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सेहत को नुक़सान पहुंचाते हैं ये गैजेट्स (These Gadgets Can Be Harmful To Your Health)

हाल ही हुए एक अध्ययन में यह साबित हुआ है कि औसतन एक वयस्क 24 घंटे की अवधि में से 8 घंटे 21 मिनट की नींद लेने की तुलना में डिजिटल वर्ल्ड/सोशल मीडिया पर उतना ही व़क्त (यानी 8 घंटे 21 मिनट) व्यस्त रहता है. दूसरे शब्दों में कहें तो अगर हम 16-17 घंटे जागते हैं, तो उसका आधा व़क्त तो हम डिजिटल प्लेफार्म पर ही घूमते रहते हैं. ऐसा करके हम न केवल गैेजेट्स (Gadgets) तक सिमट कर रह गए हैं, बल्कि अनेक बीमारियों (Diseases) को न्योता दे रहे हैं. आइए जाने कैसे?

 

Harmful Gadgets

लैपटॉप/कंप्यूटर

घंटों लैपटॉप/कंप्यूटर पर बैठकर काम करने से सिरदर्द, कमर-गर्दन-कंधों में दर्द होेने लगता है. इतना ही नहीं, यदि आपके बैठने का पोश्‍चर और डेस्क डिज़ाइनिंग भी सही नहीं है, तो भविष्य में जोड़ों व मांसपेशियों संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसके साथ ही लैपटॉप/कंप्यूटर से आंखों पर बुरा असर पड़ता है और कार्पल टर्नल सिंड्रोम का ख़तरा भी बढ़ जाता है, जिससे हाथों की संवेदनशीलता कम होती है और कलाइयों पर दर्द की शिकायत रहती है.

कैसे बचें?

– कंप्यूटर/लैपटॉप पर काम करते हुए हर एक-डेढ़ घंटे के बाद ब्रेक लें.
– हर 1 घंटे के बाद 2-3 मिनट के लिए आंखों को आराम दें.
– ऑफिस वर्क के लिए बड़ी स्क्रीनवाले लैपटॉप का इस्तेमाल करें. इससे पोश्‍चर पर अधिक दबाव नहीं पड़ता.
– लैपटॉप की स्क्रीन आंखों के लेवल पर होनी चाहिए, ताकि स्क्रीन को देखने के लिए गर्दन को घुमाना या मोड़ना न पड़े.
– कीबोर्ड को सही लेवल पर रखें, जिससे
कोहनी को आराम मिले.
– माउस यूज़ करते समय स़िर्फ कलाई का नहीं, पूरे हाथ का इस्तेमाल करें.
– स्पीड में टाइप करने की बजाय हल्के व धीरे से करें.
– डेस्क पर बैठे-बैठे स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें.
– कंप्युटर पर काम करते समय विशेष रूप से डिज़ाइन की गई कुर्सी का इस्तेमाल करें, जिससे बैठते व़क्त स्पाइन को स्पोर्ट मिले.
– काम के दौरान 10 मिनट का ब्रेक लेकर वॉक करें.
– घर पर लैपटॉप/कंप्यूटर पर काम करने का समय निर्धारित करें.

मोबाइल

विश्‍व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों द्वारा किए गए शोधों से अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि मोबाइल से निकलनेवाली रेडिशएन से किसी को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या (कैंसर आदि) हुई हो, लेकिन मोबाइल एडिक्ट होने के कारण नींद पूरी न होना, एकाग्रता में कमी, सिरदर्द, गर्दन व कंधों में दर्द, आंखों पर दबाव, धंधलापन, ड्राई आइज़, रेडनेस, इरिटेशन, ब्रेन एक्टिविटी में बाधाएं और सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि जैसी समस्याएं ज़रूर बढ़ गई है.

कैसे बचें?

– मोबाइल सिलेक्ट करते समय ऐसे मॉडल का चुनाव करें, जिसका स्पेसिफिक ऑबज़र्वेशन रेट (एसएआर) कम हो.
– बात करते समय मोबाइल को कान से
सटाकर रखने की बजाय थोड़ी दूरी पर रखें.
– लेटकर बात करते समय मोबाइल को छाती या पेट के ऊपर न रखें.
– मोबाइल पर बात करने के लिए हैंड्स-फ्री डिवाइस (ईयरफोन) का इस्तेमाल करें.
– जहां तक संभव हो मोबाइल की बजाय लैंडलाइन का प्रयोग करें.
– कोशिश करें कि मोबाइल पर 15 मिनट से ज़्यादा समय तक बात न करें.
– सेलफोन पर बहुत देर तक बात करने की बजाय टैक्स्ट मैसेज करें.
– 1 घंटे तक लगातार मैसेज/चैटिंग करने से भी उंगलियों के टिप पर दर्द होने लगता है. इसलिए बेवजह मैसेज/चैटिंग करने से बचें.
– छोटे बच्चों को व्यस्त रखने के लिए मोबाइल न दें.
– सड़क पर चलते समय और ड्राइविंग करते समय मोबाइल पर बात न करें. यह छोटी-सी भूल आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है.

 

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टेलीविजन

हाल ही में ‘हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ’ में किए गए शोध से यह साबित हुआ है कि बहुत अधिक टेलिविजन देखने से शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती है, जिससे अनहेल्दी फूड हैबिट, मोटापा, दिल से जुड़ी बीमारियां और टाइप2 डायबिटीज़ के होने का ख़तरा 20% तक बढ़ जाता है.

कैसे बचें?

– टीवी देखने की बजाय कोई हॉबी क्लास जाएं.
– वर्कआउट के लिए जिम, जॉगिंग, ऐरोबिक्स, स्विमिंग, टेनिन जाएं.
– टीवी देखते समय मंचिंग से बचें.
– डिनर टाइम को फैमिली टाइम बनाएं यानी डिनर के समय टीवी बंद रखें.
– यदि आपके पास पर्याप्त खाली समय है, तो कोई पार्ट-टाइम बिज़नेस या काम शुरू करें.
– बच्चों को टीवी की बजाय फिज़िकल एक्टिव़िटीज़ में हिस्सा लेने के प्रोत्साहित करें.
– टीवी देखने का समय निर्धारित करें, जिससे आपकी टीवी देखने की बुरी आदत धीरे-धीरे कम हो जाए.
– टीवी देखने की बजाय परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं, जैसे- कैरम बोर्ड, चैस आदि गेम खेलें.
– टीवी की बजाय अपना फेवरेट म्यूज़िक सुनें.

वीडियो गेम

बहुत देर तक वीडियो गेम्स खेलने से मांसपेशियों में दर्द, मोटापा, विटामिन डी की कमी और नींद में बाधा उत्पन्न होती है. ‘द पीडियाट्रिक्स इंटरनेशनल जर्नल’ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, घंटों तक वीडियो गेम्स खेलने से कंधों की मांसपेशियों में जकड़न बढ़ जाती है. इसके अलावा अनेक वीडियो गेम्स का प्रेजेटेंशन इतना आकर्षक होता है कि बच्चों में गेम जीतने का तनाव, उत्तेजना और मानसिक तनाव हावी होने लगता है.

कैसे बचें?

