Tag Archives: Mangalsutra

विवाहित महिलाएं मंगलसूत्र क्यों पहनती हैं? (Why Do Indian Married Women Wear Mangalsutra)

Married Women Wear Mangalsutra

विवाहित महिलाएं मंगलसूत्र क्यों पहनती हैं? ये सवाल कभी न कभी आपके दिमाग में भी ज़रूर आया होगा. भारत में सुहागन स्त्रियां मंगलसूत्र ज़रूर पहनती हैं, ऐसा क्यों है? क्यों शादी के बाद ही महिलाएं मंगलसूत्र पहनती हैं? मंगलसूत्र पहनने के पीछे क्या धार्मिक मान्यता है? क्या मंगलसूत्र पहनने का कोई वैज्ञानिक महत्व भी है? आख़िर भारतीय महिलाएं मंगलसूत्र क्यों पहनती हैं? आपके मन में उठने वाली ऐसी ही तमाम जिज्ञासाओं का समाधान आपको इस लेख में मिलेगा.

Married Women Wear Mangalsutra

मंगलसूत्र पहनने की धार्मिक मान्यता
भारत में विवाह के समय मंगलसूत्र का विशेष महत्व है. शादी की सबसे ज़रूरी रस्म है मंगलसूत्र पहनाने की रस्म. सात फेरों के सात वचन निभाने का संकल्प लेने के साथ ही वर वधु के गले में मंगलसूत्र पहनाता है. इसके बाद ही शादी की रस्म पूरी होती है. भारत में मंगलसूत्र पहनने की धार्मिक मान्यता ये है कि यहां मंगलसूत्र को सुहाग का प्रतीक माना जाता है इसीलिए सभी सुहागन महिलाएं मंगलसूत्र ज़रूर पहनती हैं. ज्योतिष की दृष्टि से देखा जाए, तो ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सोना गुरू के प्रभाव में होता है और गुरु ग्रह वैवाहिक जीवन में खुशहाली, संपत्ति व ज्ञान का प्रतीक माना जाता है. यदि मंगलसूत्र में पिरोए हुए काले मोतियों की बात करें, तो काला रंग शनि का प्रतीक माना जाता है. शनि स्थायित्व तथा निष्ठा का प्रतीक माना जाता है. अतः ऐसा माना जाता है कि मंगलसूत्र के प्रतीक के रूप में गुरु और शनि मिलकर वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और स्थायित्व लाते हैं.

यह भी पढ़ें: चूड़ियां पहनने के 5 धार्मिक और वैज्ञानिक लाभ (Why Do Indian Women Wear Bangles-Science Behind Indian Ornaments)

मंगलसूत्र पहनने का वैज्ञानिक महत्व
मंगलसूत्र पहनने की धार्मिक मान्यता के साथ-साथ मंगलसूत्र पहनने का वैज्ञानिक महत्व भी है. वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो मंगलसूत्र सोने से निर्मित होता है और सोना शरीर में बल व ओज बढ़ानेवाली धातु है, इसलिए ये शारीरिक ऊर्जा का क्षय होने से रोकती है. सोने का मंगलसूत्र पहनने से महिलाओं में शारीरिक ऊर्जा बरकरार रहती है और इससे उनकी सुंदरता भी निखरती है.

विवाहित महिलाएं इसलिए पहनती हैं मंगलसूत्र

* विवाह के समय दुल्हन सबसे ख़ूबसूरत नज़र आती है और सबकी नज़र दुल्हन पर ही टिकी होती है. ऐसे में दुल्हन को किसी की बुरी नज़र न लगे, इसीलिए काले मोती में पिरोया हुआ मंगलसूत्र दुल्हन को पहनाया जाता है. मंगलसूत्र में पिरोए हुए काले मोती बुरी नजर से दुल्हन की रक्षा करते हैं.

* ऐसा माना जाता है कि विवाहित स्त्री के मंगलसूत्र में इतनी शक्ति होती है कि इससे सुहागन स्त्री के पति पर आने वाली विपत्तियां दूर होती हैं.

* मंगलसूत्र को प्रेम का प्रतीक माना जाता है, पति-पत्नी में उम्रभर प्रेम बना रहे इसलिए दुल्हन को मंगलसूत्र पहनाया जाता है.

यह भी पढ़ें: चरणामृत और पंचामृत में क्या अंतर है? (What Is The Difference Between Charanamrit And Panchamrit)