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लोन लेने से पहले जानें 18 ज़रूरी बातें (18 Important Things Before Taking A Loan)

Important Things Before Taking A Loan

Important Things Before Taking A Loanबैंकिंग क्षेत्र ने अपने उपभोक्ताओं को लोन (Loan) संबंधी अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, पर सही जानकारी न होने के कारण वे लोन लेने से डरते हैं. कहीं न कहीं उनके मन में एक डर छिपा रहता है. उन्हें यह भ्रम रहता है कि पर्याप्त जानकारी न होने के कारण कहीं कोई वित्तीय हानि न हो जाए. उनके इसी भ्रम को दूर कर रहे हैं आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के लोन एक्सपर्ट अमित कुमार दुबे, जिन्होंने लोन से जुड़ी बारीक़ियों के बारे में हमें विस्तार से बताया.

Important Things Before Taking A Loan

– कोई भी लोन लेने से पहले अपने एरिया के 4-5 बैंकों से लोन संबंधी जानकारी प्राप्त करें कि कौन-सा बैंक अधिकतम राशि तक कितना लोन दे सकता है? महिलाओं के लिए लोन संबंधी कोई विशेष योजना है? इत्यादि.

और भी पढ़ें: क्या आप पर्सनल लोन लेना चाहते हैं? 

– लोन संबंधी योजना को ध्यान में रखकर और अपनी रिक्वायरमेंट के अनुसार बैंक का चुनाव करें.

– लोन ऐसी संपत्ति के लिए लें, जिससे भविष्य में बेचने पर मुनाफा मिले, जैसे- प्रॉपर्टी, घर, सोना आदि.

– यदि आप व्यापार के लिए लोन ले रही हैं, तो ऐसा व्यापार करें, जिसमें मुनाफे की संभावना जल्दी और अधिक हो.

– अपनी वार्षिक आय का 20% से ज़्यादा लोन न लें.

– लोन की ईएमआई इतनी हो की, आपकी मासिक आय का 10% से ज़्यादा भुगतान न करना पड़े.

– लोन लेने में किसी तरह की जल्दबाज़ी न करें. सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करने के बाद ही कोई निर्णय लें.

– कोई भी लोन लेने से पहले मार्केट की पूरी रिसर्च कर लें यानी विभिन्न बैंकों से लोन से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त कर लें, जैसे- ब्याजदर, लोन की अवधि व कौन-कौन से डॉक्युमेंट्स जमा कराने होंगे इत्यादि.

– कार या घर ख़रीदते समय डेवलपर्स का विभिन्न बैंकों के साथ ख़ास अनुबंध होता है. ये बैंक लोन के स्पेशल ऑफर्स के साथ-साथ अधिकतम राशि तक लोन देते हैं.

– डॉक्युमेंट्स के सभी फोटोकॉपीज़ को अटैचटेड कराकर तैयार रखें.

– डॉक्युमेंट्स देते समय बैंक एग्ज़ुक्युटिव को घर-कार आदि के ऑरिजनल डॉक्युमेंट्स न दें.

और भी पढ़ें: एजुकेशन लोन की एबीसी 

– डॉक्युमेंट्स संबंधी सभी डिटेल्स को भरने से पहले अच्छी तरह पढ़ व समझ लें. किसी तरह का संदेह होने पर बैंक एग्ज़ुक्युटिव से संपर्क करें.

– लोन के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी ज़रूरी सूचनाओं को अच्छी तरह पढ़ व समझ लें.

– यदि आप किसी चार्ज़ेस या फी के संबंध में कोई चेक इश्यु कर रही हैं, तो बैंक के नाम से चेक इश्यु करें, न कि एग्ज़ुक्युटिव के नाम पर.

– डॉक्युमेंट्स जमा करने के बाद, यदि आपका लोन लेने का निर्णय बदलता है, तो तुरंत बैंक को सूचित करें.

– एक अवधि के बाद यदि लोन के स्वीकृत और अस्वीकृत होने की सूचना बैंक से नहीं मिलती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारी से संपर्क करें.

– कोई भी लोन लेने के लिए एक साथ एक से अधिक बैंकों में अप्लाई न करें.

– लोन लेने से पहले अपने क्रेडिट कार्ड के सभी बिलों का भुगतान कुछ महीने पहले ही कर दें.

