love and romance

बिग बॉस 9 के विनर रह चुके टीवी एक्टर प्रिंस नरूला ने अपना 30वां जन्मदिन बर्थडे अपनी वाइफ युविका चौधरी और दोस्तों के साथ सेलिब्रेट किया. ये क्यूट कपल सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहता है और इनके फैन्स इनकी जोड़ी को बहुत पसंद करते हैं. प्रिंस नरूला के बर्थडे सेलिब्रेशन की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. बर्थडे की तस्वीरों में प्रिंस और युविका की जोड़ी बहुत प्यारी लग रही है.

Prince Narula

प्रिंस नरूला ने फैमिली और फ्रेंड्स के साथ ऐसे मनाया अपना 30वां जन्मदिन
प्रिंस नरूला के जन्मदिन के ख़ास मौके पर उनके घर पर देर रात तक पार्टी की गई, जहां प्रिंस अपनी वाइफ युविका चौधरी और दोस्तों के संग केक काटते हुए नजर आए. पार्टी के दौरान इस क्यूट कपल ने रोमांटिक डांस भी किया. प्रिंस नरूला के जन्मदिन की पार्टी में टीवी एक्ट्रेस अनिता हस्सनंदानी और उनके पति रोहित रेड्डी भी आये हुए थे. प्रिंस नरूला ब्लैक टी-शर्ट और जॉगर्स में नज़र आ रहे हैं, वहीँ युविका चौधरी ने क्यूट ड्रेस पहनी हुई है. दोनों के आउटफिट्स भी एक-दूसरे को कॉम्पलिमेंट करते नज़र आ रहे हैं. आप भी देखिए प्रिंस नरूला के जन्मदिन की ये तस्वीरें:

यह भी पढ़ें: बिग बॉस फेम सना खान ने शादी के बाद बदला अपना नाम, शेयर की अपने वलीमा लुक की तस्वीरें (Sana Khan Changed Her Name And Shared Pictures Of Her Walima Look)

Prince Narula
Prince Narula
Prince Narula
Prince Narula
Prince Narula

तुम मुझे अब पहले की तरह प्यार नहीं करते, तुम्हें अब मेरी परवाह कहां रहती है, तुम्हें तो मुझमें सिर्फ कमियां ही नज़र आती हैं… जैसे उलाहने देना पति-पत्नी के बीच आम बात है. क्या होती हैं पति-पत्नी की शिकायतें और प्यार में क्या चाहते हैं स्री-पुरुष? आइए जानते हैं.

Love Life

1) ख़ूबियां क्यों खामियों में बदल जाती हैं?
शादी के शुरुआती सालों में तो सब कुछ अच्छा लगता है, लेकिन साल-दो साल में ही मुहब्बत की स्क्रिप्ट कमज़ोर पड़ने लगती है. दूसरे शब्दों में कहें तो तुम्हारे दीदार से सुबह की शुरुआत हो, तुम्हारे पहलू में ही हर शाम ढले… के दावे धीरे-धीरे दम तोड़ने लगते हैं. शादी के बाद घर-परिवार की ज़िम्मेदारियों के बोझ तले मुहब्बत अपना असर खोने लगती है और एक-दूसरे में सिर्फ ख़ूबियां ढूढ़ने वाले शख्स बात-बात पर एक-दूसरे की खामियां गिनाने लगते हैं.

2) क्यों टूटती हैं उम्मीदें?
एक-दूसरे पर दोषारोपण की एक ख़ास वजह होती है एक-दूसरे से ज़रूरत से ़ज़्यादा उम्मीदें, जिसमें महिलाएं पुरुषों से कहीं आगे होती हैं. पुरुष पत्नी के साथ वैसा ही व्यवहार करता है, जैसा उसने अपने पिता का मां के प्रति देखा था, लेकिन पत्नी उसे एक अच्छे दोस्त, बहुत प्यार करने वाले प्रेमी, जिम्मेदार पिता के रूप में देखना चाहती है. पत्नी अगर कामकाजी हो, तो वो उम्मीद करती है कि पति घरेलू जिम्मेदारियों में भी उसका साथ दे. यदि वो ऑफिस से आकर खुद को बहुत थका हुआ महसूस कर रही है, तो पति किचन के कामों में उसकी मदद करे, बच्चे के स्कूल की पैरेंट्स-टीचर मीटिंग के लिए समय निकाले, ज़रूरत पड़े तो अपने कपड़े खुद प्रेस कर ले… लेकिन ़ज़्यादातर पुरुष इन तमाम ज़िम्मेदारियों को बांटना नहीं चाहते, उन्हें लगता है कि घरेलू काम सिर्फ पत्नी की ज़िम्मेदारी है.

3) क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट सीमा हिंगोरानी के अनुसार- स्त्री-पुरुष को प्रकृति ने एक-दूसरे से बिल्कुल अलग बनाया है. स्त्रियां अपनी भावनाओं को आसानी से अभिव्यक्त कर लेती हैं, लेकिन पुरुषों के लिए ये इतना आसान नहीं होता. दूसरा फर्क़ ये भी है कि महिलाएं इमोशनल और ड्रीमी होती हैं, जबकि पुरुष पैक्टिकल होते हैं. पुरुष प्यार तो करता है, लेकिन बात-बात में उसे ज़ाहिर करना ज़रूरी नहीं समझता. हमारे पास ऐसे कई केस आते हैं जहां बीवी की शिकायत होती है कि पति उसका हाथ नहीं पकड़ते, ऑफिस जाते समय उसे किस नहीं करते. जबकि पुरुष की शिकायत होती है कि बीवी ज़रूरत से ़ज़्यादा उम्मीदें रखती है. एक केस तो ऐसा भी आया, जिसमें पत्नी को पति से ये शिकायत थी कि पति ने उसे एनिवर्सरी ग़िफ़्ट देने के बजाय पैसे थमा कर कह दिया कि अपने लिए ग़िफ़्ट ख़रीद लेना. वहीं पति महोदय की शिकायत थी कि पत्नी को उनके लाए तोहफे कभी पसंद नहीं आते, इसलिए उन्होंने पत्नी से ख़रीद लाने को कहा. यदि वह चाहती तो मैं उसके साथ चल सकता था. दरअसल, स्त्री-पुरुष के ब्रेन की वायरिंग ही अलग-अलग होती है. पत्नी चाहती है कि पति उसे दिन में 2-3 बार फोन करे, एसएमएस करे, जबकि पति को लगता है कि जब शाम को घर ही जाना है तो फ़ोन या एसएमएस की ज़रूरत क्या है.

यह भी पढ़ें: इस प्यार को क्या नाम दें: आज के युवाओं की नजर में प्यार क्या है? (What Is The Meaning Of Love For Today’s Youth?)

Couple Goals

4) नज़रिया अपना-अपना

  • बैंक कर्मचारी सागरिका शर्मा कहती हैं, बहुत खीज होती है जब ऑफिस टाइम पर पहुंचने के लिए सुबह जल्दी उठकर घर के सारे काम निपटाने पड़ते हैं और पति महोदय को बिस्तर पर चाय चाहिए होती है. उस पर उनके कपड़े, लंच बॉक्स, टाई, पेन सब कुछ हाथ में थमाने पड़ते हैं. कई बार इस बात को लेकर अनबन भी होती है, लेकिन इन पर तो कोई असर ही नहीं होता. आखिर थक-हारकर मुझे ही सारा कुछ करना पड़ता है. बच्चों का होमवर्क कराना भी इन्हें बोझ लगता है.
  • एक प्राइवेट फर्म में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत सार्थक मेहरा कहते हैं, औरतें वंडरलैंड से बाहर निकलना ही नहीं चाहतीं, उन्हें लगता है कि पति ज़िंदगीभर उनसे चांद-तारे तोड़ लाने की खयाली बातें करता रहे या फिर उनकी ख़ूबसूरती के कलमे पढ़े. हर दूसरे-तीसरे दिन पत्नी की शिकायत शुरू हो जाती है कि कितने दिन से कहीं घूमने नहीं गये, आप अब पहले की तरह बाय करके ऑफ़िस नहीं जाते, कभी डिनर पर ले जाने का नाम नहीं लेते… इन तमाम शिकायतों से बचने के लिए मैं जान बूझकर काम का बहाना बनाकर देर से घर लौटता हूं. ठीक है, शादी के शुरुआती दिनों में पति कुछ ज्यादा ही दरियादिली दिखा देते हैं, लेकिन ऐसा उम्रभर तो नहीं हो सकता, पर ये सब इन बीवियों को कौन समझाए.
  • ऐड एजेंसी में कार्यरत मेघना पुरी कहती हैं, पुरुषों की शिकायत होती है कि पत्नी को हमेशा उनसे शिकायत रहती है, लेकिन इसके पीछे वजह भी तो साफ है, क्योंकि तकलीफ़ भी उन्हीं को ज़्यादा होती है. आज ज़्यादातर घरों में औरतें फाइनेंशियल, इमोशनल, सारे काम संभाल रही हैं, इसके बावजूद उनकी स्थिति पहले जैसी, बल्कि पहले से बदतर हो गई है. उसकी एडिशनल ज़िम्मेदारियों को तो पति एक्सेप्ट कर लेते हैं, बाहरी दुनिया में उससे मॉर्डन अप्रोच भी रखते हैं, लेकिन जहां घर की बात आती है तो उन्हें बिल्कुल पारंपरिक पत्नी चाहिए होती है.
  • एक प्राइवेट फर्म में कार्यरत प्रणव मुखर्जी कहते हैं, जहां तक फ्रीडम की बात है, तो मुझे इसमें किसी का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं. मैं प्राची (पत्नी) के पर्सनल मैटर में ख़ुद भी हस्तक्षेप नहीं करता, लेकिन जब वो इतनी स्मोकिंग क्यों करते हो, तुम्हारा यूं रात-रात तक दोस्तों में घिरे रहना मुझे बिल्कुल पसंद नहीं, तुम्हारे ऑफिस की लड़कियां इतनी रात गये क्यों फोन करती हैं, इतना वल्गर एसएमएस किसने भेजा… ऐसी बेहूदा शिकायतें करती है तो मैं चिढ़ जाता हूं. भई मैं क्यों किसी के लिए अपनी ख़ुशी को दांव पर लगाऊं, फिर चाहे वो मेरी पत्नी ही क्यों न हो.

