छुट्टियां दी जा रही हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप छुट्टी का फ़ायदा उठाने के लिए घूमे-फिरे, दोस्तों-रिश्तेदारों से मिले, होटल, पब आदि जाएं, आप ये सब बिल्कुल ना करें. घर पर रहकर माता-पिता के साथ समय बिताएं.
अपनी छुट्टियों का घर में बैठकर सदुपयोग करें. अपनी सफ़ाई का ध्यान रखना है. बार-बार हाथों को साबुन से धोना है. कोशिश करें कि आप जितना हो सके उतना घर पर ही रहें, बस कुछ दिनों की तो बात है.
यही संदेश हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने भी दिया है. उन्होंने देशवासियों को घर पर रहकर एक होकर कोरोना से लड़ने की बात कही. साथ ही सभी को 22 मार्च यानी रविवार को सुबह सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक एकांत में रहने यानी घर पर ही रहने का भी आव्हान किया है. इसके अलावा 22 मार्च को ही शाम 5 बजे पांच मिनट के लिए उन सभी लोगों का धन्‍यवाद करने की गुजारिश भी की है, जो दिन-रात कोरोना से संक्रमित मरीज़ों की सेवा में लगे हैं.
कार्तिक आर्यन ने अपनी अपील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी ज़िक्र किया है. उनका कहना है कि जब सारी दुनिया कह रही कि घर पर ही रहें, कहीं बाहर न निकलें. मिले-जुले ना, तो इसे हम सभी को मानना चाहिए.
उनका कहने का यह अंदाज़ सबको बहुत पसंद आ रहा है और यह सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया है. सभी इसे शेयर कर रहे हैं. लाइक कर रहे हैं. आप भी देखें, सुने और कृपया इस पर अमल करें यानी कुछ दिन घर पर ही बिताएं. सभी स्वस्थ्य रहें.. मस्त रहें.. धन्यवाद!

https://www.instagram.com/tv/B961N24Jzmc/?igshid=1ca8iiw2m79wx

मूवी रिव्यू: लुका छुपी/सोनचिड़िया (Movie Review Of Luka Chuppi And Sonchiriya)

 

कार्तिक आर्यन-कृति सेनन (Kartik Aryan-Kriti Sanon) स्टारर लुका छुपी (Luka Chuppi) मूवी जहां दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने में कामयाब रही है, वहीं सोनचिड़िया (Sonchiriya) में डाकुओं की ज़िंदगी के अनकहे पहलुओं को पूरी ईमानदारी से दिखाया गया है. ये दोनों ही फिल्में अलग-अलग तरीक़ों से दर्शकों को प्रभावित करने में सफल रही हैं. इसके लिए निर्देशक लक्ष्मण उतेकर और अभिषेक चौबे बधाई के पात्र हैं.

Luka Chuppi And Sonchiriya

प्यार की लुका छुपी

कार्तिक आर्यन-कृति सेनन की फ्रेश जोड़ी ने अपनी लव व कॉमेडी के डबल डोज़ से सभी को प्रभावित किया है. लिव इन रिलेशन, छोटे शहर की मानसिकता, आज के युवापीढ़ी की सोच इन सभी का निर्देशक लक्ष्मण उतेकर ने बारीक़ी से चित्रण किया है.

कार्तिक मथुरा के लोकल केबल चैनल का रिपोर्टर है. कृति सेनन, जो राजनेता विनय पाठक की बेटी अपनी पढ़ाई पूरी करके इंर्टनशिप के लिए कार्तिक के चैनल को ज्वॉइन करती है. दोनों एक-दूसरे को चाहने लगते हैं. कार्तिक चाहता है कि इस प्यार को रिश्ते का नाम दे दिया जाए यानी जल्द से जल्द शादी कर ली जाए. लेकिन कृति की सोच थोड़ी अलग है, वो पहले अपने जीवनसाथी को जानना-परखना चाहती है फिर किसी बंधन में बंधना चाहती है. वो लिव इन में रहकर एक-दूसरे को अच्छी तरह से समझने का प्रस्ताव रखती है. लेकिन कार्तिक संयुक्पत परिवार से है और परिवार की सोच पारंपरिक है. उसे यह ठीक नहीं लगता. इसमें उसका दोस्त अपारशक्ति खुराना आइडिया देता है कि ऑफिस के काम से उन्हें कुछ दिनों के लिए शूट के सिलसिले में ग्वालियर जाना ही है, तो क्यों ने वे अपने इस प्रयोग को वही आज़मा लें. कार्तिक-कृति को भी यह ठीक लगता है और वहां पर दोनों लिव इन में रहने लगते हैं. कहानी में ज़बरर्दस्त मोड़ तब आता है, जब कार्तिक के भाई का साला पंकज त्रिपाठी दोनों को वहां देख लेता है और कार्तिक के परिवार को वहां पर ले आता है. तब ख़ूब ड्रामा, डायलॉगबाज़ी, कभी हंसना, तो कभी रोना जैसी स्थिति बनती-बिगड़ती है, पर आख़िरकार परिवारवाले इस रिश्ते को स्वीकार कर लेते हैं.