– वीडियो गेम्स खेलते समय बच्चों पर नज़र रखें कि वह किस तरह के गेम खेल रहे हैं.
– उम्र के अनुसार गेम का चुनाव करें.
– गेम खेलते समय जब वह तनाव या निराशा महसूस करें, तो गेम बंद कर दें.
– उन्हें उत्तेजित व आक्रामक गेम्स खेलने से रोकें.
– 1-2 घंटे तक गेम खेलने की बजाय उनका समय निर्धारित करें.
– उन्हें वीडियो गेम में व्यस्त रखने की बजाय फिजिकल एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करें.
– सोने से पहले वीडियो गेम न खेलने दें. उन्हें समझाएं कि उत्तेजक व आक्रमक गेम खेलने से नींद में बाधा उत्पन्न होती है.
– बच्चों को वीडियो गेम खेलने दें, लेकिन इसकी लत न लगने दें. पैरेंट्स ख़ासतौर से इस बात का ध्यान दें.

– पूनम नागेंद्र शर्मा

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स्मार्ट महिलाओं के लिए मोबाइल वॉलेट टिप्स (Mobile Wallet Tips For Smart Women)

मोबाइल वॉलेट (Mobile Wallet) महिलाओं के लिए एक वरदान की तरह है. हमें हर दिन कितने सारे लेन-देन के काम करने होते हैं. दूध, सब्ज़ी, ग्रॉसरी का सामान, टैक्सी किराया, बिजली का बिल, डीटीएच का बिल, इंटरनेट और मोबाइल रिचार्ज जैसे जाने कितने ट्रांज़ैक्शन हम लगातार करते रहते हैं. इन सारे बिलों का भुगतान करके मोबाइल वॉलेट हमारे जीवन को सरल कर देता है. इनके भुगतान के लिए ना आपको किसी लाइन में खड़ा होना होगा और न चेक काटना होगा और ना ही अलग-अलग वेबसाइट पर जाना पड़ेगा. बस, मोबाइल वॉलेट का ऐप खोला और आप चुटकियों में बिल का भुगतान कर सकती हैं. इसे इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ख़ास ध्यान, बता रही हैं मोबिक्विक की को-फाउंडर उपासना टाकू.

Mobile Wallet Tips

 

–    अपने फोन और वॉलेट दोनों को ही लॉक करके रखें. अपने मोबाइल में कोई ख़ास पैटर्न या लॉक की लगाकर रखें, ताकि आपकी इजाज़त के बिना कोई आपका वॉलेट इस्तेमाल न कर पाए.

–     अपना वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) कभी किसी से शेयर न करें. अगर कोई फोन करके यह कहता है कि वह मोबाइल वॉलेट कंपनी या आपके बैंक से बोल रहा है, तो भी उससे अपना ओटीपी शेयर न करें.

–     अपने लिए हमेशा बेस्ट मोबाइल वॉलेट सिलेक्ट करें. आप किन कामों के लिए मोबाइल वॉलेट डाउनलोड कर रही हैं, वह सुविधा उसमें है या नहीं, पहले चेक करें. अगर आपको इलेक्ट्रिसिटी बिल भरना है या कैब बुक करना है, तो पहले देखें कि उस ऐप में यह सुविधा कैसी है.

–     मोबाइल वॉलेट को अपने ज़रूरी ऐप्स से लिंक करें. हर ऐप से वॉलेट को लिंक करने की ज़रूरत नहीं, लेकिन जिनका उपयोग आप ज़्यादा करती हैं, उन्हें लिंक करें.

–     आपका मोबाइल वॉलेट यूज़र फ्रेंडली और ईज़ी है, तो इसका ये बिल्कुल मतलब नहीं कि आप ग़ैरज़रूरी शॉपिंग कर लें. अपने मंथली बजट का हमेशा ध्यान रखें.

–     ज़्यादातर वॉलेट ऐप्स कैशबैक के अलावा बहुत-से डिस्काउंट्स भी देते रहते हैं. उनका ट्रैक रखकर आप भी उनके ऑफर्स का फ़ायदा उठा सकती हैं.

–     मोबिक्विक (Mobikwik), पेटीएम (PayTM), फोनपे (PhonePe), भीम (BHIM) और पेयूमनी (PayUMoney) कुछ पॉप्युलर मोबाइल वॉलेट्स हैं.

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कहीं आपका फोन आपको स्ट्रेस तो नहीं दे रहा?(Is Your Mobile Causing You Stress And Anxiety?)

फोन को स्मार्टफोन बनानेवालों ने हमारी उलझनों को कम करने और काम को आसान बनाने के लिए अपनी पूरी कोशिश की, पर हमारा स्मार्टफोन समस्याएं सुलझाने की बजाय ख़ुद एक समस्या बन गया है. हमने अपने चारों ओर एक ऐसा वर्चुअल वर्ल्ड बना लिया है, जो हमारे लिए हमारी असल ज़िंदगी से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गया है. अगर व्हाट्सऐप पर मैसेज न आए, तो लगता है कि दुनिया थम-सी गई है. क्या आपके साथ भी ऐसा होता है?

 

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आधा घंटा हो गया, मोबाइल पर एक भी मैसेज नहीं, एक भी सोशल मीडिया नोटिफिकेशन नहीं, एक भी मिस्ड कॉल नहीं… अजीब-सी बेचैनी महसूस हो रही है… एक हड़बड़ाहट-सी मची है, हर दो मिनट में फोन को उठाकर चेक कर लेते हैं… क्या है ये? क्यों ले रहे हैं बेवजह का स्ट्रेस? घबराएं नहीं, स़िर्फ आपका ही नहीं, आजकल ज़्यादातर लोगों का यही हाल है. हमारी ज़िंदगी को
आसान बनानेवाला स्मार्टफोन ख़ुद हमारे स्ट्रेस का कारण बन गया है. आप भी ज़रूर इस स्ट्रेस से परेशान होंगे, तो आइए जानें कि कैसे निपटें इस मोबाइल स्ट्रेस से.

कई टाइप के हैं मोबाइल स्ट्रेस

कहीं बैटरी डाउन न हो जाए

आजकल ज़्यादातर लोगों के बैग में बाकी कुछ हो न हो, मोबाइल फोन का चार्जर ज़रूर रहता है. और हो भी क्यों ना, मोबाइल की बैटरी डाउन न हो जाए, यह डर हर किसी के दिमाग़ में रहता है. बैटरी 40% के नीचे गई नहीं कि दिल की धड़कनें तेज़ होने लगती हैं और यही वजह है कि आप बेवजह का स्ट्रेस अपने दिमाग़ में पाले रखते हैं.

क्या करें?
– शाम को घर पहुंचने के बाद मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर बैटरी फुल चार्ज कर लें.
– आजकल ज़्यादातर एंड्रॉयड फोन्स की बैटरी 24 घंटे से ज़्यादा नहीं चलती, इसलिए शाम को मोबाइल चार्जिंग को अपना रूटीन बना लें.
– पावरबैंक हमेशा अपने साथ कैरी करें.
– ऑफिस से निकलने से घंटे-दो घंटे पहले मोबाइल चार्जिंग पर लगा दें.
– अगर सुबह बैटरी कम चार्ज है, तो जब तक आप तैयार होते हैं, तब तक लगा दें, चार्ज हो जाएगी.
– अगर आपका मोबाइल उससे जल्दी डिस्चार्ज होता है, तो अपने फोन की बैटरी चेक कराएं. हो सकता है, उसमें कोई ग़ड़बड़ी हो. अगर सिस्टमैटिकली काम करेंगे, तो यह स्ट्रेस नहीं होगा.

