Tag Archives: Lord Ganesha

तैमूर की जयकार ‘गणपति बप्पा मोरया…’ (Taimur Sings Ganpati Bappa Morya…)

इन दिनों हर जगह गणपति बप्पा मोरया (Ganpati Bappa Morya)… की गूंज फ़िज़ाओं में फैली हुई है. इसी का असर स्टार किड्स (Star Kids) पर भी दिख रहा है. जी हां, सैफीना के लाडले तैमूर (Taimur) भी अपनों के संग मंगलमूर्ति मोरया… गणपति बप्पा मोरया… की जयकार लगाते हुए, झूमते-गाते, प्रार्थना करते दिख रहे हैं.

Taimur

 

 

गणेशोत्सव में फैमिली गेट-टुगेदर पूरे ज़ोर पर रहता है. आज करण जौहर व कपूर खानदान ने गणेशजी की पूजा-अर्चना की और साथ में मिलने-मिलाने खाने-खिलाने का दौर भी ख़ूब चला. जहां छोटी-सी तस्वीर में पूरा भरापूरा बड़ा परिवार दिखा. कह सकते हैं कि कपूर-जौहर फैमिली के जौहर देखने को मिले. ख़ासतौर पर हीरू जौहर, रीतू नंदा, करिश्मा-करीना कपूर के बच्चे, कज़िन अरमान जैन भी अपने भाई-बहनों के साथ दिखे.

तैमूर जनाब तो पूरी तरह से गणपति बप्पा के रंग में रंगे हुए थे. वे कभी करण जौहर के बच्चों के साथ गणेश भगवान की पूजा-प्रार्थना करते दिखे, तो कभी करिश्मा कपूर के बेटे किआन और करण जौहर की बेटी रूही के साथ हाथ जोड़े मासूम निश्छल अदाओं में दिखे.

Taimur

 

Taimur Taimur Taimur Family Photo Taimur Ali Khan

तैमूर का एक वीडियो भी ख़ूब वायरल हो रहा है, जिसे करिश्मा कपूर ने शेयर किया है. इसमें वे अपने अंकल अरमान और कज़िन किआन के साथ गणपति बप्पा मोरया… गाते हुए झूम रहे हैं. इसमें हाथ में एक हाथ में लॉलीपॉप लिए गणेश आराधना का उनका यह क्यूट अंदाज़ हर किसी को लुभा रहा है. तो तैमूर के साथ सब जन बोले- गणपति बप्पा मोरया… मंगलमूर्ति मोरया… मोरया रे… बप्पा मोरया रे…

 

Taimur Sings Ganpati Bappa Morya

यह भी पढ़े11 बार जब बॉलीवुड एक्ट्रेसेज़ ने एक जैसे कपड़े पहनें (11 Times Bollywood Celebrities Wore Similar Outfit)

दिवाली स्पेशल: लक्ष्मी जी की आरती (Aarti- Lakshmi Ma)

Aarti godess Lakshmi ji maa

लक्ष्मी जी की आरती (Aarti- Lakshmi Ma)

Aarti godess Lakshmi ji maa

जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
जय लक्ष्मी माता…

ब्रह्माणी रूद्राणी कमला, तू ही है जगमाता ।
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥
जय लक्ष्मी माता…

दुर्गा रूप निरंजन, सुख सम्पति दाता ।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता ॥
जय लक्ष्मी माता…

तू ही है पाताल बसन्ती, तू ही है शुभ दाता ।
कर्म प्रभाव प्रकाशक, भवनिधि से त्राता ॥
जय लक्ष्मी माता…

जिस घर थारो वासो, तेहि में गुण आता ।
कर न सके सोई कर ले, मन नहीं धड़काता ॥
जय लक्ष्मी माता…

तुम बिन यज्ञ न होवे, वस्त्र न कोई पाता ।
खान पान को वैभव, सब तुमसे आता ॥
जय लक्ष्मी माता…

शुभ गुण सुंदर मुक्तता, क्षीर निधि जाता ।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता ॥
जय लक्ष्मी माता…

आरती लक्ष्मी जी की, जो कोई नर गाता ।
उर आनन्द अति उपजे, पाप उतर जाता ॥
जय लक्ष्मी माता…

स्थिर चर जगत बचावे, शुभ कर्म नर लाता ।
राम प्रताप मैया की शुभ दृष्टि चाहता ॥
जय लक्ष्मी माता…

यह भी पढ़ें: दिवाली के 5 दिन शुभ फल प्राप्ति के लिए क्या करें, कैसे करें?

