motherhood

वर्ल्ड ग्रैटीट्यूड डे यानी विश्व आभार दिवस 21 सितंबर को मनाया जाता है और इस दिन हम भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं हर उस बात के लिए जो हमें जीवन में उन्होंने दिया है. इसके अलावा हम उन लोगों का भी दिल से आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने हमारा साथ दिया, किसी ना किसी तरह से हमें बेहतर महसूस कराया. हमें बेहतर करना सिखाया और बेहतर इंसान बनाया.

अनुष्का शर्मा ने अपने बेबी बंप के साथ एक बेहद प्यारी तस्वीर शेयर की है और भावनात्मक नोट लिखा है जिसका निचोड़ यह है कि उन लोगों का दिल से आभार जिन्होंने किसी ना किसी तरह से मेरे साथ अच्छा बर्ताव किया, मुझपर मेहरबान रहे और मुझे उनकी वजह से यह एहसास हुआ कि दुनिया में अच्छाई है और अब वक़्त है कि मैं भी उनसे यह सब सीखकर उसी काम और व्यवहार को आगे बढ़ाऊँ!

अनुष्का ने एक प्यारी तस्वीर भी शेयर की है. वो पूल में स्विम सूट में हैं और उनके चेहरे पर अलग ही ग्लो है, मातृत्व की खुशी साफ़ झलक रही है.

Anushka Sharma

मां बनना हर औरत का सपना होता है, लेकिन आजकल कई महिलाएं मां नहीं बन पा रही हैं. महिलाओं के मां न बन पाने के कारण जानने के लिए हमने बात की इंटीग्रेटिव न्यूट्रीशनिस्ट एंड हेल्थ कोच नेहा रंगलानी से, उन्होंने हमें इसकी वजहें और उपाय कुछ इस तरह बताए:

सबसे पहले अपने शरीर को समझें
इंटीग्रेटिव न्यूट्रीशनिस्ट एंड हेल्थ कोच नेहा रंगलानी के अनुसार, मां बनने की प्लानिंग करने से पहले महिलाओं को अपने शरीर को समझना चाहिए. हमारी बॉडी बहुत स्मार्ट है, वो जानती है कि शरीर के लिए कब और क्या ज़रूरी है. जब कोई महिला मानसिक या शारीरिक स्ट्रेस में होती है, तो उसका शरीर उसे मां नहीं बनने देता, क्योंकि शरीर जानता है कि अभी वो महिला मां बनने के लिए तैयार नहीं है. ये स्ट्रेस शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक, किसी भी तरह का हो सकता है. इस स्ट्रेस के कारण महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जिसके कारण वो मां नहीं बन पाती.

लाइफस्टाइल है ज़िम्मेदार
महिलाओं के मां न बन पाने के लिए काफ़ी हद तक उनकी लाइफस्टाइल ज़िम्मेदार है. जंक फूड का अधिक सेवन, ओवर ईटिंग, मोटापा, ज़रूरत से ज़्यादा डायटिंग, अचानक वज़न बढ़ना या बहुत ज़्यादा वज़न घटना, एक्सरसाइज़ बिल्कुल न करना या ज़रूरत से ज़्यादा एक्सरसाइज़ करना भी मां बनने में बाधक होते हैं. कई महिलाएं अपने खानपान पर बिल्कुल ध्यान नहीं देतीं, फिर अनाप-शनाप खाकर जब मोटापा बढ़ जाता है, तो क्रैश डायटिंग करना शुरू कर देती हैं. इसी तरह कई महिलाएं या तो बिल्कुल भी एक्सरसाइज़ नहीं करतीं या फिर ज़रूरत से ज़्यादा एक्सरसाइज़ करती हैं. इन सबके चलते शरीर में इतनी तेज़ी हार्मोनल बदलाव होता है कि शरीर का हार्मोनल बैलेंस ही बिगड़ जाता है, इसीलिए मां बनने का मन बनाने से पहले महिलाओं को अपनी लाइफस्टाइल पर भी ध्यान देना चाहिए.