यह भी पढ़ें: कैसे जानें कि आपके पति को किसी और से प्यार हो गया है? (9 Warning Signs That Your Partner Is Cheating on You)

5) प्यार को प्यार ही रहने दो
प्यार जताने या एक-दूसरे पर दोषारोपण करने का सभी कपल्स का तरीक़ा भले ही अलग-अलग हो, लेकिन ये बात तो तय है कि जब भी पार्टनर ज़रूरत से ज़्यादा उम्मीद की जाती है, तब रिश्ते में कड़ुवाहट का सिलसिला शुरू हो जाता है. प्यार के इतिहास, भूगोल पर टीका-टिप्पणी किये बिना यदि प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो की तर्ज़ पर स़िर्फ महसूस किया जाए या निभाया जाए, तो शायद हम प्यार के इस ख़ूबसूरत रिश्ते का उम्रभर लुत्फ़ उठा सकते हैं.

6) कंसास यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि की है कि महिलाओं को अपनी प्रशंसा सुनना अच्छा लगता है. कॉम्प्लिमेंट्स या फ्लैटरिंग (प्रशंसा या चापलूसी) से महिलाओं में आत्मविश्वाछस बढ़ता है और वे अपने शरीर को लेकर हीनभावना की शिकार नहीं होतीं. शायद ये भी एक बड़ी वजह है पत्नी की पति से अपनी तारीफ़ की चाह रखने की.

7) ये है प्यार का केमिकल लोचा
रॉबर्ट फ्रेयर द्वारा किये गए प्रयोगों के अनुसार, जब किसी को प्यार हो जाता है, तो एक ख़ास तरह के न्यूरो केमिकल फिनाइल इथाइल अमीन की वजह से उसे प्रेमी/प्रेमिका में खामियां नज़र आना बंद हो जाता है. लेकिन यह रसायन हमेशा एक ही स्तर पर नहीं रहता. एक-दो साल बाद इसका स्तर शरीर में कम होता जाता है और चार-पांच साल बाद इसका प्रभाव शरीर पर बिल्कुल बंद हो जाता है. अतः इसके उतार-चढ़ाव का प्रभाव प्रेमियों के स्वभाव में भी साफ़ नज़र आता है. यानी जब प्रेम का उफान कम होने लगता है, तो एक-दूसरे की ख़ूबियां खामियों में बदलने लग जाती हैं.

Couple Goals

8) प्यार बढ़ाने के असरदार फॉर्मूले

  • ज़रूरत से ज़्यादा अपेक्षाओं से बचें.
  • प्यार करें, अधिकार जताएं, पर हकूमत न करें.
  • पति-पत्नी के परंपरागत फ्रेम से बाहर निकलकर अच्छे दोस्त बनें.
  • पज़ेसिव होने से बचें.
  • करीब रहें, पर इतना भी नहीं कि सांस लेना मुश्किल लगने लगे. रिश्तों के स्पेस को समझें.
    – कमला बडोनी

“आई एम सॉरी” आप जितनी आसानी से ये शब्द अपने पार्टनर को कह देती हैं, क्या वो भी उतनी ही सजहता से आपसे माफ़ी मांग लेते हैं? शायद नहीं. कुछ अपवादों को छोड़ दें, तो आमतौर पर पुरुष अपनी ग़लती के लिए माफ़ी मांगना ख़ासकर पार्टनर से, अपनी तौहीन समझते हैं. उनके लिए ‘सॉरी’ शब्द बेहद मुश्किल होता है. आख़िर इसकी क्या वजह है? आइए, जानते हैं.

Guys Never Say Sorry

मेल ईगो
पुरुषों के माफ़ी मांगने से कतराने की सबसे बड़ी वजह है मेल ईगो यानी उनका अहंकार. इसी अहंकार की वजह से ये जानते हुए भी कि वो ग़लत हैं, पार्टनर से माफ़ी नहीं मांगतें. ऐसे लोगों के लिए उनका ग़ुरूर हमसफ़र की भावनाओं से ज़्यादा अहमियत रखता है. वो अपने पार्टनर का दिल तो दुखा सकते हैं लेकिन सॉरी बोलकर अपने मेल ईगो को हर्ट नहीं कर सकते. ज़्यादातर महिलाएं भी इस बात से सहमत हैं. एक मीडिया ग्रुप से जुड़ी मीनाक्षी कहती हैं “पुरुषों के माफ़ी न मांगने की एकमात्र वजह मेल ईगो ही है, उन्हें लगता है पत्नी से माफ़ी मांगने से उनका क़द छोटा हो जाएगा.” विशेषज्ञों की भी कुछ ऐसी ही राय है उनके मुताबिक “पुरुषों को लगता है माफ़ी मांगने से उनकी शान घट जाएगी.”

कमज़ोरी की निशानी
साइकोलॉजिस्ट डॉ. हरीश शेट्टी के मुताबिक “पुरुष माफ़ी मांगने को कमज़ोरी की निशानी समझते हैं. उन्हें लगता है कि अगर वो पत्नी से माफ़ी मांगेगे तो वो उन्हें कमज़ोर समझने लगेगी, उसे लगेगा कि पति परिवार की ज़िम्मेदारी उठाने के क़ाबिल नहीं है.” इसलिए माफ़ी मांगकर वो ख़ुद को पार्टनर की नज़रों में गिराना नहीं चाहतें.

मैं ग़लत नहीं हो सकता
पुरुषों का अपनी ग़लती न मानने वाला रवैया भी उन्हें माफ़ी मांगने से रोकता है. दरअसल, माफ़ी मांगने से उनकी ग़लती साबित हो जाएगी और पुरुष ख़ासतौर से किसी महिला के सामने कभी ग़लत साबित होना नहीं चाहतें. डॉ. शेट्टी भी इस बात से सहमत हैं, उनका कहना है “पुरुषों को लगता है कि वो जो कर रहे हैं वही सही है और उन्हें किसी को जवाब देने की ज़रूरत नहीं है.” एक प्रतिष्ठित मीडिया ग्रुप से जुड़ी शिवानी का कहना है कि “पढ़े-लिखे होने के बावजूद मेरे पति बहुत डॉमिनेटिंग हैं, अगर कभी उनसे कोई ग़लती हो जाए, तो सॉरी बोलना दो दूर की बात है, वो अपनी ग़लती मानते तक नहीं हैं.”

सॉरी बोलने की बजाय जताना
कुछ पुरुष सॉरी कहने की बजाय माफ़ी मांगने का दूसरा तरीक़ा अख़्तियार करते हैं, जैसे- पार्टनर को फूल, ज्वेलरी, चॉकलेट या कोई और गिफ़्ट देकर अपनी माफ़ी मांगने की भावना व्यक्त करते हैं. इतना ही नहीं, कई बार वो पार्टनर का ज़्यादा ख़्याल रखकर भी अपनी ये भावना ज़ाहिर करते हैं. दिलचस्प बात तो ये है कि महिलाओं को भी पुरुषों का बिना बोले माफ़ी मांगने का ये अंदाज़ पसंद आता है, बिना कहे ही वो उनकी भावनाओं को समझ जाती है.

यह भी पढ़ें: कैसे जानें कि आपके पति को किसी और से प्यार हो गया है? (9 Warning Signs That Your Partner Is Cheating on You)

Guys Never Say Sorry

अस्वीकृति का डर
कुछ पुरुष पार्टनर द्वारा अस्वीकार किए जाने के डर से माफ़ी नहीं मांगते. उन्हें लगता है कि माफ़ी मांगने से कहीं कोई नकारात्मक स्थिति न उत्पन्न हो जाए, इसी डर से वो भावनाओं की उधेड़बुन में उलझे रहते हैं और तय नहीं कर पाते कि माफ़ी मांगू या नहीं? माफ़ी मांगने के बाद शायद हालात उनके पक्ष में न रहें. इसी डर से वो ये निश्चित नहीं कर पाते कि कब और कैसे पार्टनर को सॉरी कहें. डॉ. शेट्टी के मुताबिक “पुरुषों को इस बात का भी डर रहता है कि कहीं माफ़ी मांगने के बाद पत्नी उन्हें एक्सप्लॉइट न करे.”

सामना करने से बचना
कुछ पुरुषों के माफ़ी न मांगने की एक वजह उनकी पार्टनर भी होती है. कई बार महिलाएं पार्टनर के माफ़ी मांगने पर उन्हें माफ़ करने की बजाय सबक सिखाने के इरादे से बहस या लड़ाई-झगड़ा करने लगती है, ऐसे में पार्टनर अगली बार माफ़ी मांगने से पहले सौ बार सोचता है. उसे डर रहता है कि सॉरी बोलने पर फिर कहीं कोई बहस न शुरु हो जाए.

रूढ़ीवादी विचारधारा
साइकोलॉजिस्ट डॉ. हरीश शेट्टी के मुताबिक “पुरुष अपने जिस ईगो या अहंकार की वजह से महिलाओं से माफ़ी मांगने से झिझकते हैं, उसकी एक वजह पुरुष प्रधान समाज वाली विधारधारा है. जिस वजह से उन्हें लगता है कि माफ़ी मांगना उनकी मर्यादा के ख़िलाफ़ है.” हालांकि अब हालात बदलने लगे हैं, बावजूद इसके कहीं न कहीं मेल डोमिनेटिंग वाली सोच उभर ही आती है. अगर लड़के परेशान या दुखी होकर रोते हैं, तो माता-पिता तुरंत कह देते हैं ‘क्या लड़कियों की तरह रो रहे हो’, इस तरह कहने से उनके ज़ेहन में ये बात बैठ जाती है कि लड़कियां कमज़ोर होती हैं और किसी कमज़ोर से भला वो माफ़ी कैसे मांग सकते हैं.

