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Hardik Pandya And Natasa Stankovic

आज अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर स्टार क्रिकेटर हार्दिक पंड्या ने अपने पिता बनने की ख़ुशख़बरी दी. उन्होंने लॉकडाउन के समय ही अपनी मंगेतर नताशा स्टेनकोविक से शादी भी कर ली. आज जब वे अपने घर में नए मेहमान के आने की ख़ुशी अपने फैंस से साझा कर रहे थे, तब उन्होंने नताशा के साथ की कई तस्वीरें भी शेयर की, जिसमें एक तस्वीर दोनों की बंधन में बनने की भी थी.
जल्द ही उनके घर में एक नया मेहमान आनेवाला है. हार्दिक की मंगेतर नताशा प्रेग्नेंट हैं. दोनों ही इसे लेकर बेहद ख़ुश हैं. जब से यह ख़बर मिली है, बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया है. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी बधाई दी. लॉकडाउन में ही हार्दिक-नताशा द्वारा शादी करने को लेकर कई ख़ुश हैं, तो कई ताज्जुब भी कर रहे हैं.
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी सेलिब्रिटी ने अचानक अपने पिता बनने की ख़ुशख़बरी दी हो. इससे पहले अर्जुन रामपाल ने भी दोबारा पिता बनने की ख़बर शेयर की थी. वे पूर्व पत्नी मेहर जेसिया से तलाक के बाद अपनी गर्लफ्रेंड गेब्रिएला डेमेट्रिड्स के साथ लिव इन में रहते थे.
हार्दिक पंड्या ने एक जनवरी को दुबई में समंदर के बीच में नताशा को प्रपोज किया था और उनसे सगाई की थी. वह न्यूज भी अचानक ही मिला था. नए साल की बधाई के साथ हार्दिक ने अपने सगाई की ख़बर साझा की थी.
हार्दिक-नताशा आए दिन मिलते रहते थे. दोनों अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक-से-एक ख़ूबसूरत फोटो डालते रहते थे. हार्दिक पंड्या के परिवार, भाई कुणाल पंड्या, उनकी पत्नी के साथ भी नताशा की कई आकर्षक प्यारी तस्वीरें हैं. हार्दिक-नताशा को मेरी सहेली की तरफ से बहुत-बहुत बधाई!.. लॉकडाउन पीरियड में की गई यह शादी आपको कैसी लगी, ज़रूर बताएं…

Hardik Pandya And Natasa Stankovic
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Hardik Pandya And Natasa Stankovic
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Hardik Pandya And Natasa Stankovic

सात साल का रिश्ता और एक पल में टूट गया. कुछ ऐसा ही हुआ था दिव्यांका त्रिपाठी और शरद मल्होत्रा के साथ भी. बनूं मैं तेरी दुल्हन के सेट पर दोनों की प्रोफेशनल मुलाक़ात हुई थी और उसके बाद दोस्ती बढ़ी जो प्यार में तब्दील हो गई. लोगों को भी इन दोनों की रील और रियल लाइफ़ केमिस्ट्री बेहद पसंद आ रही थी और रिश्ता मज़बूत था तभी तो पूरे सात साल तक चला, तो फिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों का ये खूबसूरत रिश्ता शादी के पवित्र बंधन के अंजाम तक नहीं पहुंच पाया.

Divyanka And Sharad Malhotra

खबरों से यही पता चलता है कि दिव्यांका एक वक़्त के बाद अपने रिश्ते को अफ़िशियल करना चाहती थीं यानी वो शादी करना चाहती थीं लेकिन शरद इसके लिए तैयार नहीं थे और फिर इसी वजह से दोनों के बीच दूरियाँ इतनी बढ़ती चली गई कि रास्ते ही अलग हो गए. दिव्यांका का भी मानना था कि प्यार दोनों तरफ़ से होता है और अगर कोई एक भाग रहा है तो उसके पीछे भागने से फायदा नहीं.

Divyanka And Sharad Malhotra

इस रिश्ते के टूटने के बाद भी दिव्यांका बहुत ही फ़ोकस्ड थीं कि उन्हें रिश्ते में क्या चाहिए. उनका मानना था कि अब वो ऐसा कोई रिश्ता नहीं चाहतीं जहां सालों तक अफ़ेयर चले और उसके बाद जब शादी की बात हो तो दोनों कहें कि अभी सोचा नहीं. वो रिश्ते में कमिटमेंट चाहती थीं और वो इन्हें मिला विवेक दहिया से. यही वजह है कि दोनों बेहद खुश है.

Divyanka Tripathi Sharad Malhotra

शरद ने मानी अपनी ग़लती: हालाँकि अब जा के शरद को भी अपनी ग़लती का एहसास ज़रूर हुआ और इसीलिए एक इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही कि उनका और दिव्यांका का रिश्ता बेहद खूबसूरत था, लेकिन वो उस वक़्त मैच्योर नहीं थे. शादी की बात होते ही उनके हाथ पैर ठंडे होने लगते थे. लेकिन इंसान से ही ग़लती होती है और समय के साथ वो ग़लतियों से सीखता है और परिपक्व बनता है.

Divyanka Tripathi Sharad Malhotra

जब शरद से पूछा गया कि क्या दो पुराने प्रेमी अच्छे दोस्त बन सकते हैं तो उन्होंने कहा कि इसमें वक़्त लगता है पर यह असंभव भी नहीं.

आज दिव्यांका विवेक के साथ बेहद खुश हैं और शरद भी अपनी लाइफ़ में आगे बढ़ चुके हैं लेकिन शरद को कहीं ना कहीं दिव्यांका खोने का दर्द भीतर ही भीतर सालता है और उन्हें अपनी ग़लती पर पछतावा भी है.

Psychology Of Relationships
मैं फाइनल ईयर की छात्रा हूं. इंदौर में पली-बढ़ी हूं. आगे की पढ़ाई के लिए मुंबई आई हूं. यहां सब कुछ बहुत एडवांस्ड है. लोग काफ़ी खुले विचारों के हैं. मुझे यहां दोस्त बनाने में भी संकोच होता है. बहुत अकेला महसूस करती हूं. सोचती हूं, वापस इंदौर चली जाऊं.
– रोमा त्रिपाठी, मुंबई.

बदलाव कभी आसान नहीं होता. हमें एक रूटीन जीवन जीने की आदत होती है और उसमें थोड़ा भी बदलाव हमें परेशान कर देता है, पर बदलाव ही संसार का नियम है. जिस चीज़ से हमें डर लगता है या तक़लीफ़ होती है, उससे भागने की बजाय उसका सामना करना उचित है. अपनी सोच बदलें, लोगों और चीज़ों को देखने का नज़रिया बदलें. ख़ुद को भी थोड़ा आत्मविश्‍वासी बनाने का प्रयास करें. लोगों से मिलना-जुलना शुरू करें. धीरे-धीरे संकोच समाप्त हो जाएगा और देखते-देखते आप भी मुंबईकर बन जाएंगी, क्योंकि ये शहर किसी को अजनबी नहीं रहने देता. सबको गले लगाकर अपना बना लेता है, लेकिन थोड़ी कोशिश तो आपको भी करनी होगी. अपनी झिझक दूर करें और यह सोचना बिल्कुल छोड़ दें कि आप किसी छोटे या दूसरे शहर से आई हैं, क्योंकि हर शहर की अपनी ख़ूबियां व ख़ूबसूरती होती है.

मैं 35 साल की नौकरीपेशा महिला हूं. कुछ दिनों से अजीब-सी परेशानी में हूं. मेरा मैनेजर मुझे ग़लत तरी़के से परेशान करके, नौकरी छीन लेने की और मुझे बदनाम करने की धमकी दे रहा है. समझ में नहीं आ रहा है, क्या करूं? घर में बताऊं, तो सब नौकरी छोड़कर घर पर बैठने की सलाह देंगे.
– बबीता शर्मा, पुणे.

आप अकेले ही इस समस्या से नहीं जूझ रहीं, काफ़ी महिलाओं को इन बदतमीज़ियों से गुज़रना पड़ता है. आपको आवाज़ उठानी होगी और हिम्मत करनी होगी. आजकल दफ़्तरों में स्पेशल कमिटी होती है. आप उन पर भरोसा कर सकती हैं और मदद ले सकती हैं, पर भविष्य में दोबारा कोई आपके साथ ऐसा ना करे, उसके लिए सतर्क रहें. अपने कम्यूनिकेशन और पर्सनैलिटी में बदलाव लाएं. कॉन्फिडेंट बनें और पूरी तत्परता से अपने साथ हो रहे अन्याय व शोषण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएं. अपने अन्य सीनियर्स से भी बात करें और यदि सही राह दिखानेवाला न मिले, तो कोई कठोर कदम उठाने से पीछे न हटें. क़ानून का सहारा लें.

मेरी उम्र 32 साल है. मैं पिछले सात सालों से एक लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में हूं. जब भी शादी की बात करती हूं, वह कोई न कोई बहाना बनाकर मुझे समझा लेते हैं. घरवाले शादी के लिए दबाव डाल रहे हैं, पर मैं किसी और से शादी करने की सोच भी नहीं सकती. क्या करूं?
– नेहा सिंह, प्रयागराज.