और भी पढ़ें: अब सस्ते लोन पर ख़रीदिए घर

– पूनम नागेंद्र शर्मा

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7 बैड मनी हैबिट्स (7 Bad Money Habits)

Bad Money Habits

जिस तरह से आपका स्टाइल आपकी पर्सनेलिटी को दर्शाता है, उसी तरह से आपकी वित्त संबंधी मामलों से जुड़ी आदतें भी आपके स्ट्रॉन्ग फाइनेंशियल फिटनेस और पॉजिशन्स की ओर संकेत करती हैं. यही संकेत सुरक्षित भविष्य की नींव है, लेकिन सुरक्षित भविष्य के लिए ज़रूरी है कि आप अपनी बैड मनी हैबिट्स को छोड़ें. हम यहां पर ऐसी बैड मनी हैबिट्स के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आप आसानी से छुटकारा पा सकते हैं.

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बैड मनी हैबिट: आय कम और फ़िज़ूलख़र्ची ज़्यादा.

हेल्दी ट्रिक्स:

  • फ़िज़ूलख़र्च से बचने के लिए अपने मासिक खर्च की लिस्ट बनाएं.
    इस लिस्ट में ज़रूरी ख़र्च और ग़ैरज़रूरी ख़र्चों को लिखें.
  •  खर्चों की प्राथमिकताएं तय करें. ऐसा करने से आप बहुत से ग़ैरज़रूरी ख़र्चो से बचेगें.
  •  ग़ैरज़रूरी ख़र्चों को भविष्य के लिए टाल दें.
  • फ़िज़ूलख़र्ची की आदत को कंट्रोल करने की कोशिश करें.
  •  ऐसा करने से आपको सप्ताह और महीने में होनेवाले ख़र्च की सही जानकारी का अनुमान लगेगा.
  •  लिस्ट बनाना थोड़ा बोरिंग होता है, लेकिन इससे अपनी आदत में ज़रूर शामिल करें.
  •  अपना मंथली बजट इस तरह से बनाएं कि सीमित आय में ही सारे ख़र्च पूरे हों.
  • यदि आय कम है और ख़र्चे ज़्यादा हैं, तो ख़र्चों को पूरा करने के लिए आय बढ़ाने के उपाय करें.

बैड मनी हैबिट्स: वित्तीय निर्णयों को भविष्य के लिए टालना.

हेल्दी ट्रिक्स: 

  • ‘अभी पैसा नहीं है’ या ‘भविष्य में ऐसा करेंगे, वैसा करेंगे’ वाली नीति अपनाएंगे, तो कभी भी बचत नहीं कर पाएंगें.
  •  ग़ैरज़रूरी ख़र्च या फ़िज़ूलख़र्च के कारण वित्त ़फैसलों को आगे के लिए न टालें.
  • वित्तीय फैसलों को टालने से आपको वित्तीय नुक़सान भी उठाना पड़ सकता है. इसलिए अपनी इस आदत का छोड़ने की कोशिश करें.
  • अपनी इस आदत के कारण आप अनेक ऐसी अच्छी योजनाओं में निवेश करने से रह जाएंगे, जिनमें अधिक लाभ मिलेगा.
  • यदि किसी योजना में निवेश करना चाहते हैं, तो तुरंत करें, लापरवाही न बरतें.

बैड मनी हैबिट्: लोन ज़रूरत या बुरी आदत.

हेल्दी ट्रिक्स:

  • लोन ले रहे हैं, तो गंभीरता से इस विषय पर विचार करें कि लोन लेना ज़रूरी है कि नहीं? बिना लोन के भी काम चल सकता है या नहीं.
  • याद रखें, लोन आपकी बेसिक ज़रूरतों (घर ख़रीदना, बच्चों की पढ़ाई या शादी आदि जैसे ख़र्चों) को पूरा करने का एक विकल्प है. इसे बुरी आदत न बनाएं.
  •  लाइफस्टाइल संबंधी ज़रूरतों या अनावश्यक ख़र्चों को पूरा करने के लिए बार-बार लोन लेने से बचें.
  • बार-बार लोन न लेना पड़े, इसलिए समय-समय पर बचत करते रहें.
  • लगातार लोन लेने से भी मार्केट में आपकी छवि ख़राब होगी.

 

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बैड मनी हैबिट: नियमित रूप से बचत न करना.

