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मशहूर संगीतकार राम लक्ष्मण की जोड़ी के लक्ष्मण का निधन हो गया है, वो 79 साल के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. उन्होंने नागपुर स्थित अपने घर में शनिवार 22 मई की सुबह को अंतिम सांस ली.

उनका असली नाम था विजय पाटिल था और उनके पार्टनरथे सुरेंद्र, दोनों ने मिलकर राम लक्ष्मण की जोड़ी बनाई थी, जिसमें लक्ष्मण थे विजय पाटिल लेकिन राम यानी सुरेंद्र का निधन शुरुआती दौर में ही हो गया था जब दोनों में फ़िल्म एजेंट विनोद साइन की थी. उसके बाद विजय यानी लक्ष्मण ने अपने पार्टनर के नाम को अपने साथ जोड़े रखा और अपना पूरा नाम ही राम लक्ष्मण रख लिया. इन्होंने हिंदी, मराठी और भोजपुरी की क़रीब 200 से अधिक फ़िल्मों में संगीत दिया लेकिन इन्हें राजश्री प्रोडक्शन की फ़िल्मों से नई पहचान और पॉप्युलैरिटी मिली. फ़िल्म मैंने प्यार किया और हम आपके हैं कौन ने इन्हें नई कामयाबी दी. इन्हें फ़िल्मों में लाने वाले थे दादा कोंडके.
इनका निधन हार्ट अटैक की वजह से हुआ और उसके बाद फ़िल्म जगत भी शोकाकुल हो गया. लता दीदी ने भी ट्वीट कर शोक जताया…

लता जी ने लिखा- मुझे अभी पता चला कि बहुत गुणी और लोकप्रिय संगीतकार राम लक्ष्मण जी (विजय पाटिल) का स्वर्गवास हुआ. ये सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ. वो बहुत अच्छे इंसान थे. मैंने उनके कई गाने गाए जो बहुत लोकप्रिय हुए. मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पण करती हूं!

Photo Courtesy: Twitter

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बेहतरीन गायक एस. पी. बालसुब्रमण्यम का आज जन्मदिन है. उन्होंने न जाने कितने सुमधुर कर्णप्रिय गीतों को गाया है. उनकी हर गीत में एक मस्ती, प्यार की खुमारी, कशिश सी रहती है.
श्रीपति पण्डितराध्युल बालसुब्रमण्यम यानी एस. पी. साहब ने गायकी के अलावा अभिनेता, संगीतकार, निर्माता, एंकर जैसे तमाम फील्ड को भी छुआ है. बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं वे.
एस. पी. बालसुब्रमण्यम को उनके क़रीबी एसपीबी और बालु भी कहते हैं. उन्होंने तक़रीबन चालीस हज़ार से अधिक गाने गाए हैं, जो हिंदी, तेलुगू, मलयालम और तमिल के हैं. 16 भाषाओं में ख़ूबसूरत गीतों को अपनी आवाज़ दी है. उन्हें 6 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है. 25 बार वे साउथ के नंदी अवार्ड्स से भी सम्मानित हो चुके हैं. तेलुगू फिल्म के तमाम पुरस्कार और सम्मान उन्हें अब तक मिले हैं.
74 वर्षीय बालसुब्रमण्यम ने हर दौर में अपने गाने से बच्चे, युवा और हर जनरेशन को प्रभावित किया. उन्हें लुभाया है. आज उनके जन्मदिन पर ख़ास अपने पाठकों के लिए उनकी चुनिंदा 10 गाने के गीतों की माला हम पेश कर रहे हैं. एस. पी. बालसुब्रमण्यम को मेरी सहेली की तरफ़ से जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई! वे यूं ही अपनी आवाज़ की ख़ुशबू फ़िज़ा में बिखेरते रहें!..

. P. Balasubramaniam
ये हंसी वादियां.. ये खुला आस्मां…
(रोजा)
बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम…
(साजन)
मेरे जीवनसाथी प्यार किए जा…
(एक दूजे के लिए)
पहला पहला प्यार है…
(हम आपके है कौन)
साथिया तूने क्या किया…
(लव)
रूप सुहाना लगता है…
(द जेंटलमेन)
आ के तेरी बाहों में हर शाम लगे सिंदूरी…
(वंश)
हम ना समझे थे बात इतनी सी…
(गर्दिश)
सच मेरे यार है…
(सागर)
दिल दीवाना बिन सजना के माने ना…
(मैंने प्यार किया)

