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ज़िंदगी जीने का फ़लसफ़ा सिखाती हैं बॉलीवुड की ये 5 फिल्में (5 Most Inspirational Movies Of Movies You Must Watch)

5 Most Inspirational Movies Of Movies You Must Watch
5 Most Inspirational Movies Of Movies You Must Watch

हम सभी फिल्में मनोरंजन के लिए देखते हैं, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी होती हैं, जो मजोरंजन के साथ-साथ हमें बहुत कुछ सिखा जाती हैं. ये फिल्में हमें ज़िंदगी को एक नए नज़रिये से देखने के लिए मजबूर कर देती हैं. किसी फिल्म के ख़त्म होने पर आपने भी महसूस किया होगा कि कैसे हम आत्मविश्वास से भर जाते हैं और अंदर से ऐसी भावना आती है कि हम भी जो चाहें कर सकते हैं. बॉलीवुड की ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में यहां हम चर्चा करेंगे, जिन्होंने न सिर्फ़ अनगिनत अवॉर्ड्स बटोरे, बल्कि दर्शकों को जीने का फलसफा भी सिखाया.

1. स्वदेश

नासा में काम करनेवाला एक कामयाब हिंदुस्तानी साइंटिस्ट भारत आता है, ताकि अपनी नैनी को अमेरिका ले जा सके. भारत आने पर अपने लोगों और उनकी ज़रूरतों के बीच उसे एहसास होता है कि उसकी ज़रूरत नासा से ज़्यादा यहां स्वदेश में है. आशुतोष गोवारिकर की यह फिल्म बेहद सरल और दिल को छू लेनेवाली है. फिल्म का संगीत भी अच्छा है. स्वदेश का टाइटल सॉन्ग हर हिंदुस्तानी के दिल में देशभक्ति को जोश भरने के लिए काफ़ी है. फिल्म से सीख मिलती है कि अपने लिए तो सभी जीते हैं, अपनों के लिए जियें तो कोई बात है.

2. इक़बाल

एक ऐसा लड़का जो गूंगा-बहरा है, लेकिन उसके जीवन का एकमात्र लक्ष्य इंडिया के लिए क्रिकेट खेलना है. न सुनने की शक्ति और न ही बोलने की क्षमता के बावजूद क्रिकेट के लिए उसका जुनून बेहद रोमांचक होता है. टीम इंडिया तक उसका सेलेक्शन देखने के काबिल होता है. नागेश कुकूनर की यह फिल्म बेहद इंस्पायरिंग है.

3. रंग दे बसंती

5 दोस्तों की यह कहानी दोस्ती की एक नई मिशाल पेश करती है. अपने दोस्त के लिए न्याय दिलाना ही उनके जीवन का मकसद बन जाता है. राजनीति पर भी अच्छा कटाक्ष किया गया है इस फिल्म में. इसके अलावा फिल्म इमोशंस, कॉमेडी, एक्शन और सस्पेंस से भरपूर है. एक बार फिल्म ज़रूर देखें.

4. आई एम कलाम

सफल लोगों को बहुत से लोग पढ़ते और सुनते हैं, पर बहुत कम लोग होते हैं, जो उनकी सीख और बातों को अपने जीवन में लागू करते हैं. बहुत से बच्चों की तरह छोटू भी राजस्थान का रहनेवाला एक छोटा बच्चा है, जो ढाबे पर काम करता है. एक दिन वो अब्दुल कलाम को सुनता है और उनसे इतना प्रभावित होता है कि अपना नाम भी कलाम रख लेता है. वह बड़ा होकर अब्दुल कलाम जैसा बनना चाहता है और उनसे मिलने दिल्ली भी पहुंच जाता है. एक बच्चे के हौसले की यह कहानी बेहद दिलचस्प है, जो हम सभी को हर परिस्थिति में ज़िंदगी में आगे बढ़ने का हौसला देती है.

5. स्टेनली का डिब्बा

अमोल गुप्ते की यह फिल्म ज़िंदगी की एक ऐसी सच्चाई से हम सबसे रूबरू कराती है कि हमें अपनी परेशानियां उस बच्चे के आगे छोटी नज़र आती हैं. स्टेनली अपने स्कूल में कभी लंच बॉक्स लेकर नहीं जाता, लेकिन उसके दोस्त इतने अच्छे हैं कि वो रोज़ उसे अपने डिब्बे में से खिलाते हैं. लेकिन एक टीचर स्टेनली के डिब्बे के पीछे पद जाता है. उसके बाद किस तरह वो डिब्बा लेकर स्कूल जाता है, वह काफ़ी इमोशनल है.

– अनीता सिंह

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बॉलीवुड हॉटीज़, जो सफलता के बाद अचानक सिल्वर स्क्रीन से ग़ायब हो गईं… (Bollywood Hotties Who Suddenly Disappeared)

Bollywood Hotties

बॉलीवुड हॉटीज़, जो सफलता के बाद अचानक सिल्वर स्क्रीन से ग़ायब हो गईं… (Bollywood Hotties Who Suddenly Disappeared)

ममता कुलकर्णी: जितनी स्वीट उतनी ही हॉट थीं ममता और लाखों इनके दीवाने बन गए थे. अच्छा-ख़ासा करियर चल रहा था कि ये इंडस्ट्री से गायब हो गईं. अरसे बाद ड्रग रैकेट के मामले में इनका नाम आने पर ये फिर सुर्ख़ियों में आईं. ड्रग माफिया रिकी गोस्वामी से इनके निजी संबंधों के चलते इनका भी नाम सामने आया, पर ममता का कहना है कि उन्होंने रिकी से शादी नहीं की थी और अब ममता पूरी तरह अध्यात्म में डूब चुकी हैं. उनकी तब की और अब की तस्वीरों में फर्क देखें-

Mamta KulkarniMamta Kulkarni

अनु अग्रवाल: आशिक़ी फिल्म की ये मासूम-सी नज़र आनेवाली टैलेंटेड एक्ट्रेस नियति के चलते बहुत कुछ झेलती गई. अनु ने आशिक़ी के बाद भी कई फिल्मों में काम किया और अपनी बोल्डनेस व अदाकारी से सबका दिल जीता, लेकिन एक एक्सिडेंट के बाद वो फिल्मों से गायब हो गई. आखिरी बार उन्हें 1996 में पर्दे पर देखा था. ये एक्सिडेंट बहुत भयानक था, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गई थी और उनका चेहरा भी काफ़ी डैमेज हो गया था. आज की तारीख़ में वो बिहार की यूनिवर्सिटी में योगा सिखाती हैं.

Mamta Kulkarniअनु अग्रवाल

मंदाकिनी: अपनी हॉटनेस से पर्दे पर आग लगानेवाली मंदाकिनी किसी ब्यूटी क्वीन से कम नहीं थीं. राज कपूर की डारेक्शन में राम तेरी गंगा मैली जैसी फिल्म करने के बाद भी मंदाकिनी अपनी पर्सनल लाइफ की वजह से फिल्मों से दूर हो गईं. अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद के साथ उनके अफेयर के काफ़ी चर्चे थे, इसी के चलते उनके करियर को भी काफ़ी नुक़सान पहुंचा. आज वो शादी करके सेटल हो चुकी हैं. उनके पति डॉक्टर हैं और तिब्बतन हर्बल सेंटर चलाते हैं.

MandakiniMandakini

मोनिका बेदी: जब अंडरवर्ल्ड और बॉलीवुड के कनेक्शन की बात निकल ही चुकी है, तो इसमें दूसरा नाम आता है मोनिका बेदी का. गुडिया जैसी नज़र आनेवाली मोनिका की चुलबुली अदाओं को सबने पसंद तो किया, पर उन्होंने फिल्में पाने के लिए ग़लत रास्ता चुन लिया. गैंगस्टर अबू सलेम के साथ उनका रिश्ता था. बाद में उन्हें डीपोर्ट कर लिया गया. इसके बाद वो बिगबॉस में भी आईं. फिल्हाल वो सुर्ख़ियों में नहीं हैं.

Monica bediMonica bedi

 

भूमिका चावला: फिल्म तेरे नाम में इनकी मासूमियत ने सबको दीवाना बना डाला था. लेकिन इसके बाद वो एक-दो मूवीज़ में ही नज़र आईं और योग गुरू भरत ठाकुर से शादी के बाद फिल्मों से वो नदारद ही हैं.

Bhumika ChawlaBhumika Chawla

मीनाक्षी शेषाद्रि: मीनाक्षी अपने आप में कंप्लीट एक्ट्रेस थीं और उतनी ही कामयाब भी. ख़ूबसूरती, डान्स, एक्टिंग, टैलेंट, सफल कैरियर- सब कुछ था उनके पास. फिल्म मेकर राजकुमार संतोषी उनसे इतना प्यार करते थे कि उनसे शादी करने के सपने देखने लगे थे, पर मीनाक्षी ने कभी उनका प्रपोज़ल नहीं अपनाया. मीनाक्षी और सिंगर कुमार सानु के अफेयर की चर्चा काफ़ी ज़ोरों पर थी और सबको लग रहा था दोनों शादी करेंगे, लेकिन फिर अचानक ही मीनाक्षी ने इंवेस्टमेंट बैंकर से शादी करके सबको चौंका दिया. आजकल वो अपने पति के साथ अमेरिका में रह रही हैं.

Meenakshi SeshadriMeenakshi Seshadri

मयूरी कांगो: मासूम चेहरे, लंबे सिल्की बाल और ख़ूबसूरत आंखें. मयूरी बेहद प्यारी थीं और उनकी फिल्म पापा कहते हैं का वो गाना- घर से निकलते ही, कुछ दूर चलते ही सबके लबों पर था. मयूरी ने कुछ फिल्में कीं, पर आज ये टैलेंटेड एक्ट्रेस शादीशुदा ज़िंदगी का मज़ा ले रही है.