बढ़ रही है पीसीओएस/पीसीओडी की समस्या
आजकल लड़कियों में बहुत कम उम्र में ही पीसीओएस की समस्या देखी जा रही है. इसका कारण उनका ग़लत खानपान और स्ट्रेस है. पीसीओएस/पीसीओडी के कारण महिलाओं में ओवेल्यूशन नहीं होता, उनके शरीर में एग नहीं बन पाते, उनके पीरियड्स रेग्युलर नहीं होते, जिसके कारण वो मां नहीं बन पाती. पीसीओएस/पीसीओडी की समस्या से बचने के लिए महिलाओं को अपने खानपान और लाइफस्टाइल पर ख़ास ध्यान देना चाहिए.

स्ट्रेस से बचना है ज़रूरी
यदि कोई महिला बहुत ज़्यादा स्ट्रेस में है, तो इससे उसके मां बनने में दिक्कत आ सकती है. ये स्ट्रेस किसी भी तरह का हो सकता है, जैसे- यदि आपका जॉब बहुत स्ट्रेसफुल है, तो आपको मां बनने में तकलीफ़ हो सकती है. यदि पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव चल रहा है, घर में तनाव चल रहा है, तो इससे भी आपकी फर्टिलिटी प्रभावित हो सकती है. कोई बड़ी बीमारी, दवाइयों का अधिक सेवन, भावनात्मक आघात, फाइनांशियल लॉस जैसे कई कारण, जिनसे आपका स्ट्रेस लेवल और हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाता है, उनके कारण भी फर्टिलिटी में कमी आती है.

सीखें स्ट्रेस से बचने के ट्रिक्स
आजकल लोग बात-बात पर तनावग्रस्त तो हो जाते हैं, लेकिन स्ट्रेस को रिलीज़ करने के लिए कोई प्रयास नहीं करते, ऐसे में तनाव उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करने लगता है. यदि आप मां नहीं बन पा रही हैं, तो आपको सबसे पहले अपनी लाइफस्टाइल में सुधार लाना होगा. तनाव से बचने, फिट और हेल्दी रहने के लिए नियमित रूप से योग, मेडिटेशन, एक्सरसाइज़ करना होगा, हेल्दी डायट लेनी होगी, पूरी नींद लेनी होगी. फिर जब आपके शरीर को इस बात की तसल्ली हो जाएगी कि अब आप मां बनने के लिए तैयार हैं, तो आप आसानी से कंसीव कर लेंगी.

सीखें ख़ुद से प्यार करना
कई महिलाओं में कॉन्फिडेंस की इतनी कमी होती है कि वो हर किसी से अपनी तुलना करने लगती हैं और ख़ुद को उससे कमतर समझने लगती हैं. ऐसी महिलाएं ख़ुद को स्वीकार नहीं कर पातीं और आगे चलकर अकेलेपन की शिकार हो जाती हैं. ऐसी महिलाओं को भी मां बनने में दिक्कत होती है इसलिए सबसे पहले ख़ुद से प्यार करना सीखें. इससे आपका शरीर भी पॉज़िटिव रिस्पॉन्ड करेगा और आप मां बन सकेंगी.

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महिलाओं के मां न बन पाने की आम वजहें
महिलाओं के मां न बन पाने की वैसे तो कई वजहें हैं, लेकिन आमतौर पर महिलाओं में बढ़ती इंफर्टिलिटी की ये वजहें हैं-