यह भी पढ़ें: मनाएं सेफ और हेल्दी दिवाली

श्री गणेश जी की आरती 

Aarti lord ganesh ji

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

एक दंत दयावंत चार भुजा धारी।

माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी ॥

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।

बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥

जय…

हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।

लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा ॥ जय…

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।

कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥

जय..

[amazon_link asins=’B075R4SNKR,B01L3MBG1U,B01HA4I4NI’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’40d22a39-b237-11e7-aad0-b3b17632a053′]

गणेशजी से जुड़े रोचक तथ्य (19 Surprising Things You Didn’t Know About Lord Ganesha)

गणेशजी से जुड़े रोचक तथ्य

गणेशजी से जुड़े रोचक तथ्य

* कुण्डलिनी योग के अनुसार, सात कुण्डलिनी चक्रों में से पहला चक्र, जो हमारी रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले हिस्से या आधार में स्थित मूल चक्र गणेशजी का निवास स्थान है.

* महर्षि व्यास की महाभारत गणेशजी ने लिखी थी. वे बोलते गए, गणेशजी लिखते रहे. लिखने के लिए उनके पास कुछ नहीं था, तो उन्होंने अपना एक दंत तोड़कर महाभारत लिखी, जिससे वे एकदंत कहलाए.

* गणेश भगवान के कानों में वैदिक ज्ञान, मस्तक में ब्रह्म लोक, आंखों में लक्ष्य, दाएं हाथ में वरदान, बाएं हाथ में अन्न, सूंड में धर्म, पेट में सुख-समृद्धि, नाभि में ब्रह्मांड और चरणों में सप्तलोक है.

* हर युग में गणेश भगवान के अलग-अलग रूप की आराधना की गई है. गणेश पुराण के अनुसार, सतयुग में उनका दस भुजाओंवाला सिंह की सवारीवाला विनायक रूप, त्रेता युग में श्‍वेत वर्ण छह भुजाओंवाले मयूर की सवारी मयूरेश्‍वर रूप, द्वापर युग में चार भुजाओंवाले लाल वर्ण व मूषक की सवारीवाले गजानन, कलियुग में दो भुजाएं अश्‍व वाहन धूम्र वर्ण धूम्रकेतु रूप प्रचलित रहेगा.

* घर में गणेशजी का फोटो लगाते समय ध्यान दें कि फोटो मेें मोदक व चूहा ज़रूर हो. इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

* जीवन में शांति बनी रहे, इसके लिए स़फेद गणपति की पूजा-अर्चना करें.

* कामयाब व मशहूर होने के लिए पन्नावाले भगवान गणेश की आराधना करें.

* बच्चे की कामना के लिए बाल गणेश की पूजा करें.

* डर व शत्रुओं से बचने के लिए मूंगावाले गणेश भगवान की स्तुति करें.

* धन-वैभव के लिए चांदी के गणपति घर में रखें. साथ ही कमल पर बैठे गणेशजी की भी पूजा कर सकते हैं.

* परिवार में आपसी स्नेह, प्यार, सहयोग बना रहे, लड़ाई-झगड़े, कलह आदि न हो, इसके लिए चंदन के गणपति की पूजा करें.

* सिंदूरी रंग के गणेश भगवान की आराधना करने से घर के सभी कार्य निर्विघ्न रूप से होते हैं.

* घर के सेंटर में पूर्व दिशा में गणपतिजी को रखना शुभ होता है.

* मुख्यद्वार पर गणेशजी की दो मूर्ति लगाएं, जिनकी पीठ आपस में मिली हो. इससे सभी तरह के वास्तु-दोष दूर हो जाते हैं.

* घर में गणपतिजी की बैठी मुद्रा और शॉप-ऑफिस में खड़ी मुद्रा शुभदायक होती है.

यह भी पढ़े: पावर ऑफ हनुमान चालीसा 

ध्यान दें

* गणपति भगवान का मुंह दक्षिण दिशा की तरफ़ न हो.

* एक घर में 3 गणपति की पूजा न करें.

* घर-ऑफिस में गणपति रखते समय ध्यान दें कि इनका मुंह दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में न हो.

* गणेशजी की मूर्ति की स्थापना करते समय उनकी सूंड बाएं हाथ की ओर घूमी हुई हो.