Mayuri CongoMayuri Congo

नीलम: जी हां, चुलबुली नीलम कोठारी… याद है न जिनकी जोड़ी गोविंदा के साथ धूम मचाती थी. नीलम ने एक बिज़नेसमैन के बेटे के साथ शादी करके फिल्म लाइन को अलविदा कह दिया था, पर उनकी शादी ज़्यादा नहीं टिकी. उसके बाद उनकी ज़िंदगी में आए समीर सोनी, जो टीवी का जानामाना नाम हैं. दोनों आज अपनी शादी में ख़ुश हैं और सोशली काफ़ी एक्टिव भी हैं.

शीबा: अच्छा ब्रेक मिलने के बाद भी शीबा फिल्मों में उतनी कामयाब नहीं हो पाईं, लेकिन उनकी हॉटनेस के चर्चे सबकी ज़ुबां पर थे. हालांकि शीबा ने पंजाबी फिल्मों में भी काम किया और फिर फिल्ममेकर से शादी करके गृहस्थी संभाल ली.

सोनू वालिया: सुपर मॉडल और मिस इंडिया रह चुकीं सोनू वालिया हॉटनेस का दूसरा नाम थीं. उनके बोल्ड सीन्स काफ़ी चर्चा में रहे और फिल्म खून भरी मांग के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का ख़िताब भी मिला. सोनू ने अमेरिका के हाटेलियर से शादी की, लेकिन उनके पति का बीमारी के चलते निधन हो गया. वो मुंबई लौट आईं और सुनने में आया है कि वो अब प्रोडक्शन में अपनी किस्मत आज़माना चाहती हैं.

Sonu WaliaSonu Walia

संगीता बिजलानी: अपने ज़माने की सुपर मॉडल और मिस इंडिया रह चुकीं संगीता पर्सनल लाइफ को लेकर ज़्यादा चर्चा में रहीं. एक समय था, जब सलमान ख़ान को लोग संगीता के बॉयफ्रेंड के नाम से जानते थे. दोनों की शादी नहीं हो पाई, फिर संगीता की ज़िंदगी में आए क्रिकेटर मोहम्मद अज़हरूद्दीन. कुछ समय बाद दोनों अलग हो गए. अब संगीता फिर से मुंबई में हैं और सलमान की फैमिली फ्रेंड के तौर पर अक्सर उनके घर के फंक्शन्स में भी नज़र आती हैं.

Sangeeta Bijlani

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पुनर्जन्म पर बनी बॉलीवुड की ये 10 फिल्में, कौन-सी है आपकी फेवरेट? (Top 10 Bollywood Movies Based On Reincarnation)

Bollywood Movies Based On Reincarnation

पुनर्जन्म पर फिल्में बनाना हमेशा से ही बॉलीवुड पसंदीदा सब्जेक्ट रहा है. इतने सालों में इस विषय पर बॉलीवुड में अनगिनत फिल्में बनी हैं, पर कुछ फिल्में हैं, जिन्हें हर किसी को एक बार तो ज़रूर देखनी चाहिए. आप भी देखें ये 10 पुनर्जन्म पर बनी फिल्में और बताइए आपकी फेवरेट कौन-सी है.

1. मधुमती (1948)

Bollywood Movies Based On Reincarnation

मशहूर डायरेक्टर बिमल रॉय के निर्देशन में बनी यह उस साल की सबसे हिट फिल्म थी. फिल्म में जहां मुख्य भूमिका में दिलीप कुमार और वैजंतीमाला हैं, वहीं प्राण और जॉनी वॉकर सर्पोटिंग रोल में हैं. फिल्म की कहानी पुर्नजन्म पर आधारित है, एक बेहतरीन कहानी है. शहरी बाबू आनंद को गांव की आदिवासी लड़की मधुमती से प्यार हो जाता है, पर दोनों मिल नहीं पाते, क्योंकि मधुमती का मर्डर हो जाता है. दोनों पुनर्जन्म लेकर 30 साल बाद वापस मिलते हैं और इस बार मधुमती के कातिल को सबके सामने लाते हैं. यह फिल्म पुनर्जन्म पर बनी बॉलीवुड की शुरुआती फिल्मों में से एक है. फिल्म को उस साल के नौ फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे, जो अब तक किसी फिल्म को नहीं मिले थे. फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म का संगीत और गाने आज भी उतने ही लोकप्रिय है. सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसी, दिल तड़प-तड़प कह रहा है आ भी जा, आजा रे परदेसी, चढ़ गयो पापी बिछुआ, ज़ुल्मी संग आंख लड़ी… जैसे कई बेहतरीन गाने आज भी लोगों की ज़ुबां पर रहते हैं.

2. मिलन (1967)

Milan

सुनील दत्त, नूतन, जमुना, प्राण, देवेन वर्मा जैसे स्टारकास्ट से बनी यह फिल्म उस साल की ब्लॉकबस्टर हिट फिल्म थी. फिल्म के निर्देशन अदुर्ती सुब्बा राव थे. यह फिल्म उनकी तेलुगू फिल्म मूगा मनसुलू का रीमेक है. फिल्म की कहानी शुरू होती है गोपी और राधा की शादी से. शादी के बाद हनीमून के लिए जाते हैं, जहां जाकर गोपी को अपने पिछले जन्म के बारे में धीरे-धीरे सब याद आ जाता है. पिछले जन्म में गोपी एक साधारण नाविक था और राधा उसी के गांव की एक धनी परिवार की बेटी. राधा जब विधवा हो जाती है, तो उसके साथ गोपी का नाम जोड़कर जब लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश करते हैं, तो वो दोनों नदी में कूदकर अपनी जान दे देते हैं. कुदरत का कमाल ही होता है कि अगले जन्म में दोनों मिलते हैं और लव मैरिज करते हैं. फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलालजी का है और गाने आज भी बेहद लोकप्रिय हैं. सावन का महीना पवन करे शोर, हम-तुम युग-युग से, मैं तो दीवाना, राम करे ऐसा हो जाए, बोल गोरी बोल तेरा कौन पिया… जैस बेहतरीन गानों से सजी ये फिल्म एक बार ज़रूर देखें.

3. नील कमल (1968)

Neel Kamal

राम माहेश्‍वरी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में वहीदा रहमान, मनोज कुमार, राजकुमार मुख्य भूमिका में हैं. वहीदा रहमान को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म की कहानी पुनर्जन्म पर आधारित एक बेहतरीन एकतरफ़ा प्यार पर आधारित कहानी है. फिल्म की कहानी शुरू होती है सीता कॉलेज ट्रिप पर गई है, जहां खंडहरों से कुछ आवाज आती है. सीता रोज़ की तरह रात को नींद में चलती रहती है, तभी उसे गाड़ी से बचाने राम वहां पहुंच जाता है. राम और सीता की शादी हो जाती है, पर उसका रोज़ रात को नींद में चलना जारी रहता है. उसकी सास और ननद उसके पति को भड़काती हैं कि उसका किसी ग़ैरमर्द से संबंध है, जिससे मिलने वो रात को जाती है. एक रात सीता वहां पहुंच जाती है, जहां पुराने ज़माने के चित्रकार चित्रसेन को ज़िंदा दीवार में चुनवा दिया था, क्योंकि वो राजकुमारी नील कमल से प्रेम करता था. रोज़ रात को चित्रसेन ही गाना गाकर नील कमल को बुलाता है. पर सीता उससे कहती है कि उसने कभी उससे प्यार नहीं किया और वो स़िर्फ अपने पति राम से प्यार करती है, तो चित्रसेन की भटकती आत्मा हमेशा के लिए वहां से लुप्त हो जाती है. फिल्म का गीत-संगीत ज़बर्दस्त है. रोम-रोम में बसनेवाले राम, बाबुल की दुआएं लेती जा, आ जा तुझको पुकारे मेरा प्यार आज भी लोकप्रिय हैं.

4. कर्ज़ (1980)

Kare

सुभाष गई द्वारा निर्देशित इस फिल्म में ऋषि कपूर, टीना मुनीम और सिमी गरेवाल मुख्य भूमिका में थे. फिल्म की कहानी एक ऐसे लड़के मॉन्टी की है, जो सिंगर और म्यूज़िशियन है. एक दिन एक धुन बजाते ही उसे पुराना कुछ याद आता है और उसका पता लगाने के लिए उस जगह पर जाता है. वहां उसे पता चलता है कि जिससे उसने दिलो जान से चाहा था और शादी की थी, उसी कामिनी ने दौलत के लिए उसका खून कर दिया था, इसीलिए वह पुनर्जन्म लेकर वापस आया है, ताकि मौत का कर्ज़ उतार सके. फिल्म के गाने इतने पॉप्युलर हुए थे कि लोगों की ज़बान पर रहते थे. फिल्म का संगीत दिया था मशहूर म्यूज़िक जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलालजी ने. ओम शांति ओम, एक हसीना थी, दर्दे दिल दर्दे जिगर, मैं सोलह बरस की जैसे बेहतरीन गानें इसी फिल्म की सौगात हैं.

5. कुदरत (1981)

Kudrat

चेतन आनंद द्वारा लिखी और निर्देशित इस फिल्म में राजेश खन्ना, हेमा मालिनी, राजकुमार और विनोद खन्ना मुक्य भूमिका में थे. महबूबा के बाद राजेश खन्ना और हेमा मालिनी की यह दूसरी फिल्म थी, जो पुनर्जन्म पर आधारित थी. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर चार करोड़ से ज़्यादा की कमाई की थी. राजेश खन्ना को फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म की कहानी को फिल्मफेयर बेस्ट स्टोरी का अवॉर्ड मिला था. फिल्म की कहानी शुरू होती है चंद्रमुखी से जो पहली बार शिमला जाती है, पर वहां उसे बहुत कुछ जाना-पहचाना लगता है. इसी बीच चंद्रमुखी मोहन से मिलती है, जो वकील था अपने मेंटर जनक से मिलने आया था. चंद्रमुखी को सब याद आ जाता है कि पिछले जन्म में वह पारो और मोहन माधव था और दोनों एक-दूसरे को बहुत प्यार करते थे, पर जमींदार जनक चंद्रमुखी का बलात्कार कर उसे मार डालता है. उसके मरने की ख़बर से माधव भी ख़ुदकुशी कर लेता है. जनक के ख़िलाफ़ वो कोर्ट में जाता है और सच सबके सामने आ जाता है. फिल्म का ज़बर्दस्त संगीत आरडी बर्मन ने दिया है और लिरिक्स मजरूह सुल्तानपुरी के हैं. इसके गीत तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया और हमें तुमसे प्यार कितना काफ़ी पॉप्युलर हैं.