हेल्दी ट्रिक्स:

  • भविष्य में आर्थिक परेशानियों से निबटने के लिए नियमित रूप से बचत करना आवश्यक है.
  • बचत की शुरुआत करने से पहले यह देखें कि आप कहां पर छोटी-छोटी ग़लतियां करती हैं. अधिकतर लोग पूरे महीने ख़र्च करने के बाद बची हुई रकम को बचत मानते हैं, जो सही तरीक़ा नहीं है.
  •  बचत करने से पहले भविष्य के लक्ष्यों को तय करें और इसमें आनेवाले ख़र्चों की लिस्ट बनाएं.
  •  भले ही आय कम हो, लेकिन बचत करने की आदत डालें.
  • कम आय होने पर भी अपनी तनख्वाह का 10% ज़रूर बचाएं.
  • भविष्य में आर्थिक स्थिति मज़बूत बनी रहें, इसलिए भी नियमित रूप से बचत करते रहें.

अधिक जानकारी के लिए भी पढ़ें:  मनी सेविंग टिप्स

बैड मनी हैबिट्स: हानि होने पर भी निवेश करना. 

हेल्दी ट्रिक्स: 

  • स्टॉक मार्केट, म्यूचुअल फंड्स आदि में हानि होने की संभावना अधिक होती है. इसलिए अतिरिक्त लाभ कमाने के लालच में ऐसी योजनाओं में निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें.
  • आधी-अधूरी व लोगों की सुनी-सुनाई बातों पर यकीन करने की बजाय डायरेक्ट वित्तीय संस्थानों से सारी व सही जानकारियां प्राप्त करने के बाद ही निवेश करें.
  •  निवेश करने से पहले उस योजना, वित्तीय संस्थान या म्यूचुअल फंड्स के बारे में सही व पूरी जानकारी इकत्रित कर लें, ताकि बाद में पछताना न पड़ें.
  • म्यूचुअल फंड्स, चिट फंड और स्टॉक मार्केट आदि योजनाओं में निवेश करने से पहले मार्केट रिसर्च अच्छी तरह से करें.
  •  यदि इन्वेस्टमेंट संबंधी किसी योजना के बारे में कोई आशंका हो, तो उसके बारे में फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स से सलाह ज़रूर लें.
  • यह सही है कि अतिरिक्त लाभ कमाने के लिए जोख़िम उठाना ज़रूरी है, लेकिन इसे बैड हैबिट के तौर पर न अपनाएं.
  • अधिकतर फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का भी यही मानना है कि ऐसी योजनाओं में निवेश करने से बचें, जिनमें हानि होने की संभावना अधिक हो.

बैड मनी हैबिट: तय तारीख़ के बाद भी भुगतान न करना.

हेल्दी ट्रिक्स: 

  • यदि ड्यू डेट के बाद क्रेडिट कार्ड या अन्य बिलों के भुगतान करने की आदत है, तो इस आदत को तुरंत छोड़ दीजिए.
  • क्योंकि इस आदत से आप पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा और आपकी इमेज भी ख़राब होगी.
  • बिलों का भुगतान करते व़क्त समय-सीमा का ध्यान रखें.
  • समय-सीमा का ध्यान रखकर आप धीरे-धीरे ख़र्चों को मैनेज करना सीख जाएंगे.
  • समय पर भुगतान करने से लेट पेमेंट चार्ज़ेस, जैसे- ब्याज की और पेनॉल्टी देने से भी बचेगें.
  •  समय पर बिलों के भुगतान हों, इसके लिए अपने अकाउंट से डायरेक्ट ऑटो डेबिट भी करा सकते हैं.

बैड मनी हैबिट्स: सही जगह पर निवेश न करना.

हेल्दी ट्रिक्स:

  • बचत करना ही काफी नहींं है, बल्कि उसे सही जगह निवेश करना भी ज़रूरी है, इसलिए सोच-समझकर निवेश करें.
  • अधिकतर लोग ऐसी जगह (जैसे- स्टॉक मार्केट, म्यूचुअल फंड आदि) पर निवेश करते हैं, जहां पर तेज़ गति (सही रफ्तार) से आगे नहीं ब़ढ़ पाता.
  •  ऐसी योजना या प्लान में निवेश करें, जहां पर अधिक रिटर्न मिले.
  • अपने वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर योजनाओं में निवेश करें.
  •  दोस्तों या रिश्तेदारों की बातों में आकर ऐसी जगह पर निवेश न करें, जहां पर बाद में पछताना पड़े.
  •  सही जगह पर निवेश करने के लिए फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की सलाह लें कि किन-किन योजनाओं में निवेश करना फ़ायदेमंद होगा.

