Love Story

संगीत जगत के लेजंड राहुल देव बर्मन यानी आर.डी. बर्मन ने बॉलीवुड को संगीत का ऐसा सुनहरा दौर दिया, जिस पर आज भी लोग झूम उठते हैं. 60 से लेकर 80 के दशक तक आर.डी. बर्मन ने एक से बढ़कर एक सुपरहिट गानों के साथ दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया था. आर.डी. बर्मन की ज़िंदगी जितनी दिलचस्प थी, उतनी ही दिलचस्प थी उनकी लव स्टोरी. कैसे शुरू हुई आर.डी. बर्मन और आशा भोसले की म्यूज़िकल लव स्टोरी? आज (27 जून) आर.डी. बर्मन यानी पंचम दा का जन्मदिन है. आइए, हम आपको बताते हैं उनकी ज़िंदगी और उनकी लव स्टोरी से जुडी कुछ दिलचस्प बातें.

RD Burman

ऐसे शुरू हुई थी आर.डी. बर्मन और आशा भोसले की म्यूज़िकल लव स्टोरी
आर.डी. बर्मन और आशा भोसले की पहली मुलाकात एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो में हुई थी, जहां आर.डी. बर्मन के पिता एस डी बर्मन ने दोनों को मिलवाया था. तब तक आशा भोसले ने इंडस्ट्री में अच्छी खासी पहचान बना ली थी, जबकि आरडी बर्मन मशहूर संगीतकार सचिन देव बर्मन के टीएनज बेटे थे. करीब 10 साल बाद वो मौका आया जब आरडी बर्मन ने फिल्म ‘तीसरी मंजिल’ के लिए आशा भोसले से गाने के लिए संपर्क किया. तब तक पंचम दा और आशा भोसले दोनों की ही पहली शादी टूट चुकी थी. पंचम दा अपनी पहली पत्नी रीता पटेल से अलग हो गए थे. उस वक्त पंचम दा अपनी पहली पत्नी रीता पटेल से इतना परेशान हो चुके थे कि घर छोड़कर होटल में रहने चले गए थे. आशा भोसले जी की भी पहली शादी सुखद नहीं थी. आशा जी अपने पति गणपतराव भोसले से बिल्कुल खुश नहीं थीं. और फिर एक दिन आशा जी ने अपने बच्चों के साथ अपनी बहन के घर की ओर रुख कर लिया. उसी दौरान आशा जी लगातार पंचम दा के लिए गाने गा रही थीं. पंचम दा का संगीत और आशा जी की सुरीली आवाज उन्हें एक-दूसरे के करीब ला रहे थे. कई सालों तक बिना कुछ कहे दोनों के एहसास संगीत में घुलते-मिलते रहे. उस वक़्त दोनों ने एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए थे. पंचम दा का आशा जी को प्रपोज़ करने का अंदाज़ भी बहुत निराला था. आशा जी ने एक खास बातचीत के दौरान बताया था कि शादी के लिए प्रपोज़ करते वक्त भी पंचम दा ने म्यूजिक का सहारा लिया था. उन्होंने आशा जी से कहा कि मेरे सुरों को तुम ही समझ सकती हो. पंचम दा की इस बात को आशा जी समझ गई थीं और उन्होंने शादी के लिए हां कर दी थी. लेकिन आरडी बर्मन और आशा भोसले की शादी का रास्ता इतना आसान नहीं था. आशा जी उम्र में पंचम दा से बड़ी थीं इसलिए पंचम दा की मां इस रिश्ते के खिलाफ थीं, उन्होंने इस शादी के लिए साफ मना कर दिया था. आशा जी से शादी के लिए आरडी बर्मन को लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन आखिरकार दो प्यार करने वाले एक हो ही गए. आर.डी. बर्मन और आशा भोसले की म्यूज़िकल लव स्टोरी बहुत लंबी नहीं थी. शादी के 14 साल बाद ही पंचम दा 54 साल की उम्र में इस दुनिया से चले गए. पंचम दा के चले जाने के बाद आशा जी बिल्कुल टूट गई थीं, कई सालों बाद वो सामान्य हो पाई थीं.

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उस वक्त आशा भोलसे सिर्फ पंचम दा के लिए ही रिकॉर्डिंग करती थीं
फिर एक समय ऐसा भी आया, जब आशा भोलसे सिर्फ पंचम दा के लिए ही रिकॉर्डिंग करती थीं. वर्ष 1981 में जब म्यूजिशियन कल्याण सेन ने फिल्म ‘मुन्नी बाई’ के एक गाने की रिकॉर्डिंग के लिए आशा भोलसे को अप्रोच किया और गाने की रिकॉर्डिंग के लिए उनके पीए बाबू भाई के जरिए आशा जी की रजामंदी भी मिल गई, साथ ही 5 हजार रुपए फीस तक तय हो चुकी थी, ऐसे में जब कल्याण सेन अपनी पूरी टीम के साथ रिकॉर्डिंग के लिए पहुंचे, तो बाबू भाई ने कहा कि आशा जी के दांत में दर्द है आप बाद में आना. बता दें कि आशा जी उसी दिन अपने पति आर डी बर्मन के लिए रिकॉर्डिंग कर रही थीं. जब इस बात की खबर कल्याण सेन को मिली, तो वो रोते हुए आर डी बर्मन के ऑफिस पहुंच गए. कल्याण सेन की बातें सुनते ही पंचम दा ने आशा जी को कसकर डांट लगाई और अपनी रिकॉर्डिंग कैंसिल करवा दी.

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ऐसा था पंचम दा का संगीत का सफर
बॉलीवुड में पहली बार फिल्म ‘छोटे नवाब’ में म्यूजिक की शुरूआत करने वाले आर डी बर्मन को राजेश खन्ना स्टारर फिल्म ‘अमर प्रेम’ के गानों से म्यूजिक इंडस्ट्री के साथ-साथ दुनियाभर में पहचान मिली. इस फिल्म में ‘चिंगारी कोई भड़के’, ‘कुछ तो लोग कहेंगे’ जैसे गानों को दर्शक आज भी गुनगुनाते हैं. आर डी बर्मन को भले ही संगीत विरासत में मिला हो, मगर बहुत कम उम्र में ही उन्होंने अपनी खुद की स्टाइल इजाद कर ली और नए जमाने के संगीतकार बन गए. कई लोग उन्हें आने वाली पीढ़ी का संगीतकार भी कहते थे. आरडी बर्मन के म्यूजिक के लिए एक्सपेरिमेंट्स काफी चर्चित हैं. बताया जाता है कि वे बारिश की बूंदों के साउंड की रिकॉर्डिंग के लिए घंटों बाल्कनी में बैठे रहते थे, रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों जैसे सोडा बॉटल तक को इंस्ट्रूमेंट की तरह यूज करते थे. पंचम दा अलग तरह का खुद का म्यूजिक बना सकें इसके लिए वो अपने म्यूजिशंस की पीठ तक बजाकर देखते थे. जैज, कैबरे, डिस्को और ओपरा म्यूजिक से भारतीय सिनेमा को समृद्ध करने वाले आरडी बर्मन को उनके चाहने वाले कभी नहीं भूल सकते. उनके रोमांटिक गानों को आज भी कोई टक्कर नहीं दे सकता. तुम आ गये हो नूर आ गया है, मुसाफिर हूँ यारों, सर जो तेरा चकराए, मेरा कुछ सामान, चिंगारी जो भड़के, ओ मेरे दिल के चैन, ये जो मोहब्बत है, बड़े अच्छे लगते हैं, रोज़ रोज़ आखों तले, एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा जैसे कई सुपरहिट गाने पंचम दा ने बॉलीवुड को दिए हैं और ये गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं.

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RD Burman

आप भी सुनिए आरडी बर्मन के ये सुपरहिट गाने:

तुम आ गये हो नूर आ गया है

ओ मेरे दिल के चैन

चिंगारी जो भड़के

बड़े अच्छे लगते हैं

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा

टीवी का सबसे मशहूर शो और उसके लीड ऐक्टर व ऐक्ट्रेस सबसे फेमस कपल बन गए थे. पवित्र रिश्ता और मानव-अर्चना घर घर में सबके फेवरेट बन गए थे. अंकिता लोखंडे और सुशांत सिंह राजपूत ने इसी शो से ना सिर्फ़ दर्शकों का बल्कि एक- दूसरे का भी दिल जीता था. दोनों में प्यार हुआ और लगभग छः साल तक उनका ये रिश्ता टिका रहा. लेकिन जिस वक़्त सबको इंतज़ार था दोनों की शादी का उसी वक़्त दोनों ने अलग होने का फ़ैसला करके सबको चौंका दिया था और अब सुशांत की अचानक मौत ने भी सबको बेहद चौंका दिया.

sushant singh rajput and ankita lokhande

लेकिन अब जाकर यह बात सामने आई कि अंकिता से अलग होने के बाद सुशांत पूरी तरह टूट चुके थे. क्योंकि उन्हें अंकिता जितना प्यार करने वाली व समझनेवाली कोई नहीं मिली. यही वजह है कि दोनों के दोस्त इस बात को कह रहे हैं कि अगर अंकिता सुशांत के साथ होती तो वो जीवित होते. लेकिन होनी को भला कौन टाल सकता है.

sushant singh rajput and ankita lokhande

ब्रेकअप के बाद सुशांत ने कहा था कि यह उनका निजी मामला है और वो वही करते हैं जो उन्हें पसंद है.

वहीं दूसरी ओर अंकिता में भी सुशांत से अलगाव के बाद काफ़ी बदलाव आया था. अलगाव के बाद वो बेहद दुखी थीं और उनके सोशल मीडिया पोस्ट इसकी गवाही देते थे. वो पवित्र रिश्ता के सेट को मिस करने की बात करती थीं और रिश्तों को लेकर भी उन्होंने काफ़ी कुछ लिखा था कि रिश्तों की मर्यादा बनाए रखने में वो यक़ीन करती हैं ना कि उसका प्रचार करने में.

sushant singh rajput and ankita lokhande

सुशांत की मौत की खबर ने अंकिता को काफ़ी झकझोर दिया है जिससे पता चलता है कि इस रिश्ते में सच में पवित्रता थी और दोनों साथ होते तो बेहतर होता.

sushant singh rajput and ankita lokhande

लेकिन फ़िलहाल तो सच कुछ और ही है. सुशांत से अलग होने के बाद भले ही अंकिता टूट चुकी थीं पर उन्होंने खुद को अच्छी तरह सम्भाल लिया था और उनमें आया था ग़ज़ब का बदलाव. उन्होंने ना सिर्फ़ अपना मेकओवर किया बल्कि अपने करियर पर भी फोकस करना शुरू कर दिया था.