आप कब तक इस तरह समय गंवाएंगी? घरवालों की चिंता स्वाभाविक है. आपको अपने प्रेमी से साफ़-साफ़ बात करनी होगी और एक अल्टीमेटम देना होगा. कहीं ऐसा न हो कि वो आपके भरोसे का फ़ायदा उठा रहा हो, इसलिए अपने बारे में गंभीरता से सोचना शुरू कर दें. ख़ुद पर विश्‍वास रखें. आपका जीवन और आपका भविष्य बहुत महत्वपूर्ण और क़ीमती है, किसी भी तरह से उससे समझौता करना नादानी होगी. समय रहते सही फैसला लें.

 

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Zeenat Jahan

ज़ीनत जहान
एडवांस लाइफ कोच व
सायकोलॉजिकल काउंसलर

[email protected]

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रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ नवंबर में शादी करनेवाले कपल्स सबसे ज़्यादा ख़ुशहाल रहते हैं, जबकि वैलेन्टाइन्स डे के दिन शादी करनेवाले 18-36% कपल्स के तलाक़ हो जाते हैं. आपकी शादी किस महीने में हुई है और आपकी शादीशुदा ज़िंदगी कैसी होगी, आइए जानते हैं.

Married Life

जनवरी

इस महीने में जिन लोगों की शादी होती है, उन पर कुंभ राशि का प्रभाव पड़ता है. इनका दांपत्य जीवन ख़ुशहाल रहता है. दोनों पार्टनर्स में आपसी समझ काफ़ी अच्छी रहती है. दोनों एक-दूसरे के प्रति वफ़ादार होते हैं. समय-समय पर इन कपल्स को रोमांटिक सरप्राइज़ेस और गिफ्ट्स मिलते ही रहते हैं.

लव टिप: हर रिश्ता उसे निभानेवाले पर निर्भर करता है, इसलिए अपने रिश्ते को ख़ुशहाल बनाए रखने के लिए अपना सौ प्रतिशत दें.

फरवरी

इस महीने शादी करनेवाले कपल्स की शादीशुदा ज़िंदगी को आप ‘इमोशनल जर्नी’ कह सकते हैं, क्योंकि दोनों ही पार्टनर्स एक-दूसरे के प्रति इमोशनल होते हैं. आप पर मीन राशि का प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण आप एक-दूसरे के प्रति सारी ज़िम्मेदारियां निभाते हैं. कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि पति या पत्नी में से एक बहुत वफ़ादार होता है, पर दूसरा उतना वफ़ादार नहीं होता और रिश्ता बिखर जाता है. यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबॉर्न में हुई स्टडी में पता चला है कि जो लव बर्ड्स वैलेंटाइन्स डे के दिन शादी करते हैं, उनके रिश्ते के टूटने के चांसेस 18 से 36% होता है.

लव टिप: जब भी आपको लगे कि रिश्ता कमज़ोर पड़ रहा है, तभी एक रोमांटिक हनीमून प्लान करें. अपने रिश्ते को ट्रैक पर लाने का इससे बेहतर उपाय नहीं हो सकता.

मार्च

अगर आपकी शादी इस महीने में हुई है, तो आपकी शादी पर मेष राशि का प्रभाव पड़ता है. आपका रिश्ता काफ़ी उतार-चढ़ाव के दौर से गुज़रता है, जहां अच्छे समय के साथ-साथ आप दोनों बुरा समय भी देखते हैं. कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि आपको अपने पार्टनर का रवैया ही समझ में न आए. कल जिस बात पर वो आपसे सहमत थे, आज उसी चीज़ के लिए आपकी बहस हो जाए. छोटी-छोटी बातों पर इनकी बहस हो सकती है.

लव टिप: इतना याद रखें कि नोक-झोंक हर रिश्ते में होती है, इसलिए उसे मन में रखकर न बढ़ाएं. एक-दूसरे के व्यक्तित्व व विचारों को समझने का प्रयास ही आपके रिश्ते को मज़बूत बनाएगा.

अप्रैल

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह महीना विवाह के लिए सबसे अनुकूल समय लेकर आता है. तभी तो आज भी ज़्यादातर शादियां अप्रैल के महीने में होती हैं. इस महीने शादी करनेवालों पर वृषभ राशि का प्रभाव पड़ता है. इनकी सेक्स लाइफ भी काफ़ी रोमांटिक होती है. वृषभ के प्रभाव के कारण कुछ पार्टनर्स में से एक बहुत डॉमिनेटिंग होता है, पर दूसरे के कूल होने के कारण रिश्ता आसानी से निभ जाता है.

लव टिप: अपने प्यार को जताने में ज़रा भी कंजूसी न करें. कभी चॉकलेट्स, कभी फूल, तो कभी प्रेमपत्र के ज़रिए समय-समय पर अपने प्यार को जताते रहें.

मई

इस महीने शादी करनेवालों पर मिथुन राशि का प्रभाव पड़ता है. जैसा कि इस राशि की ख़ूबी है, दो पहलू या दो रूप होने की, इस ख़ूबी का असर आपके रिश्ते पर भी पड़ता है. ऐसा माना जाता है कि इस महीने शादी करनेवालों के रिश्ते के सफल होने की जितनी गुंजाइश होती है, उतनी ही गुंजाइश इसके असफल होने की भी होती है. मतलब या तो आप जन्म-जन्मांतर तक साथ निभानेवाले कपल बनते हैं या फिर जल्द ही अपनी-अपनी नई राह चुन लेते हैं. ऐसा भी हो सकता है कि दो में से एक साथी का स्वभाव बहुत बुरा हो या फिर बहुत ही अच्छा हो.

लव टिप: अपने रिश्ते को सफल या असफल बनाना आप दोनों के हाथ में है. सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ शादी को पूरे दिल से निभाएं. कभी कुछ बुरा लगे, तो भी रिश्ते को बचाने की पूरी कोशिश करें.

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Married Life
जून

प्यार-दुलार के साथ-साथ दया भाव इन कपल्स में कूट-कूटकर भरा होता है, तभी तो लोग इनकी सफल शादी और प्यार की मिसालें देते हैं. अगर आपकी शादी इस महीने हुई है, तो आप पर कर्क राशि का प्रभाव पड़ता है. ये कपल्स एक-दूसरे के साथ एक-दूसरे के परिवार को भी बख़ूबी संभालते हैं. इसके अलावा अपनी आनेवाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देने की पूरी कोशिश करते हैं. कुल-मिलाकर कहें, तो ये सबसे ज़िम्मेदार और केयरिंग कपल्स होते हैं.

लव टिप: जब भी पार्टनर आपके या परिवार के लिए कुछ ख़ास करता है, तो उसके प्रयासों की सराहना करें. उन्हें जताएं कि वो आपके लिए कितने बहुमूल्य हैं.

जुलाई

इस महीने शादी करनेवालों पर सिंह राशि का प्रभाव पड़ता है. आप दोनों ही अपने रिश्ते को सफल बनाने के लिए अपना सौ प्रतिशत देते हैं और उसमें पूरी तरह सफल भी होते हैं. इस राशि का ऐसा प्रभाव है कि आप एक-दूसरे के प्रति हमेशा आकर्षण महसूस करते हैं. एक-दूसरे को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करते हैं. आपका शाही अंदाज़ आप अपने पार्टनर कोे भी देते हैं, जिससे आपकी शादीशुदा ज़िंदगी रौनक़ से भरपूर होती है. आप अपने शादीशुदा रिश्ते से हमेशा संतुष्ट रहते हैं.

लव टिप: सेक्स लाइफ को बूस्ट करने के लिए हमेशा बेडरूम में कुछ नया ट्राई करें. आप चाहें, तो दोनों किसी एडवेंचर ट्रिप पर भी जा सकते हैं. यह आपके रिश्ते में नई जान डाल देगा.

अगस्त

एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ इस महीने शादी करनेवाले कपल्स को बच्चे बहुत पसंद होते हैं, इसीलिए वो दो से ज़्यादा बच्चे पैदा करते हैं. इन्हें बड़ा परिवार  अच्छा लगता है. इस महीने शादी करनेवालों पर कन्या राशि का प्रभाव पड़ता है. इनकी ज़िंदगी में कई परेशानियां भी आती हैं, पर दोनों मिलकर उनका समाधान निकाल लेते हैं. अगर ये एक-दूसरे की पसंद-नापसंद का ध्यान रखें, तो इनका रिश्ता बहुत मज़बूत साबित होता है.

लव टिप: पतियों के लिए बहुत ज़रूरी है कि ‘तुम’ या ‘मैं’ की बजाय ‘हम’ शब्द का इस्तेमाल ज़्यादा करें. ‘हमें ऐसा करना चाहिए, हमारे लिए यह सही होगा…’ जैसे वाक्यों का ज़्यादा उपयोग करें. पत्नी को कभी अलग-थलग पड़नेवाली भावना का एहसास न होने दें.

