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इन लव फूड्स से बनाएं अपनी सेक्स लाइफ को और भी स्पाइसी (Spice Up Your Sex Life With These Love Foods)

यूं तो आपने अनेक तरह के फूड के बारे में सुना होगा, जैसे- चाइनीज़ फूड, मुगलई फूड, इटालियन फूड, थाई फूड आदि. लेकिन क्या आपने ‘लव फूड’ (Love Food) के बारे में सुना है? आइए, ऐसे ही कुछ लव रेसिपीज़, लव फ्रूट्स और ड्रिंक्स के बारे में जानें मुंबई की डायटीशियन ममता शर्मा से.

Love Foods

लव रेसिपीज़

अ‍ॅायस्टर ड्रमस्टिक करी: ड्रमस्टिक यानी सहिजन में लव फीलिंग्स को बढ़ाने की ख़ूबियां होती हैं और अ‍ॅायस्टर के साथ ड्रमस्टिक मिलकर रोमांटिक फीलिंग्स को दोगुना कर देती है.

खीर: दूध और ड्राय़फ्रूट्स से बनी इस स्वीट डिश का मीठा टेस्ट मूड को हल्का करता है. ड्राय़फ्रूट्स का ए़फ्रोडिसियक (प्यार की कामना) नेचर दूध के साथ मिलकर लव फीलिंग्स को बढ़ाता है.

हलवा: सूजी या बेसन और ड्रायफ्रूट्स से बनी इस स्वीट डिश से लव हार्मोन रिलीज़ होने में मदद मिलती है और रोमांटिक फीलिंग्स बढ़ती है.

आइस्क्रीम विद नट्स: आइस्क्रीम में मिले नट्स- बादाम, अखरोट आदि रोमांटिक फीलिंग्स को बढ़ाने में सहायक होते हैं.

चीज़ केक विद स्ट्रॉबेरी: स्ट्रॉबेरी को चीज़ केक के साथ मिलाकर भी रोमांटिक फूड के रूप में सर्व किया जाता है.

स्ट्रॉबेरी विद चॅाकलेट: स्ट्रॉबेरी के साथ चॅाकलेट मिलाकर सर्व करना सबसे अधिक रोमांटिक माना जाता है. चॅाकलेट इंसान के मूड को हल्का-फुल्का बनाता है, जबकि स्ट्रॉबेरी उत्तेजना को बढ़ाता है. इसलिए स्ट्रॉबेरी को शैंपेन के साथ सर्व करते हैं. इसे किसी अन्य ड्रिंक के साथ सर्व नहीं किया जाता.

चॅाकलेट: यह इंसान के मूड को जॅाली और फ्रेश करती है. इसलिए इसको ‘मूड चेंजिंग फूड’ भी कहते हैं. इससे व्यक्ति के अंदर रोमांटिक फीलिंग्स बढ़ती है.

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Sex Foods
लव फ्रूट्स

स्ट्रॉबेरी: इसमें विटामिन ‘सी’ होता है, जो एंटी-अ‍ॅाक्सीडेंट का काम करता है. यह एंटी-अ‍ॅाक्सीडेंट शरीर की मांसपेशियों और टिशू के लिए आवश्यक होता है.

केला: केले में पोटैशियम और विटामिन ‘बी’ होता है, जो सेक्सुअल हार्मोन बनाने में मदद करता है.

पपीता: इसमें ऐसे केमिकल होते हैं, जो फीमेल हार्मोन के प्रोडक्शन में मदद करतेे हैं और ये हार्मोन रोमांटिक फीलिंग्स बढ़ाने में सहायक होते हैं.

एवोकेडो: इसके आकार की वजह से इसे लव फूड कहते हैं. इसमें विटामिन ई और बी6 होता है, जो रोमांटिक फीलिंग्स और एनर्जी के लिए ज़रूरी है.

अंजीर: मॅाडेस्टी और सेक्सुअलिटी का प्रतीक है अंजीर. इसमें बहुत अधिक मात्रा में पोषक तत्व होते हैं, जो स्वस्थ शरीर और लव फीलिंग्स के लिए अनिवार्य हैं.

रसबेरी: गुलाब की फैमिली का होने के कारण इसे ‘फ्रूट अ‍ॅाफ़ लव’ भी कहते हैं. इसमें फ़ायबर, विटामिन ‘सी’ और मैग्नीज़ होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने और रोमांटिक फीलिंग्स को बढ़ाने के लिए ज़रूरी होते हैं. इसका प्रयोग केक, शेक और आइस्क्रीम में किया जाता है

अनार: इसको फ़र्टिलिटी का प्रतीक मानते हैं. इसका प्रयोग कस्टर्ड और शेक के साथ किया जाता है. इसमें आयरन होता है, जो मेल हार्मोन के लिए अनिवार्य होता है.

लव वेजीटेबल्स

स्वीट पोटैटो: इसमें पोटैशियम होता है, जो महिलाओं में रोमांटिक फीलिंग्स को बढ़ाने में सहायक होता है. इसे ज़्यादा नमक के साथ नहीं खाना चाहिए, क्योंकि नमक पोटैशियम के असर को कम कर देता है.

ड्रायफ्रूट्स

पाइन नट्स: इसको न्यूट्रीशन का ‘पावर हाउस’ कहते हैं, क्योंकि इसकी न्यूट्रीशियस वैल्यू बहुत अधिक होती है. इसका सेवन भी प्यार की भावनाओं को बढ़ाता है.

अखरोट: इसमें आर्जीनीन होता है. यह एक अमीनो एसिड है, जो मेल हार्मोन के प्रोडक्शन में मदद करता है. इसका प्रयोग केक, शेक आदि में किया जाता है.

बादाम: इसमें आयरन, मैग्नीज़ और विटामिन्स होते हैं, जो लव फीलिंग्स को बढ़ाने में सहायक होते हैं.

– अभिषेक शर्मा

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सफल अरेंज मैरिज के एक्सक्लूसिव 15 मंत्र (15 Exclusive Relationship Mantra For Successful Arrange Marriage)

दादी-नानी या माता-पिता के समय की अरेंज मैरिज की सफलता का फ़ॉर्मूला आज के दौर में फिट नहीं बैठता. मॉडर्न युग में क्या हैं सफल अरेंज मैरिज के मंत्र, आइए जानते हैं. कहते हैं शादियां स्वर्ग में तय होती हैं और हर किसी के लिए कोई न कोई जीवनसाथी ज़रूर होता है. पर आज की युवापीढ़ी इस कथन में अधिक विश्‍वास नहीं करती. वह तो लव मैरिज को अधिक महत्व देती है. लेकिन मेट्रो सिटीज़ व खुले विचारोंवाले परिवारों को छोड़ दें, तो आज भी ज़्यादातर शादियां अरेंज ही होती हैं और वैवाहिक जीवन भी सफल होता है. तो आइए, सफल अरेंज मैरिज के इन मंत्रों को जानें.

Relationship Mantra

1. शादी को सफल बनाने का मूल मंत्र है- प्यार, विश्‍वास, समझौता और सामंजस्य. धीरे-धीरे एक-दूसरे को समझें, एडजस्ट होने के लिए व़क़्त और स्पेस दें. फिर देखें, किस तरह रिश्तों में मज़बूती आती है.

2. अरेंज मैरिज में दोनों पार्टनर एक-दूसरे के लिए अजनबी होते हैं. अतः घबराहट होना स्वाभाविक है. यदि आप भी ऐसा महसूस करती हैं, तो कारण जानने की कोशिश करें. कई बार किसी अनजान व्यक्ति के साथ रहने की कल्पना, नए परिवार के साथ तालमेल बैठाने का डर, वहां के तौर-तरीक़ों की चिंता आदि से मन डरता है. मन की घबराहट को पार्टनर के साथ शेयर करें. उसके ज़रिए परिवार के बारे में जानने की कोशिश करें. पार्टनर के साथ सहज हो जाने पर परिवार के साथ सामंजस्य बैठाने में परेशानी नहीं होगी.

3. अरेंज मैरिज का अर्थ है- ज़्यादा ज़िम्मेदारियां और ज़्यादा अपेक्षाएं. दोनों ही पार्टनर्स पर उन सारी बातों पर खरा उतरने का दबाव रहता है. दबाव ज़रूर लें, लेकिन इतना नहीं कि आपसी तालमेल ही गड़बड़ाने लगे.

4. जरूरी नहीं कि पार्टनर को आपकी हर पसंद-नापसंद में रुचि हो या आप दोनों के विचार एक जैसे हों. कभी-कभी विपरीत स्वभाववाले पार्टनर्स भी बहुत ख़ुश रहते हैं.

5. हो सकता है नए परिवार की सोच आपके जीवन मूल्यों को सही न माने और आपको लगातार बताया जाए कि इस परिवार में ऐसा ही होता है. निश्‍चय ही ऐसे माहौल में आप परेशान हो जाएं, घुटन भी हो, पर रिलैक्स! शादी में सामंजस्य व अनुकूलता भी होती है. ऐसी स्थिति में पार्टनर से सही शब्दों के चुनाव के साथ सौम्य लहजे में बात करें. उन्हें अपनी उलझन बताएं, ताकि परिवार के किसी भी सदस्य को नाराज़ किए बिना समस्या का हल निकल आए.

6. शुरू-शुरू में पार्टनर या परिवार के सदस्यों की किसी भी बात, कमेंट या व्यवहार को दिल पर न लें. न ही जैसे को तैसा वाली पॉलिसी अपनाएं, बल्कि जो लोग परेशानियां पैदा करते हैं, उनसे संभलकर रहें. सूझबूझ से स्थिति को संभालें. निश्‍चय ही ऐसा व्यवहार आप दोनों को ख़ुशियां देगा. एक-दूसरे के क़रीब लाएगा.

7. परिवार में होनेवाली हर छोटी-छोटी बात की शिकायत पार्टनर से न करें, न ही बात-बात पर आंसू बहाएं. याद रहे, वो भी आपकी तरह ही ज़्यादा नहीं, तो थोड़ी-बहुत दुविधा से गुज़र रहा है.

8. प्यार एक ऐसी भावना है, जो हर मुश्किल को आसान बना देती है. अरेंज मैरिज में भी कभी तो देखते ही प्यार हो जाता है और कभी साथ चलते-चलते प्यार हो जाता है, वो भी ऐसा कि जीवन के हर आंधी-तूफ़ान से जूझने की ताक़त बन जाता है. प्यार देंगे, तो प्यार मिलेगा भी.

9. प्यार की नींव है विश्‍वास. पार्टनर पर विश्‍वास करें और उनके भरोसे को भी बनाए रखें. धैर्य से काम लें. पार्टनर या परिवार के सदस्यों की ग़लतियों के प्रति क्षमाशील बनें. जो बीज हम बोते हैं, वही फल हमें मिलता है.

10. शादी एक कमिटमेंट है, जहां आप अपनी बेफ़िक़्र दुनिया से निकलकर ज़िम्मेदारी, कमिटमेंट, त्याग, समझौतों के भंवर में घूमते रहते हैं. लेकिन यही बातें विवाह को मज़बूत बनाती हैं.