देखते हैं अंकिता के मेकओवर की तस्वीरें.

Ankita Lokhande
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ब्रेकअप के बाद भी अच्छे दोस्त बने रहना आसान काम नहीं है, क्योंकि जब रिश्ता टूटता है, तो संबंध पहले जैसे मधुर नहीं रहते. ग्लैमर इंडस्ट्री में लिंकअप की तरह ब्रेकअप होना भी कोई बड़ी बात नहीं है. एक साथ काम करते हुए कलाकार एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं. कई लोग शादी भी कर लेते हैं, लेकिन जब उन्हें लगता है कि वो एक छत के नीचे एक साथ नहीं रह सकते, तो वो ब्रेकअप कर लेते हैं. टीवी इंडस्ट्री में कुछ कपल ऐसे भी हैं, जो ब्रेकअप के बाद भी अच्छे दोस्त हैं और ये उनके रिश्ते की ख़ास बात है. आइए, हम आपको मिलवाते हैं कुछ ऐसे टीवी सेलिब्रिटीज़ से, जो ब्रेकअप के बाद भी अच्छे दोस्त हैं.

TV Celebrities Who Stayed Friends After A Breakup

उर्वशी ढोलकिया – अनुज सचदेवा (Urvashi Dholakia – Anuj Sachdeva)
हाल ही में डांस रियालिटी शो ‘नच बलिये 9’ में उर्वशी ढोलकिया और अनुज सचदेवा की केमिस्ट्री लाजवाब थी और दोनों का प्यार भी साफ़ झलक रहा था. हालांकि उर्वशी ढोलकिया और अनुज सचदेवा की लव स्टोरी की किसी को भी भनक नहीं थी इसलिए दोनों के ब्रेकअप की खबर भी किसी को पता नहीं चली. डांस रियालिटी शो ‘नच बलिये 9’ में उर्वशी ढोलकिया और अनुज सचदेवा ने पहली बार अपने रिलेशनशिप के बारे में बताया. बता दें कि उवर्शी 16 साल में जुड़वां बच्चों की मां बन गई थीं और शादी के दो साल के भीतर ही वो अपने पति से अलग हो गई थीं. उर्वशी ढोलकिया ने अकेले ही अपने दोनों बेटों की परवरिश की है. इस रिश्ते की एक और ख़ास बात ये है कि अनुज उम्र में उर्वशी से 5 साल छोटे हैं. उर्वशी और अनुज 5 तक रिलेशनशिप में रहे, लेकिन फिर उनका रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका और दोनों अलग हो गए. उर्वशी ढोलकिया और अनुज सचदेवा के दूर होने की वजह अनुज की मां हैं, अनुज की मां को ये रिश्ता मंजूर नहीं था और अनुज अपनी मां की इच्छा के खिलाफ नहीं सके इसलिए दोनों अलग हो गए. अनुज की मां की इच्छा के अनुसार दोनों ने शादी करने का इरादा तो छोड़ दिया, लेकिन आज भी उर्वशी ढोलकिया और अनुज सचदेवा अच्छे दोस्त हैं और इनके रिश्ते की गहराई ‘नच बलिये 9’ में दर्शकों को साफ़ नज़र आई.

Urvashi Dholakia - Anuj Sachdeva

रिद्धी डोगरा – राकेश बापट (Ridhi Dogra – Raqesh Bapat)
टीवी इंडस्ट्री की क्यूट जोड़ी रिद्धी डोगरा और राकेश बापट एक टीवी सीरियल में साथ काम करते हुए एक-दूसरे के करीब आ गए. दोनों का रिश्ता आगे बढ़ा और इन्होंने शादी कर ली. सात साल तक इस टीवी कपल ने खुशहाल शादीशुदा ज़िंदगी जी, लेकिन धीरे-धीरे दोनों की लगने लगा कि उनमें वो कनेक्शन नहीं है, जो पति-पत्नी में होना चाहिए. एक दिन अचानक रिद्धी डोगरा और राकेश बापट ने मीडिया को बताया कि वो अब अपने रिश्ते से अलग हो गए हैं. सबके लिए ये खबर हैरान कर देने वाली थी, क्योंकि ये कपल सात साल से शादीशुदा था. इतना लंबा समय साथ बिताने के बाद भी इन दोनों ने खुद को शादी के बंधन से आज़ाद कर दिया. भले ही आज रिद्धी डोगरा और राकेश बापट आज मैरिड कपल न हों, लेकिन आज भी वो अच्छे दोस्त हैं और पार्टीज़ में अक्सर एक-दूसरे के साथ नज़र आते हैं. ब्रेकअप के बाद भी इनकी दोस्ती में कोई कमी नहीं आई है.

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Ridhi Dogra - Raqesh Bapat

जूही परमार- सचिन श्रॉफ (Juhi Parmar – Sachin Shroff)
‘कुमकुम’ सीरियल की एक्ट्रेस जूही परमार और उनके एक्टर पति सचिन श्रॉफ ने पांच साल तक डेटिंग की और फिर शादी कर ली. दोनों की एक प्यारी सी बेटी भी है, जिसका नाम समायरा है. शादी के नौ साल बाद इस कपल ने तलाक का फैसला ले लिया. जूही परमार के अनुसार, शादी के शुरुआती दिनों से ही उनके रिश्ते में समस्याएं आने लगी थीं. दोनों की सोच, स्वभाव, बैंकग्राउंड और ज़िंदगी जीने का नज़रिया बिल्कुल अलग है इसलिए दोनों के रिश्ते में परेशानिया आने लगी थी. दोनों ने अपने रिश्ते को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब साथ रहना मुश्किल हो गया, तो जूही परमार और सचिन श्रॉफ ने तलाक का फैसला कर लिया. आज भले ही जूही परमार और सचिन श्रॉफ साथ नहीं रहते, लेकिन सोशल मीडिया पर वो एक-दूसरे की उन तस्वीरों पर कमेंट करते हैं, जिनमें उनकी बेटी होती है. साथ ही जूही अपनी बेटी को पिता सचिन से मिलने के लिए कभी नहीं रोकती. दोनों अपनी बेटी को बहुत प्यार करते हैं और अपने रिश्ते के बारे में कुछ भी बुरा नहीं बोलते.

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किशोर कुमार ने बॉलीवुड में बतौर अभिनेता और गायक के रूप लंबे समय तक राज किया. किशोर कुमार जितने बेहतरीन कलाकार थे, उतने ही मूडी इंसान भी थे, जिसके कारण उन्होंने कई दुश्मन बना लिए थे. किशोर कुमार ने खुद चार शादियां की, लेकिन जब एक्टर मिथुन चक्रवर्ती ने किशोर कुमार की तीसरी पत्नी योगिता बाली से शादी की, तो किशोर कुमार को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती पर खुन्नस निकालनी शुरू कर दी. आखिर ऐसा क्या हुआ था मिथुन चक्रवर्ती, योगिता बाली और किशोर कुमार के बीच.

Mithun Chakraborty  Kishore Kumar Yogeeta Bali

किशोर कुमार ने इन दिग्गजों से लिए थे पंगे
किशोर कुमार जितने सुलझे हुए कलाकार थे, उतने ही उलझे हुए इंसान भी थे. किशोर कुमार इतने मूडी थे कि वो कब क्या कर जाएं, कोई नहीं जानता था. अपने इसी अख्खड़ स्वभाव के कारण किशोर कुमार ने कई दिग्गजों से पंगे लिए थे.

  • इमरजेंसी के वक्त संजय गांधी चाहते थे कि किशोर कुमार कांग्रेस की रैली में गाएं, लेकिन किशोर ने मना कर दिया. इसका नतीजा ये हुआ कि सूचना एवं प्रसारण मंत्री विद्या चरण शुक्ल ने उन पर अनौपचारिक प्रतिबंध लगा दिया. आकाशवाणी और दूरदर्शन पर उनके गाने बजने बंद हो गए. 4 मई 1976 से इमरजेंसी खत्म होने तक उन पर ये प्रतिबंध जारी रहा. इस घटना का जिक्र कुछ समय पहले प्रधानमंत्री मोदी जी ने भी किया था.
  • 80 के दशक में किशोर कुमार का अमिताभ बच्चन से विवाद हो गया था. अमिताभ ने किशोर की फिल्म ‘ममता की छांव’ में मेहमान कलाकार बनने से इनकार कर दिया था.
  • मिथुन चक्रवर्ती ने जब किशोर कुमार की पूर्व पत्नी योगिता बाली से शादी की, तो ये बात भी किशोर कुमार बर्दाश्त नहीं कर पाए. मिथुन चक्रवर्ती पर अपनी भड़ास निकालने के लिए किशोर कुमार ने काफी समय तक मिथुन चक्रवर्ती के लिए गाने नहीं गाए. हालांकि किशोर कुमार की इस हरकत से मिथुन की फिल्मों पर इसका कोई खास प्रभाव तो नहीं पड़ा, लेकिन किशोर दा की आवाज में मिथुन चक्रवर्ती को शायद और ज्यादा स्टारडम मिल सकती थी.

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किशोर कुमार ने की थी चार शादियां
बॉलीवुड के सदाबहार एक्टर किशोर कुमार जितने अच्छे अभिनेता और गायक थे, उतने ही रोमांटिक भी थे. मल्टीटेलेंटेड किशोर कुमार की प्रेम कहानी बहुत दिलचस्प है. किशोर कुमार को एक नहीं, चार बार प्यार हुआ और उन्होंने चार बार शादी भी की है. किशोर कुमार जितना अपने फिल्मी करियर के लिए मशहूर रहे, उतना ही अपनी पर्सनल लाइफ के लिए भी हमेशा चर्चा में रहे. किशोर कुमार ने रूमा गुहा, मधुबाला, योगिता बाली और लीना चंद्रावरकर से शादी की थी.

 Kishore Kumar marraiges

बहुत चर्चा में थी मिथुन चक्रवर्ती और योगिता बाली की शादी
मिथुन चक्रवर्ती बॉलीवुड के ऐसे अभिनेता हैं, जिन्हें अपनी पहली ही फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. मिथुन चक्रवर्ती ने बॉलीवुड को ‘तराना’, ‘हम पांच’, ‘मेरा रक्षक’, ‘सुरक्षा’, ‘डिस्को डांसर’, ‘प्यार झुकता नहीं’ जैसी कई हिट फिल्में दी हैं. मिथुन के फिल्मी करियर की तरह ही उनकी शादी भी काफी समय तक चर्चा में बनी रही और इसकी वजह ये थी कि मिथुन ने किशोर कुमार की पूर्व पत्नी योगिता बाली से शादी की थी. इसकी खुन्नस में किशोर कुमार ने काफी समय तक मिथुन चक्रवर्ती के लिए गाने नहीं गाए थे.

