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Fairy Tales: ब्यूटी एंड द बीस्ट… (Beauty And The Beast)

Beauty And The Beast Story in Hindi

Fairy Tales: ब्यूटी एंड द बीस्ट… (Beauty And The Beast)

एक शहर में एक व्यापारी अपनी तीन बेटियों के साथ रहता था. तीनों बेटियां बेहद सुंदर थीं, पर सबसे छोटी बेटी ब्यूटी सबसे ख़ूबसूरत और समझदार थी. इसी वजह से उसकी दोनों बहनें उससे ईर्ष्या रखती थीं. दोनों बड़ी बहनें बेहद स्वार्थी थीं और अपने पिता की दौलत उड़ाने में ही उनकी दिलचस्पी थी. ब्यूटी हमेशा अपने पिता का ख़्याल रखती और हर रात वो एक सुंदर से राजकुमार का सपना देखती. उसे यकीन था कि एक दिन उसे वो राजकुमार अपने साथ महल में ले जाएगा.

दिन गुज़र रहे थे कि एक दिन की बात है व्यापारी को ख़बर मिलती है कि उनके सारे जहाज़ समुद्री तूफ़ान में डूब गए और वो तबाह हो गए. इस मुश्किल घड़ी में ब्यूटी ने पिता को संभाला, जबकि बाकी बहनें दिनभर रोना रोती रहतीं.

एक दिन व्यापारी को ख़बर मिली कि उनका एक जहाज़ मिल गया है. वो बेहद ख़ुश हुए और बंदरगाह जाने से पहले अपनी बेटियों से पूछने लगे कि उन्हें क्या उपहार चाहिए. दोनों बड़ी बहनों से कपड़े और गहने मांगे, जबकि ब्यूटी ने कहा कि आप सही सलामत वापस आ जाओ, इसके अलावा कुछ नहीं चाहती मैं. पर पिता ने ज़ोर दिया, तो उसने कहा कि मेरे लिए एक गुलाब का फूल लेते आना.

पिता बंदरगाह चल दिए, पर वहां जाकर देखा कि जहाज़ पूरी तरह अस्त-व्यस्त था, सारा माल गायब था. वो फिर निराश हो गए. वापसी में रास्ते में बर्फीले तूफ़ान से उनका सामना हुआ. उनका घोड़ा आगे चल नहीं पा रहा था. ऐसे में कुछ देर रुक जाना ही उन्हें सही लगा.

अपने घोड़े को एक पेड़ के नीचे खड़ाकर उन्होंने देखा कि कुछ दूरी पर रोशनी-सी चमक रही थी. वो उस तरफ़ चल पड़े. वहां जाकर देखा कि एक आलीशान महल था और वहां तूफ़ान का भी कोई असर नहीं था. बड़े से सोने के दरवाज़े से वो अंदर गए. वहां जाकर आवाज़ लगाई, पर वहां कोई नहीं था. अंदर जाकर उन्होंने देखा, खाने की मेज़ सजी हुई थी. उन्होंने इंतज़ार किया, पर जब कोई नहीं आया, तो भूख से व्याकुल उन्होंने खाना खा लिया. फिर ऊपर के कमरे की ओर जाकर देखा कि आरामदायक बिस्तर लगा हुआ था. वो आराम से सो गए.

