Tag Archives: Love Story

कहानी- ग़लत फैसला (Short Story- Galat Faisla)

“तुमने अगर एक ग़लत फैसला लिया, तो मैं उस वजह से तुम्हारा साथ नहीं छोड़ सकता. साथ निभाने का वादा किया है, उसे निभाना भी जानता हूं. पर…” आंसुओं से भीगे चेहरे पर छाए ग्लानि के भाव देख मानव ने प्यार से उसके कंधे को थपथपाया.

Kahaniya

फैसला तो दोनों ने ही मिलकर किया था… बिना किसी बाध्यता के, ख़ुशी से… सोच-समझकर, फिर ऐसा क्यों हुआ? वह तो यह भी नहीं कह सकती कि उसके साथ धोखा हुआ था, क्योंकि धोखा देने की शुरुआत तो उसने ही की थी. तो क्या जो हुआ, वह ठीक हुआ? वह यही डिज़र्व करती थी. उसे उम्मीद नहीं थी कि नीलेश उसके साथ ऐसा करेगा. ज़िंदगीभर साथ देने का वादा करनेवाला, प्यार के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहनेवाला नीलेश शायद तब घबरा गया, जब सचमुच कुछ करके दिखाने का व़क्त आया.

कैसी विडंबना है कि इतने लंबे समय से दोस्ती का हाथ थामे रखनेवाला नीलेश उसका उन स्थितियों में साथ छोड़ गया, जब वह ख़ुद अपने ही हाथों से अपनी गृहस्थी उजाड़ चुकी थी. जब वह ख़ुद ही अपने हाथों से विश्‍वास के सारे बंधनों व प्रेम के धागों को तोड़ चुकी थी. यह सच है कि वह नीलेश से प्यार करती है बरसों से यानी अपनी शादी से पहले से. इसे लव एट फर्स्ट साइट कहा जा सकता है. उस उम्र में जब सतरंगी ख़्वाब आंखों में पल रहे होते हैं और मन में एक राजकुमार की छवि अंकित होती है… दिल किसी को देखने भर से धड़कने लगता है और होंठ सूखने लगते हैं, तभी उसने नीलेश को देखा था. उसकी आंखों की चुंबकीय जुंबिश और हंसने के साथ ही खिलते असंख्य चटकीले रंगों में वह उसी पल खो गई थी. पढ़ाई पूरी कर नौकरी की तलाश में थी वह.

अचानक या संयोग कहें, उसे प्यार हो गया था. फिर उनकी कुछ मुलाक़ातें हुईं. कभी मेट्रो में, कभी किसी ऑफिस में, कभी मार्केट में, तो कभी रास्ते में. वह भी नौकरी की तलाश में था. हालांकि वह एक जगह नौकरी कर रहा था, पर किसी बड़ी कंपनी में नौकरी करना चाहता था. वैसे वह ख़ुद का बिज़नेस करना चाहता था. बहुत ही महत्वाकांक्षी था वह. ऊंचे सपने व ऊंचाई तक पहुंचने की चाह उसे उकसाती रहती, इसीलिए वह किसी बड़ी कंपनी में किसी बड़े पद को पाने की कोशिश में लगा था. दूसरों को इम्प्रेस करने की क़ाबीलियत तो थी ही उसमें.

आपस में बातें करते, साथ व़क्त गुज़ारते दोनों को ही महसूस होने लगा कि वे एक-दूसरे के साथ ख़ुशी महसूस करते हैं. उनकी सोच, पसंद और ज़िंदगी के प्रति नज़रिया भी काफ़ी एक-सा था. बस, वह महत्वाकांक्षी नहीं थी. बहुत आसानी से संतुष्ट हो जाती थी. इसी बात पर दोनों में कभी-कभी विचारों का टकराव हो जाता था, अन्यथा दोनों को ही साथ रहना अच्छा लगता था. किसी का साथ अच्छा लगे, तो पूरी ज़िंदगी उसी के साथ गुज़ारने का ख़्याल मन में सहज ही पलने लगता है. उसके मन में यह ख़्याल नीलेश से पहले आया था.

वह उससे कुछ ज़्यादा ही प्रैक्टिकल था. वह पहले अच्छे से सेटल होकर फिर प्यार के बारे में सोचना चाहता था. “मुझे तुम अच्छी लगती हो मयूरी. बहुत अच्छी, पर प्यार करता हूं यह बात अभी पूरे विश्‍वास से नहीं कह सकता हूं. तुम्हारे साथ समय बिताना चाहता हूं. तुमसे मिलने का मन करता है, पर यह प्यार है, यह बात जब मेरा मन स्वीकार कर लेगा, तब पलभर नहीं लगाऊंगा तुम्हें कहने में.”

यह भी पढ़े: कृष्ण जन्माष्टमी 2019: इस बार दो दिन मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी, जानें श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महत्व-शुभ मूहुर्त-पूजा विधि-आरती (Krishna Janmashtami 2019: Date, Time, Puja Vidhi, Aarti)         

“कमिटमेंट करने से डरते हो?” चिढ़ते हुए बोली थी मयूरी. बिंदास तो वह शुरू से ही थी, इसलिए बोलने में हिचकती नहीं थी.

“तुम अच्छे से जानते हो नीलेश. मैं, यदि या लेकिन में यक़ीन नहीं करती हूं. हां या ना, बस यही दो चीज़ें मायने रखती हैं मेरे लिए. इसीलिए ़फैसला लेने में मुझे देर नहीं लगती. तुम तो प्यार को स्वीकारने में भी अगर-मगर कर रहे हो.”

“ऐसा नहीं है मयूरी. बस, थोड़ा व़क्त दो मुझे. कम से कम इतना कि मेरे पास इतना पैसा हो कि हम एक आलीशान ज़िंदगी जी सकें. सारी सुख-सुविधाएं हों हमारे पास. एक बड़ा-सा बंगला, कार, नौकर-चाकर…”

“यानी लंबे समय तक कमिटमेंट न करने का इरादा है तुम्हारा. नीलेश, मुझे बहुत ज़्यादा की ख़्वाहिश नहीं है. हम दोनों अभी जो कमाते हैं, वह काफ़ी है. फिर धीरे-धीरे मेहनत करके तऱक्क़ी कर लेंगे. लेकिन तुम्हारी प्लानिंग के हिसाब से चले, तो पांच-छह साल लग जाएंगे और तब तक तुम्हें क्या लगता है मेरे घरवाले मेरी शादी के लिए रुकेंगे. वे तो अभी से शोर मचा रहे हैं.”

“मुझसे प्यार करने का दावा करती हो, तो क्या मेरा इंतज़ार नहीं कर सकती?” इमोशनल ब्लैकमेल करने लगा था नीलेश.

“कर सकती हूं, पर अभी तक तुमने प्यार स्वीकारा नहीं है नीलेश. किस भरोसे पर मैं तुम्हारा इंतज़ार करूं? किस यक़ीन पर मैं अपने घरवालों को यह विश्‍वास दिलाऊं कि तुम बीच राह में मेरा साथ नहीं छोड़ोगे.” बहुत लंबी बहस चली थी तब उनके बीच… शायद तब मयूरी के अंदर के वे एहसास भी चटके थे, जो उसने नीलेश के इर्दगिर्द बुने थे. वही तो प्यार करती है नीलेश से! नीलेश ने तो कभी ऐसा नहीं माना. हो सकता है कि वह कुछ पल का साथ ही निभाना चाहता हो.

वैसे भी उसकी महत्वाकांक्षाएं उसे जब-तब डराती रहती थीं. घर में उसकी शादी की बात चलने लगी थी. वही कोई न कोई बहाना बनाकर टालती जाती यह सोचकर या यही मानकर कि नीलेश कुछ दिनों बाद अपने आप हक़ीक़त से रू-ब-रू हो जाएगा और ऊंचे सपनों की उड़ान को विराम दे उसे अपना लेगा. घरवालों से वह लड़ाई कर सकती थी, पर नीलेश को खोने को वह तैयार नहीं थी.

कई बार उसका दिल करता कि उससे कहे कि प्यार करते हो, तो इस एहसास को दबाकर मत रखो. झलकने दो इसे अपने चेहरे पर, लेकिन कह नहीं पाती थी. असल में तो होता यह है कि जब कोई व्यक्ति हमें अच्छा लगने लगता है, तब हम उसकी हर

अच्छी-बुरी बात को भी पसंद करने लगते हैं और विश्‍वास करना इसी पसंद करनेवाली भावना का अगला पड़ाव होता है. लेकिन नीलेश बहुत बार उसकी भावनाएं आहत कर चुका था. उसके मन में आए अविश्‍वास का भान शायद नीलेश को हो गया था.

