Lata Mangeshkar

लेजेंड सिंगर लता मंगेशकरजी को सांस लेने मेंं तकलीफ़ होने के कारण आईसीयू में भर्ती किया गया है. वे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हैं. कल रात से उन्हें सांस लेने में द़िक्क़त होने लगी, जिसके कारण उन्हें तुरंत अस्पताल में लाया गया.

 Lata Mangeshkar
पिछले ही महीने 28 सितंबर को लताजी ने अपना नब्बे वां जन्मदिन मनाया था. तब सभी सेलिब्रिटीज़ ने उन्हें बधाइयां और ढेर सारी शुभकामनाएं दी थीं. ख़ासकर अमिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर ने तो दिल को छू लेनेवाले वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर उन्हें जन्मदिन की मुबारकबाद देते हुए शेयर किए थे, जिसे लोगों ने बेहद पसंद दिया.
लताजी ने अब तक क़रीब एक हज़ार से अधिक गाने गाए हैं. उन्हें साल 2001 में भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने लगभग 36 भाषाओं में अपनी आवाज़ दी है.
पिछले दिनों अपने सोशल अकाउंट से उन्होंने पानीपत फिल्म में गोपिका बाई का क़िरदार निभा रही पद्मिनी कोल्हापुरे की तारीफ़ भी की थी.
उनकी अच्छे सेहत की दुआ करते हैं. आशा है, वे जल्द ही स्वस्थ होकर हो जाएंगी. गेट वेल सून…

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लता मंगेशकर हो गई हैं 88 साल की. लता दीदी ने साढ़े छह दशकों में 30 से ज़्यादा भाषाओं में हज़ारों गाने गाए हैं. हर जेनेरेशन उनकी आवाज़ की दीवानी है. यूं तो लता दीदी ने हज़ारों गाने गाए हैं, जिनमें से टॉप 10 चुनना बेहद ही मुश्किल है. फिर भी हमने कोशिश की है उनके गानों में से कुछ गाने चुनकर उनके फैन्स तक पहुंचाने की.

फिल्म- वो कौन थी (1964)

https://www.youtube.com/watch?v=TFr6G5zveS8

फिल्म- ख़ामोशी (1969)

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फिल्म- दो रास्ते (1969)

https://youtu.be/jp8G2PN9yhM

फिल्म- वीर-ज़ारा (2004)

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फिल्म- रज़िया सुल्तान (1983)

https://www.youtube.com/watch?v=rJRIAKQhaYA

फिल्म- घर (1978)

https://youtu.be/9j5bnsNS-FE

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फिल्म- पाकिज़ा (1972)

फिल्म- बातों बातों में (1979)

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फिल्म- सरस्वतीचंद्र (1967)

https://youtu.be/FFW6dBHPcTo

फिल्म- इज्ज़त (1968)

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आमिर खान

16 सालों बाद वो हुआ, जो पहले कभी नहीं हुआ था. आमिर खान जिनके बारे में ये मशहूर है कि वो कभी किसी अवॉर्ड फंक्शन में नहीं जाते और न ही कोई अवॉर्ड एेक्सेप्ट करते हैं, वो अब 16 सालों बाद इस ट्रेंड को तोड़कर पहुंचे 75वें मास्टर दीनानाथ मंगेशकर अवॉर्ड्स में. आमिर न सिर्फ़यहां पहुंचे, बल्कि उन्होंने दीनानाथ मंगेशकर अवॉर्ड भी लिया, जो उन्हें फिल्म दंगल के लिए दिया गया. सुनने में आया है कि लता मंगशकर के कहने पर आमिर खान ये अवॉर्ड लेने पहुंचे. इससे पहले आमिर ऑस्कर अवॉर्ड्स में नज़र आए थे, जब उनकी फिल्म लगान ऑस्कर में नॉमिनेटेड थी.