यह भी पढ़ें: इस प्यार को क्या नाम दें: आज के युवाओं की नजर में प्यार क्या है? (What Is The Meaning Of Love For Today’s Youth?)

Guys Say Sorry

बदल रही है मानसिकता
वक़्त के साथ-साथ समाज और पुरुषों की मानसिकता में भी बदलाव आया है. आज के युवाओं को अपनी पार्टनर से माफ़ी मांगने में कोई शर्म या झिझक महसूस नहीं होती. एक रिक्रूटमेंट एजेंसी चलाने वाले धीरज सिंह का कहना है “मैं तो हर छोटी ग़लती के लिए अपनी पत्नी से सॉरी बोल देता हूं, कभी-कभी तो वो मेरे सॉरी से ही परेशान हो जाती है. मुझे लगता है अगर आप अपने पार्टनर से प्यार करते हो, तो सॉरी बोलने में भला कैसी शर्म.” धीरज की ही तरह एक न्यूज़ एजेंसी से जुड़े शैलेंद्र को भी लगता है कि पार्टनर से बेझिझक सॉरी बोल देना चाहिए. कुछ ऐसी ही राय एक प्रतिष्ठित कंपनी में बतौर बिज़नेस डेवलपमेंट मैनेजर काम कर रहे सुशील सिंह की भी है, लेकिन वो साथ ही ये भी मानते हैं कि सॉरी बोलने में कहीं न कहीं पुरुषों का मेल ईगो आड़े आता है.

वक़्त के साथ बहुत कुछ बदला है, प्यार करने अंदाज़ भी अब पहले जैसा नहीं रहा. पहले जहां मोहब्बत के नाम से ही एक सिहरन-सी होने लगती थी, अब वो सिहरन सीधे सेक्स तक पहुंच गई है. लव से लेकर लस्ट तक, प्यार से लेकर सेक्स तक… आज की पीढ़ी को सबकुछ फटाफट चाहिए. इनकी इंस्टेंट लव स्टोरी में सब्र जैसे शब्द के लिए कोई जगह नहीं. आज की युवा पीढ़ी के लिए सेक्स अब बंद कमरे में ढंके-छुपे तौर पर डिस्कस की जाने वाली चीज़ नहीं रही, अब लोग खुलकर अपनी सेक्स डिज़ायर को जाहिर करते हैं और इसे पाने के लिए उन्हें रिश्ते में बंधने का सब्र भी नहीं है. भूख-प्यास की तरह जब सेक्स की चाह होती है, तो लोग इसे फटाफट पा लेना चाहते हैं, इसके लिए उन्हें इंतज़ार करना मंज़ूर नहीं. सेक्स में नैतिकता जैसी बातें अब बहुत पुरानी हो गई हैं, आज की पीढ़ी इसे फिज़िकल हंगर से जोड़कर देखती है. बदलाव की ये लहर आख़िर हमें कहां ले जा रही है?

Meaning Of Love For Today's Youth

सेक्स चाहिए, पर बंधन नहीं
साइकोलॉजिस्ट डॉ. माधवी सेठ कहती हैं, आज के कई युवाओं को लगता है कि जब सेक्स आसानी से उपलब्ध है तो शादी के बंधन में में क्यों बंधें? आज की पाढ़ी की शहनशक्ति कम हो गई है, वो किसी भी मामले में एडजस्ट करने को तैयार नहीं, इसीलिए तलाक़ के केसेस बढ़ने लगे हैं. फिर पैरेंट्स भी बच्चों के तलाक़ पर बहुत ज़्यादा हो-हल्ला नहीं मचाते. पहले तलाक़ सोशल स्टिगमा समझा जाता था, लेकिन अब तलाक़ होना बड़ी बात नहीं समझी जाती. तलाक के प्रति लोगों की एक्सेप्टेबिलिटी बढ़ गई है. अब ये नहीं समझा जाता कि तलाक़ के बाद ज़िंदगी खराब हो गई. इसी तरह आज से 10 साल पहले शादी करना ज़रूरी समझा जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब कोई शादी नहीं करना चाहता तो लोगों को इसमें कोई आश्चर्य नहीं होता.

पार्टनर नहीं, पैकेज चाहिए
आजकल प्यार, शादी, बच्चे सबकुछ नाप-तौल कर होता है. लोगों को लाइफ पार्टनर नहीं, कंप्लीट पैकेज चाहिए, जो उनकी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, सामाजिक हर ज़रूरत पूरी करे. जब दिल का रिश्ता ही शर्तों पर हो, तो उसके टिकने की उम्मीद कितनी की जा सकती है. यही वजह है कि आजकल के रिश्ते टिकाऊ नहीं हैं. इन रिश्तों में प्यार के अलावा बाकी सबकुछ होता है इसीलिए प्यार की तलाश बाकी रह जाती है और एक्स्ट्रा मैरिटल रिश्ते बन जाते हैं.

बदल गई है शादी की परिभाषा
साइकोलॉजिस्ट डॉ. माधवी सेठ कहती हैं, पहले शादी के बाद एक-दो साल पति-पत्नी एक-दूसरे को समझने में गुजार देते थे. सेक्स का नया-नया अनुभव उनके रिश्ते में रोमांच बनाए रखता था. फिर बच्चे, उनकी परवरिश, नाते-रिश्तेदार… लंबा समय गुजर जाता था इन सब में. आज के कई युवा शादी के पहले ही सेक्स का अनुभव ले चुके होते हैं, उस पर करियर बनाने के चलते शादियां देर से हो रही हैं, ऐसे में शादी में उन्हें कोई रोमांच नज़र नहीं आता. उन्हें शादी स़िर्फ ज़िम्मेदारी लगती है इसलिए वो शादी से कतराने लगते हैं.

इसका एक बड़ा नुक़सान ये भी है कि युवा जब सेक्स पर जल्दी एक्सपेरिमेंट करते हैं तो इससे जल्दी ऊब भी जाते हैं और 40 की उम्र तक उनकी सेक्स लाइफ बोरिंग हो जाती है. उनका ज़िंदगी से लगाव कम हो जाता है. कोई थ्रिल नहीं रहता. अब शादी की परिभाषा बदल गई है. लेट मेरिज, लेट चिल्ड्रेन (कई कपल तो बच्चे भी नहीं चाहते), वर्किंग कपल, न्यूक्लियर फैमिलीज़… समय के साथ परिवार का ढांचा और उसकी ज़रूरतें बदल गई हैं. बदलाव की ये लहर बहुत कुछ बदल रही है. 10 साल पहले जहां लोग इंटर कास्ट मैरिज को पचा नहीं पाते थे, अब सहजता से लेने लगे हैं. इसी तरह अब एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, लिव इन रिलेशन जैसी बातें भी लोगों को चौंकाती नहीं हैं.

यह भी पढ़ें: कैसे जानें कि आपके पति को किसी और से प्यार हो गया है? (9 Warning Signs That Your Partner Is Cheating on You)

Meaning Of Love For Youth

बढ़ रहे हैं एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स
काम के बढ़ते घंटे, ऑफिस में महिला-पुरुष का घंटों साथ काम करना, पति-पत्नी की असंतुष्ट सेक्स लाइफ आदि के कारण एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स की तादाद बढ़ रही है. कई पति-पत्नी सेक्स का पूरा आनंद नहीं ले पाते (ख़ासकर महिलाएं), फिर भी पार्टनर को ख़ुश करने के लिए झूठ बोलते हैं. ऐसे में जब आप अपनी सेक्स लाइफ़ से संतुष्ट ही नहीं हैं, तो आपका ध्यान यहां-वहां भटकेगा ही. अंतरंग रिश्ते में भी हम मुखौटा ओढ़ लेते हैं, तो संतुष्टि मिलेगी कैसे? ऐसे असंतुष्ट कपल्स जहां भी भावनात्मक सहारा पाते हैं, वहीं शारीरिक रूप से भी जुड़ जाते हैं. पति, बच्चे, घर-परिवार, ऑफिस सभी जगह मैकेनिक लाइफ जी रही महिलाएं जाने-अनजाने घर के बाहर सुकून तलाशने की चाह में मन के साथ-साथ तक का रिश्ता भी जोड़ लेती हैं.

सेक्स का विकृत रूप सामने आया है
मीडिया प्रोफेशनल अरुण कुमार कहते हैं, हमारे देश में आज भी लोग सेक्स पर बात करने से तो कतराते हैं, लेकिन हर पहलू को घोलकर पी जाना चाहते हैं. पहले भी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होते थे, पति नपुंसक हो तो परिवार के किसी और सदस्य के साथ सेक्स करके बच्चा पैदा किया जाता था, लेकिन तब इन बातों पर इतना हो-हल्ला नहीं मचाया जाता था. अब सेक्स को एक प्रोडक्ट के रूप में देखा जाने लगा है. सेक्स टॉनिक, कंडोम आदि बेचने वाली कंपनियां अपने विज्ञापनों में स्त्री के शरीर को अश्लील रूप में पेश करके सेक्स को भुनाती हैं, ऐसे विज्ञापान युवाओं को सेक्स पर एक्सपेरिमेंट करने के लिए उकसाते हैं. बदलते परिवेश में सेक्स विकृत रूप में सामने आ रहा है, तभी तो बाप ने बेटी का रेप कर दिया, भाई-बहन के शारीरिक संबंध बन गए जैसी ख़बरें देखने-सुनने को मिलती हैं. हम लोग सेक्स पर खुलकर बात करने से जितना ज़्यादा कतराते हैं, इसका उतना ही विभत्स रूप हमारे सामने आता है. हर कोई जैसे इसी में उलझ कर रह जाता है, सेक्स पर हर तरह की रिसर्च कर लेना चाहता है.