“किसी से प्यार करो, पर विश्‍वास नहीं… क्या यह संभव है?” एक दिन कह ही दिया था नीलेश ने उससे. वह कांप उठी थी. उसे खोने का डर मयूरी को कंपा गया था. कहीं नीलेश रूठ न जाए. वह कैसे जी पाएगी उसके बिना? “नीलेश, मेरा रिश्ता तय किया जा रहा है. मानव बहुत ही सुलझे हुए इंसान हैं. आईएएस ऑफिसर हैं. मिली थी मैं उनसे. समझ में नहीं आ रहा कि किस आधार पर उन्हें रिजेक्ट करूं? सबसे बड़ी बात यह है कि उनकी कोई डिमांड भी नहीं है. पापा एक सरकारी अफ़सर हैं. दहेज नहीं दे सकते.” नीलेश के कंधे पर सिर रखकर फफक उठी थी मयूरी. “तो हां कर दो.” नीलेश ने कठोरता से कहा था, तो वह चौंक पड़ी थी.

यह भी पढ़ेरिश्तों में ज़रूरी है टाइम इंवेस्टमेंट (Time Investment Is Most Important For Successful Relationships)

“मेरा मतलब है कि फैसला तुम्हें करना है. मैं तुम पर किसी तरह का दबाव नहीं डालना चाहता. मुझे तो अपने सपनों को पूरा करने में अभी समय लगेगा.”

“और मेरे सपनों का क्या होगा, जो मैंने तुम्हें लेकर देखे हैं?”

“बी प्रैक्टिकल मयूरी. मैं तो कहता हूं कि तुम मानव से शादी कर लो.” हैरान रह गई थी मयूरी. टूट ही गई थी. नीलेश उसके प्यार का इस तरह अपमान करेगा, उसने कभी सोचा नहीं था. उसके प्यार को सीने में दबा उसने मानव से शादी कर ली. इतने अच्छे व नेक दिल पति को पाकर भी वह नीलेश को भूल नहीं पाई थी. बार-बार उसे यही बात कचोटती रहती कि आख़िर नीलेश ने उसे किसी और का कैसे हो जाने दिया. मानव के साथ वह पत्नी धर्म तो निभा रही थी, पर प्यार नहीं कर पा रही थी उसे. नीलेश से धोखा खाने के बाद भी…

शादी को छह महीने हो चुके थे. एक दिन ऑफिस में अपने सामने नीलेश को खड़ा देख सकपका गई थी वह. बढ़ी हुई दाढ़ी, उलझे हुए बाल और हमेशा सलीके से तैयार होनेवाला नीलेश आज अलग ही लग रहा था. लापरवाह ढंग से कपड़े पहने हुए था. चेहरा एकदम बुझा हुआ था. पता लगा कि बेरोज़गार है आजकल.

“तुमसे दूर हो जाने के बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं. वापस लौट आओ मेरी ज़िंदगी में मयूरी.” सुनकर जहां उसे अच्छा लगा था, वहीं एकबारगी फिर से चौंक गई थी. मज़ाक कर रहा है क्या नीलेश. पहले कहा शादी कर लो और अब चाहता है वह लौट आए. “यह असंभव है.”

“कुछ भी असंभव नहीं. मैंने सब सोच लिया है. दो दिन बाद हम हमेशा के लिए यह शहर छोड़कर चले जाएंगे.” हमेशा से प्रैक्टिकल अप्रोच रखनेवाला नीलेश आज कैसी बातें कर रहा है.

“कहां जाएंगे, कहां रहेंगे? मेरी नौकरी का क्या होगा? फिर तुम बेरोज़गार हो. मैं शादीशुदा हूं. मानव से क्या कहूंगी? समाज क्या कहेगा? अब बहुत देर हो चुकी है नीलेश.”

“फिर भी परसों रेलवे स्टेशन पर मैं तुम्हारा इंतज़ार करूंगा. तुम मुझसे प्यार करती हो, इसलिए तुम आओगी, मैं जानता हूं.”

मानव के नाम एक ख़त लिख वह चली आई थी. फिर एक बार धोखा दिया था नीलेश ने उसे. कमिटमेंट करे ऐसी फ़ितरत उसमें थी ही कहां. क्या करे वह…? किस मुंह से वापस जाए. खड़ी रही वह रेलवे स्टेशन पर. बेबस व अपने को कोसते हुए ग्लानि में डूबी हुई.

ट्रेनें आती-जाती रहीं. प्लेटफॉर्म खाली होता, भर जाता. भीड़ और शोर के बावजूद वह ख़ुद को नितांत अकेला महसूस कर रही थी.            तभी सामने से मानव को आते देखा, तो अपनी आंखों पर विश्‍वास नहीं हुआ.

“घर वापस चलो.” अधिकार से हाथ थामते हुए मानव बोले. नज़रें झुक गई थीं मयूरी की. शरीर कांप रहा था. कैसे जा सकती है वह घर वापस…

“तुमने अगर एक ग़लत फैसला लिया, तो मैं उस वजह से तुम्हारा साथ नहीं छोड़ सकता. साथ निभाने का वादा किया है, उसे निभाना भी जानता हूं. पर…” आंसुओं से भीगे चेहरे पर छाए ग्लानि के भाव देख मानव ने प्यार से उसके कंधे को थपथपाया.

“नीलेश एक छलावा था मयूरी. असल में जब उसने तुम्हें धोखा दिया था, तभी से तुम्हारे अंदर उसके लिए अंकुरित प्यार के पौधे कुम्हला गए थे. बस, उसके द्वारा ठुकराए जाने की पीड़ा लिए जीए जा रही हो और वही पीड़ा तुम्हें आज यहां खींच लाई. कुछ नहीं सोचा सिवाय इसके कि उसने तुम्हारे प्यार को क़बूल कर लिया. लेकिन वह कायर तुम्हारे प्यार के क़ाबिल है ही नहीं.”

“मैं तुम्हारे क़ाबिल भी तो नहीं. तुम्हारे जैसे अच्छे इंसान को मैंने भी तो धोखा दिया है.”

“इसे धोखा नहीं, भूल कहते हैं. और आप जिसे प्यार करते हैं, उसकी भूलें माफ़ भी तो कर देते हैं. चलो घर चलते हैं.” मानव ने मज़बूती से मयूरी का हाथ थाम लिया. मयूरी ने उस स्पर्श में विश्‍वास की मज़बूती को महसूस किया.

Suman Bajpai

  सुमन बाजपेयी

अधिक शॉर्ट स्टोरीज के लिए यहाँ क्लिक करें – SHORT STORiES

HBD: अनुष्का और विराट कोहली की लव स्टोरी (Happy Birthday To Anushka Sharma)

अभिनेत्री अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) ने अपने छोटे से फिल्मी करियर में कई बेहतरीन किरदार निभाए हैं और उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से भी नवाज़ा जा चुका है. 1 मई 1988 को जन्मीं अनुष्का ने अपनी मेहनत, लगन और टैलेंट के दम पर इंडस्ट्री में अपना एक अलग मुकाम हांसिल किया है. आज अनुष्का अपना 30वां जन्मदिन मना रही हैं. शादी के बाद हबी विराट के साथ उनका हर बर्थडे स्पेशल रहा है, इसलिए इस बेहद ख़ास मौके पर हम आपको बताते हैं विरुष्का की दिलचस्प लव स्टोरी.

Anushka Sharma, virat kohli, love story

जब पहली बार मिले विरुष्का

बताया जाता है कि अनुष्का और विराट एक शैंपू के ऐड के दौरान पहली बार मिले थे. दोनों की यह मुलाक़ात साल 2013 में हुई थी और तभी दोनों एक-दूसरे को अपना दिल दे बैठे. हालांकि ख़बरें ऐसी भी आई थीं कि दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते हैं.

Anushka Sharma, virat kohli, love story

शुरू हुआ मुलाकातों का सिलसिला

पहली मुलाकात में दिल हार बैठने वाला यह कपल लगातार एक-दूसरे से मिलने के बहाने तलाशने लगा. बताया जाता है कि साल 2014 में जब अनुष्का ‘बॉम्बे वेल्वेट’ और ‘पीके’ की शूटिंग कर रही थीं, तब विराट उनसे मिलने सेट पर जा पहुंचे और तभी से दोनों मीडिया की नज़रों में आ गए. इसी साल दोनों को एक फुटबॉल मैच देखते हुए साथ देखा गया था और फिर उसके बाद एक मैच के दौरान विराट अनुष्का को फ्लाइंग किस देते हुए कैमरे में कैद भी हुए थे.

Anushka Sharma, virat kohli, love story

जब अनुष्का को कहा गया पनौती

हालांकि अनुष्का और विराट के अफेयर की ख़बरों ने जितनी सुर्खियां बटोरी, अनुष्का को उतने ही विवादों का सामना भी करना पड़ा. साल 2015 के वर्ल्ड कप में भारत की हार होने पर अनुष्का को उस हार के लिए ज़िम्मेदार ठहराते हुए उन्हें पनौती तक कहा गया. हालांकि इस घड़ी में विराट ने अनुष्का का साथ नहीं छोड़ा और उनका बचाव किया. इस घटना के बाद से दोनों का रिश्ता और भी मज़बूत हो गया. आख़िरकार इस जोड़े ने एक होने का फैसला करते हुए 11 दिसंबर को शादी कर ली.