आमिर खान को ये अवार्ड संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दिया. आमिर के अलावा पूर्व क्रिकेटर कपिल देव और अभिनेत्री वैजयंती माला को भी मास्टर दीनानाथ मंगेशकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.

आमिर खान

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Lata Mangeshkar
लताजी ने पिछले सात दशक से अपने सुमधुर आवाज़ का जादू सभी पर बिखेरा है. भारत रत्न से सम्मानित बहुमुखी प्रतिभा की धनी लता मंगेशकर की उपलब्धियों में एक और सम्मान जुड़ गया है. उन्हें संगीत के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए डी.लिट की उपाधि से सम्मानित किया जा रहा है. यह पुरस्कार वाईसीएमओयू (यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र मुक्त विश्‍वविद्यालय) द्वारा दिया जा रहा है.

– ऊषा गुप्ता

large-O-P-Nayyar-Newबॉलीवुड के सबसे स्टाइलिश संगीतकार माने जाने वाले ओ पी नैय्यर (O P Nayyar) साहब का जन्मदिन है. 16 जनवरी 1926 को लाहौर में जन्में नैय्यर साहब का पूरा नाम ओम प्रकाश नैय्यर था. बॉलीवुड को बेहतरीन गाने देने वाले नैय्यर साहब ने कभी संगीत की शिक्षा नहीं ली. म्‍यूज़िक डायरेक्‍टर, कंपोजर के तौर पर उन्होंने करिअर की शुरुआत 1949 में फिल्म कनीज से की, जिसका बैकग्राउंड स्‍कोर उन्होंने कंपोज किया था. फिल्म आसमान बतौर संगीतकार उनकी पहली फिल्म रही. ओ पी साहब अपनी शर्तों पर जीवन वाले व्यक्ति थे. उनका अंदाज़ एकदम रईसो वाला था. अक्सर वो हैट में नज़र आते थे. ये उनकी स्टाइल बन चुका था. दरअसल, ओ पी नैय्यर साहब को इंग्लिश फिल्में देखना बेहद पसंद था. वो हॉलीवुड के स्टाइल से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने ने भी हैट पहननी शुरू कर दी, जो उनका सिग्नेचर स्टाइल बन गया था. ओ पी नैय्यर अपने ज़माने के सबसे महंगे संगीतकार थे. नैय्यर साहब एक बार जो सोच लेते थे, उसपर कायम रहते थे. इसका सबसे बड़ा उदाहरण ये है कि उन्होंने लता मंगेशकर के साथ कभी काम नहीं किया.

भले ही आज ओ पी नैय्यर साहब हम सब के बीच न हों, लेकिन उनके बनाए गाने अमर हैं, जो उनकी याद दिलाते रहेंगे.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर महान संगीतकार ओ पी नैय्यर साहब को नमन. आइए, उनके जन्मदिन के मौक़े पर देखते हैं उनके टॉप 5 गाने.

फिल्म- किस्मत (1968)

फिल्म- नया दौर (1957)

फिल्म- एक मुसाफिर एक हसीना (1962)

फिल्म- मिस्टर एंड मिसेज़ 55 (1955)

फिल्म- मेरे सनम (1965)

 