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Relationship Mantra

11. हो सकता है आप अपने नए परिवार के मुक़ाबले आर्थिक रूप से ज़्यादा संपन्न परिवार से हों, ज़्यादा स्मार्ट या हर तरह से बेहतर हों. लेकिन याद रहे, शादी किसी मुक़ाबले का प्लेटफॉर्म नहीं है. अतः तुलनात्मक विचारधारा को आड़े न लाएं. अब यह परिवार आपका है, इसे बेहतर बनाने में सहयोग दें.

12. रिश्तों को मज़बूत करने के लिए संवाद सबसे मुख्य है. कभी भी अपने पार्टनर से झूठ न बोलें. एक झूठ आपको मुसीबत में डाल सकता है. एक बार आपका झूठ पकड़ा गया, तो फिर से वह विश्‍वास पाना असंभव हो जाता है.

13. विवाह की सफलता के लिए दोनों परिवारों को जोड़कर रखना भी आपका व आपके पार्टनर का काम है. यह तभी संभव है जब दोनों परिवारों के प्रति स्नेह व आदर का समान भाव हो.

14. रिश्तों को बनाए रखने में मुस्कुराहट बड़ा काम करती है. आप ख़ुद भी आनंदित होते हैं और दूसरों का मन भी जीत लेते हैं.

15. इन सारी बातों के अलावा कुछेक व्यक्तिगत बातें भी हो सकती हैं, जिन्हें अपने ढंग से सुलझाकर विवाह को सफल बनाया जा सकता है.

– प्रसून भार्गव

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सुहागरात में काम आएंगे ये सुपर सेक्स टिप्स (Super Sex Tips For Your First Night)

शादी के बंधन में बंधनेवाले हर कपल के मन में सुहागरात को लेकर कई हसीन ख़्वाब पलते रहते हैं. नई ज़िंदगी की पहली रात को लेकर वैसे तो ज़्यादातर लोग एक्साइटेड रहते हैं, पर कुछ ऐसे भी हैं, जिनके मन में संकोच और आशंकाएं भी होती हैं. इसमें कोई ग़लत बात नहीं है. यह बिल्कुल सामान्य है. सुहागरात को लेकर दिमाग़ में स़िर्फ सेक्स का ख़्याल आता है, लेकिन अगर कोई कपल सही तरी़के से सेक्सुअल रिलेशन नहीं बना पाता, तो उन्हें लगता है कि उनमें ही कोई कमी है, जबकि ऐसा बहुत-से कपल्स के साथ होता है. सेक्स एक कला है, जो तर्जुबे से सीखी जाती है, इसलिए सुहागरात के नाम पर स्ट्रेस न लें. हम यहां इसी से जुड़े कुछ सुपर सेक्स टिप्स दे रहे हैं, ताकि आपकी सेक्स लाइफ सुपर रोमांंटिक बनी रहे.

Sex Tips For First Night

– दिनभर शादी की रस्मों के कारण ज़्यादातर कपल्स थक जाते हैं और रात को इन्वॉल्व नहीं हो पाते. हो सकता है आपके साथ भी ऐसा हुआ हो, इसलिए रात को ही संबंध बनाना है, इसके लिए जल्दबाज़ी न करें. थकान मिटाने के लिए भरपूर नींद लें और सुबह उठकर अपने प्यार से अपने पार्टनर को सराबोर कर दें.

– सुहागरात रोमांटिक हो, इसके लिए आपको शादी के दिन ही थोड़ी फ्लर्टिंग करनी होगी. एक-दूसरे को छेड़ें, इशारों में बातें करें और देखिए कैसे आपका मूड सेट होता है.

– सुहागरात है, इसलिए स़िर्फ आपकी चलेगी, ऐसा न सोचें. अपने पार्टनर की पसंद-नापसंद के बारे में जानें और उसे तवज्जो दें. याद रखें, ख़ुशहाल शादीशुदा ज़िंदगी की नींव सुहागरात को ही पड़ती है, इसलिए अपने पार्टनर को बिल्कुल भी ऐसा महसूस न होने दें कि आप अपनी भावनाएं उन पर थोप रहे हैं.

– सुहागरात से पहले अगर कुछ सेक्स बुक्स पढ़ेंगे, तो आपको अपने पार्टनर को ख़ुश करने के कई बेहतरीन आइडियाज़ भी मिल जाएंगे. पर कोई भी सेक्स बुक न पढ़ें. बुक स्टोर से अच्छी किताब ख़रीदें और उसे समझें.

– बेड पर आते ही एक्शन की उम्मीद किए बिना एक-दूसरे से बातें करें. पहली रात को लेकर एक-दूसरे ने क्या सोच रखा था, इस बारे में बात करें.

– पार्टनर को इंप्रेस करने के लिए आप सेक्सी लिंगरी ट्राई कर सकती हैं. आजकल मार्केट में बहुत सेक्सी लिंगरीज़ मिलती हैं. इनका इस्तेमाल करके आप अपने पार्टनर को सरप्राइज़ दे सकते हो.

– ख़ासतौर से महिलाओं को रिलैक्स रहने की ज़रूरत है. नई जगह और नए लोगों के बीच उनके मन में कई भावनाएं आती रहती हैं, ऐसे में सेक्सुअल रिलेशन के बारे में वो सोच भी नहीं पातीं, लेकिन अगर आप रिलैक्स रहेंगी, तो बेहतर महसूस करेंगी और अपने पार्टनर के साथ अच्छी तरह रेस्पॉन्ड करेंगी.

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Sex Tips For Wedding Night

– बॉलीवुड फिल्मों जैसी सुहागरात की कल्पना करेंगे, तो अपने साथ-साथ अपने पार्टनर को भी निराश करेंगे. ख़ुद पर परफेक्ट सेक्सुअल रिलेशन का दबाव न बनाएं. बस, पार्टनर को प्यार से छू लें, वो ख़ुद निहाल हो जाएगा.

– पहली बार सेक्सुअल रिलेशन बनाने में असहजता होती ही है, इसलिए लुब्रिकेंट अपने पास ज़रूर रखें. यह आपको रिलेशन बनाने में मदद करेगा.

– अगर आप पहली ही बार में ऑर्गैज़्म की उम्मीद कर रही हैं, तो शायद ऐसा न हो. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आपने सेक्स एंजॉय नहीं किया. अपने पार्टनर को पा लेने की ख़ुशी कपल्स के चेहरे पर साफ़ दिखाई देती है. इसलिए ऑर्गैज़्म को दिमाग़ से निकाल दें और स़िर्फ पार्टनर पर ध्यान लगाएं.

– भले ही सुहागरात में संबंध बने या ना बने, फिर भी यह रात आप दोनों पूरी जिंदगी नहीं भूलेंगे. इसलिए हंसे, मुस्कुराएं, खिलखिलाएं और एक-दूसरे को जीवनभर के लिए अपना बना लें.

– अनीता सिंह

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किसिंग के ये हेल्थ बेनीफिट्स नहीं जानते होंगे आप (Health Benefits Of Kissing You May Not Know)

अपने पार्टनर के साथ रूमानी पलों में आपने कभी सोचा भी नहीं होगा कि किसिंग (Kissing) आपकी सेहत (Health) के लिए इतनी चमत्कारी हो सकती है. किसिंग सिर्फ़ आपकी मैरिड लाइफ को ख़ुशगवार नहीं बनाती, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी काफ़ी फायदेमंद है. जी हां, यह किसिंग बड़े कमाल की चीज़ है, आइए आपको भी बताएं इसके हेल्थ बेनीफिट्स (Health Benefits) और इससे जुड़ी कई दिलचस्प बातें.

Health Benefits Of Kissing

किसिंग के हेल्थ बेनीफिट्स

आपको जानकर आश्‍चर्य होगा कि किसिंग न स़िर्फ आपकी सेक्स लाइफ को बूस्ट करती है, बल्कि यह आप दोनों को सेहतमंद भी बनाती है.

–     किसिंग ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करती है.

–     सिरदर्द हो या फिर पीरियड्स का दर्द, किसिंग इन दोनों से आपको राहत दिलाती है.

–     यह आपको दांतों में होनेवाली कैविटी से भी बचाता है. किसिंग के दौरान मुंह में काफ़ी सलाइवा बनता है, जो कैविटीवाले बैक्टीरिया को क्लीन कर देता है.

–     यह सेराटोनिन, ऑक्सीटॉसिन, डोपामाइन जैसे हैप्पी हार्मोंस को बढ़ाती है, जिससे आप रिफ्रेश और रिलैक्स महसूस करते हैं.

–     यह कैलोरीज़ बर्न करके आपको फिट रखती है. आपको बता दें कि एक किस में क़रीब 8-16 कैलोरीज़ बर्न होती हैं.

–     चेहरे की मसल्स को टोन करती है, जिससे चेहरे पर झुर्रियां कम पड़ती हैं.

किसिंग से जुड़ी दिलचस्प बातें

–    कुछ लोगों को किसिंग का डर होता है, जिसे फिलेमाफोबिया कहते हैं और जिन्हें यह फोबिया होता हैं, उन्हें सेक्सुअल इंटरकोर्स का भी डर होता है. यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है.

–     वैज्ञानिकों के मुताबिक हम मां के गर्भ में ही किसिंग सीख लेते हैं.

–     प्रशांत महासागर के मैंगिया द्वीप के लोग कभी किस नहीं करते. वहीं सुडान के लोग इस डर से किस नहीं करते कि कहीं उनकी आत्मा खो न जाए.

–    किस करने में आपकी 146 मसल्स काम करती हैं.

–     ब्रिटिश स्टडी के मुताबिक अपना सच्चा प्यार पाने से पहले एक महिला जहां 15 बार अपने पार्टनर को किस करती है, वहीं एक पुरुष 16 बार किस करता है.

–     किस कितनी नशीली हो सकती है, इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हर बार किस करने पर हमारे शरीर में अफीम से 200 गुना ज़्यादा प्रभाव डालनेवाला तत्व स्रावित होता है.

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Health Benefits Of Kissing
विदेशों में किसिंग एक रिवाज़

–     रॉयल हैंड किस: यह एक तरह की फॉर्मैलिटीवाला किस है. बहुत-से देशों में पहली बार मिलने पर या विदा लेते समय हाथ पर किस करने का रिवाज़ है. यह एक शिष्टाचारवाला किस है, जो आपकी विनम्रता को दर्शाता है. यूरोप, अमेरिका के अलावा खाड़ी देशों में भी यह रिवाज़ काफ़ी मशहूर है. अगर कोई आपको अपना हाथ चूमने के लिए न दे, तो समझ लें कि वो आपसे नाराज़ है.

–     एयर किस:  यूरोप में काफ़ी लोकप्रिय यह किस अपनों के प्यार का एहसास दिलाता है. परिवारवालों, दोस्तों-यारों को हेलो या बाय कहने के लिए उनके गालों से अपने गाल टकराकर मुआह की आवाज़ निकाली जाती है. इस किस का मतलब ही होता है कि आपको देखकर ख़ुशी हुई.