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Mithun Chakraborty Yogeeta Bali Kishore Kumar Yogeeta Bali

दो साल में ही तलाक हो गया था किशोर कुमार और योगिता बाली का
किशोर कुमार की तीसरी पत्नी थी योगिता बाली. किशोर कुमार और योगिता बाली की शादी वर्ष 1976 में हुई थी, लेकिन योगिता बाली से भी किशोर कुमार का रिश्ता बहुत लंबे समय तक नहीं टिक सका. महज दो साल बाद ही योगिता से उनका रिश्ता टूट गया. इस शादी के टूटने की वजह थे मिथुन चक्रवर्ती. योगिता बाली और मिथुन चक्रवर्ती एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे. ऐसा कहा जाता है कि मिथुन चक्रवर्ती से शादी करने के लिए योगिता बाली ने किशोर कुमार को तलाक दिया था. किशोर कुमार से रिश्ता टूटने के बाद योगिता बाली ने समाज की परवाह न करते हुए एक बार फिर मिथुन चक्रवर्ती से शादी कर ली. मिथुन चक्रवर्ती से शादी करने के बाद भी योगिता बाली ने फिल्मों में काम करना जारी रखा, लेकिन वर्ष 1989 में उन्होंने पूरी तरह से फिल्मों से किनारा कर लिया. इस समय भी योगिता बाली भले ही फिल्मों में अभिनय नहीं कर रही हैं, लेकिन 2013 में आई फिल्म ‘एनिमी’ से उन्होंने बतौर प्रोड्यूसर एक बार फिर बॉलीवुड में कदम रखा है. इस फिल्म के माध्यम से योगिता बाली ने बेटे मिमोह चक्रवर्ती यानि महाक्षय को लॉन्च किया था, लेकिन ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थी. मिथुन चक्रवर्ती और योगिता बाली की तरह उनके बेटे मिमोह चक्रवर्ती एक्टिंग की दुनिया में अभी तक अपनी पहचान नहीं बना पाए हैं.

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बॉलीवुड के सदाबहार एक्टर किशोर कुमार जितने अच्छे अभिनेता और गायक थे, उतने ही रोमांटिक भी थे. मल्टीटेलेंटेड किशोर कुमार की प्रेम कहानी बहुत दिलचस्प है. किशोर कुमार को एक नहीं, चार बार प्यार हुआ और उन्होंने चार बार शादी भी की है. किशोर कुमार जितना अपने फिल्मी करियर के लिए मशहूर रहे, उतना ही अपनी पर्सनल लाइफ के लिए भी हमेशा चर्चा में रहे. आइए, हम आपको बताते हैं कि किशोर कुमार को किस एक्ट्रेस से कब प्यार हुआ और कैसे हुईं उनकी चार शादियां.

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1) किशोर कुमार और रूमा गुहा
किशोर कुमार का पहला और पहली पत्नी रूमा गुहा थी. रुमा गुहा उर्फ रुमा घोष बंगाली फिल्मों में एक्टिंग और सिंगिंग किया करती थी. किशोर कुमार और रूमा गुहा का प्यार जब आगे बढ़ा, तो दोनों ने वर्ष 1951 में शादी कर ली. शादी के बाद कुछ साल तो अच्छे बीते, लेकिन शादी के 8 साल बाद दोनों में तकरार शुरु हो गई. ख़बरों के अनुसार, किशोर कुमार को रुमा का फिल्मों में काम करना पसंद नहीं आता था. धीरे-धीरे दोनों की नोकझोंक बढ़ने लगी और किशोर कुमार ने अपनी पहली पत्नी रूमा से तलाक ले लिया.

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2) किशोर कुमार और मधुबाला
किशोर कुमार ने मधुबाला से वर्ष 1960 में शादी की थी. किशोर कुमार उस समय मधुबाला के प्यार में इस कदर पागल थे कि उन्होंने शादी के लिए इस्लाम धर्म अपनाया था. दिलीप कुमार से रिश्ता टूटने के बाद मधुबाला को किशोर कुमार से प्यार हुआ और किशोर कुमार का अपनी पहली पत्नी रूमा गुहा से तलाक होने के बाद दोनों एक साथ कई फिल्मों में एक साथ नज़र आए. मधुबाला और किशोर कुमार की प्रेम कहानी ‘चलती का नाम गाड़ी’ और ‘हाफ टिकट’ फिल्म के दौरान शुरू हुई. मधुबाला और किशोर कुमार ने जब शादी की, तब मधुबाला 27 साल की थीं. 27 साल की मधुबाला के दिल में छेद पाया गया और वो गंभीर रूप से बीमार पड़ने लगी. शादी के बाद मधुबाला और किशोर कुमार लंदन गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें बताया कि मधुबाला अब सिर्फ दो साल तक ज़िंदा रह सकती हैं. उसके बाद किशोर ने मधुबाला को उसके मायके लाकर छोड़ दिया और कहा कि वो अब मधुबाला की देखभाल नहीं कर सकते. किशोर कुमार अक्सर बाहर रहते थे इसलिए वो मधुबाला की देखभाल नहीं कर पा रहे थे, लेकिन मधुबाला अब भी किशोर कुमार के साथ रहना चाहती थीं. किशोर उनसे मिलने दो महीने में एक बार आते थे. शायद वो मधुबाला से अलग होना चाहते थे. मधुबाला ने अपनी बीमारी के कारण 35 साल की उम्र में ज़िंदगी नाता तोड़ इस दुनिया को अलविदा कह दिया.

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3) किशोर कुमार और योगिता बाली
किशोर कुमार की तीसरी पत्नी थी योगिता बाली. किशोर कुमार और योगिता बाली की शादी वर्ष 1976 में हुई थी, लेकिन योगिता बाली से भी किशोर कुमार का रिश्ता बहुत लंबे समय तक नहीं टिक सका. महज दो साल बाद ही योगिता से उनका रिश्ता टूट गया. इस शादी के टूटने की वजह थे मिथुन चक्रवर्ती. योगिता बाली और मिथुन चक्रवर्ती एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे. किशोर कुमार से रिश्ता टूटने के बाद योगिता बाली ने समाज की परवाह न करते हुए एक बार फिर मिथुन चक्रवर्ती से शादी कर ली.

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4) किशोर कुमार और लीना चंद्रावरकर
किशोर कुमार की चौथी शादी की कहानी बहुत दिलचस्प है. किशोर कुमार और लीना चंद्रावरकर वर्ष 1968 में ‘मन का मीत’ फिल्म के सेट पर मिले थे. लीना एक विधवा थीं और किशोर कुमार तीन शादी कर चुके थे.खास बात ये थी कि लीना चंद्रावरकर से किशोर कुमार 21 साल बड़े थे. हालांकि लीना के पिता को ये रिश्ता मंजूर नहीं था, इसके बावजूद किशोर कुमार और लीना चंद्रावरकर ने एक-दूसरे का हाथ थामने की ठान ली. आखिरकार वर्ष 1980 में लीना ने अपने पिता के खिलाफ जाकर किशोर कुमार से शादी कर ली.

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किशोर कुमार की प्रेम कहानी और चार शादियों के बारे में आपका क्या कहना है, हमें कमेंट करके जरूर बताएं.

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देव आनंद के बारे में यह कहा जाता है कि वो इतने गुड लुकिंग थे कि लड़कियाँ उन्हें देख के बेहोश हो जाती थीं. जिस वक़्त उन्होंने फ़िल्मों में एंट्री की उस वक़्त सुरैया बड़ी स्टार थीं. उनकी ख़ूबसूरती के चर्चे भी काफ़ी मशहूर थे.

देव और सुरैया ने जब फ़िल्मों में साथ काम करना शुरू किया तो दोनों में काफ़ी अच्छी दोस्ती हो गई थी. सुरैया तब कहती थीं कि देव काफ़ी हैंडसम थे और शुरू शुरू में लव सीन करते समय नर्वस भी हो जाते थे.

शूटिंग के समय एक सीन के दौरान सुरैया नदी में डूबने लगी थीं तब देव ने ही उनकी जान बचाई थी. दोनों अब क़रीब आने लगे थे और दोनों के इश्क़ के चर्चे भी काफ़ी मशहूर होने लगे थे.

Dev Anand

बहरहाल दोनों की दोस्ती सच में प्यार में बदल गई. देव ने सुरैया से अपने रिश्ते को कभी छुपाया नहीं, वो अक्सर कहते थे कि सुरैया उनका पहला प्यार थीं और पहला प्यार हमेशा ख़ास होता है.

 Suraiya

उस जमाने में इतना खुल के मिलना संभव नहीं था इसलिए देव और सुरैया की मुलाक़ात सेट पर ही होती या फिर देव सुरैया के घर जाते, लेकिन सुरैया की नानी को देव पसंद नहीं थे और उनके बीच अब मज़हब भी आड़े आने लगा था.

Dev Anand And Suraiya

सुरैया की नानी को फ़िल्मों में भी दोनों के लव सीन पर ऐतराज़ था. देव कहते थे कि जब वो सुरैया के घर जाते थे तो उनकी नानी देव को घूर के देखा करती थीं. देव ने सुरैया को एक अंगूठी दी थी जिसे सुरैया ने समंदर में फेंक दिया था. सुरैया अपनी नानी के ख़िलाफ़ जा के देव से शादी का फ़ैसला नहीं ले पाईं और देव को भी सुरैया ने अपना आख़री फ़ैसला सुना दिया था. यह सुन के देव घर आ के फूट फूट के रोए थे.

Dev Anand And Suraiya

उसके बाद दोनों ने साथ में काम भी नहीं किया लेकिन देव के प्यार में गिरफ़्तार सुरैया ने भी किसी और से शादी नहीं की और वो कुँवारी ही रहीं. इस तरह सुरैया ने अपना प्यार निभाया, लेकिन दोनों का प्यार मुकम्मल नहीं हो पाया और यह दास्तान अधूरी रही.

ये मोहब्बत का वो सिलसिला है जो थमने का नाम ही नहीं लेता. कहने को तो रेखा और अमिताभ के प्यार का किस्सा 80 के दशक में ही खत्म हो चुका था. लेकिन आज भी उनके किस्से लोगों के लिए उतने ही दिलचस्प बने हुए हैं.

