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बेवफ़ाई के बाद कैसे सुधारें रिश्ते को? (Repair Your Relationship After Being Cheated On)

यदि हमसफ़र जीवन के सफ़र में कभी बेवफ़ाई कर जाए, तब क्या करें? दरअसल, रिश्ते (Relationships) मुक़म्मल जीवन जीने का आधार होते हैं और प्यार व विश्‍वास ही इन्हें मज़बूत व टिकाऊ बनाते हैं. लेकिन साथी की बेवफ़ाई से ज़िंदगी रुक तो नहीं जाती! समझदारी इसी में है कि सकारात्मक नज़रिए के साथ बिगड़े रिश्ते को सुधारने की कोशिश की जाए.

Relationship Problems

जो दिल के थे बेहद क़रीब, आज अजनबी-से लगते हैं… थी साथ की जिनसे उम्मीद, बीच राह वे मुड़कर चले गए… अक्सर रिश्ते में धोखा खाने व विश्‍वासघात होने पर पीड़ित व्यक्ति बिखर जाता है, टूट जाता है. जीवनसाथी की बेवफ़ाई के बाद किस तरह अपने रिश्ते को रिवाइव करें और सुधारें, इन्हीं बातों को जानने की कोशिश करते हैं. 

–  सबसे पहले स्वयं का आत्मविश्‍लेषण करें कि आख़िर ग़लती किससे और कहां हुई?

– कोई यूं ही भटक नहीं जाता. पर्याप्त अटेंशन व केयर न मिलने पर अक्सर पार्टनर उसकी कमी दूसरों की नज़रों में ख़ास बनकर पूरी करने की कोशिश करने लगते हैं. यदि ऐसा हुआ हो, तो उन ग़लतियों से सबक लें और आगे बढ़ें.

– यदि आपको लगता है कि जाने-अनजाने में आपने अपने पार्टनर की अनदेखी की है, तो इसे नए सिरे से दुरुस्त करने की कोशिश करें.

– यदि आप अब भी किसी परस्त्री या परपुरुष से जुड़े हैं, तो पहले स्वयं को उससे आज़ाद करें, क्योंकि किसी तीसरे के रहते आप अपने जीवनसाथी से सहज व सच्चाई के साथ दोबारा नहीं जुड़ सकते और न ही अपने दांपत्य जीवन को मज़बूती प्रदान कर सकते हैंे.

– माफ़ी मांगने से न चूकें. कहते हैं, पछतावे के साथ दिल से मांगी हुई माफ़ी पत्थर दिल को भी पिघला देती है. इसलिए जिस पार्टनर ने बेवफ़ाई की है, उसे सच्चाई और पूरी ईमानदारी के साथ अपनी ग़लती को समझते व महसूस करते हुए अपने पार्टनर से माफ़ी मांगनी चाहिए.

– बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुधि ले… को अपनाकर हमेशा आगे बढ़ने की कोशिश करते रहना ही जीवन का मूलमंत्र है. माफ़ी के इंतज़ार के बिना अपने रिश्ते को सुधारने की पहल करें.

– पति-पत्नी दोनों को ही अपने टूटते रिश्तों को जोड़ने व जीवनसाथी को दिए गए दर्द-ज़ख़्म से उबरने में उनकी मदद करनी चाहिए.

– ऐसे में प्यार से बढ़कर कोई दवा नहीं. आपका धैर्य और प्यार रिश्तों को सुधारने और ख़ुशगवार बनाने में मदद करेगा.

– कई बार दिल में कोई नाराज़गी, बात या गांठ-सी रह जाती है, जिसे आपसी बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है. इसलिए पार्टनर्स हर पहलू पर एक-दूसरे से खुलकर बात करें.

– रिश्तों में विश्‍वास बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीक़ा है कि जो बात आपको परेशान कर रही है, उसे छुपाएं नहीं, कह डालें.