–   एंजल किस: किसी सोते को प्यार से उठाने के लिए, रोते हुए को सांत्वना देने के लिए, किसी के प्रति अपनी गहरी भावनाओं को दर्शाने के लिए और किसी को गुडबाय कहने वाले इस बेहद लविंग और केयरिंग किस को एंजल किस कहते हैं. सामनेवाले की आंखों या पलकों को हौले-से किस करना ही इस किस की ख़ासियत है.

–     ब्राइड किस: अक्सर हम हॉलीवुड फिल्मों में देखते हैं कि शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन को किस करता है. शादी की रस्मों में से यह एक सबसे महत्पवूर्ण रस्म है, जिसके ज़रिए दूल्हा दुल्हन को ताउम्र प्यार करने का वादा करता है.

– संतारा सिंह

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इन डेली डोज़ेस से बढ़ाएं रिश्तों की इम्यूनिटी (Daily Doses To A Healthy Relationship)

रिश्तों (Relationships) को बेहतर बनाए रखने का कोई लिखा-पढ़ा फॉर्मूला तो नहीं है, क्योंकि हर इंसान और हर किसी की सोच अलग होती है. पर हां, कुछ बातें ज़रूरी होती हैं, जिनसे आपके रिश्ते बेहतर होंगे, उनमें नई उमंग और ऊर्जा जागेगी, जिससे उनकी इम्यूनिटी तो बढ़ेगी ही, साथ ही आप दोनों का प्यार व अपनापन भी बरक़रार रहेगा. तो क्या हैं वो डेली डोज़ेस (Daily Doses), जो आपके रिश्ते को बनाएंगे इम्यून, आइए जानें.

 Relationship Dose
थोड़ी आज़ादी दें

रिश्तों में एक-दूसरे को कंट्रोल करने की कोशिश कभी न करें. इससे घुटन होने लगती है. हमेशा एक-दूसरे को स्पेस दें और इतना विश्‍वास बनाएं कि पार्टनर बिना हिचके सब कुछ शेयर कर सके. हर बात पर टोकना, हर बात पर सवाल या हर बार यह अपेक्षा कि आप जैसा चाहें, पार्टनर वैसा ही करे और आपके अनुसार ही ढले… यह सोच ग़लत है. उसके अलग व्यक्तित्व को मानें और सम्मान दें.

गेम्स न खेलें, मैनुपुलेशन से बचें

बहुत से रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स भी आपको कहते मिलेंगे कि पावर गेम्स खेलें, ऐसा करें, तो पार्टनर कंट्रोल में रहेगा, वैसा करेंगे, तो दिन-रात आपको ही याद करेगा. ऐसा कभी न करें. अगर आप जान-बूझकर पार्टनर को इग्नोर कर रहे हैं, ताकि उनका अटेंशन पा सकें, तो यह ग़लत है. हो सकता है, थोड़े समय के लिए आपको पार्टनर का अटेंशन मिल जाए, लेकिन लंबे समय तक यह करेंगे, तो पार्टनर की दिलचस्पी आप में कम हो जाएगी. रिश्ते में ठंडापन व ग़लतफ़हमियां बढ़ेंगी.

पार्टनर की ख़ुशियों को भी सम्मान दें

भले ही आप एक-दूसरे से कितना ही प्यार करते हों, पर प्यार के साथ एक-दूसरे को सम्मान भी दें और ख़ासतौर से पार्टनर की ख़ुशियों का भी ख़्याल रखें. कभी-कभी अपनी ख़ुशियों को छोड़कर पार्टनर की ख़ुशी के लिए कुछ करने में बुराई नहीं. इससे आपके रिश्ते की इम्यूनिटी ही बढ़ेगी. पार्टनर को भी लगेगा कि आपको उनकी फ़िक्र है और जब उनकी बारी आएगी त्याग या समर्पण की, तो वो भी आपकी ख़ुशियों का ख़्याल रखने से पीछे नहीं हटेंगे. दूसरी तरफ़ पार्टनर की ख़ुशी व उसके सम्मान के लिए नकारात्मक बातों और चीज़ों पर से ध्यान हटाएं. जी हां, यदि पार्टनर की कोई आदत या बात आपको पसंद नहीं, तो बार-बार उसे टोकने या बदलने को कहने की बजाय उसे अवॉइड करें या फिर प्यार से अलग तरह से कहें. यह सोचें कि कोई भी परफेक्ट नहीं होता, आप भी नहीं हैं, तो फिर पार्टनर से इतने परफेक्शन की उम्मीद क्यों? बेहतर होगा पार्टनर की अच्छी आदतों और बातों को तवज्जो दें, उसकी प्रशंसा करें, उसे मोटिवेट करें. ये बातें आपके रिश्ते को इम्यून करेंगी.

मर्यादा तय करें

यह आप दोनों के व आपके रिश्ते के सम्मान को बनाए रखने के लिए भी ज़रूरी है. आप अपने पार्टनर को यह समझाएं कि उनकी किन बातों को आप स्वीकार कर सकते हैं और किन बातों को नहीं. पर यह बात झगड़े के दौरान न कहें. आपस में बैठकर बात करें. आराम से बोलें, आवाज़ का वॉल्यूम कम रखकर बात करें. ग़ुस्से में बात बिगड़ सकती है. एक बार पार्टनर समझ जाएंगे कि उन्हें क्या नहीं करना है, तो वो आगे से ध्यान रखेंगे.

अपनी ग़लती मानें

ग़लती किसी से भी हो सकती है. अगर आपकी ग़लती पकड़ी गई है या न भी पकड़ी गई हो, तो भी जहां आपको महसूस हो कि आप ग़लत हैं, उसे स्वीकार लें. बेवजह का ईगो रिश्तों को ख़त्म कर देता है. सॉरी बोलने में कोई छोटा नहीं हो जाता.

दिन की शुरुआत सकारात्मकता से करें

आपकी पॉज़िटिविटी पार्टनर को भी बढ़ावा देगी. सुबह-सुबह हड़बड़ाहट में ग़ुस्सा करने से काम नहीं संभलेगा. बेहतर होगा कि उन क्षणों को भी सकारात्मकता से स्वीकारें और धैर्य से मुस्कुराते हुए काम करें. इससे आप दोनों का ही मूड दिनभर रिफ्रेश रहेगा.

पार्टनर को इग्नोर न करें

भले ही आपके रिश्ते को कितना ही समय हो गया हो, पर इग्नोरेंस किसी को भी बर्दाश्त नहीं होगा. काम के बीच पार्टनर को न भूल जाएं. बीच-बीच में कॉल या मैसेज करके हालचाल या हल्की-फुल्की बातचीत करें. रोमांटिक बातें करें, छेड़छाड़ करें. यह डेली डोज़ आपको कनेक्टेड रखेगा.

सरप्राइज़ दें

यह ज़रूरी नहीं कि स्पेशल ओकेज़न पर ही सरप्राइज़ प्लान किया जाए, बल्कि सरप्राइज़ प्लान करके आप उस दिन को स्पेशल बना सकते हैं और अपने पार्टनर को स्पेशल फील करा सकते हैं. आप कोई गिफ्ट ले जाएं, जो आपका पार्टनर बहुत समय से लेना चाह रहा हो या आप मूवी टिकट्स ले आएं, डिनर प्लान करें… आप अपनी क्रिएटिविटी के अनुसार कोई भी सरप्राइज़ प्लान कर सकते हैं. उन बातों को याद करें या उनकी चर्चा करें, जो आपको एक-दूसरे में अच्छी लगती हैं: पुरानी या कोई नई याद, कुछ खट्टी-मीठी बातें, अपनी पहली मुलाक़ात या शादी का अल्बम… इनमें से कोई भी चीज़ आपके रिश्ते को इंस्टेंट फ्रेशनेस देती है. रिश्ते की इम्यूनिटी के लिए बहुत ज़रूरी है कि प्यारभरे ये डोज़ भी समय-समय पर एक-दूसरे को आप देते रहें.

माफ़ करना सीखें

पार्टनर की ग़लतियों पर बार-बार उसे शर्मिंदगी महसूस कराना रिश्ते को कमज़ोर करता है. बेहतर होगा पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ा जाए. माफ़ करना सीखें. हर किसी से ग़लती हो सकती है, ऐसे में माफ़ करने से ही रिश्ते बेहतर होते हैं, ग़लतियों को याद करके या याद दिलाकर रिश्तों को इम्यून नहीं किया जा सकता.

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Couple Goals
पार्टनर की पसंद को महत्व दें

कुछ चीज़ें जो आपके लिए उन्हें अच्छी लगती हों, वो करें, जैसे- उनकी पसंद का कलर पहनें, उनकी पसंद का टीवी प्रोग्राम उनके साथ देखें या उनकी पसंद का खाना बनाएं.

कुछ चीज़ें साथ-साथ प्लान करें

एक साथ वॉक पर जाएं, जॉगिंग करें या स्विमिंग, डांस क्लास आदि जॉइन करें. इससे साथ में क्वालिटी टाइम बिता सकेंगे और उन पलों को ज़्यादा एंजॉय कर सकेंगे. आप किचन में भी मिलकर कुछ स्पेशल बना सकते हैं.

स़िर्फ पार्टनर के लिए टाइम निकालें

आज काम जल्दी हो गया, इसलिए जल्दी घर आ गया/गई, आज आउटडोर मीटिंग कैंसल हो गई, तो समय से पहले घर पहुंच गए… इन कारणों के अलावा एक दिन ऐसा करें कि हाफ डे लें स़िर्फ अपने पार्टनर के लिए और उसे कहें कि तुम्हारी याद आ रही थी, इसलिए हाफ डे लेकर आ गया. अगर दोनों वर्किंग हैं, तो पार्टनर के साथ प्लान करें. लीव लेकर पूरा दिन घर पर अकेले एक-दूसरे के साथ बिताएं.

शॉर्ट हॉलीडेज़ प्लान करें

लंबी छुट्टी पर जाना संभव नहीं, कोई बात नहीं. वीकेंड पर एक-दो दिन की अतिरिक्त छुट्टियां लेकर आसपास ही कहीं रिज़ॉर्ट में जाएं. यह आपके रिश्ते को नई ताज़गी व ऊर्जा देगी.

बहुत सारे सवाल न करें

बात-बात पर सवाल या टोकना किसी को भी पसंद नहीं आता, ऐसे में यदि आपके मन में कुछ आशंकाएं हैं भी, तो समय आने पर उनका जवाब मांगें. एक साथ रोज़ाना ढेर सारे सवाल पार्टनर को आपसे दूर ले जाएंगे. उन्हें लगेगा कि आपको उन पर भरोसा ही नहीं है.

पार्टनर के परिवारवालों को भी सम्मान दें

अपने पैरेंट्स के लिए हम जो सम्मान चाहते हैं, वही सम्मान पार्टनर के पैरेंट्स को भी दें. इससे आप दोनों की बॉन्डिंग और बेहतर होगी. हमेशा घरवालों की शिकायत करने से बचें. अगर कोई समस्या है भी, तो आराम से बैठकर सुलझाने की कोशिश करें.

