karwa chauth

करवा चौथ 2020 (Karwa Chauth 2020) इस बार 4 नवंबर बुधवार के दिन है. पूर्णिमा के चांद के बाद जो चौथ पड़ती है, उस दिन करवाचौथ मनाया जाता है. भारतीय महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत करती हैं. ऐसी मान्यता है कि जो सुहागन स्त्रियां इस दिन अपने पति के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, उनके पति की लंबी उम्र होती है. करवा चौथ 2020 की तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय के समय के बारे में बता रही हैं एस्ट्रो-टैरो, न्यूमरोलॉजिस्ट, नेम थेरेपी, वास्तु-फेंगशुई एक्सपर्ट मनीषा कौशिक.

Karwa Chauth 2020

करवा चौथ मुहूर्त 4 नवंबर 2020 का पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

करवा चौथ पूजा मुहूर्त – शाम 5:29 से 6:48
सर्वोत्तम मुहूर्त – शाम 4:16 से 5:38
चंद्रोदय- रात 8:16 बजे
अलग अलग मतों के अनुसार करवा चौथ पूजा मुहूर्त 5:29 से 6:48 के बीच दिया गया है. लेकिन सभी ज्योतिषीय व आध्यात्मिक गणनाओं को ध्यान में रखते हुए सर्वोत्तम मुहूर्त 4:16 से 5:38 के बीच है. जहां तक चंद्रोदय की बात है, तो सामान्य स्थितियों में चतुर्थी तिथि का चांद समय से कुछ देरी से ही निकलता देखा गया है.

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करवा चौथ आने वाला है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी  उम्र के लिए व्रत रखती है. इस व्रत में महिलाएं निर्जला रहती हैं और रात को चांद  की पूजा के बाद व्रत खोलकर खाना खाती हैं. इस अवसर पर जो सबसे खास बात होती है- वो है करवा चौथ की थाली में सजाई जानेवाली स्वीट डिश. वैसे तो महिलाएं थाली में अपनी पसंद के अनुसार कुछ भी रख सकती है, लेकिन हम आपको कुछ ऐसी ईज़ी और टेस्टी डिश के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप घर पर बना सकती हैं.

  1. गुलगुले/मीठे पुए
Sweet Recipes For Karva Chauth
Photo Credit: Veg Recipes Of India

गुलगुले बनाने के लिए 1 कटोरी आटे में 100 ग्राम शक्कर और आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर गाढ़ा  घोल बनाए. 30  मिनट तक ढंककर रख दें. इलायची पाउडर और 1 टीस्पून खसखस डालकर फेंट लें. कड़ाही में तेल गरम करके मीडियम साइज के पकौड़े डालकर धीमे आंच पर कुरकुरे होने तक तल लें. आंच से निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें. गरम-गरम सर्व करें.

2. मीठी रोटी

mithi roti
Photo Credit: CafeGarima

इसे बनाने के लिए गेहूं के आटे में इलायची पाउडर, 2-3 टीस्पून गुनगुना तेल डालकर मिक्स करें. गुड़ का पानी मिलाकर कड़क आटा गूंध लें. लोई लेकर पूरी बेलें. तवे पर डालकर दोनों तरफ से घी लगाकर सेंक लें. ऊपर से शक्कर पाउडर और कटा हुआ पिस्ता बुरक कर सर्व करें.

3. जाफरानी खीर

Jafrani Kheer
Photo Credit: WhiskAffair

बासमती चावल को पानी में 2 घंटे भिगोकर रखें. एक पैन में दूध गर्म करें. उबाल आने पर इसमें भिगोए हुए चावल डालकर धीमी आंच पर लगातार चलते हुए पकाएं. जब चावल पक जाएं  तो इलाइची पाउडर, कंडेंस्ड मिल्क मिलाकर 5 मिनट तक पकाएं. लगातार चलाते  रहें. केसर के कुछ रेशे मिलाएं. पैन में थोड़ा घी गरम करके थोड़े से कटे हुए बादाम-किशमिश डालकर भून लें. खीर में मिलाकर आंच से उतार लें. खीर अगर गाढ़ी हो गई है, तो थोड़ा दूध गर्म करके डालें. ठंडा होने के लिए रखें. सिल्वर वर्क लगाकर सर्व करें.

4. कलरफुल फ्रूट्‍स कस्टर्ड

Colorful Fruits Custard
Photo Credit: Pinterest

फ्रूट्‍स कस्टर्ड बनाने के लिए दूध को उबाल लें. 10-15 मिनट धीमी आंच पर उबलने दें. आधा कप ठंडे दूध में 2 टेबलस्पून कस्टर्ड पाउडर डालकर घोल लें. गरम दूध में धीर-धीरे लगातार चलाते हुए मिलाएं. शक्कर डालकर गाढ़ा होने पर तक पकाएं. इलाइची पाउडर और केसर के रेशे डालकर 1 मिनट तक पकाएं. आंच से उतारकर ठंडा होने दें. जब कस्टर्ड पूरी तरह से ठंडा हो जाए, तो कटे हुए फल मिलाकर सर्व करें.

5. मीठी सेवईं

mithi seven
Photo Credit: WhiskAffair

पैन में देसी घी पिघलाकर सेवईं  को 1 मिनट तक भूनकर उतार लें. एक दूसरे पैन में दूध की गर्म करें. उबाल आने पर सेवईं डालकर पकाएं. सेवईं के नरम हने पर शक्कर डालकर पकाएं. गाढ़ा होने पर कटे हुए ड्राई फ्रूट्स मिलाएं. आंच से उतारकर ठंडा होने दें. इच्छानुसार ठंडा या गरम सर्व करें.

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पूर्णिमा के चांद के बाद जो चौथ पड़ती है, उस दिन करवाचौथ मनाया जाता है. भारतीय महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत करती हैं. करवा चौथ के दिन कथा पढ़ना अनिवार्य माना गया है इसलिए महिलाएं सूर्यास्त से पहले कथा सुनती या पढ़ती हैं. आइए, जानते हैं करवा चौथ की कथा के बारे में.

Karwa Chauth Story

करवा चौथ कथा

एक साहूकार के सात बेटे और एक बेटी थी. एक बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी सहित उसकी सातों बहुएं और उसकी बेटी ने भी करवा चौथ का व्रत रखा. रात के समय जब साहूकार के सभी बेटे भोजन करने बैठे तो उन्होंने अपनी बहन से भी भोजन करने को कहा, लेकिन बहन ने मना कर दिया. बहन ने कहा- ”भाई, अभी चांद नहीं निकला है, चांद के निकलने पर उसे अर्घ्य देकर ही मैं भोजन करूंगी.”