ज़रा रुकिए, कहानी में एक और ट्विस्ट है, वो कृति के पिताजी विनय पाठक. वे प्रेम व लिव इन के सख़्त ख़िलाफ़ है. इसके लिए उन्होंने न केवल प्रेमी लोगों का बहिष्कार किया है, बल्कि मथुरा में ऐसे जोड़ों का मुंह काला करवाकर उन्हें बेइज़्ज़त भी किया जाता है.

क्या कृति के पिता कार्तिक के साथ उसके रिश्ते को स्वीकार करेंगे? क्या कार्तिक-कृति एक हो पाएंगे या फिर उनकी प्रेम कहानी अधूरी ही रह जाएगी? या फिर दोनों को लुका छुपी की तरह ही अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना होगा? इन तमाम सवालों को जानने के लिए थिएटर में फिल्म देखना ज़रूरी है और तब ही आप सभी के उम्दा मनोरंजन का लुत्फ़ उठा पाएंगे.

फिल्म में कई गानों का रीमिक्स है, जो अलग ढंग से लुभाता है. कोका कोला… पोस्टर छपवा दो अख़बार में गाने तो पहले से हिट हो चुके हैं. तनिष्क बागची, अभिजीत वघानी, केतन सोढ़ा के संगीत मधुर हैं. सभी ने बेहतरीन एक्टिंग की है, ख़ासतौर पर अपारशक्ति खुराना, पंकज त्रिपाठी की परफेक्ट कॉमेडी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करती है. कार्तिक आर्यन और कृति सेनन ने भी अपने सहज व सशक्त अभिनय से प्रभावित किया है. इसमें कोई दो राय नहीं कि निर्माता दिनेश विजान ने एक मनोरंजक फिल्म देने की कोशिश की है.

Luka Chuppi And Sonchiriya

डैकेतों की ज़िंदगी से रू-ब-रू कराती सोनचिड़िया

यूं तो डाकुओं के जीवन पर कई फिल्में बनी हैं, जैसे शोले, बैंडिट क्वीन, गुलामी, पान सिंह तोमर आदि. लेकिन सोनचिड़िया जैसा ट्रीटमेंट किसी में नहीं दिखा. निर्देशक अभिषेक चौबे ने बड़ी ख़ूबसूरती से डकैतों के जीवन के विभिन्न पहलुओं परिभाषित किया है. यह फिल्म ग्लैमर नहीं पेश करती, बल्कि सिक्के के दूसरे पहलू को सच्चाई के साथ दिखाती है. डाकुओं के गिरोह का बिहड़ जंगलों में रहना, खाने-पीने के लिए संघर्ष करना, उनकी भावनाएं, दर्द को बख़ूबी दर्शया गया है. साथ ही जात-पांत, भेदभाव, ऊंच-नीच, गरीबी, महिलाओं की स्थिति, पुरुषों की मर्दानगी पर भी करारा कटाक्ष किया गया है.

हर कलाकार ने फिर चाहे उसका रोल छोटा हो या बड़ा अपने क़िरदार के साथ न्याय किया है. सुशांत सिंह राजपूत दिनोंदिन अभिनय की ऊंचाइयों को छूते जा रहे हैं. वे अपने रोल में इस कदर रच-बस गए कि एकबारगी यूं लगने लगता है कि यह डाकू तो कितना इनोसेंट है, आख़िर उसके साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है. मनोज बाजपेयी, आशुतोष राणा, रणवीर शौरी, भूमि पेडनेकर अपने लाजवाब अदाकारी से कहानी को बांधे रखते हैं.

रॉनी स्क्रूवाला निर्मित सोनचिड़िया दर्शकों को अपराधियों की एक अलग ही दुनिया से रू-ब-रू कराती है. अनुज राकेश धवन की सिनेमौटोग्राफी काबिल-ए-तारीफ़ है. मेघना सेन की एडिटिंग बेजोड़ है. संगीत ठीक-ठाक है. फिल्म की कहानी अभिषेक चौबे और सुदीप शर्मा ने मिलकर लिखी है. फिल्म में अपराध, मारधाड़, एक्शन-ड्रामा सब कुछ है, जो आमतौर पर पसंद किया जाता है. वैसे डकैतों पर बनी बेहतरीन फिल्मों में से एक है सोनचिड़िया.

– ऊषा गुप्ता

यह भी पढ़ेप्रियंका-निक की हॉट जोड़ी ने मचाया धमाल, देखें वीडियो (Watch Priyanka Chopra And Nick Jonas In Sucker Video)