सेक्स लाइफ को रिफ्रेश करें

सेक्स को रूटीन न बनने दें. यह शादीशुदा ज़िंदगी का महत्वपूर्ण अंग है. इसे नज़रअंदाज़ करना भारी पड़ सकता है. अपनी सेक्स लाइफ में ताज़गी बनाए रखने के लिए कुछ न कुछ नया ट्राई करते रहें. चाहें, तो जगह चेंज करके देखें, नई पोज़ीशन्स ट्राई करें. एक-दूसरे को हॉट मसाज दें. रूम का लुक चेंज करें.

हर बात को शिकायत के अंदाज़ में न कहें

किसी की भी लाइफ परफेक्ट नहीं होती, लेकिन छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुशियां ढूंढ़ी जा सकती हैं. आपके पास भले ही बड़ी गाड़ी न हो, पर प्यार करनेवाला पार्टनर तो है. हर चीज़ का सकारात्मक पहलू देखें और

बात-बात पर शिकायत न करें. न ही रोना रोते रहें कि मेरे पास ये नहीं है, मुझे ज़िंदगी में कुछ नहीं मिला… आदि.

इमोशनल ब्लैकमेलिंग से बचें

सेक्स के समय शर्त रखना या बच्चों के नाम पर इमोशनल ब्लैकमेल करना बंद कर दें. इससे भले ही पार्टनर उस व़क्त आपकी बात मान लेगा, लेकिन उसकी नज़रों में आपका सम्मान कम होता जाएगा और वो आपसे दूर जाने लगेगा. रिश्ते की इम्यूनिटी के लिए इस ग़लती को फ़ौरन सुधार लें.

– विजयलक्ष्मी

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बढ़ती उम्र, बदलती सेक्स की चाहत (Does Sex Drive Decreases With Age?)

बदलाव जीवन का नियम है और इसे टाला नहीं जा सकता. बदलाव के साथ ख़ुद को ढालना आसान नहीं होता है, परंतु हर किसी को कभी-न-कभी बदलाव को अपनाना ही पड़ता है. यही बात बढ़ती उम्र (Age) के साथ सेक्स, सेक्स डिज़ायर (Sex Desire) और सेक्सुअल परफॉर्मेंस (Sexual Performance) पर भी लागू होती है. बढ़ती उम्र के साथ सेक्सुअल डिज़ायर और सेक्सुअल परफॉर्मेंस में क्या-क्या बदलाव (Changes) आते हैं और उनका किस तरह सामना करना चाहिए, यह जानने के लिए हमने मुंबई की सेक्स स्पेशलिस्ट डॉ. एस. लता से बातचीत की.

 Sex Drive
सेक्स डिज़ायर और उम्र

सेक्स डिज़ायर उम्र के साथ घटने लगती है, परंतु लोग इस बात पर बहुत कम ध्यान देते हैं और अधिकतर समय उसका कारण जानने या ‘पहले जैसी सेक्स की ताक़त कैसे वापस पाएं’ यह सोचने में लगाते हैं. उम्र बढ़ने के साथ-साथ स्त्री और पुरुष दोनों में शारीरिक बदलाव होते हैं, जैसे- त्वचा की संवेदनशीलता कम होना, बालों का स़फेद होना, हार्मोनल बदलाव, उम्र  से संबंधित बीमारियां, पुरुषों में सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन की कमी होना और स्त्रियों में मेनोपॉज़ का होना. जब लोग उम्र के 40वें वर्ष में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें तरह-तरह की बीमारियां घेरने लगती हैं, जैसे- आर्थराइटिस, डायबिटीज़, दिल की बीमारी, कमर दर्द आदि, जिसका सीधा असर सेक्स जीवन पर पड़ता है. ये सभी बीमारियां ऐसी हैं, जो सेक्स की इच्छा को कम करती हैं.

महिलाओं में सेक्सुअल डिज़ायर कम होने के कारण

शारीरिक व मानसिक कारण

महिलाओं में उम्र के साथ-साथ सेक्स हार्मोन, एस्ट्रोजेन की कमी हो जाती है, जिससे उनमें सेक्स की इच्छा कम हो जाती है. इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं के वेजाइना की वॉल पतली और ड्राई हो जाती है, जिससे सेक्स के दौरान बहुत दर्द होता है. यह भी एक कारण होता है कि महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ सेक्स की इच्छा कम हो जाती है.

सामाजिक दबाव

भारतीय समाज में आज भी महिलाओं पर इतनी बंदिशें हैं कि वे खुलकर सेक्स के बारे में बात तक करने से घबराती हैं. उम्र बढ़ने पर सामाजिक दबाव और बढ़ जाता है. महिलाएं हमेशा सोचती हैं कि अब इस उम्र में सेक्स करना ठीक नहीं, बच्चे बड़े हो गए हैं, समाज क्या कहेगा? यह भी एक कारण है कि उनमें उम्र बढ़ने के साथ सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है.

बीमारियां और दवाइयां

उम्र बढ़ने के साथ कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है, जैसे- ब्लड प्रेशर, मानसिक दबाव, नींद न आना. इन सब से बचने के लिए तरह-तरह की दवाइयां लेनी पड़ती हैं. उन दवाइयों का असर भी सेक्स जीवन को प्रभावित करता है. इनमें से ब्लड प्रेशर की दवाइयां और मानसिक तनाव की दवाइयों का प्रयोग महिलाएं अधिक करती हैं.

लाइफ़स्टाइल

शहरों में महिलाओं की बदलती लाइफ़स्टाइल का असर भी सेक्स पर पड़ता है. बड़े शहरों में रहनेवाली महिलाएं काम करती हैं, सिगरेट-शराब पीने से भी बहुत-सी महिलाएं परहेज़ नहीं करतीं और अक्सर बाहर का खाना खाती हैं. इन सबका असर शरीर और सेक्स की इच्छा पर पड़ता है.

लुक्स

उम्र बढ़ने के साथ-साथ लुक्स में भी काफ़ी बदलाव आते हैं. इस बात का भी असर सेक्स लाइफ़ पर पड़ता है. शारीरिक आकर्षण कम हो जाने से महिलाओं में सेक्स की इच्छा कम हो जाती है, क्योंकि महिलाएं अपने लुक्स को लेकर काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं.

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Sex Problems

पुरुषों में सेक्सुअल डिज़ायर कम होने के कारण

हार्मोनल बदलाव

उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में भी हार्मोनल बदलाव आते हैं, जिसमें सेक्स हार्मोन, एंड्रोजन, टेस्टोस्टेरॉन में कमी हो जाती है, जो पुरुषों में सेक्स डिज़ायर के लिए ज़रूरी है. इसकी कमी होने से उनमें सेक्स की इच्छा में कमी आती है.

इरेक्टाइल डिस़्फंक्शन

उम्र बढ़ने के साथ हार्मोंस में कमी के कारण पुरुषों में इरेक्शन की समस्या हो जाती है. इरेक्शन ठीक से न होने से सेक्स करने में असमर्थता की वजह से सेक्स की इच्छा में भी कमी आ जाती है.

मानसिक दबाव

पुरुष अधिकतर कई तरह का दबाव अपने ऊपर लेते हैं, जैसे- काम का दबाव, परिवार का दबाव, बच्चों की पढ़ाई का दबाव और उनकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे अपनी समस्याएं बहुत कम शेयर करते हैं. ऐसे में ये दबाव उन्हें शरीर से कमज़ोर कर देते हैं. इसके अलावा मानसिक तनाव के कारण भी उनकी सेक्स लाइफ़ प्रभावित होती है.

पार्टनर के सहयोग की कमी

उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं में सेक्स की इच्छा कम हो जाती है, जिससे वो अपने साथी पर ज़्यादा ध्यान नहीं दे पाती हैं, इससे उनका वैवाहिक जीवन नीरस हो जाता है और पुरुषों में भी सेक्स की चाह कम होने लगती है. इसलिए यह ज़रूरी है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ अपने साथी की तरफ़ ध्यान भी दें. एक-दूसरे की ज़रूरत के हिसाब से बदलाव लाएं, ताकि सेक्स की चाहत बनी रहे.

बच्चे होना

बच्चे होने पर पत्नी ज़्यादातर बच्चों को ही पूरा अटेंशन देने लगती है और पति से उसका जुड़ाव कम हो जाता है. इसके अलावा अधिकतर महिलाओं की सोच होती है कि बच्चे बड़े हो रहे हैं और बढ़ते बच्चों के सामने सेक्स करना ग़लत है. बस उनकी ये सोच उन्हें सेक्स से दूर कर देती है.

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Sex Desire

कैसे लें बढ़ती उम्र के साथ सेक्स का आनंद?

सेक्स के आनंद को उम्र के साथ कम न होने देना हमारे अपने हाथ में होता है. यदि कुछ बातों का ध्यान रखें, तो उम्र बढ़ने के बावजूद सेक्स की इच्छा को बनाए रखा जा सकता है.

एक्सपेरिमेंट करें

बढ़ती उम्र में पहले की तरह सेक्स करना बहुत मुश्किल होता है, इसलिए सेक्स करने के लिए अलग आसन और कुछ नए तरी़के अपनाने चाहिए. इससे सेक्स का आनंद भी बढ़ता है और सेक्स करने की इच्छा भी बनी रहती है.

सलाह लें

सेक्स की इच्छा में कमी आने पर आप स्पेशलिस्ट से सलाह लें, काउंसलर की मदद लें. उनके बताए उपाय काफ़ी कारगर साबित होंगे.

फ़िटनेस पर ध्यान दें

न स़िर्फ स्वास्थ्य की दृष्टि से, बल्कि सेक्स के नज़रिए से भी फ़िटनेस बहुत ज़रूरी है. ख़ुद को फ़िट रखेंगे, तो बीमारी दूर रहेगी, ऊर्जावान महसूस करेंगे और सेक्स की चाहत जागेगी. साथ ही आपका शारीरिक आकर्षण भी बरक़रार रहेगा, जो आपके पार्टनर को आपकी ओर खींच लाएगा.

– अभिषेक शर्मा

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परिवार के साथ स्नो वेकेशन मना रही हैं प्रियंका चोपड़ा, देखें पिक्स व वीडियोज़ (Nick and Priyanka Enjoying Another Vacation)

अमेरिकी सिंगर निक जोनस (Nick Jonas) से शादी के बाद देसी गर्ल खुलकर अपनी मैरि़ड लाइफ का आनंद उठा रही हैं. 1 व 2 दिसंबर को भारत में शादी रचाने के बाद यह जोड़ी समय मिलते ही वेकेशन पर निकल जाती है. और तो और निक और प्रियंका सोशल मीडिया पर अपने फैन्स के साथ अपने क्यूट मोवमेंट्स की तस्वीरें भी शेयर करते रहते हैं. आजकल प्रियंका और निक कैलीफोर्निया में समय बिता रहे हैं. दोनों की अपने परिवार और दोस्तों के साथ एंज्वॉय करते कुछ तस्वीरें सामने आई हैं . तस्वीरों में प्रियंका के जेठ-जेठानी जो और सोफी टर्नर भी नज़र आ रहे हैं.