Amitabh-Rekha's untold love story

अमिताभ को ‘इनको’ ‘इन्‍होंने’ कहती थीं रेखा 
बहुत कम लोगों को ये बात पता होगी कि रेखा अमिताभ को कभी उनके नाम से नहीं पुकारती थीं. वो अमिताभ के लिए हमेशा ‘इनको’ ‘इन्‍होंने’ जैसे शब्‍द इस्तेमाल करती थीं. भारत में महिलाएं ऐसे शब्‍द केवल अपने पति के लिए ही इस्‍तेमाल करती हैं. ज़ाहिर था कि वह खुद को शादीशुदा और अमिताभ को अपना पति समझती थीं. ये बात फिल्ममेकर मुजफ्फर अली ने एक इंटरव्यू के दौरान बताई थी. उन्होंने ये भी बताया था कि जब फिल्‍म ‘उमराव जान’ की शूटिंग दिल्‍ली में हो रही थी तो सेट पर अक्‍सर अमिताभ आ जाया करते थे और अमिताभ को देख कर रेखा चलती फिरती लाश जैसी हो जाती थीं. उन्हें देखते ही सुध बुध खो बैठती थीं.

जब शुरू हुआ मोहब्बत का सिलसिला

Amitabh-Rekha


70 के दशक में आई फिल्म ‘दो अनजाने’ के सेट से रेखा और अमिताभ का प्यार शुरू हुआ था. ये फिल्म दोनों की पहली फिल्म थी, जिसमें अमिताभ और रेखा ने एक साथ काम किया. इससे पहले दोनों कभी मिले भी नहीं थे, लेकिन इस फिल्म ने सब कुछ बदल कर रख दिया था. अमिताभ शादीशुदा थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रेखा से प्यार हो गया.
‘दो अनजाने’ की शूटिंग के दौरान रेखा सेट पर टाइम से नहीं आती थीं. कई बार वो शूटिंग में सीरियस भी नहीं रहती थीं. कहते हैं अमिताभ बच्चन ने एक बार रेखा को समझाया कि समय पर आया करो और अपना काम सीरियसली करो. बस, अमिताभ की ये बात रेखा को इतनी अच्छी लगी कि उन्होंने सेट पर न सिर्फ टाइम से आना शुरू किया, बल्कि शूटिंग में भी सीरियसली पार्टिसिपेट करने लगीं. इसी वाकये के बाद रेखा अमिताभ की तरफ अट्रैक्ट होने लगीं. तब दोनों चुपचाप रेखा की फ्रेंड के बंगले में मिला करते थे और साथ काफी वक्त बिताया करते थे, लेकिन बहुत दिनों तक दोनों ने अपना प्यार दुनियावालों से छिपाकर रखा.

जब प्यार दुनिया के सामने आया

Amitabh-Rekha in love


लेकिन इनका प्यार सबके सामने तब खुलकर आया, जब फिल्म ‘गंगा की सौगंध’ के समय एक को-एक्टर रेखा को भलाबुरा कहने लगा, यहां तक कि उसने रेखा के साथ बदतमीजी भी कर दी. वहां बैठे अमिताभ रेखा का अपमान बर्दाश्त नहीं कर पाए और अपना आपा खो बैठे. कहा तो ये भी जाता है कि अमिताभ ने गुस्से में उस बन्दे की पिटाई भी कर दी थी. बस इस घटना के बाद अमिताभ-रेखा के प्यार के किस्से आम हो गए.

जया को ‘दीदी भाई’ कहती हैं रेखा

Rekha Jaya Bachchan


आपको जानकर बड़ी ही हैरानी होगी कि जब रेखा बॉलीवुड में करियर बनाने मुंबई पहुंचीं, तो मुंबई में उनकी पहली दोस्त जया बच्चन ही थीं. रेखा उनके ऊपर वाले फ्लैट में रहती थीं और उन्होंने लोगों को जया बच्चन के घर का नंबर दे रखा था. जब भी रेखा के लिए फोन आता, तो जया उन्हें बुला लेती थीं. तब जया की शादी नहीं हुई थी. रेखा हमेशा से ही जया को दीदीभाई कह कर बुलाती थीं. रेखा आज भी जया को दीदी भाई ही कहती हैं.

जब जया ने अमिताभ के सामने रेखा को थप्पड़ मारा

Amitabh-Rekha and Jaya Bachchan


जया बच्चन नहीं चाहती थीं कि अमिताभ और रेखा साथ काम करें. इसी दौरान प्रोड्यूसर टीटो टोनी रेखा और अमिताभ को लेकर फिल्म ‘राम बलराम’ बनाने की प्लानिंग की. जया और टीटो के अच्छे संबंध थे, इसलिए जया को जब इस बारे में पता चला, तो उन्होंने टीटो से रेखा की जगह फिल्म में जीनत अमान को कास्ट करने के लिए कहा. टीटो ने जया की बात मान ली और रेखा को फिल्म से बाहर कर दिया. रेखा को जब ये बात पता चली, तो उन्होंने टीटो के सामने ऐसा ऑफर रखा कि वो रेखा को मना नहीं कर सके. रेखा ने कहा कि वो इस फिल्म में बिना पैसे लिए काम करने को तैयार हैं. इस तरह ये फिल्म रेखा को मिल गई और जया चाहकर भी कुछ न कर पाईं. रेखा और अमिताभ के साथ ‘राम बलराम’ फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई. लेकिन जया से ये बात बर्दाश्त नहीं हो रही थी. एक दिन जया अमिताभ को बताए बिना फिल्म के सेट पर पहुंच गईं. वहां जब उन्होंने रेखा और अमिताभ को एक साथ प्राइवेट में बात करते देखा, तो उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ और जया ने सबके सामने रेखा के गाल पर थप्पड़ जड़ दिया. ये सब इतना अचानक हुआ कि अमिताभ को समझ नहीं आया कि क्या रियेक्ट करें. वो चुपचाप सेट छोड़ कर घर चले गए.

रेखा की मांग में सिंदूर देखकर जया रोने लगीं

Rekha beautiful


उन दिनों रेखा और अमिताभ बच्‍चन के अफेयर के चर्चे बेहद गर्म थे, उस पर जब रेखा ऋषि कपूर और नीतू सिंह की शादी पर पहुंचीं, तो सबके आकर्षण का केंद्र बन गईं. उनके माथे पर सजी लाल बिंदिया, मांग में सिंदूर और गले में मंगल सूत्र देखकर सबमें खुसफुसाहट होने लगी. इस शादी में अमिताभ पत्‍नी जया और अपने पैरेंट्स के साथ पहुंचे थे. शादी में रेखा पर लगभग सभी मेहमानों की नज़र थी, लेकिन वो बस अमिताभ को ही देख रही थीं. दोनों के बीच कुछ देर बातचीत भी हुई. जया पहले शांत रहीं और सर झुका कर एक ओर बैठ गईं. उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. हालांकि काफी लंबे समय बाद रेखा ने खुलासा किया कि वे एक फिल्‍म के सेट से सीधे शादी में पहुंचीं थीं और ये लुक उनकी फिल्‍म का गेटअप था.

जब जया ने रेखा को डिनर पर बुलाकर अमिताभ से दूर रहने का इशारा किया

Amitabh-Rekha love story


कहते हैं ऋषि कपूर की शादी वाली घटना के बाद ही एक दिन जब अमिताभ शूटिंग के लिए मुंबई से बाहर गए थे तो मौका देखकर जया ने फोन करके रेखा को डिनर पर इनवाइट किया. पहले रेखा को लगा कहीं जया उन्हें घर पर बुलाकर उनकी बेइज्जती न करें. लेकिन फिर भी रेखा डिनर पर गईं. जया ने रेखा का स्वागत किया. उनसे ढेर सारी बातें की. इस बीच अमिताभ का जिक्र तक नहीं हुआ. लेकिन जब रेखा लौटने लगीं और जया उन्हें बाहर तक छोड़ने आईं, तब जया ने रेखा को सख्त लहज़े में कहा, ‘चाहे कुछ भी हो जाए मैं अमित को नहीं छोड़ूंगी.’ कहते हैं उसी दिन के बाद से रेखा ने ये फैसला कर लिया था कि अब वो न कभी अमिताभ बच्चन से मिलेंगी और न बात करेंगी.

…और फिर आई ‘सिलसिला’

Amitabh-Rekha couple pic

जब 80 में यश चोपड़ा ने अमिताभ, रेखा और जया को लेकर फ़िल्म ‘सिलसिला’अनाउंस की, तो हंगामा मच गया. खबरों की मानें तो अमिताभ ने ही उन दोनों को साथ फिल्म करने के लिए मनाया था. ताकि उन दोनों के बीच की कड़वाहट को खत्म किया जा सके.
पहले यश जी रेखा और जया की जगह परवीन बॉबी और स्मिता पाटिल को लेकर ‘सिलसिला’ बनाने वाले थे. कश्मीर में शूटिंग से पहले अमिताभ ने फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उन्होंने यश जी से कहा कि क्यों न जया और रेखा को लिया जाए. और इस तरह ‘सिलसिला’ बनी. हालांकि यश चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में खुद ही बताया था कि ‘सिलसिला’ बनाते वक्त बहुत डर रहे थे क्योंकि इन तीनों के बीच पहले से ही काफी तनातनी थी. ये अमिताभ- रेखा की जोड़ी की आखिरी फ़िल्म साबित हुई. कहते हैं कि जया ने सख्ती से अमिताभ से कह दिया था कि अब वो रेखा के साथ काम नहीं करेंगे और इस तरह ‘सिलसिला’ के बाद दोनों की मोहब्बत का सिलसिला भी थम गया.

रेखा को अमिताभ से मिलने तक नहीं दिया गया

Amitabh-Rekha in love

‘सिलसिला’ के बाद अमिताभ और रेखा एक दूसरे से दूर हो गए. लेकिन तीन साल बाद फिल्म ‘कुली’ के सेट पर अमिताभ के साथ हादसा हो गया और सीरियस हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. रेखा फिर अमिताभ के लिए तड़प उठीं और अमिताभ को अस्पताल देखने पहुंच गईं. लेकिन वहां उनको अमिताभ से मिलने नहीं दिया गया. वो आखिरी मौका था जब रेखा ने अमिताभ से मिलने की कोशिश की थी.

जब रेखा ने बेबाकी से कहा,’ मैं उनको पसंद करती थी और करती हूं. बात खत्म.’

Amitabh-Rekha in love

अमिताभ बच्‍चन ने कभी न खुलकर रेखा से अपने रिश्ते की बात स्वीकारी, न कभी यही कहा कि वो रेखा से प्यार करते थे, लेकिन रेखा कई बार इस बात को कबूल कर चुकी हैं. सिमी ग्रेवाल के शो में जब सिमी ने रेखा से अमिताभ को लेकर सवाल किए तो उन्होंने हर सवाल का जवाब काफी बेबाकी से दिया.
अपने और अमिताभ के रिश्ते पर रेखा ने कहा, “मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या सोचते हैं. मैं उन्हें अपने लिए प्यार करती हूं किसी को दिखाने के लिए नहीं. मैं उनसे प्यार करती हूं और वो मुझसे, लोग बोलते हैं कि बेचारी रेखा पागल है उसपर, लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या सोचता है.” रेखा ने ये भी कहा, “वो किसी और के थे और ये सच मैं बदल नहीं सकती थी. वो शादीशुदा आदमी हैं लेकिन ये बात उनको अलग नहीं करती. मैं उनको पसंद करती थी और करती हूं. बात खत्म.”


