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कपिल देव, लक्ष्मी अग्रवाल, गुंजन सक्सेना, मां शीला आनंद पर बन रही हैं फिल्में, देखें बॉलीवुड की 8 आगामी बायोपिक्स (8 Upcoming Bollywood Films Based On Biopics)

Upcoming Bollywood Films Based On Biopics

बॉलीवुड में इन दिनों बायोपिक्स की बहार है. हाल ही में हमने संजू, नीरजा, दंगल, एम एस धोनी, मेरी कॉम जैसी बेहतरीन बायोपिक्स देखी और आज बॉलीवुड में ऐसी फिल्में बनाना ट्रेंड सा बन गया है.  और हो भी क्यों न, ऐसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाई भी तो अच्छी करती हैं. फिक्शन और नॉन-फिक्शन के बीच उलझे फिल्म मेकर्स के लिए बायोपिक एक बेहतरीन ऑप्शन के रूप में सामने आया है. इस समय बॉलीवुड में कई बायोपिक्स पर काम चल रहा है. कुछ की शूटिंग चल रही है, तो कुछ की स्क्रिप्टिंग. हालांकि सभी फिल्मों का काम ज़ोरों पर है, क्योंकि फिल्म मेकर्स भी ट्रेंड पुराना हो जाने से पहले अपनी फिल्मों को रिलीज़ कर अच्छी कमाई कर लेना चाहते हैं. कौन-कौन सी फिल्में हैं इस कतार में आइए आपको बताते हैं.

1. 83

83

1983 में भारत की ऐतिहासिक क्रिकेट वर्ल्ड कप जीत पर आधारित यह फिल्म हमें कपिल देव के जीवन से भी रूबरू कराएगी. इस फिल्म में रणवीर सिंह कपिल देव का किरदार निभा रहे हैं. और मज़े की बात तो यह है कि दीपिका पादुकोण कपिल की पत्नी का रोल कर रही हैं यानी बॉलीवुड का यह हॉट कपल रील लाइफ में भी कपल की भूमिका निभा रहा है. कबीर ख़ान के डायरेक्शन में बन रही यह फिल्म 10 अप्रैल, 2020 को सिनेमाघरों में देखने को मिलेगी.

83

2. छपाक

Chhapaak

एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन पर आधारित इस फिल्म में एसिड अटैक से जूझने की लक्ष्मी की कहानी को दीपिका पादुकोण सबके सामने सामने लाएंगी. लक्ष्मी पर एसिड अटैक तब हुआ था, जब वो महज़ 15 साल की थीं और बुक स्टोर जा रही थीं. मिर्ज़ापुर फेम विक्रांत मेसी इस फिल्म में उनके पति की भूमिका निभा रहे हैं. यकीनन लक्ष्मी की कहानी सभी के लिए प्रेरणादायक होगी, तभी तो लोगों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतज़ार है. यह फिल्म भी 10 जनवरी, 2020 को रिलीज़ होगी.

Chhapaak

3. गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल

Gunjan Saxena - The Kargil Girl

1999 में कारगिल की लड़ाई के दौरान देश की पहली महिला पायलट गुंजन सक्सेना ने जिस बहादुरी के साथ जवानों को वहां से निकालकर उनकी जान बचाई थी, वह वाकई काबिले- तारीफ़ है. पर बहुत से लोग गुंजन सक्सेना को नहीं जानते, इसीलिए फिल्म मेकर्स ने यह फिल्म बनाकर उनकी बहादुरी के जज़्बे को दिखाने का निर्णय लिया. फिल्म में जहां जाह्नवी कपूर गुंजन सक्सेना का किरदार निभा रही हैं, वहीं पंकज त्रिपाठी उनके पिता, नीना गुप्ता उनकी मां और अंगद बेदी उनके भाई के रोल में नज़र आएंगे. यह फिल्म 13 मार्च, 2020 को रिलीज़ होगी.

Gunjan Saxena - The Kargil Girl

4. फील्ड मार्शल मानेक शॉ

Field Marshal Manek Shaw

वर्सेटाइल एक्टर विकी कौशल एक बार फिर एक नए अंदाज़ में नज़र आएंगे. फील्ड मार्शल सैम मानेक शॉ भारत के पहले फील्ड मार्शल थे. प्यार से लोग उन्हें सैम बहादुर भी बुलाते थे. लेकिन इस फिल्म के लिए दर्शकों को थोड़ा इंतज़ार करना होगा, क्योंकि यह फिल्म 2021 में आपको देखने को मिलेगी.

