Tag Archives: mobile banking

17 स्मार्ट टिप्स जो मोबाइल बैंकिंग को बनाएंगे सेफ (17 Smart Tips To Secure Mobile Banking Transactions)

Smart Tips, Secure Mobile Banking

Smart Tips, Secure Mobile Banking
आज के दौर में लोग बैंकों में लाइन लगाने की बजाय मोबाइल बैंकिंग को अधिक पसंद करने लगे हैं, लेकिन मोबाइल बैंकिंग जितन आसान व आरामदायक है,इसमें  उतने ही ख़तरे भी हैं. ऐसे में सेफ मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी ज़रूरी बातें जानना बेहद ज़रूरी है.

मोबाइल बैंकिंग के इस्तेमाल में हमेशा इस बात का डर बना रहता है कि यह इंटरनेट बैंकिंग या ब्रांच में जाकर बैंकिंग करने जितना सुरक्षित है भी या नहीं. पर सच यही है कि मोबाइल बैंकिंग भी उतनी ही सुरक्षित है, क्योंकि यह दो तरह से आपकी वैधता को परखती है- पहला आपका मोबाइल फोन नंबर और दूसरा आपका पिन जिसे आप ख़ुद ही सेट करते हैं. आइए, मोबाइल बैंकिंग को सेफ बनाने से संबंधित ज़रूरी टिप्स जानें.

Smart Tips, Secure Mobile Banking

  • अपने मोबाइल में ऑटो लॉक एक्टिवेट करें, ताकि जब फोन यूज़ में न हो, तो अपने आप लॉक हो जाए. लॉक खोलने के लिए ऐसा पासवर्ड चुनें, जिसे क्रैक कर पाना बेहद मुश्किल हो. इसके लिए 8 या उससे ज़्यादा कैरेक्टरवाला पासवर्ड बनाएं. पासवर्ड में लेटर, नंबर्स और सिंबल्स या स्पेशल कैरेक्टर यूज़ करके इसे स्ट्रॉन्ग बनाया जा सकता है
  • वायरस से बचने के लिए ज़रूरी है कि जब आप ब्लूटूथ का यूज़ न कर रहे हों, तो उसे बंद कर दें, वरना हैकर्स को आपके मोबाइल तक पहुंचने का मौक़ा मिल सकता है.

Smart Tips, Secure Mobile Banking

  • मोबाइल में कोई नया एप्लीकेशन, म्यूज़िक, गेम, पिक्चर या वीडियो आदि डाउनलोड करते समय इस बात का ख़ास ख़्याल रखें कि वह सोर्स या साइट भरोसेमंद हो.
  • ऐसी ही फाइलों के ज़रिए अक्सर छिपे ढंग से फोन की हैकिंग होती है या उसमें वायरस भेजा जाता है. जिस यूआरएल को लेकर आप आश्‍वस्त न हों, उसे फॉलो न करें. इसके अलावा मोबाइल से जंक और चेन मैसेज को भी डिलीट कर दें.
  • मोबाइल को हैकिंग व वायरस से बचाए रखने के लिए लगातार फायरवॉल या सेफ्टी सॉफ्टवेयर को अपडेट करते रहें. इसके लिए मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर या सॉफ्टवेयर कंपनियां समय-समय पर अपडेट करवाती रहती हैं, जिसे इंस्टॉल करते रहना चाहिए.
  • यदि आपके फोन में किसी भी तरह के ट्रांज़ैक्शन का मैसेज आए, तो तुरंत बैलेंस चेक ज़रूर करें.
  • टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए बैकिंग संबंधी कोई भी महत्वपूर्ण या गुप्त सूचना, अकाउंट नंबर, पैन कार्ड, पासवर्ड और बर्थ डेट का खुलासा न करें. हैकर्स इन सूचनाओं का यूज़ कर बैंक अकाउंट तक आसानी से पहुंच सकते हैं.
  • यदि आपको कोई मेल संदेहास्पद लगता है, तो उस पर क्लिक न करें.

