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5 ग़लतियां जो महिलाएं सेक्स के दौरान करती हैं (5 Mistakes Women Make In Bed)

हर महिला (Woman) चाहती है कि उसका दांपत्य जीवन रोमांच से भरपूर रहे, लेकिन इसके लिए सारी मेहनत पति (Husband) करें, उन्हें अपनी तरफ से एफर्ट लेना न पड़े. इस चक्कर में उनकी सेक्स लाइफ (Sex Life) भी प्रभावित होती हैं और उनकी अपनी भावनाएं पूरी नहीं हो पातीं. जानें वो कौन-सी ऐसी ग़लतियां (Mistakes) हैं, जो महिलाएं सेक्स के दौरान करती हैं और जिसके कारण उनकी सेक्स लाइफ बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. अगर आप भी ये ग़लतियां करती हैं, तो आज ही इन्हें सुधार लें.

Mistakes Women Make In Bed

1. पति को ख़ुद ही पहल करना चाहिए

अक्सर महिलाएं ये सोचकर पहल नहीं करतीं कि ये तो उनके पार्टनर का काम है. वे सोचती हैं कि सेक्स में वे क्या चाहती हैं, उनके पार्टनर को ख़ुद ही समझ जाना चाहिए और वे अपने दिल की बात कहती नहीं, लेकिन ये सोच बिल्कुल ही ग़लत है. आप क्या चाहती हैं, ये आप जब तक बताएंगी नहीं तब तक वे कैसे समझ पाएंगे? इसलिए बेहतर होगा कि आप खुलकर उन्हें अपनी चाहत के बारे में बताएं. अगर इसमें शर्म महसूस हो तो व्यवहार व इशारों में उन्हें समझाएं.

2. वे आपके दिल की बात नहीं समझते

अक्सर पुरुष सेक्स में जल्दबाज़ी करते हैं और स्त्रियों की चाहत ङ्गकुछ औरफ की होती है. पुरुष फोरप्ले में ़ज़्यादा व़क़्त नहीं लगाते, जबकि स्त्रियों के लिए फोरप्ले ज़रूरी होता है. अगर आपके पार्टनर को ये बात नहीं पता तो उन्हें बताएं कि सेक्स के पहले फोरप्ले आपके लिए कितना आनंददायक होता है. फोरप्ले के दौरान कुछ नया करें और उन्हें बताएं कि उन्हें भी कुछ ऐसा ही करना चाहिए. एक बार उन्होंने आपकी ज़रूरत समझ ली तो यक़ीनन वे आपकी हर इच्छा पूरी करने की कोशिश करेंगे और आपका सेक्स जीवन और भी आनंददायक बन जाएगा.

3. अपने शरीर को लेकर हीनभावना

महिलाएं ये बात नहीं मानतीं, लेकिन ये सच है कि वे अपने शरीर   को लेकर हीनभावना से ग्रस्त रहती हैं और सेक्स के दौरान भरसक कोशिश करती हैं कि उनका पार्टनर उनके इन अंगों को देखने न पाए और इस बात से वो कई बार चिढ़ जाता है. अगर आप भी ऐसा ही सोचती हैं और ये आश्‍वासन चाहती हैं कि आपकी बॉडी पऱफेक्ट है तो उनसे खुलकर पूछें कि मैं अपने अंगों को लेकर इनसिक्योर महसूस करती हूं. क्या आपको ये आकर्षक लगते हैं?

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Mistakes Women Make

4. सेक्स के लिए हमेशा नाना कहना

सेक्स के मामले में ये हमारे यहां पहले से ही होता आया है. पुरुष ङ्गहां-हांफ करते जाएंगे और महिलाएं ङ्गना-नाफ. लेकिन सेक्स के लिए हमेशा ऐसा करना ठीक नहीं है, बल्कि कभी-कभी उल्टा भी होना चाहिए. सेक्स की पहल आपकी तरफ़ से भी होनी चाहिए और उस शाम के लिए आपकी तरफ़ से ख़ास तैयारी होनी चाहिए, ताकि वो शाम ख़ास बन जाए.

5. सेक्स के बाद पार्टनर से व्यवहार

अक्सर महिलाएं सेक्स के बाद ङ्गतुम तो बड़े बेशर्म हो….बच्चे इतने बड़े हो गए, लेकिन तुम्हारी आदतें नहीं बदलीं…फ जैसी बातें कहकर अपने पार्टनर का मूड ऑफ़ कर देती हैं, लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं. ध्यान रखें कि सेक्स जीवन का ज़रूरी हिस्सा है और स्वस्थ और आनंददायक जीवन के लिए महत्वपूर्ण भी.

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शादी के दिन दूल्हा-दुल्हन न करें ये 18 ग़लतियां (18 Common Mistakes Brides And Grooms Must Avoid)

शादी (Wedding) का दिन हर किसी के लिए ख़ास होता है. उस दिन के लिए न जाने कितने सपने, कितनी उम्मीदें और न जानें कितनी आकांक्षाएं जोड़ रखी होती है सबने, ऐसे में छोटी-छोटी ग़लतियां (Mistakes) शादी के सारे उत्साह-उमंग को फीका कर सकती हैं. अगर आपकी भी शादी होनेवाली है, तो ज़रूरी बातों के साथ-साथ इन बातों का भी ध्यान रखें, ताकि शादी के दिन की ख़ुशियां ताउम्र आपके चेहरे पर मुस्कुराहट लाने का कारण बन सकें.

Brides And Grooms Mistakes

दुल्हन बचे इन ग़लतियों से

रितु की बारात आनेवाली थी. शादी के हॉल में घरवाले तैयारियों में लगे थे, पर रितु को कभी डेकोरेशन में कमी नज़र आ रही थी, तो कभी ब्यूटीशियन की तैयारी में कमी दिख रही थी, जिसके कारण उसे बहुत ग़ुस्सा आ रहा. ग़ुस्से में वो अपने मेकअप पर भी ध्यान नहीं दे रही थी. ब्यूटीशियन ने तो उसे तैयार कर दिया, पर लहंगे की मैचिंग चूड़ियां घर पर ही छूट गई थीं, जिससे उसका पारा और चढ़ गया. भाई ने आनन-फानन में चूड़ियां लाकर दीं, पर तब तक रितु ने सबका मूड ख़राब कर दिया था. जिसकी ख़ुशी के लिए सबने इतनी मेहनत की, अगर वही नाख़ुश रहे, तो सोचें कि घरवालों का क्या हाल होगा. शादी के दिन दुल्हन ऐसी कुछ ग़लतियों से बचे, तो वह ख़ूबसूरत दिन उसके साथ-साथ सभी के लिए ख़ास बन जाए.

1. लास्ट मोमेंट के लिए तैयारियां छोड़कर रखना

अक्सर कुछ दुल्हन कपड़े, ज्वेलरी, एक्सेसरीज़, अंडर गार्मेंट्स और स्पेशल ओकेज़न की स्पेशल ड्रेसेज़ या साड़ियां आदि लास्ट मोमेंट यानी शादीवाले दिन की पैकिंग के लिए छोड़कर रखती हैं, जिसके कारण जल्दबाज़ी में कुछ न कुछ छूट जाता है. आप अपनी पैकिंग शादी के 2-3 दिन पहले ही करके रख लें. शादी वाले दिन के लिए ये तैयारियां कभी भी न रखें, क्योंकि उस दिन व़क्त कैसे निकल जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा.

2. मन मुताबिक काम न होने पर ग़ुस्सा करना

माना कि आपने डेकोरेशन या म्यूज़िक अरेंजमेंट के लिए पहले से बात कर ली थी, पर अगर आख़िरी व़क्त पर किसी कारण उसमें कुछ बदलाव हो गए हैं, तो तिल का ताड़ न बनाएं. ग़ुस्सा करके अपना व घरवालों का मूड ख़राब न करें. ख़ुशी के इस मौ़के को ख़ुशगवार बनाए रखें.

3. रिश्तेदारों से ससुरालवालों की बुराई

अक्सर शादी के दिन दुल्हन के क़रीबी रिश्तेदार ससुरालवालों के बारे में जानने-समझने को आतुर रहते हैं, ऐसे में आपको ध्यान रखना चाहिए कि ससुरालवालों के बारे में आपको सकारात्मक ही बोलना है, क्योंकि किसी भी तरह की नकारात्मक सोच के साथ नए घर जाना सही नहीं. किसी भी तरह की नकारात्मक टिप्पणी मामले को बिगाड़ सकती है. क्या पता उन्हीं रिश्तेदारों में कोई ऐसा हो, जिसका कनेक्शन ससुराल पक्ष से हो.

4. सब कुछ ख़ुद करने की कोशिश करना

शादी के दिन रीति-रिवाज़ों की तैयारी, ख़ुद को तैयार रखना, नाते-रिश्तेदारों से मिलना-जुलना, घरवालों के छोटे-मोटे कई काम होते हैं, ये सब आप ख़ुद करने के चक्कर में न पड़ें. सभी को काम की ज़िम्मेदारियां पहले ही बांट दें. शादी के दिन दुल्हन को मेंटली और फिज़िकली रिलैक्स रहना बहुत ज़रूरी है, ऐसे में किसी भी तरह का फिज़िकल या मेंटल स्ट्रेस आपके ब्राइडल लुक के लिए सही नहीं होगा.

5. कुछ ज़्यादा ही हुकुम चलाना

शादी की गहमागहमी में अक्सर कुछ चीज़ें लोग भूल जाते हैं, ऐसे में सब की क्लास न लेती फिरें. हर कोई आपकी शादी को यादगार बनाने की कोशिश में लगा है, इसका ख़्याल रखें. उन्हें कुछ ऐसा न कह दें, जिससे उन्हें बुरा लगे.

6. दूल्हे से बहस करना

शादी की रस्मों के दौरान अगर दूल्हे राजा ने आपके मनमुताबिक कुछ नहीं किया, तो उनसे बहस करने न बैठ जाएं. ध्यान रखें कि शादी की रस्मों में आपके साथ-साथ उनके रिश्तेदार भी मौजूद हैं, अपने बेटे के साथ होनेवाली बहू का ऐसा व्यवहार उनपर आपका ग़लत इंप्रेशन डाल सकता है.

7 हर बात की शिकायत करना

किसी रिश्तेदार ने साड़ी या लहंगे के लिए कुछ कहा, किसी ने वेन्यू के लिए कुछ कहा या फिर किसी ने मेन्यू के बारे में कुछ कंपैरिज़न करके ताना मारा हो, तो उसे अवॉइड करें. शादियों में रिश्तेदार ऐसा करते ही हैं. इन बातों पर न तो ख़ुद परेशान हों और न ही ये बातें पैरेंट्स को
बताकर उन्हें परेशान करें. याद रखें आप हर किसी को ख़ुश नहीं रख सकतीं, इसलिए सब भूलकर अपना वेडिंग डे एंजॉय करें.

– कुछ भी न खाने की ग़लती

शादी के दिन काम की भागदौड़, लास्ट मोमेंेट की तैयारियों और एक्साइटमेंट के बीच अक्सर लड़कियां खाने पर ध्यान नहीं देतीं, जिसके कारण शाम तक उन्हें गैस-एसिडिटी हो जाती है या फिर चक्कर आने लगते हैं. आप ऐसा न करें. खाना समय से खाएं और पानी भी पर्याप्त पीएं, ताकि आप हाइड्रेटेड रहें और आपका चेहरा
खिला-खिला दिखे.

– सहेलियों के साथ मिलकर ससुरालवालों की ख़िंचाई करना

शादी की रस्मों के दौरान हंसी-मज़ाक अच्छा है, पर सहेलियों के साथ मिलकर ससुराल वालों की ख़िंचाई करना या मज़ाक बनाना ठीक नहीं.
ससुराल के लोग अब आपका परिवार हैं, ऐसे में उन पर आपका अच्छा प्रभाव नहीं पड़ेगा. हो सकता है, उसके लिए आपको बाद में सुनना भी पड़े, इसलिए जो भी करें, मर्यादा में रहकर करें.