इस ट्रिप में प्रियंका के साथ म्यूजिक डायरेक्टर चेस फोस्टर, एक्टर कॉर्ड ओवरस्ट्रीट और स्टाइलिस्ट दिव्या ज्योती भी हैं. इस ट्रिप की तस्वीरें निक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की हैं. कुछ वीडियो भी हैं जिनमें सभी बियर के साथ खेलते दिख रहे हैं. शादी के बाद प्रियंका का फैमिली के साथ ये दूसरा वेकेशन है. पिछले महीने भी प्रियंका अपने ससुरालवालों के साथ स्विट्जलैंड घूमने गई थीं. यहां उन्होंने न्यू ईयर सेलीब्रेट किया था.

Nick and Priyanka

Nick and Priyanka

Nick and Priyanka

Nick and Priyanka

Nick and Priyanka

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Калифорнию невозможно не любить. В ней есть всё для безусловной любви! От золотых пляжей и оранжевых закатов до вот таких утопающих в снегу ёлок и горнолыжных резортов. От ярких маковых полей до каньонов, где с огромной высоты можно увидеть парящих снизу орлов. От пустынь и невероятной красоты песчаных дюн до свежих лесных водопадов. От Тихоокеанских обрывов высотой с заколдованными хвойными лесами на верхушках до горных зеркальных озёр с отражающимся голубым небом… Всю жизнь узнавать, открывать, любить…любить её безусловно. P.S.Baby… I have no words to describe how thankful I am for everything I get from you. You are opening this country for me, you are just showing me the better life… I cherish every day I know you. Unconditionally…💚

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सेक्सुअल पावर बढ़ाने के लिए खाएं ये 5 सुपर फूड्स (Top 5 Super Foods To Boost Your Sex Power)

आपको शायद पता नहीं होगा कि कुछ फूड्स (Foods) ऐसे भी हैं, जो आपके सेक्सुअल पावर (Sexual Power) को तुरंत बढ़ा (Increase) देते हैं. यूं कहें, तो ये वायग्रा (Viagra) की तरह काम करते हैं. ये आपकी सेक्स ड्राइव को बढ़ाकर आपकी सेक्स लाइफ (Sex Life) को और भी हेल्दी (Healthy) बनाते हैं. क्या हैं ये सुपर फूड्स (Super Foods) आइए देखें.

 

Foods To Boost Sex Power

सुपर फूड्स
1. स्ट्रॉबेरी

ये विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है, जो पुरुषों में स्पर्म काउंट को बढ़ाता है. साथ ही यह हार्ट और आर्टरीज़ में रक्त संचार को सुचारू बनाए रखता है. स्ट्रॉबेरीज़ को डार्क चॉकलेट में डुबोकर खाएं, यह कामोत्तेजना को बढ़ाता है.

2. बादाम

ज़िंक, सेलेनियम और विटामिन ई के गुणों से भरपूर बादाम सेक्स बूस्टर का काम करता है. सेलेनियम जहां इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर रखता है, वहीं ज़िंक सेक्स हार्मोन की बढ़ोत्तरी करता है और विटामिन ई हार्ट को हेल्दी रखता है.
रोज़ाना बादाम का सेवन याद्दाश्त बढ़ाने के साथ-साथ सेक्सुअल लाइफ को भी हेल्दी बनाता है.

3. तरबूज़

इसमें कामोत्तेजना बढ़ानेवाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें मौजूद लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन सेक्स ड्राइव को बूस्ट करने में मदद करता है.

4. शकरकंद

पोटैशियम से भरपूर शकरकंद हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफ़ी मददगार होता है, जिससे पुरुष इरेक्टाइल डायस्फंक्शन के ख़तरे से बचे रहते हैं. बीटा कैरोटीन और विटामिन ए इंफर्टिलिटी को दूर रखते हैं.

5. स़फेद तिल

ज़िंक से भरपूर तिल बेहतरीन सेक्स बूस्टर फूड है. यह टेस्टोस्टेरॉन और स्पर्म प्रोडक्शन की बढ़ोत्तरी में मदद करता है.

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Foods To Boost Sex Power
सेक्स किलर फूड्स

चीज़, डायट सोडा, सोया, आर्टिफीशियल स्वीटनर्स, फ्राई व फैटी फूड्स, कैन्ड फूड आदि अवॉइड करें.

स्मार्ट सेक्सी टिप्स

1. अपनी सेक्स लाइफ को थोड़ा स्पाइसी बनाएं. कभी-कभार रूटीन से हटकर कुछ नया ट्राई करें.

2. पार्टनर को आकर्षित करने के लिए सेक्सी कपड़े पहनें. यह आपकी कामोत्तेजना का बढ़ाता है.

3. अरोमा कैंडल्स की ख़ुशबू सेक्स के प्रति आकर्षित करने में आपकी मदद करती हैं. अपने बेडरूम को मनपसंद ख़ुशबू से महकाएं.

4. कोशिश करें कि साल में एक बार स़िर्फ पति-पत्नी 2-4 दिनों के लिए बाहर जाएं. यह आपकी सेक्स लाइफ को दोबारा रिवाइव कर देता है.

5. पार्टनर को मॉर्निंग किस और गुडनाइट किस देना कभी न भूलें.

6. रोमांटिक बातें आपके रिश्ते में अहम् भूमिका निभाती हैं. अपनी बातों से उन्हें रिझाने का कोई मौक़ा हाथ से न जाने दें.

7. अगर दोनों ही वर्किंग हैं, तो वर्किंग आवर्स के बीच एक बार आई लव यू या मिस यू जैसे मैसेजेस आपकी सेक्स लाइफ के रोमांच को बनाए रखते हैं.

8. पार्टनर के शौक़ को जानते हैं, तो कभी-कभार उन्हें सरप्राइज़ ज़रूर दें.

9. सिर्फ़ गिफ़्ट ही आपके पार्टनर को ख़ुश नहीं करता, बल्कि किसी दिन बिन बताए उन्हें ऑफिस से पिक अप करने पहुंच जाएं या फिर सरप्राइज़ लंच प्लान करें.

10. एक-दूसरे को अपनी फैंटसीज़ के बारे में बताएं.

11. कुछ अलग करना चाहते हैं, तो शनिवार रात की बजाय रविबार की सुबह आपके प्यार के लिए बेस्ट टाइम होगा.

12. अक्सर महिलाएं पुरुष के पहल का इंतज़ार करती हैं. इस बार आप पहल करके उन्हें ख़ुश कर सकती हैं.

– सुनीता सिंह

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क्या इंफर्टिलिटी बन सकती है तलाक़ का कारण? (Is Infertility A Ground For Divorce?)

तलाक़ (Divorce) एक संवेदनशील मुद्दा है. क़ानून में तलाक़ लेने के लिए कई कारणों को विस्तारपूर्वक दिया गया है, पर आज भी बहुत से लोगों में इंफर्टिलिटी (Infertility) और इंपोटेंसी (Impotence) को लेकर ग़लतफ़हमी है. वो इन्हें एक ही प्रॉब्लम (Problem) समझने की भूल करते हैं और बेवजह रिश्तों को तोड़ने की कोशिश की जाती है. पर ये दोनों ही दो अलग चीज़ें हैं. आइए देखें, क्या है इंफर्टिलिटी और इंपोटेंसी में फ़र्क़ और इस आधार पर तलाक़ के बारे में क्या कहता है हमारे देश का क़ानून?

Infertility Problems

रिया और रजत की शादी को 10 साल हो गए थे. रिया की ओवरीज़ में सिस्ट था, जिसके कारण वो मां नहीं बन सकती थी. रजत बच्चा गोद नहीं लेना चाहता था, जिसके कारण हर रोज़ उनके घर में प्रॉब्लम्स होने लगीं. इनसे छुटकारा पाने के लिए दोनों ने तलाक़ ले लिया. तलाक़ के बाद रजत ने दूसरी शादी की और अब उसके 2 बच्चे हैं. रजत के लिए ये सब इतना आसान नहीं होता, अगर रिया ने उसे तलाक़ नहीं दिया होता. रिया ने रोज़ की परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए ऐसा किया, लेकिन अगर वो चाहती, तो रजत को तलाक़ न देती और कोर्ट भी उसे तलाक़ नहीं दिला पाता, क्योंकि हमारे देश में इंफर्टिलिटी को तलाक़ का आधार बनाया ही नहीं जा सकता.

विविध धर्मों के विविध क़ानून

हमारा देश विविध धर्मों और संस्कृतियों का देश है. हर धर्म में तलाक़ के लिए अपने क़ानून हैं. जहां हिंदुओं, जैन, बौद्ध और सिख के लिए द हिंदू मैरिज एक्ट 1955 है, वहीं मुसलमानों के लिए द डिज़ोल्यूशन ऑफ मुस्लिम मैरिज एक्ट 1939, ईसाइयों के लिए द इंडियन डिवोर्स एक्ट 1869 और पारसियों के लिए द पारसी मैरिज और डिवोर्स एक्ट है, तो सिविल मैरिजेस के लिए स्पेशल मैरिज एक्ट है. सभी के अपने-अपने नियम हैं, पर इंफर्टिलिटी और इंपोटेंसी (नपुंसकता) पर सभी के अलग-अलग क़ानून हैं.

क्या हैं तलाक़ के आधार?

यहां हम द हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के बारे में जानने की कोशिश करेंगे. इस एक्ट के सेक्शन 13 में तलाक़ के कारणों के बारे में विस्तारपूर्वक दिया गया है, जो इस प्रकार हैं-

–     व्यभिचार, धर्मांतरण, मानसिक विकार, कुष्ठ रोग, नपुंसकता, सांसारिक कर्त्तव्यों को त्याग देना, 7 सालों से लापता, जुडीशियल सेपरेशन (कोर्ट द्वारा अलग रहने की इजाज़त), किसी भी तरह के शारीरिक संबंध नहीं और क्रूरता या निष्ठुरता. क़ानून में कहीं भी इंफर्टिलिटी को तलाक़ का कारण नहीं बताया गया है.

क्या है लोगों की सोच?

आज भी ज़्यादातर लोगों को लगता है कि इंफर्टिलिटी और इंपोटेंसी एक ही चीज़ है. नपुंसकता को बांझपन से जोड़ देते हैं, जबकि ऐसा है नहीं. अगर किसी व्यक्ति के बच्चे नहीं हो रहे, तो लोग उसे नपुंसक यानी इंपोटेंट समझने लगते हैं, जबकि बच्चे न होने का कारण इंफर्टिलिटी भी हो सकती है.

इंफर्टिलिटी और इंपोटेंसी में अंतर?

इंफर्टिलिटी यानी बांझपन, जबकि इंपोटेंसी का अर्थ नपुंसकता है. यहां आपको बता दें कि पुरुषों में भी बांझपन हो सकता है और महिलाएं भी इंपोटेंट हो सकती हैं. इंपोटेंट व्यक्ति अपने पार्टनर को सेक्सुअल संतुष्टि नहीं दे पाता, जबकि बांझपन में ऐसा नहीं है. बांझ व्यक्ति की सेक्सुअल लाइफ संतुष्टिपूर्ण हो सकती है, उन्हें समस्या स़िर्फ बच्चे पैदा करने में हो सकती है.