और भी पढ़ें: जानें बैंकिंग के स्मार्ट ऑप्शन्स

  • किसी दूसरे को मोबाइल बेचने या देने से पहले यह सुनिश्‍चित कर लें कि आपने सभी पर्सनल अकाउंट इंफॉर्मेशन लॉक कर दिए हैं.
  • मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन के इस्तेमाल के दौरान अपने फोन को कहीं अकेला न छोड़ें.
  • फोन खो जाने की स्थिति में तत्काल मोबाइल ऑपरेटर और बैंक को सूचित करें, ताकि बैंक खाते तक पहुंच को रोका जा सके.
  • फोन में सुरक्षित सॉफ्टवेयर डालें, ताकि फोन खोने की स्थिति में आप उसके डाटा को लॉक या डिलीट कर सकें.
  • मोबाइल बैंकिंग, ई-कॉमर्स या अन्य डील (जिनमें आपको पासवर्ड या यूज़रनेम इस्तेमाल करना हो) करते समय अपने स्मार्ट फोन को सार्वजनिक वाइ-फाइ सुविधा के साथ कनेक्ट न करें.
  • मोबाइल फोन हैंडसेट को पासवर्ड से सुरक्षित रखें.

Smart Tips, Secure Mobile Banking

  • कई बार स्मार्ट फोन के ज़रिए किया गया लेन-देन एक स्टैंडर्ड कंप्यूटर से होनेवाले लेन-देन से अधिक सुरक्षित होता है, लेकिन इसके कुछ अपवाद भी हैं. इसके लिए सबसे ज़रूरी बात यह है कि आप अपने बैंक का आधिकारिक ऐप ही प्रयोग करें और समय-समय पर उसे अपग्रेड भी करते रहें.
  • आप यह सुनिश्‍चित कर लें कि आपके बैंक के मोबाइल ऐप की सुरक्षा वैध है. इसके लिए पहले आपको अपने बैंक की वेबसाइट पर जाकर यह पता लगाना चाहिए कि उन्होंने अपने मोबाइल ऐप की सुरक्षा के लिए क्या किया है.
  • यदि वहां आपको इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिलती है, तो आप अन्य कस्टमर्स से इसकी जानकारी लें, जो उस मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहे हैं. इसका एक बेहतर तरीक़ा यह है कि आप अपने बैंक व मोबाइल ऐप के नाम को सर्च इंजन पर जाकर खोजें और यह पता लगाएं कि लोगों ने इस ऐप के बारे में अपनी क्या राय दी है. वैसे आमतौर पर देखा जाए, तो अब कंप्यूटर्स की तुलना में स्मार्ट फोन पर ख़तरनाक चीज़ों का हमला बहुत कम होता है. इस तरह यह अधिक सुरक्षित भी है. इसके अलावा मोबाइल एप्लीकेशन में किसी तरह का सेंसिटिव डाटा सेव नहीं रहता, इसलिए बिना लॉगिन या पहचान तय हुए कोई आपके मोबाइल फोन पर इसका दुरुपयोग भी नहीं कर सकता.

और भी पढ़ें: क्या आप में है बैंक संबंधी अच्छी आदतें?

– रेखा कुंदर

[amazon_link asins=’B01MT0QKAG,B01FM7GGFI’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’fb6dc1e1-0e40-11e8-b3ba-ff4753c7be54′]

 

जानें बैंकिंग के स्मार्ट ऑप्शन्स ( Learn Smart Banking Options)

Smart Banking

Smart Banking

1

पल-पल स्मार्ट होती टेक्नोलॉजी ने हमारी ज़िंदगी को भी स्मार्ट बना दिया है, तो भला हमारे बैंक क्यों पीछे रहें. अपने ग्राहकों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को और आसान व बेहतर बनाने के लिए ज़्यादातर बैंक लेटेस्ट व स्मार्ट ऑप्शन्स लेकर आए हैं. आपकी सहूलियत को ध्यान में रखते हुए हम कुछ ऐसे ही स्मार्ट बैंकिंग ऑप्शन्स के बारे में आपको यहां जानकारी दे रहे हैं, ताकि आपकी बैंकिंग हो स्मार्ट व ईज़ी.