साहूकार के बेटे अपनी बहन से बहुत प्यार करते थे, उन्हें अपनी बहन का भूख से व्याकुल चेहरा देखकर बहुत दुख हो रहा था. साहूकार के बेटों को अपनी बहन को भोजन कराने की एक तरकीब सूझी. सातों भाई नगर के बाहर चले गए और वहां एक पेड़ पर चढ़कर उन्होंने अग्नि जला दी. घर वापस आकर उन्होंने अपनी बहन से कहा- “देखो बहन, चांद निकल आया है. अब तुम उन्हें अर्घ्य देकर भोजन ग्रहण कर सकती हो.” साहूकार की बेटी ने अपनी भाभियों से कहा- “देखो, चांद निकल आया है, तुम लोग भी अर्घ्य देकर भोजन कर लो.” ननद की बात सुनकर भाभियों ने कहा- “अभी चांद नहीं निकला है, तुम्हारे भाई धोखे से अग्नि जलाकर उसके प्रकाश को चांद के रूप में तुम्हें दिखा रहे हैं.”

साहूकार की बेटी ने अपनी भाभियों की बात नहीं सुनी और भाइयों द्वारा दिखाए गए चांद को अर्घ्य देकर भोजन कर लिया. इस प्रकार करवा चौथ का व्रत भंग करने के कारण विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश साहूकार की लड़की पर अप्रसन्न हो गए. गणेश जी की अप्रसन्नता के कारण उस लड़की का पति बीमार पड़ गया और घर में बचा हुआ सारा धन उसकी बीमारी पर खर्च हो गया.

साहूकार की बेटी को जब अपने किए हुए दोषों का पता लगा, तो उसे बहुत पश्चाताप हुआ. उसने गणेश जी से क्षमा प्रार्थना की और फिर से विधि-विधान पूर्वक चतुर्थी का व्रत शुरू कर दिया. उसने उपस्थित सभी लोगों का श्रद्धानुसार आदर किया और उनसे आशीर्वाद लिया.

इस प्रकार उस लड़की की श्रद्धा-भक्ति को देखकर भगवान गणेश जी उस पर प्रसन्न हो गए और उसके पति को जीवनदान दे दिया. उसे सभी प्रकार के रोगों से मुक्त करके धन, संपत्ति और वैभव से युक्त कर दिया.

कहते हैं, जो भी मनुष्य छल-कपट, अहंकार, लोभ, लालच को त्याग कर श्रद्धा और भक्तिभाव से चतुर्थी के व्रत को पूर्ण करता है, उसे जीवन में सभी प्रकार के दुखों और क्लेशों से मुक्ति मिलती है.

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करवा चौथ के व्रत में सास का बहुत महत्व होता है. सास अपनी बहू से कहती है कि वो उनके बेटे की लंबी उम्र के लिए व्रत रखे. करवा चौथ के व्रत में सास का इतना महत्व क्यों है? बता रही हैं एस्ट्रो-टैरो, न्यूमरोलॉजिस्ट, नेम थेरेपी, वास्तु-फेंगशुई एक्सपर्ट मनीषा कौशिक.

Mother In Law Karwa Chauth

ऐसा इसलिए है, क्योंकि आपको जो पति मिला है, उसे पैदा करने से लेकर, उसके पालन-पोषण की तमाम ज़िम्मेदारियां आपकी सास ने उठाई हैं, आपके पति को जब भी कोई कष्ट होता है, तो सबसे ज़्यादा तकलीफ़ आपकी सास को ही होती है, इसीलिए करवाचौथ के व्रत में सास का महत्वपूर्ण स्थान है. उस मां की पूजा होनी ज़रूरी है. सास जब बहू को सरगी देती है, तो एक तरह से वो आपको ये आशीर्वाद देती है कि जो तप तुम मेरे बेटे के लिए करने जा रही हो, उसे तुम अच्छी तरह से पूरा कर पाओ.

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करवा चौथ के दिन सास का महत्व
* सुबह सूरज उगने से पहले सास अपनी बहू को सरगी देती है, जिसमें बहू के लिए कपड़े, उसके सुहान की चीज़ें जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर आदि, साथ ही फेनिया, फ्रूट, ड्राईफ्रूट, नारियल आदि रखा जाता है.
* सास द्वारा दी हुई सरगी से बहू अपने व्रत की शुरुआत करती है. अगर सास साथ में नहीं हैं, तो वो बहू को पैसे भिजवा सकती हैं, ताकि वो अपने लिए सारा सामान ख़रीद सके.
* सुबह सूरज निकलने से पहले सास की दी हुई फेनिया बनाकर पहले अपने पित्रों, गाय, कुत्ते और कौए का हिस्सा अलग रख लें. फिर अपने पति और परिवार के लोगों के लिए भी अलग निकाल दें. फिर उस फेनिया और सास के दिए हुए फ्रूट, ड्राईफ्रूट, नारियल खाकर ही व्रत की शुरुआत करें.
* फिर सास के दिए हुए कपड़े और शृंगार की चीज़ें पहनें.

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यदि सास न हो या विधवा हो तो क्या करें?
करवाचौथ के व्रत में सास का बहुत महत्व होता है, लेकिन जिन लोगों की सास नहीं हैं या सास विधवा हैं, तो उन्हें क्या करना चाहिए? आइए, जानते हैं.
* यदि आपकी सास जीवित नहीं हैं, तो भी सास के हिस्से का बायना ज़रूर निकालें और उसे किसी ऐसी महिला को दें, जिसे आप सास के समान मानती हैं.
* कई लोग ये मानते हैं कि सास यदि विधवा हैं, तो उनके लिए बायना नहीं निकालना चाहिए, लेकिन ये बिल्कुल ग़लत है. आप अपनी सास के बेटे की लंबी उम्र के लिए व्रत कर रही हैं इसलिए पति के लिए व्रत रखने के लिए उनकी मां से शुभ और कोई नहीं हो सकता. आपके पति की उतनी चिंता किसी को नहीं हो सकती, जितनी आपकी सास को है. अत: विधवा सास के लिए भी बायना ज़रूर निकालें.