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Infertility Problems
इंफर्टिलिटी नहीं बन सकती तलाक़ का कारण

कोर्ट के सामने ऐसे कई मामले आते हैं, जहां कपल्स बच्चा पैदा न होने को क्रुएल्टी बताकर तलाक़ की मांग करते हैं, जबकि हमारे देश का क़ानून कहता है कि अगर पति-पत्नी के बीच सेक्सुअल रिलेशनशिप है और दोनों ही एक-दूसरे को संतुष्ट करने में समर्थ हैं, तो विवाद का कोई मुद्दा ही नहीं, क्योंकि क़ानूनन शादी का अर्थ एक-दूसरे को सेक्सुअल संतुष्टि देना है. अगर पति-पत्नी में शारीरिक संबंध बने, तो इसका अर्थ है शादी संपूर्ण हुई. लेकिन अगर उसमें कोई कमी रह जाती है, तो आप तलाक़ ले सकते हैं. वहीं बच्चे न होना किसी का दुर्भाग्य हो सकता है, लेकिन इसके लिए किसी को दोषी ठहराकर उसे उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता.

न छुपाएं तथ्यों को

लीगल एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ इंफर्टिलिटी तलाक़ का कारण नहीं बन सकती, लेकिन अगर कोई पति कोर्ट में यह साबित कर दे कि उसकी पत्नी शादी से पहले ही मां नहीं बन सकती थी और यह बात उससे छुपाई गई, तो तथ्यों को छुपाने के लिए पति को पत्नी से तलाक़ मिल सकता है.

बदलती लाइफस्टाइल में बदलते शादी के मायने

बहुत से लोग इंफर्टिलिटी को लेकर यह तर्क देते हैं कि उनका पार्टनर उन्हें उनका वारिस या अंश नहीं दे सकता, ऐसे में शादी को बनाए रखने का क्या फ़ायदा? यहां हम एक सवाल पूछना चाहते हैं कि क्या शादी का अर्थ केवल बच्चे पैदा करना है. अगर ऐसा होता, तो आज बहुत से बेऔलाद लोग एक साथ न होते. माना कि पुराने ज़माने में शादी का एकमात्र उद्देश्य परिवार व वंश को आगे बढ़ाना हुआ करता था, पर अब ऐसा नहीं है. बदलती लाइफस्टाइल में ऐसे बहुत से शादीशुदा जोड़े हैं, जो बच्चा नहीं चाहते. डबल इन्कम नो किड्स (डिंक्स) समय के साथ लोगों की ज़रूरतें भी बदली हैं.

मुस्लिम पर्सनल लॉ और इंफर्टिलिटी

भले ही हिंदू मैरिज एक्ट में इंफर्टिलिटी को तलाक़ लेने की वजह नहीं बनाया जा सकता, लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ इससे परे है. यहां इंफर्टिलिटी तलाक़ का एक बड़ा कारण बन सकती है, बशर्ते पति उस आधार पर तलाक़ लेना चाहे तो. साथ ही यह पति की दूसरी शादी के लिए भी एक बड़ा कारण बन सकता है. हालांकि दूसरी शादी के लिए उसे पहली पत्नी की इजाज़त लेनी पड़ती है, जो महज़ एक औपचारिकता होती है. लीगल एक्सपर्ट की मानें, तो मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत पति कभी भी किसी भी कारण को वजह बनाकर अपनी पत्नी से तलाक़ ले सकता है और ट्रिपल तलाक़ इसका एक जीता जागता नमूना है. हालांकि कुछ मुस्लिम महिलाओं ने ट्रिपल तलाक़ के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला है, पर जब तक सभी महिलाएं अपने हक़ के लिए आवाज़ नहीं उठाएंगी, तब तक उनके अधिकारों का यूं ही उल्लंघन होता रहेगा.

इंफर्टिलिटी के लिए ताने देना है क्रूरता

साल 2013 में मुंबई के फैमिली कोर्ट ने 52 वर्षीया महिला की तलाक़ की अर्जी पर विचार करते हुए उसे उसके पति से तलाक़ दिलाया, जहां पति पत्नी को बांझ होने के ताने देता था. इस मामले में पति-पत्नी दोनों ही बच्चे न होने के लिए एक-दूसरे को दोषी मानते थे. पति पत्नी को एक छोटे से स्टोर रूम में रखता था और उसके साथ बहुत बुरा व्यवहार भी किया जाता था. वह अपनी पत्नी को बच्चों के फोटोज़ दिखाकर ताने देता था, जो किसी भी महिला के लिए बहुत बड़ा मेंटल हरासमेंट है. कोर्ट ने कहा कि इस तरह किसी महिला को उसकी इंफर्टिलिटी के लिए ताने देना क्रुएल्टी (क्रूरता) है और इसके लिए उसे माफ़ नहीं किया जा सकता. इस मामले में सबसे चौंकानेवाला तथ्य जो सामने आया, वो यह कि जब दोनों का फर्टिलिटी टेस्ट कराया गया, तो डॉक्टर ने सर्टिफाई किया कि दोनों ही पैरेंट्स बन सकते हैं. इसके बाद कोर्ट ने पत्नी की अर्जी को मंज़ूर करते हुए उसे तलाक़ दे दिया.

इंफर्टिलिटी को समझें एक मेडिकल कंडीशन

बच्चे पैदा न कर पाना एक मेडिकल कंडीशन है, जिसके लिए किसी के मान-सम्मान को चोट पहुंचाना ग़लत है. जैसे हर व्यक्ति की बॉडी टाइप अलग-अलग होती है, ठीक वैसे ही बच्चे पैदा करने की क्षमता भी अलग-अलग होती है. महिलाओं को समझना चाहिए कि यह एक मेडिकल कंडीशन है, जिसके लिए ख़ुद को कोसना या अपने कर्मों को दोष देना ग़लत है. एक औरत के लिए मां बनना बड़े गर्व की बात है, लेकिन उस गर्व को अपने आत्मसम्मान को चोटिल न करने दें. अपने अस्तित्व को बच्चे के वजूद से जोड़कर देखना छोड़ दें.

– अनीता सिंह

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बेवफ़ाई के बाद कैसे सुधारें रिश्ते को? (Repair Your Relationship After Being Cheated On)

यदि हमसफ़र जीवन के सफ़र में कभी बेवफ़ाई कर जाए, तब क्या करें? दरअसल, रिश्ते (Relationships) मुक़म्मल जीवन जीने का आधार होते हैं और प्यार व विश्‍वास ही इन्हें मज़बूत व टिकाऊ बनाते हैं. लेकिन साथी की बेवफ़ाई से ज़िंदगी रुक तो नहीं जाती! समझदारी इसी में है कि सकारात्मक नज़रिए के साथ बिगड़े रिश्ते को सुधारने की कोशिश की जाए.

Relationship Problems

जो दिल के थे बेहद क़रीब, आज अजनबी-से लगते हैं… थी साथ की जिनसे उम्मीद, बीच राह वे मुड़कर चले गए… अक्सर रिश्ते में धोखा खाने व विश्‍वासघात होने पर पीड़ित व्यक्ति बिखर जाता है, टूट जाता है. जीवनसाथी की बेवफ़ाई के बाद किस तरह अपने रिश्ते को रिवाइव करें और सुधारें, इन्हीं बातों को जानने की कोशिश करते हैं. 

–  सबसे पहले स्वयं का आत्मविश्‍लेषण करें कि आख़िर ग़लती किससे और कहां हुई?

– कोई यूं ही भटक नहीं जाता. पर्याप्त अटेंशन व केयर न मिलने पर अक्सर पार्टनर उसकी कमी दूसरों की नज़रों में ख़ास बनकर पूरी करने की कोशिश करने लगते हैं. यदि ऐसा हुआ हो, तो उन ग़लतियों से सबक लें और आगे बढ़ें.

– यदि आपको लगता है कि जाने-अनजाने में आपने अपने पार्टनर की अनदेखी की है, तो इसे नए सिरे से दुरुस्त करने की कोशिश करें.

– यदि आप अब भी किसी परस्त्री या परपुरुष से जुड़े हैं, तो पहले स्वयं को उससे आज़ाद करें, क्योंकि किसी तीसरे के रहते आप अपने जीवनसाथी से सहज व सच्चाई के साथ दोबारा नहीं जुड़ सकते और न ही अपने दांपत्य जीवन को मज़बूती प्रदान कर सकते हैंे.

– माफ़ी मांगने से न चूकें. कहते हैं, पछतावे के साथ दिल से मांगी हुई माफ़ी पत्थर दिल को भी पिघला देती है. इसलिए जिस पार्टनर ने बेवफ़ाई की है, उसे सच्चाई और पूरी ईमानदारी के साथ अपनी ग़लती को समझते व महसूस करते हुए अपने पार्टनर से माफ़ी मांगनी चाहिए.

– बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुधि ले… को अपनाकर हमेशा आगे बढ़ने की कोशिश करते रहना ही जीवन का मूलमंत्र है. माफ़ी के इंतज़ार के बिना अपने रिश्ते को सुधारने की पहल करें.

– पति-पत्नी दोनों को ही अपने टूटते रिश्तों को जोड़ने व जीवनसाथी को दिए गए दर्द-ज़ख़्म से उबरने में उनकी मदद करनी चाहिए.

– ऐसे में प्यार से बढ़कर कोई दवा नहीं. आपका धैर्य और प्यार रिश्तों को सुधारने और ख़ुशगवार बनाने में मदद करेगा.

– कई बार दिल में कोई नाराज़गी, बात या गांठ-सी रह जाती है, जिसे आपसी बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है. इसलिए पार्टनर्स हर पहलू पर एक-दूसरे से खुलकर बात करें.

– रिश्तों में विश्‍वास बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीक़ा है कि जो बात आपको परेशान कर रही है, उसे छुपाएं नहीं, कह डालें.

– एक-दूसरे के साथ अधिक से अधिक व़क्त बिताएं. इसमें हंसी-मज़ाक और रूठने-मनाने, हल्की-फुल्की खट्टी-मीठी तक़रार को भी शामिल करें. इससे एक-दूसरे के साथ की आदत-सी बनती जाएगी. साथ ही आपसी समझदारी भी बढ़ेगी.

– हाल ही में हुए एक सर्वे के मुताबिक़ पति-पत्नी के बीच बेवफ़ाई व धोखे का प्रतिशत दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है और इसकी सबसे बड़ी वजह आपसी संवादहीनता और एक-दूसरे को अधिक व़क्त न दे पाना माना गया है.

– बीता हुआ कल वापस नहीं आ सकता, पर आनेवाले कल को ख़ुशहाल तो बनाया ही जा सकता है. इसमें क्षमा करने के साथ प्यार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ध्यान रहे, बेवफ़ाई के बाद घायल हुए रिश्तों को हेल्दी व मज़बूत बनाने के लिए प्यार की नींव रखना बहुत ज़रूरी है.

