memory exercises

Brain exercises for kids

हर बच्चे का दिमाग़ एक-सा नहीं होता, कोई किसी चीज़ को जल्दी समझ जाता है, तो किसी को एक ही बात दस बार समझानी पड़ती है. यही वजह है कि एग्ज़ाम में हर बच्चे के मार्क्स में भी फ़र्क़ रहता है. लेकिन ऐसा नहीं है कि आप बच्चे की ब्रेन पावर बढ़ा नहीं सकतीं. हालांकि ये एक दिन का काम नहीं है. यदि आप चाहती हैं कि एग्ज़ाम में आपका बच्चा भी अच्छा परफॉर्म करे, तो शुरुआत से ही उसे ख़ास ब्रेन एक्सरसाइज़ सिखाएं.

 

संजना अपनी बेटी की स्कूल में परफॉर्मेंस से बेहद ख़ुश है. हर बार एग्ज़ाम/टेस्ट में उसे अच्छे मार्क्स मिलते हैं. वहीं संजना का बेटा हर मामले में बेटी से पीछे है. संजना बेटी से ज़्यादा ध्यान बेटे पर देती है, ताकि उसे सब्जेक्ट्स समझा सके, एग्ज़ाम में उसकी परफॉर्मेंस सुधर जाए, मगर ऐसा हो नहीं पाया. दरअसल, जब तक बच्चों की ब्रेन पावर नहीं बढ़ेगी, ज़बर्दस्ती कुछ भी सिखाने का असर नहीं होगा. माना कि हर बच्चे की ब्रेन पावर अलग-अलग होती है, मगर कुछ तरक़ीब आज़माकर उसे बढ़ाया जा सकता है. इन्हीं में से एक है ब्रेन एक्सरसाइज़, जिसके ज़रिए बच्चों की सोचने-समझने व तर्क करने की शक्ति को बढ़ाया जा सकता है.

ब्रीदिंग एक्सरसाइज़

* बड़ों को तनावमुक्त रखने वाली ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ बच्चों के लिए भी ज़रूरी है.
* एग्ज़ाम के टाइम में बच्चों को स्ट्रेस न हो, इसके लिए उन्हें गहरी सांस लेने के लिए बोलें.
* फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ने के लिए रोज़ाना कहें.
* इससे उन्हें अच्छा महसूस होगा.
* नियमित रूप से ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ से बच्चों में एकाग्रता (कॉन्संट्रेशन) बढ़ेगी, जिससे वो पढ़ाई पर ज़्यादा ध्यान दे पाएंगे.

बॉडी व ब्रेन कॉर्डिनेशन वर्कआउट

* हेल्दी रहने के लिए बॉडी और ब्रेन दोनों की एक्सरसाइज़ ज़रूरी है.
* कुछ ख़ास तरह की एक्सरसाइज़ से आप बच्चों को फिज़िकली और मेंटली दोनों तरह से फिट/एक्टिव रख सकती हैं. ट्राई करें ये एक्सरसाइज़-
+ ब्रेन और बॉडी में तारतम्य बनाए रखने के लिए सुबह उठने के बाद बच्चे को टो एक्सरसाइज़ के लिए कहें यानी टो (पंजे) को ऊपर-नीचे की तरफ़ घुमाएं.
+ एक अन्य एक्सरसाइज़ है, यदि आपका बच्चा लेफ्टहैंडेड है, तो उसे राइट हैंड से काम करने को कहें और यदि राइट हैंडेड है, तो लेफ्ट हैंड से काम के लिए कहें.
+ इस तरह से प्रैक्टिस करने पर दिमाग़ और शरीर में कॉर्डिनेशन बना रहता है और ब्रेन शार्प होता है.
+ ये इंट्रेस्टिंग एक्सरसाइज़ भी ट्राई करें- बैठकर बच्चे को अपनी दाहिनी कोहनी से बाएं घुटने को टच करने को कहें.
+ 5 मिनट तक ऐसा करें. फिर बाईं कोहनी को दाहिने घुटने से टच करने को कहें.