  • मोटापा सौ रोगों का कारण होता है और इंफर्टिलिटी इनमें से एक है. यदि किसी महिला का वज़न ज़रूरत से ज़्यादा है, तो उसे मां बनने में दिक्कत आ सकती है. ऐसे में वज़न घटाकर गर्भधारण किया जा सकता है.
  • अनियमित पीरियड्स के कारण महिलाएं मां नहीं बन पातीं. अनियमित पीरियड्स की कई वजहें हो सकती हैं, जैसे- पीसीओएस/पीसीओडी, ग़लत खानपान, अनियमित लाइफस्टाइल आदि.
  • पेल्विक ट्यूबरक्लोरसिस के कारण कई महिलाएं मां नहीं बन पातीं. पेल्विक ट्यूबरक्लोरसिस होने पर सबसे पहले इसका इलाज करवाना ज़रूरी है.
  • गर्भाशय में गांठ यानी फाइब्रॉयड होने के कारण कई महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पातीं. ऐसी स्थिति में कई बार सर्जरी करवाने की भी ज़रूरत पड़ती है.
  • गर्भाशय संबंधी समस्याएं जैसे- गर्भाशय में गांठ, कैंसर, टीबी, छोटा गर्भाशय आदि के कारण भी महिलाएं मां नहीं बन पातीं.
  • फैलोपियन ट्यूब का बंद होना भी गर्भ न ठहरने की एक वजह हो सकता है, इसलिए इसकी जांच भी ज़रूरी है.
  • ल्यूकोरिया, डायबीटीज, अनीमिया आदि के कारण भी महिलाओं में इंफर्टिलिटी की समस्या होती है.
  • कई महिलाओं को यौन संबंध बनाते समय दर्द होता है. इस दर्द की कई वजहें हो सकती हैं, जैसे- सेक्स को लेकर डर, पति-पत्नी में बॉन्डिंग कम होना, फोरप्ले की कमी आदि. इन सबके चलते महिलाएं सेक्स लाइफ को एंजॉय नहीं कर पातीं और उनके मां बनने में दिक्कत आती है.
  • डिप्रेशन, अनिद्रा, अकेलेपन की शिकार महिलाओं को इंफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है. ऐसी स्थिति में साइकोलॉजिस्ट से संपर्क किया जा सकता है. उचित काउंसलिंग से कई बार समस्या सुलझ जाती है और कई बार ट्रीटमेंट की भी ज़रूरत पड़ती है.

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मां बनने की प्लानिंग करने से पहले इन बातों पर ध्यान दें-

  • अपनी लाइफस्टाइल पर ख़ास ध्यान दें. स्ट्रेस से बचने की कोशिश करें. जंक फूड से परहेज करें.
  • बहुत जल्दी मोटे या पतले होने की कोशिश न करें, इससे मां बनने में परेशानी हो सकती है.
  • सिगरेट-शराब से दूर रहें.
  • देर रात तक जागना, पूरी नींद न लेना मां बनने में बाधक हो सकता है, इसलिए जल्दी सोने और पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें.
  • मिलावट वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से मां बनने में दिक्कत आ सकती है इसलिए अपने भोजन पर ख़ास ध्यान दें.
  • हरी सब्ज़ियां, ताज़े फल, फ्रूट जूस, ड्राइफ्रूट्स, स्प्राउट्स, सलाद आदि का सेवन फर्टिलिटी के फ़ायदेमंद है, इनका सेवन नियमित रूप से करें.
  • यदि आपको कारण समझ नहीं आ रहा है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें, ज़रूरत हो तो काउंसलर की मदद लें.
    – कमला बडोनी

मैरिड लाइफ (Married Life) में सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी (Good News) होती है मां (Mother) बनने की ख़बर. यदि आप भी मां बनने वाली हैं, तो पति को ये ख़ुशख़बरी कुछ स्पेशल अंदाज़ में दें. पति को कुछ ऐसे क्लू दें, जिससे उन्हें ये पता चल जाए कि आप मां और वो पापा बनने वाले हैं. आपका ये स्पेशल सरप्राइज़ उन्हें बहुत पसंद आएगा. यदि आप मां बनने वाली हैं तो पति को इन 10 अलग अंदाज़ में दें मां बनने की ख़ुशखबरी.

Cute Ways To Tell You're Pregnant

बदलते समय के साथ ही महिलाओं की सोच में भी बदलाव आया है. जहां एक तरफ़ पहले के समय में महिलाएं मां बनने की ख़ुशखबरी पाते ही शर्माकर अपने कमरे में चली जाती थीं, वहीं आजकल महिलाएं अलग-अलग तरीक़ों से पति को इस ख़ुशख़बरी का सरप्राइज़ देना पसंद करती हैं. इस ख़ास लम्हे को आप कैसे यादगार बना सकती हैं, आइए, हम आपको बताते हैं.

