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शादी के बाद क्यों बढ़ता है वज़न? जानें टॉप 10 कारण (Top 10 Reasons For Weight Gain After Marriage)

अगर आपकी नई-नई शादी (New Marriage) हुई है और अचानक से अपने बढ़े हुए वज़न (Increased Weight) को लेकर आपके मन में कई सवाल उठे हैं और आप परेशान हैं, तो परेशान न हों. आपके सभी सवालों के जवाब यहां आपको मिलेंगे कि आख़िर शादी के बाद आपका वज़न इतनी तेज़ी से क्यों बढ़ा है? द ओबेसिटी जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक शादी के 5 साल के भीतर 82% कपल्स का वज़न 5-10 किलो तक बढ़ जाता है. इसमें महिलाओं का वज़न पुरुषों के मुकाबले ज़्यादा तेज़ी से बढ़ता है. लाइफस्टाइल में बदलाव के अलावा और क्या हैं कारण?

Weight Gain After Marriage

1. खानपान की आदतों में बदलाव

आपके मायके और ससुराल के खानपान में अंतर है. मसाले और पकाने की टेक्नीक दोनों जगह अलग है, जिसके कारण आपकी पाचनक्रिया पर इसका प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा मायके खाने के बाद टहलना, मॉर्निंग वॉक जैसी चीज़ें आपके रूटीन में शामिल थीं, जो यहां नहीं हैं.

2. अक्सर बाहर खाना

शादी के बाद से ही दोस्तों, रिश्तेदारों के यहां खाने का सिलसिला जो शुरू होता है, वो कई हफ़्तों तक जारी रहता है. इस बीच हनीमून पर आप बेरोक-टोक हर तरह के खाने को एंजॉय करते हैं, जिससे ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरीज़ खा लेते हैं.

3. प्राथमिकताएं बदल जाती हैं

शादी के बाद आप पति और ससुरालवालों की पसंद से खाना बनाती हैं और इंप्रेस करने के चक्कर में ख़ूब घी, तेल, मसाला इस्तेमाल करती हैं. इतनी मेहनत से बनाया खाना ख़राब न हो, इस चक्कर में ओवरईटिंग भी कर लेती हैं. समय के साथ बदली ये प्राथमिकताएं आपका वज़न बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार हैं.

4. लापरवाह हो जाती हैं

शादी के दिन स्टनिंग दिखने के लिए खाने-पीने पर ध्यान रखना, एक्सरसाइज़ करना, स्ट्रेस न लेना जैसी चीज़ें शादी के बाद लगभग पूरी तरह बदल जाती हैं. न चाहते हुए भी स्ट्रेस आ ही जाता है और बाकी कामों के चलते एक्सरसाइज़ का व़क्त नहीं मिलता. खाने का समय बदल जाता है और कहीं न कहीं यह सोच घर कर जाती है कि अब तो शादी हो गई, अब क्या फ़र्क़ पड़ता है.

5. नींद की कमी

शादी के बाद सोने का समय और पैटर्न दोनों ही बदल जाते हैं, जिससे नींद पूरी नहीं हो पाती. नींद की कमी भी वज़न बढ़ने का एक कारण है.

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After Marriage

6. पार्टनर का पैंपर करना

शादी के बाद सभी कपल्स एक-दूसरे पर अपना प्यार न्योछावर करने और ख़ुश रखने में कोई कसर नहीं छोड़ते. एक-दूसरे को पैंपर करने के लिए केक, पेस्ट्रीज़, चॉकलेट्स, पिज़्ज़ा, पास्ता जैसी सरप्राइज़ ट्रीट देते रहते हैं. कैलोरीज़ से भरपूर ये फैटी चीज़ें वज़न बढ़ाती हैं.

7. स्ट्रेस ईटिंग करना

शादी के बाद नए माहौल में ढलना थोड़ा मुश्किल होता है, ऐसे में अगर दुल्हन वर्किंग है, तो उसकी ज़िम्मेदारियां और भी बढ़ जाती है. ऑफिस के साथ-साथ घर पर भी अपना बेस्ट देने की कोशिश में हमेशा स्ट्रेस में रहती हैं और स्ट्रेस ईटिंग की शिकार हो जाती है.

8. हार्मोनल बदलाव

लाइफस्टाइल में बदलाव के कारण शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसके कारण तेज़ी से वज़न बढ़ता है. इसके अलावा सेक्सुअल एक्टिविटीज़ के कारण होनेवाले हार्मोनल बदलाव भी इसका कारण बनते हैं. हांलाकि कुछ लोग इसे मिथ मानते हैं, पर वज़न बढ़ाने में हार्मोंस का अहम् रोल होता है, यह सभी मानते हैं.

9. मेटाबॉलिक बदलाव

आजकल ज़्यादातर कपल्स 28-30 साल की उम्र में शादी करते हैं. इस समय शरीर के मेटाबॉलिक रेट में बदलाव आता है, जिससे वज़न पहले के मुकाबले ज़्यादा तेज़ी से बढ़ता है.

10. प्रेग्नेंसी

बहुत-सी महिलाएं शादी के बाद ही कंसीव कर लेती हैं, जिससे परिवारवाले उसे पैंपर करने के लिए ओवर न्यूट्रीशियस चीज़ें खिलाते हैं, जिसे  डिलीवरी के बाद भी वो कम नहीं कर पातीं.

वेट कंट्रोल के लिए क्या करें?

– घर में हर कोई खाना खा ले, उसके बाद मैं खाऊंगी वाला एटीट्यूट बदलें. नियमित समय पर खाना खाएं. ओवरईटिंग से बचें.

– अपने लुक्स के प्रति लापरवाह न हों.

– स्ट्रेस ईटिंग से बचने के लिए ख़ुद को ख़ुश रखें.

– एक-दूसरे के साथ ज़्यादा से ज़्यादा समय बिताने के लिए योगा क्लासेस या जिम जॉइन करें.

– अनीता सिंह     

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भारत में डोमेस्टिक वॉयलेंस से 40% अधिक मौतें… (Domestic Violence In India)

Domestic Violence
भारत में डोमेस्टिक वॉयलेंस से 40% अधिक मौतें… (Domestic Violence In India)

बेटी होना कोई गुनाह नहीं है, लेकिन हमारी सामाजिक सोच ने इसे भी किसी अपराध से कम नहीं बना रखा है… बेटियों को हर बात पर हिदायतें दी जाती हैं, हर पल उसे एहसास करवाया जाता है कि ये जो भी तुम पहन रही हो, खा रही हो, हंस रही हो, बोल रही हो… सब मेहरबानी है हमारी… घरों में इसी सोच के साथ उसका पालन-पोषण होता है कि एक दिन शादी हो जाएगी और ज़िम्मेदारी ख़त्म… ससुराल में यही जताया जाता है कि इज़्ज़त तभी मिलेगी, जब पैसा लाओगी या हमारे इशारों पर नाचोगी… इन सबके बीच एक औरत पिसती है, घुटती है और दम भी तोड़ देती है… भारत के घरेलू हिंसा व उससे जुड़े मृत्यु के आंकड़े इसी ओर इशारा करते हैं…

वो कहते हैं तुम आज़ाद हो… तुम्हें बोलने की, मुस्कुराने की थोड़ी छूट दे दी है हमने… वो कहते हैं अब तो तुम ख़ुश हो न… तुम्हें आज सखियों के संग बाहर जाने की इजाज़त दे दी है… वो कहते हैं अपनी आज़ादी का नाजायज़ फ़ायदा मत उठाओ… कॉलेज से सीधे घर आ जाओ… वो कहते हैं शर्म औरत का गहना है, ज़ोर से मत हंसो… नज़रें झुकाकर चलो… वो कहते हैं तुमको पराये घर जाना है… जब चली जाओगी, तब वहां कर लेना अपनी मनमानी… ये कहते हैं, मां-बाप ने कुछ सिखाया नहीं, बस मुफ़्त में पल्ले बांध दिया… ये कहते हैं, इतना अनमोल लड़का था और एक दमड़ी इसके बाप ने नहीं दी… ये कहते हैं, यहां रहना है, तो सब कुछ सहना होगा, वरना अपने घर जा… वो कहते हैं, सब कुछ सहकर वहीं रहना होगा, वापस मत आ… ये कहते हैं पैसे ला या फिर मार खा… वो कहते हैं, अपना घर बसा, समाज में नाक मत कटा… और फिर एक दिन… मैं मौन हो गई… सबकी इज़्ज़त बच गई…!