Field Marshal Manek Shaw

5. मां आनंद शीला पर बायोपिक

Biopic on mother Anand Sheela

देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा बनेंगी मां आनंद शीला. ओशो का दाहिना हाथ मानी जानेवाली मां आनंद शीला की लोकप्रियता हाल ही तब बढ़ी, जब नेटफिल्क्स ने डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ वाइल्ड वाइल्ड कंट्री रिलीज़ की. अमेरिकन डायरेक्टर बैरी लेविन्सन यह प्रोजेक्ट हैंडल कर रहे हैं. फिल्म अभी प्री-प्रोडक्शन स्टेज पर है.

Biopic on mother Anand Sheela

6. पी वी सिंधू पर बायोपिक

Biopic on PV Sindhu

जब 24 वर्षीया पीवी सिंधू ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता, तो पूरे देश में बस सिंधू की चर्चा थी. ऐसा माना जा रहा है कि पीवी सिंधू का रोल दीपिका पादुकोण निभाएं. दीपिका फिल्म मेकर्स की पहली चॉइस इसलिए हैं कि वो राष्ट्रीय स्तर बैडमिंटन खेल चुकी हैं. इस फिल्म को एक्टर सोनू सूद प्रोड्यूस कर रहे हैं.

7. सायना नेहवाल पर बायोपिक

Biopic on PV Sindhu

वर्ल्ड क्लास बैडमिंटन प्लेयर सायना नेहवाल पर फिल्म बन रही है. पहले श्रद्धा कपूर इसमें सायना नेहवाल का किरदार निभानेवाली थीं, पर हाल ही में मिली ख़बरों के मुताबिक परिणिती चोपड़ा यह रोल करेंगी.

8. मिथाली राज पर बायोपिक

Biopic on Mithali Raj

इंडियन वुमन क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिथाली राज इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनानेवाली महिला क्रिकेटर हैं. वह एक दिवसीय क्रिकेट में 6000 रन बनानेवाली पहली हैं. लगातार सात एक दिवसीय क्रिकेट मं हाफ सेंचुरी बनाने का गौरव भी उन्हें प्राप्त है. मिथाली राज का ये दमदार किरदार तापसी पन्नू निभाएंगी.

इसके अलावा पीटी ऊषा पर बायोपिक बननेवाली है, जिसमें कैटरीना कैफ को लेने की बात कही जा रही है. साथ ही भारत के टॉप बैडमिंटन प्लेयर और कोच गोपीचंद फुलेला की जीवनी पर भी फिल्म बनाने का काम शुरू हो चुका है. इनके अलावा कारगिल की लड़ाई में शहीद हो चुके कैप्टन बत्रा पर बननेवाली फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी लीड रोल में हैं. साथ ही बास्केटबॉल प्लेयर सतनाम सिंह भामरा पर फिल्म बननेवाली है, जिसमें शायद अभिषेक बच्चन को लिया जाए.

– अनीता सिंह

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हरमनप्रीत कौर एक अयोग्य, झूठी और चालाक कैप्टन हैंः मिथाली की मैनेजर का बयान (Manipulative, Lying, Undeserving Captain’: Mithali Raj’s Manager Statement)

इंडियन वुमन क्रिकेट टीम (Indian Women Cricket Team) की वर्ल्ड T20  में अजेय रथ पर 23 नंवबर को विराम लग गया. भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैड में आठ विकेट से हरा दिया. हर किसी को लग रहा था कि महिला क्रिकेट टीम काफ़ी आगे तक जाएगी, क्योंकि भारतीय वुमन इन ब्लू टीम की सभी महिला प्लेयर्स बहुत फॉर्म में थीं. लेकिन हमारी टीम एेसा करने में असमर्थ रही और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा. इस हार के लिए सभी स्किपर हरमनप्रीत कौर को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं, जिन्होंने टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ी मिथाली राज को प्लेइंग 11 में शामिल नहीं किया था. हरमनप्रीत का कहना था कि यह निर्णय टीम के हित को ध्यान में रखकर लिया गया था, न कि विनिंग इलेवन को डिस्टर्ब करने की मंशा से.

Mithali Raj

Mithali Raj

मैच के बाद हरमनप्रीत ने कहा कि उन्हें मिथाली राज को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं करने का कोई दुख नहीं है. उनके इस स्टेमेंट की चारों बहुत आलोचना हो रही है. अच्छे फॉर्म में चल रही मिथाली को टीम में जगह न देने के निर्णय से फैंस और एक्सपर्ट्स दोनों ही नाराज़ हैं. हरमनप्रीत के इस निर्णय का सबसे ज़्यादा दुख मिथाली की मैनेजर अनीशा गुप्ता को हैं. जिन्होंने हरमनप्रीत कौर को चालाक और अयोग्य कैप्टन करार दिया है.

