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वास्तुशास्त्र के नियमानुसार कमरे की कौन-सी दीवार को किस रंग से रंगवाना लाभदायक होता है? चलिए, जानते हैं.

 

लाल रंग

  • लाल रंग ऊर्जा का प्रतीक है. इस रंग का इस्तेमाल घर के दक्षिणी या दक्षिण-पूर्वी हिस्से में नाम मात्र के लिए करें, लेकिन इस हिस्से में अगर बेडरूम हो, तो यहां लाल रंग के प्रयोग से बचें और हल्के पिंक या हल्के क्रीम रंग का सिलेक्शन करें.

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हरा रंग

  • हरा यानी बुध से संबंधित रंग. इस रंग का प्रयोग घर के उत्तर में करना चाहिए. इससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा और आपको उन्नति के अवसर मिलेंगे.
  •  बच्चों, लड़कियों और नवविवाहित जोड़ों के कमरे में हल्के सी ग्रीन या आयवरी रंग का इस्तेमाल करें.

Green colour,vastu colour,Drawing room

पीला रंग

  •  रंग का इस्तेमाल घर के पूर्वोत्तर में स्थित किसी भी कमरे में किया जा सकता है. अगर यहां पर आपका ऑफ़िस, ड्रॉइंग रूम आदि है तो हल्का पीला रंग आपके लिए अति शुभ होगा. अगर इस दिशा में स्टडी रूम, लाइब्रेरी या बच्चों का कमरा हो तो भी हल्के पीले रंग का इस्तेमाल करें.

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नीला रंग

  • आसमानी रंग का इस्तेमाल मकान की उत्तर दिशा में करना चाहिए. यह रंग जल तत्व को इंगित करता है. इसके अलावा घर की उत्तर दिशा में भी बहते जल वाली तस्वीरें या पेंटिंग्स लगानी चाहिए. इससे करियर में सफलता मिलती है.

Blue_sky blue colour_good luck

स्मार्ट टिप्स

  • उत्तर दिशा में स्थित मकान के बाहरी हिस्से को ख़ूबसूरत बनाने के लिए हल्के नीले व पीले रंग का प्रयोग करें.
  •  दक्षिण पूर्व में कभी भी हल्के या गहरे नीले रंग का इस्तेमाल न करें.
  •  पूर्वोत्तर या उत्तर दिशा में स्थित कमरों में कभी लाल या ऑरेंज रंगों का इस्तेमाल न करें, क्योंकि ये जल स्थान है और लाल रंग अग्नि का प्रतीक है.
  • मकान की बाहरी दीवारों पर ग्रे, ब्राउन या काले रंग का इस्तेमाल कभी न करें.

 

किचन में अक्सर कई दुर्घटनाएं होती हैं, जैसे- कटना, जलना, फिसल जाना आदि. अत: किचन में निम्न बातों का ध्यान रखें.

* किचन में एक पोंछने वाला कपड़ा, फर्स्ट एड किट, जिसमें बैंड एड, कटने व जलने की दवा और डेटॉल ज़रूर रखें.

* डोमेस्टिक पॉल्यूशनका दूसरा सबसे बड़ा कारण है कुकिंग. गैस स्टोव से ख़तरनाक नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनो-ऑक्साइड आदि गैसें निकलती हैं. इनका स्तर कम करने के लिए वेंटीलेशन अच्छा रखें या एग्ज़ॉस्ट फैन लगाएं. इससे किचन में धूल-मिट्टी कम जमती है. एग्जॉस्ट फैन को दीवार की उस दिशा में लगाएं, जहां से विपरीत दिशा से अच्छी हवा आए. फैन को हर छह महीने में मैनुफेक्चरर के निर्देशानुसार क्लीन करें. यदि बाहरी हवा नहीं है तो किचन में भी सिलिंग फैन लगाएं.

* कभी भी गरम कुकर को खिड़की (पिंडी) के पास न रखें, वरना हो सकता है कुकर की हीट से खिड़की का कांच तड़क जाए.

* गैस का सिलेंडर खुली जगह पर रखें. यहां अन्य किसी चीज़ों का अंबार न लगाएं और गैस की पाइप को किसी चीज़ से ढंकें नहीं, अगर कहीं चीरे या कटने का निशान दिखे तो पाइप तुरंत बदलवाएं.

 

Gas Stove,Kitchen safety

* रात को सोने से पहले गैस सिलेंडर का वॉल्व बंद करें.

* घर से बाहर जाते समय चेक कर लें कि सिलेंडर का वॉल्व बंद है या नहीं.

* यदि गैस की गंध आए तो वॉल्व बंद कर दें. खिड़की खोल दें. इलेक्ट्रिक स्विच बंद कर दें और गैस कंपनी में फ़ोन करें.