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दिलीप कुमार-मधुबाला- एक अधूरी प्रेम कहानी, जो कोर्ट में जाकर ख़त्म हुई! (Tragic Love Story: How Dilip Kumar Confessed His Love For Madhubala In A Courtroom)

Dilip Kumar and Madhubala
बॉलीवुड (Bollywood) की कुछ लव स्टोरीज़ (Love Stories) ऐसी होती हैं, जो हमारे लिए एक पहेली बन जाती हैं. उन्हीं में से एक लव स्टोरी थी- दिलीप कुमार और मधुबाला की. सिल्वर स्क्रीन की ब्यूटी क्वीन ने जब बॉलीवुड के इस किंग को पहली बार देखा, तब से ही दोनों एक-दूसरे के लिए स्पेशल फील करने लगे थे. फिल्म सेट पर हुई यह मुलाकात अब रियल लाइफ की प्रेम कहानी में तब्दील होने लगी थी. मधुबाला ने दिलीप कुमार की हिचकिचाहट को देखते हुए खुद ही पहल की और उन्हें प्रपोज़ किया. दिलीप तो बस इसी पल के इंतज़ार में थे. दोनों ने एक-साथ कई हिट फिल्में की और दोनों की जोड़ी को भी लोग पसंद करते थे, लेकिन मधुबाला के पिता को यह प्रेम रास नहीं आया.

]मधुबाला के पिता उन्हें शुरू से ही काफ़ी अनुशासन में रखते थे. वो शूटिंग के व़क्त हमेशा सेट्स पर उनके साथ साये की तरह रहते थे. दिलीप कुमार को मधुबाला के पिता का यह रवैया पसंद नहीं था. दिलीप मधुबाला से शादी करना चाहते थे, लेकिन उनकी यह शर्त थी कि मधुबाला शादी के बाद फिल्में व अपने पिता से भी दूरी बना लें. मधुबाला को यह बात पसंद नहीं आई.

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मधुबाला के पिता मधुबाला के करियर से संबंधित फैसले ख़ुद ही लेते थे. उन्होंने फिल्म नया दौर के दौरान दिलीप कुमार के साथ आउटडोर शूटिंग पर मधुबाला को जाने से रोक दिया था. नतीजा, मधुबाला की जगह यह फिल्म वैजंतीमाला की मिल गई और यह विवाद इतना बढ़ा कि मामला कोर्ट तक जा पहुंचा.

मधुबाला के पिता ने फिल्म के निर्देशक बी आर चोपड़ा पर केस कर दिया, क्योंकि उन्हें चोपड़ा का यह रवैया पसंद नहीं आया कि एक विज्ञापन के ज़रिये मधु को फिल्म से बाहर व वैजंतीमाला को फिल्म में लेने की बात कही गई थी.
कोर्ट में गवाही के दौरान दिलीप कुमार को भी बुलाया गया और दिलीप ने भी बी आर चोपड़ा के पक्ष में ही गवाही दी.

इस दौरान मधु व दिलीप के प्रेम की बात भी सबके सामने आई और कोर्ट में ही दिलीप कुमार ने यह स्वीकारा की वो मधु से प्यार करते हैं, लेकिन इस घटना ने दोनों को अलग व दूर कर दिया था.

यहां तक कि फिल्म मुग़ले आज़म की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच बातचीत तक बंद थी, हालांकि फिल्म पूरी हुई व हिट भी, लेकिन एक सच्ची मोहब्बत की दास्तान हमेशा के लिए अधूरी ही रह गई.

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“तुमने अगर एक ग़लत फैसला लिया, तो मैं उस वजह से तुम्हारा साथ नहीं छोड़ सकता. साथ निभाने का वादा किया है, उसे निभाना भी जानता हूं. पर…” आंसुओं से भीगे चेहरे पर छाए ग्लानि के भाव देख मानव ने प्यार से उसके कंधे को थपथपाया.

Kahaniya

फैसला तो दोनों ने ही मिलकर किया था… बिना किसी बाध्यता के, ख़ुशी से… सोच-समझकर, फिर ऐसा क्यों हुआ? वह तो यह भी नहीं कह सकती कि उसके साथ धोखा हुआ था, क्योंकि धोखा देने की शुरुआत तो उसने ही की थी. तो क्या जो हुआ, वह ठीक हुआ? वह यही डिज़र्व करती थी. उसे उम्मीद नहीं थी कि नीलेश उसके साथ ऐसा करेगा. ज़िंदगीभर साथ देने का वादा करनेवाला, प्यार के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहनेवाला नीलेश शायद तब घबरा गया, जब सचमुच कुछ करके दिखाने का व़क्त आया.

कैसी विडंबना है कि इतने लंबे समय से दोस्ती का हाथ थामे रखनेवाला नीलेश उसका उन स्थितियों में साथ छोड़ गया, जब वह ख़ुद अपने ही हाथों से अपनी गृहस्थी उजाड़ चुकी थी. जब वह ख़ुद ही अपने हाथों से विश्‍वास के सारे बंधनों व प्रेम के धागों को तोड़ चुकी थी. यह सच है कि वह नीलेश से प्यार करती है बरसों से यानी अपनी शादी से पहले से. इसे लव एट फर्स्ट साइट कहा जा सकता है. उस उम्र में जब सतरंगी ख़्वाब आंखों में पल रहे होते हैं और मन में एक राजकुमार की छवि अंकित होती है… दिल किसी को देखने भर से धड़कने लगता है और होंठ सूखने लगते हैं, तभी उसने नीलेश को देखा था. उसकी आंखों की चुंबकीय जुंबिश और हंसने के साथ ही खिलते असंख्य चटकीले रंगों में वह उसी पल खो गई थी. पढ़ाई पूरी कर नौकरी की तलाश में थी वह.

अचानक या संयोग कहें, उसे प्यार हो गया था. फिर उनकी कुछ मुलाक़ातें हुईं. कभी मेट्रो में, कभी किसी ऑफिस में, कभी मार्केट में, तो कभी रास्ते में. वह भी नौकरी की तलाश में था. हालांकि वह एक जगह नौकरी कर रहा था, पर किसी बड़ी कंपनी में नौकरी करना चाहता था. वैसे वह ख़ुद का बिज़नेस करना चाहता था. बहुत ही महत्वाकांक्षी था वह. ऊंचे सपने व ऊंचाई तक पहुंचने की चाह उसे उकसाती रहती, इसीलिए वह किसी बड़ी कंपनी में किसी बड़े पद को पाने की कोशिश में लगा था. दूसरों को इम्प्रेस करने की क़ाबीलियत तो थी ही उसमें.

आपस में बातें करते, साथ व़क्त गुज़ारते दोनों को ही महसूस होने लगा कि वे एक-दूसरे के साथ ख़ुशी महसूस करते हैं. उनकी सोच, पसंद और ज़िंदगी के प्रति नज़रिया भी काफ़ी एक-सा था. बस, वह महत्वाकांक्षी नहीं थी. बहुत आसानी से संतुष्ट हो जाती थी. इसी बात पर दोनों में कभी-कभी विचारों का टकराव हो जाता था, अन्यथा दोनों को ही साथ रहना अच्छा लगता था. किसी का साथ अच्छा लगे, तो पूरी ज़िंदगी उसी के साथ गुज़ारने का ख़्याल मन में सहज ही पलने लगता है. उसके मन में यह ख़्याल नीलेश से पहले आया था.

वह उससे कुछ ज़्यादा ही प्रैक्टिकल था. वह पहले अच्छे से सेटल होकर फिर प्यार के बारे में सोचना चाहता था. “मुझे तुम अच्छी लगती हो मयूरी. बहुत अच्छी, पर प्यार करता हूं यह बात अभी पूरे विश्‍वास से नहीं कह सकता हूं. तुम्हारे साथ समय बिताना चाहता हूं. तुमसे मिलने का मन करता है, पर यह प्यार है, यह बात जब मेरा मन स्वीकार कर लेगा, तब पलभर नहीं लगाऊंगा तुम्हें कहने में.”

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“कमिटमेंट करने से डरते हो?” चिढ़ते हुए बोली थी मयूरी. बिंदास तो वह शुरू से ही थी, इसलिए बोलने में हिचकती नहीं थी.

“तुम अच्छे से जानते हो नीलेश. मैं, यदि या लेकिन में यक़ीन नहीं करती हूं. हां या ना, बस यही दो चीज़ें मायने रखती हैं मेरे लिए. इसीलिए ़फैसला लेने में मुझे देर नहीं लगती. तुम तो प्यार को स्वीकारने में भी अगर-मगर कर रहे हो.”

“ऐसा नहीं है मयूरी. बस, थोड़ा व़क्त दो मुझे. कम से कम इतना कि मेरे पास इतना पैसा हो कि हम एक आलीशान ज़िंदगी जी सकें. सारी सुख-सुविधाएं हों हमारे पास. एक बड़ा-सा बंगला, कार, नौकर-चाकर…”

“यानी लंबे समय तक कमिटमेंट न करने का इरादा है तुम्हारा. नीलेश, मुझे बहुत ज़्यादा की ख़्वाहिश नहीं है. हम दोनों अभी जो कमाते हैं, वह काफ़ी है. फिर धीरे-धीरे मेहनत करके तऱक्क़ी कर लेंगे. लेकिन तुम्हारी प्लानिंग के हिसाब से चले, तो पांच-छह साल लग जाएंगे और तब तक तुम्हें क्या लगता है मेरे घरवाले मेरी शादी के लिए रुकेंगे. वे तो अभी से शोर मचा रहे हैं.”

“मुझसे प्यार करने का दावा करती हो, तो क्या मेरा इंतज़ार नहीं कर सकती?” इमोशनल ब्लैकमेल करने लगा था नीलेश.

“कर सकती हूं, पर अभी तक तुमने प्यार स्वीकारा नहीं है नीलेश. किस भरोसे पर मैं तुम्हारा इंतज़ार करूं? किस यक़ीन पर मैं अपने घरवालों को यह विश्‍वास दिलाऊं कि तुम बीच राह में मेरा साथ नहीं छोड़ोगे.” बहुत लंबी बहस चली थी तब उनके बीच… शायद तब मयूरी के अंदर के वे एहसास भी चटके थे, जो उसने नीलेश के इर्दगिर्द बुने थे. वही तो प्यार करती है नीलेश से! नीलेश ने तो कभी ऐसा नहीं माना. हो सकता है कि वह कुछ पल का साथ ही निभाना चाहता हो.