6. सूर्यवंशी (1992)

Bollywood Movies Based On Reincarnation

फिल्म में सलमान खान, शीबा और अमृता सिंह लीड रोल में थे. अमृता सिंह इस फिल्म में निगेटिव किरदार में नज़र आई हैं. फिल्म के डायरेक्टर राकेश कुमार हैं. एक महल की खुदाई के दौरान कई साल पुरानी एक कहानी सामने निकलकर आती है, जिसके मुताबिक राजकुमारी सूर्यलेखा की आत्मा उस महल में फंस गई है और राजकुमार विक्रम सिंह का इंतज़ार कर रही है. विक्की पूर्व जन्म में र्सूर्यवंशी राजकुमार विक्रम सिंह था, जो अपने दोस्त का बदला लेने के लिए सूर्यलेखा से प्यार का नाटक करता है. सूर्यलेखा महल से कूदकर जान दे देती है और विक्रम सिंह को राजगुरू मार देते हैं. यह एक एक्शन ड्रामा फिल्म है.

7. करण-अर्जुन (1995)

Karan Arjun

बॉलीवुड के दो सबसे बड़े सुपरस्टार्स शाहरुख खान और सलमान खान एक साथ इस फिल्म में पुनर्जन्म लें और फिल्म सुपरहिट न हो, ऐसा भला हो सकता है क्या. एक लाचार मां के दो बेटे जो मरने के बाद अलग-अलग जगह पैदा होते हैं, पर पिछले जन्म के बारे में याद आते ही अपनी मां के पास आ जाते हैं, ताकि अपनी मौत का बदला ले सकें. फिल्म के निर्माता और निर्देशक राकेश रोशन हैं. फिल्म में राखी,
काजोल, अमरीश पुरी, ममता कुलकर्णी और जॉनी लिवर मुख्य भूमिका में हैं. फिल्म का डायलॉग मेरे करण-अर्जुन आएंगे रोज़मर्रा की बातचीत का हिस्सा बन गया है. फिल्म के संगीतकार राजेश रोशन को फिल्मफेयर का बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला था. फिल्म के सभी गाने बहुत मशहूर हैं.

8. ओम शांति ओम (2007)

Om Shanti Om

फराह ख़ान की यह फिल्म 1948 की फिल्म मधुमती से इंस्पायर्ड है. शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण और अर्जुन रामपाल की इस फिल्म से दीपिका पादुकोण ने डेब्यू किया था. दीपिका पादुकोण को इसके लिए फिल्मफेयर का बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड भी मिला. फिल्म की कहानी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अदाकारा और एक स्ट्रगलिंग एक्टर की लव स्टोरी पर है, जो दोबारा जन्म लेकर गुनहगार को सबके सामने लाते हैं. फिल्म

9. मक्खी (2012)

Makkhi

बाहूबली जैसी सुपरहिट फिल्म बनानेवाले लेजेंडरी फिल्ममेकर एसएस राजमौली द्वारा निर्देशित यह फिल्म पहले तेलुगू में बनी थी, जिसे बाद में हिंदी में डब किया गया था. पहली बार इस फिल्म में ऐसा हुआ था कि हीरो मरकर एक मक्खी के रूप में पुनर्जन्म लेकर आता है और अपनी प्रेमिका को हर मुश्किल से बचाता है. फिल्म की कहानी बेहद मज़ेदार है. मक्खी के रूप में आकर विलेन को सताना और ख़त्म कर देना दर्शकों को बेहद दिलचस्प लगता हैै. फिल्म के बेहतरीन इफेक्ट्स के लिए इसे नेशनल अवॉर्ड फॉर बेस्ट स्पेशल इफेक्ट मिला. मनोरंजन के शौकीनों को यह फिल्म एक बार ज़रूर देखनी चाहिए.

10. हाउसफुल 4 (2019)

Housefull 4

साजिद नाडियादवाला की यह कॉमेडी फिल्म भी पुनर्जन्म पर आधारित है. अक्षय कुमार, रितेश देखमुख, बॉबी देओल, कृति सेनॉन, पूजा हेगड़े और कृति खरबंदा मुख्य भूमिका में हैं. 14वीं शताब्दी के राजकुमारों और राजकुमारियों की प्रेम कहानी, जब 800 साल बाद दोबारा मिलते हैं, तो किस तरह उनकी ज़िंदगी में बदलाव आते हैं. कॉमेडी दर्शकों को पसंद आई. 250 करोड़ के पार कमाई करनेवाली इस फिल्म का गाना बाला ओ बाला काफ़ी पॉप्युलर हुआ है.

– अनीता सिंह

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फ्राइडे बूम: टीज़र, ट्रेलर, जन्मदिन और फिल्मों का चौतरफ़ा धमाल… (Friday Boom: Teaser, Trailer, Birthday And All-round Blast Of Movies…)

Friday Boom

ऐसा बहुत कम ही होता है, जब एक ही दिन कई सारी बेहतरीन, मज़ेदार, रोमांच से भरपूर बातें होती हैं. जी हां, आज शुक्रवार को विकी कौशल व भूमि पेडनेकर स्टारर फिल्म भूत पार्ट वन- द हॉन्टेड शिप का डर व रोंगटे खड़े कर देनेवाला टीज़र रिलीज़ हुआ. वहीं तापसी पन्नू की समाज की सोच पर तमाचा जड़नेवाली थप्पड़ मूवी का ट्रेलर भी बेहद दिलचस्प रहा. हमारी प्यारी डिंपल छब्बी गर्ल प्रिटी ज़िंटा का आज जन्मदिन भी है. इसके अलावा हिमेश रेशेमिया की लाजवाब अदाकारीवाली संगीतमय पिक्चर हैप्पी, हार्डी एंड हीर ने भी ज़बर्दस्त ओपनिंग की. वैसे भी इसके सभी गाने पहले से ही सुपर-डुपर हिट हो गए हैं, ख़ासकर हिमेश व रानू मंडल द्वारा गाया गाना तेरी मेरी कहानी…

Friday Boom

लेकिन अभी पिक्चर बाकी है मेरे दोस्त… जी हां, इसके अलावा नोबेल शांति पुरस्कार विजेता व एक्टिविस्ट मलाला युसुफजई पर आधारित गुल मकई फिल्म भी रिलीज़ हुई. इसमें मलाला का क़िरदार रीमा शेख ने निभाया है. पगले आज़म, डांस बार और हॉलीवुड की हिंदी डब के साथ विल स्मिथ की बैड बॉयज़ फॉर लाइफ भी प्रदर्शित हुई है. कुछ दिन पहले रोहित शेट्टी व कई सितारे जैसे अक्षय कुमार, अजय देवगन, रणवीर सिंह आदि ने इस फिल्म की रिलीज़ से जुड़ा दिलचस्प वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था, जिसे लोगों ने ख़ूब पसंद किया था.

धर्मा प्रोडक्शन की भूत फिल्म डराने के साथ-साथ उत्सुकता भी पैदा करती है. पहली बार करण जौहर हॉरर फिल्म बनाने की तरफ़ कदम बढ़ा रहे हैं. कल इस फिल्म के पोस्टर्स ने तो लोगों के मन में जिज्ञासा पैदा की ही थी. लेकिन आज फिल्म का टीज़र देख पूरी फिल्म देखने की बेताबी भी बढ़ गई है. विकी कौशल कैसे एक पानी के जहाज में नीचे की तरफ़ अंधेरे में टार्च लेकर आते हैं, उन्हें परछाई, फिर कई हाथ दिखाई देते हैं, साथ ही उनका ही विभत्स चेहरा… बैकग्राउंड म्यूज़िक, विकी कौशल की भाव-भंगिमाएं और माहौल सब कुछ डरावना तो लगता ही है, लेकिन मज़ा तो तब आएगा, जब इसे सिनेमा हॉल के बड़े पर्दे पर देखा जाएगा. फ़िलहाल आप तस्वीरों व टीज़र का मज़ा लीजिए…

“हां, एक थप्पड़, लेकिन नहीं मार सकता…” तापसी पन्नू का फिल्म थप्पड़ का यह संवाद पूरी कहानी बयां कर देता है. पति द्वारा भरी महफ़िल में पत्नी को थप्पड़ मारने पर उनकी ख़ुशहाल ज़िंदगी पर ग्रहण लग जाता है. तापसी अपने आत्मसम्मान के लिए पति पर केस करना चाहती है, लेकिन किसी भी वकील को उनका केस मज़बूत नहीं लगता, क्योंकि आज भी समाज में पत्नी पर हाथ उठाना या मारने को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता. किस तरह एक छोटी-सी बात से तापसी के जीवन में कोहराम मच जाता है. सभी उसे ही समझाने की कोशिश करते हैं, फिर चाहे वो मायकेवाले हो या ससुरालवाले. अनुभव सिन्हा के निर्देशन का कमाल तो हम हाल ही के मुल्क व आर्टिकल 15 फिल्मों में देख ही चुके हैं. अब वे समाज की ग़लत सोच व विचारधारा पर करारा प्रहार करते हुए थप्पड़ लेकर आए हैं. पिंक, नाम शबाना, मुल्क, सांड की आंख के बाद एक बार फिर तापसी पन्नू ने अपने सशक्त अभिनय का लोहा मनवाया है. इसमें कोई संशय नहीं है कि थप्पड़ का ट्रेलर हमारी सोसाइटी की मानसिकता पर कठोर तमाचा जड़ता है. आप भी देखें और ख़ुद फैसला करें…

हिमेश रेशेमिया ने व़क्त के साथ अभिनय में ख़ुद को काफ़ी संवारा है फिल्म हैप्पी, हार्डी एंड हीर देखकर तो यही लगता है. उनके अभिनय में निखार आया है और सुर में तो बहार हमेशा से ही रहा है. फिल्म में दोहरी भूमिका में होने के बावजूद उन्होंने अपने अनोखे अंदाज़ से कहीं भी बोरियत महसूस नहीं होने दी. हैप्पी यानी हिमेश रेशेमिया हीर (सोनिया मान) को प्यार करते हैं. दोनों बचपन से एक-दूसरे के अच्छे दोस्त है. फिर हीर लंदन जाती है, तो हैप्पी भी वहां पहुंचता है. वहीं हार्डी हिमेश डबल रोल में है, से हीर की मुलाक़ात होती है और वो उसे पसंद करने लगती है. हैप्पी जहां जीवन में असफल रहा है, वहीं हार्डी कामयाब बिज़नेसमैन है. हीर के लिए दोनों अज़ीज़ है, अब वो अपने लिए किसे चुनती है, जानने के लिए फिल्म देखनी पड़ेगी. सोनिया मान की यह पहली फिल्म है और उन्होंने ठीक-ठाक काम किया है. फिल्म में कॉमेडी, म्यूज़िक, रोमांस सब कुछ है. दिल को लुभानेवाले लंदन के ख़ूबसूरत नज़ारे फिल्म के आकर्षण को और भी बढ़ाते हैं.