– बहुत ज़्यादा हैवी लहंगा या साड़ी सिलेक्ट करना

शादी के दिन कई रस्में और विधि-विधान होते हैं और ऐसे में अगर आपका लहंगा और ज्वेलरी इतनी हैवी या चुभनेवाली है कि आप बहुत असहज महसूस कर रही हैं, तो शादी का सारा मज़ा किरकिरा हो जाएगा. कुछ लड़कियां तो इतने हैवी लहंगे पहन लेती हैं कि उठने-बैठन के लिए भी मदद की ज़रूरत पड़ती है. शादी का मतलब हैवी लहंगा या ज्वेलरी पहनना नहीं है. यह आपके लिए काफ़ी स्पेशल दिन है, तो आपका कंफर्टेबल रहना बहुत ज़रूरी है, इसलिए ऐसे कपड़े और ज्वेलरी पहनें, जो आप आसानी से कैरी कर सकें.

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 Brides And Grooms

दूल्हा बचे इन ग़लतियों से

– शेरवानी या सूट गाड़ी में न रखना

मुंबई में रहनेवाले किशोर की पिछले महीने शादी हुई. शादी का हॉल लड़कीवालों के घर के नज़दीक था, जो कि किशोर के घर से काफ़ी दूर था. जब किशोर की बारात हॉल पहुंची और शादी की विधि-विधान के लिए उसने शेरवानी ढूंढ़नी शुरू की, तो पता चला शेरवानी घर पर ही छूट गई. घर जाकर शेरवानी लाने में काफ़ी व़क्त निकल जाता, इसलिए पास में ही रह रहे किशोर के एक दोस्त ने उसे अपनी शादी की शेरवानी लाकर दी, जिससे फेरों की रस्म पूरी हुई. घरवाले एक-दूसरे के भरोसे रह गए और अच्छी-ख़ासी शेरवानी यूं ही रह गई. इससे सभी दूल्हों को सबक लेना चाहिए और शादी के कपड़े गाड़ी में रखना न भूलें.

– देर रात तक जागना

अक्सर देखा गया है कि शादी के ठीक पहले वाली रात दूल्हा भाई-बंधुओं और दोस्तों के साथ बैचलर पार्टी मनाने में इतना व्यस्त रहता है कि ठीक से सो नहीं पाता. एंजॉयमेंट के चक्कर में उसकी नींद पूरी नहीं होती, जिसके कारण शादी वाले दिन उसकी फोटोज़ उतनी अच्छी नहीं आती, जितनी फ्रेश फेस के साथ आ सकती थीं. इस बात का ख़ास ख़्याल रखें और अच्छी तरह नींद लें.

– एक्सेसरीज़ भूल जाना

शादी के लिए सब सूट या शेरवानी को ध्यान से ख़रीदते हैं, पर मोज़े, बेल्ट, कफलिंक्स, हैंकी आदि पर उतना ध्यान नहीं देते, जिससे बारात निकलने से पहले पता चलता है कि मोज़े नहीं हैं या फिर बेल्ट ख़रीदना भूल गए थे. आपके साथ ऐसा न हो, इसलिए इन बातों का ध्यान रखें.

– लास्ट मिनट की भाग-दौड़ ख़ुद करना

शादी के दिन सभी को समय से बुलाना, सभी वेंडर्स के साथ कोऑर्डिनेट करना, नाते-रिश्तेदारों को लाना-ले जाना, जैसे कई काम होते हैं, अगर आप ये सब काम ख़ुद करेंगे, तो थक जाएंगे. लास्ट मिनट की इस भाग-दौड़ की बजाय रिलैक्स करें, दूसरों में काम बांट दें.

– शादी की गाड़ी समय से न बुलाना

बारात निकलने के लिए सबसे ज़रूरी है, दूल्हे की गाड़ी. घर पर गाड़ी आने के बाद भी उसे सजाने में काफ़ी व़क्त लगता है, जिसके कारण ज़्यादातर बारातें लेट हो जाती हैं. अगर आप ऐसा नहीं चाहते, तो बारात निकलने के 2-3 घंटे पहले ही गाड़ी बुला लें.

– बिना बोले समझने की उम्मीद करना

आज आपकी शादी है, आप अपने लिए कुछ स्पेशल करवाना चाहते हैं या कुछ ख़ास करने की इच्छा है, तो आपको बोलना पड़ेगा. बिना बोले घरवालों से यह उम्मीद करना की वो अपने आप समझ जाएंगे, बेव़कूफ़ी है. अपने ख़ास दिन को और ख़ास बनाने के लिए जो चाहते हैं करें, घरवालों को भी अच्छा लगेगा.

– घरवालों की भावनाओं का ख़्याल न रखना

आज आपकी शादी है, इसका यह मतलब नहीं कि आप जो चाहें, बोलें, जो चाहें करें. सब आपको पैंपर करने के लिए वैसे ही कुछ न कुछ ख़ास करते रहते हैं. उनकी भावनाओं का ख़्याल रखें. मुझे यह पसंद नहीं या मुझे यह अच्छा नहीं लगता बोलकर उनका दिल न दुखाएं. माता-पिता के साथ-साथ बुआ, मौसी, चाची, दादी, नानी आदि की भी कई इच्छाएं होती हैं. इस दिन को अपने साथ-साथ उनके लिए भी ख़ास बनाएं और उन्हें हमेशा के लिए ढेरों ख़ुशियां दें.

– तैयारियों में कमी के लिए दुल्हन या घरवालों को सुनाना

कुछ दूल्हे ऐसे भी होते हैं, जो तैयारियों से नाख़ुश होने पर शादी के व़क्त ही नाराज़गी व्यक्त करने के लिए या तो मुंह फुला लेते हैं या फिर दुल्हन को सुनाते हैं. यह बहुत ही ग़लत है. ऐसा करके न स़िर्फ आप अपने ख़ास दिन को बर्बाद करते हैं, बल्कि दुल्हन व उसके घरवालों का भी मूड ख़राब कर देते हैं. इस बेकार-सी ग़लती से बचें.

घरवाले बचे इन ग़लतियों से

– लड़केवाले और लड़कीवाले दोनों के लिए सबसे ज़रूरी है कि वो शादी के हॉल में समय से पहुंचे, क्योंकि अगर वो लेट हो गए, तो सारे कार्यक्रम देरी से होंगे और रिश्तेदार देरी के कारण पूरी शादी एंजॉय नहीं कर पाएंगे.

– बारात पहुंचते ही पटाखों का शोर हर किसी को बता देता है कि बारात आ गई है, लेकिन कभी-कभार इससे हादसे भी हो जाते हैं. पटाखे जलाते समय इस बात का ध्यान रखें कि
नाचनेवालों के पास पटाखे उड़कर न जाएं, वरना किसी को चोट भी लग सकती है. दूल्हा-दुल्हन की गाड़ी में फर्स्ट एड बॉक्स ज़रूर रखें.

– रस्मों की चीज़ों के बैग संभालकर साथ रखें, वरना भीड़-भाड़ में बैग कहीं छूट सकते हैं.

– अरेंजमेंट का बैकअप ज़रूरी है. सभी वेंडर्स को पहले से इतल्ला कर दें कि किसी भी चीज़ की कमी के लिए शादी के व़क्त तैयार रहें.

– सबसे ज़रूरी बात इस गहमागहमी में यह न भूलें कि यह आपके बच्चे के लिए ख़ास दिन है, इसलिए किसी भी तरह की कमी के बावजूद ख़ुश रहें और माहौल को ख़ुशगवार बनाए रखें.

– अनीता सिंह

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नया बिज़नेस शुरू करते समय बचें इन ग़लतियों से (Avoid these mistakes when starting a new business)

बैकअप प्लान न रखना: बिज़नेस प्लान में बैकअप प्लान न रखने की ग़लती अक्सर लोग करते हैं, जिसके कारण बिज़नेस की एक कड़ी कमज़ोर पड़ने से पूरे बिज़नेस पर उसका बुरा प्रभाव पड़ता है. इसलिए आप यह ग़लती न दोहराएं और बैकअप प्लान ज़रूर बनाएं.

इमर्जेंसी फंड न बनाना

बिज़नेस के शुरुआत में ही इमर्जेंसी फंड न रखने की ग़लती भी अक्सर वही लोग दोहराते हैं, जो बैकअप प्लान नहीं रखते. पर कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो प्लान तो बनाते हैं, पर फंड नहीं रखते. अब आप ही सोचिए, बिना इमर्जेंसी फंड के आप अपने बैकअप प्लान को पूरा कैसे करेंगे? इसलिए इमर्जेंसी फंड बनाइए, क्योंकि मुसीबत के व़क्त यही आपको डूबने से बचाएगा.

स़िर्फ रिज़ल्ट्स पर फोकस करना

जिस तरह मज़बूत इमारत बनाने के लिए नींव को मज़बूत बनाना पड़ता है, ठीक उसी तरह बिज़नेस को सफल बनाने के लिए उसे सही और मज़बूत स्टार्ट अप देना होता है. बिज़नेस सभी पैसा कमाने के लिए ही करते हैं, पर शुरू-शुरू में उसमें आपको मेहनत करनी पड़ती है, बहुत से त्याग करने पड़ते हैं, तब कहीं जाकर बिज़नेस मज़बूत होता है. इसलिए स़िर्फ शाम तक क्या रिज़ल्ट आया, इस पर फोकस करने की बजाय, महीने के अंत तक आपका बिज़नेस कितना बढ़ा, कहां कमियां हैं और उन्हें कैसे सुधारा जा सकता है, इस पर फोकस करें.

बिज़नेस प्लान को फॉलो न करना

नए-नए बिज़नेस के उत्साह में कुछ लोग बिज़नेस प्लान तो बना लेते हैं, पर बाद में उसे फॉलो नहीं करते और बार-बार प्लान बदलते रहते हैं, जिससे बेवजह की उलझनें पैदा होती हैं और काम भी ठीक तरह से नहीं होता. इसलिए आपने जो बिज़नेस प्लान शुरू में बनाया था, उसी को फॉलो करें.

बहुत ज़्यादा लोेगों की राय में उलझना

जब हम कोई काम शुरू करते हैं, तो अपने अनुभवों के आधार पर सलाह देना हर कोई अपना अधिकार समझता है, पर एक सफल बिज़नेसमैन वही होता है, जो सुनता सबकी है, पर करता वही है, जो उसे अपने बिज़नेस के लिए सही लगता है. अगर आप भी बहुत ज़्यादा लोगों से प्रभावित होते हैं, तो ध्यान रखें, बिज़नेस में कुछ सावधानियां बरतनी पड़ती हैं.

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– सुनीता सिंह

सोशल मीडिया पर बचें इन 15 ग़लतियों से (Avoid These 15 Social Media Mistakes)

Social Media Mistakes

पल-पल की ख़बर देनेवाला सोशल मीडिया (Social Media) आज युवाओं के जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है. इसके प्रभाव से कोई भी अछूता नहीं है. सोशल मीडिया जहां एक ओर हमें जोड़ने का काम करता है, वहीं कुछ धोखेबाज़ व आपराधिक क़िस्म के लोग इसका दुरुपयोग अपने फ़ायदे के लिए भी करते हैं, इसलिए सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते समय ऐसी ग़लतियां न करें, जिनका ख़ामियाज़ा आपको भविष्य में भुगतना पड़े.