इंटरनेशनल डेबिट कार्ड युक्त एटीएम कार्ड्स
आजकल ज़्यादातर बैंक अकाउंट खोलते ही एटीएम कार्ड मुफ़्त में देते हैं. ज़्यादातर एटीएम कार्ड डेबिट कार्ड की सुविधा सहित आते हैं, जिनसे आप पैसे निकालने के साथ-साथ बिल का भुगतान, शॉपिंग, मोबाइल रिचार्ज, टैक्स पेमेंट आदि आसानी से कर सकते हैं. अपने अकाउंट के हर छोटे-बड़े ट्रांज़ैक्शन की जानकारी के लिए आप एटीएम कार्ड की मदद से मिनी स्टेटमेंट्स भी ले सकते हैं.

सुविधाजनक मल्टीसिटी चेक
ऑनलाइन होने के कारण बैंक की सभी शाखाएं आपस में जुड़ी होती हैं, जिससे ग्राहक अपने शहर के अलावा किसी दूसरे शहर की ब्रांच से मल्टीसिटी चेक के ज़रिए लेन-देन कर सकते हैं. मल्टीसिटी चेक जारी करने के लिए बैंक साधारण फीस लेते हैं. ख़ासकर छोटे-मोटे व्यापारियों के लिए यह काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होता है.

ऑटो स्वीप से पाएं ज़्यादा इंट्रेस्ट
अगर हर महीने आपके अकाउंट में अच्छी-ख़ासी रक़म रहती है, तो ऑटो स्वीप आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है. इसके ज़रिए आप सेविंग्स अकाउंट पर फिक्स डिपॉज़िट वाला ब्याज़ पा सकते हैं. इसके लिए आपको अपने बैंक अकाउंट में मिनिमम या थे्रशहोल्ड अमाउंट निश्‍चित करना होगा. एफडी के लिए अमाउंट व समय सीमा निश्‍चित करें. बस, हर महीने निश्‍चित तारीख़ को आपकी मिनिमम अमाउंट के अलावा जितना एक्स्ट्रा अमाउंट रहेगा, वो अपने आप एफडी में चला जाएगा और बिना किसी झंझट के आपको मिलेगा एफडी का फ़ायदा.

बेजोड़ है इंटरनेट बैंकिंग
इंटरनेट के ज़रिए आप आसानी से सुरक्षित तरी़के से बैंकिंग कर सकते हैं. न कहीं जाने का झंझट और न ही समय की पाबंदी. बस, एक क्लिक कीजिए और आपका बैंक आपकी सेवा में हाज़िर. इंटरनेट बैंकिंग के ज़रिए आप अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करना, चेकबुक मंगवाना, बिल पेमेंट, मोबाइल रिचार्ज, टैक्स पेमेंट, इन्वेस्टमेंट, शॉपिंग, ईमेल के ज़रिए अकाउंट स्टेटमेंट मंगवाना और अकाउंट बैलेंस चेक करने जैसे तमाम काम आसानी से कर सकते हैं.

अब करें स्मार्ट मोबाइल बैंकिंग
अगर आपके पास स्मार्टफोन या एंड्रॉइड मोबाइल फोन है, तो आप मोबाइल बैंकिंग सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. जानकारों के अनुसार, मोबाइल बैंकिंग इंटरनेट बैंकिंग से भी ज़्यादा सुरक्षित है. इसकी मदद से आप अकाउंट बैलेंस चेक करना, बिल पेमेंट, फंड्स ट्रांसफर करना, ट्रांज़ैक्शन्स चेक करना, एटीएम कार्ड ब्लॉक करना, चेकबुक ऑर्डर करना, इन्वेस्टमेंट, एटीएम लोकेशन, चेक डिपॉज़िट, डीटीएच रिचार्ज करना, अपने लोन की पूरी जानकारी हासिल करना, मूवी टिकट ख़रीदना आदि काम आसानी से कर सकते हैं.