वैसे भी उसकी महत्वाकांक्षाएं उसे जब-तब डराती रहती थीं. घर में उसकी शादी की बात चलने लगी थी. वही कोई न कोई बहाना बनाकर टालती जाती यह सोचकर या यही मानकर कि नीलेश कुछ दिनों बाद अपने आप हक़ीक़त से रू-ब-रू हो जाएगा और ऊंचे सपनों की उड़ान को विराम दे उसे अपना लेगा. घरवालों से वह लड़ाई कर सकती थी, पर नीलेश को खोने को वह तैयार नहीं थी.

कई बार उसका दिल करता कि उससे कहे कि प्यार करते हो, तो इस एहसास को दबाकर मत रखो. झलकने दो इसे अपने चेहरे पर, लेकिन कह नहीं पाती थी. असल में तो होता यह है कि जब कोई व्यक्ति हमें अच्छा लगने लगता है, तब हम उसकी हर

अच्छी-बुरी बात को भी पसंद करने लगते हैं और विश्‍वास करना इसी पसंद करनेवाली भावना का अगला पड़ाव होता है. लेकिन नीलेश बहुत बार उसकी भावनाएं आहत कर चुका था. उसके मन में आए अविश्‍वास का भान शायद नीलेश को हो गया था.

“किसी से प्यार करो, पर विश्‍वास नहीं… क्या यह संभव है?” एक दिन कह ही दिया था नीलेश ने उससे. वह कांप उठी थी. उसे खोने का डर मयूरी को कंपा गया था. कहीं नीलेश रूठ न जाए. वह कैसे जी पाएगी उसके बिना? “नीलेश, मेरा रिश्ता तय किया जा रहा है. मानव बहुत ही सुलझे हुए इंसान हैं. आईएएस ऑफिसर हैं. मिली थी मैं उनसे. समझ में नहीं आ रहा कि किस आधार पर उन्हें रिजेक्ट करूं? सबसे बड़ी बात यह है कि उनकी कोई डिमांड भी नहीं है. पापा एक सरकारी अफ़सर हैं. दहेज नहीं दे सकते.” नीलेश के कंधे पर सिर रखकर फफक उठी थी मयूरी. “तो हां कर दो.” नीलेश ने कठोरता से कहा था, तो वह चौंक पड़ी थी.

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“मेरा मतलब है कि फैसला तुम्हें करना है. मैं तुम पर किसी तरह का दबाव नहीं डालना चाहता. मुझे तो अपने सपनों को पूरा करने में अभी समय लगेगा.”

“और मेरे सपनों का क्या होगा, जो मैंने तुम्हें लेकर देखे हैं?”

“बी प्रैक्टिकल मयूरी. मैं तो कहता हूं कि तुम मानव से शादी कर लो.” हैरान रह गई थी मयूरी. टूट ही गई थी. नीलेश उसके प्यार का इस तरह अपमान करेगा, उसने कभी सोचा नहीं था. उसके प्यार को सीने में दबा उसने मानव से शादी कर ली. इतने अच्छे व नेक दिल पति को पाकर भी वह नीलेश को भूल नहीं पाई थी. बार-बार उसे यही बात कचोटती रहती कि आख़िर नीलेश ने उसे किसी और का कैसे हो जाने दिया. मानव के साथ वह पत्नी धर्म तो निभा रही थी, पर प्यार नहीं कर पा रही थी उसे. नीलेश से धोखा खाने के बाद भी…

शादी को छह महीने हो चुके थे. एक दिन ऑफिस में अपने सामने नीलेश को खड़ा देख सकपका गई थी वह. बढ़ी हुई दाढ़ी, उलझे हुए बाल और हमेशा सलीके से तैयार होनेवाला नीलेश आज अलग ही लग रहा था. लापरवाह ढंग से कपड़े पहने हुए था. चेहरा एकदम बुझा हुआ था. पता लगा कि बेरोज़गार है आजकल.

“तुमसे दूर हो जाने के बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं. वापस लौट आओ मेरी ज़िंदगी में मयूरी.” सुनकर जहां उसे अच्छा लगा था, वहीं एकबारगी फिर से चौंक गई थी. मज़ाक कर रहा है क्या नीलेश. पहले कहा शादी कर लो और अब चाहता है वह लौट आए. “यह असंभव है.”

“कुछ भी असंभव नहीं. मैंने सब सोच लिया है. दो दिन बाद हम हमेशा के लिए यह शहर छोड़कर चले जाएंगे.” हमेशा से प्रैक्टिकल अप्रोच रखनेवाला नीलेश आज कैसी बातें कर रहा है.

“कहां जाएंगे, कहां रहेंगे? मेरी नौकरी का क्या होगा? फिर तुम बेरोज़गार हो. मैं शादीशुदा हूं. मानव से क्या कहूंगी? समाज क्या कहेगा? अब बहुत देर हो चुकी है नीलेश.”

“फिर भी परसों रेलवे स्टेशन पर मैं तुम्हारा इंतज़ार करूंगा. तुम मुझसे प्यार करती हो, इसलिए तुम आओगी, मैं जानता हूं.”

मानव के नाम एक ख़त लिख वह चली आई थी. फिर एक बार धोखा दिया था नीलेश ने उसे. कमिटमेंट करे ऐसी फ़ितरत उसमें थी ही कहां. क्या करे वह…? किस मुंह से वापस जाए. खड़ी रही वह रेलवे स्टेशन पर. बेबस व अपने को कोसते हुए ग्लानि में डूबी हुई.

ट्रेनें आती-जाती रहीं. प्लेटफॉर्म खाली होता, भर जाता. भीड़ और शोर के बावजूद वह ख़ुद को नितांत अकेला महसूस कर रही थी.            तभी सामने से मानव को आते देखा, तो अपनी आंखों पर विश्‍वास नहीं हुआ.

“घर वापस चलो.” अधिकार से हाथ थामते हुए मानव बोले. नज़रें झुक गई थीं मयूरी की. शरीर कांप रहा था. कैसे जा सकती है वह घर वापस…

“तुमने अगर एक ग़लत फैसला लिया, तो मैं उस वजह से तुम्हारा साथ नहीं छोड़ सकता. साथ निभाने का वादा किया है, उसे निभाना भी जानता हूं. पर…” आंसुओं से भीगे चेहरे पर छाए ग्लानि के भाव देख मानव ने प्यार से उसके कंधे को थपथपाया.

“नीलेश एक छलावा था मयूरी. असल में जब उसने तुम्हें धोखा दिया था, तभी से तुम्हारे अंदर उसके लिए अंकुरित प्यार के पौधे कुम्हला गए थे. बस, उसके द्वारा ठुकराए जाने की पीड़ा लिए जीए जा रही हो और वही पीड़ा तुम्हें आज यहां खींच लाई. कुछ नहीं सोचा सिवाय इसके कि उसने तुम्हारे प्यार को क़बूल कर लिया. लेकिन वह कायर तुम्हारे प्यार के क़ाबिल है ही नहीं.”

“मैं तुम्हारे क़ाबिल भी तो नहीं. तुम्हारे जैसे अच्छे इंसान को मैंने भी तो धोखा दिया है.”

“इसे धोखा नहीं, भूल कहते हैं. और आप जिसे प्यार करते हैं, उसकी भूलें माफ़ भी तो कर देते हैं. चलो घर चलते हैं.” मानव ने मज़बूती से मयूरी का हाथ थाम लिया. मयूरी ने उस स्पर्श में विश्‍वास की मज़बूती को महसूस किया.

Suman Bajpai

  सुमन बाजपेयी

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अभिनेत्री अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) ने अपने छोटे से फिल्मी करियर में कई बेहतरीन किरदार निभाए हैं और उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से भी नवाज़ा जा चुका है. 1 मई 1988 को जन्मीं अनुष्का ने अपनी मेहनत, लगन और टैलेंट के दम पर इंडस्ट्री में अपना एक अलग मुकाम हांसिल किया है. आज अनुष्का अपना 30वां जन्मदिन मना रही हैं. शादी के बाद हबी विराट के साथ उनका हर बर्थडे स्पेशल रहा है, इसलिए इस बेहद ख़ास मौके पर हम आपको बताते हैं विरुष्का की दिलचस्प लव स्टोरी.

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जब पहली बार मिले विरुष्का

बताया जाता है कि अनुष्का और विराट एक शैंपू के ऐड के दौरान पहली बार मिले थे. दोनों की यह मुलाक़ात साल 2013 में हुई थी और तभी दोनों एक-दूसरे को अपना दिल दे बैठे. हालांकि ख़बरें ऐसी भी आई थीं कि दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते हैं.

Anushka Sharma, virat kohli, love story

शुरू हुआ मुलाकातों का सिलसिला

पहली मुलाकात में दिल हार बैठने वाला यह कपल लगातार एक-दूसरे से मिलने के बहाने तलाशने लगा. बताया जाता है कि साल 2014 में जब अनुष्का ‘बॉम्बे वेल्वेट’ और ‘पीके’ की शूटिंग कर रही थीं, तब विराट उनसे मिलने सेट पर जा पहुंचे और तभी से दोनों मीडिया की नज़रों में आ गए. इसी साल दोनों को एक फुटबॉल मैच देखते हुए साथ देखा गया था और फिर उसके बाद एक मैच के दौरान विराट अनुष्का को फ्लाइंग किस देते हुए कैमरे में कैद भी हुए थे.

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जब अनुष्का को कहा गया पनौती

हालांकि अनुष्का और विराट के अफेयर की ख़बरों ने जितनी सुर्खियां बटोरी, अनुष्का को उतने ही विवादों का सामना भी करना पड़ा. साल 2015 के वर्ल्ड कप में भारत की हार होने पर अनुष्का को उस हार के लिए ज़िम्मेदार ठहराते हुए उन्हें पनौती तक कहा गया. हालांकि इस घड़ी में विराट ने अनुष्का का साथ नहीं छोड़ा और उनका बचाव किया. इस घटना के बाद से दोनों का रिश्ता और भी मज़बूत हो गया. आख़िरकार इस जोड़े ने एक होने का फैसला करते हुए 11 दिसंबर को शादी कर ली.

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विराट के साथ सेलिब्रेट कर रही हैं बर्थडे

बता दें कि अनुष्का पति विराट कोहली और अपने कुछ दोस्तों के साथ आरसीबी के हेडक्वार्टर बैंगलुरु में अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं.

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मेरी सहेली की ओर से अनुष्का शर्मा को जन्मदिन की शुभकामनाएं. 

