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रिश्तों में मिठास बनाए रखने के 50 मंत्र (50 Secrets For Happier Family Life)

ज़िंदगी को ख़ुशनुमा बनाते हैं रिश्ते, अपनेपन का एहसास कराते हैं रिश्ते, कभी पल में जुड़ जाते हैं रिश्ते, जीने का सबब होते हैं ये रिश्ते… रिश्तों के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती. ऐसे में अगर इसमें अपनेपन की मिठास घुल जाए, तो ज़िंदगी और भी ख़ुशगवार बन जाती है. आइए, जानें रिश्तों में मिठास बनाए रखने के 50 मंत्र.

Secrets For Happier Family Life

1. सबसे पहले रिश्ते की ज़रूरतों को समझें, जो रिश्ता आप निभाने जा रहे हैं, वह कितना अहम् है आपके लिए इस बात को समझें.

2. दूसरी ज़रूरी चीज़ यह है कि आप अपने रिश्तों को समय दें. यह काफ़ी पुराना मंत्र है, पर है सौ फ़ीसदी कारगर. साथ समय बिताने के लिए आप साथ फ़िल्म देख सकते हैं, बाहर खाना खाने जा सकते हैं, साथ टीवी देख सकते हैं या फिर बातें कर सकते हैं.

3. स्पर्श का जादू… क्या आपने इसके बारे में सुना है? यह वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित हो चुका है कि स्पर्श किसी भी रिश्ते में जादू का काम करता है. अगर बच्चा बीमार है, तो डॉक्टर भी यह सलाह देते हैं कि पैरेंट्स बच्चे को अपना स्पर्श दें. स्पर्श सभी रिश्तों में बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए समय-समय पर जहां ज़रूरी हो, अपने स्पर्श का जादू चलाते रहें.

4. जब अपने मित्रों या रिश्तेदारों के साथ हों, तो औपचारिक भाषा का प्रयोग न करें. अनौपचारिक भाषा या बातचीत से आप और क़रीब आते हैं. उदाहरण के तौर पर, “आप कैसे हैं?” की जगह आप पूछ सकते हैं, “बहुत दिनों के बाद आपसे मुलाक़ात हुई, क्या हालचाल हैं?”

5. उपहार किसी भी रिश्ते में नई जान डाल सकते हैं. बिगड़ी बात बना सकते हैं. उपहार सस्ता हो या फिर महंगा, यह महत्वपूर्ण नहीं है. आप उसे किस भावना से दे रहे हैं, वो महत्वपूर्ण है. उपहार बताते हैं कि आप अपनों का कितना ख़्याल रखते हैं. यदि उपहार अनपेक्षित रूप से और बिना किसी स्वार्थ के दिया जाए, तो आनंद दुगुना हो जाता है.

6. आप अपने रिश्तेदारों और प्रियजनों के लिए एक छोटी-सी पार्टी या समारोह का आयोजन कर सकते हैं. उस पार्टी की थीम ़फैमिली रख दीजिए.

7. थोड़ा समय निकालकर अपने माता-पिता, भाई-बहनों आदि के साथ बैठकर अपने पुराने फ़ोटो एलबम देखें. अपने सगे-संबंधियों के साथ बिताए गए समय की ये तस्वीरें आज उनसे आपके रिश्ते को ज़रूर मज़बूत बनाएंगे.

8. साथ खाना ज़रूर खाएं. बेहतर रिश्तों के लिए दिन में कम से कम एक बार साथ खाना बहुत ज़रूरी है. खाने के टेबल पर परिवार से जुड़ी बातें ही करें.

9. रिश्तों में आपकी तरफ़ से अगर अपेक्षाएं कम और ज़िम्मेदारी का बोध ज़्यादा होगा, तो रिश्ते अपने आप मधुर होते जाएंगे.

10. हफ़्ते में कम से कम एक बार अपने सभी रिश्तेदारों से फ़ोन या इंटरनेट से बात करें.

11. किसी भी रिश्ते को निभाते समय अपना अहंकार या ईगो बीच में न आने दें.

12. अपनी प्रा़ेफेशनल लाइफ़ को ऑफ़िस तक ही सीमित रखें. उसे अपने घर के भीतर न लाएं.