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Married Life
सितंबर

अगर आपकी शादी भी इस महीने में हुई है, तो आप पर तुला राशि का प्रभाव रहता है. तुला की ख़ूबियों के कारण ये कपल काफ़ी बैलेंस्ड रहते हैं और इसीलिए ‘परफेक्ट कपल’ कहलाते हैं. इनके बीच शायद ही कभी बड़ा झगड़ा होता हो. हर तरह के विवाद को ये आपसी सहमति से सुलझाते हैं. दोनों के बीच का तालमेल ही इनकी ख़ुशहाल शादीशुदा ज़िंदगी का राज़ है.

लव टिप: हर रोज़ रोमांस के लिए थोड़ा समय निकालें. एक-दूसरे को यूं ही निहारना, बांहों में भरना, चुपके से किस कर लेना… इन छोटी-छोटी शरारतों से लाइफ में रोमांस बनाए रखें.

अक्टूबर

इस महीने शादी करनेवालों के वैवाहिक जीवन पर वृश्‍चिक राशि का प्रभाव पड़ता है. वृश्‍चिक राशि के गुणों के प्रभाव के कारण इनकी सेक्स लाइफ बेहद रोमांटिक होती है. ये कपल एक-दूसरे के प्रति अपने प्यार और आकर्षण को बिल्कुल छिपाते नहीं. ज़िंदगी को खुलकर जीने के इनके फलस़फे का असर इनकी सक्सेसफुल मैरिड लाइफ में नज़र आता है. इनकी एक और ख़ूबी है कि ये किसी भी विपरीत परिस्थिति में पार्टनर को अकेला नहीं छोड़ते.

लव टिप: ‘तुम कितनी अच्छी हो…’ ‘मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं…’ ‘मैं समझता हूं…’ ‘मुझे माफ़ कर दो…’ ‘थैंक यू जी…’ ये वो वाक्य हैं, जो आपके रिश्ते में मिठास भरते हैं. रोज़ाना इन शब्दों का इस्तेमाल करें और देखें, किस तरह आपकी मैरिड लाइफ में मिठास बनी रहती है.

नवंबर

इस महीने शादी करनेवाले कपल्स सबसे ज़्यादा ख़ुशहाल या यूं कहें ‘हैप्पीएस्ट कपल’ माने जाते हैं. इन पर धनु राशि का प्रभाव होता है, जिसके कारण ये काफ़ी संवेदनशील होते हैं. एक-दूसरे की कमियों और ख़ामियों को समझकर रिश्ता निभा लेना ही इनके रिश्ते की ख़ूबी है. ये कपल अपने प्यार को पहली प्राथमिकता देते हैं.

लव टिप:  रोज़ाना ऑफिस से आने के बाद एक-दूसरे को गले लगाएं. शादी के पहलेवाले रोमांच को बनाए रखने के लिए शादी के बाद भी हर महीने या दो महीने में डेट पर ज़रूर जाएं. प्यार के ख़ूबसूरत एहसास से अपने रिश्ते को सराबोर रखें.

दिसंबर

इस महीने शादी करनेवालों पर मकर राशि का प्रभाव रहता है. ऐसा देखा गया है कि सबसे रोमांटिक कपल्स दिसंबर में शादी करते हैं. सुरक्षित भविष्य की चाह में ये सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट को बहुत तवज्जो देते हैं, जिससे कभी-कभी एक-दूसरे के लिए समय नहीं निकाल पाते, पर प्यार हमेशा इनकी पहली प्राथमिकता बना रहता है.

लव टिप: उतार-चढ़ाव हर क्षेत्र में लगा रहता है, इसलिए फाइनेंस संबंधी मामलों में कभी ज़िद न करें.  रोज़ाना 10 मिनट का ‘वी टाइम’ ज़रूर निकालें. एक-दूसरे से दिनभर की बातें और क़िस्से शेयर करें.

– संतारा सिंह

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Psychology Of Relationships

रिश्तों का मनोविज्ञान (The Psychology Of Relationships)

मेरी बेटी की उम्र 28 साल है. वो नौकरी करती है. पिछले कुछ समय से उसकी शादी की बात चल रही है. कई रिश्ते भी आए, पर उसे कोई पसंद ही नहीं आता. पता नहीं उसके मन में क्या चल रहा है. उससे पूछती हूं, तो कहती है कि सही समय पर, सही लड़का मिल जाएगा, तब कर लूंगी शादी. जल्दबाज़ी में ग़लत निर्णय नहीं लेना चाहती. लेकिन लोग बातें करते हैं, जिससे मैं बहुत परेशान रहती हूं.

– शिल्पा शुक्ला, उत्तर प्रदेश.

आज की जनरेशन शादी देर से ही करती है. उनकी प्राथमिकताएं अब बदल गई हैं. एक तरह से शादी की उम्र क़रीब 30 साल हो गई है. बच्चे पढ़-लिखकर कुछ बनकर ही शादी करने की सोचते हैं. अपनी बेटी का साथ दीजिए और धीरज रखिए. सही समय पर सब ठीक होगा. लोग क्या कहते हैं, उस पर ज़्यादा ध्यान न दें. यह आपकी बेटी की ज़िंदगी का सवाल है. अपनी बेटी पर भरोसा रखें. वो सही समय आने पर सही निर्णय ले लेगी. उसके कारण ज़्यादा परेशान होकर अपनी सेहत और घर का माहौल ख़राब न करें.

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मेरे पिताजी ने वॉलंटरी रिटायरमेंट ले लिया है. अब वे सारा दिन घर पर रहते हैं, लेकिन वो बहुत चिड़चिड़े से हो गए हैं. बात-बात पर बहस और ग़ुस्सा करते हैं. ज़िद्दी हो गए हैं, जिससे घर का माहौल ख़राब रहने लगा है. समझ में नहीं आता कि उन्हें कैसे हैंडल करें, क्योंकि वो बड़े हैं, तो उन्हें कुछ कह भी नहीं सकते.

– राकेश सिन्हा, पटना.

आप उनके मन की स्थिति समझने की कोशिश करें. हो सकता है, उन्हें भी दिनभर घर पर बैठे रहना अच्छा न लगता हो या यह भी हो सकता है कि उन्हें कोई और परेशानी हो, जो वे आप लोगों से कह न पा रहे हों. थोड़ा धीरज से काम लें. उनका विश्‍वास जीतें. उनसे प्यार से पेश आएं. उन्हें
सुबह-शाम वॉक पर ले जाएं. सोशल एक्टिविटीज़, योगा इत्यादि के लिए प्रोत्साहित करें. उन्हें घर के काम की भी ज़िम्मेदारी दें. घर के महत्वपूर्ण निर्णयों में उन्हें शामिल करें. उनकी राय को महत्व दें. उन्हें महसूस न होने दें कि अब वो काम पर नहीं जाते या कुछ करते नहीं हैं. आप सब का प्यार, सम्मान और सहानुभूति उन्हें शांत रहकर कुछ और करने के लिए प्रोत्साहित करेगी.

मेरी बेटी की उम्र 14 साल है. स्कूल जाती है. आजकल उसका स्वभाव कुछ अलग-सा हो गया है. हर समय मोबाइल पर लगी रहती है. कोई बात सुनती नहीं है. पैरेंट्स तो जैसे उसके दुश्मन हैं. डर लगता है, कहीं कोई ग़लत राह न पकड़ ले.
– कोमल सिंह, पानीपत.

इस उम्र में बच्चों का यह व्यवहार स्वाभाविक है. उन्हें परिजनों से ज़्यादा उनके दोस्त अच्छे लगते हैं. उन्हें लगता है पैरेंट्स की सोच पुरानी व दकियानूसी है. बच्चों की ख़ुशी का उन्हें ख़्याल नहीं है… आदि. बेहतर होगा आप भी उनके साथ दोस्तों की तरह पेश आएं. उनके साथ समय बिताएं, उनकी एक्टिविटीज़ में सकारात्मक तौर पर शामिल हों. हंसी-मज़ाक करें. हर बात पर टोकना या लेक्चर देना उन्हें पसंद नहीं आएगा. उनका विश्‍वास जीतें. लेकिन साथ ही उन पर नज़र भी रखें, उनके फ्रेंड सर्कल की जानकारी रखें, पर उन्हें कंट्रोल करने की कोशिश न करें. घर का हल्का-फुल्का दोस्ताना माहौल उन्हें घर से और आपसे बांधे रखेगा.

Zeenat Jahan

ज़ीनत जहान
एडवांस लाइफ कोच व
सायकोलॉजिकल काउंसलर

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यह भी पढ़े: लव गेम: पार्टनर से पूछें ये नॉटी सवाल (Love Game: Some Naughty Questions To Ask Your Partner)

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शादी सागा ऐप (ShaadiSaga): द्वारा मैरिज से जुड़ी हर जानकारी अपने रिश्तेदारों व दोस्तों से शेयर की जा सकती है.इसमें शादी के इन्विटेशन, बधाई मैसेज, फोटोग्राफ्स आदि आसानी से शेयर किए जाते हैं. हां, एक बात है कि इसमें आपको शॉपिंग व वेंडर्स की लिस्ट नहीं मिल सकेगी. यह आपके विवरण और जानकारियों को दूसरों तक पहुंचाने, विवाह निमंत्रण-पत्र सहित में आपकी सहायता करता है. आप इस ऐप पर उपलब्ध अनेक डिज़ाइनों में से अपनी पसंद का डिज़ाइन चुन सकते हैं. साथ ही उस पर अपना विवरण डाल सकते हैं, जिसे ऐप स्वयं तैयार करती है.