   – पूनम नागेंद्र शर्मा

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गुड न्यूज़: अब सस्ते लोन पर ख़रीदिए घर (Good news: now buy your dream home)

home loan

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नए साल पर अपने परिवार को अपने घर में रहने की ख़ुशी दीजिए. अब आपको घर ख़रीदने पर बहुत ज़्यादा ब्याज दर नहीं देना पड़ेगा. सरकार ने आपकी जेब का ख़्याल रखते हुए कुछ बैंकों से अपील की थी कि वो लोन पर ब्याज दर कम करें, ताकि ग़रीब भी अपने रहने के लिए आशियाना बना सकें.

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने कर्ज़ की दर को 0.90 फीसदी सस्ता कर दिया है. एसबीआई ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स यानी एमसीएलआर को 8.65 फीसदी से घटाकर 7.75 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही उसने होम लोन पर ब्याज 0.5 फीसदी कम कर दिया है.

एसबीआई के अलावा पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक और आईडीबीआई बैंक, आईसीआईसीआई बैंक ने भी दरों में कटौती की है. इतना ही नहीं दूसरे बैंक, जैसे- कोटक महिंद्रा बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आंध्रा बैंक तथा देना बैंक ने ब्याज दर घटाने की घोषणा की है.

तो अब देर किस बात की. बस अपनी सैलरी के अनुसार एक घर बुक कीजिए और घरवालों को नए साल को तोहफ़ा दीजिए.

अधिक फाइनेंस आर्टिकल के लिए यहां क्लिक करें: FINANCE ARTICLES 

कंप्लीट लोन गाइड ( Complete Loan Guide)

Loan Guide

Loan Guide

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अगर लोन लेने की सोच रहे हैं, तो ज़रूरी है बैंक से लोन संबंधी सभी ज़रूरी जानकारियां हासिल कर लें. लोन की ईएमआई, इंटरेस्ट रेट, प्रक्रिया आदि पहलुओं पर गौर कर लें, ताकि सही निर्णय ले सकें.

लोन संबंधी जनरल टिप्स

कोई भी लोन लेने से पहले मार्केट की पूरी रिसर्च कर लें, जैसे- बैंक की ब्याज दर, लोन की अवधि, किन-किन डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत होगी? महिलाओं के लिए कोई विशेष ऑफर हैं? इत्यादि.

  • लोन ऐसी संपत्ति के लिए लें, जिसे भविष्य में बेचने पर मुनाफ़ा मिले.
  • अपनी वार्षिक आय के 5 गुना से ज़्यादा लोन न लें.
  • लोन लेने में किसी तरह की जल्दबाज़ी न करें. सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करने के बाद ही कोई निर्णय लें.
  •  डॉक्यूमेंट्स की सभी फोटोकॉपीज़ को अटेस्ट कराकर तैयार रखें.
  •  लोन संबंधी डॉक्यूमेंट्स जमा करते समय बैंक एग्ज़ीक्यूटिव को घर-कार आदि के ओरिजनल पेपर्स न दें.
  •  लोन के दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी ज़रूरी सूचनाओं को अच्छी तरह पढ़ व समझ लें. किसी तरह का संदेह होने पर बैंक एग्ज़ीक्यूटिव से संपर्क करें.
  • यदि आप किसी चार्जेस या फी के संबंध में कोई चेक इश्यू कर रहे हैं, तो बैंक के नाम से चेक इश्यू करें, न कि एग्ज़ीक्यूटिव के नाम पर.
  • डॉक्यूमेंट्स जमा करने के बाद, यदि आपका लोन लेने का निर्णय बदलता है, तो तुरंत बैंक को सूचित करें.
  • एक अवधि के बाद यदि लोन के स्वीकृत और अस्वीकृत होने की सूचना बैंक से नहीं मिलती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारी से संपर्क करें.
  •  कोई भी लोन लेने के लिए एक साथ एक से अधिक बैंकों में अप्लाई न करें.
  •  लोन लेने से पहले अपने क्रेडिट कार्ड के सभी बिलों का भुगतान कुछ महीने पहले ही कर दें.
  • लोन की राशि अधिक होने पर बैंक को गारंटर का प्रूफ देना होता है.