अनीशा ने अपने विचार ट्ववीट किए, लेकिन चारो ओर से अालोचना होने के बाद ट्वीट को डिलीट कर दिया. अनीशा ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि @BCCIWomen खेल में नहीं राजनीति में विश्वास करती है. मुझे इस बात का दुख है कि उन्होंने मिथाली के अनुभव और योग्यता पर भरोसा करने की बजाय हरमनप्रीत को खुश करने का फैसला किया, जो कि एक चालाक और अयोग्य कैप्टन हैं. हालांकि अनीशा का अकाउंट भी डिलीट कर दिया
गया है.
लेकिन एक क्रिकेट चैनल ने स्वीकार किया कि वो अकाउंट उनका था. अनीशा ने बातचीत करते हुए कहा था कि मुझे नहीं पता कि अंदर क्या चल रहा है, लेकिन अब मैच टेलीकास्ट हो रहा है और हमें पता चल जाएगा कि कौन खेल रहा है और कौन नहीं. आप देख सकते हैं कि अच्छा खेलने के बावजूद मिथाली को किस तरह का ट्रीटमेंट मिल रहा है. एेसे स्टेटमेंट आ रहे हैं कि वे नई खिलाड़ियों को मौक़ा देना चाहते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप इंग्लैंड जैसी टीम के साथ हो रहे मैच में अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ी को ड्रॉप कर दें.
अपने स्टेटमेंट पर बाद में प्रतिक्रिया देते हुए अनीशा ने कहा कि मैं थोड़े गुस्से में थी, लेकिन मैं इतने अनुभवी खिलाड़ी के साथ हो रहे अन्यायपूर्ण व्यहार को बर्दाश्त नहीं कर पाई. मुझे लगता है कि हर किसी को दिख रहा है कि टीम के कुछ खिलाड़ियों के साथ किस तरह का ग़लत व्यवहार हो रहा है और किस तरह कुछ लोगों को स्पेशल ट्रीटमेंट मिल रहा है.

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Women’s Day Special: हमें नाज़ है इन पर! (Inspiring Women Achievers You Must Know About)

निगाहों से छलके वो क़तरे अब नहीं हैं उसकी पहचान… ख़ामोशी को छोड़ उसने छू लिया है आसमान… पथरीली राहों पर चलना अब लगता है उसे आसान, हौसला और हिम्मत ही है अब उसकी असली पहचान… लोगों ने कहा छोड़ दे यह रास्ता, इससे तेरा क्या वास्ता… उसने कहा, साहस ही मेरा दूसरा नाम, तुमने अब तक पहचाना नहीं मुझे, लेकिन फूलों का आंगन छोड़, मैंने कांटों का लिया है दामन थाम… मुश्किलों से मुझे डर नहीं लगता, अड़चनें मुझे लुभाती हैं… हां औरत हूं मैं और अब हर चुनौती मुझे भाती है…

 

Inspiring Women Achievers

आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपने अस्तित्व की पहचान बना चुकी हैं, ऐसे में वुमन्स डे यानी महिला दिवस के अवसर पर हम भी उनके जश्‍न में शामिल हैं और उन्हें सलाम करते हैं. हमारे देश में भी महिला एचीवर्स की कमी नहीं है, उन्हीं में से कुछ का ज़िक्र हम अपने पन्नों पर कर रहे हैं, लेकिन हमारे दिलों में सभी के लिए प्यार और सम्मान है.

अंशु जमसेंपा

हौसले बुलंद हों, तो नामुमकिन कुछ भी नहीं. अंशु इसकी जीती-जागती मिसाल हैं. अंशु दुनिया की पहली ऐसी महिला हैं, जिन्होंने एक ही सीज़न में दो बार एवरेस्ट के शिखर पर चढ़ाई की. अंशु ने मात्र 5 दिनों के अंतराल पर ही यह कारनामा कर दिखाया. अरुणाचल प्रदेश की रहनेवाली अंशु दो बच्चों की मां हैं. अंशु के इस वर्ल्ड रिकॉर्ड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दंग हैं और उन्होंने भी ट्वीट करके उन्हें बधाई दी थी. अंशु कुल मिलाकर 4 बार माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा चुकी हैं. उम्मीद है, अंशु इसी तरह देश का तिरंगा सबसे ऊंचाई पर फहराती रहेंगी और हमें गौरवान्वित करती रहेंगी.