Anushka Sharma, virat kohli, love story

विराट के साथ सेलिब्रेट कर रही हैं बर्थडे

बता दें कि अनुष्का पति विराट कोहली और अपने कुछ दोस्तों के साथ आरसीबी के हेडक्वार्टर बैंगलुरु में अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं.

Anushka Sharma, virat kohli, love story

मेरी सहेली की ओर से अनुष्का शर्मा को जन्मदिन की शुभकामनाएं. 

पहला अफेयर: अधूरा एहसास… अधूरा प्यार… (Pahla Affair: Adhura Ehsas… Adhura Pyar)

Pahla Affair

पहला अफेयर: अधूरा एहसास… अधूरा प्यार… (Pahla Affair: Adhura Ehsas… Adhura Pyar)

हर बात अच्छी थी तुम्हारी, क्योंकि तुम में हर वो बात थी, जो किसी भी लड़की को आकर्षित कर सकती थी. कम से कम मुझे तो यही लगता था. यही वहज थी कि मैं भी बिना डोर की पतंग की तरह तुम्हारी ओर खिंचती चली गई. मुहब्बत का वो शुरुआती आकर्षण, वो कशिश, वो एहसास… बेहद ख़ुबसूरत पल थे वो. बेहद हसीन दिन… कॉलेज का लास्ट ईयर था. तुमने इसी साल कॉलेज में एडमिशन लिया था और कुछ ही दिनों में तुम लड़कियों के मोस्ट फेवरेट बन गए थे. तुम्हारा स्टाइल, एटीड्यूड और स्टडीज़ से लेकर हर एक्टिविटीज़ में सबसे आगे रहना… सब दीवानी थीं तुम्हारी ही.

उन सबके बीच तुमने मुझे चुना था. मैं ख़ुद को सबसे ख़ुशनसीब समझ रही थी. वैलेंटाइन डे के दिन तुमने मुझे प्रपोज़ किया और मेरे पास भी इंकार करने का कोई कारण नहीं था. अब तो बस दिन-रात तुम्हारा ही ख़्याल…

इसी बीच हमें कुछ सालों के लिए जुदा होना था, क्योंकि तुम हायर स्टडीज़ के लिए ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे और मुझे जॉब मिल गया था. हमने वादा किया था एक-दूसरे से कि इंतज़ार करेंगे और सही व़क्त आने पर शादी भी, शायद इसीलिए ये दूरियां भी खल नहीं रही थीं इतनी.

तुम्हारा रोज़ कॉल आता. वीडियो कॉल पर ढेरों बातें होतीं. तुम अक्सर पूछते कि मेरे ऑफिस में कौन-कौन है… मैं कहां जा रही हूं… क्या कर रही हूं… और मैं भी अपनी सारी बातें तुमसे शेयर करती. हमारे दिन-रात के अंतर का भी हमारी बातचीत पर असर नहीं पड़ता था. तुम देर रात तक जागते थे, मुझसे बात करने के लिए.

उस दिन, तुम शायद नशे में थे, जब मैंने तुम्हें अपनी ऑफिस की पार्टी के बारे में बताया था, क्योंकि तुम्हारा ऐसा रूप मैंने पहले कभी नहीं देखा था. तुमने मुझे, अपनी प्रिया को इतना बुरा-भला कह दिया कि मुझे विश्‍वास ही नहीं हो रहा था अपने कानों पर. तुमने मेरे चरित्र पर सवाल उठाए कि ऑफिस पार्टी में दूसरों के साथ डान्स क्यों किया… इतना बन-ठन के क्यों गई… मेरे लिए काफ़ी शॉकिंग था तुम्हारा यह बर्ताव, पर मैंने अपने दिल को यही कहकर समझा लिया कि तुम दूर हो, इसीलिए ओवर पज़ेसिव हो रहे हो. साथ ही तुम नशे में भी थे.
ख़ैर, दो-तीन दिन की नाराज़गी के बाद तुमने माफ़ी मांगी और सब कुछ नॉर्मल हो गया. लेकिन फिर कुछ दिनों बाद तुम्हारे वही सवालात… कि फोन क्यों नहीं उठाया, मेरा फोन था, तुम समझती क्या हो, नौकरी करके मुझ पर एहसान नहीं कर रही… और भी न जाने क्या-क्या… उसके बाद तो ये सिलसिला रूटीन ही बन गया था… तुम हर रोज़ किसी न किसी बात को लेकर मुझे बुरा-भला कहते और अगले दिन माफ़ी मांग लेते.

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: मुझे माफ़ कर देना… (Pahla Affair: Mujhe Maaf Kar Dena)

अगले महीने तुम छुट्टियों में इंडिया आनेवाले थे. मुझे लगा मिलकर बात करेंगे, तो शायद मैं तुम्हें बेहतर ढंग से समझा सकूं. तुम आए, हम मिले भी, पर मुझे कहीं न कहीं यह एहसास हो रहा था कि तुम्हारा पुरुष अहम् तुम्हें सहज नहीं रहने दे रहा था मेरे साथ. तुम्हें लगता था कि तुम जो बोलो वही हो, तुम जब बोलो, तभी हो, क्यों? “क्योंकि मैं बोल रहा हूं, क्या इतना काफ़ी नहीं है?” यही जवाब होता तुम्हारा.
जब मन करता मेरा फोन उठाकर चेक करना, सोशल मीडिया पर किस-किस से पिक्चर लाइक की है, उसका नाम देखकर उसके बारे में सवाल करना… उसके बाद सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह देना… और मैं भी हर बात मानती चली गई, क्योंकि मैं तुम्हें खोना नहीं चाहती थी. पर अक्सर मन में सोचती थी कि मेरा राज ऐसी सोच रखता है. इस मॉडर्न ज़माने में, ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है, फिर भी ऐसी सोच?

उस दिन जब तुम वापस लौट रहे थे, मन बहुत उदास था. तुमसे लिपटकर रो रही थी मैं और तुमने मुझे सहलाते हुए कहा, “प्रिया, रोने की क्या बात है, तुम्हारे तो यहां भी बहुत सारे दोस्त हैं. उनस मन बहला लेना.”

“ये क्या बकवास है…”

“अरे, ठीक ही ता है. फ्रेंड्स तो होते ही इसलिए हैं. इतना सीरियस होने की क्या बात है.”

ख़ैर, तुम चले गए. तुम्हारी स्टडीज़ कंप्लीट होने को थी और अब तुम हमेशा के लिए इंडिया आनेवाले थे. हम शादी करनेवाले थे. तुम आए, हमारी सगाई भी हो गई. एंगेजमेंट में तुम्हारे दोस्त मेरे साथ हंसी-मज़ाक कर रहे थे. पार्टी ख़त्म होने पर मैंने तुमसे गौतम के बारे में पूछा भी था कि काफ़ी हंसमुख लड़का है. और तुमने कहा, “हां, पसंद है, तो नंबर दे देता हूं. बुला लेना रात को. चाहो तो बेड भी शेयर कर लेना.”

मैं पत्थर बनी वहीं खड़ी रही. सारी रात सोचती रही… कहां, क्या ग़लत हो रहा है मुझसे? क्या मैं यह सब डिज़र्व करती हूं?

“अरे, प्रिया सुबह-सुबह, क्या बात है?”

“हां राज, तुमसे ज़रूरी बात करनी थी. तुम्हें कुछ देना चाहती हूं.”

“क्या लाई हो मेरे लिए स्वीटहार्ट?”

“ये एंगेजमेंट रिंग, इसे अपने पास ही रखो और जब तुम्हें कोई ऐसी लड़की मिल जाए, तो तुम्हारी घटिया सोच के साथ निभा सके, तब उसे यह पहना देना.” और मैं चली आई वहां से. मेरे परिवारवाले भी मेरे इस फैसले से सहमत थे. तुमने भी उसके बाद कोई फोन या माफ़ी नहीं मांगी, क्योंकि मैं जानती थी, तुम्हारा ईगा इतना बड़ा है कि कोई लड़की तुम्हें ठुकरा दे, यह तुमसे बर्दाश्त नहीं होगा.

मेरा पहला प्यार भले ही अधूरा था, उसमें दर्द था, लेकिन मैंने सही समय पर उसे अधूरा छोड़ने का जो फैसला लिया, उससे मैं ख़ुश थी. ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं, इंसान को परखने से कहीं ज़्यादा उसे समझने में व़क्त लग जाता है. ऊपरवाले ने मेरे लिए भी कोई न कोई सही और सच्चा इंसान ज़रूर चुन रखा होगा. जब वो मुझे मिल जाएगा, तो दोबारा प्यार करने से परहेज़ नहीं करूंगी, क्योंकि मुझे प्यार से शिकायत नहीं, प्यार की भावना पर पूरा भरोसा है मुझे, क्योंकि प्यार ग़लत नहीं होता, ग़लत स़िर्फ इंसान होता है.