 

घरेलू हिंसा और भारत…
  • भारत में डोमेस्टिक वॉयलेंस व प्रताड़ना के बाद महिलाओं की मृत्यु की लगभग 40% अधिक आशंका रहती है, बजाय अमेरिका जैसे विकसित देश के… यह ख़तरनाक आंकड़ा एक सर्वे का है.
  • वॉशिंगटन में हुए इस सर्वे का ट्रॉमा डाटा बताता है कि भारत में महिलाओं को चोट लगने के तीन प्रमुख कारण हैं- गिरना, ट्रैफिक एक्सिडेंट्स और डोमेस्टिक वॉयलेंस.
  • 60% भारतीय पुरुष यह मानते हैं कि वो अपनी पत्नियों को प्रताड़ित करते हैं.
  • हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देशों में भारत अब पहले स्थान पर पहुंच चुका है. हालांकि इस सर्वे और इसका सैंपल साइज़ विवादों के घेरे में है और अधिकांश भारतीय यह मानते हैं कि यह सही नहीं है…
  • 2011 में भी एक सर्वे हुआ था, जिसमें यूनाइटेड नेशन्स के सदस्य देशों को शामिल किया गया था, उसमें पहले स्थान पर अफगानिस्तान, दूसरे पर कांगो, तीसरे पर पाकिस्तान था और भारत चौथे स्थान पर था.
  • भारतीय सरकारी आंकड़े भी बताते हैं कि 2007 से लेकर 2016 के बीच महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों में 83% इज़ाफ़ा हुआ है.
  • हालांकि हम यहां बात घरेलू हिंसा की कर रहे हैं, लेकिन ये तमाम आंकड़े समाज की सोच और माइंड सेट को दर्शाते हैं.
  • नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक़, प्रोटेक्शन ऑफ वुमन फ्रॉम डोमेस्टिक वॉयलेंस एक्ट के पास होने के बाद से (2005) अब तक लगभग दस लाख से अधिक केसेस फाइल किए गए, जिनमें पति की क्रूरता और दहेज मुख्य कारण हैं.
मानसिकता है मुख्य वजह
  • हमारे समाज में पति को परमेश्‍वर मानने की सीख आज भी अधिकांश परिवारों में दी जाती है.
  • पति और उसकी लंबी उम्र से जुड़े तमाम व्रत-उपवास को इतनी गंभीरता से लिया जाता है कि यदि किसी घर में पत्नी इसे न करे, तो यही समझा जाता है कि उसे अपने पति की फ़िक़्र नहीं.
  • इतनी तकलीफ़ सहकर वो घर और दफ़्तर का रोज़मर्रा का काम भी करती हैं और घर आकर पति के आने का इंतज़ार भी करती हैं. उसकी पूजा करने के बाद ही पानी पीती हैं.
  • यहां कहीं भी यह नहीं सिखाया जाता कि शादी से पहले भी और शादी के बाद भी स्त्री-पुरुष का बराबरी का दर्जा है. दोनों का सम्मान ज़रूरी है.
  • किसी भी पुरुष को शायद ही आज तक घरों में यह सीख व शिक्षा दी जाती हो कि आपको हर महिला का सम्मान करना है और शादी से पहले कभी किसी भी दूल्हे को यह नहीं कहा जाता कि अपनी पत्नी का सम्मान करना.
  • ऐसा इसलिए होता है कि दोनों को समान नहीं समझा जाता. ख़ुद महिलाएं भी ऐसा ही सोचती हैं.
  • व्रत-उपवासवाले दिन वो दिनभर भूखी-प्यासी रहकर ख़ुद को गौरवान्वित महसूस करती हैं कि अब उनके पति की उम्र लंबी हो जाएगी.
  • इसे हमारी परंपरा से जोड़कर देखा जाता है, जबकि यह लिंग भेद का बहुत ही क्रूर स्वरूप है.

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Domestic Violence

कहीं न कहीं लिंग भेद से ही उपजती हैं ये समस्याएं…
  • महिलाओं के ख़िलाफ़ जितने भी अत्याचार होते हैं, चाहे दहेजप्रथा हो, भ्रूण हत्या हो, बलात्कार हो या घरेलू हिंसा… इनकी जड़ लिंग भेद ही है.
  • बेटा-बेटी समान नहीं हैं, यह सोच हमारे ख़ून में रच-बस चुकी है. इतनी अधिक कि जब पति अपनी पत्नी पर हाथ उठाता है, तो उसको यही कहा जाता है कि पति-पत्नी में इस तरह की अनबन सामान्य बात है.
  • यदि कोई स्त्री पलटवार करती है, तो उसे इतनी जल्दी समर्थन नहीं मिलता. उसे हिदायतें ही दी जाती हैं कि अपनी शादी को ख़तरे में न डाले.
  • शादी को ही एक स्त्री के जीवन का सबसे अंतिम लक्ष्य माना जाता है. शादी टूट गई, तो जैसे ज़िंदगी में कुछ बचेगा ही नहीं.
शादी एक सामान्य सामाजिक प्रक्रिया मात्र है…
  • यह सोच अब तक नहीं पनपी है कि शादी को हम सामान्य तरी़के से ले पाएं.
  • जिस तरह ज़िंदगी के अन्य निर्णयों में हमसे भूल हो सकती है, तो शादी में क्यों नहीं?
  • अगर ग़लत इंसान से शादी हो गई है और आपको यह बात समय रहते पता चल गई है, तो झिझक किस बात की?
  • अपने इस एक ग़लत निर्णय का बोझ उम्रभर ढोने से बेहतर है ग़लती को सुधार लिया जाए.
  • पैरेंट्स को भी चाहिए कि अगर शादी में बेटी घरेलू हिंसा का शिकार हो रही है या दहेज के लिए प्रताड़ित की जा रही है, तो जल्दी ही निर्णय लें, वरना बेटी से ही हाथ धोना पड़ेगा.
  • यही नहीं, यदि शादी के समय भी इस बात का आभास हो रहा हो कि आगे चलकर दहेज के लिए बेटी को परेशान किया जा सकता है, तो बारात लौटाने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए.
  • ग़लत लोगों में, ग़लत रिश्ते में बंधने से बेहतर है बिना रिश्ते के रहना. इतना साहस हर बेटी कर सके, यह पैरेंट्स को ही उन्हें सिखाना होगा.
सिर्फ प्रशासन व सरकार से ही अपेक्षा क्यों?
  • हमारी सबसे बड़ी समस्या यही है कि हम हर समस्या का समाधान सरकार से ही चाहते हैं.
  • अगर घर के बाहर कचरा है, तो सरकार ज़िम्मेदार, अगर घर में राशन कम है, तो भी सरकार ज़िम्मेदार है…
  • जिन समस्याओं के लिए हमारी परवरिश, हमारी मानसिकता व सामाजिक परिवेश ज़िम्मेदार हैं. उनके लिए हमें ही प्रयास करने होंगे. ऐसे में हर बात को क़ानून, प्रशासन व सरकार की ज़िम्मेदारी बताकर अपनी ज़िम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेना जायज़ नहीं है.
  • हम अपने घरों में किस तरह से बच्चों का पालन-पोषण करते हैं, हम अपने अधिकारों व स्वाभिमान के लिए किस तरह से लड़ते हैं… ये तमाम बातें बच्चे देखते व सीखते हैं.
  • बेटियों को शादी के लिए तैयार करने व घरेलू काम में परफेक्ट करने के अलावा आर्थिक रूप से भी मज़बूत करने पर ज़ोर दें, ताकि वो अपने हित में फैसले ले सकें.
  • अक्सर लड़कियां आर्थिक आत्मनिर्भरता न होने की वजह से ही नाकाम शादियों में बनी रहती हैं. पति की मार व प्रताड़ना सहती रहती हैं. बेहतर होगा कि हम बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएं और बेटों को सही बात सिखाएं.
  • पत्नी किसी की प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं है, सास-ससुर को भी यह समझना चाहिए कि अगर बेटा घरेलू हिंसा कर रहा है, तो बहू का साथ दें.
  • पर अक्सर दहेज की चाह में सास-ससुर ख़ुद उस हिंसा में शामिल हो जाते हैं, पर वो भूल जाते हैं कि उनकी बेटी भी दूसरे घर जाए और उसके साथ ऐसा व्यवहार हो, तो क्या वो बर्दाश्त करेंगे?
  • ख़ैर, किताबी बातों से कुछ नहीं होगा, जब तक कि समाज की सोच नहीं बदलेगी और समाज हमसे ही बनता है, तो सबसे पहले हमें अपनी सोच बदलनी होगी.
बेटों को दें शिक्षा…
  • अब वो समय आ चुका है, जब बेटों को हिदायतें और शिक्षा देनी ज़रूरी है.
  • पत्नी का अलग वजूद होता है, वो भी उतनी ही इंसान है, जितनी आप… तो किस हक से उस पर हाथ उठाते हैं?
  • शादी आपको पत्नी को पीटने का लायसेंस नहीं देती.
  • अगर सम्मान कर नहीं सकते, तो सम्मान की चाह क्यों?
  • शादी से पहले हर पैरेंट्स को अपने बेटों को ये बातें सिखानी चाहिए, लेकिन पैरेंट्स तो तभी सिखाएंगे, जब वो ख़ुद इस बात को समझेंगे व इससे सहमत होंगे.
  • पैरेंट्स की सोच ही नहीं बदलेगी, तो बच्चों की सोच किस तरह विकसित होगी?
  • हालांकि कुछ हद तक बदलाव ज़रूर आया, लेकिन आदर्श स्थिति बनने में अभी लंबा समय है, तब तक बेहतर होगा बेटियों को सक्षम बनाएं और बेटों को बेहतर इंसान बनाएं.