*  वेड मी गुड ऐप (WedMeGood): सबसे बेहतरीन ऐप की श्रेणी में आता है. यह एक बढ़िया वेडिंग प्लानर ऐप है. इसमें विवाह से संबंधित तमाम ज़रूरी बातों की सुविधा मिल जाती है. इसकी रेटिंग भी 4.5 है, जो बहुत ही अच्छी है. इसमें वेंडर्स लिस्ट के साथ-साथ दिए गए ढेर सारे शादी-ब्याह की तस्वीरों से कई नए तरह के आइडिया मिल सकते हैं, जिससे अपने विवाह के लम्हों को आप यादगार बना सकते हैं.

*  वेड अबाउट (WedAbout): ऐप से जुड़े मैनेजर्स शादी से जुड़ी शॉपिंग को लेकर आपको उचित सलाह-मशवरा देते हैं. यह एक बेहतरीन वेडिंग प्लानिंग ऐप है. इससे आप अच्छी चीज़ें वाजिब दामों में ख़रीद सकते हैं. ये विवाह में काम आनेवाली आवश्यक सामानों में पर्सनली मदद भी करती है. यही वजह है कि यह ऐप सबसे अलग और ख़ास होता है. इसकी रेटिंग भी 4.8 है.

*  अर्बन क्लैप (UrbanClap): एक यूटीलिटी ऐप है. इसमें मैरिज के लिए ज़रूरी सभी चीज़ें, जैसे- केटरिंग, फोटोग्राफी, ब्यूटी-मेकअप, डांस-कोरियोग्राफी आदि वेंडर्स की जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं. इसे अब तक पांच लाख से अधिक लोगों द्वारा डाउनलोड किया गया है. यह आपके लिए अच्छा विकल्प है.

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*  वेडिंग कार्ड मेकर (Wedding Card Maker): यदि आप सोच रहे हैं कि आप मित्र या रिश्तेदार के शादी का निमंत्रण-पत्र स्वयं डिज़ाइन करें, तो इस काम में यह ऐप आपके बहुत काम आ सकता है. यह फ्री ऐप इस्तेमाल में बहुत ही आसान है. यदि आप अपनी चीज़ों व रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना चाहते हैं, तो इसमें भी यह ऐप आपके लिए बहुत ही बेहतरीन साबित हो सकता है. इस ऐप का इस्तेमाल करके आप अपने काम की लिस्ट को व्यवस्थित रख सकते हैं. यह ऐप कार्ड आधारित इंटरफेस है, जो कैलेंडर फीचर व प्रतिदिन के शेड्यूल को निर्धारित करने की सुविधा देता है. इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि इसमें आप अन्य लोगों को भी जोड़ सकते हैं. अपने काम को आसानी से संपादित कर सकते हैं, तालमेल बना सकते हैं और अपने प्लान के बारे में बात कर सकते हैं.

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*  हेल्दीफाइमी (HealthifyMe): इस ऐप के ज़रिए ख़ुद को फिट रखने में मदद मिलती है. दरअसल, विवाह की तैयारी की व्यस्तता के कारण कई बार हम जिम व व्यायाम के लिए भी समय नहीं निकाल पाते. ऐसे समय में इस फिटनेस ऐप से एक्सरसाइज़ व कैलोरीज़ के बारे में जाना जा सकता है. इसके अलावा यह ऐप विवाह के लिए बॉडी को शेप देने में और परफेक्ट फिगर बनाने में भी मदद करता है.

*  पिनट्रेस्ट (Pinterest): यह ऐप सबसे मशहूर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जिसका उपयोग करके आप चेक कर सकते हैं कि कार्ड या कैटेगरी के अंतर्गत कैसे दूसरे लोग पिन करते हैं. यह ऐप पारंपरिक वैवाहिक ऐप्स की तरह काम नहीं करता, बल्कि यह  आपकी शादी के रुझान व दूसरी वैवाहिक चीज़ों की प्लानिंग के बारे में जानने का बढ़िया और महत्वपूर्ण साधन है. इस पर आप शादी के आउटफिट्स, निमंत्रण-पत्र, केक, डेकोरेशन आदि की पूरी जानकारी ले सकते हैं.

ऊषा गुप्ता

कहते हैं, घर की ख़ुशहाली व आपसी रिश्तों की मज़बूती में पैरेंट्स का आशीर्वाद, सहयोग व प्यार काफ़ी मायने रखता है. लेकिन जब बच्चों की शादीशुदा ज़िंदगी में पैरेंट्स का सहयोगपूर्ण रवैया दख़लअंदाज़ी-सा लगने लगे, तो उनकी भूमिका सोचनीय हो जाती है. ऐसे में क्या करें पैरेंट्स? आइए, जानते हैं.

Childrens Married

आज के बदले माहौल में पति-पत्नी की विचारधारा काफ़ी बदल गई है. शादी के बाद पति-पत्नी अलग घर बसाना चाहते हैं. स्वतंत्रता व आत्मनिर्भरता दोनों ही उनके लिए अहम् हैं. सब कुछ वो ख़ुद ही करना चाहते हैं. लेकिन ऐसे एकल परिवारों में भी समय-असमय पैरेंट्स या बुज़ुर्गों की ज़रूरत आन ही पड़ती है और पैरेंट्स को भी उनकी मदद  करनी पड़ती है, फिर चाहे वो ख़ुशी से हो या कर्त्तव्यबोध के कारण. ऐसी स्थिति आज के पैरेंट्स को दुविधा में डाल रही है. वे समझ नहीं पाते हैं कि आत्मनिर्भर बच्चों की ज़िंदगी में उनका क्या स्थान है? उनकी क्या भूमिका
होनी चाहिए?

अधिकतर पैरेंट्स के लिए बच्चे हमेशा बच्चे ही रहते हैं. उनकी हर संभव मदद करना वे अपना कर्त्तव्य समझते हैं, जबकि अन्य लोगों का मानना है कि जब बच्चे बड़े हो जाते हैं और उनकी शादी हो जाती है, तब पैरेंट्स की ज़िम्मेदारियां ख़त्म हो जाती हैं. बच्चों को अपनी ज़िंदगी ख़ुद संभालनी चाहिए. पैरेंट्स से कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए.

देखा गया है कि पैरेंट्स को जब विवाहित बच्चों की ज़िंदगी में परेशानियां व असुविधाएं दिखाई देती हैं, तब कभी तो वे तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ा देते हैं और कभी-कभी उन्हें समय व हालात के भरोसे छोड़ अपना हाथ खींच लेते हैं. ख़ासकर तब, जब ज़रूरत आर्थिक मदद की होती है.

काफ़ी समय पहले कोलकाता की एक एज्युकेशन रिसर्च संस्था अल्फा बीटा ओमनी ट्रस्ट द्वारा एक सर्वे किया गया था, जिसमें लगभग 200 पैरेंट्स से बातचीत की गई थी. 150 से भी ज़्यादा पैरेंट्स का कहना था- यदि संभव हो और सहूलियत हो, तो हर प्रकार की मदद की जानी चाहिए, क्योंकि बच्चे तो हमेशा ही हमारे लिए बच्चे रहेंगे. साथ ही उनका मानना था कि शादीशुदा ज़िंदगी का शुरुआती दौर कई बार मुश्किलों व असंतुलन से भरा होता है. कई प्रकार के पारिवारिक व भावनात्मक एडजस्टमेंट करने पड़ते हैं. कभी-कभी अनचाहे आर्थिक संकट भी ज़िंदगी को कठिन बना देते हैं. ऐसे में आर्थिक सहायता से ज़िंदगी आसान व ख़ुशहाल हो सकती है. दूसरे मत के अनुसार, शादी तभी की जानी चाहिए, जब व्यक्ति शादी के बाद आनेवाली हर परिस्थिति का मुक़ाबला करने के लिए तैयार हो, आर्थिक रूप से सुरक्षित व ठोस हो. बच्चों को पढ़ाना-लिखाना, ज़िम्मेदारियों के लिए तैयार करना पैरेंट्स की ज़िम्मेदारी है. उसके बाद पैरेंट्स की ज़िम्मेदारी ख़त्म. फिर तो बच्चों की ज़िम्मेदारी बनती है कि वो पैरेंट्स की देखभाल करें.