* किचन में जिस जगह आप काम करती हैं, वहां फ्लोरसेंट लाइट ज़रूर लगवाएं.

* इस बात का ज़रूर ध्यान रखें कि जहां माइक्रोवेव, कुकिंग रेंज या ओवन रखा हो, उसके कम-से-कम एक तरफ 40 सें.मी. चौड़ी जगह हो.

* खाना बनाने का प्लेटफॉर्म इतनी ऊंचाई पर हो कि आपको ज़्यादा झुक कर भी काम न करना पड़े और न ज़्यादा ऊंचे होकर.

* इसी तरह कबर्ड भी इतनी ऊंचाई पर हों कि आप आसानी से उनमें से सामान निकाल या रख सकें. सिंक के मामले में भी यही नियम लागू होता है.

* कुकिंग रेंज इस तरह सेट करें कि गैस पर रखी चीज़ को आसानी से हिलाया जा सके.

* माइक्रोवेव इस तरह रखा जाना चाहिए कि वह आपके आई लेवल पर हो, अन्यथा गर्म खाना आप पर गिर सकता है.

स्मार्ट टिप्स

* घर में ऐसे उपकरण रखें, जो लॉक हो सकें. मार्केट में चाइल्ड लॉक डिवाइस उपलब्ध हैं. यदि आपके घर में बच्चे हैं तो आपके लिए यह बहुत उपयोगी सिद्ध होगा.

* ऐसी कुकिंग रेंज लें जो ऊपर से ग्लास से बनी हो.

* हमेशा ड्राय पार्ट होल्डर्स का ही इस्तेमाल करें. गीला होल्डर हीट (ऊष्मा) ट्रांसमिट करता है. डिश टॉवेल इतने मोटे नहीं होते कि आपकी सुरक्षा कर सकें.

* इस्तेमाल के बाद टोस्टर को बंद कर दें. यदि स्विच ऑन रह गया तो उपकरण ज़्यादा गरम हो जाएगा या फिर उसमें आग लगने का भी डर हो सकता है. दुर्घटना से बचाव करना है तो इलेक्ट्रिक उपकरण का ध्यान रखें.

* यदि लिक्विड को मिक्सर में ब्लेंड करना है तो ध्यान रखें कि वह गरम न हो. पहले उसे ठंडा कर लें, फिर ब्लेंडर में डालें, वरना ब्लेंड करने के बाद जैसे ही आप जार का ढक्कन खोलेंगी तो हो सकता है वह उड़कर आपके चेहरे पर आ जाए.

* रात को काम ख़त्म करने के बाद किचन की पूरी सफ़ाई करें. झाड़ने-पोंछने के कपड़े (डस्टर) को धोकर रखें. हर हफ़्ते इन्हें उबले हुए साबुन के पानी से धोएं और धूप में सुखाएं. हमेशा डस्टर के दो सेट रखें.

* कभी भी कुकर के पास फ्रिज न रखें, वरना इससे फ्रिज की क्षमता पर फ़र्क पड़ेगा. फ्रिज को रोज़ाना अंदर से पोंछ लें. आइस ट्रे को भरने से पहले सुखा लें. जो खाने का सामान उपयोगी नहीं है, उसे निकाल दें. बचे हुए खाने को एक घंटे के बाद फ्रिज में रख दें.

* सूखे व गीले कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में डालें. डस्टबिन को भी रोज़ाना साफ़ करें, ताकि गंदगी के कारण जीवाणु न फैलें.

* टूटने वाले सामान, पेस्टिसाइड्स, डिटर्जेंट, माचिस, लाइटर, चाकू व कांटों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें.

* खाना बनाते समय फिटिंग के कपड़े व एप्रेन पहनें. लूज़ स्लीव या दुपट्टा न पहनें. इनमें आग लगने का डर ज़्यादा रहता है.

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गुड किचन हैबिट्स
* काम ख़त्म होते ही सिंक, प्लेटफॉर्म और गंदे बर्तन तुरंत साफ़ कर लें.

* गंदे बर्तन सिंक में इकट्ठा करने की बजाय तुरंत साफ़ कर लें. अगर तुरंत साफ़ नहीं करना चाहतीं तो बर्तन को कम-से-कम नल के नीचे रखकर पानी डाल दें, ताकि बाद में उन्हें धोना आसान हो सके.

* सब्ज़ी इत्यादि पेपर पर काटें और बचा हुआ कचरा डस्टबिन में फेंक दें.

* ग्रॉसरी शॉपिंग करके आने के बाद चीज़ें तुरंत जगह पर रख दें. खाली कंटेनर तुरंत हटा दें.