13. जब आप अपने परिवारजनों के साथ हों, तो कंप्यूटर, टीवी या फ़ोन का इस्तेमाल कम से कम करें.

14. किसी भी परिस्थिति में रिश्तों के बीच संवादहीनता न आने दें. चुप्पी रिश्ते को ख़त्म कर देती है. यदि कोई रिश्ता बिगड़ रहा हो, तो उसे बातचीत से ठीक करें.

15. किसी से बात करते समय या अपनी बात किसी के समक्ष प्रस्तुत करते समय इस चीज़ का ख़ास ख़्याल रखें कि हर किसी का आत्मसम्मान होता है और उसे आप ग़लती से भी चोट न पहुंचाएं.

16. अच्छे श्रोता बनें. एक अच्छे रिश्ते के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि सामनेवाले की बातों को धैर्य के साथ सुना व समझा जाए.

17. किसी भी रिश्तेदार से मिलते समय मन में कोई हीनभावना या किसी बात का गर्व न आने दें.

18. यदि आप अपने रिश्तेदारों और मित्रोें को नाम से याद रखें और किसी समारोह में नाम से संबोधित करें, तो उन्हें बहुत अच्छा लगेगा.

19. अपने सभी मित्रों और रिश्तेदारों के जन्मदिन, शादी की सालगिरह आदि की तारीख़ याद रखकर उन्हें बधाई ज़रूर दें.

20. यदि आप समय-समय पर बड़ों को आदर और छोटों को प्यार देते रहेंगे, तो रिश्ते मज़बूत होते जाएंगे.

21. हर रिश्ते की अपनी समस्याएं होती हैं, पर किसी भी हाल में आपको क‘ोधित नहीं होना है. अपने जज़्बातों और ग़ुस्से पर नियंत्रण रखें.

22. आज की सबसे बड़ी समस्या है आर्थिक परेशानियां. लेकिन यह ध्यान रहे कि आपकी आर्थिक परेशानियां किसी भी रिश्ते और ख़ासकर पति-पत्नी के रिश्ते को हताहत न करें, क्योंकि आपकी परेशानियां, तो देर-सवेर सुलझ ही जाएंगी, पर रिश्ते नहीं.

23. रिश्तों में क्षमादान बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए माफ़ करना और अपने किसी ग़लत व्यवहार के लिए माफ़ी मांगना भी सीखें.

24. अपशब्दों या लड़ाई-झगड़े से दूर रहेें.

25. ख़ुद अपने हाथों से पूरे परिवार की पसंद का खाना बनाएं.

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Happy Family Life

26. सारे तीज-त्योहार सभी रस्मों-रिवाज़ व परंपराओें के साथ परिवारवालों के साथ मनाएं.

27. परिवारजनों या रिश्तेदारों में किसी को कोई विशेष उपलब्धि मिली हो, तो उसे सराहना न भूलें.

28. सभी परिवारवाले मिलकर साल में एक बार साथ घूमने ज़रूर जाएं.

29. छुट्टीवाले दिन सभी घरवाले मिलकर कि‘केट, कैरम या कोई और गेम खेल सकते हैं.

30. अगर संभव हो, तो घर में कोई पालतू जानवर रखें, जिसकी देखभाल परिवार के सभी लोग मिलकर करें.

31. घर के बच्चों में भी रिश्तों को निभाने के संस्कार डालें.

32. यदि आपको अपने परिवार से प्यार है, तो अपनी इस भावना को सबके सामने जाहिर होने दें.

33. परिवार में अपने रिश्ते को मज़बूत करने के लिए आप अपने परिवार के इतिहास पर एक शोध कर सकते हैं, जैसे- आपके पूर्वज कौन थे? वह कहां से आए थे? आज आपके क़रीबी रिश्तेदार कहां-कहां स्थित हैं आदि. और फिर ये सारी जानकारियां आप परिवार को गेट-टुगेदर पर दे सकते हैं.

34. घर के सारे काम एक-दूसरे के साथ बांटकर करें. इससे काम करने में मज़ा भी आएगा और आपसी रिश्ते भी मज़बूत होंगे.