सेक्स में संतुष्टि ज़रूरी है
बैंक कर्मचारी रोहित सिंह कहते हैं, सेक्स अब इतनी छोटी चीज़ हो गई है कि किसी को नीचा दिखाने, बदला लेने, अपना कोई काम निकालने, झूठी शान बघारने, प्रमोशन पाने तक के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. सेक्स को साधना के रूप में किया जाए तो इसके आनंद को समझा जा सकता है. जो मिला उसी से शारीरिक संबंध बना लिया, नोच-खंसोटकर, बलात्कार करके शारीरिक भूख मिटा ली, ऐसा करके कभी तृप्ति नहीं मिलती, बल्कि लालसा बढ़ती जाती है और व्यक्ति इसी में उलझकर रह जाता है.

यह भी पढ़ें: न्यूली मैरिड के लिए मॉडर्न ज़माने के सात वचन (7 Modern Wedding Vows For Newly Married)

Meaning Of Love

ये है सेक्स का सच
* 33 प्रतिशत महिलाएं मानती हैं कि शादी के कुछ सालों बाद उनकी सेक्स लाइफ बोरिंग हो गई है.
* 60% पुरुष चाहते हैं कि सेक्स के लिए महिला पहल करे.
* हर पुरुष हर सात मिनट में कम से कम एक बार सेक्स के बारे में ज़रूर सोचता है.
* पुरुष तथा महिलाएं दोनों ही एक दिन में कई बार ऑर्गेज़्म का अनुभव कर सकते हैं.
* जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के अनुसार, बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है.
* एक रिसर्च के अनुसार, कॉलेज के दौरान जो लड़के सेक्स में लिप्त रहते हैं, वे अक्सर डिप्रेशन में चले जाते हैं. जबकि सेक्स न करने वाले विद्यार्थी नॉर्मल रहते हैं.
* ऐसे पुरुष जिनके अनेक स्त्रियों से संबंध होते हैं, वे सेक्स को बहुत महत्वपूर्ण तो समझते हैं, लेकिन अपने रिलेशनशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं रहते.
* जो पुरुष ज़्यादातर सेक्सुअल फैंटेसी में रहते हैं, वे अपने रोमांटिक रिलेशनशिप से कम संतुष्ट रहते हैं.
– कमला बडोनी

मनचाहा जीवनसाथी, मनचाहा प्रोफेशन, मनचाही ख़ुशियां… यदि ये सब हासिल हो जाएं तो ज़िंदगी से और क्या चाहिए? टेलीवुड के मेड फॉर ईच अदर कहलाए जाने वाले कपल रवि और सरगुन को भी ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं. वो पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ़ में स्टेप बाई स्टेप क़ामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते जा रहे हैं और ज़िंदगी का खुलकर लुत्फ़ उठा रहे हैं. एनर्जी से भरपूर इस सुपर स्टाइलिश कपल की प्रेम कहानी कैसे शुरू हुई? आइए, हम आपको बताते हैं.

Ravi Dubey And Sargun Mehta

एक-दूसरे के सपोर्ट सिस्टम बनकर एक-दूसरे की क़ामयाबी के हिस्सेदार कैसे बना जा सकता है, ये कोई रवि और सरगुन से सीखे. दोनों बहुत बिज़ी रहते हैं, फिर भी बहुत ख़ुश और एक-दूसरे से कनेक्टेड रहते हैं. दोनों ही बहुत आशावादी हैं और अपनी मंज़िल तक पहुंचना अच्छी तरह जानते हैं. आइए, रवि और सरगुन की ज़िंदगी को और क़रीब से जानें.

कैसी थी आप दोनों की पहली मुलाक़ात?
रवि दुबे: सरगुन से मैं पहली बार करोल बाग़ के सेट पर मिला. बहुत जल्दी हमारी दोस्ती हो गई और उतनी ही जल्दी मुझे ये एहसास हो गया मुझे सरगुन से प्यार हो गया है. फिर क्या था, मैंने सरगुन को प्रपोज़ किया और जल्दी ही हमने शादी कर ली.
सरगुन मेहता: पहली नज़र में तो हम इंसान का रूप-रंग ही देखते हैं. मैंने जब रवि को पहली बार देखा तो वो अपनी वैन से उतर रहे थे, वो करोल बाग़ की शूटिंग के लिए दिल्ली आए थे. ब्लैक कलर के जैकेट और ब्लू डेनिम में रवि को देखकर मैं सोचने लगी, ङ्गओह माय गॉड, ये हैंडसम लड़का कौन है!फ मेज़े की बात ये है कि जब मैंने रवि का लुक टेस्ट देखा था तो मेरा रिएक्शन था, ङ्गये चश्मिस लड़का कौन है?फ लुक टेस्ट में रवि एकदम ऑर्डिनरी लग रहे थे, क्योंकि वो फोटोग्राफ्स उनके कैरेक्टर की थी, लेकिन असल में उन्हें देखकर मैं देखती ही रह गई. फिर जल्दी ही हमारी दोस्ती हो गई. करोल बाग़ के बाद जब हम दिल्ली से मुंबई आए तो मैंने देखा कि रवि हमेशा मेरे आसपास रहते हैं, घर ढूंढ़ने से लेकर सेटल होने तक हर चीज़ में मेरी मदद कर रहे हैं, उनकी ये तमाम बातें मुझे अच्छी लगने लगीं. तब मेरे मन में भी मोहब्बत का एहसास जागने लगा था.

Ravi Dubey And Sargun Mehta

शादी के बाद कितनी बदली ज़िंदगी?
रवि दुबे: कुछ भी नहीं बदला है शादी के बाद, सिवाय इसके कि हम एक घर में रहने लगे हैं. हम दोनों शादी के पहले भी अपने पैरेंट्स से दूर अकेले रह रहे थे. घर और करियर दोनों संभाल रहे थे इसलिए शादी के बाद ज़िम्मेदारियां बढ़ी नहीं हैं, बल्कि बंटी हैं. अब हम साथ मिलकर अपनी तमाम ज़िम्मेदारियां पूरी कर रहे हैं. हां, इतना ज़रूर है कि शादी के बाद इंसान अपनी लाइफ को लेकर और ज़्यादा क्लियर हो जाता है, उसे पता होता है कि उसे अपनी फैमिली के लिए क्या करना है.
सरगुन मेहता: शादी के बाद ज़िंदगी में कोई बदलाव नहीं आया. शादी से पहले मैं मुंबई में अकेली रह रही थी इसलिए काम के साथ-साथ घर ढूंढ़ने से लेकर, फोन, लाइट के बिल भरना, खाने-पीने बंदोबस्त… सबकुछ मैं अकेले ही मैनेज कर रही थी. शादी के बाद भी मैं वही सारे काम कर रही हूं. अब रवि साथ है तो बल्कि ज़्यादा आसानी हो गई है.

आप दोनों के बीच नोकझोंक कितनी होती है?
रवि दुबे: नोकझोंक तो हर कपल के बीच होता है, लेकिन हमारे साथ ख़ास बात ये है कि हमें दूसरी चीज़ों पर भले ही ग़ुस्सा आ जाए, लेकिन एक-दूसरे पर कभी ग़ुस्सा नहीं आता.
सरगुन मेहता: डे टु डे लाइफ की नोंकझोक तो हर रिश्ते में होती है, उससे आप बच नहीं सकते. सोफे के कलर, एक्स्ट्रा टीवी या फिर किसी काम को लेकर नोंकझोंक हो ही जाती है, लेकिन वो उतनी ही जल्दी खत्म भी हो जाती है.

डेली सोप में काम करते हुए पर्सनल लाइफ के लिए कितना टाइम मिल पाता है?
रवि दुबे: हर इंसान के पास दिन में चौबीस घंटे ही होते हैं, ये आप पर है कि आप अपने काम को कितना और कैसे इस्तेमाल करते हैं. मेरी पत्नी मेरी प्राथमिकता है और मैं ये अच्छी तरह जातना हूं कि मैं उसके साथ क्वालिटी टाइम कैसे बिता सकता हूं. दरअसल, जो लोग ढीले होते हैं वो बहुत टाइम पास करते हैं और काम न कर पाने हज़ार एक्सक्यूज़ देते हैं, लेकिन जो लोग एक साथ कई काम करते हैं, वो अपने हर काम के लिए टाइम निकाल ही लेते हैं और टाइम मैनेज करना भी अच्छी तरह जानते हैं.
सरगुन मेहता: आप कितने घंटे काम करते हैं इससे ज़्यादा ज़रूरी है कि आप अपने काम से कितना प्यार करते हैं, उसे कितना एंजॉय करते हैं. हम लकी हैं कि हम वही काम कर रहे हैं जो हमें पसंद है. साथ ही मैं उस इंसान के साथ रह रही हूं जिसे मैं प्यार करती हूं इसलिए मैं ख़ुद को बहुत लकी मानती हूं. फिलहाल मेरे पास टाइम ज़्यादा है, क्योंकि मुझे मेरी फिल्म की डेट्स के हिसाब से काम करना पड़ता है, लेकिन रवि डेली सोप कर रहे हैं इसलिए उनके पास बिल्कुल भी टाइम नहीं है, हम दोनों एक छत के नीचे रह रहे हैं, हमारे लिए इतना ही काफ़ी है.