– एक-दूसरे के साथ अधिक से अधिक व़क्त बिताएं. इसमें हंसी-मज़ाक और रूठने-मनाने, हल्की-फुल्की खट्टी-मीठी तक़रार को भी शामिल करें. इससे एक-दूसरे के साथ की आदत-सी बनती जाएगी. साथ ही आपसी समझदारी भी बढ़ेगी.

– हाल ही में हुए एक सर्वे के मुताबिक़ पति-पत्नी के बीच बेवफ़ाई व धोखे का प्रतिशत दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है और इसकी सबसे बड़ी वजह आपसी संवादहीनता और एक-दूसरे को अधिक व़क्त न दे पाना माना गया है.

– बीता हुआ कल वापस नहीं आ सकता, पर आनेवाले कल को ख़ुशहाल तो बनाया ही जा सकता है. इसमें क्षमा करने के साथ प्यार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ध्यान रहे, बेवफ़ाई के बाद घायल हुए रिश्तों को हेल्दी व मज़बूत बनाने के लिए प्यार की नींव रखना बहुत ज़रूरी है.

– मनोवैज्ञानिक कल्याणीजी के अनुसार रिश्ते हमें जीना सिखाते हैं, क्योंकि हमारे वर्तमान और भविष्य का ढांचा रिश्तों की बुनियाद पर ही खड़ा रह सकता है. आप कैसे हैं और कैसे बनेंगे- यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपमें रिश्ते निभाने का कितना जज़्बा है.

– उन कारणों का पता लगाने की कोशिश करें, जिसने पार्टनर को बेवफ़ाई करने के लिए मजबूर या फिर प्रेरित किया. कारणों का पता लगने पर उन्हें सुधारने की कोशिश की ही जा सकती है.

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Relationship Problems

– खोए हुए विश्‍वास को दोबारा हासिल करने के लिए जीवनसाथी के प्रति पूर्ण समर्पण की भावना रखें. इससे जहां साथी का दर्द-तनाव दूर होगा, वहीं आपके रिश्तों को दोबारा प्यार की पटरी पर लाने में सहायक होगा.

– पुरानी ग़लतियों से सबक लें और उन्हें दोहराने की ग़लती न करें.

– यदि ग़लतियों को सुधारने का मौक़ा दिया जाए, तो वही शख़्स आनेवाले कल में आपका सबसे बड़ा वफ़ादार साथी बनता है. इसलिए संकीर्ण विचार न रखते हुए खुले दिल से जीवनसाथी की ग़लती को भुलाकर उसे सुधरने का मौक़ा दें.

– कहते हैं, हर हादसा/घटना एक नया अनुभव दे जाती है, ठीक ऐसे ही बेवफ़ाई के बाद आपको स्वयं को और अपने पार्टनर को समझने में अधिक मदद मिलती है.

– समाजशास्त्री अशोक शुक्ला कहते हैं कि हर रिश्ता एक-दूसरे का समय मांगता है, साथ मांगता है… पति-पत्नी हर रोज़ आधा घंटा, महीने में दो दिन और साल में कम से कम एक हफ़्ते नितांत अकेले में बिताएं.

– अपनी अच्छी यादों को एक-दूसरे के साथ बांटें. कुछ रचनात्मक करने के लिए एक-दूसरे को प्रोत्साहित करें.

– एक-दूसरे की अच्छी बातों, आदतों को डेवलप करने की कोशिश करें. फिर देखिए बेवफ़ाई की बात सपना बन जाएगी और रिश्ते ताउम्र ख़ुशगवार बने रहेंगे.

– साथ गुज़ारा व़क्त आपके रिश्तों में वो एनर्जी भर देगा, जो ज़िंदगीभर मीठी यादें बनकर आपके साथ रहेंगी.

– मैरिज काउंसलर डॉ. राजीवजी के अनुसार, शादी के रिश्ते की हर सालगिरह कहती है कि उस सपने के बारे में सोचो, जो आप दोनों ने साथ मिलकर देखा हैे. उसे पूरा करना है, तो बंधन में बंधे रहना भी ज़रूरी है. इस बात के मर्म को समझने की कोशिश करें.