सुरों के सरताज ए. आर. रहमान हो गए हैं 54 साल के. रहमान उन चंद म्यूज़िक डायरेक्टर और सिंगर्स में से हैं, जो म्यूज़िक के साथ एक्सीपेरिमेंट्स करके बेहतरीन संगीत बनाने का दम रखते हैं. इंडियन म्यूज़िक को इंटरनेशनल लेवल तक ले जाने का श्रेय काफ़ी हद तक रहमान को भी जाता है. फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए उन्होंने ऑस्कर जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया. 6 साल की छोटी-सी उम्र में ही रहमान को संगीत से प्यार हो गया था. सिंथेसाइजर और हारमोनियम पर उनकी नन्हीं-सी उंगलियां कमाल कर देती थीं. अपने पिता आर.के.शेखर की राह पर चलते हुए रहमान ने संगीत की विरासत को आगे बढ़ाया और आज टॉलीवुड, बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड के भी पसंदीदा संगीतकार और गायक बन गए हैं. रहमान के संगीत का जादू ऐसा है कि वो हर उम्र के लोगों के फेवरेट हैं.

मेरी सहेली की ओर से ए. आर. रहमान को जन्मदिन की शुभकामनाएं.

आइए, उनके जन्मदिन पर देखते हैं उनके 10 बेहतरीन गाने…

फिल्म- दिल से (1998)

फिल्म- रंगीला (1995)

फिल्म- रोज़ा (1992)

https://www.youtube.com/watch?v=QIyQn_PlR38

फिल्म- ताल (1999)

https://www.youtube.com/watch?v=XpoNr0j4sms

फिल्म- रंग दे बसंती (2006)

फिल्म- ओके जानू (2017)

फिल्म- रॉकस्टार (2011)

फिल्म- बॉम्बे (1995)

https://www.youtube.com/watch?v=7uro3sLY-XY

फिल्म- स्लमडॉग मिलियनेयर (2009)

https://www.youtube.com/watch?v=5F2wvJr6WUA

एलबम- मां तुझे सलाम (1997)

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rd-burman_759_express-archive-photo (1)संगीत के जादूगर पंचम दा को आज भी म्यूज़िक इंडस्ट्री का गुरु माना जाता है. म्यूज़िक के साथ जो एक्सपेरिमेंट्स उन्होंने किए हैं, वो शायद ही किसे ने किए होंगे. संगीतकार एस. डी बर्मन के बेटे आर.डी.बर्मन यानी पंचम दा संगीत की दुनिया में तब क्रांति ले आए, जब उन्होंने गानों में अलग तरह की आवाज़ें, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट्स से अलग-अलग तरह की धुनें बनाने लगे. पंचम दा ने ऐसा संगीत बनाया, जिसकी कल्पना किसेे ने नहीं की थी. महज़ नौ साल की उम्र में अपना पहला गाना कंपोज़ करने वाले पंचम दा ने कैबरे को भी अपने गाने के ज़रिए एक नई पहचान दी. उन्होंने अपने 33 साल के करियर में हर तरह का संगीत बनाया और आज की जेनेरेशन के लिए एक मिसाल कायम कर गए. बॉलीवुड में पंचम दा के नाम से मशहूर आर.डी.बर्मन को यह नाम दिया अशोक कुमार ने, जब उन्होंने बर्मन साहब को संगीत के पांचों सुर सा रे गा मा पा… गाते हुए सुना. उनकी आख़िरी फिल्म रही 1942 ए लव स्टोरी, जिसके गानों ने सबके दिलों को एक बार फिर छू लिया था. 4 जनवरी 1994 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनके गाने हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे.

आज पंचम दा की बर्थ एनीवर्सरी है. आइए, उन्हें याद करते हुए उनके कुछ बेहतरीन गाने देखते हैं.

फिल्म- इजाज़त

फिल्म- अलग-अलग

फिल्म- हरे रामा हरे कृष्णा

फिल्म- कटी पतंग

फिल्म- अमर प्रेम

फिल्म- आंधी

फिल्म- हम किसी से कम नहीं

https://www.youtube.com/watch?v=OK_CO9BEa6k

फिल्म- कारवां

फिल्म- शोले

फिल्म- आप की कसम

https://www.youtube.com/watch?v=XkKUpvkzTgg

 