Friday BoomFriday Boom

प्रिटी ज़िंटा ने हिंदी फिल्मों अपने मासूम, चुलबुली व गंभीर अभिनय से सभी को प्रभावित किया है. क्या कहेना, कल हो न हो, वीर ज़ारा जैसी फिल्मों से उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई. आईपीएल में टीम किंग्स इलेवन पंजाब की मालिक भी हैं प्रिटी. अक्सर क्रिकेट मैच में उन्हें टीम का उत्साह बढ़ाते देखा जाता है. शादी के बाद यूं तो फिल्मों से थोड़ा दूर हैं. लेकिन हाल ही में सलमान ख़ान की दंबग 3 को प्रमोट करते हुए अलग अंदाज़ में नज़र आई थीं. जन्मदिन मुबारक हो..बोल्ड, चार्मिंग व प्रिटी इस अदाकारा के दिलकश अदाओं को देखते हैं…

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मिलिए बॉलीवुड की इन फीमेल विलेन यानी वैंप्स से, जिनके एक्सप्रेशन्स ही होते थे जानलेवा! (Most Evil & Sizzling Vamps Of Bollywood)

 Evil & Sizzling Vamps Of Bollywood
मिलिए बॉलीवुड की इन फीमेल विलेन यानी वैंप्स से, जिनके एक्सप्रेशन्स ही होते थे जानलेवा! (Most Evil & Sizzling Vamps Of Bollywood)

बॉलीवुड की लेडी डॉन कौन है? फीमले विलेन यानी वैंप्स का नाम आते ही बहुत-से चेहरे ख़्यालों में आने लगते हैं. कभी बहू पर अत्याचार करती ज़ालिम सास, तो कभी मेल डॉन का साथ देती हॉट हसीना. आप भी मिलिए इन फीमेल विलेन से, जिनके बिना हर फिल्म अधूरी लगती है.

ललिता पवार: इनके एक्सप्रेशन्स हों या फिर डायलोग बोलने का अंदाज़, हर बात ने इन्हें बेहद फेमस किया. ये बॉलीवुड की सबसे ज़ालिम सास थीं, जो अपनी मासूम बहू पर अत्याचार करके भी लोगों की फेवरेट बन जाती थीं. हालांकि ललिता पवार ने कैरेक्टर रोल्स भी किए, पर उन्हें पॉप्युलैरिटी तो निगेटिव रोल्स ने ही दी. आज भी मंथरा का नाम याद आते ही ललिता पवार का चेहरा सामने घूम जाता है. हिंदी, मराठी और गुजराती मिलाकर कुल 700 से अधिक फिल्मों में काम कर चुकीं ललिता पवार की ज़िंदगी में ट्विस्ट तब आया, जब शूटिंग के दौरान भगवान दादा ने उन्हें ज़ोर से थप्पड़ मार दिया था, जिससे उनकी एक आंख की नस पर असर हुआ और उनकी आंख ख़राब हो गई थी. लेकिन इसके बाद उन्होंने इसे ही अपनी पहचान और मज़बूती बनाकर हर रोल को जीवंत कर दिया और वो बन गईं सबसे ज़ालिम सास. उनके काम के लिए भारत सरकार ने भी उन्हें सम्मानित किया और अमिताभ बच्चन ने भी उनकी 100वीं बर्थ एनीवर्सरी पर ट्वीट करके उन्हें याद किया.

Lalita Pawar

नादिरा: फिल्म आन में लीड एक्ट्रेस के तौर पर अपना फिल्मी सफ़र शुरू करनेवाली नादिरा अपने स्टाइलिश अंदाज़ के लिए जानी जाती हैं. करियर की शुरुआत भले ही उन्होंने हीरोइन के रोल से की, लेकिन उन्हें याद किया जाता है निगेटिव रोल्स के लिए. मुड़-मुड़कर न देख गाना उनका इतना फेमस हुआ कि आज भी यह गाना सुनते ही उनका अंदाज़ याद आ जाता है. नादिरा एक बगदादी जूइश परिवार में जन्मी थीं. उनका मॉडर्न लुक उनकी सबसे बड़ी पहचान था और उनके एक्सप्रेशन्स उनके क़िरदार की जान. श्री 420 से लेकर फिल्म जूली तक उन्होंने कई तरह के रोल्स किए, पर जूली की मां के रोल ने उन्हें अलग पहचान दी.

Nadira

बिंदू: फिल्मों की मोना डार्लिंग आज भी बेहद पॉप्युलर हैं. गुजराती परिवार में जन्मी बिंदू ने वैंप्स की एक नई पीढ़ी की शुरुआत की. बिंदू ख़ूबसूरत थीं, हॉट थीं और अच्छी डान्सर भी थीं. कभी विलेन की गर्लफ्रेंड बनकर, तो कभी सौतेली मां बनकर उन्होंने अपने क़िरदारों को अपने नाम कर लिया. बिंदू के पिता फिल्म प्रड्यूसर ही थे, पर जब वो मात्र 13 साल की थीं, तो उनके पिता की मृत्यु हो गई, जिससे परिवार की ज़िम्मेदारी उन पर आ गई, क्योंकि वो घर में सबसे बड़ी थीं. बिंदू ने कई तरह के क़िरदार किए और अपने टैलेंट के साथ-साथ उन्होंने यह भी साबित कर दिया कि वैंप्स भी हॉटनेस और बोल्डनेस से दर्शकों की फेवरेट बन सकती हैं. फिल्म कटी पतंग में इन्होंने पहली बार सेक्सी ड्रेस में कैबरा किया और वो गाना- मेरा नाम है शबनम सबका हॉट फेवरेट बन गया और बिंदू नई स्टार आयकॉन.

Bindu

अरुणा ईरानी: इन्होंने भी अपने करियर की शुरुआत लीड एक्ट्रेस के तौर पर ही की थी, पर इन्हें दर्शकों ने निगेटिव रोल्स में ज़्यादा पसंद किया. ख़ूबसूरती और टैलेंट की इनमें कमी नहीं थी. अपने परिवार में ये सबसे बड़ी थीं और पैसों की कमी के चलते मात्र छठी क्लास तक ही पढ़ पाईं, पर इनके टैलेंट ने इन्हें स्टारडम के साथ-साथ पैसा और इज़्ज़त भी दिलवा दिया.

Aruna Irani

मनोरमा: चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर ये फिल्मों में आईं. मनोरमा हाफ आइरिश थीं. फिल्म सीता और गीता की चालाक व धूर्त चाची के रूप में लोगों के दिलों में इन्होंने अब तक जगह बनाई हुई है. उनका मेकअप और आंखें मटकाने का ख़ास अंदाज़ उन्हें बाकी वैंप्स से अलग करता था. मनोरमा ने 100 से भी अधिक फिल्मों में काम किया.

Manorama

शशिकला: 100 से भी अधिक फिल्मों में काम कर चुकीं शशिकला के टैलेंट का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मात्र 5 वर्ष की उम्र से ही वो स्टे पर डान्सिंग, सिंगिंग और परफॉर्म करने लग गई थीं. किन्हीं कारणों से उनके पिताजी दिवालिया हो गए थे और वो अपने परिवार को मुंबई ले आए, क्योंकि उन्हें लगता था कि शशिकला की ख़ूबसूरती और टैलेंट उसे फिल्मों में काम दिलवा सकेगा. शुरुआत में स्टूडियो के धक्के खाने पर उन्हें छोटे-मोटे रोल्स मिले, पर एक्ट्रेस नूरजहां से मिलने के बाद उनका नसीब बदल गया. नूरजहां के पति ने शशिकला को अपनी फिल्म में रोल दिया. उसके बाद उन्हें रोल्स भी मिले और पहचान भी.