– एक पुरानी कहावत है कि दुनिया में सैकड़ों आदमी मिलकर कोई भी मकान बना सकते हैं, पर उसे घर बनाने के लिए एक नारी की ही ज़रूरत होती है. अतः नारी का सम्मान करें.

– ध्यान रहे, रिश्तों में रिस्पेक्ट ज़रूरी हैे, पर आपस में अहंकार न आने दें.

– यदि आप अपने साथी की भावनात्मक ज़रूरतों को सही मौ़के पर पूरा करते हैं, तो आपके रिश्तों में आकर्षण हमेशा बना रहेगा.

  संतुलित सेक्स लाइफ ज़रूरी है

वैवाहिक रिश्तों को बचाए और बनाए रखने के लिए बैलेंस सेक्स लाइफ ज़रूरी है. आप अपने साथी को लेकर क्या सोचते हैं, कैसा व्यवहार करते हैं, उसके प्रति कितने ईमानदार हैं, कब उसकी मानते हैं और कब अपनी मनमर्ज़ी थोपते हैं? इन सबका सीधा असर रिश्तों पर पड़ता है. आंकड़े बताते हैं कि 10 में से 4 रिश्ते सेक्सुअल रिलेशन में कड़वाहट के कारण बिगड़ते हैं. यदि आप ऐसा नहीं चाहते, तो संयमित रहें, ईमानदार बनें और अपने जीवनसाथी के तन को कम मन को ज़्यादा तवज्जो दें.

बेवफ़ाई निश्‍चित रूप से दूसरे जीवनसाथी के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति होती है. लेकिन समस्या है, तो उसका समाधान भी ज़रूर होता है. माना बेवफ़ाई जैसी चोट से उबरने में व़क्त लगता है, पर ईमानदारी से की गई कोशिश जल्द ही इससे उबरने में मदद करती है. इंसान ग़लतियों का पुतला है, जीवनसाथी की इस पहली ग़लती को आख़िरी ग़लती मानकर क्षमा कर दें और एक नई शुरुआत करें.

– मूरत पन्नालाल गुप्ता

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क्या होती है सेक्सुअल फिटनेस? (What Is Sexual Fitness?)

यह सच है कि सेक्स और सेक्स से जुड़े विषयों पर हमारा समाज थोड़ा-बहुत खुलकर बात करने लगा है, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि सेक्स को लेकर आज भी लोगों के मन में भ्रांतियां और ग़लतफ़हमियां हैं, क्योंकि सेक्स को लेकर कुछ खुलापन भले ही आ गया हो, लेकिन परिपक्वता अब भी नहीं आई है. ऐसे में यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि क्या हम सेक्सुअली फिट हैं?

Sexual Fitness

– एक सामान्य इंसान को सेक्स की ज़रूरत और चाहत होती है.

– यह चाहत व ज़रूरत अलग-अलग लोगों में अलग-अलग हो सकती है. किसी को कम, किसी को ज़्यादा.

– इसी तरह आकर्षण होना भी स्वाभाविक है.

– फैंटसीज़ यानी कल्पना करना, जैसे- किसी ख़ास व्यक्ति की ओर यदि हम आकर्षित होते हैं, तो उसके बारे में सोचना और कल्पना में उसके साथ             सेक्स करना भी स्वाभाविक व सामान्य है.

– सेक्स की चाह होने पर मास्टरबेट करना भी हेल्दी माना जाता है.

– यदि आप में ऊपर बताए तमाम लक्षण मौजूद हैं, तो आप सेक्सुअली फिट हैं और यदि आप में सेक्स ड्राइव यानी सेक्स की चाह कम है या कम हो           रही है, तो आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम है.

–  अगर आप शादीशुदा हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ कितनी अच्छी है?

– क्या सेक्स से आपको और आपके पार्टनर को पहले जैसी संतुष्टि नहीं मिलती?

– क्या सेक्स से आपको ऊब और बोरियत होने लगी है?

