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टॉस जीतकर मेहमान टीम को पहले बल्लेबाज़ी का न्योता देना किसी भी तरह से ख़राब निर्णय नहीं था, लेकिन भारतीय टीम अपना दूसरा वनडे न्यूज़ीलैंड से हार गई. टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के ़फैसले को गेंदबाज़ों ने सही ठहराते हुए कीवियों को बड़ा लक्ष्य खड़ा नहीं करने दिया. उमेश यादव, जसप्रीत बुमराह और अमित मिश्रा ने कीवियों के पसीने छुड़ा दिए. मैच का पहला हाफ बेहद सकारात्मक दिखा, लेकिन जब भारतीय बैट्समैन की पारी आई, तो एक-एक करके सभी ढह गए. इसके कई कारण हो सकते हैं. आइए, एक नज़र डालते हैं उन्हीं कारणों पर.

  • अजिंक्य रहाणे का फेल होना टीम की हार का मुख्य कारण बना. वनडे मैच में 49 बॉल खेलना और स़िर्फ 28 रन बनाना हार का ही संकेत देता है.
  • रोहित शर्मा का बल्ला नहीं चला. पता नहीं रोहित को कहां जाने की जल्दी थी कि महज़ 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए.
  • टेस्ट मैच में सेंचुरी लगाने के बाद विराट कोहली का बल्ला थका हुआ नज़र आया. होम ग्राउंड पर उनसे यह उम्मीद नहीं थी. 13 बॉल खेलकर स़िर्फ 9 रन बनाना टीम को हार की ओर ले गई.
  • छक्के से शुरुआत करनेवाले मनीष पांडे भी टीम की हार का एक मज़बूत कारण हैं. मनीष का रन आउट होना टीम पर प्रेशर बना गया.
  • लगता है 72 एमएम के परदे पर उतरते ही धोनी का बल्ला फेल हो गया. ये अलग बात है कि धोनी ने सबसे ज़्यादा रन बनाए, लेकिन विरोधी टीम के कप्तान विलियम्सन की तरह वो लय में नहीं दिखे.
  • टेस्ट सीरीज़ और पहला वनडे जीतने के बाद भारतीय टीम पर जीत का नशा पहले से ही दिख रहा था. कीवियों को उन्होंने हल्के में लिया, जिसका नतीजा टीम को हार के रूप में चुकाना पड़ा.

– श्वेता सिंह