अनीता कुंडू

बात जब महिला पर्वतारोहियों की ही चल रही है, तो हम अनीता कुंडू को कैसे भूल सकते हैं. अनीता कुंडू पहली भारतीय महिला बनीं, जिन्होंने चाइना साइड से माउंट एवरेस्ट फतेह किया और देश का सीना गर्व से चौड़ा किया. हरियाणा के हिसार में 29 वर्षीया अनीता सब इंस्पेक्टर हैं और उनकी उपलब्धि पर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भी ट्वीट करके बधाई दी. इसके अलावा अनीता कुंडू चीन और नेपाल दोनों तरफ़ से माउंट एवरेस्ट पर चढ़नेवाली पहली भारतीय महिला भी बनीं. अनीता ने दो वर्ष पहले भी यह कोशिश की थी, लेकिन भूकंप के कारण मिशन अधूरा छोड़ना पड़ा. वर्ष 2017 की 11 अप्रैल को अनीता ने फिर यह मिशन शुरू किया. इसी बीच यह ख़बर भी आई कि अनीता से पूरी तरह संपर्क टूट चुका है, लेकिन 20 अप्रैल को ख़बर मिली कि वो अपनी मंज़िल के क़रीब हैं और अगले ही दिन उन्होंने सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराया.

साहिथी पिंगली

बैंगलुरू की इस टीनएजर और 12वीं की छात्रा ने एक अनोखी उपलब्धि हासिल की है. मिल्की वे के एक ग्रह का नाम साहिथी के नाम पर रखा जाएगा. साहिथी ने इंटेल इंटरनेशनल साइंस एंड इंजीनियरिंग फेयर (आईएसईएफ) में गोल्ड मेडल जीतकर यह उपलब्धि हासिल की है. इस छोटी उम्र में इतना बड़ा मुक़ाम हासिल कर साहिथी ने देश का सीना गर्व से ऊंचा कर दिया. साहिथी ने बैंगलुरू की झीलों के प्रदूषण पर शोध कार्य किया था. साहिथी ने अपने पेपर्स आईएसईएफ कॉम्पटीशन में रखे. यह फेयर दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सम्मानित प्री कॉलेज स्तर का साइंस कॉम्पटीशन माना जाता है. साहिथी ने अपने पेपर्स- ‘एन इनोवेटिव क्राउडसोर्सिंग अप्रोच टु मोनिटरिंग फ्रेश वॉटर बॉडीज़’ फेयर में प्रेज़ेंट किए और उसे गोल्ड मेडल मिला. साहिथी ने एक ऐप डेवलेप किया है और इस रिसर्च में उन तत्वों के बारे में बताया गया है, जो झीलों के प्रदूषण में बड़ी भूमिका निभाते हैं. पर्यावरण संरक्षण के हिसाब से यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और इसी के मद्देनज़र एमआईटी यानी मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की लिंकन लैबोरेटरीज़ ने साहिथी के नाम पर एक छोटे ग्रह का नाम रखने का निर्णय लिया.

झूलन गोस्वामी

झूलन का नाम आज बच्चे-बच्चे की ज़ुबान पर है. चंद साल पहले तक महिला क्रिकेटर्स को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता था, लेकिन वर्ल्ड कप के फाइनल में अपनी जगह बनाने के बाद और जीत का जज़्बा दिखाने के बाद हर महिला क्रिकेटर सबकी फेवरेट बन चुकी हैं. इन्हीं में से एक नाम झूलन का भी है. झूलन की उपलब्धि बहुत बड़ी है. आज की तारीख़ में वो विश्‍व में सर्वश्रेष्ठ महिला गेंदबाज़ का ख़िताब हासिल कर चुकी हैं. झूलन वनडे में 200 विकेट्स हासिल करनेवाली पहली महिला गेंदबाज़ भी बन गईं. देश को इन पर नाज़ है.

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मिताली राज

झूलन की ही तरह मिताली भी सबकी आंख का तारा बन चुकी हैं. मिताली न स़िर्फ भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं, बल्कि एकदिवसीय क्रिकेट में विश्‍व में सर्वाधिक रन बनानेवाली खिलाड़ी भी हैं. 6000 से अधिक रन बनानेवाली वो एकमात्र महिला क्रिकेटर हैं. वो एकमात्र ऐसी खिलाड़ी भी हैं, जिन्होंने एकदिवसीय खेल में लगातार 7 बार हाफ सेंचुरी बनाई. मिताली ही एकमात्र ऐसी क्रिकेटर हैं (पुरुष व महिला दोनों में) जिन्होंने आईसीसी वर्ल्ड कप फाइनल में दो बार भारत का प्रतिनिधित्व किया. वर्ष 2005 के बाद वर्ष 2017 में भी मिताली के प्रतिनिधित्व में भारतीय महिला टीम वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंची. 10 वर्ष की उम्र से ही क्रिकेट खेल रहीं मिताली का जन्म तमिल परिवार में हुआ था और आज पूरे भारत को उन पर नाज़ है.