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  1. सोशल मीडिया पर एकसाथ ढेरों फोटोज़ शेयर न करें. अक्सर लोग इस तरह की ग़लतियां करते हैं. किसी के पास इतना समय नहीं होता है कि वह आपकी इतनी फोटोज़ के लिए ख़ास समय निकाले. आपके फ्रेंड्स व रिश्तेदार भी केवल चुनिंदा और अच्छी फोटोज़ देखना ही पसंद करते हैं.
  2. सोशल साइट पर अपने अंतरंग व भद्दे फोटोज़ शेयर न करें, जिससे आपके फ्रेंड्स व रिश्तेदार असहज महसूस करें.
  3. अक्सर लोग घूमने के लिए जाते समय सोशल मीडिया पर अपना स्टेटस डालते हैं, जो बहुत बड़ी ग़लती है. हो सकता है, कुछ आपराधिक क़िस्म के लोग आपके स्टेटस पर अपनी पैनी नज़र रखे हों. आपके स्टेटस को पढ़कर आपकी गैरहाज़री में वे आपके घर पर किसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं.
  4. अक्सर लोग सोशल मीडिया (फेसबुक आदि) पर धर्म व भगवान के नाम की पोस्ट शेयर करते हैं. इस तरह की पोस्ट को लाइक करने की ग़लती न करें. जैसे ही आप उस पोेस्ट को लाइक करेंगे, पोस्ट करनेवाले को नोटिफिकेशन मिलेगा और वह आपके नाम पर ‘क्लिक’ करके आपका प्रोफाइल देख सकता है. फोटो सेक्शन में जाकर आपकी अच्छी फोटोज़ को ‘सेव’ करके अश्‍लील वेबसाइट पर अपलोड करके उनका दुरुपयोग कर सकता है.
  5. इसके अलावा आपकी फोटो के साथ अश्‍लील व गंदे टाइटल लगाकर भी वह अश्‍लील वेबसाइट पर अपलोड कर सकता है.
  6. कुछ धोखेबाज़ व घटिया मानसिकतावाले लोग फोटोशॉप में जाकर आपकी फोटो को आपत्तिजनक स्थिति में लगाकर भी दूसरी साइट्स पर अपलोड कर सकते हैं.
  7. सोशल मीडिया पर धर्म से जुड़ी बातें/शहीद सैनिक/कोई प्यारा-सा बच्चा, जो किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बताया जाता है, इस तरह की पोस्ट को लाइक और शेयर करने की भूल न करें.
  8. इस तरह की पोस्ट आपकी भावनाओं का लाभ उठाने के लिए की जाती है. आप इमोशनल होकर या देशभक्ति की भावना दिखाने के उद्देश्य से इन पोस्ट को लाइक और शेयर करके भूल जाते हैं, लेकिन इस तरह की पोस्ट करनेवाले धोखेबाज़ लोगों व कंपनियों को आपका प्रोफाइल मिल जाता है और वे आपकी फोटोज़ को सेव करके उनका दुरुपयोग भी कर सकते हैं.
  9. कुछ फ़र्जी कंपनियां अपनी मार्केटिंग के लिए आपकी फोटोज़ का दुरुपयोग कर सकती हैं. इन कंपनियों का कंटेंट कुछ ख़ास नहीं होता, लेकिन विज्ञापन होने की वजह से ये कंपनियां भरपूर कमाई करती हैं. इसलिए अपनी सेटिंग में अपनी फोटोज़ को ‘पब्लिक’ करने की ग़लती न करें.
  10. इसी तरह से सोशल मीडिया पर सस्ते दर पर लोन लेने और घर ख़रीदनेवाली पोस्ट्स आती रहती हैं. इन पोस्ट्स को लाइक और शेयर करने से बचें.
  11. न ही अपने जानकारों व रिश्तेदारों के साथ इन पोस्ट्स को शेयर करें.
  12.  इस तरह की पोस्ट में आपकी पर्सनल डिटेल्स (नाम, पता, मोबाइल नंबर, बैंक
    अकाउंट नंबर, पिन नंबर आदि) मांगी जाती हैं और आपके द्वारा पर्सनल डिटेल्स शेयर करने पर सारी जानकारी उनके डाटा बेस में चली जाती है. फिर वे बार-बार एसएमएस भेजकर परेशान करते हैं.
  13. अकाउंट नंबर और पिन नंबर शेयर करने पर फ्रॉड लोग आपके अकांउट से रुपए भी निकाल सकते हैं.
  14. सोशल मीडिया पर अंजानी डेटिंग साइट्स की भरमार रहती है. इन साइट्स पर ग़लती से भी क्लिक न करें. ये फेक डेटिंग साइट्स लड़कियों व महिलाओं की फोटो को सेव करके उनका मिसयूज़ करती हैं.
  15. सोशल साइट्स पर कोई विवादास्पद फोटो शेयर न करें, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों.
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सोशल मीडिया अलर्ट
  • ध्यान रखें, अपनी फोटो को केवल अपने फैमिली व फ्रेंड्स के साथ ही शेयर करें.
  • इसी तरह से आपकी पुरानी फोटोज़ का दुरुपयोग न हो सके, उनकी शेयरिंग को भी ‘फ्रेंड्स’ कर दें.
  • फैमिली व पर्सनल फोटोज़ को स़िर्फ ‘कस्टमाइज़्ड’ ग्रुप में ही शेयर करें.
  • हमेशा अपनी फोटोज़ और जानकारियां पोस्ट करते समय ‘फ्रेंड्स’ सिलेक्ट करें ‘पब्लिक’ नहीं.
  • अनजान फोटोज़ या पोस्ट पर लाइक, शेयर या कमेंट न करें.
  • इस तरह की पोस्ट को नज़रअंदाज़ करें.
  • अपने दोस्तों व रिश्तेदारों को भी इस तरह की पोस्ट पर लाइक, शेयर या कमेंट करने के लिए मना करें.
  • उन्हें भी इस तरह की पोस्ट या मैसेज को आगे फॉरवर्ड करने से रोकें.
  • सोशल साइट्स पर अपनी पर्सनल डिटेल्स किसी के साथ शेयर न करें.
  • ऑनलाइन शॉपिंग करते समय पर्सनल डिटेल्स सोच-समझकर शेयर करें.
  • शेयर करने से पहले कंपनी की विश्‍वसनीयता ज़रूर जांच लें.
  • ऐसे पोस्ट व मैसेज आगे शेयर न करें, जिसमें ज़रूरत से ज़्यादा कम क़ीमत पर सामान बेचने का दावा किया जा रहा हो.
  • अगर किसी अंजान नंबर से कोई मैसेज आया हो, तो उसे तुरंत ब्लॉक कर दें.
– पूनम नागेंद्र शर्मा

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नौकरी छोड़ते समय भूलकर भी न करें ये 5 ग़लतियां (5 Mistakes never to do when you quit your job)

Resignation Tips

Resignation Tips

ऑफिस के माहौल से दिल और दिमाग़ खराब हो रहा है, चाहकर भी काम करना मुश्किल हो रहा है, मैनेजमेंट से ठीक तरह से कोऑपरेशन नहीं मिल पा रहा है, ये सारी बातें स़िर्फ और स़िर्फ एक ही ओर इशारा करती हैं कि नौकरी छोड़ दिया जाए. इस माहौल में काम कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है. ये बात हम सभी जानते हैं, लेकिन तैश में आकर नौकरी छोड़ते समय कुछ ऐसी ग़लतियां कर जाते हैं, जो उचित नहीं होतीं. आप भी अगर नौकरी छोड़ने की सोच रहे हैं, तो इन 5 ग़लतियों से बचें.

इंस्टेंट रेज़िग्नेशन
इंस्टेंट रेजिग्नेशन का मतलब है कि कई दिन से परेशान होकर आप एक दिन इतने ग़ुस्से में आए कि जॉब छोड़ने का मूड बना लिया और तुरंत ग़ुस्से में आकर रिज़ाइन लेटर टाइप न करें. दिमाग़ में जब भी रिज़ाइन करने की बात उठे, तो सबसे पहले अपने हेड ऑफ डिपार्टमेंट से बात करें. उससे अपनी सारी परेशानी शेयर करें और फिर उसे बताएं कि आप बहुत जल्द इस्तीफा देने वाले हैं. आप अपनी ओर से सारी फॉरमैलिटी पूरी करें. सही तरह से रिज़ाइन न करने पर कंपनी आपके साथ पंगा कर सकती है. हो सकता है कि वो आपको रीलिविंग लेटर देने में आनाकानी करे.

बुरी इमेज
नौकरीपेशा वालों के लिए इंप्रेसिव इमेज यानी अच्छी छवि बनाना बहुत ज़रूरी होता है. भले ही काम थोड़ा कम करें, लेकिन छवि अच्छी ज़रूर होनी चाहिए. नौकरी छोड़ने से पहले आप भी इस बात का ध्यान रखें. किसी से झगड़ा करने, ऑफिस में हंगामा करने की ग़लती न करें. रिज़ाइन करने के बाद नोटिस पीरियड में लोगों से अच्छी तरह से बात करें. इस बात का ध्यान रखिए कि किसी के लिए नहीं, लेकिन आपके लिए ये आगे बहुत काम देगा.

हैंडओवर न करना
अंग्रेज़ी का ये शब्द बहुत कुछ कहता है. जैसे आप किसी अपने कि शादी में जाते हैं, तो वो आपको अपना समझकर पैसे के लेन-देन का काम आपको सौंप देता है. आप पूरे फंक्शन के दौरान अच्छी तरह से उसे निभाते हैं और जब फंक्शन पूरा हो जाता है और वहां से चलने की बेला होती है, तो आप एक-एक हिसाब देते हैं. आपके पास जो पैसा बचा है, उसे आप उस व्यक्ति को हैंडओवर कर देते हैं. ठीक इसी तरह ऑफिस से जाने के पहले ऑफिस का जो भी काम, सामान आपके पास है, उसे हैंडओवर करें.

नो फ्यूचर प्लानिंग
नौकरी छोड़ने का कारण ही मायने नहीं रखता, बल्कि उसके आगे क्या है, वो भी मायने रखता है. इस नौकरी को छोड़ने के बाद आगे आप क्या करना चाहते हैं, किस फर्म में नौकरी करेंगे या नौकरी नहीं करेंगे जैसी बातें आपको पहले ही डिसाइड कर लेनी चाहिए. बिना फ्यूचर प्लानिंग के नौकरी छोड़ने का निर्णय आपके लिए उचित नहीं होगा. कभी भी ये क़दम न उठाएं. इससे आपको भविष्य. में परेशानी हो सकती है.

कंपनी के ख़िलाफ अफवाह
भले ही आप नौकरी छोड़ने की सोच रहे हैं, लोकिन इसका ये बिल्कुल मतलब नहीं कि आप कंपनी के ख़िलाफ़ बातें करें. भले ही कंपनी ने आपके लिए अच्छा न किया हो, लेकिन आप अपने अनुसार काम करें. चुपचाप रिज़ाइन करें. बाहर कंपनी की बुराई करने से कुछ होगा नहीं.

श्वेता सिंह

सीखें ग़लतियां स्वीकारना (Accept your mistakes)

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गलतियां हर किसी से होती हैं, मगर कोई अपनी ग़लती स्वीकार कर उससे सीख लेते हुए जीवन में आगे बढ़ जाता है, तो कोई इसका दोष दूसरों पर मढ़ कर अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है, मगर ऐसा करके वो नुक़सान अपना ही करता है. यदि आप जीवन में सही मायने में सफल होना चाहते हैं, तो अपनी ग़लतियों को स्वीकार करना सीखिए.

दिल से कहें सॉरी
छोटी हो या बड़ी ग़लती तो ग़लती होती है, इसलिए अपनी हर ग़लती को स्वीकार करना ज़रूरी है, मगर कम ही लोग ऐसा कर पाते हैं. अधिकांश तो ग़लती के लिए माफ़ी मांगने की बजाय उसका दोष दूसरों पर मढ़ने या उसे अस्वीकार करने के बहाने तलाशते रहते हैं. उनका दिल जानता है कि उन्होंने ग़लत किया है, मगर उनका अहंकार उन्हें अपनी ग़लती स्वीकारने से रोकता है. ज़िंदगी में ऐसे कई मौ़के आते हैं जब हमारी ग़लती की वजह से किसी के दिल को चोट पहुंचती है, कोई रिश्ता टूट जाता है या किसी का करियर दांव पर लग जाता है, फिर भी कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो हम में से शायद ही कोई अपनी ग़लती को सबके सामने स्वीकारने का साहस दिखा पाता है.