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कोई ज़रूरी मैसेज छूट न जाए

यह स्ट्रेस ज़्यादातर वर्किंग लोगों को रहता है. आजकल ज़्यादातर काम लोग मोबाइल पर ही करते हैं और वो भी मैसेजिंग के ज़रिए, तो हर व़क्त आपको चौकन्ना रहना पड़ता है. कहीं नेटवर्क की गड़बड़ी या फोन की ख़राबी की वजह से कोई मैसेज न छूट जाए, यह स्ट्रेस हमेशा दिमाग़ में बना रहता है.
क्या करें?
– सोशल मीडिया नोटिफिकेशन्स ऑन करके रखें.
– ऑफिस या घर के बाहर मैसेज टोन थोड़ा बढ़ाकर रखें.
– जब भी किसी ज़रूरी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, तो कलीग्स को बताकर रखें कि ट्रैवेलिंग आदि के दौरान आपका नेटवर्क सही नहीं रहता या फिर इतने से इतने समय तक आप मोबाइल चेक नहीं कर पाते, तो ऐसे में कोई भी मैसेज देने के लिए मैसेजिंग की बजाय कॉल करें.

मेरी फोटो को इतने कम लाइक्स क्यों मिले?

यह तो हमारी सोशल मीडिया जनरेशन की सबसे बड़ी समस्या और दुख का कारण है. सेल्फी के शौक़ीनों के लिए इससे बड़ा कोई दुख नहीं कि वो अपना फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करें और तुरंत उनके दोस्त लाइक्स और कमेंट न करें. फोटो अपलोड करते ही अक्सर लोग बार-बार चेक करके देखते रहते हैं कि कितने लाइक्स मिले और कितने लोगों ने कमेंट किया. और अगर रिस्पॉन्स इनके मन मुताबिक नहीं मिलता, तो स्ट्रेस होने लगता है.
क्या करें?
– सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड करने के बाद थोड़ा सब्र रखें, क्योंकि जैसे-जैसे आपके फ्रेंड्स आपकी पोस्ट देखेंगे, वैसे-वैसे आपके लाइक्स बढ़ेंगे.
– ज़रूरी नहीं कि आपके सभी फ्रेंड्स हमेशा ऑनलाइन रहें, उन्हें भी अपने ज़रूरी काम करने होते हैं, इसलिए तुरंत रिएक्शन की उम्मीद न करें.
– लाइक्स को प्यार और केयरिंग का पैमाना न बनाएं, वरना बेवजह का स्ट्रेस होगा.
– और वैसे भी क्या फ़़र्फ पड़ता है, अगर कम लाइक्स मिले तो, आपको प्यार करनेवाले आपके रियल लाइफ में हैं, उन्हें तवज्जो दें.

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ग्रुप में सभी डिस्कस कर रहे हैं, मुझे भी अपनी राय देनी होगी?

फ्री मैसेजिंग ऐप के इस ज़माने में हर किसी के मोबाइल में कई ग्रुप बने हैं. फैमिली, फ्रेंड्स, रिश्तेदार, ऑफिस, स्कूल, कॉलेज यहां तक कि ट्रेन फ्रेंड्स के भी ग्रुप बने होते हैं. इन ग्रुप में दिनभर किसी न किसी विषय पर चर्चा चलती ही रहती है. ऐसे में अगर आप हिस्सा नहीं लेते, तो उसके लिए भी ताने सुनने पड़ते हैं कि आप ही दुनिया के सबसे व्यस्त इंसान हैं. ऐसे में यह भी एक मजबूरी बन जाती है और भले ही आप कितने ही बिज़ी क्यों न हों, आपको कुछ न कुछ राय देनी ही पड़ती है. ये बेवजह का स्ट्रेस आपकी कॉन्संट्रेशन को भी बिगाड़ता है, जिससे आपकी कार्यक्षमता पर प्रभाव पड़ता है.
क्या करें?
– ग्रुप चैट के दौरान सभी को बता दें कि आप थोड़े मसरूफ़ हैं, इसलिए इस मसले पर सोच-विचारकर शाम को फुर्सत से जवाब देंगे.
– ट्रैवेलिंग के व़क्त को आप इस काम के लिए फिक्स रख सकते हैं. इस दौरान सभी के मैसेजेस रिप्लाई करें और बेवजह का स्ट्रेस न लें.
– बहुत-से ग्रुप्स यूं ही टाइमपास ग्रुप होते हैं, उनमें होनेवाले चैट्स को इतनी तवज्जो न दें.
– ग्रुप में रहकर ही आप उनसे जुड़े रहेंगे, ऐसा नहीं है, अगर आप कंफर्टेबल नहीं हैं, तो वहां से एक्ज़िट कर लें.

कहीं फोन खो न जाए या कोई चुरा न ले

आज हमारा मोबाइल ही हमारा सबसे बड़ा ख़ज़ाना बन गया है. छोटी से छोटी बात हम उसमें नोट करके या सेव करके रखते हैं. ख़ूबसूरत पलों के फोटोज़, वीडियोज़, मैसजेस, कॉन्टैक्ट नंबर्स सेव करके रखते हैं, पर कहीं न कहीं यह स्ट्रेस भी बना रहता है कि कहीं फोन खो या हैंग न हो जाए, वरना आपका सारा ख़ज़ाना लुट जाएगा.
क्या करें?
– मोबाइल के फोटोज़, वीडियोज़ और मैसेजेस का बैकअप लेकर रखें.
– कॉन्टैक्ट्स आदि को बैकअप के लिए मेल कर दें या किसी और सुरक्षित जगह सेव कर दें.
– अपने फोन को लापरवाही से न रखें, जब भी जहां भी रखें, सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि चोरी होने या खोने का डर न हो.

कहीं स्पेशल डेज़ भूलने पर ताना न सुनना पड़े?

स्मार्टफोन्स हमारे अपनों के बर्थडे, एनीवर्सरी जैसे स्पेशल डेज़ याद रखने में हमारी हमेशा मदद करते हैं. फेसबुक से लेकर व्हाट्सऐप और रिमाइंडर्स ये काम बख़ूबी करते हैं, फिर भी कभी नोटिफिकेशन में प्रॉब्लम हो या आपका ध्यान न गया हो, तो आप नोटिफिकेशन या रिमांइडर मिस कर सकते हैं, इसलिए इस बात का इतना स्ट्रेस न लें कि दोस्तों की बातें सुननी पड़ेंगी.
क्या करें?
– सोशल मीडिया नोटिफिकेशन के भरोसे न रहकर अपने मोबाइल में भी रिमाइंडर सेट करके रखें.
– बिलेटेड कार्ड और स्पेशल गिफ्ट से उन्हें विश कर दें.

मोबाइल स्ट्रेस का प्रभाव

– रिसर्च के अनुसार, आप जितना ज़्यादा थके और स्ट्रेस में रहेंगे, उतनी ज़्यादा आप ग़लतियां करते हैं.
– शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है.
– एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ स्मार्टफोन के कारण लोग ङ्गऑलवेज़ ऑनफ सिंड्रोम से ग्रस्त होने लगे हैं. उन्हें लगता है उन्होंने मोबाइल फोन को नहीं, बल्कि मोबाइल फोन ने उन्हें काम पर लगाया हुआ है.
– फोन एडिक्शन आपकी सेहत के लिए हानिकारक है, इसलिए इससे जितनी ज़रूरत हो, उतना ही इस्तेमाल करें.
– मोबाइल के स्ट्रेस से ख़ुद को बचाने के लिए अपना ध्यान अन्य कामों या मनोरंजन के साधनों में लगाएं.

