Lakshmi Pooja Time

लक्ष्मी पूजन (Lakshmi Pooja 2018) विधि और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय यदि आपको मालूम हैं, तो आप पर मां लक्ष्मी की कृपा अवश्य होगी. दीपावली पांच दिनों का पर्व है- धनतेरस, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजन एवं भाई दूज. यूं तो ये पांचों दिन शुभ और लाभकारी माने जाते हैं, लेकिन कहा जाता है कि लक्ष्मी पूजन के दिन किया गया कोई भी कार्य शुभ एवं शीघ्र फलदायी होता है. इससे लक्ष्मी यानी धन-दौलत से जुड़ी मनोकामना भी जल्दी और आसानी से पूरी होती है, लेकिन इसके लिए आपको सही विधि की जानकारी होनी ज़रूरी है. दीपावली में दीये जलाने, मिठाइयां और तोह़फे बांटने से लेकर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा-उपासना करने का भी रिवाज़ है. मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग तन-मन-धन से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं, लेकिन ऐसा करते समय वो पूजा-प्रार्थना के कई नियम भूल जाते हैं. मां लक्ष्मी स़िर्फ पूजा-पाठ कर लेने से प्रसन्न नहीं होती, इसके लिए आपको और क्या करना होगा? आइए, हम आपको बताते हैं.

Lakshmi Pooja 2018

 

लक्ष्मी-पूजन का समय व मुहूर्त (Lakshmi Pooja Time)
दीपावली में लक्ष्मी-पूजन का विशेष महत्व है. धन-वैभव की देवी लक्ष्मीजी को प्रसन्न करने के लिए क्या है सही समय व मुहूर्त? बता रहे हैं ज्योतिष व वास्तु एक्सपर्ट पंडित राजेंद्र जी.

कहते हैं, यदि वृषभ लग्न में मां लक्ष्मी की पूजा की जाए, तो वो स्थिर रूप से आपके घर में वास करती है इसलिए वृषभ काल में मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है.

टाइम: 18.30 से 20.30
समय 1 घंटा 59 मिनट

प्रदोष काल: 17.58 से 20.32
वृषभ काल: 18.30 से 20.30

इसी तरह लक्ष्मी पूजन में सिंह लग्न का भी विशेष महत्व है. इस लग्न में लक्ष्मी पूजन करने से भी मां लक्ष्मी स्थिर रूप से घर में वास करती है.

महानिष्ठा काल: 23.56 से 24.47
सिम्हा काल: रात 12.56 से 3.4

जो लोग ऊपर दिए समय में पूजा नहीं कर सकते, वे इस समय पर भी लक्ष्मी पूजन कर सकते हैं:

सुबह: 6.45 से 9.34
सुबह: 10.58.12.22
दोपहर: 15.10 से 17.59
शाम: 19.35 से 21.31

Lakshmi Pooja 2018

लक्ष्मी-पूजन की विधि
लक्ष्मी-पूजन यदि विधि-विधान से किया जाए, तो शुभफल की प्राप्ति होती है. लक्ष्मी-पूजन के समय निम्न बातों का ध्यान अवश्य रखें:

1) सबसे पहले अक्षत (चावल) से कमल या स्वस्तिक का चित्र (रंगोली) बनाकर उस पर लक्ष्मीजी की प्रतिमा रखें.
2) लक्ष्मीजी के पास ही कलश में कुबेर और अन्य देवताओं की प्रतिमा रखें.
3) घर की उत्तर-पूर्व दिशा में लक्ष्मीजी की फोटो या मूर्ति रखना शुभ माना जाता है. साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि पूजा करते समय आपका मुंह उत्तर दिशा में हो.
4) देशी घी का दीपक, धूप बत्ती और अगरबत्ती जलाकर पूजा की शुरुआत करें.
5) सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा करें.
6) गणेश पूजन के बाद नवग्रह पूजें.
7) इसके बाद माता लक्ष्मी का आवाहन करें.
8) माता लक्ष्मी की मूर्ति को पंचामृत (गंगा जल, दूध, दही, घी और शहद से बना) से स्नान करवाएं.
9) इसके पश्‍चात लक्ष्मी जी की मूर्ति को गंगा जल से भरे बर्तन में डुबोकर साफ़-सूखे कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें.
10) लक्ष्मी मां की मूर्ति को स्थापित करें और तिलक लगाकर फूल चढ़ाएं.
11) लक्ष्मी माता को वस्त्र (कपड़े) और शृंगार की सामग्री जैसे- चूड़ी, सिंदूर आदि भी चढ़ाएं.
12) फिर धूप-दीप दिखाते हुए लक्ष्मी कथा का वाचन करें.
13) लक्ष्मी माता को भोग चढ़ाएं और उन्हें दक्षिणा दें.
14) श्रद्धाभाव से लक्ष्मी मां की आरती करें.
15)आख़िर में एक बार फिर माता लक्ष्मी को पुष्प अर्पण करते हुए हाथ जोड़कर उनसे प्रार्थना करें.

यह भी पढ़ें: वास्तु के अनुसार धनतेरस पर किस राशिवाले क्या ख़रीदें? (Dhanteras Shopping According To Your Zodiac Sign & Vastu)

 

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के 12 उपाय (12 Best Ways To Please Goddess Lakshmi)

1) पूजाघर में देशी घी का दिया जलाएं.
2) लक्ष्मीजी के चरणों में कमल के फूल ज़रूर चढ़ाएं.
3) लक्ष्मीजी को नैवेद्य, बताशे आदि चढ़ाएं. फिर परिवार, रिश्तेदार, दोस्तों को उसे प्रसाद के रूप में बांट दें.
4) दीपावली में देवी-देवताओं की पूजा के लिए तांबे, पीतल, चांदी या स्टील के बर्तनों का प्रयोग करें.
5) लक्ष्मीजी स्वच्छता और सौंदर्य दोनों बहुत पसंद हैं इसलिए लक्ष्मी-पूजन के समय स्वच्छता का ख़ास ध्यान रखें और अपने घर तथा पूजन स्थल को ख़ूब सजाएं.
6) मुख्यद्वार से लेकर पूजास्थल तक लक्ष्मीजी के पदचिह्न बनाएं. आप चाहें तो रेडीमेड फुटप्रिंट स्टिकर्स भी लगा सकती हैं.
7) घर के मुख्यद्वार को तोरण, रंगोली, दीये आदि जितना सजा सकें सजाएं.
8) ऐसी मान्यता है कि जिस घर में भी धन-वैभव की देवी लक्ष्मी की प्रतिमा की पूजा की जाती है, लक्ष्मीजी वहां वास करती हैं. अत: लक्ष्मीजी की पूजा में कोई कमी न रहने दें.
9) घर की चौखट या आंगन में दिया जलाते समय हर एक दीये में चार बत्तियां लगाएं. ये चार बत्तियां मां लक्ष्मी, गणेश, कुबेर और इंद्र के प्रतीक माने जाते हैं.
10) दीवावली की पूरी रात घर के दक्षिण-पूर्व कोने में घी का दीया जलाए रखें, इसे बुझने न दें.
11) दीपावली की पूजा में लाल रंग का इस्तेमाल करें, क्योंकि ये रंग शुभ माना जाता है. लाल रंग का प्रयोग न कर सकें, तो आप पिंक कलर का भी इस्तेमाल कर सकती हैं.
12) आप ख़ुद भी पूजा के समय ब्राइट कलर के कपड़े पहनें, क्योंकि रंग जीवन में ख़ुशियां लाते हैं.

यह भी पढ़ें: चरणामृत और पंचामृत में क्या अंतर है? (What Is The Difference Between Charanamrit And Panchamrit)

 

लक्ष्मी पूजन विधि और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय जानने के लिए देखें वीडियो:

Free

October 2019 ( Meri Saheli )

Rs.35 Rs.0
150 Lajawab Recipes

150 Lajawab Recipes

Rs.30
Soya Recipes

150 Soya Recipes

Rs.30