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पूर्णिमा के चांद के बाद जो चौथ पड़ती है, उस दिन करवाचौथ मनाया जाता है. देशभर और विदेशों में भी भारतीय महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत करती हैं. करवा चौथ से जुड़ी 30 ज़रूरी बातें बता रही हैं एस्ट्रो-टैरो, न्यूमरोलॉजिस्ट, नेम थेरेपी, वास्तु-फेंगशुई एक्सपर्ट मनीषा कौशिक.

क्यों मनाया जाता है करवा चौथ?
* स्त्री को शक्ति का रूप माना जाता है इसीलिए उसे ये वरदान मिला है कि वो जिस चीज़ के लिए भी तप करेगी, उसे उसका फल अवश्य मिलेगा.
* हमारी पौराणिक कथाओं में सावित्री अपने पति को यमराज से वापस ले आती है यानी स्त्री में इतनी शक्ति होती है कि वो यदि चाहे, तो कुछ भी हासिल कर सकती है. इसीलिए महिलाएं करवा चौथ के व्रत के रूप में अपने पति की लंबी उम्र के लिए एक तरह से तप करती हैं. तप का मतलब होता है किसी चीज़ को त्यागना और किसी एक दिशा में आगे बढ़ना, पहले के ज़माने में ऋषि-मुनी इसीलिए तप करते थे और सिद्धि प्राप्त करते थे. महिलाएं इस दिन निर्जल व्रत करती हैं.
* चौथ का चांद हमेशा देर से निकलता है, ये एक तरह से महिलाओं की परिक्षा होती है कि वो अपने पति के लिए कितना त्याग कर सकती हैं. कई बार तो देर रात तक चांद नहीं दिखता. ये मौसम ऐसा होता है कि कई बार बादल घिर जाते हैं और चांद नज़र ही नहीं आता. ऐसे में महिलाएं देर रात या अगले दिन तक अपना व्रत नहीं तोड़ती हैं.

कैसे करें व्रत की शुरुआत?
* सुबह सूरज उगने से पहले सास अपनी बहू को सरगी देती है, जिसमें बहू के लिए कपड़े, उसके सुहान की चीज़ें जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर आदि, साथ ही फेनिया, फ्रूट, ड्राईफ्रूट, नारियल आदि रखा जाता है.
* सास द्वारा दी हुई सरगी से बहू अपने व्रत की शुरुआत करती है. अगर सास साथ में नहीं हैं, तो वो बहू को पैसे भिजवा सकती हैं, ताकि वो अपने लिए सारा सामान ख़रीद सके.
* सुबह सूरज निकलने से पहले सास की दी हुई फेनिया बनाकर पहले अपने पित्रों, गाय, कुत्ते और कौए का हिस्सा अलग रख लें. फिर अपने पति और परिवार के लोगों के लिए भी अलग निकाल दें. उसके बाद फेनिया और सास के दिए हुए फ्रूट, ड्राईफ्रूट, नारियल खाकर ही व्रत की शुरुआत करें.
* फिर सास का दिए हुए कपड़े और शृंगार की चीज़ें पहनें.

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कब सुनें करवा चौथ की कथा?
करवा चौथ की पूजा या कथा सूर्यास्त से पहले ही सुन लेनी चाहिए, उसके बाद पूजा और कथा पढ़ने का कोई मतलब नहीं है इसलिए सूर्यास्त से पहले ही पूजा कर लें. शाम के व़क्त जब दिन छुपने और शाम ढलने की शुरुआत होती है, उस समय पूजा नहीं करनी चाहिए, इसलिए करवाचौथ की पूजा सूर्य के ढलने से पहले ही कर लें. सूर्य के रहते ही पूजा कर लेनी चाहिए, कथा सुन लेनी चाहिए और बायना निकाल लेना चाहिए.
* कहानी सुनते समय साबूत अनाज और मीठा साथ में रखते हुए कथा सुनी जाती है.
* करवाचौथ में थाली बंटाने का भी विशेष महत्व होता है. इसमें अमूमन सात सुहागन आपस में गाना गाते हुए थालियां बंटाती हैं और वो तब तक गाना गाती रहती हैं, जब तक उनकी थाली उनके पास नहीं पहुंच जाती.
* जो अकेले पूजा करते हैं, वो थालियां नहीं बटां सकते. ऐसे में आप अकेले कहानी पढ़ सकती हैं, मोबाइल या डेस्कटॉप पर कहानी सुन सकती हैं.
* कहानी सुनते समय हुंकारा ज़रूर भरना चाहिए. ये इस बात का प्रमाण माना जाता है कि आपने कथा सुनी है. पहले के ज़माने में बहुएं दिनभर काम करके इतना थक जाती थीं कि जब सास कथा सुनाती थी, तो वो सो जाती थीं. इसीलिए कहानी सुनते समय हुंकारा भरने की रिवाज़ है, ताकि ये प्रमाणित हो सके कि आपने कथा सुनी है.
* बहू को कथा सुनने के बाद सास के लिए बायना निकालना होता है, जिसमें मठियां, गुलगुले आदि (हर कोई अपने हिसाब से कुछ भी मीठा बायने में ज़रूर रखता है), सास के लिए कपड़े, सुहाग का सामान, पानी का लोटा, जिसके ऊपर कुछ अनाज हो (ताकि हमारे घर में हमेशा धनधान्य भरा रहे),  और हां, शगुन का पैसा ज़रूर रखें. जिस तरह सास आपके लिए सुहाग का सामान, कपड़े, मीठा और शगुन रखती हैं, उसी तरह आपको भी सास के लिए बायना निकालते समय उसमें ये सभी चीज़ें रखनी चाहिए. बहू पूजा करने और कथा सुनने के बाद सास का बायना निकालती है.
* जब बहू व्रत शुरू करती है, तो सास उसे करवा देती है, उसी तरह बहू भी सास को करवा देती है. जब आप पूजा करते हो, कथा सुनते हो, उस समय आपको दो करवे रखने होते हैं- एक वो जिससे आप अर्घ्य देते हो यानी जिसे आपकी सास ने दिया था और दूसरा वो जिसमें पानी भरकर आप बायना देते समय अपनी सास को देती हैं. सास उस पानी को किसी पौधे में डाल देती हैं और अपने पानी वाले लोटे से चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं. मिट्टी का करवा महिलाएं इसलिए लेती हैं, क्योंकि आप उसे डिस्पोज़ कर सकती हैं. मिट्टी का करवा न हो तो आप स्टील के लोटे का प्रयोग भी कर सकती हैं. एक ही लोटा अगली बार भी इस्तेमाल कर सकती हैं, स़िर्फ उसमें बंधी मौली बदल दें. उस पर ॐ और स्वस्तिक बना लें.
* सास पूजा करने और कथा सुनने के बाद अपनी बहू को ये इजाज़त देती है कि अब तुम पानी, जूस या चाय आदि पी सकती हो. इसकी एक वजह ये भी है कि पूरा दिन भूखे रहने से एसिडिटी बढ़ सकती है या कोई और हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है. इसी तरह जिन लोगों को कोई दवाई लेनी होती है, उनके लिए भी सुविधा हो जाती है. अत: कथा सुनने के बाद कुछ पी सकती हैं या फल व ड्राईफ्रूट भी खा सकती हैं. जूस या फल का सेवन कथा सुनने के बाद और सास का बायना निकालने के बाद ही करना चाहिए.