– क्या यह महज़ शारीरिक क्रिया बन गया है आपके लिए या अब भी भावनात्मक रूप से आप इसे आनंददायक क्रिया मानते हैं?

– ये तमाम सवाल ख़ुद से और अपने पार्टनर से करें, तो आप ख़ुद जान जाएंगे कि आप सेक्सुअली कितने फिट हैं.

व्यस्त ज़िंदगी में भी अगर सेक्स आपकी प्राथमिकताओं में से बाहर हो गया है, तो सचेत हो जाइए. शोधों में भी यह बात कई बार साबित हो चुकी है कि शादीशुदा लोग कुंवारे लोगों की अपेक्षा अधिक हेल्दी और लंबी ज़िंदगी जीते हैं. ऐसे में सेक्स के महत्व और सेक्सुअल फिटनेस को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. सेक्सुअल फिटनेस को आप इस तरह से बांटकर देख सकते हैं-

भावनात्मक पहलू: अगर आपका अपने पार्टनर से भावनात्मक लगाव है, तो ज़ाहिर है सेक्स लाइफ बेहतर बनेगी, लेकिन अगर आप दोनों ही मशीनी ज़िंदगी जीने के आदी हो चले हैं, तो सेक्स की चाह भी कम होती चली जाएगी यानी आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम होती जाएगी.

स्पेशल टिप: ऐसे में ज़रूरी है पार्टनर के साथ समय बिताएं. प्यार भरी बातें करें, एक-दूसरे को सहयोग करें, जिसका सीधा प्रभाव आपकी सेक्स लाइफ पर पड़ेगा.

मानसिक स्थिति: मानसिक तनाव, काम का बोझ और घरेलू ज़िम्मेदारियां भी आपको सेक्स के प्रति उदासीन बना देती हैं. बेहतर होगा कि अपने काम का तनाव बेडरूम में न ले जाएं. आप मिल-जुलकर हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं, इसलिए अपने रिश्ते और सेक्स लाइफ पर इन रोज़मर्रा की बातों का असर न पड़ने दें.

स्पेशल टिप: पुरुषों की 90% सेक्स समस्या, जैसे- शीघ्रपतन आदि मानसिक अवस्था से ज़्यादा जुड़ी होती है, बजाय शारीरिक समस्या के. ठीक इसी तरह महिलाओं में योनि में सूखापन, दर्दयुक्त सेक्स आदि भी सेक्स के प्रति उदासीनता की वजह से हो सकता है.

शारीरिक पहलू: सेक्सुअल फिटनेस बहुत हद तक आपकी शारीरिक फिटनेस से भी जुड़ी होती है. अगर आपको कोई सेक्सुअल या शारीरिक समस्या है, तो काउंसलर या एक्सपर्ट की मदद लेने से परहेज़ न करें.

स्पेशल टिप: योग व एक्सरसाइज़ को भी अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं. साथ में जॉगिंग या योगा क्लासेस जॉइन करें, इससे आप दोनों में नज़दीकियां बढ़ेंगी, जिसका सकारात्मक असर आपकी सेक्सुअल फिटनेस पर पड़ेगा.

 Sexual Fitness
नकारात्मक सोच से बचें

मन में बैठी भ्रांतियों व ग़लतफ़हमियों के कारण अपनी सेक्सुअल फिटनेस कम न होने दें- अधिकतर लोगों को लगता है कि फैंटसाइज़ करना, मास्टरबेट करना या किसी की तरफ़ आकर्षण महसूस करना ग़लत है. जबकि ये तमाम चीज़ें आपकी सेक्सुअल फिटनेस का अहम् हिस्सा हैं और आपकी फिटनेस को दर्शाती हैं.