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मेरी आवाज़ ही पहचान है… वाक़ई लता मंगेशकर की आवाज़ पूरे हिंदुस्तान की आवाज़ है. भारत रत्न लता दीदी भारत का वो चमकता सितारा हैं, जिसकी रोशनी पूरी दुनिया में फैली है. लता का 87वां जन्मदिन है, लेकिन इस बार वो अपना जन्मदिन नहीं मना रही हैं. लता मंगेशकर ने ट्वीट करके सबसे निवेदन किया है कि जो पैसे उनके फैन्स फूल, मिठाईयों और केक पर ख़र्च करते हैं, उन पैसों को उनके लिए ख़र्च करने की बजाय सीमा पर तैनात जवानों के लिए डोनेट करें. Best-of-Lata-Mangeshkar-mp3-songs (1)लता मंगेशकर की मधुर आवाज़ का दीवाना भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया है. उन्हें कई उपाधियों से नवाज़ा जा चुका है. लता मंगेशकर का छह दशकों का गायकी का करियर उपलब्धियों से भरा है. उनकी आवाज़ ने संगीत की दुनिया को सुरों से सजाया है. उनकी आवाज लोगों के ज़हन में उतरती है. लता दीदी का नाम सुनते ही हम सभी के कानों में मीठी आवाज़ शहद-सी घुलने लगती है. उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई गीत गाए है. छह दशक से हिंदुस्तान की आवाज बन चुकीं लता दीदी ने 30 से ज़्यादा भाषाओं में फिल्मी और नॉन फिल्मी हज़ारों गानों में अपनी आवाज का जादू चलाया. lata-mangeshkarलता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर, 1929 को एक मध्यम वर्गीय मराठा परिवार में हुआ. मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में जन्मीं लता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बड़ी बेटी थीं. लता का नाम पहले ‘हेमा’ था, मगर जन्म के पांच साल बाद माता-पिता ने उनका नाम ‘लता’ रख दिया था. लता अपने सभी भाई-बहनों में बड़ी हैं. मीना, आशा, उषा तथा हृदयनाथ उनसे छोटे हैं. उनके पिता रंगमंच के कलाकार और गायक थे.fd2b6c999d4380f5b509c128e5769581 (1)लता का जन्म इंदौर में हुआ था, लेकिन उनकी परवरिश महाराष्ट्र में हुई. जब लता सात साल की थीं, तब वह महाराष्ट्र आईं. लता ने पांच साल की उम्र से पिता के साथ एक रंगमंच कलाकार के रूप में अभिनय शुरू कर दिया था. वो बचपन से ही गायक बनना चाहती थीं.

लता के पिता शास्त्रीय संगीत के बहुत बड़े प्रशंसक थे, इसीलिए शायद वह लता दीदी के फिल्मों में गाने के ख़िलाफ़ थे. वर्ष 1942 में उनके पिता का देहांत हो गया. इसके बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और परिवार की ज़िम्मेदारी निभाने के लिए उन्होंने मराठी और हिंदी फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं निभानी शुरू कर दीं.2013_09_28_03_09_48_L1 (1)लताजी को पहली बार मंच पर गाने के लिए 25 रुपये मिले थे. इसे वह अपनी पहली कमाई मानती हैं. लताजी ने पहली बार 1942 में मराठी फिल्म ‘किती हसाल’ के लिए गाना गाया. लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर और बहनें उषा मंगेशकर, मीना मंगेशकर और आशा भोंसले सभी ने संगीत को ही अपना करियर चुना.

विवाह के बंधन में क्यों नहीं बंधी लता मंगेशकर?

बचपन में कुंदनलाल सहगल की एक फिल्म चंडीदास देखकर लता कहती थीं कि वह बड़ी होकर सहगल से शादी करेंगी, लेकिन उन्होंने शादी नहीं की. उनका कहना है कि घर के सभी सदस्यों की ज़िम्मेदारी उन पर थी, ऐसे में जब शादी का ख़्याल आता भी तो वह उस पर अमल नहीं कर सकती थीं.lata-mangeshkar-dilip-kumarलता ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं. उनके मधुर गीत लोगों का ध्यान खींचते हैं, शायद ही कोई ऐसा होगा जो उनके गीतों पर मुग्ध न हो जाए. उनकी आवाज ने सैकड़ों फिल्मों के गीतों को अमर बनाया है.

इस बार लताजी ने अपने 87वें जन्मदिन पर प्रशंसकों से ख़ास गुजारिश की है, जो काबिले तारीफ़ है. मेरी सहेली की ओर से लता दीदी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं.

On my birthday, remember and donate for soldiers: Lata Mangeshkar