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करवा के साथ गणेश जी की कथा क्यों सुनी जाती है?
ऐसा कहा जाता है कि कथा कभी भी अकेले नहीं सुननी चाहिए इसलिए करवा के साथ गणेशजी की कथा भी सुनी जाती है. गणेश जी को बच्चे का रूप माना जाता है और हम उस दिन ख़ुद को पार्वती का रूप मानते हैं. करवाचौथ का व्रत स्त्री के पति और मां के बेटे के लिए रखा जाता है यानी सास अपनी बहू से कहती है कि तुम मेरे बेटे की लंबी उम्र के लिए व्रत रखो. फिर आगे चलकर आप भी अपने बेटे के लिए अपनी बहू से व्रत रखने को कहेंगी, इसीलिए गणेशजी की पूजा की जाती है, ताकि हमें एक पत्नी और एक मां की शक्ति भी मिल सके.

वर्किंग वुमन कैसे रखें करवाचौथ का व्रत?
* जो महिलाएं वर्किंग हैं, वो एक साफ़ बोटल में सास के दिए हुए करवे का पानी ऑफ़िस में ले जाएं. हां, सास का दिया हुआ करवा एकदम खाली न करें यानी उसमें थोड़ा पानी रहने दें. साथ ही अनाज वाले करवे में से थोड़ा-सा साबूत अनाज और सास के बायने के शगुन का पैसा ले जाएं. जिस समय आप कथा पढ़ या सुन रही हों, उस समय अनाज और पानी अपने पास रखें. कथा सुनते समय सामने एक प्लेट या टीशू पेपर रख लें और हुंकारा भरते हुए अनाज का एक-एक दाना उस प्लेट या टिशू पेपर में रखते जाएं. यदि आपके पास कहानी सुनने की कोई व्यवस्था नहीं है तो आप ख़ुद भी कथा पढ़ सकती हैं. फिर ऑफ़िस से लौटकर करवे में वो पानी डाल दें, जिसे आप ऑफ़िस ले गई थीं और साबूत अनाज को अर्घ्य देने के लिए रख लें. शाम को उसी पानी और साबूत अनाज से चंद्रमा को अर्घ्य दें.
* चंद्रमा को चांदी पसंद है, क्योंकि वो शीतलता प्रदान करता है इसलिए अर्घ्य देते समय चांदी का लोटा, सिक्का या अंगूठी हाथ में ज़रूर रखें. फिर जिस जल और अनाज को साथ में रखकर आपने कथा सुनी, उसी से चांद्रमा को अर्घ्य दें.
* यदि आप ऑफिस में बहुत सारी चूड़ियां पहनकर नहीं जा सकतीं, तो दो-चार-छह इस तरह के ईवन नंबर में चूड़ियां पहनकर जा सकती हैं.

कुवांरी लड़कियां कैसे रखें करवाचौथ का व्रत?
* कई लोगों को ये कन्फ्यूज़न रहती है कि कुवांरी लड़कियां क्या करवाचौथ का व्रत रख सकती हैं? जी हां, कुवांरी लड़कियां भी करवाचौथ का व्रत ज़रूर रख सकती हैं.
* कुवांरी लड़कियां चांद को न देखकर तारों को देखकर अपना व्रत खोल सकती हैं. जिस तरह डोली तारों की छांव में जाती है और दुल्हन तब तक अपने चांद को नहीं देख पाती है, ठीक उसी तरह कुवांरी लड़कियां अपने पति से नहीं मिली होती हैं इसलिए उन्हें तारों को देखकर व्रत खोलना होता है.
* उन्हें किसी से सरगी नहीं मिलती इसलिए उन्हें भी किसी को सुहाग का सामान नहीं देना होता है.
* कुवांरी लड़कियों को तारे देखने के लिए छलनी का इस्तेमाल नहीं करना होता है, क्योंकि उन्हें छलनी में किसी की सूरत भी नहीं देखनी होती है.