large-O-P-Nayyar-Newबॉलीवुड के सबसे स्टाइलिश संगीतकार माने जाने वाले ओ पी नैय्यर (O P Nayyar) साहब का जन्मदिन है. 16 जनवरी 1926 को लाहौर में जन्में नैय्यर साहब का पूरा नाम ओम प्रकाश नैय्यर था. बॉलीवुड को बेहतरीन गाने देने वाले नैय्यर साहब ने कभी संगीत की शिक्षा नहीं ली. म्‍यूज़िक डायरेक्‍टर, कंपोजर के तौर पर उन्होंने करिअर की शुरुआत 1949 में फिल्म कनीज से की, जिसका बैकग्राउंड स्‍कोर उन्होंने कंपोज किया था. फिल्म आसमान बतौर संगीतकार उनकी पहली फिल्म रही. ओ पी साहब अपनी शर्तों पर जीवन वाले व्यक्ति थे. उनका अंदाज़ एकदम रईसो वाला था. अक्सर वो हैट में नज़र आते थे. ये उनकी स्टाइल बन चुका था. दरअसल, ओ पी नैय्यर साहब को इंग्लिश फिल्में देखना बेहद पसंद था. वो हॉलीवुड के स्टाइल से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने ने भी हैट पहननी शुरू कर दी, जो उनका सिग्नेचर स्टाइल बन गया था. ओ पी नैय्यर अपने ज़माने के सबसे महंगे संगीतकार थे. नैय्यर साहब एक बार जो सोच लेते थे, उसपर कायम रहते थे. इसका सबसे बड़ा उदाहरण ये है कि उन्होंने लता मंगेशकर के साथ कभी काम नहीं किया.

भले ही आज ओ पी नैय्यर साहब हम सब के बीच न हों, लेकिन उनके बनाए गाने अमर हैं, जो उनकी याद दिलाते रहेंगे.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर महान संगीतकार ओ पी नैय्यर साहब को नमन. आइए, उनके जन्मदिन के मौक़े पर देखते हैं उनके टॉप 5 गाने.

फिल्म- किस्मत (1968)

फिल्म- नया दौर (1957)

फिल्म- एक मुसाफिर एक हसीना (1962)

फिल्म- मिस्टर एंड मिसेज़ 55 (1955)

फिल्म- मेरे सनम (1965)

 

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संगीत के जादूगर पंचम दा को आज भी म्यूज़िक इंडस्ट्री का गुरु माना जाता है. म्यूज़िक के साथ जो एक्सपेरिमेंट्स उन्होंने किए हैं, वो शायद ही किसे ने किए होंगे. संगीतकार एस. डी बर्मन के बेटे आर. डी बर्मन यानी पंचम दा संगीत की दुनिया में तब क्रांति ले आए, जब उन्होंने गानों में अलग तरह की आवाज़ें, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट्स से अलग-अलग तरह की धुनें बनाने लगे. पंचम दा ने ऐसा संगीत बनाया, जिसकी कल्पना किसेे ने नहीं की थी. महज़ नौ साल की उम्र में अपना पहला गाना कंपोज़ करने वाले पंचम दा ने कैबरे को भी अपने गाने के ज़रिए एक नई पहचान दी. उन्होंने अपने 33 साल के करियर में हर तरह का संगीत बनाया और आज की जेनेरेशन के लिए एक मिसाल कायम कर गए. उनकी आख़िरी फिल्म रही 1942 ए लव स्टोरी, जिसके गानों ने सबके दिलों को एक बार फिर छू लिया था. 4 जनवरी 1994 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनके गाने हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे.

आज पंचम दा की पुण्यतिथि है. आइए, उन्हें याद करते हुए उनके कुछ बेहतरीन गाने देखते हैं.

फिल्म- हरे रामा हरे कृष्णा (1971)

फिल्म-  कटी पतंग (1970)

फिल्म-  इजाज़त (1987)

फिल्म-  अमर प्रेम (1972)

फिल्म-  आंधी (1975)

फिल्म- हम किसी से कम नहीं (1977)

फिल्म- कारवां (1971)

फिल्म- शोले (1975)

फिल्म- ये वादा रहा (1982)

फिल्म- 1942 ए लव स्टोरी (1994)

touching songs
किशोर कुमार का आज जन्मदिन है. 4 अगस्त १९२९ को मध्य प्रदेश के खंडवा गाँव में जन्में किशोर दा एक बेहतरीन गायक, ऐक्टर, राइटर और म्यूज़िक डायरेक्टर थे. हमेशा मस्ती के मूड में रहने वाले किशोर दा सही मायनों में एक कंप्लीट एंटरटेनर थे. किशोर दा भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें हैं, उनकी आवाज़ और उनके गाये अनगिनत मस्ती भरे और दर्द भरे गाने हमारे साथ ज़रूर हैं.

फिल्म- मि. एक्स इन बॉम्बे (1964)

 

फिल्म- मेरे जीवन साथी (1972)

https://youtu.be/heXQRxM2Gro

 

फिल्म- नौ दो ग्यारह (1957)

https://youtu.be/O4frWRP0WnA

 

फिल्म- ज़हरीला इंसान (1974)

 

फिल्म- चोर मचाए शोर (1974)

https://youtu.be/SRY4oEWaYsk