Beauty Aur Beast Kahani

सुबह नींद खुली तो अपने कमरे में नए कपड़े देखे, उन्होंने नहाने के बाद कपड़े पहने और नीचे आ गए. नीचे नाश्ते का टेबल सजा हुआ था. लज़ीज़ नाश्ता करके उन्होंने ज़ोर से कहा कि आप जो कोई भी हैं, बड़े दयालू हैं. आपकी मेज़बानी के लिए धन्यवाद, अब मैं जा रहा हूं. जैसे ही वो बाहर गया, तो सामने गुलाबों का बगीचा था, जिसमें ख़ूबसूरत बैंगनी रंग के गुलाब लगे हुए थे. व्यापारी ने सोचा वो ब्यूटी की इच्छा तो पूरी कर ही सकता है, इसलिए उसने एक गुलाब तोड़ लिया. पर जैसे ही उसने गुलाब तोड़ा, अचानक धरती हिलने लगी और किसी के तेज़ गुर्राने की आवाज़ आने लगी. व्यापारी कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उन्होंने देखा कि सामने से एक भीमकाय, दानवी आकृति चली आ रही है. उसके दांत और पंजे चाकू से भी तेज़ थे. वो जीता-जागता दानव था. उसने व्यापारी से कहा कि तुमको मेरे बगीचे से गुलाब तोड़ने की इजाज़त किसने दी. मैंने तुम्हारा इतना सत्कार किया और तुमने इस तरह से मेरा आभार प्रकट किया. इसकी सज़ा तुम्हें मिलनी चाहिए.

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Beauty And The Beast

यह सुनकर व्यापारी डर गया. उसने कहा कि आप इतनी दयालू हैं, इसलिए मुझे लगा कि एक गुलाब तोड़ने पर आप नाराज़ नहीं होंगे. ये गुलाब भी मैंने अपनी बेटी की इच्छा पूरी करने के लिए तोड़ा था. यह सुनकर दानव की आंखें चमकने लगीं, वो बोला, तुम्हारी बेटी है? तो मेरे पास तुम्हारे लिए एक प्रस्ताव है, जिससे तुम्हारी जान बच सकती है.

व्यापारी ने कहा, मुझे क्षमा कर दें और अपना प्रस्ताव बताएं, क्योंकि मेरी तीन बेटियां मेरा इंतज़ार कर रही हैं.

दानव और ख़ुश हो गया. तुम्हारी तीन बेटियां हैं, तब तो बहुत अच्छा है. उनमें से किसी एक से कहो कि वो यहां आकर रहे. मैं उसे अपने पास इस महल में रखूंगा, इसके बदले तुम्हें आज़ादी मिलेगी.

व्यापारी ने कहा कि ठीक है, मैं घर जाकर अपनी बेटियों को बताता हूं, मुझे यकीन है कि उनमें से कोई न कोई ज़रूर तैयार हो जाएगी. मैं वापसी का वादा करता हूं.

बीस्ट ने कहा कि मैं तुम्हें अपना सबसे तेज़ घोड़ा देता हूं और एक महीने का समय, लेकिन तुम्हारी बेटी को यहां अपनी मर्ज़ी से आना होगा, ज़ोर-ज़बर्दस्ती से नहीं. अगर तुम एक महीने में नहीं आए, तो मैं ख़ुद तुम्हें ढूंढ़ने आऊंगा.

व्यापारी ने भले ही यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था, पर उसे यही लग रहा था कि उसकी कोई भी बेटी तैयार नहीं होगी और उसकी मौत निश्‍चित है. घर जाकर सारी बातें बताईं. दोनों बहनें ब्यूटी पर क्रोधित हो उठीं कि ये सब तुम्हारे गुलाब की वजह से हुआ.
ब्यूटी ने कहा कि मैं पिताजी का वादा निभाने के लिए उनके साथ जाऊंगी. व्यापारी बेहद दुखी था कि उसके कारण यह दुर्भाग्य आया है. ब्यूटी ने समझाया और पिता का हौसला बढ़ाया. व्यापारी यही कहता रहा कि ब्यूटी अपनी ज़िंदगी जीओ, उसे यूं मुझ बूढ़े के लिए ख़राब मत करो.

Beauty And The Beast in Hindi

ब्यूटी ने कहा कि मैं इसका सामना कर सकती हूं. मुझमें हिम्मत है. आप घबराएं नहीं. दोनों जल्द ही आलिशान महल में पहुंच गए. वहां बढ़िया खाना मेज़ पर सजा हुआ था. दोनों ने खाना खाना शुरू किया. कुछ ही देर में बीस्ट वहां आ पहुंचा, जिसे देखकर ब्यूटी बेहद घबरा गई. बीस्ट ने ब्यूटी से पूछा कि क्या वो अपनी मर्ज़ी से यहां आई है, तो ब्यूटी ने सहमति जताई. बीस्ट ने कहा कि क्या तुम अपने पिताजी के बगैर मेरे साथ यहां रहने के लिए तैयार हो, तो ब्यूटी ने हां कहा.