– गीता शर्मा

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: तुम बिन… अधूरी मैं! (Pahla Affair: Tum Bin… Adhuri Main)

बॉलीवुड की 9 स्वीट लव स्टोरीज़… जिन्हें मिली उनकी मंज़िल! (9 Bollywood Love Stories With Happy Endings)

Bollywood Love Stories

बॉलीवुड की 9 स्वीट लव स्टोरीज़… जिन्हें मिली उनकी मंज़िल! (9 Bollywood Love Stories With Happy Endings)

एक लफ़्ज़, एक एहसास… एक चाहत-सी कुछ ख़ास… न दरमियान कोई, न फासले, पर इम्तिहान कई हैं इस राह पर… ़कैद होते हैं आंखों में कई हसीन सपने, लबों पर गुलाब-से खिले रहते हैं… कोई ये माने या न माने, पर दिलों में अंजाने से कुछ सिलसिले रहते हैं… कभी डगमगाती राहों में, कभी धूप में, तो कभी छांव में… हर व़क्त निगाहें ढूंढ़ती हैं महबूब को अपने इश्क़ की पनाहों में…
प्यार, इश्क़, मुहब्बत, लव… कुछ भी कह लो, पर एहसास एक ही है… इस एहसास ने जिसे भी छू लिया, उसने ख़ुद को खोकर भी जैसे सारा जहां पा लिया… यहां हम इसी अनोखे एहसास का ज़िक्र करेंगे, जिनसे अछूते हमारे फिल्मी सितारे भी नहीं रहे… उन्होंने कैसे अपनी मुहब्बत को ताउम्र के लिए पाया और किस शिद्दत से अपने प्यार को निभाया, आइए जानें…

amitabh bachchan and jaya bachchan

अमिताभ-जया… अनोखी मुहब्बत के सिलसिले
जिस व़क्त अमिताभ बॉलीवुड में स्ट्रगल कर रहे थे, उस समय जया एक स्थापित अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि स्टार थीं. अमिताभ एक फ्लॉप एक्टर थे और उस समय उनके साथ कोई भी एक्ट्रेस काम नहीं करना चाहती थी. फिर आई फिल्म ज़ंजीर, जिसमें अमिताभ को जया के साथ पेयर किया गया. ज़ंजीर अमिताभ की पहली सोलो हिट साबित हुई. कहा जाता है कि ज़ंजीर से पहले अमिताभ ने अपनी नाकामयाबी से तंग आकर फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंज़ूर था. जहां ज़ंजीर ने इंडस्ट्री को एंग्री यंग मैन के रूप में नया सुपरस्टार दिया था, वहीं अमिताभ को पर्सनल लाइफ में उनका सच्चा प्यार भी मिला जया के रूप में और दोनों शादी के बंधन में बंध गए.
हालांकि अमिताभ के रेखा के साथ लिंक अप की बातों के बाद इन दोनों की शादी में कुछ प्रॉब्लम्स ज़रूर आई थी. यश चोपड़ा ने अपने इंटरव्यू में कहा भी था कि फिल्म सिलसिला कीर शूटिंग के दौरान जया और रेखा के बीच माहौल काफ़ी तनावपूर्ण रहा करता था…
ख़ैर, वो पुरानी बातें हैं, जया ने अमिताभ की हर मुश्किल घड़ी में पूरी शिद्दत से साथ दिया. जिस व़क्त अमिताभ कुली के दौरान लगी चोट के कारण अस्पताल में थे, उस व़क्त जया ने उन्हें इस तरह संभाला कि अमिताभ को अपने प्यार के सामने झुकना ही पड़ा. आज ये बॉलीवुड के सबसे हैप्पी और आदर्श कपल के रूप में जाने जाते हैं, इसका ताज़ा उदाहरण है अपनी 45 एनीवर्सरी पर अमिताभ का जया के साथ क्यूट-सा पिक्चर सोशल मीडिया पर शेयर करना और ब्लॉग में अपने दिल की बात कहना. अमिताभ ने लिखा था कि वो यह स्पेशल दिन जया के साथ नहीं गुज़ार पाएंगे, क्योंकि जया ट्रैवल कर रही हैं, इसलिए वो आधी रात को जया को फोन कर रहे हैं, क्योंकि अगला दिन बहुतों के लिए सामान्य, पर कुछ के लिए ख़ास होगा. इस रोमांटिक मैसेज ने सबका दिल जीत लिया और अमिताभ के जया के प्रति प्यार को और गहराई से साबित भी कर दिया.

Bollywood Love Stories

ऋषि कपूर-नीतू सिंह… लवर बॉय ने यूं इंप्रेस किया अपनी लेडी क्वीन को
ऋषि कपूर बॉलीवुड के ओरिजनल लवर बॉय कहे जाते हैं. उनकी चॉकलेटी हीरोवाली इमेज ने लाखों दिलों को धड़काया, जिसमें नीतू का भी एक दिल शामिल था. ऋषि ने नीतू को इंप्रेस करने के लिए न जाने क्या-क्या किया. दोनों की ऑनस्क्रीन जोड़ी भी काफ़ी पसंद की जाती थी और ऑफ स्क्रीन भी उन्होंने ख़ुद को परफेक्ट हसबैंड-वाइफ साबित कर दिया. कहा जाता है कि फिल्म कभी-कभी की शूटिंग के दौरान ऋषि-नीतू पर एक गाना फिल्माया जा रहा था, तब ऋषि ने बिना नीपैड के ही जोश-जोश में भागकर ऊपर से जंप लगाया और घटने के बल नीतू के सामने बैठकर गाने की शूटिंग करने लगे, जबकि उस व़क्त ऋषि के घुटने बुरी तरह चोटिल हो गए थे, पर नीतू को इंप्रेस करने के चक्कर में अपना दर्द छुपा गए. नीतू ने महज़ 21 साल की उम्र में ही अपना बेहद सफल फिल्मी करियर छोड़कर शादी कर ली और इस शादी को वो अब तक पूरी शिद्दत से निभा भी रही हैं.

Saif ali khan and kareena

सैफ-करीना… नवाब का टशन बहुत भाया गॉर्जियस बेबो को
फिल्म टशन की शूटिंग के दौरान सैफ और करीना में प्यार हुआ और इसी दौरान करीना और शाहिद का रिश्ता भी टूटा. पांच साल तक सैफ और करीना ने एक-दूसरे को डेट किया. अपने रिश्ते को किसी से नहीं छुपाया और करीना हमेशा सैफ को अपना बेस्ट फ्रेंड भी मानती थीं, जो उनके रिश्ते को और मज़बूत बनाता था. अलग-अलग मज़हब से होने के बाद भी दोनों ने शादी की और आज करीना सैफ की बेगम हैं.

shahrukh khan and gauri khan

शाहरुख-गौरी… एक परीकथा-सी लव स्टोरी
जिस व़क्त शाहरुख गौरी के दीवाने हुए थे, उस समय वो स्टारडम से कोसों दूर थे. गौरी के परिवारवाले नहीं चाहते थे कि शाहरुख गौरी के क़रीब आएं. यहां तक कि शाहरुख के ओवरपज़ेसिवनेस से तंग आकर गौरी भी उन्हें बिना बताए मुंबई चली आई थीं. लेकिन सच्चा प्यार किसी के रोके नहीं रुकता. शाहरुख भी गौरी के पीछे-पीछे मुंबई आ गए और दोनों को ही यह एहसास हुआ कि उनकी मंज़िल एक ही है. हालांकि गौरी ने शाहरुख के सामने एक शर्त भी रखी कि शाहरुख शादी के बाद उन्हें शॉर्ट ड्रेसेज़ पहनने देंगे और इसी शर्त पर वो शाहरुख से शादी करेंगी, क्योंकि शाहरुख गौरी को छोटे कपड़े नहीं पहनने देते थे.
दोनों ने शादी का फैसला किया, लेकिन उनकी शादी में थोड़ी अड़चन आई, क्योंकि शाहरुख न स़िर्फ दूसरे धर्म के थे, बल्कि उनका करियर भी स्टेबल नहीं था, वो बॉलीवुड में स्ट्रगल कर रहे थे, लेकिन शाहरुख के सच्चे प्यार और दिल जीत लेनेवाले व्यवहार ने गौरी के पैरेंट्स को तैयार कर लिया और दोनों ने शादी कर ली.

akshay kumar and twinkle khanna

अक्षय कुमार-ट्विंकल खन्ना… मिस्टर खिलाड़ी को ऐसी मिली परफेक्ट मिस खिलाड़ी…
अक्षय कुमार की इमेज इंडस्ट्री के प्ले बॉय की थी. रवीना टंडन, पूजा बत्रा, शिल्पा शेट्टी के साथ लिंक अप्स की ख़बरों के बाद ट्विंकल से उनकी नज़दीकियां इतनी बढ़ीं कि ये रिश्ता शादी में बदल गया. शादी के बाद भी अक्षय की अपनी को-स्टार्स से नज़दीकियों के किस्से काफ़ी आते रहे, लेकिन ट्विंकल का भरोसा अपने रिश्ते पर बना रहा और अब ये कपल सभी का फेवरेट है.