– अनीता सिंह

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31 स्मार्ट आइडियाज़ इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स के मेंटेनेंस के लिए (31 Amazing ways to maintain your electronic items)

electronic item maintainance

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आजकल इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स हर किसी की ज़िंदगी का अहम् हिस्सा बन गए हैं. हम इन पर इस कदर आश्रित हो गए हैं कि अगर कभी ये काम करना बंद कर दें, तो लगता है कि ज़िंदगी ही ठप्प पड़ गई है. तो क्यूं न इनकी देखभाल व रख-रखाव इस तरह करें कि इनके साथ-साथ हमारे ज़िंदगी की रफ़्तार भी तेज़ बनी रहे.

बेसिक टिप्स

* ध्यान रहे, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स के वायर्स उलझें नहीं, क्योंकि अगर वे कटे-फटे हैं, तो शॉर्ट सर्किट का ख़तरा हो सकता है.

* इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ख़ासकर, जिनमें स्क्रीन होेंं, उन्हें धूप से बचाकर रखें. सूरज की किरणें स्क्रीन को नुक़सान पहुंचा सकती हैं.

* सही साफ़-सफ़ाई से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेहतर ढंग से और ज़्यादा समय तक चलते हैं.

* इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में अगर कोई समस्या आती है, तो आप मैन्युअल गाइड का सहारा ले सकते हैं. पर अगर वॉरंटी कार्ड है, तो तुरंत सर्विस सेंटर  में संपर्क करें.

* सभी इलेक्ट्रॉनिक्स के उपकरणों को नमीवाले स्थान से दूर रखें. अगर कभी ग़लती से उनमें पानी चला जाए, तो तुरंत उसे पोंछ देेंं.

* अपने इलेक्ट्रॉनिक्स की सेफ्टी के लिए सर्टिफाइड सर्किट ब्रेकर्स का ही इस्तेमाल करें.

* सभी अप्लायंसेस के लिए अलग-अलग प्लग पॉइंट्स का इस्तेमाल करें.

* मोबाइल, टैब, लैपटॉप जैसे डेलीकेट डिवाइसेस के लिए कवर या कैरी बैग का इस्तेमाल करें.

* बैटरी से चलनेवाले उपकरणों के लिए बैटरी नियमित रूप से चार्ज करें. अगर लंबे समय तक उसका इस्तेमाल नहीं करना है, तो बैटरी को फुल चार्ज  करके अलग से रख दें.

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कंप्यूटर (Computer)

क्लीनिंग: रोज़ाना इसे सूखे कपड़े या कॉटन से साफ़ करें. कंप्रेस्ड एयर की एक बॉटल ख़रीदें और महीने में एक बार इससे कीबोर्ड, मॉनिटर और सिस्टम को क्लीन करें.

मेंटेनेंस

* अपने सिस्टम को एंटीवायरस,एंटीमालवेयर या फायरवॉल से प्रोटेक्ट करें.

* समय-समय पर डिस्क क्लीनर की मदद से कंप्यूटर को क्लीन करें.

* हमेशा कंप्यूटर डाटा का बैकअप लेते रहें, ताकि ज़रूरी फाइल्स सुरक्षित रहें.

* कुछ भी डाउनलोड करते समय ध्यान रखें कि कंप्यूटर में वायरस न आ जाए.

* ग़ैरज़रूरी फाइल्स को अनइंस्टॉल कर दें.

* कंप्यूटर के लिए सही वेंटीलेशन का ध्यान रखें, ताकि वो ज़्यादा गर्म न हो.

यह भी पढ़ें: 40+ क्विक होम क्लीनिंग टिप्स

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मोबाइल फोन (Mobile)

क्लीनिंग: रोज़ाना मुलायम कपड़े से साफ़ करें और कभी-कभार रबिंग अल्कोहल से भी क्लीन करें.

मेंटेनेंस

* अच्छी क्वॉलिटी के स्क्रैच कवर, बैक कवर और बैटरी लें.

* बैटरी की लॉन्ग लाइफ के लिए उसे हरदम चार्ज न करें और न ही एकदम डेड हो जाने दें. जब बैटरी 15% चार्ज रह जाए, तभी चार्ज कर लें.

* फोन की कपैसिटी बढ़ाने और मेमोरी ब्लॉक्स से बचाने के लिए मोबाइल को रोज़ाना रीस्टार्ट करें.

* सही मेंटेनेंस के लिए इसे ज़्यादा गर्मी या ठंडी से बचाकर रखें. इसे कभी भी टीवी, गैस-सिगड़ी या अवन के पास, फ्रिज या माइक्रोवेव के ऊपर, कार के  अंदर या एयर कंडीशनर के पास न रखें.

* अगर कभी पानी में गिर जाए, तो तुरंत बैटरी निकालकर उसे रातभर चावल के डिब्बे में डालकर रखें. चावल इसकी नमी को सोख लेगा. फिर भी  अगर काम न करे, तो प्रोफेशनल की मदद लें.

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टेलीविज़न (Television)

क्लीनिंग: ग्लास क्लीनर से रोज़ाना स्क्रीन को साफ़ करें और धूल-मिट्टी साफ़ करते रहें.

मेंटेनेंस

* जहां अक्सर बिजली आती-जाती है, उन्हें स्टैबिलाइज़र ज़रूर लगवाना चाहिए.

* बहुत ज़्यादा गर्मी, ठंडी या नमीवाली जगह से टीवी को दूर रखें. अगर नमी को दूर नहीं किया जा सकता, तो टीवी के पीछे सिलिका जेल के पैकेट्स  रखेें.

* अगर ज़्यादा दिनों तक टीवी बंद रखनेवाले हैं, तो प्लग निकालकर कपड़े से ढंककर रखें.

* अगर आप टीवी नहीं देख रहे हैं, तो प्लग पॉइंट से ऑफ कर दें. इससे आप 5% बिजली बचाते हैं और टीवी भी ज़्यादा चलती है.

यह भी पढ़ें: नए घर में शिफ़्ट होते समय रखें इन बातों का ख़्याल

 

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डीवीडी प्लेयर (DVD Player)

क्लीनिंग: इसे बाहर से साफ़ करना आसान है, पर अंदर लेंस पर जमी धूल के लिए आप डीवीडी लेंस क्लीनर इस्तेमाल कर सकते हैं.

मेंटेनेंस

* डीवीडी प्लेयर में एक डीवीडी या सीडी डालकर हमेशा रखें, ताकि धूल-मिट्टी से इसका लेंस न ख़राब हो.

* डीवीडी डिस्क को धूप और गर्म चीज़ों से दूर रखें.

* समय-समय पर इसका इस्तेमाल करते रहें, वरना लंबे समय तक यूं ही पड़े रहने से भी यह ख़राब हो सकता है.

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डिजिटल कैमरा (Digital Camera)

क्लीनिंग: माइक्रोफाइबर क्लॉथ से कैमरे के लेंस और एलसीडी सेंसर को साफ़ करें. रबिंग अल्कोहल से भी लेंस साफ़ कर सकते हैं, पर इसे सीधे लेंस पर स्प्रे न करें.