सामाजिक व पारिवारिक पहलू

जहां तक महिलाओं की बात है, तो बचपन से ही पालन-पोषण अलग ढंग से होने के कारण या अन्य कारणों से भी वो सेक्स को लेकर उतनी उत्साहित नहीं रहतीं. उन्हें लगता है कि सेक्स के बारे में बात करना ग़लत है या चाहत होने पर भी सेक्स के लिए पहल न करना ही सही है, क्योंकि स्त्रियों को शर्मीला होना चाहिए और यही शर्मीलापन उनके संस्कार व चरित्र की सही व्याख्या करेगा. तमाम ऐसी बातें महिलाओं को सेक्सुअली अनफिट बनाती हैं और वो अपने पार्टनर को ठीक से सहयोग नहीं करतीं. इसके अलावा वो अपनी बॉडी को लेकर भी काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं, उन्हें लगता है कि उनका फिगर या उनकी शारीरिक ख़ूबसूरती उनके पार्टनर को आकर्षित करने के लिए नाकाफ़ी है.

स्पेशल टिप: इस तरह की नकारात्मक सोच न रखें. फिज़िकल फिटनेस पर ध्यान ज़रूर दें, लेकिन मानसिक रूप से भी पॉज़ीटिव बनी रहें. आपका सहयोग और आपका प्यार आपकी शारीरिक ख़ूबसूरती से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है रिश्ते व सेक्स लाइफ को हेल्दी बनाए रखने के लिए.

क्या करें?

– फोरप्ले ज़रूर करें. अच्छे सेक्स के लिए अच्छा फोरप्ले बहुत ज़रूरी है.

– इसी तरह से अच्छे सेक्स के लिए रोमांस होना भी बहुत ज़रूरी है, इसलिए व्यस्त दिनचर्या से रोमांटिक पलों को ज़रूर चुराएं.

– खान-पान हेल्दी हो. फिज़िकल फिटनेस आपको सेक्सुअली भी फिट रखेगी.

– सेक्स बूस्टर फूड को अपने डायट का हिस्सा बनाएं, जैसे- हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, फ्लैक्स सीड(अलसी), सोयाबींस, सनफ्लावर सीड्स, सी फूड,                नट्स, ताज़ा फल, ख़ासकर विटामिन सी युक्त आदि. साथ ही एक्सरसाइज़ भी करें.

– जंक फूड, अल्कोहल का सेवन कम करें.

– तनाव से दूर रहें.

– अगर कोई समस्या हो, तो काउंसलर व एक्सपर्ट से सलाह लें.

– योगिनी भारद्वाज

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सेक्स से जुड़े मिथ्स कहीं कमज़ोर न कर दें आपके रिश्ते को (Sex Myths Can Ruin Your Relationship)

Sex Myths

हमारे देश में सेक्स को लेकर आज भी संकोच, ग़लतफ़हमियों, भ्रांतियों की भरमार है. कई बार सेक्स से जुड़े मिथ्स के कारण पति-पत्नी के रिश्तों में दूरियां तक आ जाती हैं. साथ ही यदि समय पर ध्यान न दिया जाए, तो रिश्ते कमज़ोर पड़ने लगते हैं और कई बार तलाक़ तक की नौबत आ जाती है. इसी विषय पर हमने सेक्सोलॉजिस्ट व मैरिज काउंसलर डॉ. राजीव आनंद से बात की.

Sex Myths

–  अक्सर लोग सेक्स से जुड़ी फैंटेसी व कल्पनाओं पर अधिक ध्यान देते हैं, जबकि ज़रूरत है इससे जुड़े हेल्दी व साइंटिफिक पहलुओं पर ग़ौर करने की.

– अधिकतर पुरुष पढ़ी-देखी हुई बातें, किताबें, फिल्में आदि में दिखाई गई अतिशयोक्ति को देख-सुन, उसी को सच समझने लगते हैं.

– उन्हें यह समझना होगा कि जो कुछ भी दिखाया जाता है, उसमें सच्चाई कम और सनसनी पैदा करनेवाली बातें व तथ्य अधिक होते हैं.