नहीं घटती इज़्ज़त
अपनी अकड़ और अहंकारवश लोग झुकने को तैयार नहीं होते. उन्हें लगता है कि दूसरों के सामने भूल स्वीकारने से उनकी इज़्ज़त घट जाएगी, लेकिन सच तो ये है कि ऐसा करके सामने वाले की नज़रों में उनके लिए इज़्ज़त और बढ़ जाती है. ज़रा अपने आसपास नज़र दौड़ाइए- घर, ऑफिस, पड़ोस… अब ज़रा याद करने की कोशिश कीजिए कि किस तरह के लोग ज़्यादा पसंद किए जाते हैं? वो, जो ग़लती करने के बाद भी अकड़कर खड़े रहते हैं, मानने को तैयार ही नहीं होते कि उन्होंने कुछ ग़लत किया है या वो, जो कोई भूल होने पर बिना किसी संकोच के सामने वाले से माफ़ी मांग लेते हैं और कहते हैं, मैं अपनी ग़लती के लिए शर्मिंदा हूं, कोशिश करूंगा आगे से ऐसा न हो. ज़ाहिर है, अपनी ग़लती मान लेने वाले लोगों की पूछ हर जगह ज़्यादा होगी. ऐसे व्यक्ति नेक दिल और अच्छे इंसान कहलाते हैं, लेकिन ग़लती स्वीकार न करने वाले लोगों पर कोई जल्दी यक़ीन नहीं करता, वो झूठे लोगों की कैटेगरी में आते हैं.

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ख़ुद को देते हैं धोखा
जानबूझकर अनजान बने रहकर यानी अपनी भूल को स्वीकार न कर हम किसी और को नहीं, बल्कि ख़ुद को धोखा देते हैं. हमारा ज़मीर कभी न कभी इस चीज़ के लिए हमें ज़रूर धिक्कारेगा. भले ही सबके सामने हम शेर बने फिरें, मगर अपराधबोध के कारण हमें मानसिक शांति नहीं मिलती. उदाहरण के लिए, आपकी किसी ग़लती के कारण परिवार में किसी रिश्ते में दरार आ गई, आप लोगों के सामने भले ही इसे स्वीकार न करें, मगर अकेले में आपको ज़रूर ये चीज़ चुभेगी कि रिश्ते में दरार का कारण आप हैं और ये चुभन आपको चैन से जीने नहीं देगी. जो इंसान अपनी ग़लतियां स्वीकार करके उससे सबक सीखते हुए भविष्य में इसे दोहराने से बचता है, सही मायने में वही ज़िंदगी में क़ामयाब हो सकता है. महात्मा गांधी ने भी कहा था- भले ही 100 ग़लतियां करो, मगर उन्हें दोहराओ मत, क्योंकि दोहराना मूर्खता है. जब तक हम अपनी भूल स्वीकारेंगे नहीं तब तक उसे दोहराने से कैसे बचेंगे?

 जब कभी आपको लगे कि आपने किसी का दिल दुखाया है या आपसे कोई भूल हो गई है, तो बिना किसी संकोच के सबसे पहले उसे स्वीकारें.

अकेले में ख़ुद से पूछें कि जो आपने किया क्या वो सही है? यदि नहीं, तो हिम्मत करके आगे आएं और अपनी भूल मानकर आगे से ऐसा न करने का प्रण लें.

ग़लती का एहसास होने पर माफ़ी मांगने से कतराएं नहीं. माफ़ी मांग लेने से मन का बोझ हल्का हो जाता है.

अपनी ग़लती के लिए दूसरों को दोषी न ठहराएं.

 

कंचन सिंह 

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40 होम डेकोर मिस्टेक्स (40 Home Decor Mistakes)

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ख़ूबसूरत और स्टाइलिश घर की चाह भला किसे नहीं होती. इसके लिए लोग तरह-तरह के चीज़ों से घर को सजाने लगते हैं, लेकिन कई बार होम डेकोर में वे कुछ ऐसी ग़लतियां भी कर देते हैं, जिनसे घर की ख़ूबसूरती प्रभावित होती है. इसी विषय पर हमें इंटीरियर डिज़ाइनर एकांश बंसल ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं.

* घर का डेकोर बदलने से पहले यह देख लें कि आप किस तरह ज़्यादा से ज़्यादा जगहों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

* घर की पेंटिंग और लाइटिंग अरेंजमेंट किस तरह की होनी चाहिए. कभी भी अपनी पसंद की सभी चीज़ों को एक ही कमरे में सजा देने की भूल न करें.

* दीवारों पर ब्राइट कलर्स न लगाएं. इसकी बजाय नेचुरल कलर्स का इस्तेमाल करें, जैसे- बेज या क्रीम.

* किसी भी तरह का मोज़ैक टाइल्स रूम के किसी भी दीवार पर न लगाएं.

* कई लोग मैग्ज़ीन में छपे इंटीरियर डेकोरेशन को देख उसी तरह की डेकोरेशन करने की सोचते हैं. ऐसा न करें. अपने घर के आकार और ज़रूरत को    ध्यान में रखते हुए होम डेकोर करें.

* सीलिंग के मामले में अक्सर लोग ग़लतियां करते हैं, जैसे- सीलिंग लो हो या बहुत ही हाई, दोनों ही स्थितियों में होम डेकोर के हिसाब से ख़राब लगता  है. ऐसे में यदि कमरे की छत नीची है, तो कमरे का आकार बड़ा दिखाने के लिए आप ग्लास के दरवाज़े लगा सकते हैं. इसी तरह यदि सीलिंग बहुत  ऊंची है, तो वह देखने में बहुत अजीब लगती है. इसके लिए कमरे में बड़ी-बड़ी लाइटें या झूमर लटका देते हैं, जिससे ऐसा लगता है कि हमारे सिर के  ऊपर कोई बोझ लटका हुआ है. इन सबसे बेहतर यही होगा कि फॉल्स सीलिंग बनाई जाए.

* पूरी दीवार को पेंटिंग्स या आर्ट वर्क न सजाएं. ब्राइट और लाइवली आर्ट वर्क दीवार के बीचोंबीच लगाएं यानी सेंटर प्लेस पर.

* फ्लोर छोटा है, तो दीवारों पर डार्क कलर करने की भूल न करें, इससे फ्लोर और छोटा नज़र आएगा.

* आपने बहुत स्टाइलिश फर्नीचर से घर को सजा तो दिया, लेकिन वे फर्नीचर्स कंफर्टेबल न हो, तो ऐसे फर्नीचर का कोई औचित्य नहीं है.

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* ड्रॉइंगरूम में शोपीस का ढेर न लगा दें. फर्नीचर के अलावा शोपीस कॉफी टेबल या फिर साइड टेबल पर लगाएं.

* घर की खिड़कियां बड़ी हैं, तो उन्हें लैमीनेटेड ग्लास पेन्ट से कवर करने की ग़लती न करें. इसकी बजाय ग्रिल्स का इस्तेमाल करें. इससे जहां कमरे    को एथनिक लुक मिलेगा, वहीं फ्रेश हवा भी कमरे में आएगी.

* कमरों को छोटे-छोटे चीज़ों से न भर दें. बहुत अधिक छोटे सामानों से रूम बहुत भरा-भरा लगता है.

* कभी भी दीवारों पर पेंटिंग बहुत ऊंचाई पर न लगाएं. इसे लगाने से पहले दीवार के सामने बैठकर देख लेें और एक निश्‍चित ऊंचाई पर इसे लगाएं.

* छोटे कमरे में रखा गया बड़ा सोफा इंटीरियर के अनुसार बहुत बड़ी ग़लती है. ग़लत तरी़के से रखा गया फर्नीचर घर के शो को बिगाड़ देता है. एक बड़े  सोफे के साथ छोटा-सा साइड टेबल भी अच्छा नहीं लगता.

* बड़े पैटर्नवाले कारपेट की बजाय कमरे में छोटे पैटर्नवाले कारपेट बिछाएं, इससे कमरा बड़ा दिखेगा. इसके अलावा छोटे कारपेट से भी कमरे बड़े  दिखते हैं.

* दीवारों पर एक ही कलर के अलग-अलग शेड्स का इस्तेमाल न करें, जैसे- सीलिंग पर अगर इंडिगो कलर लगा रहे हैं, तो एक तरफ़ की दीवार पर  हल्का नीला रंग करें.

* कमरे की हर चीज़ एक-दूसरे से अधिक मैच करने की ग़लती न करें, जैसे- सोफे, पर्दे, कारपेट, लैंपशेड आदि मैचिंग करने पर अधिक ज़ोर न दें. वरना  हर चीज़ एक ही शैली व रंगों में दिखाई देगी, जो होम डेकोर के हिसाब से ठीक नहीं होगा.

* यदि स्ट्रेटलाइन सोफा वेलवेट रेड कलर का है, तो उसके साथ कश्मीरी कारपेट नहीं जाएगा.

* कई लोग ड्रॉइंगरूम को ट्रेंडी और आकर्षक दिखाने के लिए डेकोरेटिव पीसेस, बड़े-बड़े शैंडेलेयसर्र्, पेंटिंग्स, प्लांट्स,  फोटोफ्रेम आदि से भर देते हैं. इससे कमरा ख़ूबसूरत दिखने की बजाय म्यूज़ियम लगने लगता है.

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* आप घर को कैसा लुक देना चाहते हैं, उसी के अनुसार ही होम डेकोर के सामान ख़रीदें, जैसे- एथनिक लुक, फ्यूज़न लुक देना चाह रहे हैं, तो उसी के  अनुसार सही कॉम्बीनेशन की चीज़ें इस्तेमाल करें.

* बच्चों के कमरों को बहुत अधिक खिलौनों से न भर दें. इससे जहां बच्चे का कमरा छोटा दिखाई देगा, वहीं इन्हें रखने-हटाने में भी मुश्किलें आएंगी.

* डायनिंग रूम में क्रॉकरी को सजाकर न रखें, वरना मेहमानों के आने पर क्रॉकरी को डायनिंग रूम से किचन में ले जाना पड़ता है, जो ठीक नहीं लगता.  वैसे भी क्रॉकरी कोई रूम को सजाने की वस्तु नहीं है, इसलिए इसे किचन में ही रखें, तो बेहतर है.

* यदि रूम की सीलिंग नीची है और उसे रूम की दीवारों के कलर से अधिक डार्क कलर से पेंट करा दिया है, तो वो और अधिक नीची लगेगी. सीलिंग को  ऊंचा दिखाने के लिए लाइट कलर का इस्तेमाल करें.

* इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, जैसे- एलसीडी टीवी, म्यूज़िक सिस्टम आदि के कई वायर्स होते हैं. इन वायरों को बाहर की तरफ़ बिखरा हुआ न रहने दें. इसके  लिए टीवी पैनल बनाए जाते हैं, उसमें इसे छिपाकर रखा जा सकता है.

* बाथरूम में फ्लैशी हाइलाइटर्स अवॉइड करना चाहिए. बेडरूम को स्टोर रूम बनाने की ग़लती न करें. बेड के क़रीब ग़ैरज़रूरी चीज़ें या बुक्स आदि का  ढेर न रखें.

* मिरर को बेड की ओर मुंह करके न रखें. फ्लोरिंग के लिए ज्योमैट्रिकल डिज़ाइन का इस्तेमाल करना ग़लत है. जहां इस तरह के डिज़ाइन्स आंखों में  चुभते हैं, वहीं रूम भी भरा-भरा लगता है.

* साथ ही इस तरह की फ्लोरिंग के साथ फर्नीचर मैच करना बहुत मुश्किल हो जाता है.

* फिर भी यदि आप फ्लोरिंग के लिए ज्योमैट्रिकल डिज़ाइन्स इस्तेमाल करना ही चाहते हैं, तो फर्नीचर बहुत ही लाइट व स्लीक वाले इस्तेमाल करें.

* बेडरूम में डल कलर से पेेंट न कराएं. स़फेद रंग या ऑफ व्हाइट जैसे लाइट कलर एंग्ज़ाइटी व डिप्रेशन पैदा कर  सकते हैं.

* साथ ही बेडरूम की दीवारों पर गहरे रंग भी न लगाएं. इसकी बजाय पिंक, पेस्टल या पेल शेड्स सिलेक्ट करें.