35. परिवार के प्रत्येक सदस्य को प्राइवेसी मिलनी चाहिए, फिर चाहे वह छोटा हो या बड़ा.

36. रिश्ता कितना भी गहरा क्यों न हो, पर किसी के निजी मामलों में दख़ल नहीं देना चाहिए.

37. अपने रिश्तों में विश्‍वास पैदा करें.

38. किसी भी रिश्ते में दोस्ती का एक रिश्ता ज़रूर रखें.

39. आपके घर आनेवाले रिश्तेदारों का स्वागत पूरे दिल से करें. अपने तनाव अपनी परेशानियों को उनके सामने जाहिर न हेाने दें.

40. अपने आपको रिश्ते के हर उतार-चढ़ाव और हर परिस्थिति में ढालने के लिए तैयार रखेें.

41. अपने प्रियजनों के बुरे वक़्त में उनका साथ ज़रूर दें.

42. पूर्वानुमान लगाना सीखें कि आपकी पत्नी या पति, आपके माता-पिता आपसे क्या चाहते हैं? उनकी आपसे क्या अपेक्षाएं हैं? और उनके कहे बिना उसे पूरा कर उन्हें सरप्राइज़ देें.

43. आप जैसे हैं, घरवालों और रिश्तेदारों के सामने भी वैसे ही रहें. कुछ और बनने या दिखाने का प्रयत्न न करें. इससे भविष्य में आप मुश्किल में पड़ सकते हैं.

44. किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए आपका ख़ुद का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत ज़रूरी है, इसलिए अपनी सेहत का ख़ास ख़्याल रखें.

45. अपनी बुरी परिस्थितियों व दुखों का रोना किसी के सामने न रोएं. हमेशा रोनेवाले व्यक्ति को कोई पसंद नहीं करता.

46. अपने हर रिश्ते में पूरी ईमानदारी बरतें.

47. किसी से भी मिलते समय सकारात्मकता से मिलें. उस व्यक्ति के लिए कोई भी कड़वाहट मन में न रखें.

48. किसी रिश्ते को निभाते समय अगर पूर्व में आपसे कोई ग़लती हुई हो, तो उसे हमेशा याद रखें, ताकि आप उसे दोहराएं ना.

49. दूसरों से वैसा ही व्यवहार करें, जैसा कि आपको अपने लिए अपेक्षित है. आपने वह कहावत तो सुनी ही होगी कि जैसा बोएंगे वैसा ही काटेंगे.

50. रिश्तों में कभी रूखापन न आने दें. अपने प्रेम की आर्द्रता से इसे समय-समय पर सींचते रहें. यदि आपसे कोई रूठा है, तो उसे मनाने में ज़रा भी देर न लगाएं, क्योंकि वही तो आपका अपना है, जिसे आप बहुत प्यार करते हैं.

– विजया कठाले निबंधे

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सफलता के मंत्र (Success Mantras)

Success Tips

Success Tips

यदि हम अपने अतीत पर नज़र डालेंगे, तो पाएंगे कि आज हम जो कुछ भी हैं वो अतीत में हमारे द्वारा किए गए प्रयासों का ही नतीजा है. जी हां, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. भाग्य कुछ समय के लिए भले ही आपका साथ दे, लेकिन सफलता की लंबी पारी खेलने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी ही होगी. यही सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है.

शॉर्टकट से नहीं मिलती सफलता
कई लोग मेहनत करने की बजाय भाग्य के भरोसे बैठे रहते हैं या फिर ईश्‍वर की पूजा-प्रार्थना में लगे रहते हैं और जब कामयाबी नहीं मिलती, तो भाग्य को कोसने लगते हैं या फिर कहते हैं कि ईश्‍वर उनका साथ नहीं देता. अब बिना मेहनत किए कुछ भी कैसे हासिल हो सकता है. आप किसी भी कामयाब व्यक्ति के जीवन पर नज़र डालिए, आपको इस बात का अंदाज़ा हो जाएगा कि सफलता पाने के लिए उन्होंने कितनी मेहनत की है. सफलता भाग्य या शॉर्टकट से नहीं मिलती, उसे हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत और लगन की ज़रूरत होती है.