– मनोवैज्ञानिक कल्याणीजी के अनुसार रिश्ते हमें जीना सिखाते हैं, क्योंकि हमारे वर्तमान और भविष्य का ढांचा रिश्तों की बुनियाद पर ही खड़ा रह सकता है. आप कैसे हैं और कैसे बनेंगे- यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपमें रिश्ते निभाने का कितना जज़्बा है.

– उन कारणों का पता लगाने की कोशिश करें, जिसने पार्टनर को बेवफ़ाई करने के लिए मजबूर या फिर प्रेरित किया. कारणों का पता लगने पर उन्हें सुधारने की कोशिश की ही जा सकती है.

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Relationship Problems

– खोए हुए विश्‍वास को दोबारा हासिल करने के लिए जीवनसाथी के प्रति पूर्ण समर्पण की भावना रखें. इससे जहां साथी का दर्द-तनाव दूर होगा, वहीं आपके रिश्तों को दोबारा प्यार की पटरी पर लाने में सहायक होगा.

– पुरानी ग़लतियों से सबक लें और उन्हें दोहराने की ग़लती न करें.

– यदि ग़लतियों को सुधारने का मौक़ा दिया जाए, तो वही शख़्स आनेवाले कल में आपका सबसे बड़ा वफ़ादार साथी बनता है. इसलिए संकीर्ण विचार न रखते हुए खुले दिल से जीवनसाथी की ग़लती को भुलाकर उसे सुधरने का मौक़ा दें.

– कहते हैं, हर हादसा/घटना एक नया अनुभव दे जाती है, ठीक ऐसे ही बेवफ़ाई के बाद आपको स्वयं को और अपने पार्टनर को समझने में अधिक मदद मिलती है.

– समाजशास्त्री अशोक शुक्ला कहते हैं कि हर रिश्ता एक-दूसरे का समय मांगता है, साथ मांगता है… पति-पत्नी हर रोज़ आधा घंटा, महीने में दो दिन और साल में कम से कम एक हफ़्ते नितांत अकेले में बिताएं.

– अपनी अच्छी यादों को एक-दूसरे के साथ बांटें. कुछ रचनात्मक करने के लिए एक-दूसरे को प्रोत्साहित करें.

– एक-दूसरे की अच्छी बातों, आदतों को डेवलप करने की कोशिश करें. फिर देखिए बेवफ़ाई की बात सपना बन जाएगी और रिश्ते ताउम्र ख़ुशगवार बने रहेंगे.

– साथ गुज़ारा व़क्त आपके रिश्तों में वो एनर्जी भर देगा, जो ज़िंदगीभर मीठी यादें बनकर आपके साथ रहेंगी.

– मैरिज काउंसलर डॉ. राजीवजी के अनुसार, शादी के रिश्ते की हर सालगिरह कहती है कि उस सपने के बारे में सोचो, जो आप दोनों ने साथ मिलकर देखा हैे. उसे पूरा करना है, तो बंधन में बंधे रहना भी ज़रूरी है. इस बात के मर्म को समझने की कोशिश करें.

– एक पुरानी कहावत है कि दुनिया में सैकड़ों आदमी मिलकर कोई भी मकान बना सकते हैं, पर उसे घर बनाने के लिए एक नारी की ही ज़रूरत होती है. अतः नारी का सम्मान करें.

– ध्यान रहे, रिश्तों में रिस्पेक्ट ज़रूरी हैे, पर आपस में अहंकार न आने दें.

– यदि आप अपने साथी की भावनात्मक ज़रूरतों को सही मौ़के पर पूरा करते हैं, तो आपके रिश्तों में आकर्षण हमेशा बना रहेगा.

  संतुलित सेक्स लाइफ ज़रूरी है

वैवाहिक रिश्तों को बचाए और बनाए रखने के लिए बैलेंस सेक्स लाइफ ज़रूरी है. आप अपने साथी को लेकर क्या सोचते हैं, कैसा व्यवहार करते हैं, उसके प्रति कितने ईमानदार हैं, कब उसकी मानते हैं और कब अपनी मनमर्ज़ी थोपते हैं? इन सबका सीधा असर रिश्तों पर पड़ता है. आंकड़े बताते हैं कि 10 में से 4 रिश्ते सेक्सुअल रिलेशन में कड़वाहट के कारण बिगड़ते हैं. यदि आप ऐसा नहीं चाहते, तो संयमित रहें, ईमानदार बनें और अपने जीवनसाथी के तन को कम मन को ज़्यादा तवज्जो दें.

बेवफ़ाई निश्‍चित रूप से दूसरे जीवनसाथी के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति होती है. लेकिन समस्या है, तो उसका समाधान भी ज़रूर होता है. माना बेवफ़ाई जैसी चोट से उबरने में व़क्त लगता है, पर ईमानदारी से की गई कोशिश जल्द ही इससे उबरने में मदद करती है. इंसान ग़लतियों का पुतला है, जीवनसाथी की इस पहली ग़लती को आख़िरी ग़लती मानकर क्षमा कर दें और एक नई शुरुआत करें.

– ऊषा गुप्ता

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क्या होती है सेक्सुअल फिटनेस? (What Is Sexual Fitness?)

यह सच है कि सेक्स और सेक्स से जुड़े विषयों पर हमारा समाज थोड़ा-बहुत खुलकर बात करने लगा है, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि सेक्स को लेकर आज भी लोगों के मन में भ्रांतियां और ग़लतफ़हमियां हैं, क्योंकि सेक्स को लेकर कुछ खुलापन भले ही आ गया हो, लेकिन परिपक्वता अब भी नहीं आई है. ऐसे में यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि क्या हम सेक्सुअली फिट हैं?

Sexual Fitness

– एक सामान्य इंसान को सेक्स की ज़रूरत और चाहत होती है.

– यह चाहत व ज़रूरत अलग-अलग लोगों में अलग-अलग हो सकती है. किसी को कम, किसी को ज़्यादा.

– इसी तरह आकर्षण होना भी स्वाभाविक है.

– फैंटसीज़ यानी कल्पना करना, जैसे- किसी ख़ास व्यक्ति की ओर यदि हम आकर्षित होते हैं, तो उसके बारे में सोचना और कल्पना में उसके साथ             सेक्स करना भी स्वाभाविक व सामान्य है.

– सेक्स की चाह होने पर मास्टरबेट करना भी हेल्दी माना जाता है.

– यदि आप में ऊपर बताए तमाम लक्षण मौजूद हैं, तो आप सेक्सुअली फिट हैं और यदि आप में सेक्स ड्राइव यानी सेक्स की चाह कम है या कम हो           रही है, तो आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम है.

–  अगर आप शादीशुदा हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ कितनी अच्छी है?

– क्या सेक्स से आपको और आपके पार्टनर को पहले जैसी संतुष्टि नहीं मिलती?

– क्या सेक्स से आपको ऊब और बोरियत होने लगी है?

– क्या यह महज़ शारीरिक क्रिया बन गया है आपके लिए या अब भी भावनात्मक रूप से आप इसे आनंददायक क्रिया मानते हैं?

– ये तमाम सवाल ख़ुद से और अपने पार्टनर से करें, तो आप ख़ुद जान जाएंगे कि आप सेक्सुअली कितने फिट हैं.

व्यस्त ज़िंदगी में भी अगर सेक्स आपकी प्राथमिकताओं में से बाहर हो गया है, तो सचेत हो जाइए. शोधों में भी यह बात कई बार साबित हो चुकी है कि शादीशुदा लोग कुंवारे लोगों की अपेक्षा अधिक हेल्दी और लंबी ज़िंदगी जीते हैं. ऐसे में सेक्स के महत्व और सेक्सुअल फिटनेस को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. सेक्सुअल फिटनेस को आप इस तरह से बांटकर देख सकते हैं-

भावनात्मक पहलू: अगर आपका अपने पार्टनर से भावनात्मक लगाव है, तो ज़ाहिर है सेक्स लाइफ बेहतर बनेगी, लेकिन अगर आप दोनों ही मशीनी ज़िंदगी जीने के आदी हो चले हैं, तो सेक्स की चाह भी कम होती चली जाएगी यानी आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम होती जाएगी.

स्पेशल टिप: ऐसे में ज़रूरी है पार्टनर के साथ समय बिताएं. प्यार भरी बातें करें, एक-दूसरे को सहयोग करें, जिसका सीधा प्रभाव आपकी सेक्स लाइफ पर पड़ेगा.

मानसिक स्थिति: मानसिक तनाव, काम का बोझ और घरेलू ज़िम्मेदारियां भी आपको सेक्स के प्रति उदासीन बना देती हैं. बेहतर होगा कि अपने काम का तनाव बेडरूम में न ले जाएं. आप मिल-जुलकर हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं, इसलिए अपने रिश्ते और सेक्स लाइफ पर इन रोज़मर्रा की बातों का असर न पड़ने दें.

स्पेशल टिप: पुरुषों की 90% सेक्स समस्या, जैसे- शीघ्रपतन आदि मानसिक अवस्था से ज़्यादा जुड़ी होती है, बजाय शारीरिक समस्या के. ठीक इसी तरह महिलाओं में योनि में सूखापन, दर्दयुक्त सेक्स आदि भी सेक्स के प्रति उदासीनता की वजह से हो सकता है.

शारीरिक पहलू: सेक्सुअल फिटनेस बहुत हद तक आपकी शारीरिक फिटनेस से भी जुड़ी होती है. अगर आपको कोई सेक्सुअल या शारीरिक समस्या है, तो काउंसलर या एक्सपर्ट की मदद लेने से परहेज़ न करें.

स्पेशल टिप: योग व एक्सरसाइज़ को भी अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं. साथ में जॉगिंग या योगा क्लासेस जॉइन करें, इससे आप दोनों में नज़दीकियां बढ़ेंगी, जिसका सकारात्मक असर आपकी सेक्सुअल फिटनेस पर पड़ेगा.

 Sexual Fitness
नकारात्मक सोच से बचें

मन में बैठी भ्रांतियों व ग़लतफ़हमियों के कारण अपनी सेक्सुअल फिटनेस कम न होने दें- अधिकतर लोगों को लगता है कि फैंटसाइज़ करना, मास्टरबेट करना या किसी की तरफ़ आकर्षण महसूस करना ग़लत है. जबकि ये तमाम चीज़ें आपकी सेक्सुअल फिटनेस का अहम् हिस्सा हैं और आपकी फिटनेस को दर्शाती हैं.

सामाजिक व पारिवारिक पहलू

जहां तक महिलाओं की बात है, तो बचपन से ही पालन-पोषण अलग ढंग से होने के कारण या अन्य कारणों से भी वो सेक्स को लेकर उतनी उत्साहित नहीं रहतीं. उन्हें लगता है कि सेक्स के बारे में बात करना ग़लत है या चाहत होने पर भी सेक्स के लिए पहल न करना ही सही है, क्योंकि स्त्रियों को शर्मीला होना चाहिए और यही शर्मीलापन उनके संस्कार व चरित्र की सही व्याख्या करेगा. तमाम ऐसी बातें महिलाओं को सेक्सुअली अनफिट बनाती हैं और वो अपने पार्टनर को ठीक से सहयोग नहीं करतीं. इसके अलावा वो अपनी बॉडी को लेकर भी काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं, उन्हें लगता है कि उनका फिगर या उनकी शारीरिक ख़ूबसूरती उनके पार्टनर को आकर्षित करने के लिए नाकाफ़ी है.