समाजशास्त्री डॉ. कामेश्‍वर भागवत का मानना है कि पैरेंट्स हमेशा ही पैरेंट्स रहते हैं. अपने बच्चों की ज़िंदगी में हमेशा ही उनकी भूमिका बनी रहती है. कभी मुख्य, तो कभी सहयोगी के तौर पर. इसलिए न तो पूरी तरह इनसे अलग हों और न ही रोज़मर्रा की हर बात में अपनी राय दें. यानी रास्ता बीच का होना चाहिए. वैसे भी भारतीय परिवार एक कड़ी की तरह जुड़े रहते हैं, एक तरफ़ हम अपने बच्चों की ज़िम्मेदारियां पूरी करते हैं, तो दूसरी तरफ़ पैरेंट्स के साथ जुड़े रहकर उनके प्रति दायित्व निभाते हैं. दरअसल शेयरिंग व केयरिंग की भावना ही परिवार है. पैरेंट्स का रोल कभी ख़त्म नहीं होता है, बस उनका स्वरूप बदल जाता है. आर्थिक योगदान के अलावा भी विवाहित बच्चों के जीवन में पैरेंट्स की एक सुखद भूमिका हो सकती है.

–    पति-पत्नी यदि अकेले व समर्थ हैं, तो भी उन्हें अपने पैरेंट्स के भावनात्मक सहयोग, उनके प्यार व आशीर्वाद की ज़रूरत होती है.

–    पति-पत्नी दोनों वर्किंग हैं, तो बच्चे की सुरक्षा व देखभाल की ज़िम्मेदारी लेकर आप उन्हें चिंतामुक्त कर सकते हैं. पैरेंट्स की मदद से वे लोग अपना काम बेहतर तरी़के से कर सकेंगे.

–   तकलीफ़ या बीमारी के दौरान आपका समय व अनुभव उनके लिए किसी वरदान से कम न होगा.

–   तनाव व संघर्ष के दौरान आपका भावनात्मक सहयोग व ज़िंदगी के अनुभव उन्हें संबल व हौसला प्रदान कर सकते हैं.

–   बच्चों को स्कूल से लाना व छोड़ना प्रायः ग्रैंड पैरेंट्स को भी अच्छा लगता है और ग्रैंड चिल्ड्रेन भी दादा-दादी का साथ एंजॉय करते हैं.

–   बच्चों में आध्यात्मिक व नैतिक गुणों तथा शिक्षा की शुरुआत भी ग्रैंड पैरेंट्स द्वारा बेहतर रूप से होती है.

–   आज अकेला बच्चा हर समय टीवी, कंप्यूटर, प्ले स्टेशन जैसे गैजेट्स से चिपका रहता है, ऐसे में आपका साथ व मार्गदर्शन  उसे समय का बेहतर उपयोग करना सिखा सकता है.

–    बच्चे जिज्ञासु होते हैं, उनकी जिज्ञासा ग्रैंड पैरेंट्स बहुत अच्छी तरह से शांत कर सकते हैं.

–    इन बातों के अलावा आपके विवाहित बच्चों की और भी अनेक व्यक्तिगत समस्याएं व ज़रूरतें हो सकती हैं, जिनका समाधान आपकी सहयोगी भूमिका से हो सकता है और बच्चों की विवाहित ज़िंदगी ख़ुशहाल हो सकती है.

–    आर्थिक सहायता निश्‍चय ही जटिल व निजी मामला है. इससे हालात सुधर भी सकते हैं और पैरेंट्स बुढ़ापे में स्वयं को सुरक्षित भी कर सकते हैं.

याद रखें, बच्चे आपके ही हैं, फिर भी पराए हो चुके हैं. एक नए बंधन में बंध चुके हैं. एक नई दुनिया बसा रहे हैं. तो बस, पास रहकर भी दूर रहें और दूर रहकर भी अपने स्पर्श का एहसास उन्हें कराते रहें.

आपकी सहयोगी भूमिका आपके शादीशुदा बच्चों को कैसी लग रही है, यह जानने के लिए इन बातों पर ध्यान दें-

–    क्या बच्चे आपकी मदद से ख़ुश हैं? आपकी भूमिका को सराहते हैं? आपके प्रति आभार व्यक्त करते हैं? यदि नहीं, तो आप मदद नहीं दख़ल दे रहे हैं.

–     अब आपके बच्चे अकेले नहीं हैं, उनकी ज़िंदगी उनके जीवनसाथी के साथ जुड़ी है. क्या उनके साथी को भी आपका रोल पसंद है? यदि नहीं, तो एक दूरी बनाना बेहतर होगा.

–     मदद के दौरान क्या आपको ऐसा महसूस होता है कि आपका फ़ायदा उठाया जा रहा है या आपको इस्तेमाल किया जा रहा है? ऐसी स्थिति कुंठा को जन्म देती है.

–     मदद के दौरान होनेवाला आपका ख़र्च आपको परेशानी में तो नहीं डाल रहा है? यदि ऐसा है तो हाथ रोक लें, वरना पछतावा होगा.

–     उनकी व्यस्तता को कम करने के लिए, उनकी ज़िंदगी को ख़ुशहाल बनाने के लिए अपनी ज़िंदगी को जीना न छोड़ें. अपनी दिनचर्या, अपनी हॉबीज़ पर भी ध्यान दें.

–     बिना मांगे, आगे बढ़कर ख़ुद को ऑफ़र न करें, न ही उनकी ज़िंदगी में दख़लअंदाज़ी करें, वरना रिश्ते बिगड़ सकते हैं, आपके साथ भी और आपस में उनके भी.

–     हर व़क़्त उनकी ज़िंदगी में झांकने की कोशिश न करें. जब वो शेयर करना चाहें, तो खुले मन से आत्मीयता बरतें.

–     अपनी चिंताओं व कुंठाओं का रोना भी हर व़क़्त उनके सामने न रोएं. चाहे वो स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हों या पारिवारिक रिश्तों की कड़वाहट.

–     बदलते समय के साथ अपने व्यवहार व सोच में परिवर्तन लाएं, ताकि बच्चे आपसे खुलकर बात कर सकें.

 

– प्रसून भार्गव

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शादी के बंधन में बंधनेवाले हर कपल के मन में सुहागरात को लेकर कई हसीन ख़्वाब पलते रहते हैं. नई ज़िंदगी की पहली रात को लेकर वैसे तो ज़्यादातर लोग एक्साइटेड रहते हैं, पर कुछ ऐसे भी हैं, जिनके मन में संकोच और आशंकाएं भी होती हैं. इसमें कोई ग़लत बात नहीं है. यह बिल्कुल सामान्य है. सुहागरात को लेकर दिमाग़ में स़िर्फ सेक्स का ख़्याल आता है, लेकिन अगर कोई कपल सही तरी़के से सेक्सुअल रिलेशन नहीं बना पाता, तो उन्हें लगता है कि उनमें ही कोई कमी है, जबकि ऐसा बहुत-से कपल्स के साथ होता है. सेक्स एक कला है, जो तर्जुबे से सीखी जाती है, इसलिए सुहागरात के नाम पर स्ट्रेस न लें. हम यहां इसी से जुड़े कुछ सुपर सेक्स टिप्स दे रहे हैं, ताकि आपकी सेक्स लाइफ सुपर रोमांंटिक बनी रहे.

Sex Tips For First Night

– दिनभर शादी की रस्मों के कारण ज़्यादातर कपल्स थक जाते हैं और रात को इन्वॉल्व नहीं हो पाते. हो सकता है आपके साथ भी ऐसा हुआ हो, इसलिए रात को ही संबंध बनाना है, इसके लिए जल्दबाज़ी न करें. थकान मिटाने के लिए भरपूर नींद लें और सुबह उठकर अपने प्यार से अपने पार्टनर को सराबोर कर दें.

– सुहागरात रोमांटिक हो, इसके लिए आपको शादी के दिन ही थोड़ी फ्लर्टिंग करनी होगी. एक-दूसरे को छेड़ें, इशारों में बातें करें और देखिए कैसे आपका मूड सेट होता है.

– सुहागरात है, इसलिए स़िर्फ आपकी चलेगी, ऐसा न सोचें. अपने पार्टनर की पसंद-नापसंद के बारे में जानें और उसे तवज्जो दें. याद रखें, ख़ुशहाल शादीशुदा ज़िंदगी की नींव सुहागरात को ही पड़ती है, इसलिए अपने पार्टनर को बिल्कुल भी ऐसा महसूस न होने दें कि आप अपनी भावनाएं उन पर थोप रहे हैं.

– सुहागरात से पहले अगर कुछ सेक्स बुक्स पढ़ेंगे, तो आपको अपने पार्टनर को ख़ुश करने के कई बेहतरीन आइडियाज़ भी मिल जाएंगे. पर कोई भी सेक्स बुक न पढ़ें. बुक स्टोर से अच्छी किताब ख़रीदें और उसे समझें.

– बेड पर आते ही एक्शन की उम्मीद किए बिना एक-दूसरे से बातें करें. पहली रात को लेकर एक-दूसरे ने क्या सोच रखा था, इस बारे में बात करें.

– पार्टनर को इंप्रेस करने के लिए आप सेक्सी लिंगरी ट्राई कर सकती हैं. आजकल मार्केट में बहुत सेक्सी लिंगरीज़ मिलती हैं. इनका इस्तेमाल करके आप अपने पार्टनर को सरप्राइज़ दे सकते हो.