बीस्ट ने व्यापारी से कहा कि आप अपने घोड़े के पास जाएं, वहां सोने से भरे ट्रंक हैं, जो आपकी दोनों बेटियों के लिए है. व्यापारी ने भारी मन से ब्यूटी से विदा ली. बीस्ट ने ब्यूटी को भी ऊपर जाकर आराम करने की सलाह दी. ब्यूटी ने ऊपर जाकर देखा कि बेहद ख़ूबसूरत कमरा उसके लिए तैयार था. वो सो गई. सुबह उठी तो उसकी ज़रूरत व शृंगार का हर सामान तैयार था. वो तैयार होकर नीचे आई, तो लज़ीज़ खाना मिला. खाना खाकर वो आराम ही कर रही थी कि बीस्ट ने उसके पास आकर पूछा कि क्या वो बदसूरत और डरावना है, तो ब्यूटी ने हां में गर्दन हिला दी. फिर बीस्ट ने पूछा क्या वो उससे शादी करेगी, बिना डरे उसे जवाब दे, तो ब्यूटी ने मना कर दिया. जवाब सुनकर बीस्ट चला गया. ब्यूटी हैरान थी कि इंकार करने पर भी बीस्ट नाराज़ नहीं हुआ, न ही ज़बर्दस्ती की.

Beauty And The Beast Hindi Story

बीस्ट हर रात को खाने के बाद ब्यूटी से शादी की बात कहता और ब्यूटी जब मना कर देती, तो वो बेहद उदास व दुखी होकर लौट जाता. धीरे-धीरे दिन गुज़रते गए. अब ब्यूटी को बीस्ट से डर नहीं लगता था. वो उसके नेक दिल का सम्मान करती थी. बीस्ट उसके लिए पियानो भी बजाता और लंबी-लंबी बातें करता. आलिशान महल में रहना ब्यूटी को अच्छा तो लग रहा था, लेकिन अब उसे अपने पिता की याद सताने लगी थी.

ब्यूटी को उदास देखकर बीस्ट ने पूछा, तो ब्यूटी ने एक हफ़्ते के लिए घर जाने की इच्छा जताई. बीस्ट ने कहा कि वो ब्यूटी की इच्छा को पूरा करेगा, लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि ब्यूटी अपनी नफ़रत के कारण उससे दूर जाना चाह रही हो. ब्यूटी ने कहा कि वो बीस्ट से नफ़रत नहीं करती और उसे अकेला छोड़कर जाने का उसे भी अफ़सोस है. बीस्ट ने कहा कि तुम जा सकती हो, पर यदि समय पर वापस नहीं आई, तो मेरी मौत निश्‍चित है.

ब्यूटी ने कहा वो ऐसा नहीं होने देगी. बीस्ट ने उसे एक अंगूठी देकर कहा कि इसे पहनकर सो जाओ और जब तुम उठोगी, तो अपने पिता के घर पर होगी. जब तुम्हारी वापस आने की इच्छा हो, तो यह अंगूठी उतार देना, तुम फिर इस महल में आ जाओगी.
ब्यूटी बेहद ख़ुश थी. अगली सुबह उसने ख़ुद को अपने घर पर अपने बिस्तर पर पाया. पिता से मिलकर वो भावुक हो गई. पिता भी बेहद ख़ुश थे. एक हफ़्ता गुज़र गया, पर ब्यूटी महल में वापस जाने की बात भूल गई थी.

Beauty Aur Beast Kahani

एक रात उसे सपना आया कि बीस्ट ज़मीन पर गिरा हुआ है और बस मौत के क़रीब है. वो बेहद डर गई और उसने वापस जाने का निर्णय लिया. सबसे अलविदा कहकर उसने अंगूठी उतारी और अगली सुबह वो महल में पहुंच गई. वो फ़ौरन उस बगीचे में गई, जहां सपने में उसने बीस्ट को मरते हुए देखा था. वो चौंक गई, क्योंकि बीस्ट सचमुच में बेहोशी की हालत में था. ब्यूटी ने पानी के छींटें मारे, तो बीस्ट को होश आया. उसे होश में आया देख ब्यूटी ख़ुशी से झूम उठी और उसे यह एहसास हुआ कि बीस्ट उसके दिल में जगह बना चुका था.