* डेकोरेशन में झालर व डोरियां लगाने से बचें, क्योंकि इनका अन्य डेकोरेशन के साथ तालमेल बैठाना मुश्किल होता है.

* ड्रेसिंग टेबल और स्टडी टेबल पर डिम लाइट न लगाएं. यहां हमेशा अच्छी रोशनी होनी चाहिए.

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* लाइटिंग अरेंजमेंट ऐसा हो, जो आंखों पर चुभे नहीं, बल्कि आराम पहुंचाए. अतः हर कमरे की ज़रूरत के अनुसार लाइटिंग
अरेंजमेंट करें.

* बच्चों के कमरे में बहुत ज़्यादा डेकोरेटिव लाइट का इस्तेमाल न करें. इससे पढ़ते व़क्त उनकी आंखों पर तनाव बढ़ता है और चिड़चिड़ापन भी आता है.

* कभी भी बासी फूलों को कमरे में न रखें. डेकोरेशन के लिए जब भी फूलों का इस्तेमाल करें, तो फ्रेश फ्लावर्स ही लें. फ्रेश फ्लावर्स जहां नकारात्मक  ऊर्जा को घर से बाहर निकालने में सहायक होते हैं, वहीं घर के सदस्यों के लिए एनर्जी बूस्टर का काम भी करते हैं.

* बाथरूम में मिरर टाइल्स न लगवाएं. बेडरूम में मेटल फ्रेम वाले बेड की बजाय वुडन बेड का इस्तेमाल करें.

* बेड के पिलो और मैट्रेस न ज़्यादा कड़े होने चाहिए और न ही ज़्यादा नरम. बेड पर बिछाने के लिए भी कॉटन फैब्रिकवाला बेडशीट चुनें. यह बेहद  आरामदायक होता है.

* अक्सर लोग बेडरूम या टॉयलेट्स जैसी ज़रूरी चीज़ों की तुलना में लॉबी यानी खाली स्पेस को ज़्यादा बड़ा रखते हैं. जबकि ऐसा करना जगह की  बर्बादी करना है.

* बेड बिना किसी सहारे के न रखें, बेड को दीवार से सटाकर रखें. यानी आपके बेड के पीछे दीवार होनी चाहिए. बेड कवर, बेडशीट और पिलो कवर्स के  लिए नेचुरल फैब्रिक्स का प्रयोग करें.

* ऐसे में खाली जगह होने पर कई बार वहां पर वॉशिंग मशीन, बच्चों के खिलौनों की टोकरी, साइकिल या फिर प्रेस के लिए जानेवाले कपड़ों की पोटली  आदि रख देते हैं. ऐसी ग़लती न करें. इस जगह को स्टोरेज बनाने की बजाय यहां क्लासिक डेकोरेटिव चीज़ें रखकर घर का ख़ास आकर्षण बना सकते हैं.

– रीटा गुप्ता

स्किन केयर मिस्टेक्स

हेल्दी और ग्लोइंग स्किन पाना चाहती हैं, तो अपने स्किन केयर रूटीन में हमेशा बचें इन ग़लतियों से.
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बार-बार चेहरा धोना या बिल्कुल नहीं धोना

चेहरे से धूल-मिट्टी साफ़ करने के लिए रोज़ाना दो बार चेहरा धोना ज़रूरी होता है, पर ज़्यादातर लड़कियां दिन में कई बार अपना चेहरा धोती हैं. इससे त्वचा का नेचुरल ऑयल निकल जाता है और त्वचा को एक्स्ट्रा ऑयल प्रोड्यूस करना पड़ता है, जिससे कील-मुंहासों की समस्या होने लगती है. साथ ही चेहरे पर अतिरिक्त ऑयल दिखाई देता है.

स्किन केयर टिप: रोज़ाना दो बार फेसवॉश से चेहरा धोएं.

अधिक गरम पानी से नहाना

शावर हमेशा ठंडे पानी से लेना चाहिए, पर अगर आपको ठंडे पानी की आदत नहीं, तो गुनगुना पानी इस्तेमाल करें, क्योंकि अधिक गरम पानी से स्किन ड्राय हो जाती है और रोमछिद्र भी खुल जाते हैं. इसका असर सीधे चेहरे पर दिखाई देता है.

स्किन केयर टिप: नहाने के लिए हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें.

कील-मुंहासों को फोड़ना-नोचना

कील-मुंहासे चेहरे की ख़ूबसूरती को बिगाड़ देते हैं, पर इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं कि आप उन्हें नोचें या फोड़ें. ऐसा करके आप अपने लिए ही मुश्किलें बढ़ाती हैं, क्योंकि मुंहासों को फोड़ने व नोचने से उनके दाग़-धब्बे चेहरे पर हमेशा के लिए बन जाते हैं. अपने चेहरे को हमेशा दाग़रहित बनाए रखना चाहती हैं, तो ऐसा बिल्कुल न करें.

स्किन केयर टिप: पिंपल्स होने पर रात को सोते समय टूथपेस्ट लगा लें.

सोने से पहले मेकअप रिमूव न करना

मेकअप ख़ूबसूरती में चार चांद लगाता है, पर अगर उसी मेकअप को रात को चेहरे से उतारा न गया, तो वह दाग़ भी दे सकता है. दरअसल, सोते व़क्त हमारी त्वचा ख़ुद को रिजुवनेट करती है और अगर त्वचा साफ़-सुथरी न हो, तोकील-मुंहासे, डल स्किन व प्री-मैच्योर एजिंग जैसी स्किन प्रॉब्लम्स होने लगती हैं. मेकअप चेहरे की त्वचा को सांस नहीं लेने देता, इसलिए रोज़ाना रात को सोने से पहले क्लींज़र से मेकअप रिमूव करें.

स्किन केयर टिप: बाहर से घर आने पर धूल-मिट्टी और मेकअप साफ़ करने के लिए आप कच्चे दूध में थोड़ा-सा नमक डालकर भी चेहरा साफ़ कर सकती हैं. क्लींज़र के साथ-साथ टोनर और मॉइश्‍चराइज़र का इस्तेमाल हेल्दी व ग्लोइंग स्किन के लिए ज़रूरी है.

ओवर या अंडर एक्सफोलिएशन

जब बात आती है एक्सफोलिएशन की, तो इसमें दो तरह के लोग हैं, एक वो जो शायद ही कभी एक्सफोलिएट करते हों और दूसरे वो जो अक्सर करते रहते हैं. स्क्रब से स्किन के डेड सेल्स के साथ-साथ बैक्टीरिया से भी छुटकारा मिलता है. इससे चेहरा क्लीन व हेल्दी दिखाई देता है. पर याद रहे, हफ़्ते में केवल दो बार ही स्क्रब करें.

स्किन केयर टिप: एक्सफोलिएशन या स्क्रबिंग के लिए माइल्ड स्क्रब यूज़ करें. चेहरे पर सर्कुलर मोशन में हल्के हाथों से मसाज करते हुए स्क्रब करें, न कि ज़ोर से रगड़ें.

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तकिए और बेडशीट्स को साफ़ न रखना

हमारे तकिए और बेडशीट कवर्स पर रोज़ाना धूल-मिट्टी, डस्ट माइट्स, जर्म्स आदि जमा होते रहते हैं. सोते व़क्त हमारी स्किन से डेड स्किन सेल्स निकलते हैं, जो डस्ट माइट्स और जर्म्स को अट्रैक्ट करते हैं और हमें पता भी नहीं चलता कि हमारे कील-मुंहासों का कारण तकिए और बेडशीट्स हैं. इसलिए हर हफ़्ते तकिए और बेडशीट्स के कवर्स साफ़ करें.

स्किन केयर टिप: अगर हर हफ़्ते सफ़ाई मुमकिन नहीं, तो 15 दिन में करें. बीच-बीच में तकिए, बेडशीट और गद्दे को धूप में सुखाएं, ताकि डस्ट माइट्स और जर्म्स मर जाएं.

सनस्क्रीन लोशन न लगाना

गर्मी के मौसम में सूरज की हानिकारक किरणों से बचने के लिए तो हर कोई सनस्क्रीन लोशन लगाता है, पर अन्य मौसम में इसे अनदेखा करते हैं. अगर आप भी सनटैन, स्किन एजिंग और स्किन कैंसर से बचना चाहती हैं, तो रोज़ाना घर से निकलते व़क्त सनस्क्रीन ज़रूर लगाएं.

स्किन केयर टिप: सनस्क्रीन लोशन लगाना जितना ज़रूरी है, उससे कहीं ज़्यादा ज़रूरी है सही सनस्क्रीन लगाना. अगर आप सही एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन लोशन नहीं लगा रही हैं, तो वह आपकी स्किन की सुरक्षा नहीं कर पाएगा.

गंदे मेकअप ब्रश इस्तेमाल करना

महिलाओं का ध्यान मेकअप पर तो होता है, पर मेकअप ब्रशेज़ पर उनका ध्यान बहुत ही कम जाता है. बहुत-सी महिलाओं को तो पता भी नहीं कि लगातार एक ही मेकअप ब्रश इस्तेमाल करने से उसमें मेकअप की एक परत जम जाती है, जो जर्म्स व बैक्टीरिया को अपनी ओर आसानी से अट्रैक्ट करते हैं. यानी मेकअप के साथ-साथ आप जर्म्स को भी अपने चेहरे तक पहुंचा देती हैं. हर एक-दो महीने में गर्म पानी में माइल्ड सोप डालकर ब्रशों को साफ़ करें.

स्किन केयर टिप: ब्रश के अलावा अपने कॉम्पैक्ट पाउडर के पफ को भी नियमित रूप से बदलती रहें.

अनहेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना

आजकल हमारी लाइफस्टाइल काफ़ी अनहेल्दी हो गई है, जिसका सीधा असर हमारी स्किन पर दिखाई देता है. हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए भरपूर नींद लें, हेल्दी खाएं, पर्याप्त पानी पीएं, स्ट्रेस न लें और धूम्रपान से दूर रहें.

स्किन केयर टिप: हेल्दी स्किन के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स बहुत ज़रूरी हैं. अपने खाने में मौसमी फल व हरी सब्ज़ियां शामिल करें. 6-8 घंटे की नींद न लेने से आपको अंडर आई सर्कल हो सकते हैं, इसलिए सुकूनभरी नींद लें.

स्किन टाइप के अनुसार प्रोडक्ट्स न लेना

बहुत-सी महिलाओं को पता ही नहीं होता कि उनकास्किन टाइप क्या है और वो कोई भी ब्यूटी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने लगती हैं. जबकि उन्हें पता भी नहीं होता कि उन्हें उसकी ज़रूरत है भी या नहीं. अपनी स्किन टाइप यानी ड्राय, ऑयली, नॉर्मल, सेंसिटिव के अनुसार प्रोडक्ट्स ख़रीदें.

स्किन केयर टिप: कोई भी स्किन केयर या ब्यूटी प्रोडक्ट ख़रीदते व़क्त उसका लेबल चेक करें कि वह किस तरह की त्वचा के लिए बना है. उसमें मौजूद तत्वों को भी देखें, बहुत ज़्यादा केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स अवॉइड करें.

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ब्यूटी प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट चेक न करना

जिस तरह हर चीज़ की एक्सपायरी डेट होती है, उसी तरह स्किन केयर और मेकअप प्रोडक्ट्स भी एक्सपायरी डेट के साथ आते हैं. कुछ महिलाएं ब्यूटी प्रोडक्ट्स सालों तक रखे रहती हैं और उसकी एक्सपायरी डेट की ओर ध्यान ही नहीं देतीं.

स्किन केयर टिप: समय-समय पर प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट चेक करती रहें और अपने ब्यूटी बॉक्स में नए प्रोडक्ट्स ऐड करती रहें.

डर्मेटोलॉजिस्ट से कंसल्ट न करना

किसी भी तरह की स्किन प्रॉब्लम का ख़ुद इलाज करने की बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाना ज़रूरी होता है. बहुत-सी महिलाएं यहां-वहां से टिप्स बटोरकर काम चलाने की कोशिश करती हैं, पर ज़रूरी नहीं कि वो हर बार सफल हों. अगर घरेलू इलाज से कोई समस्या हल नहीं हो रही है, तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलें.