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अर्घ्य देते समय पूजा की थाली में क्या-क्या होना ज़रूरी है?
* दिनभर व्रत रखने के बाद, दिन में पूजा और कथा सुनने के बाद शाम को जब महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं, तो उनकी पूजा की थाली में ये चीज़ें होनी बहुत ज़रूरी है. छलनी, आटे का दीपक (देशी घी का दीया और आटे का दीपक इसलिए रखा जाता है, क्योंकि आटा भी अनाज ही है), फल, ड्राईफ्रूट, मिठाई (मिठाई की जगह घर में जो मीठा बना है, उसे भी रख सकती हैं) और दो पानी के लोटे- एक चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए और दूसरा वो जिससे आप पहले पति को पानी पिलाती हैं और फिर वो आपको पिलाते हैं. पति को पहले पानी इसलिए पिलाया जाता है कि हम उन्हें परमेश्‍वर मानकर पहले उन्हें भोग लगाते हैं और फिर उसे ख़ुद भी खाते हैं. जिस तरह हम नवरात्रि, शिवरात्रि आदि व्रत में पहले भगवान को भोग लगाते हैं, फिर उसे ग्रहण करते हैं, ठीक उसी तरह करवाचौथ के दिन पति को परमेश्‍वर मानकर पहले उन्हें भोग लगाया जाता है और फिर ख़ुद उसे ग्रहण किया जाता है. अर्घ्य वाले लोटे का पानी न पीएं. फिर आप पति को फ्रूट, ड्राईफ्रूट और मीठा खिलाएं और पति भी आपको ये सब चीज़ें खिलाएंगे.
* अर्घ्य देते जाते समय वो चुन्नी साथ ज़रूर ले जाएं, जिसे आपने कथा सुनते समय पहना था. चंद्रमा को छलनी में दीया रखकर उसमें से देखें, फिर उसी छलनी से तुरंत अपने पति को देखें. छलनी में दीया रखने का रिवाज़ इसलिए बना, क्योंकि पहले के ज़माने में जब स्ट्रीट लाइट्स नहीं हुआ करती थीं, तो महिलाएं चांद देखने के बाद छलनी में रखे दीये के प्रकाश से अपने पति को देख सकें. कई लोग जलते हुए दीये को पीछे फेंक देते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए. आप उस आटे के दीये को वहीं जलता हुआ छोड़ आएं. कई लोग दीये के बुझने को भी अपशकुन मानते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. यदि तेज़ हवा से दीया बुझ भी जाता है, तो उससे कोई अपशगुन नहीं होता है.
* फिर घर आकर साथ मिलकर खाना खाएं.
* किसी भी पूजा के दिन सात्विक यानी बिना लहसुन-प्याज़ वाला खाना खाया जाता है, इसीलिए करवाचौथ के दिन भी ऐसा ही सात्विक भोजन करें. किसी भी तरह का तामसिक आहार न लें. करवाचौथ को सेलिब्रेट करने के लिए आप अपने पसंद की कोई भी चीज़ बना सकती हैं.

ज़रूरी टिप्स
* हाथों की मेहंदी पर पति का नाम लिखवाया ही जाए ये ज़रूरी नहीं, महिलाएं प्यार बढ़ाने के लिए ऐसा करती हैं, लेकिन मेहंदी से पति का नाम लिखवाना ही चाहिए, ऐसा कोई नियम नहीं है.
* पीरियड्स में भी करवाचौथ का व्रत रख सकती हैं.
* आप चाहें तो घर के मंदिर में पूजा कर सकती हैं या फिर अलग से चौकी लगाकर भी पूजा कर सकती हैं.
* आजकल करवाचौथ के कैलेंडर भी आते हैं, यदि आपके पास वो नहीं है तो भी कोई बात नहीं. पहले के ज़माने में लोग दीवार पर इसका प्रतीक बना लेते थे. भगवान श्रद्धा के भूखे हैं, नियमों के नहीं.
* पूजा करते समय आपका चेहरा पूर्व की तरफ होना चाहिए.
* करवाचौथ के दिन सेक्स से दूर रहें.

– कमला बडोनी

करवा चौथ (Karwa Chauth) महिलाओं का एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे देशभर में बड़ी ही श्रद्धा और प्यार से मानाया जाता है. महिलाएं कई दिन पहले से करवा चौथ की तैयारियां शुरू कर देती हैं. करवा चौथ (Karwa Chauth) की शॉपिंग करते समय कौन-सी सात चीज़ें ज़रूर ख़रीदनी चाहिए? बता रही हैं एस्ट्रो-टैरो, न्यूमरोलॉजिस्ट, नेम थेरेपी, वास्तु-फेंगशुई एक्सपर्ट मनीषा कौशिक.

Woman Must Buy On Karwa Chauth

1) कपड़े: हर व्रत स्वच्छता मांगता है यानी साफ़ तन और साफ़ मन, इसीलिए हर बड़े त्योहार जैसे दिवाली आदि में हम घर की सफ़ाई करते हैं. अतः करवाचौथ (Karwa Chauth) जैसे ख़ास मौके पर भी नए या फिर स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए. इसीलिए महिलाएं करवाचौथ के दिन नए कपड़े पहनती हैं.
2) सिंदूर-बिंदी: सिंदूर सुहाग का प्रतीक माना जाता है इसलिए करवा चौथ के लिए सिंदूर ज़रूर ख़रीदें. इसी तरह लगभग सभी सुहागिन महिलाएं बिंदी लगाती हैं इसलिए बिंदी ख़रीदना न भूलें.
3) काजल: शृंगार में काजल का विशेष महत्व है इसलिए काजल भी ज़रूर ख़रीद लें.
4) मेहंदी: करवा चौथ (Karwa Chauth) के लिए मेहंदी (Mehndi) लगाने का रिवाज़ है इसलिए हाथों पर मेहंदी ज़रूर रचाएं.
5) चुनरी: हर शुभ मुहूर्त पर महिलाएं चुनरी (Chunari) पहनती हैं इसलिए करवा चौथे के लिए भी चुनरी ज़रूरी ख़रीदें. (इसे हर साल ख़रीदने की ज़रूरत नहीं है. अमूमन महिलाएं ससुराल से चढ़ाई गई शगुन की चुनरी को ही घर में होने वाली हर पूजा के लिए इस्तेमाल करती हैं, आप भी ऐसा कर सकती हैं. अगर आपके पास चुनरी नहीं है, तो सास या पति से पैसे लेकर चुनरी ख़रीद लें और उसे घर की हर पूजा में पहनें).
6) मंगलसूत्र, पायल और बिछिया: सुहान के प्रतीक माने जाने वाले ये गहने भी आपकी शॉपिंग लिस्ट में ज़रूर होने चाहिए.
7) चूड़ियां: करवा चौथ में शगुन के सामान के साथ सास और बहू एक-दूसरे को चूड़ियां ज़रूर देती हैं इसलिए आप भी चूड़ियां ख़रीदना न भूलें.

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करवा चौथ के दिन यदि आप भी रेड साड़ी पहन रही हैं, तो दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा से लेकर शिल्पा शेट्टी, विद्या बालन… इन 8 अभिनेत्रियों की तरह पहनें लाल साड़ी. प्यार और ख़ूबसूरती के प्रतीक लाल रंग को करवा चौथ के दिन पहनकर आप दुल्हन जैसी खूबसूरत नजर आएंगी.

Bollywood Actress in Red Saree

1) प्रियंका चोपड़ा
प्रियंका चोपड़ा साड़ी में बेहद खूबसूरत लगती हैं, उनका फिगर बहुत अच्छा है इसलिए उन पर साड़ी बहुत अच्छी लगती है. प्रियंका जब पहली बार निक जोनस के साथ रेड साड़ी में नज़र आईं, तो उनका ये लुक सबको बहुत पसंद आया. आज की मॉडर्न वुमन के लिए करवा चौथ का ये लुक परफेक्ट है.