प्रोफेशनल लाइफ में एक-दूसरे को कितना सपोर्ट करते हैं?
रवि दुबे: हम दोनों एक ही प्रोफेशन में हैं इसलिए अपने काम और शेड्यल को अच्छी तरह समझते हैं. अब कुछ ही दिनों में सरगुन अपनी फिल्म की शूटिंग के लिए बीस दिनों के लिए चली जाएगी और मैं इसके लिए मेंटली तैयार हूं, क्योंकि यही हमारे काम का पैटर्न है. मेरे शहर से बाहर जाने पर सरगुन भी सबकुछ संभाल लेती है.
सरगुन मेहता: रवि और मेरी बॉन्डिग इतनी मज़बूत है कि हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह जानते हैं. आप हमें एक-दूसरे का बैक बोन कह सकते हैं. हम एक-दूसरे को उसकी ख़ासियत और कमी दोनों बताते रहते हैं, ताकि हम साथ मिलकर आगे बढ़ सकें. रवि जानते हैं कि मैं क्या कर सकती हूं और मैं जानती हूं कि रवि में कितना पोटेंशियल है.

प्यार क्या है आपकी नज़र में?
रवि दुबे: मेरी नज़र में प्यार कंपैनियनशिप है. व़क्त के साथ आपके रिलेशनशिप के सारे पिलर्स टूटते जाते हैं, फिर चाहे वो लुक्स हो, फिज़िकैलिटी, लव-अफेयर का यूफोरिया… सबकुछ ध्वस्त हो जाता है. उसके बाद स़िर्फ एक-दूसरे की कंपनी बच जाती है. यदि आप दोनों को वाकई एक-दूसरे का साथ अच्छा लगता है, दुनिया में ऐसा कोई टॉपिक नहीं जो आप एक-दूसरे के साथ शेयर नहीं करते, तो आपका रिश्ता मज़बूत है और आप अपने रिश्ते में हमेशा ख़ुश रहते हैं. यदि आप के बीच कंपैनियनशिप नहीं है, तो जब आपके रिश्ते के सारे पिलर्स ढलते चले जाएंगे, तो आपको अपने रिश्ते को जस्टिफाई करने की वजहें ढूंढ़नी पड़ेंगी.
सरगुन मेहता: मेरी नज़र में प्यार वो है जो अपने आप होता चला जाए, जहां आपको सोच-समझकर या एफर्ट लगाकर कुछ करना न पड़े. आप अपने पार्टनर से दुनिया की हर बात शेयर कर सकें.

भाग्य या ईश्‍वर में विश्‍वास करते हैं?
रवि दुबे: आपकी लाइफ वैसे डिज़ाइन होती है जैसे आप सोचते हैं. यदि आपको लगता है कि ये इंडस्ट्री आपकी दोस्त नहीं दुश्मन है, तो आपको वैसे ही लोग मिलेंगे, लेकिन आप यदि पॉज़िटिव रहेंगे तो आपके साथ सबकुछ पॉज़िटिव होता चला जाएगा. मैं और सरगुन बहुत आशावादी हैं, हम हर चीज़ में पॉज़िटिविटी ही ढूंढ़ते हैं.
सरगुन मेहता: ईश्‍वर कह लीजिए या यूनिवर्स मेरा उसमें अटूट विश्‍वास है. ओपरा ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि मैं मेहनत करती जा रही थी और मेरे लिए लक सही समय पर सही जगह रखा हुआ था. मैं भी यही मानती हूं, आपको मेहनत करते हुए ख़ुद को अपने लक के लिए तैयार रखना चाहिए, वो ज़रूर आपके पास आएगा. यदि आप सच्चे दिल से पूरी ताक़त लगाकर कोई काम करते हैं, तो यूनिवर्स आपको आपकी चीज़ उतनी ही शिद्दत से सौंप देता है.

यह भी पढ़ें: तलाक के बाद भी टूटी नहीं हैं ये टीवी अभिनेत्रियां, हो गई हैं और भी मशहूर (6 TV Actresses Who Got Divorced But Now Are Successful)

आपका स्टाइल स्टेटमेंट क्या है?
रवि दुबे: मेरा स्टाइल बहुत सिंपल है. मैं बहुत एक्सपेरिमेंट नहीं करता. कैजुअल वेयर में मुझे बसिक डेनिम और टी-शर्ट पहनना पसंद है. फॉर्मल वेयर में क्लासिक थ्री पीस सूट पहनना पसंद है. कपड़ों के मामले में मैं फिर भी समझौता कर लूंगा, लेकिन एक्सेसरीज़ मैं बेस्ट क्वालिटी की ही ख़रीदता हूं. मेरे पास वॉचेस और ग्लेयर्स का अच्छा-खासा कलेक्शन है.
सरगुन मेहता: रवि बहुत कॉन्शियस रहते हैं कि उन्होंने क्या पहना है, लेकिन मुझे सबकुछ चलता है. मैं शूटिंग के बीच में ही कोई ड्रेस ख़रीद लूंगी और उसे अगले अवॉर्ड फंक्शन के लिए रख दूंगी. मैं स्टाइल के लिए इतना एफर्ट नहीं लगाती कि डिज़ाइनर या स्टाइलिश के पास जाऊं.

पार्टनर की किस बात से चिढ़ जाते हैं?
रवि दुबे: सरगुन बहुत ही ऑर्गनाइज़्ड लड़की है और मैं बहुत ही कैजुअल हूं. अक्सर वो मेरे सामने सौ-दो सौ पेपर लाकर रख देती है और डेडलाइन दे देती है कि सुबह तक इन सब पर साइन हो जाना चाहिए. सच कह रहा हूं, उस व़क्त मुझे बहुत खीझ होती है. (हंसते हुए) सरगुन जानती है कि वो यदि मुझे डेडलाइन नहीं देगी तो वो काम 10-15 दिनों तक टल जाएगा. मुझे पेपर वर्क बिल्कुल भी पसंद नहीं. सरगुन ना हो तो मैं ये सब कर ही नहीं पाऊंगा.
सरगुन मेहता: रवि फोन एडिक्ट हैं, हर पल फोन से चिपके रहते हैं, उनकी इस आदत से मुझे बहुत चिढ़ होती है.

आपकी अपनी वीकनेस क्या है?
रवि दुबे: कई बार मैं बहुत ढीला हो जाता हूं. वैसे तो मैं बहुत एक्टिव हूं, मेरा दिन सुबह छह बजे शुरू हो जाता है और रात एक-डेढ़ बजे ही ख़त्म होता है और उस दौरान लगातार कुछ न कुछ चलता ही रहता है, कई बार तो बैठने की भी फुर्सत नहीं होती, लेकिन कई बार मैं बहुत आलसी हो जाता हूं, फिर मुझे ख़ुद को उस मूड से बाहर धकेलना पड़ता है.
सरगुन मेहता: मेरी भी यही वीकनेस है, कई बार मैं बहुत आलसी हो जाती हूं.

आपके पार्टनर की वो कौन-सी ख़ासियत है जिस पर आप गर्व महसूस करते हैं?
रवि दुबे: सरगुन मेरी स्ट्रेंथ है. मैं बहुत आशावादी हूं, लेकिन जब मैं लो फील करता हूं तो सरगुन ही मुझे समझा पाती है, क्योंकि वो भी मुझसे ज़्यादा आशावादी है.
सरगुनः रवि को आप गूगल मैन कह सकती हैं, वो बहुत अपडेटेड रहते हैं, उनके साथ आपको कुछ भी सर्च करने की ज़रूरत नहीं पड़ती.

घूमने के कितने शौकीन हैं और कहां घूमना पसंद करते हैं?
रवि दुबे: हम दोनों ही घूमने के बहुत शौकीन हैं और टाइम मिलने पर घूमने निकल जाते हैं. हमारे हनीमून का टूर बहुत यादगार था, हम हनीमून के लिए यूरोप गए थे जहां हमने एक साथ कई यादगार पर बिताए, बहुत सारे नए दोस्त बनाए, यूरोप को पूरी तरह से एक्सप्लोर किया. मैं सरगुन के साथ फिर से यूरोप टूर पर जाना चाहूंगा.
सरगुन मेहता: हमें नई-नई जगहों पर घूमने जाना बहुत पसंद है. हालांकि हमें बहुत ज़्यादा टाइम नहीं मिल पाता, फिर भी हम टाइम निकालकर शॉर्ट ट्रिप तो प्लान कर ही लेते हैं. हां, हमारा हनीमून ट्रिप बहुत ख़ास था.

यह भी पढ़ें: 6 मशहूर टीवी एक्ट्रेस जो अब स्क्रीन पर नज़र नहीं आती, क्या है इनकी गुमनामी की वजह (6 Famous TV Actresses Who Disappeared From The Small Screen)

Ravi Dubey And Sargun Mehta

कितने फिटनेस कॉनिशयस हैं?
रवि दुबे: एक्टिंग के फील्ड में फिटनेस बहुत मायने रखती है. हमें फिटनेस के लिए अलग से टाइम निकालना ही पड़ता है. मैं सुबह लगभग दो घंटे रोज़ वर्कआउट करता हूं. मैं खाने का बहुत शौकीन हूं इसलिए खाने की क़ीमत वर्कआउट करके चुकाता हूं, क्योंकि मुझे इसके लिए ज़्यादा वर्कआउट करना पड़ता है. मुझे मीठा बहुत पसंद है, ख़ासकर चॉकलेट्स.
सरगुन मेहता: हम दोनों फूडी हैं इसलिए हमें रोज़ जिम में बहुत टाइम बिताना पड़ता है. बटर चिकन-बटर नान हम दोनों बहुत चाव से खाते हैं.

Ravi Dubey And Sargun Mehta

जब मैंने ख़ुद को पहली बार स्क्रीन पर देखा: रवि दुबे
पहली बार मैंने ख़ुद को एक ऐड फिल्म में स्क्रीन पर देखा था और वो ख़ुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती. मुझसे पहले हमारे परिवार में कोई भी इस इंडस्ट्री में नहीं था इसलिए ऐसा लग रहा था कि मैंने कुछ स्पेशल अचीव किया है. इससे पहले ख़ुद को दूसरों की शादी के वीडियोज़ में देखा था.
जब से मैंने होश संभाला, तभी से मैं इस इंडस्ट्री में आना चाहता था, लेकिन कैसे आना है ये तब तय नहीं था. दिल्ली से ग्रैज्युएशन करने के बाद में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने मुंबई आया. पढ़ाई के दौरान एक ऐड फिल्म में काम करने का मौक़ा मिला और उसके बाद एक के बाद एक मौ़के मिलते गए और मैं आगे बढ़ता गया.

