launch

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ आज एक कार्यक्रम न रहकर जन आंदोलन का रूप ले चुका है. हर ख़ास और आम उनके मन की बात पूरे मन से सुनते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि वो इस तरह के विषयों पर बात करते हैं, जो कहने-सुनने में छोटे लगें, लेकिन आम जन मानस की रोज़मर्रा ज़िंदगी में बड़ी अहमियत रखते हैं. मन की बात की उपयोगिता, सार्थकता व जनता पर उसके सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए ही उनके कार्यक्रम में कहे लफ़्ज़ों को कलम से काग़जों पर उतारकर एक पुस्तक का रूप दे दिया गया है. जी हां, शनिवार 29 जुलाई 2017 को मुंबई में राजभवन में ‘मन की बात’- ए सोशल रेवॉल्यूशन ऑन रेडियो पुस्तक का विमोचन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) द्वारा किया गया. इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री सी. विद्यासागर राव और केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री श्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) भी मौजूद थे.

यह पुस्तक ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन द्वारा संकलित की गई और इसे पब्लिश किया लेक्सिस नेक्सिस ने. दिलचस्प बात है कि मन की बात की प्रस्तावना जापान के प्रधानमंत्री श्री शिंजो आबे ने लिखी है. उन्होंने इसमें ख़ासतौर से लिखा है कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी भारत के लोगों, ख़ासतौर से युवाओं के साथ बातचीत करने के लिए उत्साहित रहते हैं. मैं उनमें अपने लोगों से बात करने का जुनून देखता हूं. मन की बात दरअसल प्रधानमंत्री मोदी की उस ऊर्जा से भरपूर है, जो वो भारत के लोगों के साथ संवाद करते व़क्त महसूस करते हैं और ख़ासतौर से युवा वर्ग के साथ. मैं उनके उत्साह को समझ सकता हूं, जो वो अपने लोगों के साथ बात करने व़क्त महसूस करते हैं.

यह भी पढ़ें: डिमॉनिटाइज़ेशन एक बोल्ड मूव- बिल गेट्स

कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने भी अपने विचार रखे और कहा कि मन की बात स़िर्फ एक कार्यक्रम ही नहीं है, यह एक आंदोलन है, जो नई संभावनाओं को जन्म देता है. हर एपिसोड में कुछ न कुछ नया पहलू सामने आता है, जो हमारी विचारशक्ति को एक नई दिशा देता है. उदाहरण के तौर पर, स्वच्छता की ही बात ले लीजिए, यह हम सबसे जुड़ा विषय है. कहने को छोटी-सी बात है, लेकिन बेहद ज़रूरी है. इस विषय को जन-जन तक पहुंचाना और इस विषय की गंभीरता को पहचानना यही मन की बात में बताया है, लेकिन न स़िर्फ विषय को उठाना, बल्कि किस तरह से आम जनता तक उस विषय को पहुंचाना है, यह भी मोदीजी बख़ूबी जानते हैं और इसमें वो कामयाब भी हुए हैं. और जो सबसे महत्वपूर्ण बात रही है कि इस कार्यक्रम में मोदीजी ने एक भी विषय ऐसा नहीं चुना, जो राजनीति से जुड़ा हो यानी विषयों का व समस्याओं का राजनीतिकरण नहीं किया गया, बल्कि सामाजिक तौर पर उन विषयों की महत्ता पर ध्यान दिलाया गया.

बच्चों की पढ़ाई, उनके स्ट्रेस से जुड़े संदवेनशील विषय पर भी मोदीजी बड़ी ही सहजता व कुशलता से बात की और कोई सोच भी नहीं सकता कि एक प्रधानमंत्री आम जनता के रोज़मर्रा से जुड़े ऐसे विषयों पर इतनी संवेदनशीलता रखता है. इस पुस्तक के ज़रिए लोगों को एक नया आयाम मिलेगा और विस्तार व गहराई से वो इन विषयों को समझ पाएंगे. ब्लूक्राफ्ट फाउंडेशन और इस पुस्तक को प्रकाशित करनेवाली संस्था को भी बधाई, क्योंकि यह जनता से जुड़े विषयों का संकलन है.

यह भी पढ़ें: ‘वाहन’ से जानें किसी भी वाहन की जानकारी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपनी राय रखी. उनका कहना था कि हमारे देश में यदि किसी चीज़ की कमी है, तो वो है डॉक्यूमेंटेशन. हम चीज़ें बहुत करते हैं, संशोधन भी करते हैं, संस्कृति की बातें भी करते हैं, लेकिन इनमें से किसी भी चीज़ का डॉक्यूमेंटेशन नहीं किया गया. इसलिए ज़रूरी है कि डॉक्यूमेंटेशन किया जाए. मन की बात एक ऐसी व्यवस्था है, जो राजनीति की बात नहीं करती, बल्कि जिन चीज़ों से समाज प्रेरित हो, उन पर ध्यानाकर्षित किया जाता है. और न स़िर्फ ध्यानाकर्षित किया जाता है, बल्कि मोदीजी ने यह भी दिखा दिया कि इन तमाम विषयों पर काम किस तरह से और किस तेज़ी के साथ किया जा सकता है. मन की बात ने करोड़ों लोगों को प्रेरित किया है.