– गीता शर्मा

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न्यूली मैरिड के लिए शादी से जुड़ी आवश्यक क़ानूनी सलाहें (Legal Things To Do For Newly Married Couples)

शादी के बाद लड़की की ज़िंदगी ही नहीं बदलती, ज़्यादातर मामलों में उसका सरनेम भी बदल जाता है. अगर शादी के पहले ही शादी के बाद होनेवाली ज़रूरी क़ानूनी बदलावों के बारे में जान-समझ लें, तो हर तरह की काग़ज़ी कार्यवाही आसान हो जाती है. बहुत-से लोग इसे अहमियत नहीं देते और जब ज़रूरत आ पड़ती है, तब भागदौड़ शुरू कर देते हैं. ऐसी स्थिति आपके सामने न आए, इसलिए शादी से जुड़ी ज़रूरी क़ानूनी सलाह को समझें.

Newly Married Couples

लड़कियां अपनी शादी को परफेक्ट बनाने के लिए सारी तैयारियां करती हैं, पर शादी के बाद विवाह को क़ानूनी मान्यता देने जैसे महत्वपूर्ण काम को अनदेखा कर देती हैं. मैरिज सर्टिफिकेट आपकी शादी का महज़ क़ानूनी गवाह नहीं, बल्कि भविष्य में होनेवाली किसी भी अनहोनी परिस्थिति में आपके लिए कवच की तरह काम करता है. वैसे भी वर्ष 2006 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे अनिवार्य घोषित कर दिया है. इसलिए इसकी पूरी जानकारी रखना बहुत ज़रूरी है.

शादी का रजिस्ट्रेशन/मैरिज सर्टिफिकेट

हमारे देश में शादी का रजिस्ट्रेशन द हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 या फिर द स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत किया जाता है. जहां हिंदू मैरिज एक्ट में पहले से हुई शादी का रजिस्ट्रेशन कर मैरिज सर्टिफिकेट प्राप्त किया जाता है, तो वहीं स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी व उसका रजिस्ट्रेशन दोनों एक साथ किया जाता है.

स्पेशल मैरिज एक्ट- शादी/रजिस्ट्रेशन

इसे आमतौर पर कोर्ट मैरिज कहते हैं. इसमें विवाह के इच्छुक लोगों को अपने इलाके के मैरिज ऑफिसर या सब रजिस्ट्रार को नोटिस देनी पड़ती है. याद रहे, दोनों में से कोई एक उस स्थान पर 30 दिनों से रह रहा हो. इसके बाद मैरिज ऑफिसर से उन्हें एक महीने का नोटिस पीरियड मिलता है, जिसके ख़त्म होने पर तय दिन व समय पर शादी व उसका रजिस्ट्रेशन दोनों एक साथ किया जाता है.

रजिस्ट्रेशन के लिए डॉक्यूमेंट्स

– शादी के 1 महीने के भीतर ही रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए. अपने माता-पिता/गार्जियन और गवाहों के साथ आपको रजिस्ट्रार के ऑफिस में जाना पड़ता है.

– इस दौरान जो रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाते हैं, उन्हें क्षमादान के साथ 5 साल के भीतर रजिस्ट्रार के पास यह प्रक्रिया पूरी करवानी पड़ती है.

– इसके लिए आप दोनों को बर्थ प्रूफ, रेसिडेंस प्रूफ, शादी की पूरी जानकारी वाला एफिडेविट, पति-पत्नी के पासपोर्ट साइज़ फोटोग्राफ्स, शादी की एक फोटो, शादी का निमंत्रण कार्ड आदि डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत पड़ेगी.

– रजिस्ट्रेशन के 7-90 दिनों के भीतर आपका मैरिज सर्टिफिकेट मिल जाता है.

सरनेम बदलना

हर महिला को यह अधिकार है कि वो शादी के पहलेवाला अपना सरनेम बनाए रख सकती है, पर ज़्यादातर महिलाएं क़ानूनी झंझटों से बचने के लिए सरनेम बदलवा ही लेती है. अगर आप भी अपना सरनेम बदलना चाहती हैं, तो आपको ये टिप्स.

– मैरिज सर्टिफिकेट मिलने के बाद सरनेम बदलने के लिए आपको राज्य सरकार के गैज़ेट ऑफिस में जाकर सरनेम बदलने के लिए आवेदन देना पड़ता है.

– सरनेम बदलने के बाद आपके बदले हुए नाम को ऑफिशियल बनाने के लिए किसी स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित किया जाता है.

– उस समाचार पत्र की कॉपी आपको हमेशा संभलाकर रखनी चाहिए. भविष्य में उसे आप लीगल डॉक्यूमेंट के तौर पर इस्तेमाल कर

सकते हैं.

यह भी पढें:  20 Tips: शादी से पहले करें शादी के बाद की तैयारियां

Documents Change

ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स में बदलाव

एक बार सरनेम में बदलाव हो जाए, तो आपको अपने सभी ज़रूरी काग़ज़ातों पर इसे बदलना पड़ता है. याद रहे, जब भी डॉक्यूमेंट्स में सरनेम बदलवाएं, आधे-अधूरे नहीं, बल्कि सभी में बदलवाएं.

पैन कार्ड: आजकल ज़्यादातर फाइनेंशियल  ट्रांज़ैक्शन्स के लिए आपको पैनकार्ड की ज़रूरत पड़ती है. ऐसे में मैरिज सर्टिफिकेट मिलते ही अपना पैनकार्ड अपडेट करवाएं.

– पैनकार्ड पर सरनेम बदलने की प्रक्रिया नया पैनकार्ड लेने जैसे ही है.

– इसके लिए आपको पैनकार्ड नेम करेक्शन का फॉर्म भरकर साथ में पुराने पैनकार्ड का नंबर और मैरिज सर्टिफिकेट या ऑफिशियल गर्वंमेंट गैज़ेट की कॉपी जमा करनी होगी.

– इसके अलावा आप जॉइंट नोटराइज़्ड एफिडेविट जमा करके भी पैनकार्ड अपडेट कर सकते हैं.

– पैनकार्ड अपडेट होने पर अपने इन्कम टैक्स पेपर्स अपडेट करना ना भूलें.

बैंक अकाउंट्स: आपका अगला क़दम बैक अकाउंट्स को अपडेट करना है. यहां

आपको अपने नाम के साथ-साथ नए पते को भी अपडेट कराना होगा.

– नाम बदलने के लिए आपको एक फॉर्म भरकर देना होगा और साथ ही में मैरिज सर्टिफिकेट की कॉपी और ऑफिशियल गर्वंमेंट गैज़ेट जमा करना होगा.

– एड्रेस बदलने के लिए आपको अपने पति के एड्रेस प्रूफ और पासपोर्ट की कॉपी जमा करनी होगी.

पासपोर्ट: चाहे बात आइडेंटिटी प्रूफ की हो या रेसिडेंशियल प्रूफ की, पासपोर्ट सबसे बेस्ट लीगल प्रूफ है. अपने पुराने पासपोर्ट को अपडेट करने के लिए-

– आपको पासपोर्ट री-इश्यू के लिए अप्लाई करना होगा.

– इसके साथ आपको आपका मैरिज सर्टिफिकेट और पुराना ओरिजनल पासपोर्ट, पासपोर्ट की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी और पति के पासपोर्ट की कॉपी भी जमा करनी होगा.

फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स: शादी के बाद आपको अपने फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स, जैसे- इन्वेस्टमेंट्स, इंश्योरेंस, लोन आदि के डॉक्यूमेंट्स को भी अपडेट करना होगा.