…और मैंने एक्टिंग को चुन लिया: सरगुन मेहता
मेरे पैरेंट्स बहुत मॉडर्न ख़यालात के हैं. उन्होंने हम पर कभी अपने ़फैसले नहीं थोपे. हां, ये ज़रूर बताया कि क्या सही है और क्या ग़लत. जब मुझे इस इंडस्ट्री में पहला ब्रेक मिला, तो मैं पोस्ट ग्रैज्युएशन की पढ़ाई के लिए विदेश जा रही थी. जब मैंने अपने पैरेंट्स से इस ब्रेक के बारे में बात की, तो उन्होंने कहा कि तुम करना चाहती हो तो ज़रूर करो. अगर इस इंडस्ट्री में तुम नहीं चली तो पोस्ट ग्रैज्युएशन एक साल बाद कर लेना, लेकिन ऐसा करने की ज़रूरत नहीं पड़ी. मेरा एक्टिंग करियर चल पड़ा.
– कमला बडोनी

आप पिछले कुछ दिनों से अपने पति के बर्ताव में बहुत बदलाव महसूस कर रही हैं. कहीं ऐसा तो नहीं कि वे किसी और से प्यार करने लगे हैं? जी हां, किसी के प्रति भरोसेमंद रहने के लिए बहुत प्रयासों की ज़रूरत होती है, लेकिन किसी को धोखा देने के लिए बस थोड़ा-सा बहक जाना ही काफ़ी है. यदि आपको यह डर सता रहा है तो अपने पति में आए बदलाव पर ग़ौर कीजिए और समय रहते ही संभाल लीजिए उन्हें. यदि आपको इस बात का अंदेशा सता रहा है कि आपके पति किसी और के प्यार में पड़ गए हैं, तो इन बातों पर ग़ौर फ़रमाइए. यदि ये बातें उन पर सही बैठती हैं, तो व़क़्त है आपके संभलने का, साथ ही, उन्हें भी संभालकर सही ट्रैक पर लाने का.

Partner Is Cheating

1) क्या आपकी सेक्स लाइफ अब पहले जैसी नहीं है?
पहले आपकी सेक्स लाइफ़ बहुत रोमांटिक थी, लेकिन आजकल उन्हें सेक्स में कोई ख़ास दिलचस्पी नहीं है. पहले आपकी पहल पर वे रोमांटिक हो जाते थे, पर आजकल जब आप पहल करती हैं तो भी वे कहते हैं कि मैं थका हुआ हूं, तनाव महसूस कर रहा हूं, काम का बोझ बहुत है… या फिर ऐसा ही कोई और बहाना. कई बार  इसका कारण होता है वो गिल्ट जो दूसरे अ़फेयर की वजह से होता है. तो सतर्क हो जाइए और पता कीजिए कि उनके ये सेक्स से बचने के बहाने कितने सही हैं?

2) क्या आपके पति घर पर रेस्टलेस हो जाते हैं?
पहले तो वे घर पर आपके साथ व़क़्त बिताने में एंजॉय करते थे, लेकिन आजकल उनकी बॉडी लैंग्वेज और व्यवहार से आपको लगता है कि वे बहुत रेस्टलेस (व्यग्र) हो रहे हैं. आपके साथ बाहर जाना तो उन्होंने लगभग बंद ही कर दिया है, लेकिन जब घर पर भी रहते हैं तो बड़ा बोर फ़ील करते हैं और अकेले बाहर जाने के मौ़के चूकना ही नहीं चाहते.  उनकी आदतों में आए इस बदलाव को नज़रअंदाज़ न करें और इसकी वजह ढूंढ़ने में ज़रा भी देर न लगाएं.

3) क्या आपके पति इन दिनों हमेशा महकते रहते हैं?
वो फैशन कॉन्शियस तो कभी नहीं थे. दिन में एक बार डियो या पऱफ़्यूम लगाना ही उनकी आदत में था, लेकिन अब वे सुबह-शाम, यहां तक कि रात में भी महकते रहते हैं यानी मामला नाज़ुक है… आप को चौकन्ना होना होगा.

यह भी पढ़ें: किस महीने में हुई शादी, जानें कैसी होगी मैरिड लाइफ? (Your Marriage Month Says A Lot About Your Married Life)

Partner Is Cheating

4) क्या आपके पति इन दिनों नए ट्रेंड्स के बारे में जानने लगे हैं?
पहले तो उन्हें ब्रान्ड्स और फैशन का कोई ख़ास आइडिया ही नहीं होता था, पर इन दिनों अचानक ही वे अपने कपड़ों को ले कर ट्रेंडी हो चले हैं. बात यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि अब तो वे आपको भी लेटेस्ट ट्रेंड्स के बारे में मश्‍वरा देने लगे हैं. ये आप के लिए ख़तरे का साइन है और ज़रूरत है कि आप मामले की तह तक जाएं.

5) क्या आपके पति आजकल बनठन कर ऑफिस जाते हैं?
पहले सैटरडे को ऑफ़िस जाना हो तो मुंह बन जाता था, पर आजकल साहब सैटरडे को भी बहुत बनठन कर निकलते हैं. बाज़ार जा रहे हों या जिम… पहले तो कपड़े सलेक्ट करने में इतना टाइम नहीं लगता था जितना अब लगता है. घर से निकलने के पहले बनने-संवरने में इतना समय पहले तो नहीं लगाते थे. तो… अब ये तैयारी किस लिए? जी हां, आपके कान खड़े हो जाने चाहिए, क्योंकि दाल में कुछ तो काला ज़रूर है.

6) क्या आपके पति आजकल कुछ ज्यादा ही एक्सक्यूज़ेस देने लगे हैं?
अक्सर ही वो रात देर से घर आते हैं और आते ही ऑफ़िस कलीग्स, ऑफ़िस कल्चर को कोसना शुरू कर देते हैं. ऑफ़िस की लेट नाइट पार्टीज़ के सिर देर से आने का ठीकरा तो फोड़ देते हैं, लेकिन जब आप उनसे पार्टी के वेन्यू के बारे में पूछती हैं तो उनकी याददाश्त कुछ कमज़ोर-सी हो जाती है और वे अपनी थकान की आड़ लेते हुए आपको सोने की सलाह दे कर ख़ुद झट से गहरी नींद में सो जाते हैं. जितना लंबा एक्सक्यूज़ होगा, उनकी पोल खुलने का ख़तरा भी तो उतना ही ज़्यादा होगा यानी अब आपके डिटेक्टिव बनने का समय आ गया है.

यह भी पढ़ें: न्यूली मैरिड के लिए मॉडर्न ज़माने के सात वचन (7 Modern Wedding Vows For Newly Married)

Heartbreak

7) क्या आपके पति आजकल बात-बात पर चौंक जाते हैं?
जैसे ही आप बेडरूम में एंटर होती हैं, जनाब चौंक कर अपने लैपटॉप की विंडोज़ को बंद कर देते हैं. उनका मोबाइल ऑपरेट करने के लिए लगने वाला पासवर्ड या पिन नंबर अचानक ही बदल गया है. एक तो उन्होंने आपको अपना पिन नंबर बताया नहीं है और यदि बता दिया है तो उसे दोबारा बदल दिया है… यदि अचानक ही उन्होंने एक और मोबाइल ले लिया है और उसके बारे में पूछने से पहले आपको बताया ही नहीं तो समझ जाइए कि आपका शक़ बेबुनियाद नहीं है. ये जो इन दिनों वो आपसे सीक्रेट्स रखने लगे हैं, आपके  सतर्क होनेे के लिए इतना बहुत है. अपने जासूसों का जाल फैलाइए और उनकी इन नई आदतों की वजह जानने की ईमानदार कोशिश कीजिए.

8) क्या आपके पति का डिफेंस दिनोंदिन मज़बूत हो रहा है?
उनके देर से आने को ले कर आप हमेशा ही शिक़ायत करती रही हैं और दस में से पांच बार वे आपको इसका कारण भी बताते रहे हैं, लेकिन इन दिनों एक तो वे अक्सर ही देर से आ रहे हैं और आपकी शिक़ायत पर उनका ड़िफेंस बहुत स्ट्रॉन्ग होता है. वे आपसे कहने लगे हैं कि एक तो वे इतना काम कर के, थक के आते हैं और आप से उन्हें हमेशा शिक़ायत ही मिलती है, प्रोत्साहन कभी नहीं. या फिर वे आप से ही प्रश्‍न करने लगते हैं कि तुम इतनी ओवर पज़ेसिव क्यों हो? या फिर तुम थोड़ा प्रैक्टिकल क्यों नहीं बन जातीं? ऐसे जवाब मिलने पर आपके सेंसर्स को मैसेज मिल जाना चाहिए कि मामला गड़बड़ है.

9) क्या आप दोनों के बीच अब टच थैरेपी अब नहीं रही?
पहले आप सप्ताह में एक बार साथ बैठ कर ढेर सारी बातें करते थे. एक-दूसरे के हाथों का वो स्पर्श किसी टच थैरेपी-सा काम करता था. अब उनके पास समय ही नहीं है कि वे आपके लिए समय निकाल सकें. तो ज़रूरी है कि आप इसकी वजह ढूंढ़ें और उन्हें खोने से पहले ही दोबारा पा लें.

ऑफ़िस में पहला दिन था. सहमी-सहमी सी थी मैं. खुद को यहां साबित करना है, आगे बढ़ना है… अपनी मेहनत औरइरादों के बूते. इतने में ही ऑफ़िस बॉय आया और कहने लगा सर ने आपको बुलाया है.