– ऐसी उपलब्ध सामग्री के कारण ही पार्टनर के मन में ग़लत धारणाएं विकसित होने लगती हैं और वे दिखाई गई चीज़ों से अपनी ज़िंदगी व अनुभव की तुलना करने लगते हैं.

– कपल्स साइज़ (ब्रेस्ट/पेनिस), सेक्स की अवधि(सेक्सुअल रिलेशन) आदि को लेकर कई तरह के मिथ्स को सच मानने लगते हैं व ग़लत अपेक्षाओं के शिकार हो जाते हैं.

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– अक्सर पुरुष यह सोचते हैं कि पेनिस का साइज़ बड़ा होने से वे अपने पार्टनर को अधिक संतुष्ट कर सकते हैं, जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. यहां पर कपल्स का मानसिक व शारीरिक जुड़ाव अधिक महत्व रखता है.

– इसलिए सच्चाई को जानना या समझना ज़रूरी है. सेक्स में साइज़ से अधिक आपसी नज़दीकियां, प्यार, इंटीमेट पल शेयर करना अधिक ज़रूरी है, जो प्यार के हर पल को ख़ूबसूरत व यादगार बनाने में मददगार होता है.

– लेकिन सेक्स से जुड़े तमाम मिथ्स के कारण लोग ग़लत बातों में दिलचस्पी लेने लग जाते हैं.

– दुनियाभर में सेक्स से जुड़ा बिज़नेस, जैसे- ब्रेस्ट साइज़ बढ़ाने के लिए मेडिसिन, पोर्न किताबें-फिल्में, चीज़ें, टॉयज़ आदि का मल्टी मिलियन डॉलर का कारोबार फैला हुआ है. इसी के चलते कंपनियां बहुत-सी ऐसी बातों का प्रचार-प्रसार भी करती हैं, जिनका हक़ीक़त से कोई लेना-देना नहीं रहता.

– लेकिन इन्हीं सबसे प्रभावित हो पुरुष अपने पार्टनर से ग़लत अपेक्षाएं व व्यवहार करने लगते हैं, ख़ासतौर से पति के लिए पत्नी उनकी इच्छाओं को पूरी करनेवाली ऑब्जेक्ट बनकर रह जाती है.

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– पत्नी का पति को ख़ुश करना व संतुष्ट करना परम कर्त्तव्य बन जाता है और जब वह ऐसा नहीं कर पाती है, तब वह पति के रिजेक्शन का शिकार हो जाती है.

– भ्रांतियां ग़लत अपेक्षाओं को जन्म देती हैं… ग़लत अपेक्षाएं असफलताएं पैदा करती हैं… असफलताओं से निराशा पनपने लगती है… और निराशा दुख का नेतृत्व करने लगती हैं… तब अंत में डिप्रेशन… तलाक़ तक स्थिति पहुंच जाती है. इसलिए इन सबसे बचने के लिए ज़रूरी है कि हम मिथ्स की बजाय पार्टनर पर विश्‍वास करें.

– पुरुषों के बीच यह मिथ भी ख़ूब मशहूर है कि कंडोम के इस्तेमाल से सेक्स एंजॉय नहीं कर पाते हैं. जबकि अक्सर सही ढंग से कंडोम का इस्तेमाल न करने की वजह ऐसा होता है. इसलिए इस तरह की ग़लतफहमियों से परे होकर अपने वैवाहिक जीवन को सकारात्मक सोच के साथ स्वीकार करें.

– मन में कोई भी भ्रांति, ग़लतफ़हमी हो, तो उस पर खुलकर बात करें. सवालों को मन में ना रखें, पार्टनर से बातचीत करें, क्योंकि मिथ पर विश्‍वास कर हम ख़ुद ही दुख क्रिएट करते हैं. तो क्यों न पार्टनर पर विश्‍वास कर सुख की दुनिया बसाई जाए.

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– कई बार तो ऐसा भी होता है कि पति फर्स्ट नाइट पर पति अपनी पत्नी से खुलकर वर्जिनिटी के बारे में बात नहीं कर पाते और जीवनभर मन ही मन आशंकित रहते हैं.