Sasikala

हेलन: डान्सिंग क्वीन हेलन ने 700 से भी अधिक फिल्मों में काम किया. एक समय था, जब लोग फिल्म इसलिए देखने जाते थे कि उसमें हेलन का डांस नंबर है. ये था उनकी पॉप्युलैरिटी का आलम. हॉट और सेक्सी हेलन ने कई कैरेक्टर रोल्स भी किए और आज की तारीख़ में लोग उन्हें सलमान ख़ान की स्टेप मदर के रूप में अधिक जानते हैं. भारतीय सरकार द्वारा इन्हें पद्मश्री से भी नवाज़ा जा चुका है. हेलन एंग्लो इंडियन पिता और बर्मीज़ मदर के यहां बर्मा के रंगून में पैदा हुई थीं. उनके की मृत्यु पिता वर्ल्ड वार 2 में हो गई थी और वो अपने परिवार के साथ शरण लेने के लिए मुंबई आ पहुंचीं. भारत आने के बाद भी उन्होंने व उनके परिवार ने बहुत बुरे दिन देखे. भूख-ग़रीबी ने उन्हें बेहाल कर रखा था. उनकी मां, भाई व उन्हें 2 महीने तक अस्पताल में रहने व इलाज के बाद नया जीवन मिला. इसके बाद वो कोलकाता गए, पर उनकी मां का वहां देहांत हो गया. परिवार के लिए उन्होंने स्कूल छोड़ फिल्मों का रुख किया और पहले ही ब्रेक ने उन्हें मशहूर कर दिया. जी हां, हावड़ा ब्रिज का गाना मेरा नाम चिन-चिन-चू… बेहद पॉप्युलर हुआ, पर उसके साथ हेलन का डांस और टैलेंट भी सबके सामने आया गया. रील लाइफ में हेलन ने जितनी पॉप्युलैरिटी देखी, अपनी रियल व पर्सनल लाइफ में उतनी ही परेशानियां. आज वो खान परिवार का हिस्सा हैं, क्योंकि सलीम खान ने उन्हें न स़िर्फ फिल्मों में बल्कि पर्सनल लाइफ में भी काफ़ी सपोर्ट किया.

Helen

प्रियंका और काजोल भी कर चुकी हैं निगेटिव रोल्स: प्रियंका चोपड़ा ने ऐतराज़ और सात ख़ून माफ़ में जिस ख़ूबसूरती से निगेटिव क़िरदार निभाया, उनकी अदाकारी का अलग रूप ही सामने आया. देसी गर्ल व़क्त आने पर हॉट वैंप भी बन सकती है और उसमें भी उतनी ही पसंद की जा सकती है, यह उन्होंने साबित कर दिया.

Priyanka
इसी तरह से काजोल ने भी गुप्त में एक सायको किलर का रोल करके सबको चौंका दिया था. काजोल के टैलेंट को लेकर कभी किसी को कोई शक नहीं था, पर वो इस तरह के क़िरदार को भी जीवंत कर सकती हैं, यह किसी ने नहीं सोचा था.

Kajol

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10 अजीब बॉलीवुड फिल्मों के नाम, जिन्हें देखकर आपकी हंसी छूट जाएगी (10 Weird Bollywood Movie Names That Will Make You Laugh)

बॉलीवुड में हर साल अनगिनत फिल्में बनती हैं, पर लोगों की ज़ुबान पर उन्हीं का नाम रहता है, जो बड़े स्टार कास्ट की होती हैं या सुपर हिट होती हैं. इनके अलावा कितनी ही फिल्में ऐसी बनती हैं, जिनका आम लोग नाम भी नहीं सुनते. हम यहां बॉलीवुड की कुछ ऐसी ही फिल्मों के नाम आपको बता रहे हैं, जिन्हें देखकर आपकी भी हंसी छूट जाएगी.

1.  धोती, लोटा और चौपाटी
Weird Bollywood Movie Names
1975 में आई इस फिल्म के हीरो वैसे तो नाज़िर हुसैन थे, पर इस फिल्म में स्टार कास्ट के लिए कुल 28 लोग थे, जिनमें संजीव कुमार, धर्मेंद, महमूद, हेलेन, जगदीप, फरीदा जलाल, ओम प्रकाश, टुनटुन और बिंदू जैसे बड़े स्टासर्र् क़िरदार निभाए थे.
2. सस्ती दुल्हन महंगा दूल्हा
Sasti Dulhan Mahenga Dulha
वर्ष 1986 में आई इस फिल्म में आदित्य पंचोली, महेश आनंद और बीना बैनर्जी जैसे कलाकार थे. इस फिल्म के डायरेक्टर भप्पी सोनी थे.
3. बंदूक दहेज के सीने पर
Bandook Dahej Ke Seene Par
साल 1989 में आई फिल्म के डायरेक्टर रामगोपाल गुप्ता थे. शशि कपूर, सदाशिव अमरापुरकर, गुलशन ग्रोवर, किरण कुमार, रज़ा मुराद, शेखर सुमन, सोनिका गिल और अर्चना पूरन सिंह जैसे कलाकार इस फिल्म की स्टार कास्ट थे.
4. मेहंदी बन गई खून
Mehandi Ban Gai Khoon
जूही चावला और सतीश शाह की स्टार कास्ट वाली इस फिल्म के डायरेक्टर आर.एस गेहलन थे. इस फिल्म का संगीत ऊषा खन्ना ने दिया था.
5. मुर्दे की जान ख़तरे में
murde ki jaan khatre mein
भोजपुरी सुपर स्टार कुनाल सिंह, रोमा मानिक और पैंताल जैसे कलाकारों से बनी यह फिल्म 1985 में आई थी.
6. सोने का दिल लोहे के हाथ
sone ka dil lohe ke haath
1978 में आई इस फिल्म के अभिनेता थे जुबली स्टार राजेंद्र कुमार. उनके साथ इस फिल्म में विद्या सिन्हा, माला सिन्हा, दारा सिंह और अरुणा ईरानी जैसे कलाकार थे. इसके डायरेक्टर नरेश कुमार थे.
7. राजा रानी को चाहिए पसीना

raja rani ko chaiye paseena

1978 की इस बॉलीवुड फिल्म की डायरेक्टर सुलभा देशपांडे थीं. इस फिल्म में सुशांत रे, दुर्गा और जसराज जैसे कलाकार थे.

8. ग्यारह हज़ार लड़कियां
gyara hazar kadkian
भारत भूषण और माला सिन्हा अभिनीत यह फिल्म 1962 में सिनेमाघरों में आई थी. फिल्म के डायरेक्टर केए अब्बास थे. यह एक रोमांटिक सोशल ड्रामा फिल्म थी.
9. भेड़ियों का समूह
bhediyon ka samooh
1991 में आई इस फिल्म के डायरेक्टर एमके शंकर थे. इस फिल्म में शिवाजी साटम, राजश्री पिंगले, गीता नाईक और सुनील चव्हाण जैसे कलाकार थे.

 

10. एक से मेरा क्या होगा
 ek se mera kya hoga
2006 में आई इस फिल्म में समीर कोचर और पायल रोहातगी मुख्य भूमिका में थे. इनके अलावा फिल्म में संगीता तिवारी तन्वी वर्मा और मल्लिका नायर थे. फिल्म के डायरेक्टर टीएलवी प्रसाद थे.

– अनीता सिंह

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आयुष्मान खुराना- मां के सामने उस फैन ने स्पर्म की डिमांड की… (Ayushmann Khurrana- That Fan Demanded Sperm In Front Of My Mother)

विकी डोनर से लेकर ड्रीम गर्ल तक आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) ने अलग-अलग क़िरदारों में बेहतरीन अदाकारी से हर किसी को प्रभावित किया. वे युवाओं के रोल मॉडल बनते जा रहे हैं. गीत-संगीत, गायकी के साथ अपने प्रभावशाली अभिनय से उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बना ली है. बधाई हो, अंधाधुन, आर्टिकल 15, ड्रीम गर्ल की कामयाबी ने उन्हें शिखर पर ला दिया है. आज उनसे ही उनकी कुछ कही-अनकही दास्तान सुनते हैं.

Ayushmann Khurrana

* ड्रीम गर्ल में मेरी अदाकारी पर भले ही सब फ़िदा हों, पर मैं बचपन से ही नाच-गाना करते हुए होंठों को हिलाना, अभिनय करना जैसी नौटंकी-ड्रामा करता रहा हूं. इन्हीं सबके कारण एक बार तो मां ने मुझे फ्रॉक तक पहना दिया था.

* एक बार एक गे कास्टिंग डायरेक्टर ने मेरा ऑडिशन लिया और मुझसे मेरा प्राइवेट पार्ट दिखाने को कहा. मुझे यह सुनकर अजीब लगा. मैंने हंसते हुए कहा कि क्या बात कर रहे हो? क्या तुम सीरियस हो? मैं तुम्हें ऑडिशन दूंगा, लेकिन जो तुम कह रहे हो, वह नहीं करूंगा.

* पहली ही फिल्म विकी डोनर बेहद सफल रही, पर एक्ट्रेस यामी गौतम को किए गए एक किस के कारण मेरी शादीशुदा ज़िंदगी में तूफ़ान आ गया. मेरी पत्नी ताहिरा नहीं चाहती थीं कि मैं ऑनस्क्रीन किसी एक्ट्रेस को किस करूं. तब हमारे बीच कई बार अनबन व टकराव भी हुए. मुझे इससे उबरने में क़रीब तीन साल लग गए.

* एक और दिलचस्प वाकया विकी डोनर के समय का ही है. मैं अपनी मां के साथ मॉल में था. तब एक लड़की, जो मेरी फैन थी, ने मुझसे मेरे स्पर्म की डिमांड की. इस पर जहां मां चौंक गईं, वहीं मैंने शरारत में कहा कि मां साथ हैं, वरना दे देता.

* मैं स्कूलिंग तक बॉयज़ स्कूल में पढ़ा था. फिर ताहिरा से ट्यूशन के दौरान मुलाक़ात, फिर प्यार हो गया. वो स्कूल के प्रिंसिपल की बेटी थी. वो बाद में हमारे थिएटर ग्रुप मंचतंत्र से भी जुड़ी. मैंने ताहिरा के साथ मिलकर अपने फिल्मी सफ़र पर एक किताब भी लिखी है.

* गाने का बचपन से ही बेहद शौक रहा है. फिल्मों में विकी डोनर से जो गाने की शुरुआत हुई, वो अब तक बरक़रार है.

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आयुष्मान लाइफ जर्नी

* चंडीगढ़ के आयुष्मान को बचपन से क्रिकेट का बहुत शौक रहा है. घर-बाहर, टूर्नामेंट आदि में वे ख़ूब क्रिकेट खेला करते थे.

* साइकिल चलाना, मार्केट्स में घूमना-फिरना, वेफर्स आदि खाना उन्हें ख़ूब पसंद है.