Bollywood Love Stories

यह भी पढ़ें: सारा और जाह्नवी में कौन है बेहतर? जानिए कार्तिक आर्यन की राय (Kartik Aaryan Feels Sara Ali Khan Has A Brighter Future Than Janhvi Kapoor)

दिलीप कुमार-सायरा बानो… आज भी हैं साहेब की मलिका सायरा
दोनों की उम्र में 22 साल का अंतर है. सायरा दिलीप साहब की फैन थी और उन्होंने यह कभी नहीं सोचा था कि वो उनकी बेगम भी बनेंगी, पर नियति को यही मंज़ूर था. सायरा की मां चाहती थीं कि सायरा और दिलीप कुमार की शादी हो. शादी के कुछ साल बाद सायरा ने एक्टिंग करियर छोड़ दिया. इसी बीच सायरा और दिलीप के बीच एक पाकिस्तानी लड़की भी आई, जिसके बारे में कहा जाता है कि दिलीप ने उसके साथ निकाह भी रचा लिया था. पर जल्द ही दिलीप कुमार को यह एहसास हुआ कि वो लड़की उन्हें चीट कर रही है. इस दौरान सायरा दिलीप कुमार का सहारा बनी रही और उन्होंने दिलीप साहब को पूरी तरह संभाला. आज भी उम्र व बीमारी के इस दौर में सायरा दिलीप कुमार का हाथ थामे रहती हैं. प्यार से वो उन्हें साहेब कहकर बुलाती हैं. कहते हैं कि जब दिलीप साहब स्वस्थ थे, तो सायरा को मलिका की तरह रखते थे. उनके सारे नाज़ उठाते और बेहद प्यार करते थे. इसे ही सच्चा प्यार कहते हैं. अब सायरा उन्हें बच्चों की तरह संभालती हैं.

priyanka and nick jonas

प्रियंका-निक … देसी गर्ल को मिला सात समंदर पार अपना सच्चा प्यार
एक देसी गर्ल, दूसरा हॉलीवुड का रॉक स्टार… लेकिन दोनों का मिलन हुआ. निक को प्रियंका के इंटेलिजेंस और कॉन्फिडेंस से इतना इंप्रेस किया कि वो प्रियंका के दीवाने हो गए. दोनों की उम्र में 10 साल का अंतर है, निका प्रियंका से 10 साल छोटे हैं और कुछ लोग इस बात को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी करते रहते हैं, लेकिन इन लव-बर्ड्स को इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा और दोनों ही शादी के बंधन में बंध गए. निक भारत आए और भारतीय परंपरा के अनुसार सगाई व शादी भी की. यही सच्चे प्यार की निशानी होती है.

abhishek bachchan and aishwarya rai

अभिषेक-ऐश्‍वर्या… मिस वर्ल्ड पर इस कदर मर मिटे थे जूनियर बी
ऐश्‍वर्या जहां सलमान से अपने टूटे रिश्ते से उबरने की कोशिश में थीं, वहीं अभिषेक भी करिश्मा की यादों से ख़ुद को बाहर निकाल रहे थे. दोनों उस व़क्त साथ में तीन फिल्मों की शूटिंग कर रहे थे और फिल्म गुरू के प्रीमियर के दौरान अभिषेक ने दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत लड़की ऐश्‍वर्या के सामने अपना हाले-दिल बयां किया. ऐश ने अभिषेक का प्रपोज़ल स्वीकार कर लिया. लेकिन ऐश का मांगलिक दोष, अभिषेक पर जाह्नवी नाम की एक लड़की का यह आरोप लगाकर अपने हाथ की नस काट लेना कि अभि ने उससे शादी का वादा किया था और धूम 2 की शूटिंग के दौरान ऐश का किसिंग सीन… ये तमाम बातें दोनों के बीच आईं, लेकिन उनके प्यार को और उन्हें एक होने से नहीं रोक पाईं. आज ऐश बच्चन परिवार की बहू हैं और अभि के साथ बेहद ख़ुश भी.

deepveer

रणवीर सिंह-दीपिका… फेवरेट कपल से लेकर बेस्ट जोड़ी तक…
दीपिका का दिल रणबीर कपूर ने कुछ ऐसा तोड़ा था कि दीपिका के लिए संभलना बेहद मुश्किल हो गया था. वो डिप्रेशन में चली गई थीं. उनके टूटे दिल को जब रणवीर ने संभाला, तो दीपिका को ज़िंदगी से बेहद प्यार हो गया. रामलीला के सेट से जो इनकी लव स्टोरी शुरू हुई, वो शादी की मंज़िल तक पहुंचकर ही पूरी हुई. रणवीर का केयरिंग और लविंग नेचर हर किसी को पसंद है और उनकी यही बात व ज़िंदादिली दीपिका को भी बेहद लुभाई. रणवीर एक पॉज़ीटिव इंसान हैं और उनके साथ भला कौन ख़ुश नहीं होगा. आज दीपिका मिसेज़ रणवीर बन चुकी हैं और अपनी लाइफ से बेहद ख़ुश हैं.

– गीता शर्मा

यह भी पढ़ें: माइनस 10 डिग्री में टीवी की इस संस्कारी बहू ने कराया बिकनी में फोटोशूट, देखें पिक्स (See The Bold Photo Shoot Of This TV Actress)

Birthday Special: इस क्रिकेटर को देखते ही अपना दिल दे बैठी थीं धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित (Happy Birthday Madhuri Dixit)

90 के दशक में बॉलीवुड इंडस्ट्री पर राज करनेवाली धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) बॉलीवुड की एक ऐसी अभिनेत्री हैं, जिन्हें देखकर न सिर्फ़ दर्शकों का दिल तेज़ी से धड़कता था, बल्कि उनके को-स्टार्स भी उनकी एक मुस्कान पर अपना दिल हार बैठते थे. आज माधुरी दीक्षित 51 साल की हो गई हैं.  15 मई 1967 को जन्मी माधुरी का नाम संजय दत्त से जुड़ा, लेकिन उनके जीवन में एक ऐसा दौर भी आया जब क्रिकेटर अजय जडेजा को देखते ही वो अपना दिल हार बैठीं. चलिए जानते हैं माधुरी और अजय जडेजा की अधूरी लवस्टोरी.

Birthday, Madhuri Dixit

दरअसल, संजय दत्त से किनारा करने के बाद एक मैग्ज़ीन फोटोशूट के सिलसिले में माधुरी की मुलाक़ात क्रिकेटर अजय जडेजा से हुई. अजय जडेजा को देखते ही माधुरी का दिल उनके लिए धड़कने लगा और उनका दिल हाथों से फिसलने लगा. अजय जडेजा का क्रिकेट करियर और फैमिली बैकग्राउंड इतना जबरदस्त था कि माधुरी ख़ुद को उनके प्रति आकर्षित होने से नहीं रोक पाईं.

Birthday, Madhuri Dixit

माधुरी के साथ अजय जडेजा का नाम जुड़ते ही बॉलीवुड में दोनों के अफेयर की चर्चा ज़ोरों पर शुरू हो गई, लेकिन अजय का नाम जब अज़हर के साथ मैच फिक्सिंग में आया तो इससे न सिर्फ़ जडेजा का क्रिकेट करियर बर्कोबाद हो गया, बल्कि अजय और माधुरी के सुनहरे भविष्य का सपना भी चूर-चूर हो गया.

Birthday, Madhuri Dixit

 

गौरतलब है कि मैच फिक्सिंग में फंसने के बाद दाग़दार व्यक्तित्व वाले अजय जडेजा से माधुरी दीक्षित ने किनारा करना ही बेहतर समझा और डॉक्टर नेने से शादी कर वो इंडिया छोड़कर चली गईं. इस तरह अजय जडेजा की एक छोटी सी ग़लती की वजह से दोनों की लव स्टोरी ने बीच राह में ही दम तोड़ दिया.

 

यह भी पढ़ें: रणबीर कपूर का नाम सुनते ही शर्म से लाल हुआ आलिया का चेहरा

 

 

एक्स बॉयफ्रेंड शरद मल्होत्रा ने रुलाया दिव्यांका त्रिपाठी को (Divyanka Tripathi Cried Talking About Ex Boyfriend Ssharad Malhotraa)

Divyanka Tripathi, Ex Boyfriend, Ssharad Malhotraa

कहते हैं ना, प्यार का रिश्ता भुलाए नहीं भूलता. कुछ ऐसा ही हुआ टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी के साथ. दिव्यांका के सामने जब उनके एक्स बॉयफ्रेंड शरद मल्होत्रा का ज़िक्र आया, तो वो ख़ुद को रोक नहीं सकीं और इमोशनल हो गयीं. बता दें कि दिव्यांका त्रिपाठी का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में दिव्यांका त्रिपाठी अपने एक्स बॉयफ्रेंड शरद मल्होत्रा की बात करते हुए इमोशनल हो गयीं. ऐसा एक चैट शो में हुआ.

