Mary Kom

 

Mary Kom wins Asian Boxing Championships gold

वियतनाम के हो चि मिन्ह सिटी में हो रहे एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर एम. सी. मैरी कॉम ने इतिहास रच दिया. फाइनल में उन्होंने उत्तर कोरिया की किम हयांग मि को 5-0 से हराया. ग़ौर करनेवाली बात यह है कि उन्होंने सेमीफाइनल में जापान की सुबासा कोमुरा पर भी 5-0 से जीत दर्ज की थी. (Mary Kom wins Asian Boxing Championships gold)

* राज्यसभा सांसद, ओलिंपिक्स ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट मैरी ने अपना अवॉर्ड अपनी साथी एल. सरिता देवी को समर्पित किया, जो 64 किलो के सेमीफाइनल में हार गई थीं.
* मैरी ने मुक्केबाज़ी के 45-48 किलो लाइट फ्लाइवेट कैटीगरी के फाइनल में किम को मात देकर पांचवी बार एशियाई महिला मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में गोल्ड जीता.
* इसके पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उन्होंने पांच बार गोल्ड मेडल जीता है.
* यह उनका एशियाई चैंपियनशिप में छठा अवॉर्ड है. इससे पहले उन्होंने 4 गोल्ड व एक सिल्वर मेडल जीता था.
* 48 किलो वर्ग में यह उनका पहला एशियन गोल्ड है. इसके पहले वे 51 किलो वर्ग में हिस्सा लेती रही हैं.
* भारत ने अब तक कुल 7 गोल्ड, 8 सिल्वर और 32 कांस्य पदक जीते हैं.

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खेल सफ़र/अवॉर्ड्स
* साल 2000 में मैरी कॉम ने अपना बॉक्सिंग करियर शुरू किया.
* 2001 में पहली बार नेशनल वुमन्स बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीती.
* वे दस राष्ट्रीय ख़िताब भी जीत चुकी हैं.
* साल 2012 के लंदन ओलंपिक में उन्होंने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.
* 2010 के एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज़ और 2014 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया.
* दो साल के प्रैक्टिस, ब्रेक के बाद उन्होंने वापसी करते हुए लगातार चौथी बार वर्ल्ड बॉक्सिंग में गोल्ड जीता था.
* उनकी इस उपलब्धि से प्रभावित होकर एआइबीए ने उन्हें ‘मैग्नीफिसेंट मैरी’ की उपाधि दी.
* बॉक्सिंग में उनके बेहतरीन परफॉर्मेंस के कारण साल 2003 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड नवाज़ा गया.
* 2006 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया.
* 2009 में देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड दिया गया.
* उनके कोच नरजित सिंह, चार्ल्स एक्टिनसन रहे हैं.

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पर्सनल स्ट्रोक्स
* एम. सी. मैरी कॉम (मैंगते चंग्नेेइजैंग मैरी कॉम) का जन्म 1 मार्च, 1983 में मणिपुर चुराचांदपुर में एक किसान परिवार में हुआ था.
* उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई लोकटक क्रिश्‍चियन मॉडल स्कूल व सेंट हेवियर स्कूल में की थी.
* उन्हें बचपन से ही खेल से विशेष लगाव था. साल 1999 में जब उन्होंने कुछ लड़कियों को खुमान लंपक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में लड़कों के साथ मुक्केबाज़ी में दांव-पेंच लड़ाते देखा, तो इस खेल के प्रति उत्सुकता जागी.
* मणिपुरी बॉक्सर डिंग्को सिंह की कामयाबी ने भी उन्हें बॉक्सिंग में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया.
* उन्होंने ओन्लर कॉम से शादी की और उनके तीन बच्चे हैं.
* मैरी कॉम को सुपर मॉम भी कहते हैं, क्योंकि तीन बच्चों के बावजूद वे लगातार बॉक्सिंग कर रही हैं.
* पांच बार की वर्ल्ड व एशियन चैंपियन, ओलंपिक मेडलिस्ट मैरी की बॉक्सिंग रिंग में अटैक व तेज़ी देखते ही बनती है.
* मैरी कॉम नाम से उन पर फिल्म भी बन चुकी है, जिसमें एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने उनका क़िरदार निभाया था.

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– ऊषा गुप्ता