ब्यूटी ने कहा कि मैं बुरी तरह डर गई थी, अगर आपको कुछ हो जाता, तो मैं ख़ुद को कभी माफ़ नहीं करती. मैं आपसे बेहद प्यार करती हूं.
यह सुनकर बीस्ट ने कहा कि क्या तुम मुझ जैसे बदसूरत व अजीब से दिखनेवाले प्राणी से प्यार कर सकती हो?

ब्यूटी ने कहा क्यों नहीं, आपका दिल इतना सुंदर है कि कोई भी आपसे प्यार कर सकता है. मुझे जीवन में और कुछ नहीं चाहिए.
बीस्ट ने पूछा, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?

ब्यूटी ने कहा कि हां, करूंगी.

यह सुनते ही बीस्ट के चारों तरफ़ रौशनी का साया मंडराने लगा और वो एक ख़ूबसूरत नौजवान में बदल गया.

ये देख ब्यूटी हैरान थी, क्योंकि ये वही नौजवान था, जिसके सपने वो देखती थी. उसने राजकुमार को बताया कि वो अक्सर उसके सपनों में आता था. राजकुमार ने बताया कि तुम्हारी वजह से मुझे एक भयंकर शाप से मुक्ति मिली. एक चुडैल को मैंने लड़ाई में हराया था, जब वो मर रही थी, तो उसने मुझे शाप दिया था कि मैं इतना कुरूप हो जाऊंगा कि कोई मुझसे प्यार नहीं करेगा. उसके शाप से मैं भयंकर दरिंदे में बदल गया था, पर तुम्हारे सच्चे प्यार ने मुझे फिर से जीवन दे दिया.

Beauty And The Beast Hindi Kahani

राजकुमार ब्यूटी को उसके घर ले गया, जहां उसके पिता से उसका हाथ मांगा. दोनों ने शादी की और ख़ुशी-ख़ुशी रहने लगे.

सीख: सुंदरता स़िर्फ तन की नहीं होती, उससे कहीं बड़ी सुंदरता मन की होती है, जिससे सारा जग जीता जा सकता है. चेहरा समय के साथ बदल जाता है, पर मन की ख़ूबसूरती हमेशा बरक़रार रहती है. इसलिए बाहरी सुंदरता से आकर्षित होने की बजाय मन की सुंदरता का सम्मान करना सीखें.

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युवराज सिंह: किंग ऑफ सिक्सेस (Yuvraj Singh back to back 3 sixes)

Yuvraj Singh

Yuvraj Singh

मैदान चाहे जो हो, गेंदबाज़ चाहे जो हो, टीम चाहे जो हो, युवराज सिंह को तो स़िर्फ बल्ला पकड़ा दो, सिक्स अपने आप लगेगा. ग़ज़ब के हैं हमारे युवराज बल्लेबाज़ों के सरताज़, जब भी बैटिंग करते हैं रन निकलते हैं, ज़ोरदार. हाल ही में युवराज सिंह ने 3 गेंदों पर लगातार 3 छक्के जड़े.

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी इंटर ज़ोनल टी 20 टूर्नामेंट में युवराज सिंह की धमाकेदार पारी का ही ज़िक्र हर जगह हो रहा है. बुधवार को मध्य क्षेत्र के ख़िलाफ़ मैच में युवराज सिंह ने 4 छक्के जड़े. युवराज सिंह ने इस मैच में 20 गेंदों पर 33 रन की धमाकेदार पारी खेली. मज़ेदार बात ये है कि मध्य क्षेत्र के गेंदबाज़ अनिकेत चौधरी की लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के जड़कर कमाल ही कर दिया.