स्पेशल टिप: इस तरह की नकारात्मक सोच न रखें. फिज़िकल फिटनेस पर ध्यान ज़रूर दें, लेकिन मानसिक रूप से भी पॉज़ीटिव बनी रहें. आपका सहयोग और आपका प्यार आपकी शारीरिक ख़ूबसूरती से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है रिश्ते व सेक्स लाइफ को हेल्दी बनाए रखने के लिए.

क्या करें?

– फोरप्ले ज़रूर करें. अच्छे सेक्स के लिए अच्छा फोरप्ले बहुत ज़रूरी है.

– इसी तरह से अच्छे सेक्स के लिए रोमांस होना भी बहुत ज़रूरी है, इसलिए व्यस्त दिनचर्या से रोमांटिक पलों को ज़रूर चुराएं.

– खान-पान हेल्दी हो. फिज़िकल फिटनेस आपको सेक्सुअली भी फिट रखेगी.

– सेक्स बूस्टर फूड को अपने डायट का हिस्सा बनाएं, जैसे- हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, फ्लैक्स सीड(अलसी), सोयाबींस, सनफ्लावर सीड्स, सी फूड,                नट्स, ताज़ा फल, ख़ासकर विटामिन सी युक्त आदि. साथ ही एक्सरसाइज़ भी करें.

– जंक फूड, अल्कोहल का सेवन कम करें.

– तनाव से दूर रहें.

– अगर कोई समस्या हो, तो काउंसलर व एक्सपर्ट से सलाह लें.

– योगिनी भारद्वाज

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सेक्स से जुड़े मिथ्स कहीं कमज़ोर न कर दें आपके रिश्ते को (Sex Myths Can Ruin Your Relationship)

Sex Myths

हमारे देश में सेक्स को लेकर आज भी संकोच, ग़लतफ़हमियों, भ्रांतियों की भरमार है. कई बार सेक्स से जुड़े मिथ्स के कारण पति-पत्नी के रिश्तों में दूरियां तक आ जाती हैं. साथ ही यदि समय पर ध्यान न दिया जाए, तो रिश्ते कमज़ोर पड़ने लगते हैं और कई बार तलाक़ तक की नौबत आ जाती है. इसी विषय पर हमने सेक्सोलॉजिस्ट व मैरिज काउंसलर डॉ. राजीव आनंद से बात की.

Sex Myths

–  अक्सर लोग सेक्स से जुड़ी फैंटेसी व कल्पनाओं पर अधिक ध्यान देते हैं, जबकि ज़रूरत है इससे जुड़े हेल्दी व साइंटिफिक पहलुओं पर ग़ौर करने की.

– अधिकतर पुरुष पढ़ी-देखी हुई बातें, किताबें, फिल्में आदि में दिखाई गई अतिशयोक्ति को देख-सुन, उसी को सच समझने लगते हैं.

– उन्हें यह समझना होगा कि जो कुछ भी दिखाया जाता है, उसमें सच्चाई कम और सनसनी पैदा करनेवाली बातें व तथ्य अधिक होते हैं.

– ऐसी उपलब्ध सामग्री के कारण ही पार्टनर के मन में ग़लत धारणाएं विकसित होने लगती हैं और वे दिखाई गई चीज़ों से अपनी ज़िंदगी व अनुभव की तुलना करने लगते हैं.

– कपल्स साइज़ (ब्रेस्ट/पेनिस), सेक्स की अवधि(सेक्सुअल रिलेशन) आदि को लेकर कई तरह के मिथ्स को सच मानने लगते हैं व ग़लत अपेक्षाओं के शिकार हो जाते हैं.

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– अक्सर पुरुष यह सोचते हैं कि पेनिस का साइज़ बड़ा होने से वे अपने पार्टनर को अधिक संतुष्ट कर सकते हैं, जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. यहां पर कपल्स का मानसिक व शारीरिक जुड़ाव अधिक महत्व रखता है.

– इसलिए सच्चाई को जानना या समझना ज़रूरी है. सेक्स में साइज़ से अधिक आपसी नज़दीकियां, प्यार, इंटीमेट पल शेयर करना अधिक ज़रूरी है, जो प्यार के हर पल को ख़ूबसूरत व यादगार बनाने में मददगार होता है.

– लेकिन सेक्स से जुड़े तमाम मिथ्स के कारण लोग ग़लत बातों में दिलचस्पी लेने लग जाते हैं.

– दुनियाभर में सेक्स से जुड़ा बिज़नेस, जैसे- ब्रेस्ट साइज़ बढ़ाने के लिए मेडिसिन, पोर्न किताबें-फिल्में, चीज़ें, टॉयज़ आदि का मल्टी मिलियन डॉलर का कारोबार फैला हुआ है. इसी के चलते कंपनियां बहुत-सी ऐसी बातों का प्रचार-प्रसार भी करती हैं, जिनका हक़ीक़त से कोई लेना-देना नहीं रहता.

– लेकिन इन्हीं सबसे प्रभावित हो पुरुष अपने पार्टनर से ग़लत अपेक्षाएं व व्यवहार करने लगते हैं, ख़ासतौर से पति के लिए पत्नी उनकी इच्छाओं को पूरी करनेवाली ऑब्जेक्ट बनकर रह जाती है.

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– पत्नी का पति को ख़ुश करना व संतुष्ट करना परम कर्त्तव्य बन जाता है और जब वह ऐसा नहीं कर पाती है, तब वह पति के रिजेक्शन का शिकार हो जाती है.

– भ्रांतियां ग़लत अपेक्षाओं को जन्म देती हैं… ग़लत अपेक्षाएं असफलताएं पैदा करती हैं… असफलताओं से निराशा पनपने लगती है… और निराशा दुख का नेतृत्व करने लगती हैं… तब अंत में डिप्रेशन… तलाक़ तक स्थिति पहुंच जाती है. इसलिए इन सबसे बचने के लिए ज़रूरी है कि हम मिथ्स की बजाय पार्टनर पर विश्‍वास करें.

– पुरुषों के बीच यह मिथ भी ख़ूब मशहूर है कि कंडोम के इस्तेमाल से सेक्स एंजॉय नहीं कर पाते हैं. जबकि अक्सर सही ढंग से कंडोम का इस्तेमाल न करने की वजह ऐसा होता है. इसलिए इस तरह की ग़लतफहमियों से परे होकर अपने वैवाहिक जीवन को सकारात्मक सोच के साथ स्वीकार करें.

– मन में कोई भी भ्रांति, ग़लतफ़हमी हो, तो उस पर खुलकर बात करें. सवालों को मन में ना रखें, पार्टनर से बातचीत करें, क्योंकि मिथ पर विश्‍वास कर हम ख़ुद ही दुख क्रिएट करते हैं. तो क्यों न पार्टनर पर विश्‍वास कर सुख की दुनिया बसाई जाए.

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– कई बार तो ऐसा भी होता है कि पति फर्स्ट नाइट पर पति अपनी पत्नी से खुलकर वर्जिनिटी के बारे में बात नहीं कर पाते और जीवनभर मन ही मन आशंकित रहते हैं.

– ऐसे में यह ज़रूरी है कि आप पार्टनर से खुलकर बात करें. सेक्स को लेकर कोई भी दुविधा या परेशानी हो, तो पार्टनर से कहें. स्थिति अधिक गंभीर हो जाए, तो सेक्सोजॉलिस्ट या फिर मैरिज काउंसलर की मदद लेने से भी न हिचकें.

Sex Myths

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– आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल के चलते पुरुष के साथ-साथ महिलाएं भी सेक्स के बारे में न केवल खुलकर बात करती हैं, बल्कि अपनी पसंद-नापसंद भी पार्टनर को बताती हैं. माना इससे कपल्स की सेक्स लाइफ अच्छी और एंजॉयमेंट से भरपूर हो जाती है, लेकिन यदि पुरुष पार्टनर संकीर्ण विचारों का हो या फिर इन बातों को ग़लत ढंग से ले, तो ऐसे में रिश्तों में तनाव आते देर नहीं लगती. इस तरह की परिस्थितियों से बचने के लिए बेहतर होगा कि पत्नियां पति के स्वभाव व सोच को अच्छी तरह से समझें. फिर धीरे-धीरे परिस्थितियों के अनुसार पहल करें. कोई भी बदलाव तुरंत नहीं आता, उसके लिए धैर्य, अपनापन व सूझबूझ की बेहद ज़रूरत होती है.

– पुरुषों के बीच सेक्स को लेकर और भी ऐसी कई भ्रांतियां हैं, जिनके कारण वैवाहिक जीवन प्रभावित होने लगता है, जैसे-

– कई पुरुषों का मानना है कि जिस लड़की के पेट का निचला हिस्सा निकला हुआ होता है, वो वर्जिन नहीं होती…

– सेक्स से लड़कियों के कूल्हे बड़े हो जाते हैं…

– पहली बार सेक्सुअल रिलेशन होने पर ब्लड निकलना ज़रूरी है, ये लड़की के वर्जिन होने का प्रमाण है.

– जिन महिलाओं ने शादी के पहले सेक्स किया होता है, उनके स्तन ढीले पड़ जाते हैं…

– जो महिला मास्टरबेशन करती है, वो मां नहीं बन सकती…

ऐसी तमाम बातें हर पल पुरुषों को अपने पार्टनर को लेकर सशंकित करती रहती हैैं. इसलिए यह ज़रूरी हो जाता है कि कपल्स हर पहलू पर खुलकर बात करें. रिश्ते में पारदर्शिता रिश्तों को मज़बूत बनाने का काम करती हैं. यह न भूलें कि आप दोनों का ज़िंदगीभर का साथ है, इसलिए जो भी परेशानी, ग़लतफ़हमियां, भ्रांतियां, शंकाएं हों, पार्टनर से ज़रूर कहें. उन्हें अपनी अपेक्षाएं और इच्छाओं से भी रू-ब-रू कराएं, ताकि दोनों ख़ुशहाल सेक्सुअल लाइफ एंजॉय कर सकें. अक्सर न कहने और मन ही मन कुढ़ते रहने के कारण भी रिश्ते कमज़ोर पड़ने लगते हैं. अतः ऐसा न करें.

डिफरेंट स्ट्रोक्स

– एक रिसर्च के अनुसार, जिन्हें इज़ैक्युलेशन (शीघ्रपतन) की शिकायत है, वे यदि सेक्स करने के दो घंटे पहले मास्टरबेशन (हस्तमैथुन) करें, तो यह समस्या दूर हो सकती है.

– पहली बार सेक्स कर रहे हैं, तो डरे नहीं, बल्कि खुले दिमाग़ से पार्टनर को सहयोग दें.

– एक रिसर्च के अनुसार, 14 % पुरुष हर सात मिनट में सेक्स के बारे में सोचते हैं, पर इसका यह मतलब नहीं है कि वे हमेशा सेक्स करने के लिए तैयार रहते हैं.

– ऊषा गुप्ता

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