– ख़ासतौर से महिलाओं को रिलैक्स रहने की ज़रूरत है. नई जगह और नए लोगों के बीच उनके मन में कई भावनाएं आती रहती हैं, ऐसे में सेक्सुअल रिलेशन के बारे में वो सोच भी नहीं पातीं, लेकिन अगर आप रिलैक्स रहेंगी, तो बेहतर महसूस करेंगी और अपने पार्टनर के साथ अच्छी तरह रेस्पॉन्ड करेंगी.

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Sex Tips For Wedding Night

– बॉलीवुड फिल्मों जैसी सुहागरात की कल्पना करेंगे, तो अपने साथ-साथ अपने पार्टनर को भी निराश करेंगे. ख़ुद पर परफेक्ट सेक्सुअल रिलेशन का दबाव न बनाएं. बस, पार्टनर को प्यार से छू लें, वो ख़ुद निहाल हो जाएगा.

– पहली बार सेक्सुअल रिलेशन बनाने में असहजता होती ही है, इसलिए लुब्रिकेंट अपने पास ज़रूर रखें. यह आपको रिलेशन बनाने में मदद करेगा.

– अगर आप पहली ही बार में ऑर्गैज़्म की उम्मीद कर रही हैं, तो शायद ऐसा न हो. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आपने सेक्स एंजॉय नहीं किया. अपने पार्टनर को पा लेने की ख़ुशी कपल्स के चेहरे पर साफ़ दिखाई देती है. इसलिए ऑर्गैज़्म को दिमाग़ से निकाल दें और स़िर्फ पार्टनर पर ध्यान लगाएं.

– भले ही सुहागरात में संबंध बने या ना बने, फिर भी यह रात आप दोनों पूरी जिंदगी नहीं भूलेंगे. इसलिए हंसे, मुस्कुराएं, खिलखिलाएं और एक-दूसरे को जीवनभर के लिए अपना बना लें.

– अनीता सिंह

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सगाई से शादी (Marriage) तक का समय लड़के-लड़की दोनों के लिए ही बहुत महत्वपूर्ण होता है. भावी जीवन को लेकर जहां मन में कई रूमानी ख़्वाब व ख़्वाहिशें होती हैं, तो कुछ अनकही आशंकाएं और ऊटपटांग सवाल भी दिलोदिमाग़ में गूंजते रहते हैं. कौन-से हैं वे ऊटपटांग या क्रेज़ी सवाल, आइए जानते हैं.

Marriage Problems

लड़कियों के दिमाग़ में आनेवाले सवाल

शादी से पहले हर लड़की के मन में अपने भावी जीवन को लेकर एक तस्वीर बसी होती है, जहां सब कुछ बहुत रोमांटिक और परफेक्ट होता है, पर शादी से पहले मन में कुछ के्रज़ी सवाल भी कुलबुलाते हैं. कभी उसकी आदतों को लेकर, तो कभी अपनी. हो सकता है, आपके दिमाग़ में भी ये सवाल आए हों.

  1. क्या ये मेरे नखरे उठा पाएगा?

–    आमतौर पर लड़कियां नखरीली ही होती हैं, पर वो सभी से नखरे नहीं करतीं. उन्हें अच्छी तरह पता होता है कि कौन उनके नखरे बर्दाश्त कर सकता है और कौन नहीं.

–     बात जब शादी की होती है, तो उनके दिमाग़ में यह सवाल ज़रूर आता है कि क्या ये (भावी पति) मेरे नखरे उठा पाएगा? इसका जवाब जानने के लिए वो कभी-कभी अटपटी हरकतें भी करती हैं, जैसे- अपनी सहूलियत की जगह और समय के मुताबिक़ लड़के को मिलने बुलाना, ज़िद करके कुछ ख़रीदवाना, खाने-पीने में ज़िद करना आदि.

– यक़ीनन आपने भी शादी से पहले अपने मंगेतर के साथ ऐसी कोई ज़िद ज़रूर की होगी. इसमें कुछ ग़लत भी नहीं है. हर लड़की शादी से पहले श्योर होना चाहती है कि उसने जिस लड़के से शादी का निर्णय लिया है, वो पूरी तरह सही है या नहीं.

  1. नाराज़ हो गया, तो कैसे मनाऊंगी?

– शादी के रिश्ते में हंसी-मज़ाक, नोंक-झोंक और ताने-उलाहने तो आम बात हैं, पर कभी-कभी हंसी-मज़ाक या शरारत भारी भी पड़ जाती है, ऐसे में आपको उन्हें मनाने के लिए भी अभी से तैयार रहना होगा.

–  ‘रूठे-रूठे पिया मनाऊं कैसे…’  अच्छाजी मैं हारी चलो मान जाओ ना…’ ‘देखो रूठा ना करो, बात नज़रों की सुनो…’ जैसे कुछ एवरग्रीन बॉलीवुड गाने यहां आपकी मदद करेंगे. उन्हें गाकर सुनाएं या फिर गाना उन्हें व्हाट्सऐप कर दें. आपकी इस अदा पर वो ज़्यादा देर नाराज़ नहीं रह पाएंगे.

– थोड़ा रोमांटिक हो जाएं, तो गुलाब का फूल या चॉकलेट या फिर एक प्यारा-सा लव लेटर आपका काम बख़ूबी कर देंगे.

  1. क्या मुझे अपना ब्लैंकेट शेयर करना पड़ेगा?

रिंकू बचपन से अपने ब्लैंकेट को लेकर बहुत पज़ेसिव थी. कोई और अगर उसे इस्तेमाल कर ले, तो वो हंगामा कर देती थी, लेकिन जब उसकी शादी तय हुई, तो सबसे पहले उसके दिमाग़ में जो क्रेज़ी सवाल आया, वो ब्लैंकेट का ही था. हालांकि उसने इसका तोड़ निकाला. पति को इतने प्यार से अपनी बात समझाई कि उन्होंने कभी उसके और उसके ब्लैंकेट के बीच आने की कोशिश नहीं की.

–     रिंकू की तरह ही बहुत-सी लड़कियां अपनी चीज़ों को लेकर पज़ेसिव रहती हैं, लेकिन ज़रूरी नहीं कि शादी के बाद आपको हर जगह एडजस्टमेंट्स करने पड़ें. इस बारे में अपने पार्टनर से खुलकर बातें करें.

–     किसी भी चीज़ को लेकर मन में कोई शंका न रखें. जो भी क्रेज़ी सवाल मन में आएं, पार्टनर से डिस्कस कर लें.

  1. कहीं मम्मी से मेरी शिकायत कर दी तो?

–     लड़कियों को अपनी रेप्युटेशन सबसे ज़्यादा प्यारी होती है. ख़ासकर शादी के बाद ससुराल में वो चाहती हैं कि हर कोई उनकी तारी़फ़ करे.

–     ऐसे में मम्मी से अपनी शिकायत को लेकर वो सबसे ज़्यादा डरती हैं और यह बात सब लड़कों को पता होती है, तभी तो शादी के बाद ज़्यादातर पति यही धमकी देते हैं कि मम्मीजी को बता दूं…

–     ग़लतियां तो सभी से होती हैं, आपसे भी होंगी ही, इसलिए इसे हौवा न बनाएं. बस, अपनी सासूमां को पटाकर रखें. ऐसे में वो ही आपकी ढाल बनेंगी.

  1. कहीं मेरी पहचान खो न जाए?

–     सबसे पहले तो इस बात को अपने दिमाग़ से निकाल दें कि शादी आपकी पहचान आपसे छीन लेगी, बल्कि शादी के बाद तो आपको कई नए रिश्ते, नाम और पहचान मिलती है.

–     अगर मायके के निक नेम से ससुराल में कोई नहीं बुलाता, तो उदास न हों. पतिदेव ने आपको कोई लव नेम और ननद-देवर ने कुछ नए निक नेम दिए होंगे, तो उन्हें एंजॉय करें.

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Marriage Tips

लड़कों के दिमाग़ में आनेवाले सवाल

शादी के नाम से जितना डर लड़कियों को लगता है, उससे कम लड़कों को नहीं लगता. उनके मन में भी शादी को लेकर कई टेढ़े-मेढ़े सवाल आते रहते हैं.

  1. क्या मैं भी जोरू का ग़ुलाम बन जाऊंगा?

–     लड़कों में जोरू के ग़ुलाम का ऐसा हौवा है कि कोई भी अपनी पहचान इस रूप में नहीं चाहता.

–     होनेवाली पत्नी की देखभाल और  इच्छाओं का ख़्याल रखना आपकी ज़िम्मेदारी है, पर उसे तवज्जो देने में दूसरों को अनदेखा न करें.

–     एक अच्छा बेटा होने के साथ-साथ आपको एक अच्छा दामाद भी बनना चाहिए, पर इस चक्कर में बेटे की ज़िम्मेदारियों को न भूल जाएं.

  1. नाराज़ होकर मायके चली गई तो?

–    यह सवाल अक्सर उनके दिमाग़ में आता है, जिनकी ससुराल उसी शहर में होती है. कहीं कुछ गड़बड़ हो गई और यह बोरिया-बिस्तर लेकर मायके चली गई, तो मैं क्या करूंगा?

–    जाने का सवाल तो तब पैदा होगा, जब कोई गड़बड़ होगी. रिश्ते में प्यार और अपनापन बनाए रखें, यक़ीनन आपका वैवाहिक जीवन सुखमय होगा.