एसएमएस अपडेट से हर व़क्त रहें अलर्ट
मोबाइल पर एसएमएस अलर्ट के ज़रिए आपके अकाउंट से जुड़े सभी लेन-देन की जानकारी आप तक चुटकियों में पहुंच जाती है. किसी भी तरह के ट्रांज़ैक्शन पर आपके मोबाइल पर आपको तुरंत मैसेज आ जाता है. इसकी मदद से आप अपने बैंक अकाउंट की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नज़र रख सकते हैं.

ओवरड्राफ्ट की सुविधा 
ओवरड्राफ्ट सुविधा यानी आपके अकाउंट में जितनी रक़म है, उससे ज़्यादा रक़म आप इस्तेमाल कर सकते हैं या बैंक से निकाल सकते हैं. ओवरड्राफ्ट की मदद से नक़दी की समस्या को तुरंत दूर किया जा सकता है. हालांकि ज़्यादातर बैंकों में यह रक़म एक महीने के भीतर जमा करनी होती है. करंट अकाउंट होल्डर्स और
कॉर्पोरेट अकाउंट होल्डर्स जैसे ख़ास अकाउंट होल्डर्स को यह सुविधा दी जाती है. ख़ासकर छोटे व्यापारियों के लिए यह काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होता है.

ज़ीरो बैलेंस सैलेरी अकाउंट
सैलेरी बैंक अकाउंट में हर महीने आपका एम्प्लॉयर आपकी सैलेरी जमा करता है. वैसे तो यह सामान्य बैंक अकाउंट जैसा ही होता है, पर इसमें बैंक की तरफ़ से ज़ीरो बैलेंस, फ्री इंटरनेशनल डेबिट कार्ड, जमा राशि पर सामान्य से अधिक ब्याज़, क्रेडिट कार्ड, ओवरड्राफ्ट जैसी कुछ अतिरिक्त सुविधाएं मिलती हैं.

दूसरे बैंकों में पैसे भेजना आसान
आरटीजीएस और एनईएफटी जैसी सुविधाएं शुरू कर रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने दूसरे बैंकों में पैसा भेजने की प्रक्रिया को बहुत आसान कर दिया है. आरटीजीएस यानी रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट और एनईएफटी यानी नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर ख़ासकर व्यापारियों के बड़े काम आ रही है. देश के ज़्यादातर बैंकों में यह सुविधा मौजूद है. इसके लिए आपके पास उस बैंक का आईएफएससी कोड होना चाहिए, जहां आपको पैसे ट्रांसफर करने हैं. आरटीजीएस के ज़रिए जहां दो लाख से अधिक रक़म ट्रांसफर हो सकती है, वहीं एनईएफटी में कोई सीमा निर्धारित नहीं है. इसके ज़रिए पैसा तुरंत ट्रांसफर हो जाता है, जिससे काम भी तेज़ी से होता है. ड्राफ्ट की बजाय इससे पैसे भेजना ज़्यादा सुविधाजनक है.

खुल रहे हैं स्मार्ट बैंकिंग ब्रांच
स्मार्ट बैंकिंग ब्रांच एक ऐसा ही स्मार्ट ऑप्शन है, जिसके ज़रिए आपकी बैंकिंग होगी और भी स्मार्ट व ईज़ी. स्मार्ट बैंकिंग ब्रांच सामान्य बैंक ब्रांच से अलग होती है. यहां ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई डिजिटल फीचर्स का इस्तेमाल किया जाता है. इंटरैक्टिव डिजिटल वॉल्स पर पब्लिक के लिए काफ़ी जानकारी दी जाती है. इसमें टच स्क्रीन होता है, जिसके ज़रिए आप किसी भी प्रोडक्ट की जानकारी हासिल कर सकते हैं. वर्क बेंचेज़ के ज़रिए ग्राहक ख़ुद ट्रांज़ैक्शन कर सकते
हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बैंक के कर्मचारियों से अपनी समस्याएं सुलझा सकते हैं.