Pahla Affair

पहला अफेयर: अधूरा एहसास… अधूरा प्यार… (Pahla Affair: Adhura Ehsas… Adhura Pyar)

हर बात अच्छी थी तुम्हारी, क्योंकि तुम में हर वो बात थी, जो किसी भी लड़की को आकर्षित कर सकती थी. कम से कम मुझे तो यही लगता था. यही वहज थी कि मैं भी बिना डोर की पतंग की तरह तुम्हारी ओर खिंचती चली गई. मुहब्बत का वो शुरुआती आकर्षण, वो कशिश, वो एहसास… बेहद ख़ुबसूरत पल थे वो. बेहद हसीन दिन… कॉलेज का लास्ट ईयर था. तुमने इसी साल कॉलेज में एडमिशन लिया था और कुछ ही दिनों में तुम लड़कियों के मोस्ट फेवरेट बन गए थे. तुम्हारा स्टाइल, एटीड्यूड और स्टडीज़ से लेकर हर एक्टिविटीज़ में सबसे आगे रहना… सब दीवानी थीं तुम्हारी ही.

उन सबके बीच तुमने मुझे चुना था. मैं ख़ुद को सबसे ख़ुशनसीब समझ रही थी. वैलेंटाइन डे के दिन तुमने मुझे प्रपोज़ किया और मेरे पास भी इंकार करने का कोई कारण नहीं था. अब तो बस दिन-रात तुम्हारा ही ख़्याल…

इसी बीच हमें कुछ सालों के लिए जुदा होना था, क्योंकि तुम हायर स्टडीज़ के लिए ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे और मुझे जॉब मिल गया था. हमने वादा किया था एक-दूसरे से कि इंतज़ार करेंगे और सही व़क्त आने पर शादी भी, शायद इसीलिए ये दूरियां भी खल नहीं रही थीं इतनी.

तुम्हारा रोज़ कॉल आता. वीडियो कॉल पर ढेरों बातें होतीं. तुम अक्सर पूछते कि मेरे ऑफिस में कौन-कौन है… मैं कहां जा रही हूं… क्या कर रही हूं… और मैं भी अपनी सारी बातें तुमसे शेयर करती. हमारे दिन-रात के अंतर का भी हमारी बातचीत पर असर नहीं पड़ता था. तुम देर रात तक जागते थे, मुझसे बात करने के लिए.

उस दिन, तुम शायद नशे में थे, जब मैंने तुम्हें अपनी ऑफिस की पार्टी के बारे में बताया था, क्योंकि तुम्हारा ऐसा रूप मैंने पहले कभी नहीं देखा था. तुमने मुझे, अपनी प्रिया को इतना बुरा-भला कह दिया कि मुझे विश्‍वास ही नहीं हो रहा था अपने कानों पर. तुमने मेरे चरित्र पर सवाल उठाए कि ऑफिस पार्टी में दूसरों के साथ डान्स क्यों किया… इतना बन-ठन के क्यों गई… मेरे लिए काफ़ी शॉकिंग था तुम्हारा यह बर्ताव, पर मैंने अपने दिल को यही कहकर समझा लिया कि तुम दूर हो, इसीलिए ओवर पज़ेसिव हो रहे हो. साथ ही तुम नशे में भी थे.
ख़ैर, दो-तीन दिन की नाराज़गी के बाद तुमने माफ़ी मांगी और सब कुछ नॉर्मल हो गया. लेकिन फिर कुछ दिनों बाद तुम्हारे वही सवालात… कि फोन क्यों नहीं उठाया, मेरा फोन था, तुम समझती क्या हो, नौकरी करके मुझ पर एहसान नहीं कर रही… और भी न जाने क्या-क्या… उसके बाद तो ये सिलसिला रूटीन ही बन गया था… तुम हर रोज़ किसी न किसी बात को लेकर मुझे बुरा-भला कहते और अगले दिन माफ़ी मांग लेते.

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अगले महीने तुम छुट्टियों में इंडिया आनेवाले थे. मुझे लगा मिलकर बात करेंगे, तो शायद मैं तुम्हें बेहतर ढंग से समझा सकूं. तुम आए, हम मिले भी, पर मुझे कहीं न कहीं यह एहसास हो रहा था कि तुम्हारा पुरुष अहम् तुम्हें सहज नहीं रहने दे रहा था मेरे साथ. तुम्हें लगता था कि तुम जो बोलो वही हो, तुम जब बोलो, तभी हो, क्यों? “क्योंकि मैं बोल रहा हूं, क्या इतना काफ़ी नहीं है?” यही जवाब होता तुम्हारा.
जब मन करता मेरा फोन उठाकर चेक करना, सोशल मीडिया पर किस-किस से पिक्चर लाइक की है, उसका नाम देखकर उसके बारे में सवाल करना… उसके बाद सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह देना… और मैं भी हर बात मानती चली गई, क्योंकि मैं तुम्हें खोना नहीं चाहती थी. पर अक्सर मन में सोचती थी कि मेरा राज ऐसी सोच रखता है. इस मॉडर्न ज़माने में, ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है, फिर भी ऐसी सोच?

उस दिन जब तुम वापस लौट रहे थे, मन बहुत उदास था. तुमसे लिपटकर रो रही थी मैं और तुमने मुझे सहलाते हुए कहा, “प्रिया, रोने की क्या बात है, तुम्हारे तो यहां भी बहुत सारे दोस्त हैं. उनस मन बहला लेना.”

“ये क्या बकवास है…”

“अरे, ठीक ही ता है. फ्रेंड्स तो होते ही इसलिए हैं. इतना सीरियस होने की क्या बात है.”

ख़ैर, तुम चले गए. तुम्हारी स्टडीज़ कंप्लीट होने को थी और अब तुम हमेशा के लिए इंडिया आनेवाले थे. हम शादी करनेवाले थे. तुम आए, हमारी सगाई भी हो गई. एंगेजमेंट में तुम्हारे दोस्त मेरे साथ हंसी-मज़ाक कर रहे थे. पार्टी ख़त्म होने पर मैंने तुमसे गौतम के बारे में पूछा भी था कि काफ़ी हंसमुख लड़का है. और तुमने कहा, “हां, पसंद है, तो नंबर दे देता हूं. बुला लेना रात को. चाहो तो बेड भी शेयर कर लेना.”

मैं पत्थर बनी वहीं खड़ी रही. सारी रात सोचती रही… कहां, क्या ग़लत हो रहा है मुझसे? क्या मैं यह सब डिज़र्व करती हूं?

“अरे, प्रिया सुबह-सुबह, क्या बात है?”

“हां राज, तुमसे ज़रूरी बात करनी थी. तुम्हें कुछ देना चाहती हूं.”

“क्या लाई हो मेरे लिए स्वीटहार्ट?”

“ये एंगेजमेंट रिंग, इसे अपने पास ही रखो और जब तुम्हें कोई ऐसी लड़की मिल जाए, तो तुम्हारी घटिया सोच के साथ निभा सके, तब उसे यह पहना देना.” और मैं चली आई वहां से. मेरे परिवारवाले भी मेरे इस फैसले से सहमत थे. तुमने भी उसके बाद कोई फोन या माफ़ी नहीं मांगी, क्योंकि मैं जानती थी, तुम्हारा ईगा इतना बड़ा है कि कोई लड़की तुम्हें ठुकरा दे, यह तुमसे बर्दाश्त नहीं होगा.

मेरा पहला प्यार भले ही अधूरा था, उसमें दर्द था, लेकिन मैंने सही समय पर उसे अधूरा छोड़ने का जो फैसला लिया, उससे मैं ख़ुश थी. ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं, इंसान को परखने से कहीं ज़्यादा उसे समझने में व़क्त लग जाता है. ऊपरवाले ने मेरे लिए भी कोई न कोई सही और सच्चा इंसान ज़रूर चुन रखा होगा. जब वो मुझे मिल जाएगा, तो दोबारा प्यार करने से परहेज़ नहीं करूंगी, क्योंकि मुझे प्यार से शिकायत नहीं, प्यार की भावना पर पूरा भरोसा है मुझे, क्योंकि प्यार ग़लत नहीं होता, ग़लत स़िर्फ इंसान होता है.

– गीता शर्मा

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Bollywood Love Stories

बॉलीवुड की 9 स्वीट लव स्टोरीज़… जिन्हें मिली उनकी मंज़िल! (9 Bollywood Love Stories With Happy Endings)

एक लफ़्ज़, एक एहसास… एक चाहत-सी कुछ ख़ास… न दरमियान कोई, न फासले, पर इम्तिहान कई हैं इस राह पर… ़कैद होते हैं आंखों में कई हसीन सपने, लबों पर गुलाब-से खिले रहते हैं… कोई ये माने या न माने, पर दिलों में अंजाने से कुछ सिलसिले रहते हैं… कभी डगमगाती राहों में, कभी धूप में, तो कभी छांव में… हर व़क्त निगाहें ढूंढ़ती हैं महबूब को अपने इश्क़ की पनाहों में…
प्यार, इश्क़, मुहब्बत, लव… कुछ भी कह लो, पर एहसास एक ही है… इस एहसास ने जिसे भी छू लिया, उसने ख़ुद को खोकर भी जैसे सारा जहां पा लिया… यहां हम इसी अनोखे एहसास का ज़िक्र करेंगे, जिनसे अछूते हमारे फिल्मी सितारे भी नहीं रहे… उन्होंने कैसे अपनी मुहब्बत को ताउम्र के लिए पाया और किस शिद्दत से अपने प्यार को निभाया, आइए जानें…

amitabh bachchan and jaya bachchan

अमिताभ-जया… अनोखी मुहब्बत के सिलसिले
जिस व़क्त अमिताभ बॉलीवुड में स्ट्रगल कर रहे थे, उस समय जया एक स्थापित अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि स्टार थीं. अमिताभ एक फ्लॉप एक्टर थे और उस समय उनके साथ कोई भी एक्ट्रेस काम नहीं करना चाहती थी. फिर आई फिल्म ज़ंजीर, जिसमें अमिताभ को जया के साथ पेयर किया गया. ज़ंजीर अमिताभ की पहली सोलो हिट साबित हुई. कहा जाता है कि ज़ंजीर से पहले अमिताभ ने अपनी नाकामयाबी से तंग आकर फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंज़ूर था. जहां ज़ंजीर ने इंडस्ट्री को एंग्री यंग मैन के रूप में नया सुपरस्टार दिया था, वहीं अमिताभ को पर्सनल लाइफ में उनका सच्चा प्यार भी मिला जया के रूप में और दोनों शादी के बंधन में बंध गए.
हालांकि अमिताभ के रेखा के साथ लिंक अप की बातों के बाद इन दोनों की शादी में कुछ प्रॉब्लम्स ज़रूर आई थी. यश चोपड़ा ने अपने इंटरव्यू में कहा भी था कि फिल्म सिलसिला कीर शूटिंग के दौरान जया और रेखा के बीच माहौल काफ़ी तनावपूर्ण रहा करता था…
ख़ैर, वो पुरानी बातें हैं, जया ने अमिताभ की हर मुश्किल घड़ी में पूरी शिद्दत से साथ दिया. जिस व़क्त अमिताभ कुली के दौरान लगी चोट के कारण अस्पताल में थे, उस व़क्त जया ने उन्हें इस तरह संभाला कि अमिताभ को अपने प्यार के सामने झुकना ही पड़ा. आज ये बॉलीवुड के सबसे हैप्पी और आदर्श कपल के रूप में जाने जाते हैं, इसका ताज़ा उदाहरण है अपनी 45 एनीवर्सरी पर अमिताभ का जया के साथ क्यूट-सा पिक्चर सोशल मीडिया पर शेयर करना और ब्लॉग में अपने दिल की बात कहना. अमिताभ ने लिखा था कि वो यह स्पेशल दिन जया के साथ नहीं गुज़ार पाएंगे, क्योंकि जया ट्रैवल कर रही हैं, इसलिए वो आधी रात को जया को फोन कर रहे हैं, क्योंकि अगला दिन बहुतों के लिए सामान्य, पर कुछ के लिए ख़ास होगा. इस रोमांटिक मैसेज ने सबका दिल जीत लिया और अमिताभ के जया के प्रति प्यार को और गहराई से साबित भी कर दिया.