– इन्वेस्टमेंट्स, जैसे- म्यूचल फंड, पोस्ट ऑफिस, स्टॉक्स बॉन्ड आदि को अपडेट करें. – पर्सनल या हाउसिंग लोन आदि से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स पर सरनेम ज़रूर बदलवाएं.

– सभी के साथ लाइफ इंश्योरेंस, मेडीक्लेम आदि को भी अपडेट करें. अगर आप किसी और की इंश्योरेंस पॉलिसी में नॉमिनी हैं, तो उसे भी

अपडेट ज़रूर कराएं. इन सभी के लिए आपका मैरिज सर्टिफिकेट और पति का रेसिडेंशियल प्रूफ जमा करना है.

प्रॉपर्टी: आजकल लड़कियां आत्मनिर्भर होती हैं, इसलिए प्रॉपटीज़ आदि की पूरी जानकारी संभालकर रखती हैं. अगर आप भी किसी प्रॉपर्टी की मालकिन या वारिस हैं, तो शादी के बाद उन डॉक्यूमेंट्स को अपडेट करना न भूलें. प्रॉपर्टी से जुड़े पेपर्स के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने लीगल एडवाइज़र से मिलें.

वोटिंग कार्ड: यह भी एक बहुत ज़रूरी आइडेंटिटी और रेसिडेंशियल लीगल प्रूफ है. शादी के बाद नेम करेक्शन का फॉर्म भरकर आप अपना नाम चेंज करा सकती हैं. इसके अलावा अपने ससुराल के  इलेक्टोरल रोल में भी आपको अपना नाम दर्ज कराना होगा.

ये छोटी-छोटी बातें बहुत मायने रखती हैं, इसलिए शादी के बाद इन सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स को अपडेट कराएं. हमेशा ध्यान रखें, आपके सभी डॉक्यूमेंट्स पर आपका एक जैसा नाम होना चाहिए.

एनआरआई दूल्हे के मामले में

पिछले कुछ सालों में एनआरआई शादियों में जिस तरह की धोखाधड़ी सामने आई है, बहुत-से पैरेंट्स अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए ऐसे रिश्तों को कम तवज्जों दे रहे हैं. पर इसका यह कतई मतलब नहीं कि सभी एनआरआई लड़कों को शक के घेरे में खड़ा कर दें, पर अपने सुरक्षित भविष्य के लिए थोड़ी सावधानी ज़रूर बरतें.

– शादी से पहले लड़के के बारे में पूरी छानबीन करें. उसका नाम, पता, सोसाइटी में इमेज आदि सोशल मीडिया के ज़रिए या फिर वहां स्थित इंडियन ऐम्बसी के ज़रिए पता करें.

– अगर आप किसी और धर्म के लड़के से शादी कर रही हैं और शादी के बाद धर्म बदलना आदि प्रक्रिया है, तो शादी से पहले अपने लीगल एडवाइज़र से यहां व वहां के क़ानूनों की पूरी जानकारी हासिल कर लें, ताकि शादी के बाद किसी भी अनहोनी स्थिति में आप ख़ुद को लाचार महसूस न करें.

– जहां तक हो सके, शादी अपने ही देश में करें. विदेशी धरती पर शादी करने पर आप कई ज़रूरी  क़ानूनी हक़ीक़तों से अनजान रहती हैं, जिसका ग़लत फ़ायदा आपके ससुराल वाले उठा सकते हैं.

– अनीता सिंह

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20 Tips: शादी से पहले करें शादी के बाद की तैयारियां (20 Smart Pre Marriage Preparations For Couples)

20 Tips: शादी से पहले करें शादी के बाद की तैयारियां (20 Smart Pre Marriage Preparations For Couples)

Pre Marriage Preparations

सगाई से शादी तक का सफ़र हर जोड़े के लिए ख़ास होता है. इस दौरान नए रिश्ते के साथ-साथ भावी गृहस्थी की भी नींव रखी जाती है. यही वो समय है, जब आपको अपने होनेवाले लाइफ पार्टनर के साथ मिलकर शादी के बाद की प्लानिंग की तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए. किन बातों की तैयारियां ख़ुद करें, किन बातों की एडवांस प्लानिंग करें और किन बातों पर ज़रूरी है चर्चा इसी विषय पर हमें अधिक जानकारी दी मैरिज कंसल्टेंट ज़ीनत भारद्वाज ने.

आज भी हमारे देश में ज़्यादातर शादियां अरेंज मैरेज ही होती हैं, जहां लड़का-लड़की को ख़ुद को रिश्ते के लिए तैयार करने के साथ-साथ एक-दूसरे को समझना होता है, साथ ही उनके परिवारों को भी समझना होता है. एक-दूसरे को समझने के साथ-साथ एक-दूसरे के साथ गृहस्थी शुरू करने की तैयारियां शुरू कर दें, तो दोनों को ही शादी के बाद के बदलावों को अपनाने में काफ़ी सहजता महसूस होगी.

गृहस्थी से पहले करें रिश्ते की तैयारियां

1. ख़ुद से करें सवाल: सबसे पहले तो आप ख़ुद से पूछें कि आप शादी क्यों करना चाहते हैं? इस सवाल के जवाब में शादी से जुड़ी कई बातें खुलकर सामने आ जाएंगी. आमतौर पर जहां लड़के इसलिए शादी करते हैं कि कोई उन्हें, उनके पैरेंट्स और घर को संभाले, वहीं लड़कियों का कारण फाइनेंशियल व सोशल सिक्योरिटी होती है.

2. ज़रूरी है मानसिक तैयारी: शादी ज़िंदगीभर साथ निभानेवाला सुंदर सा बंधन है. यह जीवनभर की ज़िम्मेदारी है. आप दोनों को ‘मैं’ भुलाकर ‘हम’ बनना होता है. इसमें समर्पण और सामंजस्य बनाए रखना पड़ता है. इसलिए सबसे पहले ख़ुद से पूछें कि क्या आप इस ज़िम्मेदारी और समर्पण के लिए तैयार हैं? इस रिश्ते की सफलता आपकी मानसिक तैयारी पर ही निर्भर करती है.

3. बदलाव को सहजता से लें: शादी से पहले बहुत-से कपल्स को ऐसा लगता है कि दोनों एक जैसे ही हैं और उनके विचार एक-दूसरे से बहुत मिलते हैं, पर शादी के कुछ दिनों बाद ज़्यादातर कपल्स को लगने लगता है कि उनका बेटर हाफ उनसे बिल्कुल अलग है. ज़रूरी नहीं कि ऐसा आपके साथ भी हो, फिर भी इस बदलाव के लिए पहले से ही तैयार रहें, ताकि उसे सहजता से ले सकें. वरना आप भी उन कपल्स की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे, जो अमूमन हर किसी से यही शिकायत करते हैं कि शादी के बाद वो बिल्कुल बदल गए हैं.

4. ताकि बाद में पक्षताना न पड़ेे: ज़्यादातर लोगों का यही रवैया होता है कि शादी के बाद देखेंगे क्या करना है, लेकिन बिना सही प्लानिंग के दोनों ही नई गृहस्थी को जोड़ने में लग जाते हैं और उनके सपनें व महत्वकांक्षाएं अधूरी रह जाती हैं और कुछ सालों बाद पक्षताने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं बचता. ऐसे में शादी से पहले इन बातों की प्लानिंग करना दोनों के लिए फ़ायदेमंद साबित होगा.

5. एक-दूसरे से उम्मीदें व अपेक्षाएं: सबसे पहले तो अपने होनेवाले लाइफ पार्टनर से उनकी उम्मीदों व अपेक्षाओं के बारे में पूछें. आपसे व उस रिश्ते से उनकी अपेक्षाओं और उम्मीदों को सुनें और उसी समय अपना पक्ष रख दें कि आप उन पर कितने खरे उतरेंगे, क्योंकि मौन रहना अक्सर स्वीकारोक्ति मानी जाती है.

6. ससुराल को भी समझें: सगाई के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोगों से फोन के ज़रिए जुड़ने की कोशश करें. किसी के बर्थडे, एनीवर्सरी या तीज-त्योहार पर शुभकामनाएं देकर उनसे जुड़ें. इससे शादी से पहले अच्छी बॉन्डिंग बन जाएगी और आप ससुराल में अजनबी जैसा महसूस नहीं करेंगी. लड़कियों के साथ-साथ लड़के भी अपने होनेवाले ससुराल में सबसे अच्छे रिश्ते बनाएं.