स्किन केयर टिप: रिंकल्स, एजिंग या चेहरे पर मौजूद दाग़-धब्बे इनसे छुटकारा दिलाने में एक्सपर्ट ही आपकी मदद कर सकते हैं. ख़ुद इलाज करने की बजाय उनसे कंसल्ट करें.

– संतारा सिंह

पैरेंट्स की 5 ग़लतियां

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बदलती लाइफस्टाइल में बड़ों के साथ ही बच्चे भी तनावग्रस्त होते जा रहे हैं. पढ़ाई की टेंशन और पीयर प्रेशर के साथ ही बच्चों के तनाव का एक कारण पैरेंट्स का प्रेशर भी होता है. बच्चे को ख़ुश और स्ट्रेस फ्री रखने के लिए पैरेंट्स को किन ग़लतियों से बचना चाहिए? बता रही हैं कंचन सिंह.

जरा याद कीजिए अपना बचपन, 4-5 साल की उम्र में आप क्या करते थे? पड़ोस/गली के बच्चों के साथ धमा-चौकड़ी मचाते होंगे, शायद ही आपके माता-पिता छड़ी लेकर होमवर्क करवाने के लिए आपके सिर पर खड़े रहते होंगे… अल्फाबेट्स और पोएम के बारे में भी शायद ही आपको कुछ पता होगा… मगर आजकल के बच्चों को वो सुकून नसीब नहीं है. डेढ़-दो साल की उम्र से ही प्ले स्कूल, फिर नर्सरी, केजी यानी पढ़ाई का सिलसिला शुरू हो जाता है. इतना ही नहीं, इसी उम्र से बाकी बच्चों से बेहतर करने के लिए पैरेंट्स भी उन पर दबाव डालना शुरू कर देते हैं. यदि आप भी ऐसा करते हैं, तो अब ख़ुद को थोड़ा बदलिए और फ़र्क़ देखिए.

मिस्टेक 1- आजकल के पैरेंट्स की सबसे बड़ी ग़लती है बच्चे के साथ क्वालिटी टाइम न बिताना. कई घरों में तो डिनर टेबल पर भी बच्चे पैरेंट्स के साथ नहीं बैठते, क्योंकि उस व़क्त वो किसी और काम में बिज़ी रहते हैं. ऐसे में माता-पिता को पता ही नहीं चलता कि उनके बच्चे की ज़िंदगी में क्या चल रहा है.
क्या करें? बड़े शहरों व मेट्रो सिटीज़ में कामकाजी होने के चलते पैरेंट्स के पास बच्चों के लिए ज़्यादा व़क्त नहीं रहता. ऐसे में कम से कम डिनर साथ में करने की आदत डालें ताकि खाना खाते समय ही सही, पर आप बच्चे के साथ हों और उससे बातचीत कर सकें. आप बच्चे से जितना ज़्यादा बात करेंगे आपका रिश्ता उतना ही मज़बूत बनेगा और कोई समस्या होने पर बच्चा बेझिझक आपसे बोल सकेगा.

मिस्टेक 2- एग्ज़ाम में अच्छे मार्क्स लाने पर गिफ्ट के रूप में अधिकतर पैरेंट्स बच्चों को मोबाइल, आइपैड या उसकी कोई भी पसंदीदा चीज़ दे देते हैं. ये सुनने में भले ही अच्छा लगे, मगर पैरेंट्स का ये तरीक़ा सही नहीं है. ज़्यादातर पैरेंट्स स़िर्फ मार्क्स देखते हैं, कई बार ऐसा भी होता है कि बच्चे ने तो अपनी तरफ़ से पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई की, मगर अच्छे नंबर नहीं आए. ज़रा सोचिए, ऐेसे में आपके लाड़ले/लाड़ली के दिल पर क्या बीतेगी.
क्या करें? बच्चे ने जो हासिल किया उसके लिए उपहार देने की बजाय लक्ष्य को पाने के लिए उसके द्वारा की गई मेहनत की तारीफ़ करें और उसका हौसला बढ़ाएं. भले ही वो अपने लक्ष्य में सौ फीसदी सफल न रहा हो, मगर उसने अपनी तरफ़ से कोशिश तो की. अतः अगली बार उसे उसकी कोशिश के लिए इनाम दें, न कि रिज़ल्ट के लिए.

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मिस्टेक 3- अक्सर पैरेंट्स अपने बच्चे की तुलना उसके दोस्तों या भाई-बहन से करते हैं. उन्हें लगता है कि ऐसा करके वो बच्चे को बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, मगर इसका उल्टा असर होता है. बार-बार ऐसा करने पर बच्चे को लगता है कि उसकी कोई अहमियत नहीं है और वो ख़ुद को अयोग्य समझने लगता है.
क्या करें? हर बच्चा अलग होता है और हर किसी की अपनी क्षमता/योग्यता होती है. पैरेंट्स होने के नाते आपको उसकी क्षमताओं का ध्यान रखते हुए उसे प्रोत्साहित करना चाहिए. साथ ही उसे इस बात का भी एहसास कराएं कि वो जैसा भी है. आपके लिए सबसे ख़ास है. दूसरों से उसकी तुलना करने की आदत छोड़ दीजिए.

मिस्टेक 4- घर और ऑफिस के काम के बाद आप भी थोड़ा रिलैक्स होकर ख़ुद को रिचार्ज करते होंगे यानी अपना कोई पसंदीदा काम, जैसे- म्यूज़िक सुनना, गेम खेलना, बुक पढ़ना आदि. इससे आप फ्रेश महसूस करते हैं और दोबारा नई ऊर्जा के साथ काम कर पाते हैं. इसी तरह बच्चों को भी ख़ुद को रिचार्ज करने के लिए थोड़ा खाली समय चाहिए, जिसमें स्कूल/ट्यूशन के होमवर्क से अलग वो अपना मनपसंद काम कर सकें. वैसे आजकल के बच्चों के पास समय की बहुत कमी है, क्योंकि स्कूल/ट्यूशन से आने के बाद वो अपने गैजेट्स में बिज़ी हो जाते हैं. अतः पैरेंट्स को हमेशा बच्चे के पीछे नहीं पड़ना चाहिए.
क्या करें? हर पैरेंट्स की ये ज़िम्मेदारी है कि बच्चे की बाकी ज़रूरतों का ध्यान रखने के साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि उनके लाड़ले/लाड़ली को हर रोज़ थोड़ा समय उनके मनमुताबिक काम के लिए भी मिलना चाहिए. इस खाली समय में वो चाहें तो बाहर खेलने जाएं, म्यूज़िक सुनें या फिर दोस्तों के साथ टाइम पास करें. यदि आपको लगे कि बच्चा तनाव की वजह से ठीक से सो नहीं पा रहा है, तो सोने के क़रीब एक घंटे पहले से ही उसे मोबाइल, लैपटॉप, आइपैड आदि से दूर रहने को कहें. गैजेट्स के ज़्यादा इस्तेमाल से बच्चों की नींद और सेहत प्रभावित होती है, ये बात कई रिसर्च से भी साबित हो चुकी है.

मिस्टेक 5- एग्ज़ाम पीरियड में बच्चों का तनावग्रस्त होना आम बात है, मगर तनाव का असर यदि उनके व्यवहार पर बहुत ज़्यादा और लंबे समय तक दिखने लगे, तो इसका मतलब है कि आपका बच्चा उस सिच्युएशन से अच्छी तरह डील नहीं कर पा रहा है. स्ट्रेस के कारण बच्चे बहुत थके हुए दिखते हैं, खाना नहीं खाते, उदास और रोने जैसी शक्ल बनाए रहते हैं. साथ ही उन्हें सिरदर्द की भी शिकायत हो सकती है. अतः पैरेंट्स को इन संकेतों को नज़रअंदाज़ करने की ग़लती नहीं करनी चाहिए.
क्या करें? बच्चे को समझाएं कि एग्ज़ाम उनकी ज़िंदगी का एक हिस्सा है, पूरी ज़िंदगी नहीं. यदि वो अच्छे ग्रेड नहीं ला पाते, तो इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. अगली बार वो फिर कोशिश कर सकते हैं या उनके पास और भी विकल्प रहेंगे. अतः एग्ज़ाम की तैयारी रिलैक्स होकर करें, तनाव लेकर नहीं. यदि समस्या ज़्यादा गंभीर लगे तो काउंसलर की मदद लें.

 

मेकअप मिस्टेक्स जो दे सकती हैं ओल्ड लुक

आप भी हमेशा गुलाबों की तरह खिली रहें… आपका हुस्न भी महकते कंवल-सा बना रहे… आपके शबाब के भी चर्चे हों महफ़िलों में, आपके नूर का भी ज़िक्र हो हर दिल में… यही चाहती हैं न आप, तो फिर क्यों अपने साथ ज़्यादती करती हैं ग़लत मेकअप करके, जो आपको यंग लुक देने की बजाय ओल्ड और डल दिखाता है. शायद आपको भी नहीं पता होगा अपनी उन मेकअप मिस्टेक्स के बारे में, जो आपको अपनी उम्र से अधिक दिखाती हैं. तो आज ही जानें और अपनी ग़लती को करेक्ट करके अपने यंग, ब्यूटीफुल, परफेक्ट लुक को पहचानें.

1. अपनी स्किन से मैच न करता हुआ फाउंडेशन यूज़ करना: यह ग़लती अधिकतर महिलाएं करती हैं. ज़्यादा ब्राइट लुक या गोरा दिखने की चाह में वो ग़लत शेड के फाउंडेशन का चुनाव करती हैं, जिससे ऐसा लगता है कि उन्होंने कोई मास्क पहना है या परत लगाई है. इसी तरह से यदि आप बहुत अधिक डार्क शेड का सिलेक्शन करती हैं, तो वो भी स्किन को डल दिखाएगा और आपको ओल्ड लुक देगा.
टिप: बेहतर होगा अपने राइट शेड को पहचानें. इसके लिए आप टेस्ट करके ही फाउंडेशन सिलेक्ट करें. चीकबोन से लेकर जॉ लाइन तक फाउंडेशन टैप करें और सही शेड का चुनाव करें. साथ ही नेक को भी इग्नोर न करें. नेक और फेस की स्किन एक जैसी ही लगनी चाहिए.

2. बहुत डार्क लिपस्टिक लगाना: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, तो लिप्स के शेप में बदलाव आता है. ऐसे में डार्क शेड उन्हें और भी डल व छोटा दिखाता है. लिप्स को फुल और शेप में दिखाने के लिए मोव या पिंक के शेड्स ट्राई करें, साथ ही ग्लॉस भी लगा सकती हैं. बहुत-सी महिलाएं सोचती हैं कि ग्लॉस लगाने की उनकी उम्र नहीं रही, जबकि हल्का-सा शाइन आपको युथफुल प्लम्पनेस दे सकता है.
टिप: इसका यह मतलब नहीं कि आपको अपने फेवरेट बेरी या दूसरे डार्क शेड्स से हमेशा दूर रहना होगा. बेहतर होगा कि यदि डार्क शेड लगा रही हैं, तो हैवी टेक्सचर और मैट फिनिश अवॉइड करें. शियर व हाइड्रेटिंग फॉर्मूलावाली लिपस्टिक या लिप स्टेन
ट्राई करें.