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होम लोन

* वित्तीय संस्थान या बैंक प्रॉपर्टी/घर की क़ीमत के 80% वैल्यू तक ही लोन
देते हैं.

* अधिकांश बैंकों में होम लोन को चुकाने की अवधि 20 साल तक की है, पर कुछ बैंकों ने इस अवधि को बढ़ाकर 30 साल तक भी कर दिया है.

* लोन की अवधि बढ़ने से ईएमआई की रक़म तो कम होती है, पर अतिरिक्त ब्याज की राशि भरने का नुक़सान भी होता है. इसलिए अपने ख़र्चों व बचत को ध्यान में रखकर लोन की अवधि का चुनाव करें.

* बैंक अपने क्लाइंट को आकर्षित करने के लिए कम ब्याज दर और स्पेशल स्कीम्स के साथ होम लोन की सुविधा उपलब्ध कराते हैं, इसलिए होम लोन लेने से पहले अनुबंध पर लिखे सभी नियम व शर्तों को अच्छी तरह पढ़ व समझ लें.

* विशेष स्कीम्स के बारे में किसी तरह का संदेह होने पर बैंक के लोन संबंधी अधिकारी से संपर्क करें.

* डील फाइनल होने से पहले बैंक के अधिकारी से एडमिनिस्ट्रेशन चार्जेस, सर्विस चार्जेस/प्रोसेसिंग फी के बारे में सारी जानकारियां प्राप्त कर लें.

* अपनी वर्तमान नौकरी व आय को ध्यान में रखकर होम लोन की ईएमआई की राशि तय करें. ईएमआई का भुगतान समय पर न करने पर पेनाल्टी भी
भरनी पड़ेगी.

* लोन एग्रीमेंट की सारी कार्यवाही पूरी करने के बाद और हस्ताक्षर करने से पहले एग्रीमेंट को अच्छी तरह से पढ़ लें, फिर हस्ताक्षर करें.

* होम लोन वेतनभोगी और व्यवसाय करनेवाले किसी भी व्यक्ति को मिल सकता है. यदि आप वेतनभोगी हैं, तो लोन लेने के लिए पहचान पत्र (ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर पहचान पत्र, पैन कार्ड या पासपोर्ट- इनमें से किसी एक की
फोटोकॉपी), इन्कम डॉक्यूमेंट्स (पिछले 2 महीने की सैलरी स्लिप, फॉर्म 16 (अगर मासिक वेतन 20 हज़ार रुपए से अधिक है तो), पिछले 3 महीने के बैंक स्टेटमेंट, कंपनी/कार्यालय का पहचान पत्र बैंक में जमा कराने होते हैं.

* जबकि व्यवसाय करनेवाले व्यक्ति को होम लोन लेने के लिए पहचान पत्र, रेसिडेंस प्रूफ और इन्कम डॉक्यूमेंट्स (सेविंग और करंट एकाउंट के पिछले 6 महीने की बैंक स्टेटमेंट, पिछले 2 साल की बैलेंस शीट और प्रॉफिट-एंड-लॉस एकाउंट की कॉपी, पिछले 2 साल की इन्कम टैक्स रिटर्न की कॉपी, कॉन्ट्रैक्ट की डिटेल्स आदि) जमा कराने होते हैं.

पर्सनल लोन

* हर बैंक के पर्सनल लोन की ब्याज दर अलग-अलग होती है. इसलिए अनेक बैंकों से ब्याज दर के अलावा प्री-पेमेंट चार्जेस, डॉक्यूमेंट्स, एग्रीमेंट के नियम व शर्तों के बारे में सारी जानकारियां हासिल करें.

* पर्सनल लोन की ब्याज दर अन्य लोन की तुलना में अधिक होती है, इसलिए लोन लेते व़क्त उसकी समय-सीमा और ईएमआई सोच-समझकर तय करें.

* लोन की अवधि कम से कम रखें. यदि लोन की अवधि अधिक होगी, तो ब्याज भी अधिक देना पड़ेगा.