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Pre Marriage Preparations

ज़रूरी है एडवांस प्लानिंग

7. एक-दूसरे की महत्वकांक्षाएं: दोनों एक-दूसरे से अकैडमिक और प्रोफेशनल महत्वकांक्षाओं के बारे में खुलकर बात करें. हो सकता है कि लड़की शादी के बाद कोई कोर्स करना चाहती हो या फिर लड़के को अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए कोई एडवांस कोर्स करना हो, तो इन सबकी चर्चा अभी कर लें.

8. फाइनेंशियल प्लानिंग करें: ज़्यादातर कपल्स शादी से पहले एक-दूसरे की सैलरी आदि पूछने में संकोच करते हैं औैर उन्हें पता ही नहीं होता कि उनके पार्टनर का ख़र्च और बचत कितनी है. एक-दूसरे के इन्वेस्टमेंट्स, लोन, इंश्योरेंस आदि के बारे में डिसकस करें, ताकि शादी के बाद डॉक्यूमेंट्स पर नाम या नॉमिनी बदलने आदि के बारे में पहले ही तय कर लें.

9. ढूंढ़ लें अपना आशियाना: आमतौर पर यह बड़े शहरों की समस्या है, इसलिए शादी से पहले ही आप दोनों मिलकर शादी के बाद रहने की व्यवस्था कर लें, वरना शादी के कुछ समय बाद ही अगर पत्नी ने कंसीव कर लिया, तो इसके लिए भागदौड़ हो जाती है. पहले से डिसाइडेड घर होने से आप उसे अपने ज़रूरत के मुताबिक बनवा या सजवा सकती हैं.

10. जॉब सेटलमेंट डिसकस करें: आजकल शादी के बाद ज़्यादातर वर्किंग कपल्स की ज़िंदगी काफ़ी भागदौड़ वाली हो जाती है, ऐसे में अगर जॉब में ट्रांसफर होता रहता हो, मुश्किलें और बढ़ जाती हैं. ऐसे में शादी से पहले ही आप इस बारे में प्लान कर लें कि ट्रांसफर कहां लेना है, लेना है या नहीं आदि.

11. हनीमून पैकेज चुनें: हर कपल की चाहत होती है कि उनका हनीमून सबसे यादगार हो. इस दौरान साथ बिताए लम्हों की मिठास जीवनभर उनके रिश्ते में बनी रहे. इसलिए पहले से हनीमून पैकेज बुक कर लें, ताकि शादी के बाद इसके बारे में सोचने की ज़रूरत न हों. अगर विदेश जाना
चाहते हैं, तो पासपोर्ट, वीज़ा आदि के लिए जल्दी शुरुआत करें.

12. करें फैमिली प्लानिंग: शादी के बाद सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी होती है फैमिली प्लानिंग. पति-पत्नी बनने के बाद माता-पिता बनना उससे भी बड़ी ज़िम्मेदारी है. कितने महीनों या सालों तक आप पैरेंट्स नहीं बनना चाहते, इस विषय में कोई भी निर्णय लेने से पहले गायनाकोलॉजिस्ट से ज़रूर मिलें, वो इसमें आपकी मदद करेंगे व उचित सलाह भी देंगे, वरना कइयों की तरह आप भी अनप्लान्ड प्रेग्नेंसी के शिकार हो सकते हैं. बच्चा एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है, उसके लिए आपको पहले से ही मानसिक, शारीरिक व आर्थिक तौर पर तैयार रहना होगा.

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हैप्पी-हैप्पी करें मैरिड लाइफ की शुरुआत

13. शादी से पहले शादी के बाद की प्लानिंग करने का यह कतई मतलब नहीं कि आप अपने गोल्डेन पीरियड को बोझिल बना लें.

14. इतने विषयों को देखकर शायद आपको लग रहा हो कि कितना कुछ करना बाकी है, पर यकीन मानिए एक-एक करके इन पर चर्चा करेंगे, तो प्लानिंग अपने आप आसान हो जाएगी.

15. शादी के पहले के इन ख़ूबसूरत लम्हों को सहेजकर रखें.

16. एक-दूसरे से मिले-जुलें, ताकि एक-दूसरे की पसंद-नापसंद जान सकें.

17. इस दौरान अगर आपके होनेवाले पार्टनर का बर्थडे आए या उन्हें ऑफिस में प्रमोशन या कोई अचीवमेंट मिले, तो उन्हें कोई ख़ूबसूरत-सा गिफ्ट या सरप्राइज़ पार्टी दें.

18. एक-दूसरे के प्रति अपना प्यार दर्शाने में बिल्कुल भी कंजूसी ना करें.

19. शादी से पहले आप दोनों किसी मैरेज काउंसलर से ज़रूर मिलें.

20. प्यार व विश्‍वास से अपने रिश्ते की शुरुआत करें, आपकी मैरिड लाइफ हमेशा हैप्पी-हैप्पी रहेगी.

– अनीता सिंह

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होनेवाले लाइफ पार्टनर से क्या हैं आपकी अपेक्षाएं? (What Are Your Expectations From Your Future Spouse?)

होनेवाले लाइफ पार्टनर से क्या हैं आपकी अपेक्षाएं? (What Are Your Expectations From Your Future Spouse?)

 हर चेहरे में ढूंढ़ते हैं अक्स उसका… हर तरफ़ महसूस करते हैं वजूद उसका… उसकी हंसी कभी कानों में खनकती है, तो दिल में एक धुंधली-सी तस्वीर उभर आती है… कहीं ये उसकी आहट तो नहीं सोचकर अक्सर चौंक जाते हैं हम… तो कभी ख़्यालोें में बुनते हैं उसकी एक तस्वीर… हम भी क्या करें, दिल के हाथों मजबूर हैं इस कदर कि… उसी को ढूंढ़ते हैं आजकल दर-बदर…

 

Expectations From Your Future Spouse

कोई सपनों का राजकुमार चाहता है, तो कोई हुस्न परी, हर किसी के दिल में एक मूरत होती है, जिसे वो अपना जीवनसाथी बनाना चाहता है. होनेवाले लाइफ पार्टनर को लेकर हर किसी के मन में कुछ इच्छाएं और अपेक्षाएं होती हैं, ऐसी ही कुछ अपेक्षाओं को जानने की हमने कोशिश की.

होनेवाली पत्नी की पति से अपेक्षाएं

एक कॉर्पोरेट फर्म में काम करनेवाली रीना पांचाल कहती हैं कि मेरा होनेवाला पति संस्कारी, समझदार व केयरिंग होना चाहिए. वह एक सुलझा हुआ इंसान हो, एक ऐसा इंसान जिस पर मैं पूरी तरह भरोसा कर सकूं और जो हमारे रिश्ते को पूरी इमानदारी से निभाएगा, जो मेरी ग़लती पर मुझे समझाए और अच्छा करने पर मेरी तारीफ़ भी करे. एक और ज़रूरी बात वह मेरी सैलेरी में कभी हक़ न जताए, अगर मैं उसे अपनी मां के लिए रखना चाहूं, तो उसे कोई एतराज़ न हो.

– मैं जैसी हूं, मुझे वैसे ही अपनाए

हर लड़की यह उम्मीद करती है कि उसका पति उसे वैसे ही अपनाए, जैसी वो है. हर इंसान अलग होता है और यही तो इस रिश्ते की ख़ूबसूरती है कि दो बिल्कुल अलग लोग खट्टी-मीठी यादों के साथ पूरी ज़िंदगी बिताते हैं. महज़ अपनी सहूलियत के लिए दूसरे को बदलना अच्छी बात नहीं.

– पारिवारिक मूल्यों को महत्व देता हो

लड़कियां हमेशा एक फैमिली मैन से शादी करना चाहती हैं, जो अपने परिवार को हमेशा पहली प्राथमिकता देता हो और फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम भी बिताता हो. ऐसा व्यक्ति अपनी गृहस्थी को भी सही तरी़के से आगे बढ़ाता है.

– दयालू व धैर्यवान हो

स्वार्थी व उतावले क़िस्म के लोग किसी को पसंद नहीं आते. कोई लड़की नहीं चाहती कि उसका होनेवाला पति दानवीर कर्ण हो, पर कंजूस भी न हो. उसमें सब्र होना चाहिए, ताकि हर नए बदलाव को धैर्य के साथ सोच-समझकर हैंडल कर सके.

– अपनी ज़िम्मेदारियों को बख़ूबी निभाता हो

हर लड़की चाहती है कि जो भी लड़का उसकी ज़िंदगी में आए, वह एक ज़िम्मेदार इंसान हो, क्योंकि अगर वह ज़िम्मेदार है, तो शादी से जुड़ी सभी ज़िम्मेदारियों को भी पूरी इमानदारी से निभाएगा. ऐसे व्यक्ति के साथ ज़िंदगी बेहद आसान हो जाती है.