– ऐसे में यह ज़रूरी है कि आप पार्टनर से खुलकर बात करें. सेक्स को लेकर कोई भी दुविधा या परेशानी हो, तो पार्टनर से कहें. स्थिति अधिक गंभीर हो जाए, तो सेक्सोजॉलिस्ट या फिर मैरिज काउंसलर की मदद लेने से भी न हिचकें.

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– आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल के चलते पुरुष के साथ-साथ महिलाएं भी सेक्स के बारे में न केवल खुलकर बात करती हैं, बल्कि अपनी पसंद-नापसंद भी पार्टनर को बताती हैं. माना इससे कपल्स की सेक्स लाइफ अच्छी और एंजॉयमेंट से भरपूर हो जाती है, लेकिन यदि पुरुष पार्टनर संकीर्ण विचारों का हो या फिर इन बातों को ग़लत ढंग से ले, तो ऐसे में रिश्तों में तनाव आते देर नहीं लगती. इस तरह की परिस्थितियों से बचने के लिए बेहतर होगा कि पत्नियां पति के स्वभाव व सोच को अच्छी तरह से समझें. फिर धीरे-धीरे परिस्थितियों के अनुसार पहल करें. कोई भी बदलाव तुरंत नहीं आता, उसके लिए धैर्य, अपनापन व सूझबूझ की बेहद ज़रूरत होती है.

– पुरुषों के बीच सेक्स को लेकर और भी ऐसी कई भ्रांतियां हैं, जिनके कारण वैवाहिक जीवन प्रभावित होने लगता है, जैसे-

– कई पुरुषों का मानना है कि जिस लड़की के पेट का निचला हिस्सा निकला हुआ होता है, वो वर्जिन नहीं होती…

– सेक्स से लड़कियों के कूल्हे बड़े हो जाते हैं…

– पहली बार सेक्सुअल रिलेशन होने पर ब्लड निकलना ज़रूरी है, ये लड़की के वर्जिन होने का प्रमाण है.

– जिन महिलाओं ने शादी के पहले सेक्स किया होता है, उनके स्तन ढीले पड़ जाते हैं…

– जो महिला मास्टरबेशन करती है, वो मां नहीं बन सकती…

ऐसी तमाम बातें हर पल पुरुषों को अपने पार्टनर को लेकर सशंकित करती रहती हैैं. इसलिए यह ज़रूरी हो जाता है कि कपल्स हर पहलू पर खुलकर बात करें. रिश्ते में पारदर्शिता रिश्तों को मज़बूत बनाने का काम करती हैं. यह न भूलें कि आप दोनों का ज़िंदगीभर का साथ है, इसलिए जो भी परेशानी, ग़लतफ़हमियां, भ्रांतियां, शंकाएं हों, पार्टनर से ज़रूर कहें. उन्हें अपनी अपेक्षाएं और इच्छाओं से भी रू-ब-रू कराएं, ताकि दोनों ख़ुशहाल सेक्सुअल लाइफ एंजॉय कर सकें. अक्सर न कहने और मन ही मन कुढ़ते रहने के कारण भी रिश्ते कमज़ोर पड़ने लगते हैं. अतः ऐसा न करें.

डिफरेंट स्ट्रोक्स

– एक रिसर्च के अनुसार, जिन्हें इज़ैक्युलेशन (शीघ्रपतन) की शिकायत है, वे यदि सेक्स करने के दो घंटे पहले मास्टरबेशन (हस्तमैथुन) करें, तो यह समस्या दूर हो सकती है.

– पहली बार सेक्स कर रहे हैं, तो डरे नहीं, बल्कि खुले दिमाग़ से पार्टनर को सहयोग दें.

– एक रिसर्च के अनुसार, 14 % पुरुष हर सात मिनट में सेक्स के बारे में सोचते हैं, पर इसका यह मतलब नहीं है कि वे हमेशा सेक्स करने के लिए तैयार रहते हैं.

– ऊषा गुप्ता

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