मैं नॉक करके अंदर गई- सो मिस शक्ति, वेल्कम! आपका स्वागत है इस कम्पनी में. उम्मीद है आप जैसी होनहार लड़कीबहुत जल्द आगे बढ़ेगी.

मैं उनको थैंक यू कहकर बाहर आई तो अलग ही ऊर्जा महसूस कर रही थी. कितने अच्छे बॉस मिलें हैं मुझे, इतना हौसलादेनेवाले और ज़िंदादिल.

मैं अपने काम में जुट गई और फिर धीरे-धीरे बॉस के दिल में अपने काम से अलग जगह भी हासिल कर ली. 

वो मुझपर भरोसा करते थे इसलिए बड़ी ज़िम्मेदारी मुझे ही देते. उनके साथ काम करते करते कब मैं उनके इतने क़रीब आगई ख़ुद मैं भी नहीं जान पाई.

आजकल ना जाने क्या हो गया था, वो बोलते रहते और मैं बस उनको देखती रह जाती. गुड लुकिंग तो वो थे ही, हमउम्र भीथे. 

उनकी ग़ैरहाज़िरी में उनके टेबल पर रखी चीजों को छूकर उनका एहसास, उनकी ख़ुशबू अपने अंदर समेट लेती.

जब भी वो पास से गुज़रते या मैं उनके क़रीब रहती तो उनकी वो भीनी-भीनी ख़ुशबू मुझे मदहोश कर देती. मन में कई हसीनऔर रंगीन ख़्वाब पलने लगे थे. अगले ऑफ़िस जाने का इंतज़ार रात से ही रहता. ख़ुद को कई बार आइने में निहारती औरफिर यही सोचती कि उनको तो मैं पसंद ही हूं… लेकिन पता नहीं अब तक प्रपोज़ क्यों नहीं किया… 

एक रोज़ पता चला उनकी पोस्टिंग दूसरे शहर हो गई है, मन आहत हुआ, मैंने सोचा उनसे अपने दिल की बात मैं ही कह दूं. 

उनके कैबिन में गई तो कोई और भी था. उन्होंने कहा कि आ जाओ सब अपने ही हैं, कोई पराया नहीं. फिर उन्होंने मेरापरिचय करवाया- शीतल, यही है शक्ति, जिनकी तारीफ़ों के पुल मैं अक्सर तुम्हारे सामने बांधता था और तुम कहती थीकभी मिलवाओ भी अपनी शक्ति से. 

यह सुन मैं शर्म से लाल हो गई… धड़कनें तेज़ थीं क्योंकि मुझे लगा कि विनोद सर भी मेरे बारे में वही सोचते हैं जो मैं, तभीतो सबको बता रखा है. 

अरे शक्ति, कहां खो गई? तुम्हारा तो परिचय करवा दिया पर तुम भी इनसे मिल लो, ye है रितु, मेरी मंगेतर, मेरी जान! 

ये सुनते ही मेरे होश उड़ गए, ऐसा कैसे हो सकता है? मुझे प्यार के ख़्वाब दिखाकर… किसी और के साथ… 

अरे तुम फिर खो गई कहीं… क्या बात है शक्ति? तुम ठीक हो ना? सॉरी शक्ति मैं अपनी पोस्टिंग की बात तुम्हें कल बतानहीं पाया. मैं तुम्हें मिस करुंगा. तुम्हारे बिना काम करने की आदत नहीं. तुम जैसी होनहार लड़की और कॉलीग मिलनामुश्किल है. मैं तुम्हें बहुत एडमायर करता हूं, यक़ीन ना हो तो रितु से पूछ लो… विनोद सर बोलते जा रहे थे और मैं किसीतरह अपने आंसू रोकने की कोशिश में थी. 

इतने में रितु ने कहा- हां शक्ति, विनोद अक्सर तुम्हारे टैलेंट और मेहनत का ज़िक्र करते रहते हैं. कल कह रहे थे कि शक्तिके बिना नई जगह खुद को अधूरा महसूस करुंगा. तुम बहुत आगे जाओगी अपने करीयर में, क्योंकि विनोद इतनी जल्दीकिसी से इम्प्रेस नहीं होते. 

मैंने उन दोनों को शुभकामनाएँ दीं और घर आकर ख़ूब रोई. जब मन का सारा कड़वापन धुल गया तब सब कुछ साफ़ नज़रआया. 

सच तो है, सर ने तो हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया था, मेरे काम और करीयर से जुड़ी ही बातें करते थे वो तो मैं ही थी जोउनकी तरफ़ खिंचती गई और उनके बड़प्पन को ग़लत नज़रिए से देखने लगी. कितना साफ़ दिल है उनका. अपनी मंगेतर केसामने भी कितनी साफ़गोई से मेरे हुनर को सराह रहे थे. 

और रितु भी उतनी ही साफ़ दिल की है जो बिना किसी परेशानी के मुझे ही हौसला दे रही थी. सच में बहुत प्यारी जोड़ी थीदोनों की. मेड फ़ॉर ईच अदर! 

मुझे अब उनसे और भी गहरा प्यार हो गया था, पर इस प्यार में शारीरिक आकर्षण नहीं, ख़ालिस मोहब्बत थी, इज़्ज़त थी, स्नेह था और ढेर सारी दुआएं… इस पाक मुहब्बत पर नाज़ था अब मुझे और अपनी पसंद पर भी. 

मेरा पहला प्यार भले ही ख़्वाब था पर हसीन था!

बिट्टू

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: रेत अभी प्यासी है… (Pahla Affair: Ret Abhi Pyasi Hai)

हर पल साथ हैं, पर कुछ दूरियां-सी थी हममें… करीब आए तो नज़दीकियों की गर्माहट से पिघलने लगे… कुछ ऐसा ही हुआ था, उनके संग बिताए उन लम्हों में… कभी जज़्बात की आंधी ने मदहोश किया… तो कभी उनके प्यारभरे साथ ने दीवाना कर दिया… मोहब्बत के एहसास ने इस कदर सराबोर कर दिया कि ख़ामोशियां भी गुनगुनाने लगी…

 Romantic Couples

एक पत्नी की हमेशा चाहत रहती है हमसफ़र को रोमांटिक बनाने की. लेकिन देखा जाए, तो जीवनभर का साथ जैसी सोच ही कभी-कभी पति-पत्नी को एक-दूसरे के प्रति लापरवाह  बना देती है. उस पर पति महोदय अंतर्मुखी स्वभाव के हों, तो स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है. पति-पत्नी का रिश्ता जितना गहरा होता है, उतना ही टकरावभरा भी होता है. आमतौर पर पुरुषों के व्यवहार के कई रूप देखने को मिलते हैं, जैसे- आक्रामक, दयालू, नम्र, कठोर, धीर-शांत, ख़ुशमिजाज़, रोमांटिक या फिर बोरिंग… अब इन बोरिंग पतियों को कैसे प्रेमी बनाया जाए? आइए, कुछ दिलचस्प फॉर्मूलों पर एक नज़र डालते हैं.

* सुबह की शुरुआत पति को प्यारभरी किस देकर या फिर प्यार के साथ करें. ऐसा करने से दो बातें होंगी. एक- पति महाशय का दिल दिनभर ख़ुश रहेगा, जिसका असर काम से आने के बाद शाम को आप दोनों की मुलाक़ात पर भी दिखेगा. दूसरा- आपको ही नहीं, उन्हें भी आपसे मिलने का इंतज़ार रहेगा.

* पति की पसंद की डिश बनाकर, साथ ही उनकी पसंद का आउटफिट पहनकर घर पर ही कैंडल लाइट डिनर का कार्यक्रम बनाएं. आपका यह अंदाज़ उन्हें आपके और भी क़रीब ले आएगा.

* पति को प्रेमी बनाने का सबसे बेहतरीन तरीक़ा है, सरप्राइज़ गिफ्ट देना. आपके हसबैंड बहुत दिनों-से अपनी कोई पसंदीदा चीज़ लेना चाह रहे हैं, पर कई वजहों से नहीं ले पा रहे हैं. इस बारे में आपको पता है. ऐसे में जब उनकी पसंद का यह तोह़फ़ा आप उन्हें अचानक देंगी, तब वे हैरान हुए बगैर नहीं रह सकते. साथ ही उन्हें आप पर ढेर सारा प्यार भी आ जाएगा.

* बेडरूम का माहौल रोमानी हो जाए, तो भला उन्हें बेकरार होने से कौन रोक सकता है. बेड पर उनकी पसंद की बेडशीट बिछाएं. ख़ुशबूदार रूम फ्रेशनर, रोमांटिक म्यूज़िक और आपकी सेक्सी स्टाइलिश नाइटी पूरे माहौल को हॉट बना देगी. ऐसे में पति के होश न उड़ जाएं, तो कहना.

* मसाज थेरेपी रामबाण का काम करती है. ख़ासकर ऐरोमा ऑयल से आपके नर्म-मुलायम हाथों से किया गया थोड़ा-सा हल्का मसाज भी उन्हें प्यार की ख़ुमारी से भर देगा. इस टच थेरेपी का आनंद आप दोनों ही उठा सकते हैं, पहल आप करें, फिर उन्हें इसमें शामिल होते देर नहीं लगेगी.

यह भी पढ़े१० रोमांटिक तरीक़ों से पार्टनर को कहें आई लव यू (10 Romantic Ways To Say I Love You)

* एक ही तरह से सेक्स न करें. कभी एग्रेसिव व वाइल्ड तरी़के से प्यार करें, तो कभी जगहों को बदल दें. बेडरूम के अलावा अन्य जगहों पर भी प्यार का लुत्फ़ उठाएं. उस पर मौसम मेहरबान हो जाए यानी रिमझिम बारिश की फुहार भी होने लगे, तो मानो सोने पे सुहागा.