कल कभी नहीं आता
ज़्यादातर लोग अच्छे मौ़के इसलिए चूक जाते हैं, क्योंकि वो अपने काम कल पर टाल देते हैं. उनका कल कभी नहीं आता और मौक़ा हाथ से निकल जाता है. अतः किसी भी काम को करने के लिए कल का इंतज़ार कभी नहीं करना चाहिए. हम अगले पल के बारे में नहीं जान सकते, तो कल के बारे में कैसे जान सकते हैं कि कल क्या होगा. अतः काम को कल पर टालने की बजाय हर समय मेहनत से काम करें और हर काम को अपना शत-प्रतिशत दें, फिर आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता.

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सफल व्यक्ति के गुण

ऐसा नहीं है कि सफल व्यक्ति में कोई विशेष गुण होता है, हम सभी में वो गुण हैं, लेकिन हम कभी उनका उचित प्रयोग नहीं करते. सफल व्यक्ति भी हम सबकी तरह सपने देखता है, लेकिन वो स़िर्फ सपने नहीं देखता, बल्कि दिन-रात अपने सपने का पीछा करता है और उसे पूरा करके ही दम लेता है. अपने सपने को पूरा करने के लिए वो पहले लक्ष्य निर्धारित करता है, फिर उस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करता है, पूरी लगन से उससे जुड़ा हर काम सीखता है और उसमें महारत हासिल कर लेता है. फिर जब वो अपने काम में पारंगत हो जाता है, तो सफलता अपने आप उसके पास खिंची चली आती है. बस, यही है सफलता का मंत्र और उसे हासिल करने का सही तरीक़ा.

एक विचार लें. उस विचार को अपनी ज़िंदगी बना लें. फिर उस विचार के बारे में सोचिए, उसके सपने देखिए, उस विचार को जीएं. आपका मन, आपकी मांसपेशियां, आपके शरीर का प्रत्येक अंग, सभी उस विचार से भरपूर हों और आप सभी दूसरे विचारों को छोड़ दें, यही सफलता का तरीक़ा है.
                                                                                                                                                            – स्वामी विवेकानंद

इंतज़ार करने वाले को उतना ही मिलता है जो कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं.
                                                                               – अब्दुल कलाम

कुछ करने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति के लिए इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है.
                                                                             – अब्राहम लिंकन

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मंत्रों का हेल्थ कनेक्शन (Healing Power Of Mantras)