यदि आप मां बनने वाली हैं तो पति को इन 10 अलग अंदाज़ में दें मां बनने की ख़ुशखबरी:

1) डिनर को बनाएं ख़ास
अगर आपके पति खाने के शौक़ीन हैं तो रात के खाने में ख़ास उनकी पसंद की चीज़ें बनाएं. साथ ही टेबल पर एक छोटी प्लेट भी सजा दें. टेबल पर एक्स्ट्रा प्लेट, वो भी बच्चों वाली, देखकर पति को पता चल जाएगा कि आप उन्हें क्या ख़ुशख़बरी देना चाहती हैं. अपनी प्रेग्नेंसी की ख़ुशख़बर इस तरह बताने पर पति को आप पर और प्यार आ जाएगा.

2) ‘सून टू बी डैडी’ (Soon To Be Daddy) कैप्शन वाली टीशर्ट ख़रीदें
पति को आपके मां बनने की ख़ुशख़बर देने के लिए ऐसी टी-शर्ट ख़रीदें, जिस पर ‘डैडी’ (Daddy) या ‘सून टू बी डैडी’ (आप जल्दी ही पापा बनने वाले हैं) लिखा हो. ये टीशर्ट पति को गिफ्ट करके आप अपने मां बनने के सरप्राइज़ का मज़ा दोगुना कर सकती हैं.

3) बेबी ऑन बोर्ड (Baby On Board) का स्टिकर लगाएं
पति के साथ जब कार में जाएं तो कार में बैठने से पहले उस पर बेबी ऑन बोर्ड का स्टिकर लगाकर उन्हें सरप्राइज़ दें. ऐसा करने से उन्हें यह समझते देर नहीं लगेगी कि आप दोनों के अलावा अब किसी तीसरे की सुरक्षा का ख़्याल भी आपको रखना है.

4) प्रेग्नेंसी रिपोर्ट गिफ्ट करें
पॉज़िटिव प्रेग्नेंसी और सोनोग्राफी रिपोर्ट को अच्छी तरह गिफ्ट रैप करके सुबह-सुबह बेड टी और अख़बार के साथ पति के सामने रख दें. सुबह की पहली किरण के साथ इतनी बड़ी ख़ुशख़बरी आपके पति को खुशी से भर देगी.

5) बेडरूम को ऐसे सजाएं
घर में नन्हा मेहमान आने वाला/वाली है इसलिए घर को, ख़ासकर बेडरूम को उसके अनुसार सजाने की योजना बनाएं. इसके लिए पति के हाथ में बेडरूम डेकोर के सामान की लिस्ट थमा दें. लिस्ट में बच्चे का सामान देखकर उन्हें आपका गुड न्यूज़ का सरप्राइज़ मिल जाएगा.

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6) खट्टा खाने की इच्छा जताएं
जब पति घर आने वाले हों तो उन्हें आपके लिए कुछ खट्टा लाने को कहें. जब पति आपसे अचानक आपकी ऐसी इच्छा पर सवाल करें, तो आप उन्हें गुड न्यूज़ देकर सरप्राइज़ कर सकती हैं.

7) बेबी फोटो से घर सजाएं 
शाम को पति के घर आने से पहले पूरे घर को बेबी फोटो और खिलौनों से सजाकर नन्हें-मुन्ने के आने की ख़ुशखबरी देना एक अच्छा ऑप्शन है. आप पति से कुछ न कहें, घर को बच्चों की फोटो से सजा देखने पर पति को ख़ुद ये अनुमान लगाने दें कि ऐसा आपने क्यों किया है?

8) स्क्रीन पर बेबी की फोटो लगाएं
पति के लैपटॉप, मोबाइल आदि की स्क्रीन पर बेबी की फोटो लगाना भी उनके लिए एक अच्छा सरप्राइज़ हो सकता है.

9) सोनोग्राफी रिपोर्ट से सरप्राइज़ दें
अगर आपके पास पहली सोनोग्राफी की रिपोर्ट है तो उसे कॉपी करके पति को टीवी पर दिखाकर भी सरप्राइज़ कर सकती हैं.