न्यूज़ चैनल टीवी9 महाराष्ट्र में बतौर प्रोग्रामिंग एंकर काम करनेवाली सुनीता इल्हे के अनुसार, “मेरा होनेवाला जीवनसाथी बहुत प्यार करनेवाला तो होना ही चाहिए, साथ ही साथ इंटेलिजेंट भी होना चाहिए. ज़िंदगी में कुछ कर दिखाना चाहता हो. एक समझदार इंसान हो और हां वेल सेटल्ड होना चाहिए. वह ऐसा हो जिस पर मैं आसानी से भरोसा कर सकूं और अपनी पूरी ज़िंदगी उसके साथ बिताने के लिए तैयार हो जाऊं.”

– महिलाओं की इज़्ज़त करता हो

कहते हैं कि जो लड़का अपनी मां को बहुत प्यार करता है और उनकी इज़्ज़त करता है, वह अपनी पत्नी से भी उतना ही प्यार करेगा, इसलिए लड़कियां हमेशा एक ऐसे लड़के से शादी करना चाहती हैं, जो महिलाओं को सच्चे दिल से मान-सम्मान देता हो. पर लड़कियों को ममाज़ बॉय टाइप लड़के बिल्कुल पसंद नहीं आते.

– शादी के महत्व को समझता हो

किसी भी लड़के के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि वह जिस बंधन में बंधने जा रहा है, उसके महत्व को समझता हो. शादी महज़ एक संस्कार नहीं एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है, जिसे आपको निभाना होता है. ख़ास तौर से शुरुआती दौर में हर क़दम पर कई समझौते करने पड़ते हैं. उसे पता होना चाहिए कि अपने दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए उसे रिश्ते को इमानदारी से निभाना होगा.

– फाइनेंशियली स्मार्ट हो

हर लड़की चाहती है कि उसका होनेवाला पति भले ही बहुत अमीर न हो, पर इतना मेहनती व स्मार्ट हो कि उसे कभी किसी चीज़ के लिए अपना मन न मारना पड़े. माना कि किसी भी इंसान की हर इच्छा पूरी नहीं हो सकती, पर ज़्यादा-से-ज़्यादा करने की कोशिश तो कर ही सकते हैं.

– जो ख़ुद के साथ-साथ दूसरों का भी ख़्याल रखे

कहते हैं कि जो ख़ुद से प्यार करता है, वो दूसरों से भी उतना ही प्यार करता है. लड़कियों को ऐसे लड़के बिल्कुल अच्छे नहीं लगते, जो स़िर्फ दूसरों का ख़्याल रखते हैं या स़िर्फ अपना ख़्याल रखते हैं. लड़का ऐसा हो, जो अपने साथ-साथ दूसरों का भी ख़्याल रखे.

– जो परिवार के साथ-साथ समाज के प्रति भी जागरूक हो

लड़कियां चाहती हैं कि उनका होनेवाला पति ऐसा हो, जो अपने व अपने परिवार के साथ-साथ समाज के प्रति भी जागरूक हो और समाज की बेहतरी के लिए कुछ कर दिखाना पसंद करता हो.

 – प्रोग्रेसिव सोचवाला हो

समय बदलने के साथ-साथ हमारी लाइफस्टाइल काफ़ी बदली है, ऐसे में लड़कियां चाहती हैं कि उनका होनेवाला पति समय के साथ क़दम से क़दम मिलाकर चलनेवाला हो. वह आगे बढ़ने और कुछ कर दिखाने में विश्‍वास रखता हो. अपने साथ-साथ अपने परिवार की प्रगति का भी पूरा ख़्याल रखता हो. पत्नी की क़ामयाबी को देखकर उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला एक मज़बूत प्रेरणादायक स्रोत बन सके.

– सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा हो

हंसते रहें, तो ज़िंदगी बड़े आसानी से बीत जाती है. उसका सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा हो, ताकि घर में हंसी-ख़ुशी का माहौल बना रहे. वह मुझे कभी उदास न रहने दे.

मुंबई में काम करनेवाली योगिता शिंदे कहती हैं कि मेरा होनेवाला पति पारिवारिक मूल्यों को सबसे ज़्यादा महत्व देता हो. वह एक समझदार व केयरिंग इंसान हो. उसमें कुछ कर गुज़रने की चाहत हो और वह ज़िंदगी में आगे बढ़ना चाहता हो. उसकी सोच प्रोग्रसिव हो और उसकी ज़िंदगी में एक ख़ास मकसद हो.

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Expectations From Your Future Spouse

होनेवाले पति की पत्नी से अपेक्षाएं

पेशे से वकील गजेंद्र वैती कहते हैं कि अपेक्षाएं तो हर किसी की होती हैं, पर मुझे लगता है कि अपनी होनेवाली पत्नी से कुछ अपेक्षाएं करने से पहले मुझे अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास होना चाहिए. एक लड़की जब अपना घर, परिवार सब कुछ मेरी ख़ातिर छोड़कर आती है, तो यह मेरा कर्तव्य है कि मैं उसे अपने घर में पराया महसूस न होने दूं. मैं उसके माता-पिता को अपनों-सा प्यार दूं और उससे भी उम्मीद करूंगा कि वह मेरे माता-पिता को पूरे दिल से अपनाए. अगर उसे कोई परेशानी हो, तो किसी और को बताने से पहले मुझे बताए, ताकि हम मिल-जुलकर किसी भी समस्या को सुलझा सकें.

– मैं उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर सकूं

आज भले ही ज़माने में कितने ही बदलाव आ रहे हों, पर हर रिश्ते की नींव आज भी विश्‍वास ही होती है. भरोसे और विश्‍वास पर टिका यह रिश्ता दोनों की समझदारी पर भी निर्भर रहता है. इसलिए हर लड़का चाहता है कि उसकी ज़िंदगी में ऐसी लड़की आए, जिस पर वह आंख मूंदकर विश्‍वास कर सके.

– ज़िंदगी को एंजॉय करना जानती हो

हर लड़के को यह उम्मीद होती है कि उसके जीवन में आनेवाली लड़की ज़िंदगी को एंजॉय करना जानती हो. छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुशियां ढूंढ़कर ख़ुद भी ख़ुश रहे और दूसरों को भी ख़ुश रखे. ऐसे लाइफ पार्टनर के साथ ज़िंदगी बहुत आसान हो जाती है.

– मज़बूत सपोर्ट सिस्टम बन सके

किसी भी परिवार में अकस्मात कोई भी परेशानी आ सकती है. कभी-कभी ऐसी स्थिति में घरवालों को एक मज़बूत सपोर्ट सिस्टम की ज़रूरत होती है. ऐसे में मज़बूत इरादोंवाली लड़की पूरे परिवार को संभाल सकती है. लड़कों को ऐसी ही लड़कियों की तलाश होती हैं.

– मुझे पर्याप्त स्पेस दे

कुछ लड़कियों की आदत होती है, सैटेलाइट की तरह हर व़क्त पति के पीछे पड़े रहना. अगर रिश्ते में पर्याप्त स्पेस न मिले, तो रिश्ते में घुटन पैदा होने लगती है. इसलिए लड़के चाहते हैं कि उनकी होनेवाली पत्नी इतनी प्रैक्टिकल हो कि इस बात को समझ सके.

– जो मेरे बिना कुछ कहे सब समझ जाए

भले ही लड़के व लड़कियों की समझ अलग-अलग होती है, फिर भी सभी लड़के चाहते हैं, कि उनकी होनेवाली पत्नी ऐसी हो, जो बिन कहे उनके दिल की बात समझ सके.

– एक अच्छी मां बन सके

हर लड़का चाहता है कि उसकी होनेवाली पत्नी ऐसी हो, जो एक बहुत अच्छी मां बन सके, ताकि उसके बच्चों की अच्छी परवरिश हो सके. वैसे कहा जाता है कि हर लड़की में जन्म से ही ममता होती है, पर वह कितनी अच्छी मां बनेगी, यह तो तभी पता चलता है, जब वह मां बनती है.

– दूसरों का ख़्याल रखना जानती हो

कुछ लड़कियां पति को तो पूरे मन से अपना लेती हैं, पर उसके घरवालों को हमेशा पराया ही समझती हैं. किसी की पत्नी स़िर्फ उसकी पत्नी नहीं, बल्कि उस परिवार की बहू भी होती है. इसलिए ज़्यादातर लड़के यही चाहते हैं कि जो भी लड़की उसकी ज़िंदगी में आए वह घर के हर सदस्य को अपनाए.