कुछ लोग कहते हैं कि मन की बात तो मात्र प्रधानमंत्री के मन की बात है, यह एक तरफ़ा कम्यूनिकेशन है, लेकिन संवाद का अर्थ स़िर्फ दो तरफ़ा बात नहीं, बल्कि इसका मतलब है कि आम लोगों के मन की बात जो सामनेवाला समझ रहा है. प्रधानमंत्रीजी आम लोगों के मन की बात कहते हैं और उनके इस काम ने करोड़ों लोगों को जगाया है, प्रेरणा दी है. स्वच्छता से लेकर डिप्रेशन, स्ट्रेस, बच्चों की पढ़ाई, खेल-कूद, अंगदान जैसे विषयों को इसमें उठाया जाता है, जिससे लोग जुड़ाव महसूस करते हैं.

ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन और लेक्सिस नेक्सिस बधाई के पात्र हैं कि लोगों के सामने वे प्रधानमंत्रीजी के विचारों को पुस्तक के माध्यम से सबके सामने लाए.

यह भी पढ़ें: दुनिया के 10 पावरफुल लोगों में मोदी 9वें नंबर पर! 

download

स्काइप के ज़रिए दूर बैठे अपनों से वीडियो चैटिंग करने वालों के लिए एक अच्छी ख़बर है. माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने वीडियो कॉलिंग ऐप स्काइप का एक लाइट यानी हल्का वर्जन लॉन्च किया है. इस लाइट वर्जन वाले स्काइप की खास बात यह है कि यह किसी भी यूज़र के ऑथेंटिकेशन के लिए उसके आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल करेगा.

क्या है इसमें ख़ास?

  • Skype Lite सिर्फ 13MB का होगा जिसे आसानी से स्लो इंटरनेट में भी डाउनलोड किया जा सकेगा.
  • इस ऐप को इस प्रोग्राम में यूज करके दिखाया गया.
  • इस ऐप में स्काइप बॉट भी होंगे जो आपके सवालों का जवाब देंगे.
  • इस ऐप में डेटा मैनेजर फीचर भी होगा जो डेटा यूसेज पर नज़र रखेगा.

सत्य नडेला ने कहा, मैं जब भी भारत आता हूं यहां की एनर्जी और इस देश के ग्रोथ की स्पीड मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित करती है. उन्होंने आगे कहा भारत में माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड बिजनेस बढ़ने की बात की है और बताया है कि कैसे ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट माइक्रोसॉफ्ट की क्लाउड सर्विस यूज करती है.
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला

एक नहीं 7 भाषाओं में होगा ये ऐप
नए स्काइप लाइट में सात भारतीय भाषाओं के लिए सपोर्ट मौजूद रहेगा. यह ऐप हिंदी, गुजराती, बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगू और ऊर्दू को सपोर्ट करेगा. कंपनी ने बताया है कि इस ऐप से की गई हर किस्म की बातचीत पूरी तरह से सुरक्षित है.

ऐसे करेगा काम
जहां तक स्काइप + आधार फीचर का सवाल है, तो इसकी मदद से यूज़र की पहचान करना संभव होगा.
कॉल के दौरान अगर आप नीचे दिख रहे मेन्यू बटन पर क्लिक करते हैं, तो आपको रिक्वेस्ट आधार वैरिफिकेशन का विकल्प मिलेगा.
इस पर टैप करें. इसके बाद उस शख्स को वैरिफिकेशन रिक्वेस्ट भेजा जाएगा, जिससे आप स्काइप लाइट पर बात कर रहे हैं.
अगर वो शख्स रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लेता है. इसके बाद आपके आधार नंबर से जुड़े फोन नंबर पर ओटीपी आएगा.
इसके बाद ओटीपी डालते ही पहचान की पुष्टि हो जाएगी.

– श्वेता सिंह 

रजनीकांत और अक्षय कुमार स्टारर फिल्म 2.0 का फर्स्ट लुक( 2.0 First Look) लॉन्च हो गया है. 2.0 के लॉन्च की ज़िम्मेदारी संभाली करण जौहर ने. करण ने पूरे लॉन्च को होस्ट किया.2.0 First Lookरजनीकांत, अक्षय कुमार के अलावा लॉन्च पर सलमान खान भी पहुंचे.2.0 First Lookफिल्म की बात की जाए तो अक्षय कुमार बेहद ही डरावने लग रहे हैं फिल्म में. फिल्म में अक्षय डॉक्टर रिचर्ड का रोल प्ले कर रहे हैं, जो एक गलत एक्सपेरिमेंट की वजह से ऐसा हो जाता है. निगेटिव रोल में अक्षय का ये लुक देखकर आप भी दंग रह जाएंगे. टि्वटर पर 2.0 का लुक शेयर करते हुए अक्षय ने लिखा है, ”बुराई का नया चेहरा.”