Divyanka Tripathi, Ex Boyfriend, Ssharad Malhotraa
दिव्यांका त्रिपाठी हाल ही में एक चैट शो ‘जज़्बात’ में पति विवेक दहिया के साथ पहुंची थीं. शो के होस्ट राजीव खंडेलवाल ने जब दिव्यांका त्रिपाठी से पूछा कि हार्टब्रेक ने उनसे क्या लिया, तो दिव्यंका ने इमोशनल होकर बताया, “मेरे 8 साल, उस दौरान ऐसा लगा जैसे ज़िंदगी खत्म हो रही है. मैं अंधविश्वास के लेवल तक चली गई थी, मैं शायद बिना प्यार के नहीं रह सकती. इस शो में दिव्यांका त्रिपाठी ने प्रेग्नेंसी से जुड़े सवाल पर भी बात की.

यह भी पढ़ें: दर्शकों को ख़ूब हंसाते हैं ये सीरियल्स, बताइए कौन सा कॉमेडी सीरियल है आपका फेवरेट?

दिव्यांका त्रिपाठी ने इस शो का वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर भी शेयर किया है:

Waiting ? 6th May… SUNDAY… 7pm…. On Zee… #JuzzBaatt #DiVek

A post shared by Divyanka Tripathi Dahiya (@divyankatripathidahiya) on

रवि दुबे और सरगुन मेहता की प्रेम कहानी (Love Story Of Ravi Dubey And Sargun Mehta)

Love Story Of Ravi Dubey And Sargun Mehta

मनचाहा जीवनसाथी, मनचाहा प्रोफेशन, मनचाही ख़ुशियां… यदि ये सब हासिल हो जाएं तो ज़िंदगी से और क्या चाहिए? टेलीवुड के मेड फॉर ईच अदर कहलाए जाने वाले कपल रवि और सरगुन को भी ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं. वो पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ़ में स्टेप बाई स्टेप क़ामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते जा रहे हैं और ज़िंदगी का खुलकर लुत्फ़ उठा रहे हैं. एनर्जी से भरपूर इस सुपर स्टाइलिश कपल की प्रेम कहानी कैसे शुरू हुई? आइए, हम आपको बताते हैं.

एक-दूसरे के सपोर्ट सिस्टम बनकर एक-दूसरे की क़ामयाबी के हिस्सेदार कैसे बना जा सकता है, ये कोई रवि और सरगुन से सीखे. दोनों बहुत बिज़ी रहते हैं, फिर भी बहुत ख़ुश और एक-दूसरे से कनेक्टेड रहते हैं. दोनों ही बहुत आशावादी हैं और अपनी मंज़िल तक पहुंचना अच्छी तरह जानते हैं. आइए, रवि और सरगुन की ज़िंदगी को और क़रीब से जानें.

कैसी थी आप दोनों की पहली मुलाक़ात?
रवि दुबे: सरगुन से मैं पहली बार करोल बाग़ के सेट पर मिला. बहुत जल्दी हमारी दोस्ती हो गई और उतनी ही जल्दी मुझे ये एहसास हो गया मुझे सरगुन से प्यार हो गया है. फिर क्या था, मैंने सरगुन को प्रपोज़ किया और जल्दी ही हमने शादी कर ली.
सरगुन मेहता: पहली नज़र में तो हम इंसान का रूप-रंग ही देखते हैं. मैंने जब रवि को पहली बार देखा तो वो अपनी वैन से उतर रहे थे, वो करोल बाग़ की शूटिंग के लिए दिल्ली आए थे. ब्लैक कलर के जैकेट और ब्लू डेनिम में रवि को देखकर मैं सोचने लगी, ङ्गओह माय गॉड, ये हैंडसम लड़का कौन है!फ मेज़े की बात ये है कि जब मैंने रवि का लुक टेस्ट देखा था तो मेरा रिएक्शन था, ङ्गये चश्मिस लड़का कौन है?फ लुक टेस्ट में रवि एकदम ऑर्डिनरी लग रहे थे, क्योंकि वो फोटोग्राफ्स उनके कैरेक्टर की थी, लेकिन असल में उन्हें देखकर मैं देखती ही रह गई. फिर जल्दी ही हमारी दोस्ती हो गई. करोल बाग़ के बाद जब हम दिल्ली से मुंबई आए तो मैंने देखा कि रवि हमेशा मेरे आसपास रहते हैं, घर ढूंढ़ने से लेकर सेटल होने तक हर चीज़ में मेरी मदद कर रहे हैं, उनकी ये तमाम बातें मुझे अच्छी लगने लगीं. तब मेरे मन में भी मोहब्बत का एहसास जागने लगा था.

शादी के बाद कितनी बदली ज़िंदगी?
रवि दुबे: कुछ भी नहीं बदला है शादी के बाद, सिवाय इसके कि हम एक घर में रहने लगे हैं. हम दोनों शादी के पहले भी अपने पैरेंट्स से दूर अकेले रह रहे थे. घर और करियर दोनों संभाल रहे थे इसलिए शादी के बाद ज़िम्मेदारियां बढ़ी नहीं हैं, बल्कि बंटी हैं. अब हम साथ मिलकर अपनी तमाम ज़िम्मेदारियां पूरी कर रहे हैं. हां, इतना ज़रूर है कि शादी के बाद इंसान अपनी लाइफ को लेकर और ज़्यादा क्लियर हो जाता है, उसे पता होता है कि उसे अपनी फैमिली के लिए क्या करना है.
सरगुन मेहता: शादी के बाद ज़िंदगी में कोई बदलाव नहीं आया. शादी से पहले मैं मुंबई में अकेली रह रही थी इसलिए काम के साथ-साथ घर ढूंढ़ने से लेकर, फोन, लाइट के बिल भरना, खाने-पीने बंदोबस्त… सबकुछ मैं अकेले ही मैनेज कर रही थी. शादी के बाद भी मैं वही सारे काम कर रही हूं. अब रवि साथ है तो बल्कि ज़्यादा आसानी हो गई है.

आप दोनों के बीच नोकझोंक कितनी होती है?
रवि दुबे: नोकझोंक तो हर कपल के बीच होता है, लेकिन हमारे साथ ख़ास बात ये है कि हमें दूसरी चीज़ों पर भले ही ग़ुस्सा आ जाए, लेकिन एक-दूसरे पर कभी ग़ुस्सा नहीं आता.
सरगुन मेहता: डे टु डे लाइफ की नोंकझोक तो हर रिश्ते में होती है, उससे आप बच नहीं सकते. सोफे के कलर, एक्स्ट्रा टीवी या फिर किसी काम को लेकर नोंकझोंक हो ही जाती है, लेकिन वो उतनी ही जल्दी खत्म भी हो जाती है.

डेली सोप में काम करते हुए पर्सनल लाइफ के लिए कितना टाइम मिल पाता है?
रवि दुबे: हर इंसान के पास दिन में चौबीस घंटे ही होते हैं, ये आप पर है कि आप अपने काम को कितना और कैसे इस्तेमाल करते हैं. मेरी पत्नी मेरी प्राथमिकता है और मैं ये अच्छी तरह जातना हूं कि मैं उसके साथ क्वालिटी टाइम कैसे बिता सकता हूं. दरअसल, जो लोग ढीले होते हैं वो बहुत टाइम पास करते हैं और काम न कर पाने हज़ार एक्सक्यूज़ देते हैं, लेकिन जो लोग एक साथ कई काम करते हैं, वो अपने हर काम के लिए टाइम निकाल ही लेते हैं और टाइम मैनेज करना भी अच्छी तरह जानते हैं.
सरगुन मेहता: आप कितने घंटे काम करते हैं इससे ज़्यादा ज़रूरी है कि आप अपने काम से कितना प्यार करते हैं, उसे कितना एंजॉय करते हैं. हम लकी हैं कि हम वही काम कर रहे हैं जो हमें पसंद है. साथ ही मैं उस इंसान के साथ रह रही हूं जिसे मैं प्यार करती हूं इसलिए मैं ख़ुद को बहुत लकी मानती हूं. फिलहाल मेरे पास टाइम ज़्यादा है, क्योंकि मुझे मेरी फिल्म की डेट्स के हिसाब से काम करना पड़ता है, लेकिन रवि डेली सोप कर रहे हैं इसलिए उनके पास बिल्कुल भी टाइम नहीं है, हम दोनों एक छत के नीचे रह रहे हैं, हमारे लिए इतना ही काफ़ी है.

प्रोफेशनल लाइफ में एक-दूसरे को कितना सपोर्ट करते हैं?
रवि दुबे: हम दोनों एक ही प्रोफेशन में हैं इसलिए अपने काम और शेड्यल को अच्छी तरह समझते हैं. अब कुछ ही दिनों में सरगुन अपनी फिल्म की शूटिंग के लिए बीस दिनों के लिए चली जाएगी और मैं इसके लिए मेंटली तैयार हूं, क्योंकि यही हमारे काम का पैटर्न है. मेरे शहर से बाहर जाने पर सरगुन भी सबकुछ संभाल लेती है.
सरगुन मेहता: रवि और मेरी बॉन्डिग इतनी मज़बूत है कि हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह जानते हैं. आप हमें एक-दूसरे का बैक बोन कह सकते हैं. हम एक-दूसरे को उसकी ख़ासियत और कमी दोनों बताते रहते हैं, ताकि हम साथ मिलकर आगे बढ़ सकें. रवि जानते हैं कि मैं क्या कर सकती हूं और मैं जानती हूं कि रवि में कितना पोटेंशियल है.