मेंटेनेंस

* कैमरे को हमेशा उसके कैरी बैग में रखें.

* बैटरीवाले कैमरे की बैटरी लाइफ 500 साइकल्स तक ही होती है, इसलिए अगर कैमरा काम नहीं कर रहा है, तो नई बैटरीज़ ख़रीदें.

* कैमरे में अटैच केबल, वायर या बैटरीज़ निकालने से पहले कैमरे को बंद कर दें.

* कड़ी धूप में सूरज की तरफ़ सीधे कैमरा न करें, वरना इसका इमेज सेंसर ख़राब हो सकता है.

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: विंटर होम डेकोर

जब हो जाएं जॉबलेस (Are You jobless?)

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ओह नो! सुबह उठते ही जब रोज़ाना की तरह रवि ने अपने मोबाइल में ऑफिस का डे-प्लान देखना चाहा, तो मैसेज बॉक्स में अपनी नौकरी जाने का मैसेज पढ़कर उसके होश उड़ गए. उसे समझ नहीं आ रहा था कि सब कुछ इतने अचानक कैसे हो गया? कल तक तो ऑफिस में सब ठीक-ठाक था. इस तरह की घटनाएं आज आम हो गई हैं. आज जितनी आसानी से नौकरियां मिलती हैं, उतनी ही आसानी से छूट भी जाती हैं. अगर आप भी रवि की तरह अपनी नौकरी छूटने पर परेशान हैं, तो जानिए इस परेशानी को कम करने के कुछ आसान उपाय?

निराश न हों
करियर काउंसलर फ़रज़ाद दमानिया कहते हैं कि अचानक जॉबलेस होने पर लोग बौखला जाते हैं. उन्हें लगता है कि उनका सब कुछ लुट गया. घर का लोन, बच्चों की फीस, बाकी इनवेस्टमेंट्स आदि के लिए अब पैसे कहां से आएंगे? इन बातों को सोचकर लोग निराश रहने लगते हैं और कई बार तो डिप्रेशन में भी चले जाते हैं. आपके साथ यदि ऐसा हो, तो इस समस्या को ख़ुद पर हावी न होने दें और नई जॉब के लिए प्रयासरत रहें.

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प्राइवेट जॉब आज है कल नहीं रहेगी, इस बात को अपने दिमाग़ में बिठा लें. अचानक नौकरी चली जाने के बाद परेशान होने की बजाय सरकारी भत्ते के लिए अप्लाई करें. इससे आपको थोड़ी-बहुत मदद मिल सकेगी.

अपने ड्यूज़ (बकाया) क्लियर करें
माना आपकी जॉब छूट गई और आप बहुत परेशान हैं, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप अपने सारे ड्यूज़ कंपनी में ही छोड़ दें. जॉब जाने के बाद सबसे पहले उस कंपनी में जाएं और एचआर से सभी औपचारिकता पूरी करके पीएफ, मेडिक्लेम, लीव इनकैशमेंट आदि का सेटलमेंट करें. ये पैसे आपके बहुत काम आएंगे.

मनोविशेषज्ञ की मदद लें
नौकरी छूटने के बाद यदि आप लगातार तनाव में रहते हैं, तो इसे हल्के में न लें. तुरंत किसी मनोविशेषज्ञ के पास जाएं और उनसे अपनी स्थिति को सही-सही बयां करें. जितनी जल्दी हो सके, तनाव की स्थिति से बाहर निकलें और नए सिरे से ज़िंदगी जीने की कोशिश करें.

रिलैक्स रहें
अचानक नौकरी छूटने पर घबराने की बजाय रिलैक्स रहें. चाहें तो इस दौरान अपने शौक पूरे करें, जैसे- डांस, स्विमिंग, सिंगिंग आदि. इसके लिए आप क्लासेस भी ज्वॉइन कर सकते हैं. इस तरह धीरे-धीरे आप नौकरी छूटने के ट्रॉमा से बाहर आ जाएंगे.

लोगों से संपर्क करें
एक नौकरी छूटने के बाद चुप होकर हाथ पर हाथ रखकर बैठने की बजाय अपने आसपास के लोगों, दोस्तों और रिश्तेदारों से अपनी जॉब के बारे में बात करें. हो सके तो सभी को अपना बायोडाटा देकर रखें. आप क्या काम कर सकते हैं और कितनी तनख़्वाह चाहते हैं? ये भी बताकर रखें.

मानसिक रूप से मज़बूत बनें
अचानक जॉब छूटने पर मानसिक रूप से मज़बूत होना बहुत ज़रूरी है. अपने आप पर ये विश्‍वास रखें कि आज नहीं तो कल जॉब तो मिलनी ही है, फिर बेकार की चिंता करने से क्या फ़ायदा?

करियर काउंसलर की सहायता लें
अगर जॉब छूटने के बाद कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं और समझ नहीं पा रहे हैं, तो बेहतर होगा कि आप किसी करियर काउंसलर से संपर्क करें. तुरंत जॉब तलाशने की बजाय कुछ दिन घर बैठकर इत्मिनान से सोचें और फिर आगे बढ़ें.

डेली ख़र्चे में कटौती
अचानक जॉब छूटने पर सबसे बड़ी परेशानी पैसों की होती है. हर महीने सैलरी के भरोसे ख़र्चे बढ़ा लेने पर अचानक उसमें कटौती करना भारी पड़ता है या यूं कहें बहुत मुश्किल हो जाता है. नौकरी छूटने पर कुछ महीनों तक आपके घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं रहेगी. ऐसे में किसी एक चीज़ पर रोक लगाने से अच्छा है कि आप अपने हर ख़र्च में कटौती करें, जैसे- यदि सप्ताह के आख़िरी दिन फैमिली के साथ मूवी जाते थे, तो अब न जाएं, महीने में एक दिन शहर से बाहर दूर कहीं जाने का प्लान भी न बनाएं, शॉपिंग आदि पर रोक लगाएं. हर फिज़ूलख़र्च पर फुल स्टॉप लगाएं.

पार्ट टाइम जॉब करें
अचानक जॉब छूटने पर हो सकता है आपको महीनों जॉबलेस रहना पड़े. ऐसे में रोज़ के घरेलू ख़र्च में कमी तो नहीं की जा सकती, इसलिए जितनी जल्दी हो सके पार्ट टाइम जॉब ज्वाइन करें. इससे आपकी इनकम भी होती रहेगी और आप मार्केट में बने भी रहेंगे.

पसंदीदा कोर्स करें
नौकरी छूटने पर आप कुछ समय के लिए ब्रेक लेकर किसी कोर्स के बारे में भी सोच सकते हैं. सालों से दबी अपनी इच्छा को अब आप पूरा कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, यदि आप मैनेजमेंट की पढ़ाई करना चाहते थे, लेकिन किसी कारणवश नहीं कर पाए, तो अब कर सकते हैं. इस तरह आप नए सिरे से नौकरी की शुरुआत करके जीवन को नया आयाम दे सकते हैं.

इन चीज़ों से बचें:

  • बेकार घूमने से बचें.
  • परिवार को इसके लिए दोष न दें.
  • बुरी आदतों (शराब, सिगरेट आदि) से बचें.
  • नौकरी छोड़ने के बाद कभी भी उस कंपनी की बुराई न करें.
  • नौकरी छूटने पर डिप्रेशन में आने से बचें.

नई जॉब के लिए क्या करें?