महिला बाइकर्स ने दिखाए ख़तरनाक स्टंट

इस साल गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी 2018 की परेड में पुरुषों की बजाय सीमा सुरक्षा बल की महिला बाइकर्स ने अपने जौहर दिखाए. यह पहली बार हुआ और सभी इनके दमखम के आगे नतमस्तक हो गए. बीएसएफ की 113 महिला बाइकर्स ने 350 सीसी की रॉयल एनफील्ड बाइक्स पर एरोबेटिक्स व अन्य कलाबाज़ियां दिखाकर सबका दिल भी जीत लिया और इस गणतंत्र दिवस को और भी ख़ास बना दिया. उनके हुनर, कौशल और साहस को हम भी सलाम करते हैं.

आईएनएस तारिणी की महिला स्क्वैड

महिला सशक्तिकरण और समुद्र में महिलाओं की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भारतीय नौसेना ने दुनिया भ्रमण के लिए ऑल वुमन टीम भेजने का निर्णय लिया था, जिसमें उनका साथी बना आईएनएस तारिणी. यह नौकायन पोत लेटेस्ट सैटलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस है. इस प्रोजेक्ट के लिए छह महिला ऑफिसर्स की टीम चुनी गई है, जिसका नेतृत्व कर रही हैं लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी. उनका यह समुद्री विश्‍व भ्रमण इसी वर्ष यानी 2018 मार्च के अंत तक पूरा होने का अनुमान है.

आंचल ठाकुर

स्कीइंग जैसे स्पोर्ट्स में भारत में शायद ही किसी को दिलचस्पी हो, लेकिन आंचल ठाकुर ने इंटरनेशनल स्तर पर स्कीइंग प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर न स़िर्फ इतिहास रच दिया, बल्कि सरकार व लोगों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा. आंचल यह मुकाम हासिल करनेवाली पहली भारतीय हैं. आंचल ने एल्पाइन एज्डेर 3200 कप में ब्रॉन्ज़ जीता, जिसका आयोजन स्की इंटरनेशनल फेडरेशन करता है. आंचल ने जीत के बाद ट्वीट किया था कि ‘आख़िर ऐसा कुछ हो गया, जिसकी उम्मीद नहीं थी. मेरा पहला इंटरनेशनल मेडल. हाल ही में तुर्की में ख़त्म हुए फेडरेशन इंटरनेशनल स्की रेस (ऋखड) में मैंने शानदार परफॉर्म किया.’ ज़ाहिर है आंचल की यह उपलब्धि बेहद ख़ास है, क्योंकि विंटर स्पोर्ट्स को हमारे देश में ख़ास तवज्जो नहीं दी जाती. न तो उसका कोई कल्चर है, न ही इतनी सुविधाएं, लेकिन आंचल की जीत ने इस दिशा में भी उम्मीद जगाई है और उम्मीद है आगे और भी ऐसे मेडल्स हमारे देश की बेटियां लाएंगी.

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मानुषी छिल्लर

भारत की मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड 2017 का ख़िताब जीता और एक बार फिर दुनिया ने माना कि भारत है टैलेंट और खूबसूरती के संगम का सबसे बेहतरीन स्रोत. चीन में आयोजित मिस वर्ल्ड पेजेंट में भारत की सुंदरी मानुषी ने ये टाइटल जीतकर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया. मिस वर्ल्ड 2017 ब्यूटी पेजेंट में कुल 118 हसीनाओं ने हिस्सा लिया था, जिसमें मानुषी ने बाज़ी मार ली. हरियाणा के सोनीपत की रहनेवाली मानुषी मेडिकल की स्टूडेंट हैं और फाइनल राउंड में मानुषी से जूरी ने ट्रिकी सवाल पूछा था कि किस प्रोफेशन में सबसे ज़्यादा वेतन मिलना चाहिए, जिसका जवाब मानुषी ने बड़ी ही समझदारी से दिया कि मां को सबसे अधिक सम्मान मिलना चाहिए. मां को सैलरी या कैश की ज़रूरत नहीं, उन्हें सम्मान और प्यार मिलना चाहिए. उनके इस जवाब ने सबका दिल जीत लिया और मिस वर्ल्ड का ख़िताब भारत के नाम हो गया.