* उनके पिता पी. खुराना ज्योतिष विशेषज्ञ हैं. एस्ट्रोलॉजी में रुचि होने के कारण अपनी सरकारी नौकरी छोड़ वे पूरी तरह से इससे जुड़ गए. विदेशों से भी उनके क्लाइंट आते हैं. उन्होंने आयुष्मान को भी कई उपयोगी उपाय बताए, जिससे उन्हें करियर में आगे बढ़ने में मदद मिली.

* उनके पिता ढोलक व हार्मोनियम भी बजाया करते थे और घर में संगीतमय माहौल रहता था. इसी से प्रेरित हो आयुष्मान का संगीत के प्रति रुझान बढ़ा. उनकी मां पूनम गृहिणी हैं.

* अपने आगाज़ ग्रुप के एक नाटक के लिए आयुष्मान ने अपने सिर के बाल मुंडवा लिए थे.

* एक थी राजकुमारी टीवी सीरियल में उन्होंने नकारात्मक क़िरदार भी निभाया था.

* टीनएज में ही वी चैनल के लिए पॉप स्टार्स शो किए.

* कॉलेज में मास कॉम की पढ़ाई करते हुए टीवी रियालटी शो रोडीज़ सीज़न 2 जीता.

* बिग एफएम में आरजे फिर वीजे भी रहे और एंकरिंग तक की.

* आध्यात्मिक इतने कि जब कभी दुखी या तनाव में रहते हैं, तो श्रीमद् भगवदगीता पढ़ने लगते हैं.

* आयुष्मान बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं. कॉन्वेंट में पढ़ने के बावजूद उनकी हिंदी में बेहद रुचि है. वे हिंदी में अच्छी कविताएं व ब्लॉग लिखते हैं. उनका जन्मदिन हिंदी दिवस (14 सितंबर) को होता है. इसलिए वे स्कूल के दिनों से ही हिंदी के वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहते थे.

ऊषा गुप्ता

Ayushmann Khurrana

 

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90 के दशक की ये फिल्में, जिनके गाने व डायलॉग्स आज भी लोगों के ज़ुबान पर हैं (Best And Memorable Bollywood Movies From 90’s Era)

Bollywood Movies From 90's Era

आज के समय में जब लोगों की टीवी मोबाइल में सिमट गई है और वेब सीरीज़ के सभी दीवाने हो रहे हैं, उस समय में भी मुझे 90 के दशक का बॉलीवुड का वो दौर याद आ रहा है, जब एक-एक फिल्म का क्रेज़ कई-कई हफ्तों तक बना रहता था. फिल्मों के डायलॉग्स, गाने और सीन्स पर लोग चर्चे किया करते थे. अगर आप भी 90 के दशक में पैदा हुए हैं, तो आपको भी इन फिल्मों के सीन टु सीन याद होंगे. आइए याद करें, बॉलीवुड के उस सुनहरे दौर को और एक बार फिर जी लें वो हंसता-मुस्कुराता 90 का दशक.

अंदाज़ अपना-अपना

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‘ये फिरौती की रक़म है या मय्यत का चंदा…’ ‘मैं तेजा हूं मार्क इधर है…’ ‘सब कुछ टाइम पर होना चाहिए…’ ‘क्राइम मास्टर गोगो, आंखें निकालकर गोटियां खेलता हूं…’ आ गई ना आपको भी हंसी. ये डायलॉघ्स हैं ही इतने बेहतरीन की एक बार जो फिल्म देख ले, कभी भूल नहीं सकता. इइ फिल्म की सबसे ख़ास बात यही है कि इसे आप कितनी भी बार देख लें, कभी बोर नहीं होते. हर बार वही गुदगुदी महसूस होती है.

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यह फिल्म आज तक की क्लासिक कॉमेडी में सबसे बेहतरीन मानी जाती है. जहां फिल्म का हर डायलॉग पंच हो, गानें इतने पेपी कि ज़ुबान पर चढ़ जाए और डायरेक्शन से लेकर स्क्रीनप्ले तक सब कुछ बेमिसाल हो. आमिर ख़ान, सलमान ख़ान, परेश रावल, शक्ति कपूर, करिश्मा कपूर, रवीना टंडन जैसे कलाकारों ने फिल्म में बेहतरीन अभिनय का प्रदर्शन किया है. महमूद, गोविंदा और जूही चावला का गेस्ट अपीयरेंस भी काफ़ी दिलचस्प है. फिल्म के गाने- ये रात और ये दूरी, ये लो जी सनम हम आ गए… आज भी लोग गुनगुनाते हैं.

andaz apana apana

आपको बता दें कि तीन करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म तीन साल में पूरी हुई थी. इस फिल्म का मुहूर्त शॉट क्रिकेटर सचिन टेंडुलकर ने किया था. राजकुमार संतोषी की इस फिल्म को दोबारा रिक्रिएट करने की बात हो रही है, पर इस फिल्म के जादू को दोबारा क्रिएट करना क्या मुमकिन है?

हम हैं राही प्यार के

Hum hai rahi pyar ke

‘पल भर में हो जाएगी हर मुश्किल आसान…’ याद आया आपको इस फिल्म का ये टाइटल सॉन्स, जी हां, आप सचमुच 90 के दशक के मनोरंजन प्रेमी हैं. महेश भट्ट के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म आज भी उतना ही हंसाती है, जितने पहली बार देखनेवालों को. ‘घूंघट की आड़ में दिलबर का दीदार अधूरा लगता है… काश कोई लड़का मुझे प्यार करता, वो मेरी नींद मेरा चैन मुझे लौटा… बंबई से गई पूना… आज भी लोगों को ज़बानी याद हैं. इस फिल्म का जादू ही कुछ ऐसा है कि आज भी जब फिल्म टीवी पर आती है, तो आप चैनल बदल नहीं सकते.

Hum hai rahi pyar ke

फिल्म के डायलॉग्स- ‘कभी-कभी बच्चों को समझने के लिए ख़ुद बच्चा बनना पड़ता है…’ ‘यही तो प्रॉब्लम है आजकल के यंग लोगों के साथ…’ बेहतरीन हैं. मामा को परेशान करते तीन प्यारे बच्चे, घर से भागी हुई एक लड़की और अपने जीजा का बिज़नेस संभालने के लिए स्ट्रगल करनेवाला एक यंग लड़का… कहानी जितनी दिलचस्प है, किरदार उतने ही मज़ेदार… इस फिल्म ने 90 के दशक में हर किसी कोे यकीनन कई सुनहरी यादें दी हैं.

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चाची 420

chachi 420

‘लक्ष्मी चाची’ बनकर कमल हसन ने हर बच्चे का दिल जीत लिया था. अपनी पत्नी को वापस लाने और बेटी के साथ कुछ समय बिताने के लिए एक कोरियोग्राफर किस तरह नैनी बन जाता है, काफ़ी मज़ेदार है. हालांकि फिल्म की कहानी बहुत अलग नहीं थी, पर इसके डायलॉग्स और कॉमेडी क्लासिक है.

chachi 420

यह तमिल फिल्म ‘अवई शानमुघी’ का हिंदी रीमेक है. कमल हसन के अलावा तब्बू, अमरीश पुरी, जॉनी वॉकर, परेश रावल, आयशा जुल्का, नासर और फातिमा सना शेख की ज़बर्दस्त एक्टिंग है. ‘चुपड़ी-चुपड़ी चाची, चुपड़ी-चुपड़ी चाची…, ‘दौड़ा-दौड़ा भागा-भागा-सा…’ डायलॉग्स- ‘लक्ष्मी का पति कौन है?’ ‘क़ानून शादी को तोड़ सकता है, प्यार को नहीं…’ यादगार बन गए हैं.

मिस्टर एंड मिसेज़ खिलाड़ी

Mr and mrs khiladi

‘अकेला है मिस्टर खिलाड़ी, मिस खिलाड़ी चाहिए…’ ‘जब नौकरी मिलेगी तो क्या होगा…’ जैसे गाने आज भी उस दौर की याद दिलाते हैैं. अक्षय कुमार, जूही चावला, कादर ख़ान, सतीश कौशिक, परेश रावल का ज़बर्दस्त अभिनय और डेविड धवन का दमदार डायरेक्शन इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म की जान हैं. इस फिल्म का पेपी सॉन्ग ‘जब तक रहेगा समोसे में आलू…’ किसी आइटम नंबर से कम नहीं हैै.

Mr and mrs khiladi

राजा अपने मामा के कहने में आकर राजा महाराजा बनने के सपने देखने लगता है और सोचता है, जब एक दिन महराजा ही बनना है, तो काम क्यों करूं. एक कामचोर, लापरवाह और ग़ैरज़िम्मेदार व्यक्ति की कहानी हैै, जो अपनी पत्नी को वापस पाने के लिए एक लाख जमा करने का चैलेंज स्वीकार करता है. क्लासिक कॉमेडी फिल्मों में यह फिल्म यकीनन ऊंचे पायदान पर शामिल की जाएगी.

करन-अर्जुन

Karan Arjun

‘मेरे करन-अर्जुन आएंगे…’ ‘जब मां का दिल तड़पता है ना, तो आसमान में भी दरारें पड़ जाती हैं…’ ‘किस गालों पे नहीं होंठों पे किया जाता है…’ याद हैं आपको ये धमाकेदार डायलॉग्स. मेरे करन-अर्जुन आएंगे, शायद पहला ऐसा डायलॉग होगा, जिसे लोगों ने सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया होगा.

Karan Arjun

फिल्म के गाने- ये बंधन तो प्यार का बंधन है…’ ‘जाती हूं मैं, जल्दी है क्या…’ ‘एक मुंडा मेरी उम्र का…’ आज भी लोगों को ज़बानी याद हैं. फिल्म का आइटम सॉन्ग- ‘गुप-चुप गुप-चुप, लामा-लामा घूंघट काहे को डाला…’ धमाकेदार है.

Karan Arjun

राकेश रोशन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में सलमान ख़ान, शाहरुख ख़ान, राखी, अमरीश पुरी, काजोल, ममता कुलकर्णी, जॉनी लीवर जैसे कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया है.