  • बायोडाटा अपडेट करें.
  • जॉब छूटने पर दुखी होकर घर में बैठने की बजाय दोस्तों, रिश्तेदारों और अपने पुराने सहकर्मियों से नई जॉब के बारे में बात करें.
  • जॉब दिलाने वाले प्रोफेशनल्स जैसे- एचआर व कंसलटेंट से बात करें.
  • जॉब को लेकर अगर कनफ्यूज़ हैं, तो करियर काउंसलर से बात करें.
  • अचानक जॉब चली जाने पर घबराहट में आकर किसी भी कंपनी में तुरंत ज्वाइन न करें.
  • नई जॉब ज्वाइन करने से पहले सैलरी को लेकर फ्लैक्सिबल रहें. मन में सैलरी का पैमाना तय न करें.
  • नई नौकरी मिलने तक मन में संतोष रखें.
  • आत्मविश्‍वास में कमी न आने दें.
  • जॉब के प्रति हमेशा सकारात्मक नज़रिया रखें.
  • जॉब पोर्टल जैसे- नौकरी डॉट कॉम, मॉन्सटर इंडिया, टाइम्स जॉब आदि पर अपना अपडेटेड बायोडाटा पोस्ट करें.

– श्वेता सिंह

सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर कैसे करें प्राइवेसी मेंटेन? (maintain your privacy at social networking sites )

दिनोंदिन सोशल मीडिया का क्रेज़ युवाओं में तेज़ी से ब़ढ़ता जा रहा है. अपनी हर छोटी से छोटी पर्सनल बातों और गतिविधियों से फैमिली व फ्रेंड्स को रू-ब-रू करना उनकी आदत बनती जा रही है. मिनट-मिनट की अपडेट्स देकर वे अपनी फैमिली व फ्रेंड्स के साथ संवाद तो क़ायम रख सकते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि कोई अजनबी शख़्स उनकी प्रोफेशनल और पर्सनल प्राइवेसी में सेंध लगा रहा है, जिससे वे अंजान हैं. सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर आपकी प्राइवेसी में किसी का कोई दख़ल न हो, इसलिए ज़रूरी है कि ऑनलाइन प्राइवेसी का ध्यान रखा जाए. कैसे, आइए जानें? social networking sites

social

फेसबुक

गोपनीयता की जांच करने के लिए अपने पीसी वेब ब्राउज़र में फेसबुक पेज खोलें. फेसबुक मेनू बार (फेसबुक पर दिखनेवाली ब्लू पट्टी) के राइट कॉर्नर में दिए लॉक सिंबल (प्राइवेसी शॉर्टकट) पर जाएं. क्लिक करने पर Privacy Check-up आएगा, जिसके 3 स्टेप्स हैं:

 पहला स्टेप

आपकी पोस्ट कौन-कौन देख सकते हैं: यहां पर क्लिक करने पर यदि “Public’ आता है, तो इसका अर्थ है कि इंटरनेट पर मौजूद हर व्यक्ति आपकी पोस्ट देख सकता है. इसलिए वहां पर “Friends’ ऑप्शन सिलेक्ट करें. इससे आपके फ्रेंड्स ही देख सकते हैं.

दूसरा स्टेप

चेक करें कि कौन से ऐप्स आपकी टाइमलाइन पर इंफॉर्मेशन पोस्ट कर सकते हैं: यहां पर दिए गए ऑप्शन्स में से “Only Me’ सेट करें.

तीसरा स्टेप

अपने प्रोफाइल (ईमेल एड्रेस, बर्थडे और रिलेशनशिप स्टेटस) को दोबारा चेक करें: जिसमें फे्रंड्स को आपकी विज़ीबिलिटी दिखाई दे, अपनी कौन-सी पोस्ट गोपनीय रखना चाहते हैं- इनका सिलेक्शन करें.

कौन-से फे्रंडस आपसे कॉन्टैक्ट करना चाहते हैं, पहले उसे कंट्रोल करें.

– क्लिक करें Privacy Shortcut >Who Can Contact Me?

– वहां पर दिए गए ऑप्शन पर क्लिक करें कि आपको कौन-कौन लोग फ्रेंड्स रिक्वेस्ट भेज सकते हैं. इसके लिए Privacy Shortcut >Who Can Contact Me? को सिलेक्ट करें.

जो ऐप्स आपके बारे में जानकारी देते हैं, उन्हें चेक करें
– पीसी वेब ब्राउज़र में www.facebook.com/setting/?tab=application पर जाएं.

– Logged in with Facebook पर क्लिक करें.

– किसी ऐप पर क्लिक करके चेक करें कि आपने कौन-सी इंफॉर्मेशन (अपनी प्रोफाइल डिटेल्स, फें्रड लिस्ट आदि) शेयर की है, इस ऐप के ज़रिए आप यह जान सकते हैं कि किसने आपकी पोस्ट देखी है और किसने आपको नोटिफिकेशन भेजा है.

कैसे चेक करें कि लोग आपके बारे में क्या कहते हैं?

– फेसबुक मेनू बार के राइट कॉर्नर के आख़िर में प्राइवेसी शॉर्टकट के बाद आपको Triangular drop-down list (ट्रायएंगुलर ड्राप-डाउन लिस्ट) दिखाई देगी. इस पर क्लिक करने पर कई ऑप्शन्स मिलेंगे. उनमें से “Activity Log’ को क्लिक करें.

– फिर लेफ्ट साइडबार में जाकर “Timeline Review’ पर क्लिक करें. फिर अप्रूव/रिजेक्ट या ऐड/इग्नोर का ऑप्शन आएगा.

– फिर Tag Review को क्लिक करके अपने टैग्स को मैनेज करें.

– अंत में, “Post you are Tagged in’ में क्लिक करें. इसमें क्लिक करने पर आप सभी पोस्ट को देख सकते हैं, जिन्हें आपने टैग-अनटैग किया है.

गूगल: गोपनीयता की जांच करने के लिए

– myaccount.google.com/privacycheckup पर जाएं.

– आप Google+ पर कौन-सी इंफॉर्मेशन दूसरों के साथ शेयर करना चाहते हैं. फिर “Dont feature my publicly shared Google+Photos as background
images को सिलेक्ट करें.

– उसके बाद “Edit Your Shared Endorsement Setting’ पर क्लिक करें. वहां पर दिए गए ऑप्शन को अनचेक करें.

– फिर उन लोगों को allow/disallow करें, जो Google पर आपकी पर्सनल
इंफॉर्मेशन को देख रहे थे और आपका फोन नंबर सर्च कर रहे थे.

– इसी तरह से यूट्यूब पर भी आप अपनी गोपनीयता बनाए रख सकते हैं. उसके लिए Manage your Google Photos Settings पर क्लिक करके उसे डिसेबल करें.

ऐप्स और साइट्स की प्राइवेसी को कैसे कंट्रोल करें?

– myaccount.google.com/security#connectedapps पर जाएं.

– “Manage app’ को क्लिक करें. इससे मालूम चलेगा कि कौन-से ऐप्स आपके गूगल अकाउंट से कनेक्टेड हैं.

– जिन ऐप्स को आप ज़्यादा यूज़ नहीं करते, उन्हें डिलीट करने के लिए रिमूव पर क्लिक करें.

– अंत में Allow Less Secure Apps सेट करके उसे “OFF’ करें.