आया स्मार्ट होम लोन का ज़माना
ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ बैंक स्मार्ट होम लोन लेकर आए हैं. यह आम होम लोन से थोड़ा अलग होता है. इसमें होम लोन को आपके सेविंग्स या करंट अकाउंट से जोड़ देते हैं, जिससे आम लोन के मुक़ाबले ईएमआई की रक़म कम हो जाती है और लोन की समय सीमा भी घट जाती है. अगर आपके सेविंग्स अकाउंट में भी ठीक-ठाक रक़म है, तो आम होम लोन की बजाय स्मार्ट होम लोन चुनना आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है.

– अनीता सिंह

अधिक फाइनेंस आर्टिकल के लिए यहां क्लिक करें: FINANCE ARTICLES 

[amazon_link asins=’938318650X’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’9de74460-b4bc-11e7-9c5f-edcf9291a966′]

मोबाइल बैंकिंग को कैसे बनाएं सेफ?

मोबाइल बैंकिंग के इस्तेमाल में हमेशा इस बात का डर बना रहता है कि यह इंटरनेट बैंकिंग या ब्रांच में जाकर बैंकिंग करने जितना सुरक्षित है भी या नहीं. पर सच यही है कि मोबाइल बैंकिंग भी उतनी ही सुरक्षित है, क्योंकि यह दो तरह से आपकी वैधता को परखती है- पहला आपका मोबाइल फोन नंबर और दूसरा आपका पिन जिसे आप ख़ुद ही सेट करते हैं. आइए, मोबाइल बैंकिंग को सेफ बनाने से संबंधित ज़रूरी टिप्स जानें.

 

7

  • अपने मोबाइल में ऑटो लॉक एक्टिवेट करें, ताकि जब फोन यूज़ में न हो, तो अपने आप लॉक हो जाए. लॉक खोलने के लिए ऐसा पासवर्ड चुनें, जिसे क्रैक कर पाना बेहद मुश्किल हो. इसके लिए 8 या उससे ज़्यादा कैरेक्टरवाला पासवर्ड बनाएं. पासवर्ड में लेटर, नंबर्स और सिंबल्स या स्पेशल कैरेक्टर यूज़ करके इसे स्ट्रॉन्ग बनाया जा सकता है.
  • वायरस से बचने के लिए ज़रूरी है कि जब आप ब्लूटूथ का यूज़ न कर रहे हों, तो उसे बंद कर दें, वरना हैकर्स को आपके मोबाइल तक पहुंचने का मौक़ा मिल सकता है.
  • मोबाइल में कोई नया एप्लीकेशन, म्यूज़िक, गेम, पिक्चर या वीडियो आदि डाउनलोड करते समय इस बात का ख़ास ख़्याल रखें कि वह सोर्स या साइट भरोसेमंद हो.
  • ऐसी ही फाइलों के ज़रिए अक्सर छिपे ढंग से फोन की हैकिंग होती है या उसमें वायरस भेजा जाता है. जिस यूआरएल को लेकर आप आश्‍वस्त न हों, उसे फॉलो न करें. इसके अलावा मोबाइल से जंक और चेन मैसेज को भी डिलीट कर दें.
  • मोबाइल को हैकिंग व वायरस से बचाए रखने के लिए लगातार फायरवॉल या सेफ्टी सॉफ्टवेयर को अपडेट करते रहें. इसके लिए मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर या सॉफ्टवेयर कंपनियां समय-समय पर अपडेट करवाती रहती हैं, जिसे इंस्टॉल करते रहना चाहिए.