Priyanka Chopra

2) विद्या बालन
विद्या बालन भी उनकी खूबसूरत साड़ियों के लिए जानी जाती हैं. विद्या बालन हर खास मौके पर साड़ी पहनती हैं और वो साड़ी को बहुत अच्छी तरह कैरी करती हैं. इस लाल साड़ी में भी विद्या बहुत सुंदर दिख रही हैं.

Vidya balan

3) दीपिका पादुकोण
दीपिका पादुकोण खास फंक्शन में अधिकतर साड़ी पहनती हैं और साड़ी पहनकर दीपिका बहुत सुंदर दिखती हैं. दीपिका पादुकोण की ये रेड बनारसी साड़ी सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुई थी.

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Deepika Padukone

4) करीना कपूर खान
करीना कपूर साड़ी में बहुत सुंदर दिखती हैं. इस रेड साड़ी में करीना का मिनिमल लुक बहुत अच्छा लग रहा है. यदि आप भी करवा चौथ के दिन हैवी साड़ी नहीं पहनना चाहती, तो करीना कपूर की तरह सिंपल रेड साड़ी पहनें.

Kareena Kapoor Khan

5) माधुरी दीक्षित
माधुरी दीक्षित जिस अंदाज़ में साड़ी पहनती हैं, उससे उनकी खूबसूरती और भी निखर जाती है. माधुरी दीक्षित पर रेड कलर की साड़ी बहुत अच्छी लगती है, आप भी ऐसी साड़ी पहन सकती हैं.

Madhuri Dixit

6) अनुष्का शर्मा
अनुष्का शर्मा ने अपनी शादी के रिसेप्शन में लाल रंग की ख़ूबसूरत बनारसी साड़ी पहनी थी और उनका ये लुक फैन्स को बहुत पसंद आया था. आप भी करवा चौथ के दिन यदि नई दुल्हन की तरह दिखना चाहती हैं, तो अनुष्का का लुक फॉलो कर सकती हैं.

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Anushka Sharma

7) काजोल
कालोज पर साड़ी बहुत अच्छी लगती है. इस डीप मैरून साड़ी में काजोल का ट्रेडिशनल लुक लाजवाब लग रहा है. आप भी ये लुक ट्राई कर सकती हैं.

Kajol

8) शिल्पा शेट्टी
शिल्पा शेट्टी से आप साड़ी ड्रेपिंग के आयडियाज़ सीख सकती हैं. शिल्पा शेट्टी के साड़ी पहनने के स्टाइल से लेकर उनके ब्लाउज़ के डिज़ाइन तक सबकुछ बहुत स्टाइलिश होता है. करवा चौथ के दिन यदि आप भी स्टाइलिश दिखना चाहती हैं, तो शिल्पा शेट्टी का लुक फॉलो करें.

Shilpa shetty

करवा चौथ के दिन दुल्हन जैसी सुंदर दिखने के लिए घर पर खुद बनाइए ये स्टाइलिश हेयर स्टाइल. हम आपको ये 5 हेयर स्टाइल्स बनाने की विधि स्टेप बाय स्टेप बता रहे हैं, ताकि आप आसानी से ये हेयर स्टाइल खुद बना सकें. करवा चौथ के दिन ट्रेडिशनल आउटफिट के साथ ये हेयर स्टाइल आप पर बहुत अच्छी लगेगी.

Stylish Bun Hairstyles For Karwa Chauth

1) ट्रेडिशनल ब्राइडल बन

Stylish Bun Hairstyles For Karwa Chauth
  • कान से कान तक मांग निकालकर बालों को दो सेक्शन में बांट लें.
  • आगे के सेक्शन में बीच में मांग निकालें और दोनों तरफ़ के बालों को हल्का-सा ट्विस्ट करते हुए कान के पास पिनअप कर लें.
  • पीछे के बालों की पोनीटेल बनाएं और छोटे-छोटे फिंगर रोल्स बनाकर पिनअप करती जाएं.
  • हेयर एक्सेसरीज़ से डेकोरेट कर लें.

2) हाई बन

Stylish Bun Hairstyles
  • कान से कान तक मांग निकालकर बालों को दो सेक्शन में बांट लें.
  • पीछे के सेक्शन के बालों का हाई बन बना लें.
  • आगे के सेक्शन से बालों का छोटा-छोटा सेक्शन लें.
  • हर सेक्शन को ट्विस्ट करते हुए बन पर लपेटती जाएं.

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3) कर्ली ब्राइडल बन

Stylish Bun Hairstyles
  • ये हेयर स्टाइल कर्ली बालों में आसानी से बनती है. अगर आपके बाल कर्ली नहीं हैं, तो पहले उसे कर्ल कर लें.
  • बीच में मांग निकालकर आगे के बालों को ट्विस्ट करते हुए कान के पास पिनअप कर लें.
  • पीछे के बालों के एक-एक कर्ल को फिंगर रोल बनाते हुए बन शेप में पिनअप करती जाएं.
  • हेयर एक्सेसरीज़ से डेकोरेट कर लें.

4) ट्रेंडी ब्रेडेड बन

Stylish Bun Hairstyles
  • आगे-पीछे से बाल छोड़ते हुए टॉप से बाल का एक सेक्शन अलग करें.
  • इसे बैक कॉम्बिंग करते हुए पफ बनाकर पिनअप करें.
  • अब एक कान से फ्रेंच चोटी बनाना शुरू करें और पीछे पफ के पास गोलाई में गूंथते हुए दूसरे कान तक गूंथें.
  • चोटी को पिन से पफ पर सेक्योर कर लें. फूल से डेकोरेट कर लें.

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5) ट्रेडिशनल ब्रेडेड बन

Stylish Bun Hairstyles
  • साइड में मांग निकालकर एकदम आगे वन साइडेड सागर चोटी बनाएं.
  • साइड बन बनाकर इस चोटी को बन पर रैप करें.
  • दूसरी साइड भी सागर चोटी बनाएं और बन को कवर करते हुए चोटी बनाते जाएं.
  • पिन से बन पर चोटी को सेक्योर कर लें.
  • फूलों से सजाएं.