10) डॉक्टर से मिलने साथ जाएं
जब डॉक्टर से मिलने जाएं तो रूटीन चेकअप का बहाना बनाकर पति को भी साथ चलने को कहें. फिर चेकअप के दौरान सोनोग्राफी की कॉपी दिखाकर पति के सामने ख़ुशख़बरी का खुलासा करें.

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मैं 29 वर्षीया एक बच्चे की मां हूं. तीन हफ़्ते पहले ही मेरी डिलीवरी हुई है और पिछले एक हफ़्ते से ब्लीडिंग बंद थी, पर कल ही मुझे दोबारा ब्लीडिंग हुई. उसके बाद से ही काफ़ी कमज़ोरी महसूस हो रही है. डिलीवरी के पहले ही डॉक्टर ने मुझे बताया था कि मेरा हीमोग्लोबिन बहुत कम है और सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी थी. क्या यह इसके कारण है?
– हंसा वाधवा, राजकोट.

अगर ब्लीडिंग बंद होने के बाद दोबारा हैवी ब्लीडिंग शुरू हो गई है, तो आपको तुरंत डॉक्टर को मिलना चाहिए. जैसा कि आपने बताया कि डॉक्टर ने आपको हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया के बारे में बताया था, तो हो सकता है कि एनीमिया के कारण आपको यूटेरस का इंफेक्शन हो गया हो. आपको तुरंत ब्लड टेस्ट और सोनोग्राफी करवाने की ज़रूरत है, ताकि इंफेक्शन का पता चल सके. कभी-कभी प्लासेंटा के कुछ टिश्यूज़ यूटेरस में रह जाते हैं, जिसके कारण भी इंफेक्शन हो सकता है.

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Can Low Hemoglobin Count Make You Tired
कुछ समय पहले आपने एक सवाल का जवाब दिया था, जहां एक लड़की का गर्भाशय नहीं था, पर ओवरीज़ थीं. मैं स़िर्फ यह जानना चाहती हूं कि क्या वह मां बन सकती है?
– करुणा यादव, दुर्ग.

जी हां, उसका गर्भाशय नहीं था, पर ओवरीज़ थीं और वह सरोगेसी (किराये की कोख) के ज़रिए मां बन सकती है. जहां आईवीएफ में महिला के ओवम को पति के स्पर्म्स के साथ बाहर फर्टिलाइज़ किया जाता है, वहीं इसमें महिला में फर्टिलाइज़ एग्स को सरोगेट मां की कोख में प्लांट किया जाता है. इसका मतलब यह है कि गर्भाशय न होते हुए भी स़िर्फ ओवरीज़ की मदद से वह बच्चे की बायोलॉजिकल मां बन सकती है.

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पीरियड्स के लिए क्विक टिप्स

* पीरियड्स में जब बहुत तेज़ पेटदर्द हो रहा हो, तो एक गिलास गुनगुने पानी में एक टीस्पून शुद्ध घी मिलाकर पीएं.
* इन दिनों पाचनशक्ति कमज़ोर रहती है, उसे ठीक रखने के लिए पपीता खाएं.
* दर्द के कारण अक्सर रात को नींद नहीं आती, इसलिए रात को सोने से पहले एक ग्लास गर्म दूध में खसखस मिलाकर पीएं.
* दर्द से राहत पाने के लिए एक ग्लास छाछ में मेथीदाना भिगोकर थोड़ी देर बाद पीएं.
* अनन्नास में ब्रोमलेन नामक एंजाइम होता है, जो दर्द में राहत दिलाता है, इसलिए अनन्नास खाएं.
* पीरियड्स के एक हफ़्ते पहले से ही खट्टी व ठंडी चीज़ें खाना बंद कर दें, क्योंकि इससे शरीर में शिथिलता आ जाती है, जिसके कारण दर्द ज़्यादा होता है.
* पीरियड्स से 72 घंटे पहले ही खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ा दें. इससे हमारी आंतें भी अच्छे ढंग से काम करती हैं और कब्ज़ की कोई शिकायत भी नहीं रहती.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

 

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