युवराज सिंह बैटिंग करते समय ये नहीं देखते की सामने गेंदबाज़ कौन है. बस दनादन छक्का मारना शुरू कर देते हैं. अब बेचारे अनिकेत को कितना बुरा लगा होगा कि उसका ही ओवर मिला थी युवराज को छक्का मारने के लिए.

मध्य क्षेत्र ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवरों में 7 विकेट पर 167 रन बनाए. जवाब में उत्तर क्षेत्र की टीम ने युवराज सिंह के धमाकेदार 20 गेंदों पर 33, ओपनर शिखर धवन के 37, गौतम गंभीर के 20 और ऋषभ पंत के 25 रन की मदद से अच्छी टक्कर दी, लेकिन 20 ओवरों में 6 विकेट पर 163 रन ही बना सकी और मैच 4 रन से हार गई.

युवराज सिंह के सिक्सेस के बाद भी टीम जीत नहीं पाई.

श्वेता सिंह

रईस किंग ख़ान ने किया टीम इंडिया का नामकरण (Raees King Khan is giving sub titles to indian cricketers)

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अपनी आनेवाली फिल्म रईस के प्रमोशन में किंग ख़ान जी-जान से जुड़े हैं. देश के अलग-अलग शहरों में शाहरुख़ ख़ान फिल्म का प्रमोशन कर रहे हैं. दिल्ली में अपनी फिल्म का प्रमोशन करते हुए मीडिया से बातचीत के दौरान इस रईस ने टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों का नामकरण कर दिया. असल में बात ये है कि किंग ख़ान ने अपनी फिल्मों के नाम पर ही इन खिलाड़ियों का नामकरण किया. आइए, आप भी देखिए कि किसको क्या नाम दिया किंग ख़ान ने?

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टीम इंडिया के बाज़ीगर हैं धोनी
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को किंग ख़ान ने अपनी फिल्म बाज़ीगर का टाइटल दिया है. शाहरुख़ ने धोनी का उपनाम बाज़ीगर रखा. इसका कारण भी बताया किंग ख़ान ने कि आख़िर क्यों उन्होंने धोनी को बाज़ीगर कहा. इस रईस ने कहा कि धोनी एक ऐसा खिलाड़ी है, जो हमेशा ऐसा दांव खेलता है, जिसे कोई सोच भी नहीं सकता. ठीक उसी तरह जैसे उसने 2007 टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में आख़िरी ओवर जोगिंदर शर्मा को दे दिया था. इस ओवर की वजह से ही टीम इंडिया हारी बाज़ी जीत गई थी, इसलिए मैं उसे बाज़ीगर का नाम देना चाहूंगा.

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टीम के कप्तान विराट हैं डॉन
शायद ही किसी को पता था कि रईस के आते ही किंग ख़ान सबका नामकरण करने लगेंगे. वैसे किंग ख़ान ने नामकरण की इस लिस्ट में अगला नाम टीम के कप्तान विराट का चुना. विराट को उन्होंने डॉन कहा. किंग ख़ान ने कहा कि मैदान पर शांत दिखनेवाला विराट असल में शांत नहीं है, सामने वाली टीम के बॉलरों पर दबाव बनाकर रन बनाना और मैच को किसी भी तरह से जीत लेने की कला विराट में ही है. इसलिए मैं उसे डॉन कहूंगा.

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बादशाह हैं रोहित शर्मा
ओपनर रोहित शर्मा की बैटिंग स्टाइल से परदे का बादशाह इतना प्रभावित हुआ कि उसने रोहित को बादशाह की उपाधि दे दी. किंग ख़ान ने कहा कि जिस तरह से ओपनिंग करने रोहित शर्मा मैदान पर उतरता है, ऐसा लगता है कि कोई बादशाह आ रहा हो.

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टीम इंडिया के पहेली हैं अश्विन
किंग ख़ान और रानी मुखर्जी की फिल्म पहेली तो आपको याद ही होगी. किंग ख़ान ने टीम के स्टार गेंदबाज़ आर अश्‍विन को एक ऐसी पहेली बताया, जो दूसरी टीम के बल्लेबाज़ों की समझ से परे हैं. इस रईस ने इसके पीछे ये लॉजिक दी कि मैदान पर शांत रहनेवाले अश्‍विन अगली गेंद से क्या कमाल दिखाएंगे, इसका अंदाज़ा विरोधी खेमे को नहीं रहता.