कॉन्संट्रेशन गेम

* यदि आप चाहती हैं कि पढ़ाई में बच्चा होशियार बने, तो इसके लिए आपको शुरू से ही कुछ ऐसा करना होगा, जिससे बच्चे की एकाग्रता और याद्दाश्त बढ़े. आप ये एक्टिविटीज़ ट्राई कर सकती हैं-
+ छोटे बच्चों के साथ आप ये गेम खेल सकती हैं.
+ उनके सभी खिलौनों को एक लाइन से रखें, फिर ढंककर उनमें से एक हटा लें और बच्चे से पूछें कि इनमें से कौन-सा खिलौना ग़ायब है.
+ इसी तरह आप बच्चे से कह सकती हैं कि वो घर में मौज़ूद एक जैसी चीज़ों को शॉर्टलिस्ट करे.
* बड़े बच्चों/टीनएजर के सामने 15 सेकंड के लिए ढेर सारी चीज़ें रखें, फिर हटा लें.
* अब उनसे पूछें कि उनमें से कितनी चीज़ें उसे याद हैं. शुरुआत में आप 5-6 चीज़ें रख सकती हैं, फिर धीरे-धीरे नंबर बढ़ाएं.

मेमरी एक्सरसाइज़

* ब्रेन एक्सरसाइज़ का ये एक और आसान तरीक़ा है, बच्चों को छोटी उम्र से ही उनके नाम की स्पेलिंग, फैमिली मेंबर्स के नाम, उनकी गिनती, एड्रेस, फोन नंबर आदि सिखाना मेमरी एक्सरसाइज़ का हिस्सा है.
* इसके अलावा कविता, गाना, छोटी कहानियां आदि याद कराने से बच्चों का दिमाग़ चीज़ों पर फोकस कर पाता है और उन्हें याद रख पाता है.
* जो बच्चे कम उम्र से ही ये सब करते रहते हैं, बड़े होने पर वो पढ़ाई पर अच्छी तरह कॉन्संट्रेट कर पाते हैं.

क्रॉसवर्ड पज़ल्स

* बड़े बच्चों के लिए क्रॉसवर्ड सॉल्व करना बेहतरीन ब्रेन एक्सरसाइज़ है.
* इससे उनकी चीज़ों को याद रखने और सोचने की शक्ति बढ़ती है.
* फ्री टाइम होने पर आप भी बच्चों के साथ बैठकर क्रॉसवर्ड सॉल्व करें और सही मैच मिलने पर उसकी तारीफ़ करें.
* इससे बच्चे को अच्छा महसूस होगा और वो आगे भी इसे करने के लिए प्रोत्साहित होगा.

क्रिएटिव आउटडोर एक्टिविटी

* बच्चों को रोज़ाना कम से कम 2 घंटे के लिए बाहर पार्क में ले जाएं.
* उन्हें ट्रैम्पलीन जम्पिंग और रेत से घर बनाने जैसे गेम खेलने के लिए प्रेरित करें.
* उन्हें गार्डनिंग के लिए कहें.
* इस तरह की फिज़िकल एक्टिविटी से ब्रेन सेल्स और ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन दोनों बढ़ता है.

बच्चों के साथ पढ़ें

* छोटे बच्चों को ब्रेन एक्सरसाइज़ कराने का बेहतरीन तरीक़ा है उनके साथ कविता या स्टोरी बुक पढ़ना.
* बच्चों को कविता बहुत पसंद आती है.
* आपके साथ-साथ वो भी इसे दोहराते हैं, इससे बच्चों की समझ और सीखने की शक्ति बढ़ती है.
* उनकी वर्बल स्किल और वोकैब्लेरी भी इंप्रूव होती है.

– कंचन सिंह