कभी भी आपके ज़ेहन में यह बात आई  है कि मंत्रों का क्या और कितना महत्व है? मंत्रों की शक्ति और उनके हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में अक्सर हम सुनते रहते हैं, लेकिन शायद ही कभी हमने हेल्थ और मंत्र के साइंटिफिक कनेक्शन को जानने की कोशिश की हो. अगर हम मंत्रों के हेल्थ कनेक्शन को जान जाएंगे, तो ज़ाहिर है उन्हें बेहतर तरी़के से अपने जीवन में अपनाकर हेल्दी और बेहतर ज़िंदगी जी सकेंगे.
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साउंड इज़ पावर
–    मंत्र दरअसल साउंड यानी ध्वनि होते हैं और विज्ञान कहता है, ध्वनि ऊर्जा के सिवा कुछ नहीं है. यानी मंत्र का सीधा मतलब है- एनर्जी. मंत्र जप करने का अर्थ है शक्ति के विभिन्न स्तर को महसूस करना.
–   एक ही ध्वनि अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग परिणाम देती है. विज्ञान यह भी कहता है कि मनुष्य शरीर ऊर्जा का एक घना रूप है. जब किसी ख़ास मंत्र का ख़ास उद्देश्य के लिए जाप किया जाए, तो शरीर की एनर्जी को बेहतर व पूर्ण रूप से महसूस किया जा सकता है.
विज्ञान और मंत्र
–    मंत्र किस तरह से हमारे जीवन व हेल्थ को प्रभावित करते हैं, इसका वर्णन वेदों में हज़ारों वर्ष पूर्व ही किया गया है. लेकिन इसके वैज्ञानिक आधार की खोज अब तक जारी थी. मंत्र और साइंस में बहुत ही गहरा कनेक्शन है.
–   मंत्रों की एक निश्‍चित फ्रिक्वेंसी होती है. मंत्रों के नियमित जाप से हमारे शरीर के नर्वस सिस्टम में एक रिदम में दबाव यानी प्रेशर पैदा होता है, जिससे हमारे चक्र जाग जाते हैं और शरीर एवं मस्तिष्क में एनर्जी पैदा होती है.
–   मंत्रों के उच्चारण से जो फ्रिक्वेंसी पैदा होती है, उसका सकारात्मक असर हमारे शरीर व मन पर पड़ता है, साथ ही मंत्रों को लगातार पढ़ने से जीभ व तालु में जो संपर्क होता है, ॐ के उच्चारण के व़क्त जो ध्वनि नाभि से आती है, उन सबका असर शरीर के प्रेशर पॉइंट्स पर पड़ता है, जिससे हम हेल्दी और एनर्जेटिक महसूस करते हैं.
–    मंत्रों का साइंटिफिक कनेक्शन इसी बात से साबित होता है कि हाल ही में नासा ने सूर्य की ध्वनि को यूनिवर्स में रिकॉर्ड करके उसे कंप्रेस किया, ताकि हम उसे सुन सकें. सुनने पर यह पूरी तरह से साबित हो गया कि यह ध्वनि ठीक वही मंत्र है, जिसका वर्णन वेदों में हज़ारों वर्ष पूर्व किया गया है और यह मंत्र है- ॐ जिसे लगातार सुनने पर एक विशेष प्रकार का कंपन महसूस होता है यानी नासा ने अब इस मान्यता की पुष्टि कर दी है कि मंत्रों का हमारे मन-मस्तिष्क पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है.
–    ओहायो यूनिवर्सिटी के शोध के मुताबिक भी यह साबित हुआ है कि ध्यान यानी डीप मेडिटेशन से लोगों की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. यही नहीं, जो लोग रोज़ाना ध्यान करते हैं, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा भी कम हो जाता है, साथ ही मांसपेशियों के दर्द से भी राहत मिलती है.
–    शोधों में भी यह पाया गया कि कई मरीज़ों पर मंत्र के काफ़ी सकारात्मक नतीजे देखने को मिलते हैं. साउंड व मंत्रों पर किए गए रिसर्च से यह पता चलता है कि निश्‍चित साउंड फ्रिक्वेंसी हमारे माइंड को विशेष प्रकार की आरामदायक परिस्थिति में पहुंचा देती हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में अल्फा स्टेट कहा जाता है.
–    ध्वनि की शक्ति अपार है. ध्वनि से बड़ी-बड़ी इमारतें, पुल और यहां तक कि इंसान का तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम तक प्रभावित हो सकता है. जैसेकि राग दीपक के सही जाप से दीप जलाए जा सकते हैं, राग मल्हार से बारिश करवाई जा
सकती है.
–    आज विज्ञान की बदौलत हम सभी जानते हैं कि विशेष तरंगों को इंसानी कान नहीं सुन सकते, लेकिन सोनोग्राफी एवं अल्ट्रासाउंड के द्वारा आज हम विभिन्न प्रकार के असाध्य रोगों से निजात पा सकते हैं. कई प्रकार के प्रयोगों से पता चलता है कि एक विशेष प्रकार की ध्वनि सुनाने पर मुर्गियों ने अपने पंख गिरा दिए व पेड़-पौधे एवं फसलें सूख गईं.