प्यार क्या है आपकी नज़र में?
रवि दुबे: मेरी नज़र में प्यार कंपैनियनशिप है. व़क्त के साथ आपके रिलेशनशिप के सारे पिलर्स टूटते जाते हैं, फिर चाहे वो लुक्स हो, फिज़िकैलिटी, लव-अफेयर का यूफोरिया… सबकुछ ध्वस्त हो जाता है. उसके बाद स़िर्फ एक-दूसरे की कंपनी बच जाती है. यदि आप दोनों को वाकई एक-दूसरे का साथ अच्छा लगता है, दुनिया में ऐसा कोई टॉपिक नहीं जो आप एक-दूसरे के साथ शेयर नहीं करते, तो आपका रिश्ता मज़बूत है और आप अपने रिश्ते में हमेशा ख़ुश रहते हैं. यदि आप के बीच कंपैनियनशिप नहीं है, तो जब आपके रिश्ते के सारे पिलर्स ढलते चले जाएंगे, तो आपको अपने रिश्ते को जस्टिफाई करने की वजहें ढूंढ़नी पड़ेंगी.
सरगुन मेहता: मेरी नज़र में प्यार वो है जो अपने आप होता चला जाए, जहां आपको सोच-समझकर या एफर्ट लगाकर कुछ करना न पड़े. आप अपने पार्टनर से दुनिया की हर बात शेयर कर सकें.

भाग्य या ईश्‍वर में विश्‍वास करते हैं?
रवि दुबे: आपकी लाइफ वैसे डिज़ाइन होती है जैसे आप सोचते हैं. यदि आपको लगता है कि ये इंडस्ट्री आपकी दोस्त नहीं दुश्मन है, तो आपको वैसे ही लोग मिलेंगे, लेकिन आप यदि पॉज़िटिव रहेंगे तो आपके साथ सबकुछ पॉज़िटिव होता चला जाएगा. मैं और सरगुन बहुत आशावादी हैं, हम हर चीज़ में पॉज़िटिविटी ही ढूंढ़ते हैं.
सरगुन मेहता: ईश्‍वर कह लीजिए या यूनिवर्स मेरा उसमें अटूट विश्‍वास है. ओपरा ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि मैं मेहनत करती जा रही थी और मेरे लिए लक सही समय पर सही जगह रखा हुआ था. मैं भी यही मानती हूं, आपको मेहनत करते हुए ख़ुद को अपने लक के लिए तैयार रखना चाहिए, वो ज़रूर आपके पास आएगा. यदि आप सच्चे दिल से पूरी ताक़त लगाकर कोई काम करते हैं, तो यूनिवर्स आपको आपकी चीज़ उतनी ही शिद्दत से सौंप देता है.

यह भी पढ़ें: ‘साथ निभाना साथिया’ की इस पंंजाबी कुड़ी ने की साउथ इंडियन बॉयफ्रेंड से सगाई !

आपका स्टाइल स्टेटमेंट क्या है?
रवि दुबे: मेरा स्टाइल बहुत सिंपल है. मैं बहुत एक्सपेरिमेंट नहीं करता. कैजुअल वेयर में मुझे बसिक डेनिम और टी-शर्ट पहनना पसंद है. फॉर्मल वेयर में क्लासिक थ्री पीस सूट पहनना पसंद है. कपड़ों के मामले में मैं फिर भी समझौता कर लूंगा, लेकिन एक्सेसरीज़ मैं बेस्ट क्वालिटी की ही ख़रीदता हूं. मेरे पास वॉचेस और ग्लेयर्स का अच्छा-खासा कलेक्शन है.
सरगुन मेहता: रवि बहुत कॉन्शियस रहते हैं कि उन्होंने क्या पहना है, लेकिन मुझे सबकुछ चलता है. मैं शूटिंग के बीच में ही कोई ड्रेस ख़रीद लूंगी और उसे अगले अवॉर्ड फंक्शन के लिए रख दूंगी. मैं स्टाइल के लिए इतना एफर्ट नहीं लगाती कि डिज़ाइनर या स्टाइलिश के पास जाऊं.

पार्टनर की किस बात से चिढ़ जाते हैं?
रवि दुबे: सरगुन बहुत ही ऑर्गनाइज़्ड लड़की है और मैं बहुत ही कैजुअल हूं. अक्सर वो मेरे सामने सौ-दो सौ पेपर लाकर रख देती है और डेडलाइन दे देती है कि सुबह तक इन सब पर साइन हो जाना चाहिए. सच कह रहा हूं, उस व़क्त मुझे बहुत खीझ होती है. (हंसते हुए) सरगुन जानती है कि वो यदि मुझे डेडलाइन नहीं देगी तो वो काम 10-15 दिनों तक टल जाएगा. मुझे पेपर वर्क बिल्कुल भी पसंद नहीं. सरगुन ना हो तो मैं ये सब कर ही नहीं पाऊंगा.
सरगुन मेहता: रवि फोन एडिक्ट हैं, हर पल फोन से चिपके रहते हैं, उनकी इस आदत से मुझे बहुत चिढ़ होती है.

आपकी अपनी वीकनेस क्या है?
रवि दुबे: कई बार मैं बहुत ढीला हो जाता हूं. वैसे तो मैं बहुत एक्टिव हूं, मेरा दिन सुबह छह बजे शुरू हो जाता है और रात एक-डेढ़ बजे ही ख़त्म होता है और उस दौरान लगातार कुछ न कुछ चलता ही रहता है, कई बार तो बैठने की भी फुर्सत नहीं होती, लेकिन कई बार मैं बहुत आलसी हो जाता हूं, फिर मुझे ख़ुद को उस मूड से बाहर धकेलना पड़ता है.
सरगुन मेहता: मेरी भी यही वीकनेस है, कई बार मैं बहुत आलसी हो जाती हूं.

आपके पार्टनर की वो कौन-सी ख़ासियत है जिस पर आप गर्व महसूस करते हैं?
रवि दुबे: सरगुन मेरी स्ट्रेंथ है. मैं बहुत आशावादी हूं, लेकिन जब मैं लो फील करता हूं तो सरगुन ही मुझे समझा पाती है, क्योंकि वो भी मुझसे ज़्यादा आशावादी है.
सरगुनः रवि को आप गूगल मैन कह सकती हैं, वो बहुत अपडेटेड रहते हैं, उनके साथ आपको कुछ भी सर्च करने की ज़रूरत नहीं पड़ती.

घूमने के कितने शौकीन हैं और कहां घूमना पसंद करते हैं?
रवि दुबे: हम दोनों ही घूमने के बहुत शौकीन हैं और टाइम मिलने पर घूमने निकल जाते हैं. हमारे हनीमून का टूर बहुत यादगार था, हम हनीमून के लिए यूरोप गए थे जहां हमने एक साथ कई यादगार पर बिताए, बहुत सारे नए दोस्त बनाए, यूरोप को पूरी तरह से एक्सप्लोर किया. मैं सरगुन के साथ फिर से यूरोप टूर पर जाना चाहूंगा.
सरगुन मेहता: हमें नई-नई जगहों पर घूमने जाना बहुत पसंद है. हालांकि हमें बहुत ज़्यादा टाइम नहीं मिल पाता, फिर भी हम टाइम निकालकर शॉर्ट ट्रिप तो प्लान कर ही लेते हैं. हां, हमारा हनीमून ट्रिप बहुत ख़ास था.

यह भी पढ़ें: दिव्यांका त्रिपाठी को उनकी मां ने दिया ये खास सरप्राइज़ !

कितने फिटनेस कॉनिशयस हैं?
रवि दुबे: एक्टिंग के फील्ड में फिटनेस बहुत मायने रखती है. हमें फिटनेस के लिए अलग से टाइम निकालना ही पड़ता है. मैं सुबह लगभग दो घंटे रोज़ वर्कआउट करता हूं. मैं खाने का बहुत शौकीन हूं इसलिए खाने की क़ीमत वर्कआउट करके चुकाता हूं, क्योंकि मुझे इसके लिए ज़्यादा वर्कआउट करना पड़ता है. मुझे मीठा बहुत पसंद है, ख़ासकर चॉकलेट्स.
सरगुन मेहता: हम दोनों फूडी हैं इसलिए हमें रोज़ जिम में बहुत टाइम बिताना पड़ता है. बटर चिकन-बटर नान हम दोनों बहुत चाव से खाते हैं.

जब मैंने ख़ुद को पहली बार स्क्रीन पर देखा: रवि दुबे
पहली बार मैंने ख़ुद को एक ऐड फिल्म में स्क्रीन पर देखा था और वो ख़ुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती. मुझसे पहले हमारे परिवार में कोई भी इस इंडस्ट्री में नहीं था इसलिए ऐसा लग रहा था कि मैंने कुछ स्पेशल अचीव किया है. इससे पहले ख़ुद को दूसरों की शादी के वीडियोज़ में देखा था.
जब से मैंने होश संभाला, तभी से मैं इस इंडस्ट्री में आना चाहता था, लेकिन कैसे आना है ये तब तय नहीं था. दिल्ली से ग्रैज्युएशन करने के बाद में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने मुंबई आया. पढ़ाई के दौरान एक ऐड फिल्म में काम करने का मौक़ा मिला और उसके बाद एक के बाद एक मौ़के मिलते गए और मैं आगे बढ़ता गया.