ट्विटर: गोपनीयता की जांच करने के लिए

– twitter.com/setting/security पर जाएं और Privacy सेक्शन पर स्क्रोल करें.

– Photo Tagging पर क्लिक करें कि कौन-कौन आपकी फोटो को टैग कर सकते हैं?

– फिर Tweet Privacy को लॉक करें. इससे आपकी पोस्ट को केवल आपके द्वारा अप्रूव्ड फॉलोवर्स ही देख पाएंगे.

– Tweet Location को डिसेबल करें. चाहें, तो आप अपने पिछले ट्वीट के लोकेशन संबंधी डाटा को भी डिलीट कर सकते हैं.

– यह जानने के लिए कि ट्विटर पर कौन आपको, आपका फोन नंबर और ईमेल एड्रेस सर्च कर रहा है, इसके लिए Discoverability को सेट करें.

– Personalization को डिसेबल करें. ऐसा करने पर कोई भी आपकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री को नहीं देख पाएगा.

– Promote Content को भी डिसेबल करें, जिसमें आपके पर्सनल इंफॉर्मेशन और इंट्रेस्ट बेस्ड विज्ञापन दिखाई देते हैं.

– फिर Direct Message में जाकर “receive direct messages from
anyone’ ऑप्शन को डिसेबल करें.

ऐप्स को एक्सेस करें

– twitter.com/setting/application पर जाएं.

– अपने ट्विटर अकाउंट पर जाकर “Revoke access’ पर क्लिक करके अनट्रस्टेड ऐप्स एंड सर्विस को स्टॉप करें, जिन्हें आपने कभी-कभी एक्सेस किया हो.

इंस्टाग्राम पर गोपनीयता की जांच

कंट्रोल करें कि कौन आपकी पोस्ट देख रहा है?

अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर “Private>’ सेट करने के लिए: अपने इंस्टाग्राम मोबाइल ऐप को ओपन करें. Profile टाइप करने पर तीन वर्टिकल
डॉट्स दिखाई देंगे फिर Options में जाकर Private Account सेट करें. अब
फॉलोवर्स को आपकी इंस्टाग्राम फीड देखने के लिए आपके अप्रूवल की
ज़रूरत होगी.

टैग्ड को कैसे कंट्रोल करें?

– अपनी फोटो को अनटैग करने के लिए: इंस्टाग्राम ऐप में फोटो पर क्लिक करें. फिर Options>Photo Options>Remove Tag करें.

– अपनी सभी फोटोज़ को टैग करने के लिए Profile>Photo of you>Options करें.

यहां पर आप मैन्युअली भी अपनी इच्छानुसार किसी भी फोटो को टैग कर सकते हैं. इसके लिए Tagging Options>Add Manually करना होगा. इसके अलावा, आप उन सभी फोटोज़ को रिमूव कर सकते हैं, जो आपने कुछ समय पहले/हाल ही में टैग की हैं. इसके लिए आपको Profile>Photo of you>Options>Hide Photo करना होगा.

– पूनम नागेंद्र शर्मा

5 ईज़ी स्टेप्स में अनलॉक करें लॉक्ड स्मार्टफोन ( 5 Easy Steps to Unlock Locked smartphone)

प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए अक्सर लोग अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन को लॉक करके रखते हैं, पर ऐसा कई बार होता है कि आप अनलॉक पैटर्न भूल जाते हैं या फिर जल्दबाज़ी में ग़लत पैटर्न बना देते हैं, जिससे मोबाइल लॉक हो जाता है. लेकिन अब अगर आपका मोबाइल लॉक हो जाए या आप पासवर्ड भूल जाएं, तो बिल्कुल भी घबराएं नहीं. इन 5 ईज़ी स्टेप्स में अनलॉक करें अपना स्मार्टफोन.

 

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स्टेप 1

सबसे पहले अपने स्मार्टफोन को स्विच ऑफ कर दें.

स्टेप 2

मोबाइल स्विच ऑफ होने पर मोबाइल का अप वॉल्यूम बटन, पावर बटन और होम बटन को एक साथ दबाएं.

यह भी पढ़ें: स्मार्टफोन आंखों के लिए है हानिकारक

स्टेप 3

एक साथ तीनों बटन प्रेस करने पर स्क्रीन पर Reboot data, Wipe data/factory Reset/ Install update, Power button, Advance options जैसे ऑप्शन्स दिखेंगे. इसमें से Wipe data/factory Reset/ Install update पर क्लिक करें.

स्टेप 4

Wipe data/factory Reset/ Install update सिलेक्ट करने के बाद एक पॉप अप आएगा, उसे yes करें. इस प्रोसेस में थोड़ा व़क्त लग सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें और जल्दबाज़ी में कोई ग़लत बटन न दबाएं.

स्टेप 5

आख़िरी स्टेप में आपको अपने स्मार्टफोन को स़िर्फ रीस्टार्ट करना है. रीस्टार्ट के बाद आपका फोन अनलॉक हो जाएगा.

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मोबाइल डाटा बचाने के स्मार्ट टिप्स

 
क्या आप हर महीने के बढ़ते मोबाइल इंटरनेट बिल से परेशान हैं? क्या आपको भी लगता है कि बिना ज़्यादा इंटरनेट का इस्तेमाल किए, आप उसकी क़ीमत चुका रहे हैं, तो आपको करने होंगे कुछ आसान से उपाय. जी हां, मोबाइल सेटिंग्स में थोड़े बदलाव करके और कुछ लेटेस्ट ऐप्स की मदद से आप अपने मोबाइल का काफ़ी डाटा बचा सकते हैं.

 

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कैसे ख़र्च होता है डाटा?

आजकल लगभग हर दूसरे काम के लिए हम इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. इंटरनेट ने हमारे काम को काफ़ी हद तक आसान बना दिया है, पर आपको पता है कि आपकी छोटी-छोटी एक्टीविटीज़ पर कितना डाटा ख़र्च होता है, आइए डालें इस पर एक नज़र.

– अगर आप रोज़ाना ऑनलाइन किसी न्यूज़ वेबसाइट पर 15 मिनट तक कोई न्यूज़ वीडियो देखते हैं, इसके बाद यूट्यूब पर कुछ फनी वीडियोज़ देखते हैं, किसी वेबसाइट पर आधे घंटे का कोई सीरियल देखते हैं, तो महीने में आप क़रीब 1.25 जीबी डाटा ख़र्च करते हैं.

– 30 मिनट की ड्राइविंग के व़क्त ऑनलाइन गाने सुनने भर से आप क़रीब 800 एमबी डाटा ख़र्च कर देते हैं.

– कुछ लोगों को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर हर व़क्त फोटोज़ अपलोड करने का बहुत शौक़ होता है. स़िर्फ फोटोज़ ही नहीं, कुछ लोग पूरा का पूरा एलबम अपलोड कर देते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि एक दर्जन हाई रेज़ोल्यूशन फोटो अपलोड करने में क़रीब 400-500 एमबी डाटा ख़र्च होता है. तो सोचिए अगर आप रोज़ाना ऐसा करते हैं, तो लगभग कितना डाटा ख़र्च होगा?

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कैसे बचाएं इंटरनेट डाटा?

– ज़रूरी नहीं कि आपका इंटरनेट डाटा हर व़क्त ऑन रहे. अगर आप ड्राइविंग कर रहे हैं, मीटिंग में हैं, सो रहे हैं, तो उस व़क्त आप इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते, उस व़क्त के लिए डाटा बंद करके न स़िर्फ आप पैसे बचाएंगे, बल्कि मोबाइल की बैटरी भी बचाएंगे.