बनारसी साड़ी का क्रेज़ कभी कम नहीं होता इसीलिए दुल्हन के लिए हमेशा बनारसी साड़ी ली जाती है. करवा चौथ सुहागिनों का त्यौहार है इसलिए आप भी करवा चौथ के शुभ अवसर पर बनारसी साड़ी पहन सकती हैं. अनुष्का शर्मा, विद्या बालन, दीपिका पादुकोण, सोनम कपूर… इन 6 बॉलीवुड एक्ट्रेस ने बनारसी साड़ी को बहुत अच्छी तरह कैरी किया है, आप भी करवा चौथ पर बनारसी साड़ी पहनकर दुल्हन जैसी सुंदर नज़र आएं.

Bollywood Actress in Banarasi Saree

1) अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma)
अनुष्का शर्मा ने अपनी शादी के रिसेप्शन में लाल रंग की ख़ूबसूरत बनारसी साड़ी पहनी थी. लाल रंग की बनारसी साड़ी पहनकर अनुष्का बेहद ख़ूबसूरत नज़र आ रही थीं. अनुष्का के इस लुक पर ख़ूब चर्चा भी हुई. साथ ही अनुष्का के लुक को लेकर ये ख़बर भी सुर्ख़ियों में रही कि अनुष्का ने अपनी शादी के रिसेप्शन में दीपिका पादुकोण का लुक कॉपी किया है.

Anushka Sharma

2) दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone)
बनारसी साड़ी को सबसे ज़्यादा प्रमोट किया दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) ने. दीपिका की बनारसी साड़ी ने यंगस्टर्स को भी साड़ी पहनने के लिए प्रेरित किया है.

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Deepika Padukone

3) सोनम कपूर (Sonam Kapoor)
स्टाइल दिवा सोनम कपूर ने एक अवॉर्ड फंक्शन में हरे रंग की बनारसी साड़ी पहनी. सोनम कपूर का ये लुक बहुत चर्चा में रहा.

Sonam Kapoor

4) जैकलीन फर्नांडीज (Jacqueline Fernandez)
जैकलीन फर्नांडीज ने एक पार्टी में गुलाबी रंग की बनारसी साड़ी पहनी थी, जैकलीन का ये लुक उनके फैन्स को बहुत पसंद आया.

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Jacqueline Fernandez

5) माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit)
धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित इस गुलाबी बनारसी साड़ी में बहुत सुंदर लग रही हैं. माधुरी दीक्षित हर ख़ास मौके पर साड़ी पहनती हैं और साड़ी में वो बला की खूबसूरत दिखती हैं.

Madhuri Dixit

6) विद्या बालन (Vidya Balan)
अभिनेत्री रेखा की तरह विद्या बालन भी उनकी खूबसूरत साड़ियों के लिए जानी जाती हैं. विद्या बालन हर खास मौके पर साड़ी पहनती हैं और वो साड़ी को बहुत अच्छी तरह कैरी करती हैं.

Vidya Balan

शायद ही कोई ऐसा त्योहार हो, जिसे बॉलीवुड ने सेलिब्रेट न किया हो. हर त्योहार को और भी ख़ास बनाते हैं बॉलीवुड के ये फिल्मी गाने. पिछले कुछ सालों में बॉलीवुड की कई फिल्मों में करवा चौथ को बहुत ही रोमांटिक तरी़के से फिल्माया गया है. इन सीन और गानों का इतना असर है कि पहले के मुकाबले अब ज़्यादा महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती हैं. उन्हें लगता है कि अपने पति से प्यार के इज़हार का ये सबसे ख़ूबसूरत तरीक़ा है. करवा चौथ को फिल्मों में बहुत ही ख़ूबसूरती से दर्शाया गया है. इस करवा चौथ, आप भी अपने पार्टनर के साथ आप भी देखें बॉलीवुड के ये ख़ूबसूरत गाने और सीन.

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे

यश राज बैनर तले बनी यह पहली फिल्म थी, जिसने करवा चौथ सेलिब्रेशन्स को फिल्मी दुनिया में ख़ास जगह दी. काजोल का शाहरुख के लिए व्रत रखना और छत पर दोनों को एक-दूसरे को खाना खिलानेवाले सीन ने बहुत-से जोड़ों को व्रत रखने के लिए प्रोत्साहित किया. यह शाहरुख का ही जादू है कि आज भी बहुत-से पति अपनी पत्नियों का साथ देने के लिए करवा चौथ का व्रत रखते हैं. प्यार जब दोनों को है, तो भला दूसरा इज़हार से पीछे कैसे रहे.
इस फिल्म का डायलॉग- ‘सिमरन, देखो चांद आ गया’ और काजोल का आईने में ख़ुद को देखना काफ़ी रोमांटिक लगता है.

कभी ख़ुशी कभी गम

करण जौहर की फिल्म कभी ख़ुशी कभी गम में करवा चौथ के पारंपरिक रीति-रिवाज़ों को भी बख़ूबी दिखाया गया. सास का अपनी बहू को सरगी देना और करवा चौथ की पार्टी की धूम इस फिल्म में देखने को मिलती है. इंडिया ही नहीं, दूसरे देशों में रहनेवाले भारतीय भी किस तरह करवा चौथ जैसे त्योहार को बढ़-चढ़कर सेलिब्रेट करते हैं. काजोल और शाहरुख की रोमांटिक जोड़ी के साथ करीना और रितिक की स्पेशल केमिस्ट्री बोले चूड़ियां गाने में देखने को मिली. आप भी देखें ये ख़ूबसूरत गाना.

बागबान

अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी की जोड़ी को दर्शक बहुत ज़्यादा पसंद करते हैं. यही वजह है कि डायरेक्टर-प्रोड्यूसर्स भी इन्हें साथ लाने की पूरी कोशिश करते हैं. फिल्म बागबान में एक बार फिर बिग बी और ड्रीम गर्ल का वही करिश्माई जादू देखने को मिला. रिटायरमेंट के बाद अपने पार्टनर के साथ समय बिताने का ख़्वाब देखनेवाले पति-पत्नी को बच्चे अपनी ज़रूरतों के मुताबिक अलग कर देते हैं. एक-दूसरे को दिलो जान से चाहनेवाले पति-पत्नी जब इस उम्र में बिछड़ते हैं, तो उनकी तड़प कैसी होती है, इसे बेहद ख़ूबसूरती से दर्शाया गया है. अपने पार्टनर की भावनाओं का ख़्याल रखना ही तो करवा चौथ का असली मतलब है. इस फिल्म का गाना ‘मैं यहां तू वहां, ज़िंदगी है कहां’ देखकर आज भी लोगों की आंखों में आंसू आ जाते हैं.