यह भी पढ़े: धार्मिक कार्यों में शंख बजाने की परंपरा क्यों है?

– ऊषा गुप्ता

 

 

गणेश चतुर्थी 2017: शुभ मुहूर्त पर पूजा-आराधना से पूरी करें मनोकामना (Ganesh Chaturthi 2017: Muhurat-Puja-Celebration)

गणेश चतुर्थी 2017: शुभ मुहूर्त पर पूजा-आराधना से पूरी करें मनोकामना

किसी भी शुभ कार्य का शुभारंभ हम गणेश पूजन से करते हैं. गणेश जी मंगलकारी और विघ्नहर्ता हैं. ऐसा कहा जाता है कि जिस पर गणेश जी की कृपा हो जाए, उसके जीवन में आनेवाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं. गणेश चतुर्थी के ख़ास मौके पर गणेश जी की पूजा-आराधना से कैसे पूरी करें मनोकामना? बता रहे हैं पंडित राजेंद्र जी.

ganesh chaturthi puja muhurat

गणेश चतुर्थी के दौरान बचें इन बातों से:
* गणेश जी को कभी भी तुलसी अर्पण न करें यानी तुलसी से गणेश जी की पूजा कभी न करें.
* इसी तरह गणेश जी को स़फेद चंदन भी नहीं चढ़ाना चाहिए.
* भाद्रपद की चतुर्थी के चंद्रमा का दर्शन भी निषेध माना गया है. ऐसा कहा जाता है कि भगवान कृष्ण ने इस दिन चंद्रमा के दर्शन किए थे और उन पर चोरी का कलंक लगा था. इसीलिए भाद्रपद की चतुर्थी के चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए.

ये भी पढ़ें: गणेश चतुर्थी स्पेशल: इंस्टेंट केसर मोदक

 

नीचे दिए गए वीडियो में गणेश जी को प्रसन्न करने के विभिन्न उपाय बताए गए हैं. आप भी ये उपाय करके अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं:
* धनप्राप्ति के उपाय
* दरिद्रता दूर करने के उपाय
* पढ़ाई में अव्वल रहने के उपाय
* बुरी नज़र से बचने के उपाय
* विवाह में आ रही अड़चनें दूर करने के उपाय
* नया घर ख़रीदने के उपाय
* मनचाही नौकरी पाने के उपाय
* साढ़े साती या शनि महादशा से बचने के उपाय

ये भी पढ़ें: Ganesh Chaturthi Special: गणपति बप्पा के टॉप 10 गाने 

साथ ही इस वीडियो में गणेश जी को विभिन्न पत्तों द्वारा प्रसन्न करने के उपाय भी बताए गए हैं. ऐसा करके आप हार्ट प्रॉब्लम्स, कार्य में आ रही बाधा, रोग आदि से मुक्ति पा सकते हैं. साथ ही आर्थिक लाभ, मान-सम्मान, व्यावसायिक लाभ, अच्छा स्वास्थ्य आदि पा सकते हैं.

 

 

गणेश चतुर्थी स्पेशल: जय गणेश देवा… (Ganesh Chaturthi Special: Bhajan & Aarti)

Ganesh Chaturthi Special: Bhajan & Aarti
Ganesh Chaturthi Special: Bhajan & Aarti
जय गणेश देवा

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा…

एकदन्त, दयावन्त, चारभुजाधारी,
माथे पर सिन्दूर सोहे, मूसे की सवारी
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा…

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा ..

अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया,
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा .
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा ..

सुख करता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची

सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची
कंठी झलके माल मुकताफळांची

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव

रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव

लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना
दास रामाचा वाट पाहे सदना
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव

शेंदुर लाल चढायो अच्छा गजमुख को
दोन्दिल लाल बिराजे सूत गौरिहर को
हाथ लिए गुड लड्डू साई सुरवर को
महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पद को

जय जय जय जय जय
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव जय देव

अष्ट सिधि दासी संकट को बैरी
विघन विनाशन मंगल मूरत अधिकारी
कोटि सूरज प्रकाश ऐसे छबी तेरी
गंडस्थल मद्मस्तक झूल शशि बहरी

जय जय जय जय जय
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव जय देव

भावभगत से कोई शरणागत आवे
संतति संपत्ति सबही भरपूर पावे
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे
गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे

जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव जय देव