– जिसे अपनी प्राथमिकताएं पता हों

ज़्यादातर लड़किया अपनी ज़रूरतों और चाहतों में अंतर नहीं कर पाती, नतीजतन फिज़ूख़र्ची करने लगती हैं. अपने पति की पॉकेट पर उसका पूरा हक़ होता है, पर घर की ज़िम्मेदारी भी उसके कंधों पर होती है, ऐसे में उसे अपनी प्राथमिकताएं रखनी आती हों.

– मेरे परिवार को अपना परिवार मानकर अपनाए

ज़्यादातर लड़के अपने परिवार से बहुत प्यार करते हैं, इसलिए चाहते हैं कि जो भी लड़की उसकी ज़िंदगी में आए, वह उसके परिवार को अपने परिवार की तरह अपनाए. हालांकि यह कहना जितना आसान है, करना उतना ही मुश्किल. पर अगर मैं उसके परिवार को अपने परिवार की तरह अपनाऊं, तो शायद उसके लिए भी आसान हो जाए.

– समझदार व ज़िम्मेदार हो

हर लड़के की यह दिली तमन्ना होती है कि जो लड़की उसकी ज़िंदगी में आए, वह समझदार व ज़िम्मेदार हो. घर-गृहस्थी की ज़िम्मेदारी को बख़ूबी निभा सके.

एक एनजीओ में काम करनेवाले आसिफ़ सैयद के अनुसार, “उनकी होनेवाली लाइफ पार्टनर अच्छी पढ़ी-लिखी और समझदार हो. वह छोटी-छोटी बातों का बतंगड़ बनानेवाली न हो, साथ ही एक अच्छी कुक हो. मेरे लिए चेहरे की ख़ूबसूरती मायने नहीं रखती, बस वह नेकदिल हो. मैं चाहता हूं कि वह अपने साथ-साथ अपनों का ख़्याल रखना भी जानती हो.”

 – अनीता सिंह 

 

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शादी मुबारक मिस्टर एंड मिसेज़ आहूजा (Congratulations! Mr & Mrs Ahuja)

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सोनम कपूर (Sonam Kapoor) अब ऑफिशियली बन गई हैं मिसेज़ आहूजा, हमारी तरफ से उन्हें शादी मुबारक! लाल रंग के लहंगे में बेहद खूबसूरत लग रही थीं सोनम और आनंद (Anand Ahuja) भी खूब जंच रहे थे शेरवानी में. सोनम को मंडप तक लाये उनके भाई हर्षवर्धन और अर्जुन कपूर, बॉलीवुड (Bollywood) के सभी बड़े सितारे इस शादी में शामिल हुए.

देखिये उनके और भी खूबसूरत तस्वीरें

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Wedding Bells: जीनिवा में होगी सोनम और आनंद की शादी? पिता अनिल कपूर पर्सनली फ़ोन करके कर रहे हैं लोगों को इन्वाइट (Destination Wedding: Wedding Bells For Sonam Kapoor & Anand Ahuja)

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जीनिवा में होगी सोनम और आनंद की शादी? पिता अनिल कपूर पर्सनली फ़ोन करके कर रहे हैं लोगों को इन्वाइट (Destination Wedding: Wedding Bells For Sonam Kapoor & Anand Ahuja)
ख़बर आ रही है कि सोनम कपूर (Sonam Kapoor) जल्द ही अपने दोस्त आनंद आहूजा (Anand Ahuja) से शादी करने जा रही हैं. ये डेस्टिनेशन वेडिंग जीनिवा में 11-12 मई को होने जा रही है.

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सूत्रों से पता चला है कि शादी के लिए डेट और वेन्यू फिक्स हो चुका है और सोनम के पिता अनिल कपूर (Anil Kapoor) पर्सनली फोन करके लोगों को शादी के लिए इन्वाइट कर रहे हैं.

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आप भी सोनम और आनंद के ये पिक्चर्स देखें

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प्यार, सेक्स और कमिटमेंट… कितना बदला रिश्ता? (Why Our Relationship Changes Over Time?)

Why Our Relationship Changes Over Time

समाज जितनी तेज़ी से बदल रहा है, उतनी ही तेज़ी से प्यार, सेक्स और कमिटमेंट की परिभाषा व अहमियत भी बदल रही है. नई पीढ़ी संबंधों के अर्थ को पुनः परिभाषित कर रही है. इस दौर में जब इंस्टेंट कॉफी, फास्ट फूड, फेसबुक, ट्विटर और नेट चैट एक ट्रेंड व इन-थिंग बन गया है, प्यार का अर्थ बदला है और उसके साथ ही सेक्स व कमिटमेंट को लेकर भी धारणाएं बदली हैं.  सेक्स को प्यार माना जा रहा है और कमिटमेंट को बंधन. विपरीत सेक्स के प्रति आकर्षण बरक़रार है, पर आज का युगल कमिटमेंट से डरता है. आज प्यार में सेक्स घुल गया है और जब रिश्तों में प्यार न हो, तो कमिटमेंट का सवाल ही नहीं उठता है. प्यार शॉर्ट एंड स्वीट और लिव-इन के चारों ओर चक्कर लगा रहा है.

आज सामाजिक संबंधों के साथ-साथ परिवार के आत्मीय रिश्तों से जुड़े सरोकार भी बहुत कमज़ोर पड़ रहे हैं. हर जगह स्वार्थ पसर गया है. परिवार के आत्मीय संबंधों पर चोट करनेवाली तमाम घटनाएं आज देखने में आ रही हैं.

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शॉर्टकट रिश्तों में भी

प्यार, रिश्ते और अपनापन जैसी भावनाओं पर स्वार्थ और शारीरिक आकर्षण हावी हो गया है. कमिटमेंट अब लोगों को बंधन लगता है, ऐसे में ज़िम्मेदारियां निभाना भी बोझ लगता है. हर कोई अपनी तरह से जीने का नारा लगाता हुआ लगता है. रिश्तों में भी शॉर्टकट अपनाया जाने लगा है. मिलो, बैठो कुछ पल और फिर एक दूरी बना लो. हर कोई अपनी एक स्पेस की चाह में अपनों से ही दूर होता जा रहा है. आज रिश्ता चीन के उस उत्पाद की तरह हो गया है, जो सस्ता तो है, पर टिकाऊ है या नहीं, इसका पता नहीं.

वर्तमान समय में रिश्तों की अहमियत इतनी बदल चुकी है कि कोई भी व्यक्ति, चाहे अपनी व्यस्तता के कारण हो या निजी स्वार्थवश, बस रिश्तों को निभाने की बजाय उसे ढो रहा है.

समाजशास्त्री नेहा बजाज मानती हैं कि यह बबलगम प्यार का दौर है और इसमें युवा लड़का और लड़की दोनों ही की सोच एक जैसी है. जिस तरह आप बबलगम चबाते रहते हैं और जब मन भर जाता है, तब उसे थूक देते हैं, उसी तरह प्यार भी हो गया है. इसलिए आज के युग में कमिटमेंट का स़िर्फयही मतलब रह गया है कि फिल्में जाओ, पब और पार्टी में जाओ और अच्छे दोस्तों की तरह चिलआउट करो. इस बदलते दृष्टिकोण या व्यवहार का मुख्य कारण व्यक्तिगत स्वतंत्रता है, क्योंकि कोई भी अपनी आज़ादी नहीं खोना चाहता.

कमिटमेंट से डरने लगे हैं लोग

रिश्ते बनाना तो आसान है, मगर निभाना मुश्किल है, क्योंकि निभाने के लिए चाहिए होता है कमिटमेंट. पर आजकल लोग रिश्तों को स़िर्फ सोशल मीडिया से ही निभा रहे हैं.

आज बिना किसी ज़िम्मेदारीवाले संबंध आसान और आरामदायक होते जा रहे हैं. दीर्घकालीन संबंध बोरिंग लगने लगे हैं. विडंबना तो यह है कि आज रिश्तों में न तो कोई उम्मीद रख रहा है, न ही आश्‍वस्त कर पा रहा है कि हम हैं तुम्हारे साथ. कमिटमेंट बदलते हैं, लोग बदल जाते हैं और किसी को भी इससे शिकायत नहीं होती. दीर्घकालीन संबंध तेज़ी से इतिहास का हिस्सा बनते जा रहे हैं. युवा कमिटमेंट से बहुत अधिक डरे और सहमे हुए हैं और जब अफेयर गंभीर होने लगे, तो उन्हें परेशानी होने लगती है. उन्हें लगता है कि परंपरागत और ओल्ड फैशंड अफेयर का मतलब ग़ुलामी और स्वतंत्रता खो देना है.