– अनीता सिंह

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बॉलीवुड की इन फिल्मों ने बनाया करवा चौथ को और भी रोमांटिक, देखें गाने (Karwa Chauth In Bollywood Movies)

शायद ही कोई ऐसा त्योहार हो, जिसे बॉलीवुड ने सेलिब्रेट न किया हो. हर त्योहार को और भी ख़ास बनाते हैं बॉलीवुड के ये फिल्मी गाने. पिछले कुछ सालों में बॉलीवुड की कई फिल्मों में करवा चौथ को बहुत ही रोमांटिक तरी़के से फिल्माया गया है. इन सीन और गानों का इतना असर है कि पहले के मुकाबले अब ज़्यादा महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती हैं. उन्हें लगता है कि अपने पति से प्यार के इज़हार का ये सबसे ख़ूबसूरत तरीक़ा है. करवा चौथ को फिल्मों में बहुत ही ख़ूबसूरती से दर्शाया गया है. इस करवा चौथ, आप भी अपने पार्टनर के साथ आप भी देखें बॉलीवुड के ये ख़ूबसूरत गाने और सीन.

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे

यश राज बैनर तले बनी यह पहली फिल्म थी, जिसने करवा चौथ सेलिब्रेशन्स को फिल्मी दुनिया में ख़ास जगह दी. काजोल का शाहरुख के लिए व्रत रखना और छत पर दोनों को एक-दूसरे को खाना खिलानेवाले सीन ने बहुत-से जोड़ों को व्रत रखने के लिए प्रोत्साहित किया. यह शाहरुख का ही जादू है कि आज भी बहुत-से पति अपनी पत्नियों का साथ देने के लिए करवा चौथ का व्रत रखते हैं. प्यार जब दोनों को है, तो भला दूसरा इज़हार से पीछे कैसे रहे.
इस फिल्म का डायलॉग- ‘सिमरन, देखो चांद आ गया’ और काजोल का आईने में ख़ुद को देखना काफ़ी रोमांटिक लगता है.

कभी ख़ुशी कभी गम

करण जौहर की फिल्म कभी ख़ुशी कभी गम में करवा चौथ के पारंपरिक रीति-रिवाज़ों को भी बख़ूबी दिखाया गया. सास का अपनी बहू को सरगी देना और करवा चौथ की पार्टी की धूम इस फिल्म में देखने को मिलती है. इंडिया ही नहीं, दूसरे देशों में रहनेवाले भारतीय भी किस तरह करवा चौथ जैसे त्योहार को बढ़-चढ़कर सेलिब्रेट करते हैं. काजोल और शाहरुख की रोमांटिक जोड़ी के साथ करीना और रितिक की स्पेशल केमिस्ट्री बोले चूड़ियां गाने में देखने को मिली. आप भी देखें ये ख़ूबसूरत गाना.

बागबान

अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी की जोड़ी को दर्शक बहुत ज़्यादा पसंद करते हैं. यही वजह है कि डायरेक्टर-प्रोड्यूसर्स भी इन्हें साथ लाने की पूरी कोशिश करते हैं. फिल्म बागबान में एक बार फिर बिग बी और ड्रीम गर्ल का वही करिश्माई जादू देखने को मिला. रिटायरमेंट के बाद अपने पार्टनर के साथ समय बिताने का ख़्वाब देखनेवाले पति-पत्नी को बच्चे अपनी ज़रूरतों के मुताबिक अलग कर देते हैं. एक-दूसरे को दिलो जान से चाहनेवाले पति-पत्नी जब इस उम्र में बिछड़ते हैं, तो उनकी तड़प कैसी होती है, इसे बेहद ख़ूबसूरती से दर्शाया गया है. अपने पार्टनर की भावनाओं का ख़्याल रखना ही तो करवा चौथ का असली मतलब है. इस फिल्म का गाना ‘मैं यहां तू वहां, ज़िंदगी है कहां’ देखकर आज भी लोगों की आंखों में आंसू आ जाते हैं.

हम दिल दे चुके सनम

डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को फेस्टिवल्स से कितना प्यार है, यह उनकी फिल्मों में ख़ूब झलकता है. इस फिल्म में भी उन्होंने करवा चौथ के पहले और बाद की रस्मों को दिखाया है. इस फिल्म का गाना ‘चांद छुपा बादल में’ आज भी करवा चौथ के सेलिब्रेशन में ज़रूर बजता है. सलमान ख़ान और ऐश्‍वर्या राय की रोमांटिक केमिस्ट्री ने इस गाने में यकीनन जान डाल दी है. इस करवा चौथ अपने पार्टनर के साथ यह गाना ज़रूर सुनें औैर एंजॉय करें.

इश्क-विश्क

अमृता राव और शाहिद कपूर की ख़ूबसूरत केमिस्ट्री ने यंगस्टर्स को उनका दीवाना बना दिया था. फिल्म कॉलेज स्टूडेंट्स में बहुत ज़्यादा पॉप्युलर हुई थी. फिल्म में शाहिद और अमृता का करवा चौथ सीन भी काफ़ी मज़ेदार है. अमृता का पूरी शिद्दत से व्रत रखना शाहिद को छू जाता है. दोनों स्टार्स की मासूम प्रेम कहानी उनके फैंस को ख़ुश कर देती है. दोस्ती के रिश्ते का प्यार में बदल जाने का एहसास फिल्म में दिखाया गया है, जो आज भी यंगस्टर्स की फेवरेट है. 21वीं सदी की लड़कियों को भी अपने रीति-रिवाज़ों से कितना लगाव है, यह अमृता को देखकर समझा जा सकता है. इस फिल्म का करवा चौथ सीन आप भी कभी भूल नहीं पाएंगे.

– अनीता सिंह

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कपिल देव, लक्ष्मी अग्रवाल, गुंजन सक्सेना, मां शीला आनंद पर बन रही हैं फिल्में, देखें बॉलीवुड की 8 आगामी बायोपिक्स (8 Upcoming Bollywood Films Based On Biopics)

Upcoming Bollywood Films Based On Biopics

बॉलीवुड में इन दिनों बायोपिक्स की बहार है. हाल ही में हमने संजू, नीरजा, दंगल, एम एस धोनी, मेरी कॉम जैसी बेहतरीन बायोपिक्स देखी और आज बॉलीवुड में ऐसी फिल्में बनाना ट्रेंड सा बन गया है.  और हो भी क्यों न, ऐसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाई भी तो अच्छी करती हैं. फिक्शन और नॉन-फिक्शन के बीच उलझे फिल्म मेकर्स के लिए बायोपिक एक बेहतरीन ऑप्शन के रूप में सामने आया है. इस समय बॉलीवुड में कई बायोपिक्स पर काम चल रहा है. कुछ की शूटिंग चल रही है, तो कुछ की स्क्रिप्टिंग. हालांकि सभी फिल्मों का काम ज़ोरों पर है, क्योंकि फिल्म मेकर्स भी ट्रेंड पुराना हो जाने से पहले अपनी फिल्मों को रिलीज़ कर अच्छी कमाई कर लेना चाहते हैं. कौन-कौन सी फिल्में हैं इस कतार में आइए आपको बताते हैं.

1. 83

83

1983 में भारत की ऐतिहासिक क्रिकेट वर्ल्ड कप जीत पर आधारित यह फिल्म हमें कपिल देव के जीवन से भी रूबरू कराएगी. इस फिल्म में रणवीर सिंह कपिल देव का किरदार निभा रहे हैं. और मज़े की बात तो यह है कि दीपिका पादुकोण कपिल की पत्नी का रोल कर रही हैं यानी बॉलीवुड का यह हॉट कपल रील लाइफ में भी कपल की भूमिका निभा रहा है. कबीर ख़ान के डायरेक्शन में बन रही यह फिल्म 10 अप्रैल, 2020 को सिनेमाघरों में देखने को मिलेगी.

83

2. छपाक

Chhapaak

एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन पर आधारित इस फिल्म में एसिड अटैक से जूझने की लक्ष्मी की कहानी को दीपिका पादुकोण सबके सामने सामने लाएंगी. लक्ष्मी पर एसिड अटैक तब हुआ था, जब वो महज़ 15 साल की थीं और बुक स्टोर जा रही थीं. मिर्ज़ापुर फेम विक्रांत मेसी इस फिल्म में उनके पति की भूमिका निभा रहे हैं. यकीनन लक्ष्मी की कहानी सभी के लिए प्रेरणादायक होगी, तभी तो लोगों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतज़ार है. यह फिल्म भी 10 जनवरी, 2020 को रिलीज़ होगी.

Chhapaak

3. गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल

Gunjan Saxena - The Kargil Girl

1999 में कारगिल की लड़ाई के दौरान देश की पहली महिला पायलट गुंजन सक्सेना ने जिस बहादुरी के साथ जवानों को वहां से निकालकर उनकी जान बचाई थी, वह वाकई काबिले- तारीफ़ है. पर बहुत से लोग गुंजन सक्सेना को नहीं जानते, इसीलिए फिल्म मेकर्स ने यह फिल्म बनाकर उनकी बहादुरी के जज़्बे को दिखाने का निर्णय लिया. फिल्म में जहां जाह्नवी कपूर गुंजन सक्सेना का किरदार निभा रही हैं, वहीं पंकज त्रिपाठी उनके पिता, नीना गुप्ता उनकी मां और अंगद बेदी उनके भाई के रोल में नज़र आएंगे. यह फिल्म 13 मार्च, 2020 को रिलीज़ होगी.

Gunjan Saxena - The Kargil Girl

4. फील्ड मार्शल मानेक शॉ

Field Marshal Manek Shaw

वर्सेटाइल एक्टर विकी कौशल एक बार फिर एक नए अंदाज़ में नज़र आएंगे. फील्ड मार्शल सैम मानेक शॉ भारत के पहले फील्ड मार्शल थे. प्यार से लोग उन्हें सैम बहादुर भी बुलाते थे. लेकिन इस फिल्म के लिए दर्शकों को थोड़ा इंतज़ार करना होगा, क्योंकि यह फिल्म 2021 में आपको देखने को मिलेगी.