– आजकल व्हाट्सऐप काफ़ी लोकप्रिय ऐप है. पर जैसा कि आप जानते हैं कि व्हाट्सऐप पर कोई भी इमेज, वीडियो और ऑडियो अपने आप डाउनलोड हो जाता है, जिसमें बेवजह बहुत-सारा डाटा ख़र्च हो जाता है. चैट सेटिंग्स में जाकर मीडिया ऑटो डाउनलोड में अपनी ज़रूरत के मुताबिक ऑटो डाउनलोड बंद कर दें. इससे ऑटो डाउनलोड बंद हो जाएगा और आप अपनी पसंद की इमेज या वीडियो अपनी मर्ज़ी से डाउनलोड कर सकते हैं.

– अक्सर हमें पता भी नहीं चलता और बैकग्राउंड में बहुत-से ऐप्स काम करते रहते हैं, जिससे आपको बिना पता चले आपका क़ीमती डाटा ख़र्च होता रहता है. इससे बचने के लिए सेटिंग्स में डाटा यूसेज़ में जाएं और रेस्ट्रिक्ट बैकग्राउंड डाटा ऑप्शन पर टिक करें. इससे आपका काफ़ी डाटा बच जाएगा.

– जब भी घर पर रहें, तब मोबाइल डाटा ऑफ करके घर का वाई-फाई इस्तेमाल करें. घर पर वाई-फाई लगवाना काफ़ी फ़ायदेमंद होता है, इसमें आप एक कंप्यूटर के साथ 2-3 मोबाइल भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

– ग़ैरज़रूरी पुश नोटिफिकेशन बंद करें. आजकल की सोशल नेटवर्किंग साइट्स और मैसेजिंग साइट्स पर ये बहुत ज़्यादा होते हैं, जो बेवजह आकर आपका डाटा ख़र्च करते रहते हैं. मोबाइल के सिस्टम सेटिंग्स में जाकर पुश नोटिफिकेशन का ऑप्शन डिसेबल कर दें.

– गाने सुनने के शौक़ीन हैं, तो ऑनलाइन सुनने की बजाय अपने पसंदीदा गानों को एक बार में ही डाउनलोड कर लें, उसके बाद आप जब चाहें, तब उनका लुत्फ़ उठा सकते हैं.

– ऐप्स को अपडेट करने के लिए उन्हें वाई-फाई अपडेट मोड पर रखें. इसके लिए प्ले स्टोर में जाकर सेटिंग्स पर क्लिक करके ऑटो अपडेट ऑप्शन चेक करें. ऑटो अपडेट ऐप्स ओवर वाई-फाई ओनली सिलेक्ट करें.

– अपने डाटा यूसेज़ पर नज़र रखें. इससे आपको पता चलेगा कि कौन-सा ऐप कितना डाटा इस्तेमाल कर रहा है. इसके बाद आप ऐप्स के मुताबिक लिमिट सेट कर सकते हैं, ताकि वह ऐप उससे ज़्यादा डाटा इस्तेमाल न कर पाए.

– मोबाइल ब्राउज़र का सही चुनाव करके भी आप मोबाइल डाटा बचा सकते हैं. इसके लिए मोबाइल के लिए इस्तेमाल होनेवाले ब्राउज़र्स चुनें, जो ज़्यादा डाटा ख़र्च किए बिना अच्छी स्पीड से काम करते हैं. इसके लिए गूगल क्रोम, ओपेरा मिनी और टेक्स्ट ओनली ब्राउज़र्स का इस्तेमाल कर सकते हैं.

– अगर आप बहुत ज़्यादा मैप्स यानी ऑनलाइन नक्शों का इस्तेमाल करते हैं, तो ट्रैवलिंग से पहले ही वाईफाई पर गूगल मैप्स डाउनलोड कर लें. बाद में बिना ऑनलाइन गए आप ऑफलाइन भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

– बहुत-से लोग मोबाइल में जगह बनाने के लिए कैश मेमोरी डिलीट कर देते हैं. पर अगर आप इंटरनेट का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो ऐसा न करें, क्योंकि कैश में ऐसी कई ईमेजेस डाउनलोडेड होती हैं, जो अगली बार डाउनलोड होने से बच जाएंगी.

– अकाउंट सिंक्रोनाइज़ सेटिंग्स का सही इस्तेमाल करें. फेसबुक और गूगल प्लस की सेटिंग्स में जाकर ऑटो सिंक्रोनाइज़ डिसेबल कर दें. इससे बेवजह ईमेजेस डाउनलोड नहीं होंगी और आपका डाटा कम ख़र्च होगा.

यह भी पढ़ें: ज़िंदगी को आसान बनानेवाले ऐप्स

 

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डाटा बचाने के स्मार्ट ऐप्स

– अगर आप ऑनलाइन मैप्स वगैरह हमेशा देखते हैं, तो Navfree (नेवफ्री) और
Mapswithme Light (मैप्सविदमी लाइट) आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकते हैं, क्योंकि ये ऑफलाइन भी काम करते हैं.

Opera Max (ओपेरा मैक्स): अपने मोबाइल में यह ऐप इंस्टॉल करें. यह आपके वीडियोज़, इमेजेस और वेब पेजेस को कंप्रेस करके आपका डाटा सेव करने में आपकी मदद करता है. इसके अलावा अगर कोई ऐप ज़रूरत से ज़्यादा डाटा इस्तेमाल कर रहा है, तो यह ऐप आपको इसकी जानकारी भी देता है और सबसे बड़ी बात यह है कि फ्री ऐप है.

Onavo Extend (ओनावो एक्सटेंड): फेसबुक द्वारा 2013 में लाया गया यह ऐप आपके मोबाइल डाटा को कंप्रेस करके डाटा सेव करने में आपकी मदद करता है.

Google Chrome (गूगल क्रोम): अगर आप गूगल क्रोम ब्राउज़र का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अलग से डाटा कंप्रेसर डाउनलोड करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि क्रोम में डाटा कंप्रेशन की सुविधा पहले से ही है.

UC Browser HD (यूसी ब्राउज़र एचडी): यह भी काफ़ी लोकप्रिय डाटा कंप्रेशन ब्राउज़र ऐप है. अपने मोबाइल में इसे डाउनलोड कर आप अपना क़ीमती डाटा बचा सकती हैं. इसमें ऐड ब्लॉकर्स की भी सुविधा मौजूद है. आजकल बहुत-सी मोबाइल कंपनियां इसे इनबिल्ट ऐप के तौर पर पेश करती हैं. अगर आप क्रोम इस्तेमाल नहीं कर रहे हो, तो यूसी ब्राउज़र आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन है.

What’s Local Today (व्हाट्स लोकल टुडे): यह एक ब्राउज़र ऐप है, जो बैकग्राउंड में काम नहीं करता, जिससे आपका काफ़ी मोबाइल डाटा बच जाता है. यह एक ऑल-इन-वन ऐप है, जिसकी मदद से आप बेवजह के कई ऐप्स को अपने मोबाइल से हटा सकते हैं. इसके इस्तेमाल से मोबाइल की बैटरी भी लंबे समय तक चलती है.

– सत्येंद्र सिंह

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