भवानी देवी

तलवारबाज़ी एक प्राचीन कला है और उसे मॉडर्नाइज़ करके फेंसिंग खेल के रूप में अब खेला जाता है. भारत की भवानी देवी वाक़ई अपने नाम को सार्थक सिद्ध करके तलवारबाज़ी यानी फेंसिंग में गोल्ड मेडल जीतनेवाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं. भवानी चेन्नई की रहनेवाली हैं और स्कूल के दिनों से ही वो इस खेल में अपना भविष्य तलाश रही थीं. 2017 में आइसलैंड में हुई तलवारबाज़ी की प्रतियोगिता में भवानी ने सीधे गोल्ड पर निशाना साधा और देश को सिर ऊंचा करने का एक और मौक़ा दिया. भवानी नेे तीसरी बार इस चैंपियनशिप में भाग लिया था, लेकिन इस साल उनकी मेहनत रंग लाई. इससे पहले भवानी एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में भी पदक जीत चुकी हैं, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिखर पर पहुंचने का सुकून ही अलग होता है.

ख़ास बातचीत…

श्रावणी मिश्रा और सुनीती बाला ने सेलिंग करियर में दिखाया ग़ज़ब का हौसला: जी हां, हम श्रावणी मिश्रा और सुनीती बाला जैसी मरीन इंजीनियर्स की बात कर रहे हैं, जिन्होंने पुरुषों के दख़लवाले क्षेत्र में ख़ुद को साबित किया और एक अलग मुक़ाम हासिल किया. सुनीती ने हमें बताया कि उनके बैच में कुल दो ही महिला स्टूडेंट्स थीं. ऐसे में यह किसी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि हर किसी की नज़र हम पर ही रहती थी, यहां तक कि हमारे प्रोफेसर्स की भी कि हम कैसा परफॉर्म कर रही हैं, कितनी गंभीर हैं अपने करियर को लेकर आदि.
धीरे-धीरे सबको भरोसा हो गया. फिर बारी आई अगली चुनौती की. शिप पर बोर्ड करते समय भी मुझे हर पल यह साबित करना पड़ता था कि हां, मैं पुरुषों के समान ही परफॉर्म कर सकती हूं, बल्कि उनसे बेहतर हूं. चूंकि मेरे परिवार का बहुत सपोर्ट था, तो मैं हर चुनौती पार कर गई.

इंटरनेशनल वुमन सीफेयरर्स फाउंडेशन… एक बेहतरीन पहल 

सुनीती कहती हैं शिपिंग करियर बेहद अलग और सम्मोहक है. वो आपको फाइटर बनाता है और विपरीत परिस्थितियों में सरवाइव करना सिखाता है. मैं ख़ुद एक ट्रेंड फायर फाइटर भी हूं, जिससे मुझे काफ़ी मदद मिलती है.आप दुनिया की सैर कर सकती हैं, पॉल्यूशन फ्री माहौल में काम कर सकती हैं, तो लड़कियों को इस क्षेत्र में भी करियर ज़रूर आज़माना चाहिए. यही वजह है कि हमने इंटरनेशनल वुमेन सीफेयरर्स फाउंडेशन की स्थापना की, ताकि लिंग से संबंधित डर, भेदभाव जैसी चीज़ें कम हो सकें. मैं हर बार जब भी नया शिप जॉइन करती हूं, तो हर बार मुझे ख़ुद को साबित करना पड़ता है, क्योंकि मेरे पुरुष साथी मेरी परफॉर्मेंस को लेकर इतने आश्‍वस्त नहीं होते, उनके मन में स़िर्फ इसलिए शंका होती है, क्योंकि मैं लड़की हूं, पर मेरा काम देखकर उनकी शंकाएं स्वत: ही दूर हो जाती हैं. इसलिए ऐसी कोई चुनौती नहीं, जिनका सामना करके जीता न जा सके.