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हालांकि अभी भी ऐसा वर्ग है, जो प्यार को महत्वपूर्ण मानता है और सेक्स को मर्यादित दृष्टि से देखता है व कमिटमेंट करने को भी तत्पर है. सारे रिश्ते बबलगम की तरह नहीं हो गए हैं. आज भी लोग प्रेम को गंभीरता से लेते हैं. उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है सही साथी की तलाश. और तलाश ख़त्म होने पर जब उनका आपसी तालमेल बैठता जाता है, तो फिर पीछे मुड़कर देखने की कोई आवश्यकता नहीं होती.

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निजी स्वार्थ बढ़ रहा है

वर्तमान की इस तेज़ी से भागती ज़िंदगी के मद्देनज़र अब यह बहस चल पड़ी है कि क्या सामाजिक रिश्तों में अभी और कड़वाहट बढ़ेगी? क्या भविष्य में विवाह और परिवार का सामाजिक-वैधानिक ढांचा बच पाएगा? क्या बच्चों को परिवार का वात्सल्य, संवेदनाओं का एहसास, मूल्यों तथा संस्कारों की सीख मिल पाएगी? क्या भविष्य के भारतीय समाज में एकल परिवार के साथ में लिव-इन जैसे संबंध ही जीवन की सच्चाई बनकर उभरेंगे?

छोटे-छोटे निजी स्वार्थों को लेकर रिश्तों में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है. आज हर रिश्ता एक तनाव के दौर से गुज़र रहा है. वह चाहे माता-पिता का हो या पति-पत्नी का, भाई-बहन, दोस्त या अधिकारी व कर्मचारी का. इन सभी रिश्तों के बीच ठंडापन पनप रहा है.

संवादहीनता और व्यस्तता की वजह से प्यार रिश्तों के बीच से सरक रहा है और सेक्स मात्र रूटीन बनकर रह गया है. स्त्री-पुरुष दोनों आर्थिक रूप से सक्षम हैं, इसलिए अपनी-अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात करते हुए कमिटमेंट से बचना चाहते हैं. अपने साथी से पहले जो भी बात कहनी होती थी, वह या तो साथ बैठकर एक-दूसरे से कही जाती थी या फोन पर बातचीत करके. आज इसकी जगह ले ली है व्हाट्सऐप ने. आप मैसेज छोड़ देते हैं. कई बार सामनेवाला पढ़ नहीं पाता और फिर झगड़ा होना तय होता है. कहीं से घूमकर आने के बाद पहले जहां मिल-जुलकर फोटो देखने का मज़ा लेते थे, वहीं आज फेसबुक पर एक-दूसरे की फोटो देखी जाती है.

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रिलेशनशिप में प्यार कम, लस्ट (वासना) ज़्यादा होता है. अगर आपका रिश्ता प्यार पर नहीं, वासना पर टिका है, तो वह रिश्ता ज़्यादा दिनों तक नहीं रहता. आमतौर पर रिश्ते टूटने की वजह भी यही बन रहा है. रिश्ते में फिज़िकल कनेक्शन ज़रूर बनता है, लेकिन भावनात्मक रूप से जुड़ाव देखने को नहीं मिलता. तो किस तरह का रिश्ता है यह? केवल आकर्षण या प्यार या फिर केवल लस्ट?

प्रोफेशनल होते रिश्ते

आजकल उन रिश्तों को ज़्यादा अहमियत दी जाती है, जो प्रोफेशनल होते हैं, क्योंकि वो हमारे फ़ायदे के होते हैं. रिश्तों में भी अब हम फ़ायदा-नुक़सान ही देखते हैं. जो कामयाब है, रसूखवाले हैं, पैसेवाले हैं, उनसे संबंध रखने में ही फ़ायदा है. इसके चलते कुछ रिश्ते ऐसे ही ख़त्म हो जाते हैं. हम अब उन रिश्तों को ही अहमियत देते हैं, जिनसे बिज़नेस में और लाइफ में भी ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा हो. युवापीढ़ी प्रैक्टिकल और कैलकुलेटिव हो गई है. ऐसे में रिश्तों की अहमियत घटना स्वाभाविक ही है.

कमिटमेंट करने के लिए या प्यार निभाने के लिए सच्चाई व ईमानदारी की ज़रूरत होती है. अपने साथी की भावनाओं को समझने की ज़रूरत होती है. सेक्स को प्यार के साथ जोड़ने और रिश्ते में कमिटमेंट के जुड़ने से रिश्ता टिका रहता है. प्लास्टिक के फूलों की ख़ुशबू के साथ कृत्रिम ज़िंदगी जीने से अच्छा है कि प्यार और विश्‍वास के ताज़ा फूलों से रिश्तों को सजा लिया जाए.

– सुमन बाजपेयी

आया मौसम शादी का… एक्टर मुदित ने भी की शादी… (TV Actor Mudit Nayar marries Aprajita)

TV Actor Mudit Nayar marries Aprajita

इन दिनों शादी का मौसम पूरे शबाब पर है… दीपिका कक्कड़-शोएब इब्राहिम, गौतम रोड़े-पंखुड़ी अवस्थी और गौरव चोपड़ा-हितिशा के बाद अब अनामिका, तेरी मेरी लव स्टोरी फेम टीवी एक्टर मुदित नायर ने भी शादी कर ली है. उन्होंने भी पिछले दिनों अपनी गर्लफ्रेंड अपराजिता श्रीवास्तव से गोवा में पूरे रस्मो-रिवाज के साथ धूमधाम से शादी कर ली. शादी के खूबसूरत तस्वीरें उन्होंने इंस्ट्राग्राम पर शेयर की. अपराजित पेशे से वकील हैं. सगाई में मुदित ने जहा मरुन रंग का जैकेट पहना था, वही अपराजिता हरे रंग के आउटफिट में बहुत आकर्षक लग रही थीं. शादी में रेड लहंगे और गोल्डन ज्वेलरी में तो वो और भी गजब लग रही थीं. आइए, देखते है शादी से जुड़े बेहतरीन यादगार लम्हों की तस्वीरें…

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एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट गौरव चोपड़ा ने की गुपचुप शादी (Ex Bigg Boss Contestant Gaurav Chopra Gets Married)

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एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट गौरव चोपड़ा ने की गुपचुप शादी

मॉनी रॉय के एक्स बॉयफ्रेंड और बिग बॉस 10 के कंटेस्टेंट गौरव चोपड़ा ने 19 फरवरी को दिल्ली में अपनी गर्लफ्रेंड हितिशा के साथ सात फेरे लिए. गौरव चोपड़ा ने अपनी शादी को काफ़ी प्राइवेट रखा, जिसमें गौरव के परिवार के और कुछ क़रीबी लोग ही शामिल हुए. उनकी शादी की तस्वीरें उनके दोस्तों और फैन्स ने सोशल मीडिया पर शेयर की.

शादी में गौरव ने स़फेद रंग की शेरवानी पहन रखी थी, जिस पर उन्होंने मरून रंग का शॉल लिया था. वहीं हितिशा ने लाल लहंगे और गोल्डन ज्वेलरी में बेहद ख़ूबसूरत नज़र आ रही थीं.

इससे पहले गौरव की ज़िंदगी में नारायणी शास्त्री और मॉनी रॉय आई थीं, लेकिन गौरव की जीवनसंगिनी बनीं हितिशा. गौरव ने टीवी के कई मशहूर सीरियल्स, जैसे- उतरन, लेफ्ट राइट लेफ्ट, ऐसा देश है मेरा और पिया का घर में काम किया है.

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विराट-अनुष्का की मेहंदी की तस्वीरें (Virushka: mehandi ceremony- exclusive pictures)

 

विराट-अनुष्का की मेहंदी की तस्वीरें (Virushka: mehandi ceremony- exclusive pictures)

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विराट कोहली और अनुष्का ने इटली में लिए सात फेरे (Officially Married: Congratulations Virat & Anushka)


विराट-अनुष्का की शादी का इंतज़ार सभी को था और अब ये इंतज़ार हुआ ख़त्म, क्योंकि दिनों अब हो गए हैं officially married! इटली में दोनों ने शादी कर ली और अनुष्का बन गईं मिसेज़ कोहली! हमारी तरफ़ से इस cute couple को ढेरों बधाई!

देखें उनकी शादी की पहली तस्वीरें

 

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