Bollywood Love Stories

ऋषि कपूर-नीतू सिंह… लवर बॉय ने यूं इंप्रेस किया अपनी लेडी क्वीन को
ऋषि कपूर बॉलीवुड के ओरिजनल लवर बॉय कहे जाते हैं. उनकी चॉकलेटी हीरोवाली इमेज ने लाखों दिलों को धड़काया, जिसमें नीतू का भी एक दिल शामिल था. ऋषि ने नीतू को इंप्रेस करने के लिए न जाने क्या-क्या किया. दोनों की ऑनस्क्रीन जोड़ी भी काफ़ी पसंद की जाती थी और ऑफ स्क्रीन भी उन्होंने ख़ुद को परफेक्ट हसबैंड-वाइफ साबित कर दिया. कहा जाता है कि फिल्म कभी-कभी की शूटिंग के दौरान ऋषि-नीतू पर एक गाना फिल्माया जा रहा था, तब ऋषि ने बिना नीपैड के ही जोश-जोश में भागकर ऊपर से जंप लगाया और घटने के बल नीतू के सामने बैठकर गाने की शूटिंग करने लगे, जबकि उस व़क्त ऋषि के घुटने बुरी तरह चोटिल हो गए थे, पर नीतू को इंप्रेस करने के चक्कर में अपना दर्द छुपा गए. नीतू ने महज़ 21 साल की उम्र में ही अपना बेहद सफल फिल्मी करियर छोड़कर शादी कर ली और इस शादी को वो अब तक पूरी शिद्दत से निभा भी रही हैं.

Saif ali khan and kareena

सैफ-करीना… नवाब का टशन बहुत भाया गॉर्जियस बेबो को
फिल्म टशन की शूटिंग के दौरान सैफ और करीना में प्यार हुआ और इसी दौरान करीना और शाहिद का रिश्ता भी टूटा. पांच साल तक सैफ और करीना ने एक-दूसरे को डेट किया. अपने रिश्ते को किसी से नहीं छुपाया और करीना हमेशा सैफ को अपना बेस्ट फ्रेंड भी मानती थीं, जो उनके रिश्ते को और मज़बूत बनाता था. अलग-अलग मज़हब से होने के बाद भी दोनों ने शादी की और आज करीना सैफ की बेगम हैं.

shahrukh khan and gauri khan

शाहरुख-गौरी… एक परीकथा-सी लव स्टोरी
जिस व़क्त शाहरुख गौरी के दीवाने हुए थे, उस समय वो स्टारडम से कोसों दूर थे. गौरी के परिवारवाले नहीं चाहते थे कि शाहरुख गौरी के क़रीब आएं. यहां तक कि शाहरुख के ओवरपज़ेसिवनेस से तंग आकर गौरी भी उन्हें बिना बताए मुंबई चली आई थीं. लेकिन सच्चा प्यार किसी के रोके नहीं रुकता. शाहरुख भी गौरी के पीछे-पीछे मुंबई आ गए और दोनों को ही यह एहसास हुआ कि उनकी मंज़िल एक ही है. हालांकि गौरी ने शाहरुख के सामने एक शर्त भी रखी कि शाहरुख शादी के बाद उन्हें शॉर्ट ड्रेसेज़ पहनने देंगे और इसी शर्त पर वो शाहरुख से शादी करेंगी, क्योंकि शाहरुख गौरी को छोटे कपड़े नहीं पहनने देते थे.
दोनों ने शादी का फैसला किया, लेकिन उनकी शादी में थोड़ी अड़चन आई, क्योंकि शाहरुख न स़िर्फ दूसरे धर्म के थे, बल्कि उनका करियर भी स्टेबल नहीं था, वो बॉलीवुड में स्ट्रगल कर रहे थे, लेकिन शाहरुख के सच्चे प्यार और दिल जीत लेनेवाले व्यवहार ने गौरी के पैरेंट्स को तैयार कर लिया और दोनों ने शादी कर ली.

akshay kumar and twinkle khanna

अक्षय कुमार-ट्विंकल खन्ना… मिस्टर खिलाड़ी को ऐसी मिली परफेक्ट मिस खिलाड़ी…
अक्षय कुमार की इमेज इंडस्ट्री के प्ले बॉय की थी. रवीना टंडन, पूजा बत्रा, शिल्पा शेट्टी के साथ लिंक अप्स की ख़बरों के बाद ट्विंकल से उनकी नज़दीकियां इतनी बढ़ीं कि ये रिश्ता शादी में बदल गया. शादी के बाद भी अक्षय की अपनी को-स्टार्स से नज़दीकियों के किस्से काफ़ी आते रहे, लेकिन ट्विंकल का भरोसा अपने रिश्ते पर बना रहा और अब ये कपल सभी का फेवरेट है.

Bollywood Love Stories

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दिलीप कुमार-सायरा बानो… आज भी हैं साहेब की मलिका सायरा
दोनों की उम्र में 22 साल का अंतर है. सायरा दिलीप साहब की फैन थी और उन्होंने यह कभी नहीं सोचा था कि वो उनकी बेगम भी बनेंगी, पर नियति को यही मंज़ूर था. सायरा की मां चाहती थीं कि सायरा और दिलीप कुमार की शादी हो. शादी के कुछ साल बाद सायरा ने एक्टिंग करियर छोड़ दिया. इसी बीच सायरा और दिलीप के बीच एक पाकिस्तानी लड़की भी आई, जिसके बारे में कहा जाता है कि दिलीप ने उसके साथ निकाह भी रचा लिया था. पर जल्द ही दिलीप कुमार को यह एहसास हुआ कि वो लड़की उन्हें चीट कर रही है. इस दौरान सायरा दिलीप कुमार का सहारा बनी रही और उन्होंने दिलीप साहब को पूरी तरह संभाला. आज भी उम्र व बीमारी के इस दौर में सायरा दिलीप कुमार का हाथ थामे रहती हैं. प्यार से वो उन्हें साहेब कहकर बुलाती हैं. कहते हैं कि जब दिलीप साहब स्वस्थ थे, तो सायरा को मलिका की तरह रखते थे. उनके सारे नाज़ उठाते और बेहद प्यार करते थे. इसे ही सच्चा प्यार कहते हैं. अब सायरा उन्हें बच्चों की तरह संभालती हैं.

priyanka and nick jonas

प्रियंका-निक … देसी गर्ल को मिला सात समंदर पार अपना सच्चा प्यार
एक देसी गर्ल, दूसरा हॉलीवुड का रॉक स्टार… लेकिन दोनों का मिलन हुआ. निक को प्रियंका के इंटेलिजेंस और कॉन्फिडेंस से इतना इंप्रेस किया कि वो प्रियंका के दीवाने हो गए. दोनों की उम्र में 10 साल का अंतर है, निका प्रियंका से 10 साल छोटे हैं और कुछ लोग इस बात को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी करते रहते हैं, लेकिन इन लव-बर्ड्स को इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा और दोनों ही शादी के बंधन में बंध गए. निक भारत आए और भारतीय परंपरा के अनुसार सगाई व शादी भी की. यही सच्चे प्यार की निशानी होती है.

abhishek bachchan and aishwarya rai

अभिषेक-ऐश्‍वर्या… मिस वर्ल्ड पर इस कदर मर मिटे थे जूनियर बी
ऐश्‍वर्या जहां सलमान से अपने टूटे रिश्ते से उबरने की कोशिश में थीं, वहीं अभिषेक भी करिश्मा की यादों से ख़ुद को बाहर निकाल रहे थे. दोनों उस व़क्त साथ में तीन फिल्मों की शूटिंग कर रहे थे और फिल्म गुरू के प्रीमियर के दौरान अभिषेक ने दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत लड़की ऐश्‍वर्या के सामने अपना हाले-दिल बयां किया. ऐश ने अभिषेक का प्रपोज़ल स्वीकार कर लिया. लेकिन ऐश का मांगलिक दोष, अभिषेक पर जाह्नवी नाम की एक लड़की का यह आरोप लगाकर अपने हाथ की नस काट लेना कि अभि ने उससे शादी का वादा किया था और धूम 2 की शूटिंग के दौरान ऐश का किसिंग सीन… ये तमाम बातें दोनों के बीच आईं, लेकिन उनके प्यार को और उन्हें एक होने से नहीं रोक पाईं. आज ऐश बच्चन परिवार की बहू हैं और अभि के साथ बेहद ख़ुश भी.

deepveer

रणवीर सिंह-दीपिका… फेवरेट कपल से लेकर बेस्ट जोड़ी तक…
दीपिका का दिल रणबीर कपूर ने कुछ ऐसा तोड़ा था कि दीपिका के लिए संभलना बेहद मुश्किल हो गया था. वो डिप्रेशन में चली गई थीं. उनके टूटे दिल को जब रणवीर ने संभाला, तो दीपिका को ज़िंदगी से बेहद प्यार हो गया. रामलीला के सेट से जो इनकी लव स्टोरी शुरू हुई, वो शादी की मंज़िल तक पहुंचकर ही पूरी हुई. रणवीर का केयरिंग और लविंग नेचर हर किसी को पसंद है और उनकी यही बात व ज़िंदादिली दीपिका को भी बेहद लुभाई. रणवीर एक पॉज़ीटिव इंसान हैं और उनके साथ भला कौन ख़ुश नहीं होगा. आज दीपिका मिसेज़ रणवीर बन चुकी हैं और अपनी लाइफ से बेहद ख़ुश हैं.

– गीता शर्मा

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