…और मैंने एक्टिंग को चुन लिया: सरगुन मेहता
मेरे पैरेंट्स बहुत मॉडर्न ख़यालात के हैं. उन्होंने हम पर कभी अपने ़फैसले नहीं थोपे. हां, ये ज़रूर बताया कि क्या सही है और क्या ग़लत. जब मुझे इस इंडस्ट्री में पहला ब्रेक मिला, तो मैं पोस्ट ग्रैज्युएशन की पढ़ाई के लिए विदेश जा रही थी. जब मैंने अपने पैरेंट्स से इस ब्रेक के बारे में बात की, तो उन्होंने कहा कि तुम करना चाहती हो तो ज़रूर करो. अगर इस इंडस्ट्री में तुम नहीं चली तो पोस्ट ग्रैज्युएशन एक साल बाद कर लेना, लेकिन ऐसा करने की ज़रूरत नहीं पड़ी. मेरा एक्टिंग करियर चल पड़ा.
– कमला बडोनी

दिल की बातें… प्रेमपत्र (Dil Ki Baatein… Prempatra)

Dil Ki Baatein, Prempatra

Dil Ki Baatein, Prempatra
तुम्हें याद है वो बारिश का मौसम, जब मैं तुमसे पहली बार मिली थी. रिमझिम-रिमझिम फुहारें बरस रही थीं रह-रहकर और मैं सड़क के उस ओर खड़ी थी. तुमने चुपके से मेरा हाथ पकड़ा और सड़क पार करके मुस्कुराते हुए चल दिए. पता हैं तब मेरे ह्रदय में मंज़िल फिल्म का गाना बज उठा था- रिमझिम गिरे सावन… लता मंगेशकर की आवाज़ में. मैं खुद को मौसमी चटर्जी और तुम्हें अमिताभ बच्चन समझ रही थी. तुम्हारा कद लम्बा नहीं था, पर तुम्हारे व्यक्तित्व में कुछ बात थी. मैं तुम्हें अपना मानने लगी थी. क्या इसे ही प्यार कहते हैं? चाय कुछ ज्यादा ही मीठी बनने लगी थी और मेरी दुनिया सपनीली होने लगी थी. मुझे नया-नया सोशल नेटवर्किंग करने का चस्का लगा था. और ये क्या तुम मुझे मिल गए थे… बिना नाम जाने? अरे, मैंने तुम्हें अपना अमिताभ माना था. कितने प्यारे लगते हैं ना अमिताभ बच्चन-जया बच्चन इस गाने में- लूटे कोई मन का नगर… गाने में. लगता हैं कितना प्यार उड़ेल दिया था दोनों ने निगाहों में. तुम कहोगे कि मैं कितनी फ़िल्मी बातें करती हूं न? पर पता है मैंने यह गाना सुनाने के लिए कितना रियाज़ किया था. बस तुम्हारे लिए. तुम नाराज़ हुए थे. मैंने भी सोचा था कि एक गाने पर इतना नाराज़. मैं तुमसे कभी बात नहीं करूंगी, पर मैं भी तो अच्छी लगती थी न तुम्हें. तुमने जानने के लिए कॉल किया था कि मैं अब तक नाराज़ हूं, पर मैं कहां नाराज़ रह पाती. तुम्हारी कवितायें सब मैंने पढ़ी थी. मुझे पता था ये मेरे लिए नहीं लिखी गई थी, पर मैंने उसे अपना मानकर ही पढ़ा. पता है, आज फिर बारिश का मौसम हैं… मैं यहां घर पर हूं और तुम दिल्ली… तुम्हारे साथ बारिश में भीगने का मन है, जैसे आशिकी 2 में भीगते हैं न… तुम कहोगे मैं फिर फ़िल्मी हो रही हूं, पर मन का क्या करें… मन तो बेचैन हैं… तुमसे मिलने को बेचैन…

तुम्हारे इंतज़ार में,
तुम्हारी जीवनसंगिनी

– श्रुति

मेरी सहेली वेबसाइट पर श्रुति की भेजी गई रचना को हमने अपने वेबसाइट पर प्रकाशित किया है. आप भी अपनी शायरी, गीत, ग़ज़ल, लेख, कहानियों को भेजकर अपनी लेखनी को नई पहचान दे सकते हैं…

यह भी पढ़े: Shayeri

 

A Timeless Romance: शशि कपूर का पहला और आखिरी प्यार थीं उनकी पत्नी जेनिफर, जानें पूरी कहानी (Timeless Love Story Of Shashi Kapoor And Wife Jennifer Kendal)

Love Story Of Shashi Kapoor And Wife Jennifer Kendal

बॉलीवुड के रोमांटिक ऐक्टर शशि कपूर नहीं रहे. 79 की उम्र में उनका निधन हो गया. पूरा बॉलीवुड इस ख़बर से दुखी है.Love Story Of Shashi Kapoor And Wife Jennifer Kendalशशि कपूर (Shashi Kapoor) का बॉलीवुड करियर जितना शानदार रहा है, उतनी ही फिल्मी रही है उनकी लव स्टोरी (Love Story). कपूर परिवार से शशि कपूर ही अकेले हैं, जिन्होंने एक विदेशी लड़की से शादी रचाई थी. उन्हें पहली नज़र में जेनिफर (Jennifer Kendal) से प्यार हो गया था. दोनों की लव स्टोरी किसी प्यार करने वाले के लिए एक मिसाल ही है. पहली नज़र के इस प्यार को दोनों ने शादी के सात फेरों के साथ निभाया.

Love Story Of Shashi Kapoor And Wife Jennifer Kendalशशि और जेनिफर की लव स्टोरी बेहद रोमांचक थी, लेकिन इसका एक दुखद अंत हुआ. ये उन दिनों की बात है जब साल 1956 में शशि कोलकत्ता में थिएटर में एक प्ले कर रहे थे. प्ले चार हफ़्तों तक चलने वाला था. शशि का प्ले इतना अच्छा था कि उन्हें और कुछ दिनों तक परफॉर्म करने के लिए कहा गया. शशि कुछ दिनों से नोटिस कर रहे थे कि प्ले देखने के लिए रोज़ एक विदेशी लड़की आती है, जो रोज़ एक ही जगह बैठती है. दरअसल वो लड़की कोलकत्ता के फेमस शेक्सपीयाराना इंटरनेशनल थिएटर कंपनी के मालिक की बेटी है, जिसे शशि कपूर के प्ले की वजह से इंतज़ार करना पड़ रहा था. शशि को जेनिफर से प्यार हो गया था, लेकिन उनकी बात करने की हिम्मत नहीं थी. शशि ने जेनिफर से बात करने के लिए अपने कज़िन की मदद ली. जब शशि जेनिफर से पहली बार मिले, तब तक न ही शशि की कोई गर्लफ्रेंड थी, न ही उन्हें कभी किसी से प्यार हुआ था, ये पहले प्यार का एहसास था. पहली मुलाकात दोनों की ख़ास नहीं थी, लेकिन मिलने का सिलसिला शुरू हुआ और दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया.

यह भी पढ़ें: बेटी के साथ कज़िन की शादी में शामिल हुईं एेश, देखें Pics

Love Story Of Shashi Kapoor And Wife Jennifer Kendalकेंडल का परिवार दोनों के रिश्ते से ख़ुश नहीं था, लेकिन शशि के भाई शम्‍मी कपूर की पत्‍नी गीता बाली ने दोनों को ख़ूब सपोर्ट किया और फिर दोनों ने साल 1958 में शादी कर ली. शशि और जेनिफर की लव स्टोरी में एक दुखद मोड़ तब आया जब जेनिफर ने साल 1984 में उनका साथ हमेशा के लिए छोड़ दिया. कैंसर की वजह से जेनिफर की मौत हो गई. जेनिफर की मौत ने शशि को इस कद्र तोड़ दिया कि उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना छोड़ दिया, अपनी सेहत का ध्यान रखना छोड़ दिया जिसकी वजह से उनका वज़न बढ़ने लग गया. दूरदर्शन को दिए एक इंटरव्‍यू में शश‍ि ने कहा कि पत्‍नी की मौत के बाद उन्हें लगा कि अब किसके लिए फिट रहना, इसलिए उन्होंने बिना सोचे-समझे खाना शुरू कर दिया था.

 

शशि कपूर और जेनिफर केंडल की ये लव स्टोरी वाकई एक मिसाल है.

मेरी सहेली की ओर से ग्रेट ऐक्टर शशि कपूर को भावभीनी श्रद्धांजलि.

[amazon_link asins=’B015DLE9NO,B00Y70VBMK’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’cb5ce848-d989-11e7-900b-2f45ff556929′]