3. स़िर्फ लोअर आईलिड पर ही आईलाइनर लगाना: अधिकतर महिलाओं का कहना है कि यह आसान है और सिंपल भी. वैसे भी अपर आईलिड पर लाइनर लगाना पर्सनल चॉइस है. लेकिन शायद वे यह नहीं जानतीं कि ऐसा करने से फेशियल फीचर्स डल नज़र आते हैं और आंखें भी छोटी लगती हैं, जो आपको और भी उम्रदराज़ दिखाती हैं. अपर आईलिड पर आईलाइनर अप्लाई करने से आपकी आंखें बड़ी व चेहरा ब्राइट लगेगा. लेकिन इसमें भी यह ध्यान रखें कि लाइनर बहुत अधिक थिक यानी मोटा न लगाएं, क्योंकि इससे भी उम्र अधिक नज़र आती है.
टिप: आईलाइनर लगाते व़क्त कोशिश करें कि आईलैशेज़ के जितना क़रीब ड्रॉ कर सकें, उतना करें. साथ ही लोअर आईलिड पर अपर आईलिड के मुक़ाबले लाइन पतली रखें. यह भी ध्यान रखें कि अपर और लोअर लिड के लाइनर्स आंखों के कॉर्नर पर कनेक्ट हों. लोअर लिड पर डार्क शेड के आईशैडो का हल्का-सा टच आंखों को सॉफ्ट लुक देगा.

4. ग़लत शेड का ब्लश फेस पर बहुत नीचे की तरफ़ लगाना: ज़्यादातर महिलाएं यह ग़लती करती हैं. वो या तो ब्राउन कलर का शेड सिलेक्ट करती हैं, जो मटमैला और डल लगता है या फिर बहुत ही सॉफ्ट कलर चुनती हैं, जो चेहरे को उम्रदराज़ दिखाता है.
टिप: अपना राइट शेड जानने के लिए गालों को हल्का-सा पिंच करें और जो नेचुरल कलर ब्लश करने पर आता है, वही आपका शेड है. ब्लश अप्लाई करते समय चीक्स के एप्पल के सबसे अपर पार्ट से शुरू करें और उसे पीछे व ऊपर की तरफ़ ही ब्लेंड करें. कुछ महिलाएं चीक्स पर बहुत ही नीचे ब्लश अप्लाई करती हैं, लेकिन अपने फीचर्स को लिफ्ट व हाइलाइट करने के लिए आपको हमेशा इसे ऊपर ही अप्लाई करना चाहिए.

5. आईब्रोज़ को ओवर प्लकिंग करना व उनको डिफाइन न करना: बहुत पतले आईब्रोज़ ओल्ड लुक देते हैं. उनको थिक दिखाने के लिए आपको उन्हें डिफाइन
करना चाहिए.
टिप: आईब्रो पेंसिल लेते व़क्त बालों के कलर से मैच करता हुआ ही लें. अगर आईब्रोज़ पतले हैं, तो उन्हें ब्रो पेंसिल से डिफाइन और फिल करें.

6. अंडर आई सर्कल्स पर बहुत अधिक कंसीलर का प्रयोग: डार्क सर्कल्स को छिपाने के लिए बहुत अधिक कंसीलर का प्रयोग करने से आंखों के आसपास की फाइन लाइन्स अधिक नज़र आती हैं, क्योंकि यहां की स्किन पतली होती है.
टिप: ब्रश-ऑन हाइलाइटर पेन का इस्तेमाल करें, क्योंकि इनमें थिक केक की जगह इल्यूमिनेटिंग पार्टिकल्स होते हैं, जो डार्क सर्कल्स को बिना फाइन लाइन्स उभारे बेहतर तरी़के से छिपाते हैं. इसे आंखों के इनर कॉर्नर पर अप्लाई करें, क्योंकि उस हिस्से पर अधिक प्रभाव नज़र आता है डार्क सर्कल्स का.

7. मेकअप की फिनिशिंग पाउडर से करना: लूज़ पाउडर अप्लाई करने से फाइन लाइन्स अधिक नज़र आती हैं, जिससे स्किन मैच्योर लगती है.
टिप: अगर फेस पाउडर लगाने की आदत आपको सालों से है, तो उसे एकदम से बदलना आसान नहीं होगा. ऐसे में आप सबसे पहले शीयर ट्रान्सल्युसेंट पाउडर यूज़ करना शुरू करें. उसके बाद उसे स़िर्फ नाक और चिन पर ही लगाने की आदत डालें. उसके बाद पाउडर की जगह ब्लॉटिंग टिश्यूज़ यूज़ करें, अपने ऑयली टी ज़ोन के लिए.

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8. ब्लैक आईलाइनर लगाना: आईलाइनर लगाएं, क्योंकि यह आपकी आंखों को ब्राइट लुक देता है, लेकिन बेहतर होगा कि ब्लैक की बजाय ब्राउन आईलाइनर लगाएं, क्योंकि ब्लैक आपको हार्श और ओल्ड लुक देगा.
टिप: आंखों को स्ट्रिक्ट लाइन्स से डिफाइन करने की बजाय सॉफ्टनेस के साथ ब्राउन लाइनर से ब्लेंड करें. थिक आईलाइनर लैशेज़ को हैवी दिखाएगा. ब्राउन पेंसिल से अपर आईलिड पर पतली लाइन ड्रॉ करें. आउटर कॉर्नर पर फोकस करें और स्मज करें.

9. लोअर आईलैशेज़ पर मस्कारा लगाना: लोअर लिड पर मस्कारा लगाने से आपकी आंखों को ड्रॉपी लुक मिलेगा. बेहतर होगा इसे अवॉइड करें.
टिप: अपलिफ्ट इफेक्ट के लिए अपर आईलिड पर वॉल्यूमाइज़िंग मस्कारा रूट से टिप तक लगाएं.

10. हैवी डार्क लिपलाइनर का प्रयोग: लिप कलर से बहुत डार्क और बहुत ही थिक लाइनर यूज़ करना आपको मैच्योर लुक देगा. अगर आपके लिप्स बहुत ड्राई हैं, तो ड्राई पेंसिल उसे और भी पैची दिखाएगी.
टिप: सॉफ्ट लुक के लिए लिप कलर से मैच करता हुआ ही लिप लाइनर लगाएं. बेहतर होगा कि क्रीमी पेंसिल यूज़ करें, ताकि लिप्स ड्राई न लगें और उनकी लाइन्स अधिक नज़र न आएं.

11. लिप लाइनर को लिपस्टिक की तरह यूज़ करना: एक समय था, जब महिलाएं ऐसा किया करती थीं, लेकिन यह ध्यान में रखें कि लिप लाइनर होंठों को डिफाइन करने के लिए है, न कि लिप कलर की तरह यूज़ करने के लिए.
टिप: लिप लाइनर लगाने के बाद पेंसिल से होंठों को फिल करें और उस पर लिपस्टिक अप्लाई करें, ताकि लिपस्टिक फैले नहीं.

12. एक ही शेड का हेयर कलर लगाना: अगर बढ़ती उम्र में आप पूरे बालों को एक ही शेड से कलर करेंगी, तो वो आपको अपनी स्वाभाविक उम्र से बहुत ज़्यादा मैच्योर दिखाएगा.
टिप: आप मल्टी टोनल हेयर डाई यूज़ करें. यह डायमेंशन्स ऐड करेगा, जिससे बालों को लेयरिंग इफेक्ट मिलेगा और आपको
यंग लुक भी.

13. ग्लिटरी आईशैडो यूज़ करना: बहुत कलरफुल और ग्लिटरी आईशैडो आपकी आंखों को ड्रॉपी इफेक्ट देकर पफी आईज़ और डार्क सर्कल्स को भी हाइलाइट कर सकता है. बेहतर होगा बढ़ती उम्र में इस तरह के एक्सपेरिमेंट न करें, जिससे आपकी उम्र काफ़ी अधिक दिखे.
टिप: आप मैट कलर्स ट्राई करें, जो सटल हों और आपकी आंखों को डिफाइन करने के साथ-साथ उन्हें ओवरपावर न करें.

14. ग़लत पाउडर यूज़ करना: यह सच है कि पाउडर आपके फेस के एक्स्ट्रा शाइन को कंट्रोल करता है, लेकिन यह भी सच है कि वो फाइन लाइन्स में सेट होकर उन्हें उभारता भी है.
टिप: बेहतर होगा आप एचडी प्रेस्ड पाउडर यूज़ करें. इसका ट्रांसल्युसेंट और शीयर इफेक्ट आपको स्वीट यंग लुक देगा.

15. प्राइमर यूज़ न करना: अच्छा प्राइमर आपकी स्किन को फ्लॉलेस इफेक्ट देता है, इसलिए फाउंडेशन से पहले प्राइमर ज़रूर यूज़ करें.
टिप: सबसे अच्छा होगा कि आप सिलिकॉन बेस्ड प्राइमर यूज़ करें. यह बड़े रोमछिद्रों और फाइन लाइन्स को भी स्मूदिंग इफेक्ट देता है और फाउंडेशन को अच्छी तरह से सेट होने में भी मदद करता है.

 

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यंगर लुक के लिए एक्सपर्ट टिप्स

– शिमर आईशैडो अवॉइड करें, क्योंकि यह रिंकल्स और लाइन्स को और भी उभारता है. इसकी जगह आई प्राइमर यूज़ करें, जो फाइन लाइन्स को स्मूद करता है. इसके बाद आप आईशैडो लगाएं. इसके अलावा पिंक अंडरटोन्स के मैट शेड्स भी ट्राई करें. यह आपको यंग लुक देगा.

– नेचुरल लुकिंग फाउंडेशन ट्राई करें, क्योंकि बहुत अधिक कवरेज देनेवाला फाउंडेशन कहीं न कहीं आपको ओल्ड लुक देगा.

– जहां हैवी कवरेज की ज़रूरत महसूस हो, वहां के लिए कंसीलर यूज़ करें.

– यंग लुक के लिए शिमर्स अवॉइड करें, क्योंकि ये फाइन लाइन्स को और उभारते हैं. आप इल्युमिनेटिंगं पाउडर यूज़ करें. पिंक अंडर टोन्स का इल्युमिनेटिंग पाउडर आप चीक बोन्स और आंखों के इनर कॉर्नर पर यूज़ करें, इससे फेस ब्राइट और यंग लगेगा.

– लिप प्राइमर ज़रूर यूज़ करें. इससे आपकी लिपस्टिक फैलेगी नहीं, यह लिप की फाइन लाइन्स को कम करेगा और आपकी लिपस्टिक अधिक देर तक टिकी भी रहेगी.

– समय-समय पर अपने लिप कलर्स और शेड्स बदलती रहें. हमेशा एक ही शेड आपको ओल्ड लुक देगा.

– विजयलक्ष्मी

इन्वेस्टमेंट से जुड़ी 10 ग़लतियां

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घर चलाने के साथ ही परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए महिलाएं हर तरह की फायनांशियल प्लानिंग कर रही हैं. कौन-सा इन्वेस्टमेंट सही और कितना फ़ायदेमंद है? इस बात की पूरी जानकारी भी रखती हैं, लेकिन कई बार पैसे इन्वेस्ट करते समय वो कुछ ग़लतियां कर जाती हैं.

प्लानिंग की कमी:

बिना प्लानिंग के कहीं भी इन्वेस्ट करना भविष्य में आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. उदाहरण के लिए, हर महीने घर में आने वाली इनकम और ख़र्च का सही तालमेल न करने पर आपका बजट बिगड़ सकता है, जिसका असर वर्तमान के साथ ही आपके भविष्य पर भी पड़ सकता है. बच्चे की आगे की पढ़ाई के लिए अभी से आपको इन्वेस्ट करना होगा, वरना सही समय आने पर निराशा हाथ लग सकती है.

रिसर्च की कमी:

भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कई बार दूसरों की बातों पर विश्‍वास करके निवेश करना भी बड़ी ग़लती है. प्रोफेशनल से सलाह लेना सही है, लेकिन ख़ुद भी थोड़ी जांच-पड़ताल ज़रूर करें. आपके घर के ख़र्च और इनकम को आपसे बेहतर कोई और नहीं जानता. इंटरनेट के माध्यम से भी आप कई तरह की वेबसाइट के ज़रिए बेहतर इन्वेस्टमेंट के बारे में जानकारी इकट्ठा कर सकती हैं.

ट्रेंड के पीछे भागना:

जो ट्रेंड चल रहा है, ज़रूरी नहीं कि आपके लिए वो सही हो. बच्चे की पढ़ाई के लिए लिया गया लोन, हाउस लोन, घर के दूसरे ख़र्च आदि पर ही आपका इन्वेस्टमेंट निर्भर करता है. ट्रेंड के पीछे भागने की बजाय अपनी सही फायनांशियल पोजीशन जानने के बाद ही इन्वेस्ट करें.