हम दिल दे चुके सनम

डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को फेस्टिवल्स से कितना प्यार है, यह उनकी फिल्मों में ख़ूब झलकता है. इस फिल्म में भी उन्होंने करवा चौथ के पहले और बाद की रस्मों को दिखाया है. इस फिल्म का गाना ‘चांद छुपा बादल में’ आज भी करवा चौथ के सेलिब्रेशन में ज़रूर बजता है. सलमान ख़ान और ऐश्‍वर्या राय की रोमांटिक केमिस्ट्री ने इस गाने में यकीनन जान डाल दी है. इस करवा चौथ अपने पार्टनर के साथ यह गाना ज़रूर सुनें औैर एंजॉय करें.

इश्क-विश्क

अमृता राव और शाहिद कपूर की ख़ूबसूरत केमिस्ट्री ने यंगस्टर्स को उनका दीवाना बना दिया था. फिल्म कॉलेज स्टूडेंट्स में बहुत ज़्यादा पॉप्युलर हुई थी. फिल्म में शाहिद और अमृता का करवा चौथ सीन भी काफ़ी मज़ेदार है. अमृता का पूरी शिद्दत से व्रत रखना शाहिद को छू जाता है. दोनों स्टार्स की मासूम प्रेम कहानी उनके फैंस को ख़ुश कर देती है. दोस्ती के रिश्ते का प्यार में बदल जाने का एहसास फिल्म में दिखाया गया है, जो आज भी यंगस्टर्स की फेवरेट है. 21वीं सदी की लड़कियों को भी अपने रीति-रिवाज़ों से कितना लगाव है, यह अमृता को देखकर समझा जा सकता है. इस फिल्म का करवा चौथ सीन आप भी कभी भूल नहीं पाएंगे.

– अनीता सिंह

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करवा चौथ बॉलीवुड की पारिवारिक फिल्मों का फेवरेट त्योहार रहा है. कई फिल्मों में इस फेस्टिवल को बड़े ही भव्य अंदाज़ में दिखाया गया है. फिल्मों में करवा चौथ के सीन्स बेहद ही रोमांटिक और इस सिचुवेशन पर फिल्माए गए गाने बहुत ही कलरफुल हैं. यशराज फिल्म से लेकर करण जौहर तक कई लोगों ने फिल्मों में करवा चौथ को बड़े ही ग्लैमरस तरीक़े से दिखाया है.

आइए, देखते हैं इस ख़ूबसूरत त्योहार पर फिल्माए गए कुछ गाने.

फिल्म- दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे

फिल्म- हम दिल दे चुके सनम

फिल्म- कभी ख़ुशी कभी ग़म

फिल्म- करवा चौथ

फिल्म- बहू बेटी

फिल्मों में कई सीन्स भी हैं, जिसने करवा चौथ के महत्व और इससे जुड़े रीति-रिवाज़ों को बड़े पर्दे पर ख़ूबसूरती से दिखाया है.

फिल्म- बागबान

फिल्म- बाबुल

फिल्म- इश्क विश्क

प्यार के इज़हार से लेकर दुल्हन के श्रृंगार (Style Guide For Karwa Chauth) तक लाल रंग की अपनी अलग अहमियत है. प्यार और ख़ूबसूरती के प्रतीक लाल रंग को करवा चौथ के दिन किस अंदाज़ में पहनें? आइए, हम आपको बताते हैं.

Style Guide For Karwa Chauth

 

एक्सपर्ट एडवाइज़
फैशन डिज़ाइनर श्रुति संचेति के अनुसार, करवा चौथ के ख़ास मौ़के पर महिलाएं ख़ासकर रेड कलर पहनना पसंद करती हैं. आप भी रेड कलर का चुनाव कर सकती हैं. इसके लिए-
* करवा चौथ के दिन ज़्यादातर महिलाएं साड़ी पहनना पसंद करती हैं. स्लिम और स्टाइलिश नज़र आने के लिए जॉर्जेट या शिफॉन की रेड कलर की साड़ी के साथ स्लीवलेस या हॉल्टर नेक वाला डिज़ाइनर ब्लाउज़ पहनें.

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* साड़ी नहीं पहनना चाहतीं, तो रेड कलर का ट्रेंडी लहंगा-चोली, अनारकली ड्रेस या ट्रेडिशनल गाउन पहन सकती हैं.

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* सॉफ्ट लुक के लिए एम्ब्रॉयडरी, सीक्वेंस जैसे हैवी वर्क की बजाय रफल्स, लेयरिंग, लेस आदि को प्राथमिकता दें.

यह भी देखें: फेस्टिव लुक के लिए 10 ट्रेंडिंग इंडो-वेस्टर्न डिज़ाइन्स

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स्मार्ट आइडियाज़
* रेड कलर का चुनाव करते समय अपने स्किन टोन का ध्यान ज़रूर रखें, जैसे- आपका रंग यदि ज़्यादा गहरा है, तो आप सुर्ख लाल रंग पहनने से बचें और न ही रेड कलर की लिपस्टिक लगाएं. रेड की बजाय आप मरून शेड ट्राई कीजिए.

यह भी देखें: 15+ डिज़ाइनर ब्लाउज़ पैटर्न्स

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* यदि आपका रंग गोरा है, तो आप बेझिझक रेड का कोई भी शेड ट्राई कर सकती हैं.

यह भी देखें: 20 बेस्ट डिज़ाइनर सलवार-कमीज़

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* रेड कलर का आउटफिट नहीं पहनना चाहतीं, तो रेड कलर की एक्सेसरी़, जैसे- शूज़, बैग, ज्वेलरी पहनकर बनें सेंटर ऑफ अट्रेक्शन.

यह भी देखें: स्लिम लुक के लिए स्टाइलिंग ट्रिक्स

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फ़ायदे लाल रंग के
लाल रंग उत्प्रेरक, उत्तेजक और जोशीला माना जाता है. ये आपमें एक नई ऊर्जा और उत्साह पैदा करता है, इसलिए करवा चौथ के ख़ास मौ़के पर लाल रंग पहनकर अपने प्यार को और रोमांचक बनाइए.

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– कमला बडोनी                                                              Photo Courtesy- Jashn, Triveni Sarees, Sahiba Limited, Nargis