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Personal Problems: फायब्रॉइड्स होने पर क्या गर्भाशय निकलवाना पड़ेगा? (Do I Need To Remove Uterus For Fibroids?)

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Personal Problems: फायब्रॉइड्स होने पर क्या गर्भाशय निकलवाना पड़ेगा? (Do I Need To Remove Uterus For Fibroids?)

पीरियड्स की समस्या हो या किसी तरह का इन्फेक्शन, प्रेगनेंसी से जुडी कोई समस्या या फिर फैमिली प्लानिंग से जुड़ा कोई सवाल, जानें मेरी सहेली के पर्सनल प्रॉब्लम्स में नारी स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का समाधान. 

मैं 38 वर्षीया गृहिणी हूं. अभी-अभी मुझे पता चला है कि मेरे गर्भाशय में फायब्रॉइड्स हैं. क्या इसका यह मतलब है कि मुझे गर्भाशय निकलवाना होगा या फिर कोई और विकल्प भी है?
– दीप्ति गिल, अमृतसर.

सबसे पहली बात यह कि आप अभी स़िर्फ 38 साल की हैं, इसलिए गर्भाशय निकलवाने के बारे में भूल जाइए, क्योंकि मेडिकल साइंस ने बहुत तऱक्क़ी कर ली है और इसके अलावा कई और विकल्प भी हैं. आप मायओमेक्टमी के लिए जा सकती हैं, जिसमें सर्जरी के ज़रिए फायब्रॉइड्स निकाले जाते हैं. इसके अलावा कई छोटी-छोटी सर्जरीज़, जैसे- लैप्रोस्कोपी, हिस्टेरोस्कोपी, द विंसी रोबोटिक मायओमेक्टमी, यूटेराइन आर्टरी इंबोलाइज़ेशन आदि हैं, जिनके ज़रिए फायब्रॉइड्स निकाले जा सकते हैं. पर सबसे पहले दवाइयां लें. अगर यह दवाइयों से ठीक नहीं हो रहा है, तभी बाकी के विकल्प चुनें.

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मैं 28 वर्षीया महिला हूं और कुछ महीने पहले ही मेरी नॉर्मल डिलीवरी हुई है, पर उसके कुछ हफ़्तों बाद से ही मुझे प्रोलैप्स जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं. क्या मुझे तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
– इशिता शुक्ला, जबलपुर.

कभी-कभी महिलाओं को प्रोलैप्स जैसा महसूस होता है, पर वैसा होता नहीं. हो सकता है कि गर्भाशय अपनी जगह से हल्का-सा खिसक गया हो, पर यह तो कीगल एक्सरसाइज़ से भी ठीक हो जाएगा. सबसे पहले आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलकर ज़रूरी टेस्ट्स करवा लें, ताकि पता चल सके कि प्रोलैप्स है या नहीं. फ़िलहाल के लिए डॉक्टर आपको दवाएं देकर 6 हफ़्तों तक ऑब्ज़र्व कर सकते हैं. दरअसल, डिलीवरी के बाद आयरन पिल्स लेने के कारण महिलाओं को कब्ज़ की शिकायत हो जाती है और इंट्रा एब्डॉमिनल प्रेशर से पेल्विक मसल्स कमज़ोर हो जाती हैं, जिसके कारण ऐसा महसूस होता है. आप हेल्दी डायट लें और कुछ पेल्विक एक्सरसाइज़ेज़ करें.

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 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: फैलोपियन ट्यूब्स न होने पर भी क्या मैं मां बन सकती हूं? (Can I Get Pregnant Without Fallopian Tubes?)

Pregnant Without Fallopian Tubes
मैं 27 वर्षीया महिला हूं. मेरी शादी को चार साल हो गए हैं, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपिक जांच में पता चला कि मेरे यूटेरस और ओवरीज़ तो नॉर्मल हैं, पर फैलोपियन ट्यूब्स नहीं हैं. क्या ऐसा हो सकता है? डॉक्टर ने बच्चे के लिए आईवीएफ की सलाह दी है. मैं क्या करूं, कृपया मार्गदर्शन करें. 
– दीपा नाइक, नागपुर.

फैलोपियन ट्यूब्स का न होना एक दुर्लभ अवस्था है, जो बहुत ही कम महिलाओं को होती है. इस समय आपको सकारात्मक सोच रखनी चाहिए कि आपका गर्भाशय और ओवरीज़ नॉर्मल हैं और आप अपने बच्चे को जन्म दे सकती हैं. दरअसल, आप हर महीने ओव्यूलेशन से गुज़रती हैं, पर ट्यूब्स न होने के कारण कंसीव नहीं कर पातीं.

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Pregnant Without Fallopian Tubes
18 साल की उम्र में मेरी शादी हो गई, पर शादी के बाद मेरे और मेरे पति के बीच शारीरिक संबंध नहीं बन पाए. जांच के बाद पता चला कि मेरा गर्भाशय व ट्यूब्स नहीं हैं, जबकि ओवरीज़ नॉर्मल हैं. शायद यही वजह थी कि बाकी लड़कियों की तरह मेरे पीरियड्स कभी नहीं आए. क्या किसी सर्जरी से यह ठीक हो जाएगा? क्या मैं कभी मां
बन पाऊंगी?
– जानकी पराशर, मेरठ.

आपकी स्थिति जानकर दुख हुआ. आमतौर पर ऐसी समस्याओं के बारे में टीनएज के दौरान ही पता लग जाता है, जब उन्हें बाकी लड़कियों की तरह पीरियड्स नहीं आते. ऐसे मामलों में अक्सर यूटेरस इतना छोटा होता है कि सही तरी़के से क्रियाशील नहीं होता. चूंकि आपकी ओवरीज़ हैं, इसलिए आप अपने बायोलॉजिकल बच्चे की मां बन सकती हैं, पर यूटेरस न होने के कारण आपको सरोगेट मदर की मदद लेनी पड़ेगी.

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क्या है मुलेरियन एप्लेसिया?

मुलेरियन एप्लेसिया ऐसी अवस्था है, जो महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम को प्रभावित करती है. इसमें यूटेरस, फैलोपियन ट्यूब्स, सर्विक्स या वेजाइना का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह विकसित नहीं होता. यह एक असामान्य अवस्था है, पर इसे दुर्लभ नहीं कह सकते, क्योंकि लगभग 5000 में से 1 नवजात बच्ची इस समस्या के साथ पैदा होती है. इसके कारणों के बारे में अभी तक कुछ साफ़-साफ़ पता नहीं चल पाया है, पर इसे आनुवांशिकता से जोड़कर देखा जा सकता है. सर्जरी ही इसका सबसे सही इलाज है. इन मामलों में लड़कियों को पारिवारिक व भावनात्मक सपोर्ट की बहुत ज़रूरत होती है, क्योंकि अपनी सहेलियों से अलग होने के कारण इनमें आत्मविश्‍वास की कमी होती है.

 

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डॉ. राजश्री कुमार

स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

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