* ऑफिस जाने से पहले और आने के बाद जब पति से सामना हो, तो उन्हें प्यारभरी नज़र से देखें या फिर गले लग जाएं. चुपके-से, धीरे-से कानों के पास गले के क़रीब प्यार करें. इससे न केवल उनकी थकान दूर हो जाएगी, बल्कि दिलोदिमाग़ में प्यारभरी ख़ुमारी भर जाएगी.

* वीकेंड में अधिक-से-अधिक समय साथ बिताएं. फिर चाहे कोई रोमांटिक फिल्म देखना हो, अपने मनपसंद रेस्टॉरेंट में कैंडल लाइट डिनर करना हो या फिर लॉन्ग ड्राइव पर रोमांटिक गीतों का आनंद लेते हुए सफ़र करना हो… इससे न केवल हफ़्तेभर के काम का बोझ सिर से उतर जाएगा, बल्कि बॉडी भी पूरी तरह से रिलैक्स हो जाएगी.

* सेकंड हनीमून पर जाएं. अधिकतर कपल शादी के शुरुआती दौर में ही अधिक घूमने-फिरने जाते हैं. ऐसा न करें. जब भी समय मिले सेकेंड हनीमून के लिए जाएं. उन प्यारभरे लम्हों को दोबारा जीएं. रिवाइव करें अपने मोहब्बत के पलों को. यह आपकी नीरस-सी हो रही ज़िंदगी में कई गुदगुदाते रंग भर देगा.

* कभी फोन पर, तो कभी छोटा-सा नोट लिखकर, कभी रात में सरगोशियां करते हुए, तो कभी सभी के बीच में इशारों से ‘आई लव यू’ कहें. अपने प्यार का इज़हार करें, पर नज़ाकत के साथ. आपकी यह शरारत उन्हें दीवाना कर जाएगी.

ऊषा गुप्ता

यह भी पढ़ेनीरस सेक्स लाइफ में लाएं गरमाहट (Heat Up Your Boring Sex Life)

रिश्ते के लिए शरीर की कमज़ोरी को दूर करने के लिए डॉक्टर हमें टॉनिक देते हैं, ताकि हमारा शरीर स्वस्थ व मज़बूत रहे, लेकिन अगर वैवाहिक रिश्ता कमज़ोर होने लगे, तो क्या करें? हैप्पी कपल्स की तरह आप भी अपने रिश्ते को पिलाएं प्यार की घुट्टी. जी हां, अपने रिश्ते को दें लव टॉनिक और अपने दांपत्य जीवन को स्वस्थ व मज़बूत बनाएं.

Relationship Tips
आज की भागदौड़ में अक्सर पति-पत्नी एक-दूसरे के लिए व़क्त ही नहीं निकाल पाते, जिससे उनके रिश्ते में ठंडापन आने लगता है. अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हो रहा है, तो एक-दूसरे के साथ क्वालिटी समय बिताने के लिए और रिश्ते में गर्माहट लाने के लिए करें कुछ ख़ास.
1. एक साथ खाना बनाएं
आजकल ज़्यादातर कपल्स वर्किंग होते हैं, ऐसे में एक-दूसरे के साथ ज़्यादा से ज़्यादा व़क्त बिताने का यह एक अच्छा तरीक़ा है. भले ही आपको खाना बनाना न आता हो, पर किचन में अपने पार्टनर का हाथ बंटाकर आप अपने रिश्ते को लव डोज़ ज़रूर दें. कुकिंग टाइम को और इंट्रेस्टिंग बनाने के लिए खाना बनाते-बनाते कभी-कभार अंताक्षरी भी खेल सकते हैं.

2. एक क़िताब पढ़े, दूसरा सुने
अगर आपकी ही तरह आपके पार्टनर को भी क़िताबों का शौक़ है, तो बुक रीडिंग से भी आप अपने रिश्ते को लव टॉनिक दे सकते हैं. बेड टाइम के लिए यह एक बढ़िया नुस्ख़ा है. अपने-अपने मोबाइल पर सोशल मीडिया फॉलो करने की बजाय अपने रिश्ते को फॉलो करें.

3. सुबह या शाम टहलने जाएं
यह अगर आपके डेली रूटीन का हिस्सा बन सके, तो बहुत ही अच्छा होगा, पर अगर नहीं, तो कम से कम हफ़्ते में 2 दिन सुबह या शाम को एक साथ टहलने जाएं. अगर सुबह व़क्त नहीं, तो डिनर के बाद वॉक पर जाएं. सेहत के साथ-साथ रिश्ता भी मज़बूत होगा.

4. एक साथ शावर लें
छुट्टी का दिन वर्किंग लोगों के लिए काफ़ी आलसभरा होता है. इस दिन को आप अपने रिश्ते को मज़बूत करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए सबसे आसान तरीक़ा है एक साथ शावर लेना. एक साथ शावर लेने से आप दोनों ही दिनभर रोमांस महसूस करेंगे. आपके रिश्ते के लिए यह एक बेहतरीन लव टॉनिक का काम करेगा.

5. डिनर या मूवी के लिए जाएं
हर कपल के लिए यह रूल होना चाहिए कि महीने में एक बार डिनर वो बाहर करें या फिर मूवी देखें. पति-पत्नी के लिए एक साथ समय बिताने के बहाने जितने भी मिलें, उन्हें ज़रूर इस्तेमाल करें.

यह भी पढ़ें: सेक्स रिसर्च: सेक्स से जुड़ी ये 20 Amazing बातें, जो हैरान कर देंगी आपको

6. रोमांटिक गाने गाएं
कपल्स को रोमांटिक गाने हमेशा लुभाते हैं और अगर उसे आपके लिए आपका पार्टनर गाए, तो बात ही क्या है. गाना तो वैसे आप कभी भी गा सकते हैं. जब भी आपको लगे पार्टनर का मूड अच्छा नहीं, बस एक रोमांटिक गाना उनके लिए गाइए फिर देखिए, कैसे उनका मूड अच्छा हो जाता है. रात को सोेते समय गुड नाइट किस के साथ चंद ख़ूबसूरत लाइनें आप दोनों की मैरिड लाइफ को हमेशा ख़ुशहाल रखेंगी.

7. छोटे-छोटे सरप्राइज़ेस दें
प्यार जताने के लिए किसी गिफ्ट या सरप्राइज़ से बेहतर भला क्या होगा. ज़रूरी नहीं कि आप महंगे-महंगे गिफ्ट ही ख़रीदें, काग़ज़ के एक छोटे-से टुकड़े पर हार्ट में लिखा ङ्गआई लव यूफ भी उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए काफ़ी है. कभी-कभार एक गुलाब का फूल या चॉकलेट भी आपके रिश्ते के लिए लव टॉनिक का काम करेगा.

8. शरारतों से उन्हें लुभाएं
अटेंशन हर किसी को पसंद आता है और अगर आपका पार्टनर इस बात का ख़ास ख़्याल रखता है, तो आपकी लव लाइफ में कभी बोरियत नहीं आएगी. आपकी हल्की-फुल्की शरारतें और छेड़खानी, आपका उन्हें रिझाना न सिर्फ़ पार्टनर को हमेशा ख़ुश व रोमांचित रखता है, बल्कि आपकी मैरिड लाइफ को और भी ख़ुशगवार बनाता है.

9. वीकली मसाज थेरेपी अपनाएं
दिनभर ऑफिस में बैठकर काम करने से अक्सर कपल्स पीठदर्द, कंधे के दर्द और सिरदर्द से परेशान रहते हैं, जिसका चिड़चिड़ापन उनके रिश्ते को भी प्रभावित करता है. हर वीकेंड आप मसाज थेरेपी के लिए रख सकते हैं. एक-दूसरे को फुल बॉडी मसाज दें. यह न स़िर्फ तन की तंदुरुस्ती बढ़ाएगा, बल्कि एक-दूसरे के मन को भी मज़बूत बनाएगा.

10. आई लव यू कहने में कंजूसी न करें
इन गोल्डन वर्ड्स में ग़ज़ब की जादुई ताक़त है, यह न सिर्फ़ आपके पार्टनर के मूड को हमेशा अच्छा रखता है, बल्कि आपके वैवाहिक जीवन को भी ख़ुशगवार बनाए रखता है, तो फिर कंजूसी किस बात की. जब भी मौक़ा मिले, दिल खोलकर ई लव यू कहें.

11. कॉम्प्लीमेंट देकर ख़ुश करें
कभी भी न अपने रिश्ते को और न ही अपने पार्टनर को फॉर ग्रांटेड लें. अगर पार्टनर अच्छा दिख रहा है, तो उसके लुक्स की तारीफ़ ज़रूर करें. अगर उन्होंने कुछ अचीव किया है, तो कॉम्प्लीमेंट के साथ चॉकलेट या गुलाब का फूल भी दें. ये छोटी-छोटी चीज़ें आपके रिश्ते के लिए बेशक लव टॉनिक का काम करेंगी.

12. गुड मॉर्निंग और गुड नाइट किस जारी रखें
ऐसा होता है कि नई-नई शादी में कपल्स को गुड मॉर्निंग-गुड नाइट किस याद रहती है, पर धीरे-धीरे बढ़ती व्यस्तता में वे इसे भूलने लगते हैं और धीरे-धीरे यह सिलसिला बंद हो जाता है. यही आप अपने रिश्ते में न होने दें. अगर आपके रिश्ते में भी यह नहीं है, तो आज से ही शुरू करें.

13. मोबाइल को लव मैसेंजर बनाएं
ऑफिस की व्यस्तता के बीच आपके पार्टनर द्वारा भेजा गया लव स्माइली या फोटो या सेल्फी आपके मूड को फ्रेश कर देता है.

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: 7 तरह के सेक्सुअल पार्टनरः जानें आप कैसे पार्टनर हैं