यह भी पढ़ें: खाने के हैं शौक़ीन, तो अपनाएं ये टॉप 5 कुकिंग ऐप्स

1

  • यदि आपके फोन में किसी भी तरह के ट्रांज़ैक्शन का मैसेज आए, तो तुरंत बैलेंस चेक ज़रूर करें.
  • टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए बैकिंग संबंधी कोई भी महत्वपूर्ण या गुप्त सूचना, अकाउंट नंबर, पैन कार्ड, पासवर्ड और बर्थ डेट का खुलासा न करें. हैकर्स इन सूचनाओं का यूज़ कर बैंक अकाउंट तक आसानी से पहुंच सकते हैं.
  • यदि आपको कोई मेल संदेहास्पद लगता है, तो उस पर क्लिक
    न करें.
  • किसी दूसरे को मोबाइल बेचने या देने से पहले यह सुनिश्‍चित कर लें कि आपने सभी पर्सनल अकाउंट इंफॉर्मेशन लॉक कर दिए हैं.
  • मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन के इस्तेमाल के दौरान अपने फोन को कहीं अकेला न छोड़ें.
  • फोन खो जाने की स्थिति में तत्काल मोबाइल ऑपरेटर और बैंक को सूचित करें, ताकि बैंक खाते तक पहुंच को रोका जा सके.
  • फोन में सुरक्षित सॉफ्टवेयर डालें, ताकि फोन खोने की स्थिति में
    आप उसके डाटा को लॉक या डिलीट कर सकें.
  • मोबाइल बैंकिंग, ई-कॉमर्स या अन्य डील (जिनमें आपको पासवर्ड या यूज़रनेम इस्तेमाल करना हो) करते समय अपने स्मार्ट फोन को सार्वजनिक वाइ-फाइ सुविधा के साथ कनेक्ट न करें.
  • मोबाइल फोन हैंडसेट को पासवर्ड से सुरक्षित रखें.
  • कई बार स्मार्ट फोन के ज़रिए किया गया लेन-देन एक स्टैंडर्ड कंप्यूटर से होनेवाले लेन-देन से अधिक सुरक्षित होता है, लेकिन इसके कुछ अपवाद भी हैं. इसके लिए सबसे ज़रूरी बात यह है कि आप अपने बैंक का आधिकारिक ऐप ही प्रयोग करें और समय-समय पर उसे अपग्रेड भी करते रहें.
  • आप यह सुनिश्‍चित कर लें कि आपके बैंक के मोबाइल ऐप की सुरक्षा वैध है. इसके लिए पहले आपको अपने बैंक की वेबसाइट पर
    जाकर यह पता लगाना चाहिए कि उन्होंने अपने मोबाइल ऐप की सुरक्षा के लिए क्या किया है.
  • यदि वहां आपको इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिलती है, तो आप अन्य कस्टमर्स से इसकी जानकारी लें, जो उस मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहे हैं. इसका एक बेहतर तरीक़ा यह है कि आप अपने बैंक व मोबाइल ऐप के नाम को सर्च इंजन पर जाकर खोजें और यह पता लगाएं कि लोगों ने इस ऐप के बारे में अपनी क्या राय दी है.

वैसे आमतौर पर देखा जाए, तो अब कंप्यूटर्स की तुलना में स्मार्ट फोन पर ख़तरनाक चीज़ों का हमला बहुत कम होता है. इस तरह यह अधिक सुरक्षित भी है. इसके अलावा मोबाइल एप्लीकेशन में किसी तरह का सेंसिटिव डाटा सेव नहीं रहता, इसलिए बिना लॉगिन या पहचान तय हुए कोई आपके मोबाइल फोन पर इसका दुरुपयोग भी नहीं कर सकता.

– रेखा कुंदर

लेटेस्ट ऐप्स और टेक्नोलॉजी से जुड़े आर्टिकल्स पढ़ें