Field Marshal Manek Shaw

5. मां आनंद शीला पर बायोपिक

Biopic on mother Anand Sheela

देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा बनेंगी मां आनंद शीला. ओशो का दाहिना हाथ मानी जानेवाली मां आनंद शीला की लोकप्रियता हाल ही तब बढ़ी, जब नेटफिल्क्स ने डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ वाइल्ड वाइल्ड कंट्री रिलीज़ की. अमेरिकन डायरेक्टर बैरी लेविन्सन यह प्रोजेक्ट हैंडल कर रहे हैं. फिल्म अभी प्री-प्रोडक्शन स्टेज पर है.

Biopic on mother Anand Sheela

6. पी वी सिंधू पर बायोपिक

Biopic on PV Sindhu

जब 24 वर्षीया पीवी सिंधू ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता, तो पूरे देश में बस सिंधू की चर्चा थी. ऐसा माना जा रहा है कि पीवी सिंधू का रोल दीपिका पादुकोण निभाएं. दीपिका फिल्म मेकर्स की पहली चॉइस इसलिए हैं कि वो राष्ट्रीय स्तर बैडमिंटन खेल चुकी हैं. इस फिल्म को एक्टर सोनू सूद प्रोड्यूस कर रहे हैं.

7. सायना नेहवाल पर बायोपिक

Biopic on PV Sindhu

वर्ल्ड क्लास बैडमिंटन प्लेयर सायना नेहवाल पर फिल्म बन रही है. पहले श्रद्धा कपूर इसमें सायना नेहवाल का किरदार निभानेवाली थीं, पर हाल ही में मिली ख़बरों के मुताबिक परिणिती चोपड़ा यह रोल करेंगी.

8. मिथाली राज पर बायोपिक

Biopic on Mithali Raj

इंडियन वुमन क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिथाली राज इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनानेवाली महिला क्रिकेटर हैं. वह एक दिवसीय क्रिकेट में 6000 रन बनानेवाली पहली हैं. लगातार सात एक दिवसीय क्रिकेट मं हाफ सेंचुरी बनाने का गौरव भी उन्हें प्राप्त है. मिथाली राज का ये दमदार किरदार तापसी पन्नू निभाएंगी.

इसके अलावा पीटी ऊषा पर बायोपिक बननेवाली है, जिसमें कैटरीना कैफ को लेने की बात कही जा रही है. साथ ही भारत के टॉप बैडमिंटन प्लेयर और कोच गोपीचंद फुलेला की जीवनी पर भी फिल्म बनाने का काम शुरू हो चुका है. इनके अलावा कारगिल की लड़ाई में शहीद हो चुके कैप्टन बत्रा पर बननेवाली फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी लीड रोल में हैं. साथ ही बास्केटबॉल प्लेयर सतनाम सिंह भामरा पर फिल्म बननेवाली है, जिसमें शायद अभिषेक बच्चन को लिया जाए.

– अनीता सिंह

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हिंदी दिवस पर विशेष- हिंदी फिल्मों में हिंदी का मिक्सचर. (#Hindi Diwas Special- Hindi Mixed In Hindi Films)

हिंदी (Hindi) हमारी आन-बान-शान है. देश की आज़ादी से लेकर आपसी लगाव और एकता में भी हिंदी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. दिलों को जोड़ने में हिंदी फिल्मों (Hindi Films) का भी बहुत योगदान रहा है. देश-विदेश यानी एक तरह से पूरी दुनिया को हिंदी फिल्मों ने एक सूत्र में बांधा है.

Hindi Diwas Special

हमारे हिंदी फिल्मों के सितारों को विश्‍वभर में प्यार-अपनापन मिला है. फिर चाहे वो अमिताभ बच्चन हो, रितिक रोशन, अक्षय कुमार, शाहरुख, आमिर, सलमान ही क्यों न हो. फिल्मों ने भी हिंदी के प्रचार-प्रसार में अहम् भूमिका निभाई है. हिंदी की सरलता, चुटीली शैली और हास्य व्यंग्य ने भी सभी का ख़ूब मनोरंजन किया है. आइए, ऐसे ही कुछ फिल्मों पर एक नज़र डालते हैं…

Hindi Diwas Special

* अमिताभ-जया बच्चन, धर्मेंद्र, शर्मिला टैगोर, ओमप्रकाश अभिनीत ‘चुपके-चुपके’ फिल्म आज भी हिंदी के मज़ेदार प्रयोग के कारण सभी को ख़ूब हंसाती है. फिल्म में धर्मेंद का शुद्ध हिंदी वार्तालाप सुन हर कोई हंसी से लोटपोट हो जाता है. साथ ही ओमप्रकाशजी की प्रतिक्रियाएं सोने पे सुहागा का काम करती हैं.

Hindi Diwas Special

* अमोल पालेकर-उत्पल दत्त की हास-परिहास से भरपूर ‘गोलमाल’ ने हर दौर में दर्शकों को हंसने के मौक़े दिए हैं. इसमें भी अन्य साथी कलाकारों ओमप्रकाश, बिंदिया गोस्वामी, दीना पाठक, युनुस परवेज ने भी भरपूर साथ दिया. फिल्म में हिंदी के महत्व के साथ-साथ इसकी उपेक्षा की ओर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया.

Hindi Diwas Special

* अक्षय कुमार की ‘नमस्ते लंदन’ में तो भारत देश के महत्व, हिंदी पर गौरव, हिंदी भाषा, हमारी संस्कृति, सभ्यता को बेहतरीन ढंग से महिमामंडित किया गया. फिल्म के एक दृश्य में तो अक्षय कुमार भारत की आन, परिवेश, महत्व की अपनी हिंदी में कही गई बात को लंदन में अंग्रेज़ों को कैटरीना कैफ के ज़रिए अंग्रेज़ी में जतला कर उन्हें करारा जवाब देते हैं.

Hindi Medium

* हिदी मीडियम फिल्म ने तो हिंदी के प्रति हमारे सौतेले व्यवहार पर ही हास्य के रूप में ही सही सशक्त व्यंग्य किया है. इसमें इरफान ख़ान व सबा कमर ने उम्दा अभिनय के ज़रिए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया.

Hindi Diwas Special

साल १९१८ में महात्मा गांधीजी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने पर ज़ोर दिया था. उन्होंने इसे जनमानस की भाषा भी कहा था. आख़िरकार फिर १४ सितंबर, १९४९ के दिन हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिल. तब से हर साल यह दिन ‘हिंदी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है.

हिंदी है हम!…

दोषियों की फिल्म बैन, मामी ने किया #MeToo का सर्मथन (MAMI: Bans These Movies After #MeToo Campaign Gets Viral)

Bans on Movies After #MeToo

जब से तुनश्री दत्ता ने ख़ुद पर हुए उत्पीड़न का मामला उठाया है, तब से हर दिन एक नया शख़्स और एक नई कहानी सामने आती जा रही है. धीरे-धीरे हर तरफ़ इसे लेकर विरोध की लहर उठ रही है. अब मामी (मुंबई एकेडमी ऑफ मूविंग इमेज) ने मामी फिल्म महोत्सव (Mami Film Festival) में रजत कपूर की कड़क और एआईबी की चिंटू का बर्थडे नहीं दिखाना का फैसला किया है. दरअसल, रजत कपूर और एआईबी से जुड़े उत्सव चक्रवर्ती पर भी दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं. इस पर दोनों ही शख़्स ने माफ़ी भी मांग ली है. फिर भी ग़लत तो ग़लत होता है, उसकी भरपाई सॉरी तो बिल्कुल भी नहीं.

मामी के अनुसार, वे मीटू का समर्थन करते हैं और महिलाओं व कलाकारों पर हो रहे अत्याचार का विरोध करते हैं. इस कारण ही वे दोषी कलाकारों की फिल्में अपने फिल्म फेस्टिवल में नहीं दिखा रहे.

तनुश्री दत्ता, कंगना रनौत के बाद विंटा नंदा ने भी ख़ुद के साथ 19 साल पहले हुए हादसे को खुलकर बयां किया. इसमें सीनियर कलाकार आलोकनाथ की इमेज भी सवालों के घेरे में आ गई है. नवनीत निशान, रिचा चड्ढा, स्वरा भास्कर, मिनी माथुर, पंजाबी एक्ट्रेस सिमरन कौर मुंडी ने विंटा नंदा का साथ देते हुए उनके लिए न्याय की बात कही है.

रितिक रोशन ने भी निर्देशक विकास बहल के बदसलूकी से जुड़े परत-दर-परत रोज़ एक से एक नए क़िस्से को सुनते हुए सुपर 30 के निर्माता से इस पर कठोर क़दम उठाने के लिए कहा है. रितिक इन दिनों अपनी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में इटली में हैं, उन्हें सोशल मीडिया के ज़रिए ही काफ़ी बातें पता चल रही है. उसी के आधार पर उन्होंने अपना पक्ष रखा और दोषी को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए कहा है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रितिक रोशन की फिल्म सुपर 30 के निर्देशक हैं विकास बहल. उन पर कंगना रनौट, उनके यूनिट से जुड़े अन्य लोगों ने भी उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य पर भी एक पूर्व एयरहोस्टेस ने यौन उत्पीड़न का इल्ज़ाम व ग़लत भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. बकौल उनके इस कारण उन्हें होटल ने एक महीने के लिए बैन भी कर दिया था.

यूं लग रहा है कि आरोप-प्रत्यारोप, उत्पीड़न का सिलसिला-सा चल पड़ा है, पर अब व़क्त आ गया है कि हम सभी को इस पर अपनी आवाज़ बुलंद करनी होगी. अब बात मीटू या यूटू की नहीं असटू की है यानी हम सभी को एक होकर महिलाओं पर हो रहे अन्याय, दुर्व्यवहार, बदसलूकी के ख़िलाफ़ मज़बूत क़दम उठाना होगा. इस पर आप भी अपनी बात और राय शेयर कर सकते हैं.

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