–     शादी के पहले से ही उनके विचारों और पसंद-नापसंद को जानने की कोशिश करें.

–     अगर कभी ग़लती हो भी गई, तो ‘सॉरी’ कहने में झिझकें नहीं.

  1. कहीं मुझे ममाज़ बॉय न समझे?

–    आमतौर पर जो लड़के अपनी हर छोटी-बड़ी ज़रूरतों के लिए मां पर पूरी तरह आश्रित होते हैं, उनके मन में यह सवाल ज़रूर आता है.

–     अगर आप यह टैग नहीं चाहते, तो थोड़ा इंडिपेंडेंट बन जाएं और शादी से पहले ही अपने कुछ काम ख़ुद करना शुरू कर दें.

–     खाने के बाद थाली उठाकर बेसिन में रखना, कपड़े वॉशिंग मशीन में डालना, अपनी आलमारी को व्यवस्थित रखना, जो चीज़ जहां से उठाई, उसे वहीं वापस रखना जैसी आदतें सभी लड़कों में होनी चाहिए.

  1. मेरी चीज़ों पर कब्ज़ा न कर ले?

–     पति-पत्नी पार्टनर्स होते हैं यानी आपकी सभी चीज़ों पर पत्नी का पूरा हक़ होता है. शादी से पहले ही इसके लिए मानसिक रूप से तैयार हो जाएं.

–     एकाधिकार की भावना को छोड़कर शेयरिंग करना सीखें.

–     अब अगर आप यह सोच रहे हैं कि शादी के बाद भी आपका कमरा बैचलर जैसा रहेगा, तो यह ज़्यादती ही होगी.

–     शादी से पहले ही कमरे की सजावट और डेकोर के बारे में अगर होनेवाली पत्नी से बात करें, तो उसे अच्छा फील होगा.

  1. अपने दोस्तों से मिलाना चाहिए या नहीं?

–   अपने दोस्तों के बारे में लड़कों को अच्छे से पता होता है, स़िर्फ उनकी ख़ूबियां ही नहीं कमियां भी वो बख़ूबी जानते हैं, इसीलिए बात जब होनेवाली पत्नी को दोस्तों से मिलाने की होती है, तो वो सोच में पड़ जाते हैं, मिलाऊं या नहीं?

–     दोस्तों से मिलाया और उन्होंने शेखी बघारने के चक्कर में कोई पोल खोल दी, तो ज़िंदगीभर ताने सुनने पड़ सकते हैं.

–     आप बेहिचक पूरी टोली को होनेवाली पत्नी से मिलाएं. अगर कुछ दोस्त शादीशुदा हैं, तो यक़ीनन आपकी रेप्यूटेशन का पूरा ख़्याल रखेंगे और जमकर तारीफ़ भी करेंगे.

– संतारा सिंह 

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टीवी सीरियल जस्सी जैसी कोई नहीं से पॉप्युलर हुई टीवी एक्ट्रेस मोना सिंह (Mona Singh) इन दिनों अपने अफेयर और शादी की खबरों को लेकर चर्चा में हैं. खबरें हैं कि मोना को एक बार फिर प्यार हो गया है और वो जल्द ही शादी के बंधन में बंधनेवाली हैं. खबरों के अनुसार मोना सिंह पिछले एक साल से किसी साउथ इंडियन को डेट कर रही हैं. दोनों एक-दूसरे को लेकर काफी सीरियस हैं और उनका जल्द ही शादी का प्लान है. मोना का यह बॉयफ्रेंड फिल्मी बैकग्राउंड से नहीं है और अभी तक उनके नाम का खुलासा भी नहीं हुआ है.

Mona Singh

 

बता दें कि मोना सिंह पहले टीवी एक्टर करण ओबेरॉय और विद्युत जामवाल के साथ रिलेशनशिप में रह चुकी हैं. बॉलीवुड एक्टर विद्युत जामवाल के साथ तो उनका अफेयर लंबे टाइम तक रहा था और खबरें तो यहां तक थीं कि दोनों शादी करनेवाले थे, लेकिन तब मोना के एक तथाकथित एमएमएस के कारण ये रिश्ता टूट गया था.

दरअसल कुछ साल पहले एक एमएमएस लीक होने के कारण मोना सिंह का नाम खूब चर्चा में रहा था. इस एमएमएस में मोना सिंह की तरह दिखनेवाली लड़की आपत्तिजनक हालत में थी और वो एमएमएस खूब वायरल हुआ था. हालांकि जांच-पड़ताल के बाद इस एमएमएस की सच्चाई का खुलासा नहीं हो सका था और मोना ने इसे फर्जी बताया था, लेकिन इससे मोना सिंह की पर्सनल लाइफ बुरी तरह से प्रभावित हुई थी और बॉयफ्रेंड विद्युत से उनकी शादी टूटने की वजह भी इसी एमएमएस को बताया गया था।

वर्क फ्रंट की बात करें तो मोना जल्द ही ऑल्ट बालाजी की वेब सीरीज मॉम: मिशन ओवर मार्स में नज़र आएंगी. इस वेब सीरीज में साक्षी तंवर, निधि सिंह और पालोमी घोष भी अहम किरदार में नजर आनेवाली हैं.

Mona Singh

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नवीन व सीमा एक ही कॉलेज में थे. नवीन का आकर्षक व्यक्तित्व, सहायक स्वभाव, एक ही मुलाक़ात में दूसरों को अपना बना लेने का अंदाज़ क़ाबिले-तारीफ़ था, इसीलिए हर लड़की उसका साथ पसंद करती थी. दोस्तों के बीच भी वह काफ़ी लोकप्रिय था. जब नवीन की रुचि सीमा के प्रति बढ़ी तो उनकी दोस्ती जल्दी ही प्यार में बदल गई और झटपट शादी तय हो गई, किन्तु विवाह के बाद यही क़ाबिले तारीफ़ अंदाज़ और समाज सेवा का रवैया दोनों की तक़रार का कारण बना. सीमा नवीन से घरेलू ज़िम्मेदारियों की अपेक्षा करती थी, लेकिन नवीन से जग भलाई छूटती नहीं थी.

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राखी और निरंजन अच्छे दोस्त थे. ऑफ़िस के बाद दोनों रोज़ ही कभी कॉफ़ी हाउस, तो कभी रेस्टॉरेन्ट में बैठते. निरंजन अकेला रहता था. राखी भी माता-पिता की स्वतन्त्र विचारों वाली इकलौती बेटी थी. उनके लिए घर से ज़्यादा कैरियर महत्वपूर्ण था. दोस्ती गहरी होती गई. एक-दूसरे का साथ बहुत प्रिय था, इतना कि लगा एक-दूसरे के बिना रह ही नहीं सकेंगे. परिवारों को भी कोई ऐतराज नहीं हुआ तो सहर्ष शादी के बंधन में बंध गए. कहा-सुनी तब शुरू हुई जब निरंजन रेस्टॉरेन्ट के बजाए घर के खाने को ज़्यादा पसंद करने लगा. वह चाहता था कि राखी गृहस्थी में भी थोड़ी रुचि ले, किन्तु राखी ने तो अपने घर में पहले कभी घरेलू कामों में रुचि ली ही नहीं थी. फिर तो छोटी-छोटी बातों पर भी तू-तू मैं-मैं होने लगी और इस रिश्ते का अंत हुआ तलाक़ के साथ.

जब इस तरह की बातें सामने आती हैं तब पछतावा होता है अपने चुनाव पर. तब लगता है जल्दबाज़ी तो नहीं कर दी निर्णय लेने में. दरअसल, प्यार का नशा ऐसा होता है कि साथी में कुछ ग़लत या कमी दिखाई नहीं देती है और यदि कुछ महसूस भी होता है तो साथी का साथ पाने की प्रबल चाह के आगे सब कुछ बौना हो जाता है. पहले विवाह हमेशा माता-पिता द्वारा तय किए जाते थे. लड़के से अधिक घर-परिवार को महत्व दिया जाता था. मुश्किलें तब भी आती थीं, लेकिन उस समय समझौता करना और आजीवन इस बंधन को निभाने की भावना सर्वोपरि होती थी. बेमेल विवाह भी निभाए जाते थे और समझौतों के साथ निभाते-निभाते समय के साथ अनुकूलता और परिपक्वता भी आ जाती थी. निभाना स्त्री का प्रथम गुण था भले ही वह उसकी मजबूरी थी, क्योंकि उस समय वह आर्थिक रूप से स्वतन्त्र नहीं थी. उनके पास इतना कोई विकल्प नहीं होता था. किन्तु अब ऐसा नहीं है, बल्कि लड़कियां ख़ुद अपने लिए जीवनसाथी का चुनाव कर रही हैं. वे शारीरिक रूप-रंग से ़ज़्यादा मानसिक स्तर पर मेल चाहती हैं. प्रेम-विवाह न भी हो तो आज शादी से पहले मिलना-जुलना, एक-दूसरे के विचारों को जानना, साथ समय गुज़ारना दोनों परिवारों को भी मान्य होने लगा है. इसके बावजूद कई बार विवाह के बाद बहुत कुछ ऐसी बातें सामने आती हैं, जिनके बारे में पहले ज़रा भी ख़याल नहीं आया होता. विचार, व्यवहार और दृष्टिकोण विवाहित जीवन का अहम हिस्सा हैं, क्योंकि आप अकेली नहीं हैं. परस्पर अनुकूलता, परिपक्वता और विश्‍वास ज़रूरी है इस बंधन में, अतः ज़रूरी हो जाता है यह आंकना कि जिस व्यक्ति के साथ आप ज़िंदगी गुज़ारने का फैसला ले रही हैं, वह शादी जैसे पवित्र बंधन के योग्य है या नहीं?