श्रावणी भी यही कहती हैं कि परिवार की तरफ़ से पूरा सपोर्ट था. 120 के बैच में मात्र दो ही लड़कियों का होना यही बताता है कि अभी भी लड़कियां इस क्षेत्र में करियर को लेकर बहुत उत्साहित नहीं हैं, क्योंकि ज़ाहिर है चुनौतियां हैं इसमें, लेकिन अगर आपको चुनौतियां पसंद हैं, तो आपको कोई रोक नहीं सकता. हमारे साथ जो लड़के पढ़ते थे, वो भी पारंपरिक भारतीय सोच में पले-बढ़े थे, लेकिन एक समय के बाद सभी ने यह माना कि लड़के-लड़की का भेदभाव किसी भी क्षेत्र में नहीं होना चाहिए. पर हां, भारत में आज भी इतनी खुली सोच नहीं है कुछ क्षेत्रों को लेकर, क्योंकि हमें बहुत-सी कंपनियां नौकरी देने में हिचक रही थीं, क्योंकि उन्हें लगता है कि लड़कियां शिपिंग के माहौल में काम नहीं कर पाएंगी. वहां की चुनौतियों को हैंडल नहीं कर पाएंगी. साथ ही अब तक सही पॉलिसीज़ भी नहीं बन पाई हैं, जिससे लड़कियों को इसमें अधिक बढ़ावा नहीं मिला. कॉलेज में एडमिशन को लेकर कोई भेदभाव नहीं है, यहां तक कि सरकार लड़कियों को डिस्काउंट भी देती है, फिर भी हमारा समाज अब तक कुछ चीज़ों को लेकर आज भी हिचकिचाता है. लिंग के आधार पर समानता अब भी उनकी सोच से मेल नहीं खाती. यही वजह है कि हमने इंटरनेशनल वुमेन सीफेयरर्स फाउंडेशन की स्थापना की, ताकि लिंग आधारित डर व भेदभाव कम हो सके.

इनका ज़िक्र भी है ज़रूरी…
  • महिला क्रिकेटर्स में पूनम राउत, दीप्ति शर्मा, हरमनप्रीत कौर व अन्य सभी ने अपने-अपने स्तर पर सराहनीय काम किया है.
  • बॉक्सिंग में मेरी कॉम, बैडमिंटन में पीवी सिंधु और साइना नेहवाल, टेनिस में सानिया मिर्ज़ा… ये तमाम ऐसे नाम हैं, जिनकी उपलब्धियों को मात्र किसी एक वर्ष में बांधकर या सीमित करके नहीं देखा जा सकता, ये उससे भी ऊपर उठ चुकी हैं और लगातार उम्दा प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन कर रही हैं.
  • महिला आईस हॉकी टीम ने भी अपनी पहली अंतर्राष्ट्रीय जीत दर्ज की.
  • डॉक्टर नीरू चड्ढा पहली भारतीय महिला हैं, जो इंटरनेशनल ट्रीब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ सी की न स़िर्फ सदस्य बनीं, बल्कि वो जज चुनी गईं.
  • आईसीआईसीआई बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर पहली ऐसी भारतीय महिला बनीं, जिन्हें ग्लोबल कॉर्पोरेट सिटिज़नशिप के लिए अमेरिका के टॉप अवॉर्ड (वुड्रो विल्सन अवॉर्ड) से नवाज़ा गया.
  • पेप्सीको की चेयरपर्सन और सीईओ इंदिरा नुई भी पहली ऐसी महिला बनीं, जिन्हें आईसीसी ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया.

– गीता शर्मा

मिताली राज का शिखर पर राज… बनीं नंबर वन! (ICC Batswomen Ranking: Mithali Raj rises to top)

Mithali Raj, rises to top

 Mithali Raj, rises to top

मिताली राज का शिखर पर राज… बनीं नंबर वन! (ICC Batswomen Ranking: Mithali Raj rises to top)
  • आईसीसी की वनडे रैंकिंग में मिताली राज नंबर वन पर पहुंच गई हैं.
  • मिताली के 753 पॉइंट्स हैं, जिस वजह से उन्होंने नंबर एक की पोज़ीशन हासिल कर ली.
  • यह भारत के लिए बेहद गर्व की बात है.

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  • बॉलर्स में भी भारत की झूलन गोस्वामी 652 पॉइंट्स के साथ नंबर दो की पोज़ीशन पर हैं.
  • भारतीय महिला क्रिकेट को नए मुक़ाम तक पहुंचाने के लिए सभी प्लेयर्स की जी तोड़ मेहनत है.
  • हम सभी इन्हें दिल से सलाम करते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनकी यह पोज़ीशन बरक़रार रहे.

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मिताली बनीं आईसीसी महिला क्रिकेट विश्‍व कप XI की कप्तान (Mithali Named Skipper Of ICC Women’s Cricket World Cup XI)

वर्ल्ड कप में भारतीय महिला खिलाड़ियों के बेहतरीन परफॉर्मेंस को ही देखते हुए आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) महाप्रबंधक समिति ने आईसीसी महिला विश्‍व कप 2017 टीम की कप्तानी की ज़िम्मेदारी मिताली राज को सौंपी. इस 12 सदस्यीय टीम में इंग्लैंड, भारत, साउथ अफ्रीका व ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को शामिल किया गया है. टीम में मिताली राज (कप्तान), हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा (भारत), साराह टेलर (विकेटकीपर), आन्या श्रबसोले, एलेक्स हार्टली, टैमी ब्यूमोंट, नताली स्कीवर (इंग्लैंड), लॉरा वोल्वार्ड्ट, मारिजान कैप, डैन वान निकर्क (साउथ अफ्रीका) व एलिस पैरी (ऑस्ट्रेलिया). जहां मिताली ने अपने लाजवाब परफॉर्मेंस के बलबूते, तो वहीं हरमनप्रीत कौर ने 5 विकेट व 369 रन, दीप्ति शर्मा ने 12 विकेट व 216 रन की बदौलत टीम में जगह बनाई.