–    शब्दों की ताक़त अपार है. अगर कुछ उत्साहवर्द्धक शब्द सैनिकों में नई जान डालकर एक हारे हुए युद्ध को जिता सकते हैं, तो कुछ अपशब्द बड़े से बड़े और गहरे रिश्ते-नाते तोड़ भी देते हैं.
धर्म या अंधविश्‍वास नहीं, ये है विज्ञान
–    अक्सर लोग आज भी इसी ग़लतफ़हमी में हैं कि मंत्रों का संबंध किसी विशेष धर्म से है, जबकि तमाम साइंटिफिक रिसर्च और शोधों से यह साफ़ हो चुका है कि मंत्रों का आधार विज्ञान है. धर्म से इनका कोई संबंध नहीं, इसीलिए हर धर्म व समुदाय के लोग इनका प्रयोग करके स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं.
–    मंत्र का यदि गूढ़ अर्थ जानें, तो मन का मतलब है- माइंड और त्र का अर्थ है तरंग या कंपन. मंत्रों के जप से जो कंपन होता है, वह न स़िर्फ हमारे मस्तिष्क को प्रभावित करता है, बल्कि मंत्रोच्चारण के समय श्‍वास-प्रश्‍वास की क्रिया व रिदम हमारे ग्लांड्स पर असर डालते हैं, जिसका सीधा प्रभाव हमारी हेल्थ पर होता है.
–    मंत्र जप के व़क्त हम ध्यानावस्था में पहुंच जाते हैं और हमारा मस्तिष्क अल्फा स्टेट में, जिससे नर्वस सिस्टम बैलेंस होता है और तनाव दूर होता है.
–   मंत्रों के नियमित जप से इम्यूनिटी बढ़ती है, क्योंकि इनका प्रभाव मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम पर इस तरह से होता है, जिससे हमारे
हार्मोंस प्रभावित होते हैं. सेरोटोनिन और डोपामाइन को हैप्पीनेस हार्मोंस कहा जाता है, मंत्रों के सकारात्मक प्रभाव से हैप्पी
हार्मोंस रिलीज़ होकर मस्तिष्क को सुखद अवस्था में पहुंचाते हैं. स़िर्फ इतना ही नहीं, हमारे मूड से लेकर भूख और नींद तक से जुड़े मस्तिष्क के केंद्रों को यह प्रभावित करके हार्मोंस के स्तर को बैलेंस करते हैं, जिससे हमारी इम्यूनिटी बेहतर होती है.
हॉवर्ड मेडिकल स्कूल ने बताए मेडिटेशन के फ़ायदे
–    हॉवर्ड मेडिकल स्कूल ने अपने रिसर्च में पाया कि जो लोग नियमित रूप से ध्यान करते हैं, उनके ‘डिसीज़ फाइटिंग जींस’ यानी बीमारियों से लड़नेवाले जींस अधिक एक्टिव रहते हैं.
–    दरअसल, ध्यान की अवस्था में मस्तिष्क शांत हो जाता है और तनावरहित होने पर बीमारियों से लड़नेवाले हार्मोंस क्रियाशील होते हैं और बीमारी उत्पन्न करनेवाले हार्मोंस कम होते हैं.
–    शोधकर्ताओं के अनुसार मेडिटेशन का पूरा लाभ पाने के लिए ॐ का उच्चारण भी करना चाहिए.
ॐ के जप के फ़ायदे
–    शरीर के टॉक्सिन्स निकल जाते हैं.
–    वोकल कॉर्ड और गले की मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है. ख़ासतौर से बढ़ती उम्र में यह और भी फ़ायदेमंद है.
–    ॐ के नियमित उच्चारण से जो कंपन पैदा होता है, उसका असर वोकल कॉर्ड और साइनस पर भी पड़ता है.
–   यह रक्तचाप व थायरॉइड को नियंत्रित करता है.
–    कुछ लोगों के निजी अनुभव तो यह भी कहते हैं कि ॐ के जप से उनका वज़न भी नियंत्रित रहता है, क्योंकि इसके वाइब्रेशन्स पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं और बढ़ते वज़न को कम करते हैं.
‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन ‘द वर्ल्ड बियॉन्ड’ के ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ मोबाइल ऐप से पाएं हेल्दी लाइफ, वो भी फ्री ऑफ कॉस्ट!
मंत्रों के इस हेल्थ कनेक्शन को देखते हुए ‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन ‘द वर्ल्ड बियॉन्ड’ ने ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसमें विभिन्न समस्याओं के लिए अलग-अलग मंत्र दिए हैं. इस तरह एक्सपर्ट्स की मदद से विभिन्न समस्याओं के लिए वेदों से मंत्रों को संकलित किया है. वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप एंड्रॉयड और आइओएस दोनों के लिए उपलब्ध है, वो भी मुफ़्त, तो आज ही अपना फोन उठाएं और वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप फ्री डाउनलोड करें.
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