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– लेकिन यह भी ज़रूरी है कि प्रेमी के बारे में अपनी राय बनाने से पहले आप अपना आत्मावलोकन भी करें, जैसे- अपने आपको जानना, अपने स्वभाव, अपनी क्रियाओं-प्रतिक्रियाओं को पहचानना, अपनी अपेक्षाओं को समझना, शादी की मैच्योरिटी को गम्भीरता से समझना और उससे जुड़ी ज़िम्मेदारियों को स्वीकारना.

– शादी एक पवित्र बंधन ही नहीं है, बल्कि यहां अनेक समझौते और कभी-कभी त्याग व समर्पण भी करने पड़ते हैं. कई बार ऐसा लगता है कि विचारों में समानता या अनुकूलता के साथ ही निभाना बेहतर होता है, किन्तु ऐसा नहीं है. अनुकूल स्वभाव के बावजूद टकराव हो ही जाता है. अहम का टकराव हो ही जाता है और कभी-कभी प्रतिकूल विचारधाराएं भी परिपूरक बन ज़िंदगी आसान बना देती हैं. जैसे यदि आप किन्हीं स्थितियों में कमज़ोर हैं तो साथी वहां पूरक बन जाए. उसे आपसे प्रेम है, आप पर भरोसा है और आपको समझता है, तो शादी का यह रिश्ता ख़ूबसूरत बन जाता है.

– विवाह की पहली शर्त है प्यार व विश्‍वास के साथ उसके गुण-अवगुण सहित स्वीकारना, साथ ही उसके परिजन व प्रियजनों को भी स्वीकारना. जिसके साथ जीवन बिताना है, उसे शर्तों में न बांधें, न ही उसकी शर्तें स्वीकार करें. प्रेमी या बॉयफ्रेंड अकेला होता है, किन्तु विवाह के बाद घर-परिवार होता है, हर रिश्ते से जुड़ना होता है, हर किसी के प्रति ज़िम्मेदारियां निभानी होती हैं.

– किसी भी रिश्ते या संबंध के निर्वाह में कम्यूनिकेशन यानी बातचीत अहम भूमिका रखती है, अतः बॉयफ्रेंड के साथ हर एक विषय पर स्पष्ट बात करें. उसके विचारों को जानें, अपनी भावनाओं को व्यक्त करें, उसकी प्रतिक्रिया महसूस करें. यदि स्वयं निर्णय ले पाने में दुविधा है तो किसी मैच्योर व्यक्ति या काउंसलर की सलाह भी ली जा सकती है. यदि व्यक्ति प्यार का वास्ता देकर अपनी बात मनवाने की कोशिश करता है या आपके प्यार में पागल हो अपने परिवार को छोड़ देने की बात करता है तो याद रहे, ये स्थिति न तो सामान्य है, न व्यावहारिक. आगे निश्‍चय ही परेशानियां आ सकती हैं. जो अब आपके लिए माता-पिता को छोड़ने की बात करता है, वह कल आपको भी छोड़ सकता है. कोई पति-पत्नी परिवार-समाज से दूर दुनिया बसा कर ख़ुश नहीं रह सकते हैं, बल्कि इससे तनाव व कुंठा महसूस होने लगती है, फिर शुरू होने लगता है एक-दूसरे पर आरोपों व प्रत्यारोपों का सिलसिला.

– विवाह का सच्चा सुख है केयरिंग व शेयरिंग में. साथी के साथ हर व्यवहार में सहजता महसूस होनी चाहिए. चाहे अपनी समस्या शेयर करनी हो या अपनों को केयरिंग की ज़रूरत हो. एक-दूसरे के अलावा आपकी ज़िंदगी में अपनों के लिए भी जगह होनी चाहिए. मेरा-तुम्हारा न होकर हर स्थिति मे ङ्गहमाराफ भाव होना चाहिए. एक-दूसरे को बदलने के बजाय एक-दूसरे का पूरक होना चाहिए.

– विचारों में समानता, ज़िंदगी के प्रति नज़रिया, घर-परिवार या भविष्य के प्रति दृष्टिकोण के साथ-साथ आर्थिक दृष्टिकोण के प्रति भी अपने बॉयफ्रेंड की प्लानिंग को जानने की कोशिश करें. प्यार में आसमान से तारे तोड़े जा सकते हैं, किन्तु शादीशुदा ज़िंदगी के लिए ठोस धरातल चाहिए. पैसों के बिना ज़िंदगी नहीं चलती. पैसों से ख़ुशियां नहीं पाई जा सकतीं, लेकिन पैसों से ही सुख के साधन जुटाए जा सकते हैं और सुख के माध्यम से आनंद की अनुभूति होती है.

– साथी का चरित्र जानना भी बहुत ज़रूरी है. चरित्र उसकी संगत, उसके व्यवहार, उसके अंदाज़ आदि से आसानी से पता लग सकता है, बस आपको अपनी सोच पर, प्यार के एहसास पर भरोसा होना चाहिए. शादी का ़फैसला लेना है, जीवनभर किसी का प्यार पाना है, उसे बनाए रखना है, फिर जल्दबाज़ी क्यों? सोच-समझकर निर्णय लें कि क्या वाकई आपका बॉयफ्रेंड ऐसा है कि उसके साथ आप ज़िंदगीभर निभा पाएंगी.

– वैसे भी विवाह नामक संस्था से आज की पीढ़ी का विश्‍वास उठता-सा जा रहा है. काफ़ी लोगों के लिए शादी ज़िंदगीभर का सामाजिक बंधन नहीं रह जाता है, बल्कि अब विवाह व्यक्तिगत परिपूर्णता के साधन के रूप में देखा जाता है. साथी यदि अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाता है, तो बंधन को निभाते जाना मूर्खता समझी जाती है, अतः ज़रूरी है कि इस बात को पहले ही समझ लिया जाए कि गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड परस्पर एक-दूसरे की कसौटी पर खरे उतर पाएंगे या नहीं.

– प्रसून भार्गव

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ग्लैमर वर्ल्ड में जिस तेज़ी से शादियां हो रही हैं, उसी तेज़ी से शादियों के टूटने का सिलसिला भी जारी है. जी हां, खबर है कि जी टीवी के शो एक था राजा और एक थी रानी के अभिनेता सिद्धांत कार्निक (Siddhant Karnick) और उनकी एक्ट्रेस वाइफ मेघा गुप्ता (Megha Gupta) की शादी (Marriage) में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है और वे अलग रह रहे हैं. आपको बता दें कि सिद्धांत कार्निक और  मेघा गुप्ता की मुलाक़ात साल 2015 में विवियन डिसेना की पार्टी में हुई थी, जल्द ही दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया था. 1 साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद साल 2016 में यह दोनों शादी के बंधन में बंध गए. इन्होंने कोर्ट मैरिज की और बाद में नासिक में प्राइवेट सेरेमनी की.

Siddharth Karnick And Megha Gupta

Siddharth Karnick And Megha Gupta

Siddharth Karnick And Megha Gupta

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लेकिन हाल ही में आई खबरों की मानें तो सिद्धांत अपनी पत्नी मेघा से अलग हो गए हैं. यह खबर तब से आई जबसे इन-दोनों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को अनफ़ॉलो कर दिया है. मेघा और सिद्धांत कभी सोशल मीडिया पर अपनी प्यार भरी तस्वीरों को पोस्ट करते नही थकते थे. लेकिन दिसंबर 2018 के बाद से इन-दोनों ने सोशल मीडिया पर साथ वाली एक भी तस्वीर शेयर नही की जिसके बाद से ही यह खबर आने लगी कि इनके रिश्ते में सब कुछ ठीक नहीं है.

एक वेबसाइट ने जब मेघा से इस बारे में जानने की कोशिश की तो उन्होंने इशारों ही इशारों में साफ बता दिया, “मेरे पास कुछ कहने के लिए नहीं है. लेकिन मुझे समझने के लिए आपका शुक्रिया.” मेघा के यह कहने से यह साफ-तौर पर पता लगता है कि मेघा और सिद्धांत की शादी-शुदा जिंदगी में सबकुछ सही नही चल रहा है. खबरों के अनुसार, सिद्धांत कार्निक और मेघा गुप्ता अब साथ में नहीं रहते हैं. एक अखबार ने जब सिद्धांत से इस बारे में पूछा तो उन्होंने बात को टालते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है. कपल के करीबी मित्रों की मानें तो इनके बीच मे कोई भी समानता नहीं है इसलिए ये अलग हो गए.

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