* डॉक्यूमेंट्स के तौर पर पहचान पत्र, रेसिडेंस प्रूफ, सैलरी स्लिप, फॉर्म 16, पिछले 2 महीने के बैंक स्टेटमेंट की फोटोकॉपी की आवश्यकता होती है.

* यदि आप सेल्फ एंप्लॉइड हैं, तो पिछले 2 साल की बैलेंस शीट, प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट और एग्रीमेंट की ज़रूरत होती है.

* लोन को चुकाने की अवधि अमूमन 1-5 साल तक की होती है. किसी वजह से ईएमआई न भर पाने या निर्धारित अवधि तक लोन का भुगतान न कर पाने, जैसे विषयों पर पहले से ही सारी जानकारी प्राप्त कर लें.

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कार लोन

कार की क़ीमत तय होेने के बाद ही लोन के लिए अप्लाई करें.

  • कार लोन को चुकाने की अवधि 5-7 साल तक होती है. इसलिए अपनी आय को ध्यान में रखकर कार की ईएमआई तय करें.
  • लोन अप्लाई करने से पहले कार एजेंसी से बैंक की विश्‍वसनीयता और साख के बारे में पूछताछ कर लें. फिर लोन की कार्यवाही शुरू करें.
  • बैंक कार की लागत का केवल 90% तक ही लोन देते हैं. एक्सेसरीज़ का ख़र्च स्वयं वहन करना पड़ता है.
  •  दस्तावेज़ के तौर पर बैंक में आईडी प्रूफ, रेसिडेंस प्रूफ, इन्कम डॉक्यूमेंट्स और कार के पेपर्स (परफॉर्मा इंवॉइस, फॉर्म 20, आरसी आदि) जमा कराने होते हैं.
  • बैंक में लोन संबंधी दस्तावेज़ों को जमा कराने से पहले कार की इंवॉइस डिटेल्स अच्छी तरह से चेक कर लें.
  • लोन लेते समय इंश्योरेंस कवर नोट और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) बैंक के फेवर में ही लें.
  • किसी भी व्यक्ति को नक़द भुगतान करने की बजाय बैंक के नाम से क्रॉस्ड या पोस्ट डेटेड चेक दें.
  • ऋण से जुड़ी सभी कार्यवाही पूरी होने के बाद बैंक से एनओसी लेना न भूलें.
  • सभी नियमों व शर्तों को पढ़ने के बाद ही दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करें और उसकी फाइनल रसीद लेकर कार डीलर के पास जमा कराएं.

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एजुकेशन लोन

* एजुकेशन लोन लेने के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना चाहिए. इससे बैंक और लोन होल्डर के बीच रिकॉर्ड मेंटेन रहता है.

* दस्तावेज़ के तौर पर बर्थ सर्टिफिकेट, आईडी प्रूफ, रेसिडेंस प्रूफ, एजुकेशन प्रूफ (जो कोर्स करने जा रहे हैं, उसके एंटेरेंस टेस्ट की मार्कशीट या ऑफर लेटर), पैरेंट्स का आईडी प्रूफ, सैलरी स्लिप, फॉर्म 16 आदि बैंक में जमा कराने पड़ते हैं.

* यदि पढ़ाई के लिए विदेश जा रहे हैं, तो इन डॉक्यूमेंट्स के साथ पासपोर्ट और वीज़ा की कॉपी भी जमा करानी होती है.

* एजुकेशन लोन की ब्याज दर अनेक कारणों पर निर्भर करती है. अधिकतर बैंकों में ब्याज दर 10-15% तक होती है. फिर भी लोन लेने से पहले 3-4 बैंकों से ब्याज दर सहित अन्य जानकारियां ज़रूर प्राप्त करें.

* एजुकेशन लोन का भुगतान कोर्स ख़त्म होने की अवधि के बाद सामान्यतया 7 साल तक करना होता है.

* लोन की राशि 4 लाख रुपए तक की होती है, जिसमें बैंक को किसी गारंटर या सिक्योरिटी की आवश्यकता नहीं होती.

* 4 लाख से साढ़े सात लाख तक के एजुकेशन लोन के लिए बैंक को गारंटर की आवश्यकता होती है.

* साढ़े सात लाख रुपए से अधिक लोन लेने पर बैंक में सिक्योरिटी, जैसे- फिक्स्ड डिपॉज़िट, घर, एलआईसी की रसीद या गोल्ड आदि जमा कराना होता है.

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