तो देखा आपने… किस तरह से किंग ख़ान अपनी फिल्म के साथ-साथ दूसरे काम भी कर रहे हैं. इन क्रिकेटर्स को अपना ये नाम शायद ख़ूब पसंद आए. अब जब नाम देने वाला ही बॉलीवुड का बादशाह हो, तो भला किसे ये नाम अच्छा नहीं लगेगा.

श्वेता सिंह 

79 के हुए रतन टाटा- 4 बार प्यार करने वाले रतन टाटा आख़िर क्यों रह गए कुंवारे? (Ratan Tata’s 79th birthday: 12 interesting facts that you must know)

Ratan Tata

Ratan Tata

बिज़नेस वर्ल्ड की मशहूर हस्ती रतन टाटा को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं. नमक से लेकर कार बनाने वाले टाटा समूह को कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचाने में यदि किसी शख़्स का सबसे ज़्यादा योगदान है, तो वो रतन टाटा हैं. उनके जन्मदिन के मौ़के पर आइए, आपको बताते हैं उनसी जुड़ी कुछ इंट्रेस्टिंग बातें.

* 1991 में टाटा समूह के चेयरमैन का पद संभालने से लेकर अब तक अपनी कंपनी को बुलंदियों पर पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

* भारत के सबसे सम्मानित और सफल उद्योगपतियों में एक रतन टाटा बेहद सादगी पसंद हैं.

* क़िताबों से उन्हें खासा लगाव है. लोगों की सक्सेस स्टोरीज़ पढ़ना उन्हें बहुत पसंद है.

* उन्हें बचपन से ही कम बातचीत पसंद है. अपने सहयोगियों से भी स़िर्फ औपचारिक बात ही करते हैं.

* उन्हें कारों से बेहद लगाव है. उनके पास व्हाइट 508 बीएचपी जगुआर XFR स्पोर्ट्स सलून है. Cadillac XLR उनकी फेवरेट कार है. 2009 में  टाटा  ने फरारी कैलिफोर्निया से मंगवाई थी. उनके कलेक्शन में माजराती क्वात्रोपोर्ते (Maserati Quattroporte), मर्सडीज़ एसएल 500 और लैंड रोवर  फ्रीलैंडर भी शामिल है.

* रतन टाटा डॉग लवर हैं. फ्री टाइम में वो अपने दोनों डॉग्स के साथ घंटों खेलते हैं. इतना ही नहीं, वे फ्री टाइम में मुंबई की सड़कों पर फरारी दौड़ाना भी  पसंद करते हैं.

* एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें चार बार प्यार हुआ. हालांकि, हर बार अंत में शादी नहीं हो सकी. उनकी चार लव स्टोरी में सबसे ज़्यादा  सीरियस लव स्टोरी उनके अमेरिका में रहने से जुड़ी है.

* जब वे अमेरिका में काम करते थे, उन्हें एक लड़की से प्यार हो गया था. उस व़क्त 1962 का भारत-चीन युद्ध चल रहा था. टाटा और उनकी प्रेमिका ने  शादी का फैसला किया.

* रतन टाटा भारत आ गए, लेकिन उनकी प्रेमिका युद्ध के दौरान बने तनावपूर्ण माहौल के कारण भारत नहीं आ सकीं और आख़िरकार उसने किसी  और से शादी कर ली.

* 2016 में बिज़नेस जगत के तीन सबसे चर्चित लोगों में रतन टाटा भी शामिल हैं.

* रतन टाटा ने नैनो जैसी लखटकिया कार बनाकर आम आदमी का कार का सपना साकार किया. वे इंडिका जैसी कार भी बाज़ार में लाए.

* उन्हें साल 2000 में पद्मभूषण और 2008 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की तरफ़ से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं.

– कंचन सिंह