सही समय से अनजान:

कई बार ऐसा होता है जब बिना सोचे-समझे महिलाएं इन्वेस्ट तो कर देती हैं, लेकिन जब समय पर रिटर्न नहीं मिलता, तो परेशान हो जाती हैं. आपको कितने समय के लिए इन्वेस्ट करना है और पैसे की ज़रूरत कब है? ये जानने के बाद ही पैसे इन्वेस्ट करें. उदाहरण के लिए, अगर आपको लंबे समय के लिए इन्वेस्टमेंट करना है, तो इंश्योरेंस, फिक्स डिपॉज़िट, पीपीएफ आदि में इन्वेस्ट कर सकती हैं. इन्वेस्टमेंट करते समय टाइम फ्रेम का विशेष ध्यान दें और उसी के अनुसार इन्वेस्ट करें.

विविधता की कमी:

कई बार ऐसा देखा गया है कि महिलाएं बिना मार्केट की जांच-पड़ताल किए हर बार किसी एक ही चीज़ में इन्वेस्ट करती रहती हैं. आप भी अगर इसी प्रक्रिया को अपनाती हैं, तो ये आपके लिए नुक़सानदायक हो सकता है. उदाहरण के लिए, हर बार स़िर्फ म्युचुअल फंड या इस तरह के किसी और प्लान में इन्वेस्ट करना सही नहीं. अलग-अलग तरह के इन्वेस्टमेंट करें. पीपीएफ, इंश्योरेंस, एफडी आदि भी इन्वेस्टमेंट के अच्छे विकल्प हैं.

पेपर वर्क की कमी:

घर के कामों की लिस्ट और खाने में किसको क्या पसंद है, इसके साथ ही इन्वेस्टमेंट की सारी जानकारी और उससे जुड़े काग़ज़ात आपको पता होने चाहिए. स़िर्फ इन्वेस्ट करने भर से आपका काम पूरा नहीं हो जाता, कौन-सा इन्वेस्टमेंट कब पूरा हो रहा है और किस तारीख़ को आपको उसका फ़ायदा मिलेगा? आदि बातें भी आपको पता होनी चाहिए.

बुरे व़क्त से अनजान:

जीवन में कभी भी कुछ भी हो सकता है. किस मोड़ पर आपके साथ कोई दुर्घटना हो जाए और घर में आने वाली मंथली इनकम बंद हो जाए, कहा नहीं जा सकता. अतः निवेश करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें. सारे इन्वेस्टमेंट लॉन्ग टर्म के लिए न करें. कुछ ऐसे भी होने चाहिए जो कुछ समय के बाद हर महीने आपको थोड़ा फ़ायदा पहुंचाते रहें.

फॉलोअप न करना:

इन्वेस्टमेंट करके भूल जाना भी एक बड़ी ग़लती है. उदाहरण के लिए, अगर आपने किसी ब्रोकर के ज़रिए पैसे इन्वेस्ट किए हैं, तो ये मत सोचिए कि जब समय पूरा होगा तो वो ख़ुद आपको बता देगा और आपको इसका फ़ायदा भी मिलेगा. इन्वेस्टमेंट के बाद इससे जुड़ी हर जानकारी व सवाल अपने ब्रोकर से करती रहें. साथ ही मार्केट में आपके इन्वेस्टमेंट से जुड़ी कोई ख़बर आती है, तो भी बेझिझक पूछती रहें. आपका प्लान कब मेच्यौर हो रहा है और मेच्यौरिटी के कितने दिन बाद और कितने टुकड़ों में आपको पैसे मिलेंगे आदि की जानकारी ज़रूर रखें.

ग़लत समय पर प्लान तोड़ना:

इन्वेस्टमेंट की तय समय सीमा से पहले ही प्लान तोड़कर बीच में पैसे निकालने की बुरी आदत बहुत से लोगों को होती है. ऐसा करने से इन्वेस्टमेंट का पूरा फ़ायदा नहीं मिल पाता. इसी तरह मार्केट ख़राब होने पर अपने शेयर बेचने की ग़लती भी नुक़सानदायक होती है. थोड़े से पैसों की ख़ातिर कई लोग ऐसी ग़लतियां करते हैं.

देर से शुरुआत:

अक्सर देखा गया है कि इन्वेस्टमेंट को लेकर महिलाएं हमेशा से बैकफुट पर रही हैं. वो घर में पैसा रखना तो पसंद करती हैं, लेकिन जैसे ही इन्वेस्टमेंट की बात आती है, तो अभी नहीं, अभी तो बहुत समय है, मार्केट ठीक नहीं है, पैसा नहीं है या अगले साल-अगले साल कहकर टालती रहती हैं. इस तरह की ग़लती आप न करें. जितनी जल्दी इन्वेस्ट करना शुरू करेंगी उसका फ़ायदा भी आपको ज़्यादा मिलेगा. देर से शुरुआत करने की आदत छोड़ दें.

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जब पहनें साड़ी न करें ये ग़लतियां (Do Not Make These 7 Mistakes When Wearing Saree)

Wear Sarees

Saree

साड़ी को सबसे सेक्सी आउटफिट कहना ग़लत नहीं होगा, लेकिन ख़ूबसूरती निखारने वाले इस इंडियन आउटफिट को यदि सही तरी़के से न पहना जाए तो ख़ूबसूरत दिखने की बजाय आप हंसी की पात्र भी बन सकती हैं. सेक्सी और गॉर्जियस नज़र आने के लिए साड़ी पहनते समय किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है? आइए, हम बताते हैं.

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1 ग़लत फुटवेयर

साड़ी के साथ ग़लती से भी कैज़ुअल प्लैटफॉर्म हील या वेजेस पहने की ग़लती न करें. फ्लैट और स्लिपर्स से भी परहेज़ करें. गॉर्जियस लुक के लिए हाई हील सैंडल और स्टिलेटोज़ (पतली हील वाली सैंडल) पहनें. इससे आप पतली और लंबी नज़र आएंगी.

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2. हैवी ज्वेलरी

शादी-ब्याह को छोड़कर बाकी मौक़ों पर साड़ी के साथ हैवी ज्वेलरी पहनने की भूल न करें. ज़रा सोचिए, अपनी फेवरेट शिफॉन साड़ी के साथ भारी भरकम सोने का हार पहनकर आप कैसी दिखेंगी? स्मार्ट लुक के लिए बड़े झुमके और बाली की बजाय छोटी इयररिंग, दर्जन भर चूड़ियों की जगह पतला ब्रेसलेट और हैवी नेकलेस की जगह छोटे पेंडेंट वाली पतली चेन पहनें. इससे आप न स़िर्फ अट्रैक्टिव, बल्कि यंग भी दिखेंगी.

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3. स्टाइल के साथ एक्सपेरिमेंट

साड़ी ड्रैपिंग कई तरह से होती है. यदि आप कोई नया स्टाइल ट्राई करना चाहती हैं, तो ड्रैपिंग की वही स्टाइल ट्राई करें जो आपको अच्छी तरह आती हो और जिसमें आप साड़ी को आसानी से कैरी कर सकें. यदि आपको डिफरेंट स्टाइल में ड्रैपिंग नहीं आती तो बेहतर है कि आप एक्सपेरिमेंट न करें या किसी और की मदद से साड़ी पहनें.

Saree Tips

4. ओकेज़न के अनुसार

हर मौ़के पर एक ही तरह की साड़ी नहीं पहनी जा सकती, जैसे- आप ऑफिस में हैवी वर्क वाली साड़ी नहीं पहन सकतीं. ऑफिस में फॉर्मल लुक के लिए कॉटन या लाइट कलर की हल्के फैब्रिक वाली साड़ी बेस्ट ऑप्शन है. इसी तरह घर के किसी ख़ास फंक्शन या शादी में हल्की साड़ी की बजाय तड़क-भड़क वाली साड़ी ज़्यादा पसंद की जाती है.

Pins in Saree

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5. ढेर सारी पिन

साड़ी का शेप न बिगड़े और इसे कैरी करने में आपको दिक्कत न हो, इसके लिए ढेर सारी पिन लगाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन ऐसा करते समय इस बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये पिन साड़ी या ब्लाउ़ज के पीछे छुपी रहें, वरना साड़ी के बाहर झांकती पिन सबके सामने आपको शर्मसार कर देगी. हल्के फैब्रिक की साड़ी में बहुत ज़्यादा पिन न लगाएं, वरना वो फट सकती है.

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6. ग़लत फिटिंग का ब्लाउज़

साड़ी की ख़ूबसूरती तभी उभरकर आती है जब ब्लाउज़ सही फिटिंग का हो. यदि आपकी बॉडी परफेक्ट शेप में नहीं है, तो दूसरों की देखा-देखी में सेक्सी या बहुत टाइट ब्लाउज़ न सिलवाएं. हैवी बॉडी वाली महिलाओं पर बहुत ज़्यादा एक्सपोज़िव ब्लाउज़ अच्छे नहीं दिखते. बहुत ज़्यादा लूज़ ब्लाउज़ भी आपका लुक बिगाड़ सकता है, इसलिए किसी अच्छे टेलर से सही फिटिंग का ब्लाउज़ सिलवाएं.

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7. फ्लेयर्ड पेटीकोट

फ्लेयर्ड (घेर वाले) पेटीकोट से परहेज़ करें, इसमें आप मोटी नज़र आएंगी. साथ ही साड़ी कैरी करने में भी आपको दिक्क़त होगी. बेस्ट लुक के लिए अच्छी फिटिंग वाला प्लेन पेटीकोट पहनें.

Wearing Saree Tips
यदि आप प्लस साइज़ हैं तो

* जॉर्जेट, शिफॉन, क्रेप जैसे हल्के फैब्रिक वाली साड़ी पहनें. इसमें आप स्लिम नज़र आएंगी.

* हैवी कॉटन की साड़ी से परहेज़ करें, इसमें आप और मोटी नज़र आएंगी. यदि आप कॉटन साड़ी पहनना ही चाहती हैं, तो लाइट कॉटन या कॉटन मिक्स फैब्रिक वाली साड़ी पहनें. आप कॉटन सिल्क भी ट्राई कर सकती हैं.

* हैवी और ग्लॉसी (चमकदार) मटीरियल वाली साड़ी न पहनें.

* प्लस साइज़ महिलाओं को डार्क कलर की साड़ी पहननी चाहिए.

* साड़ी को सही तरी़के से न पहनने पर भी आप मोटी लग सकती हैं इसलिए सही तरी़के से साड़ी पहनना सीखें.

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यदि आप स्लिम-ट्रिम हैं तो

* आप हैवी फैब्रिक जैसे- ब्रोकेड, सिल्क, कॉटन आदि की साड़ी पहन सकती हैं.

* हैवी एम्ब्रॉयडरी वाली और ट्रेडिशनल साड़ी, जैसे- बनारसी, कांजीवरम, पैठणी आदि आप पर खूब जंचेंगी.

* यदि आप बहुत पतली हैं, तो हेल्दी नज़र आने के लिए टीशू, ऑर्गेंज़ा आदि साड़ियां ट्राई कर सकती हैं.

* यदि आप पतली और लंबी हैं तो बड़े, बोल्ड, अट्रैक्टिव प्रिंट्स या मोटीफ वाली साड़ी पहनकर बहुत ख़ूबसूरत नज़र आएंगी.

* यदि आपकी हाइट कम है, तो छोटे प्रिंट्स और पतले बॉर्डर या फिर बिना बॉर्डर वाली साड़ी पहनें. छोटे प्रिंट्स और स्ट्राइप्स में आप लंबी दिखेंगी.

* लाइट कलर ख़ासकर पेस्टल शेड्स आप पर खूब जंचेंगे.

* हैवी वर्क वाली लहंगा स्टाइल साड़ी में भी आप ख़ूबसूरत नज़र आएंगी.

– कंचन सिंह

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