मिताली- शाइनिंग स्टार
* हैदराबाद की 34 वर्षीय मिताली ने भारत को दूसरी बार वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचाया.
* उन्होंने टूर्नामेंट में 9 मैचों में 409 रन बनाए, जिसमें एक शतक व तीन अर्द्ध शतक शामिल हैं.
* इंग्लैंड के विरुद्ध टूर्नामेंट के पहले ही मैच में उन्होंने शानदार 71 रन की पारी खेली थी.
* उनकी 109 रन की बेहतरीन पारी के दम पर ही भारत ने न्यूज़ीलैंड को 186 रन से हराया था.
* ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध भी उन्होंने 69 रन की उपयोगी योगदान दिया.
* मिताली ने इंडियन क्रिकेट वुमन्स का वर्ल्ड कप के दो बार फाइनल में नेतृत्व किया.
* अफ्रीका, 2005 के वर्ल्ड कप में टीम मिताली के ही नेतृत्व में फाइनल में पहुंची थी, जहां ऑस्ट्रेलिया से 98 रन से हार का सामना करना पड़ा था.
* बकौल मिताली भारत में भी महिला बिग बैश की शुरुआत होनी चाहिए, जैसे- आईपीएल है.

वर्ल्ड कप का सफ़र…
* डर्बी में खेले गए पहले मैच में भारत ने इंग्लैंड को 35 रन से हराया.
* वेस्टइंडीज को 7 विकेट से हराया. स्मृति मंधाना ने सेंचुरी मारी, वहीं हरमन, दीप्ति, पूनम यादव ने 2-2 विकेट लिए.
* पाकिस्तान को 95 रन से हराया. एकता बिष्ट ने 18 रन देकर 5 विकेट लिए थे.
* भारत ने श्रीलंका को 16 रन से हराया. दीप्ति ने उपयोगी 78 रन बनाए.
* साउथ अफ्रीका को 115 रन से हराया, जिसमें दीप्ति शर्मा ने 60 रन व झूलन गोस्वामी ने 43 रन की ज़िम्मेदारी भरी पारी खेली थी.
* ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 8 विकेट से हराया, पर पूनम राउत ने 106 रन की बेहतरीन पारी खेली.
* न्यूज़ीलैंड को 186 रन से हराया. मिताली ने शतक जमाया.
* ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से हराया. हरमनप्रीत ने 171 रन की यादगार पारी खेली.
* इंग्लैंड ने भारत को 9 रन से हराया.
* प्लेयर ऑफ दि टूर्नामेंट इंग्लैंड की टैमी ब्यूमोंट रहीं, जबकि फाइनल की मैन ऑफ दि मैच आन्या श्रबसोले.

वर्ल्ड कप की सुर्खियां
* मिताली राज ने छह हज़ार से अधिक रन बनाकर विमिंस क्रिकेट में वर्ल्ड की हाईस्ट स्कोरर महिला बल्लेबाज़ बनी.
* हरमनप्रीत कौर ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 171 रन की यादगार नाबाद पारी खेली.
* झूलन गोस्वामी महिलाओं के क्रिकेट में अधिक विकेट लेनेवाली गेंदबाज़ी बनीं.
* आम से लेकर सेलिब्रिटीज़ तक हर किसी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सराहना की. सोशल मीडिया पर हार के बावजूद बधाई, प्रोत्साहन का सैलाब-सा उमड़ पड़ा, फिर चाहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर ही क्यों न हो.
* अक्षय कुमार ने भी टीम की ख़ूब हौसलाअफ़जाई की. लॉर्ड्स में मैच देखने के लिए लीड्स में फिल्म गोल्ड की शूटिंग से लंदन की ट्रेन नंगे पाव दौड़कर उन्होंने पकड़ी थी.
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए यह टूर्नामेंट शानदार व फाइनल ऐतिहासिक रहा. मिताली एंड कंपनी ने लाजवाब प्रदर्शन किया. इसमें कोई दो राय नहीं कि टीम को नई पहचान और उड़ान मिली. एक नई क्रांति की शुरुआत हुई है और हम सभी को महिला टीम पर गर्व है.

– ऊषा गुप्ता

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