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HBD: 53 के हुए ए. आर. रहमान (Top 10 Songs: Happy birthday A. R. Rahman)

 

सुरों के सरताज ए. आर. रहमान हो गए हैं 53 साल के. रहमान उन चंद म्यूज़िक डायरेक्टर और सिंगर्स में से हैं, जो म्यूज़िक के साथ एक्सीपेरिमेंट्स करके बेहतरीन संगीत बनाने का दम रखते हैं. इंडियन म्यूज़िक को इंटरनेशनल लेवल तक ले जाने का श्रेय काफ़ी हद तक रहमान को भी जाता है. फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए उन्होंने ऑस्कर जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया. 6 साल की छोटी-सी उम्र में ही रहमान को संगीत से प्यार हो गया था. सिंथेसाइजर और हारमोनियम पर उनकी नन्हीं-सी उंगलियां कमाल कर देती थीं. अपने पिता आर.के.शेखर की राह पर चलते हुए रहमान ने संगीत की विरासत को आगे बढ़ाया और आज टॉलीवुड, बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड के भी पसंदीदा संगीतकार और गायक बन गए हैं. रहमान के संगीत का जादू ऐसा है कि वो हर उम्र के लोगों के फेवरेट हैं.

मेरी सहेली की ओर से ए. आर. रहमान को जन्मदिन की शुभकामनाएं.

आइए, उनके जन्मदिन पर देखते हैं उनके 10 बेहतरीन गाने…

फिल्म- दिल से (1998)

फिल्म- रंगीला (1995)

फिल्म- रोज़ा (1992)

फिल्म- ताल (1999)

फिल्म- रंग दे बसंती (2006)

फिल्म- ओके जानू (2017)

फिल्म- रॉकस्टार (2011)

फिल्म- बॉम्बे (1995)

फिल्म- स्लमडॉग मिलियनेयर (2009)

एलबम- मां तुझे सलाम (1997)

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बर्थ एनीवर्सरी: आर.डी.बर्मन से ‘पंचम दा’ बनने का सफ़र रहा यादगार, देखें पंचम दा के 10 बेहतरीन गानें (Happy Birthday Pancham Da)

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rd-burman_759_express-archive-photo (1)संगीत के जादूगर पंचम दा को आज भी म्यूज़िक इंडस्ट्री का गुरु माना जाता है. म्यूज़िक के साथ जो एक्सपेरिमेंट्स उन्होंने किए हैं, वो शायद ही किसे ने किए होंगे. संगीतकार एस. डी बर्मन के बेटे आर.डी.बर्मन यानी पंचम दा संगीत की दुनिया में तब क्रांति ले आए, जब उन्होंने गानों में अलग तरह की आवाज़ें, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट्स से अलग-अलग तरह की धुनें बनाने लगे. पंचम दा ने ऐसा संगीत बनाया, जिसकी कल्पना किसेे ने नहीं की थी. महज़ नौ साल की उम्र में अपना पहला गाना कंपोज़ करने वाले पंचम दा ने कैबरे को भी अपने गाने के ज़रिए एक नई पहचान दी. उन्होंने अपने 33 साल के करियर में हर तरह का संगीत बनाया और आज की जेनेरेशन के लिए एक मिसाल कायम कर गए. बॉलीवुड में पंचम दा के नाम से मशहूर आर.डी.बर्मन को यह नाम दिया अशोक कुमार ने, जब उन्होंने बर्मन साहब को संगीत के पांचों सुर सा रे गा मा पा… गाते हुए सुना. उनकी आख़िरी फिल्म रही 1942 ए लव स्टोरी, जिसके गानों ने सबके दिलों को एक बार फिर छू लिया था. 4 जनवरी 1994 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनके गाने हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे.

आज पंचम दा की बर्थ एनीवर्सरी है. आइए, उन्हें याद करते हुए उनके कुछ बेहतरीन गाने देखते हैं.

फिल्म- इजाज़त

फिल्म- अलग-अलग

फिल्म- हरे रामा हरे कृष्णा

फिल्म- कटी पतंग

फिल्म- अमर प्रेम

फिल्म- आंधी

फिल्म- हम किसी से कम नहीं

फिल्म- कारवां

फिल्म- शोले

फिल्म- आप की कसम

 

बर्थडे स्पेशल: अपने दौर के सबसे महंगे संगीतकार थे ओ पी नैय्यर साहब (Birthday Special: Remembering O P Nayyar Sahab)

large-O-P-Nayyar-Newबॉलीवुड के सबसे स्टाइलिश संगीतकार माने जाने वाले ओ पी नैय्यर (O P Nayyar) साहब का जन्मदिन है. 16 जनवरी 1926 को लाहौर में जन्में नैय्यर साहब का पूरा नाम ओम प्रकाश नैय्यर था. बॉलीवुड को बेहतरीन गाने देने वाले नैय्यर साहब ने कभी संगीत की शिक्षा नहीं ली. म्‍यूज़िक डायरेक्‍टर, कंपोजर के तौर पर उन्होंने करिअर की शुरुआत 1949 में फिल्म कनीज से की, जिसका बैकग्राउंड स्‍कोर उन्होंने कंपोज किया था. फिल्म आसमान बतौर संगीतकार उनकी पहली फिल्म रही. ओ पी साहब अपनी शर्तों पर जीवन वाले व्यक्ति थे. उनका अंदाज़ एकदम रईसो वाला था. अक्सर वो हैट में नज़र आते थे. ये उनकी स्टाइल बन चुका था. दरअसल, ओ पी नैय्यर साहब को इंग्लिश फिल्में देखना बेहद पसंद था. वो हॉलीवुड के स्टाइल से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने ने भी हैट पहननी शुरू कर दी, जो उनका सिग्नेचर स्टाइल बन गया था. ओ पी नैय्यर अपने ज़माने के सबसे महंगे संगीतकार थे. नैय्यर साहब एक बार जो सोच लेते थे, उसपर कायम रहते थे. इसका सबसे बड़ा उदाहरण ये है कि उन्होंने लता मंगेशकर के साथ कभी काम नहीं किया.

भले ही आज ओ पी नैय्यर साहब हम सब के बीच न हों, लेकिन उनके बनाए गाने अमर हैं, जो उनकी याद दिलाते रहेंगे.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर महान संगीतकार ओ पी नैय्यर साहब को नमन. आइए, उनके जन्मदिन के मौक़े पर देखते हैं उनके टॉप 5 गाने.

फिल्म- किस्मत (1968)

फिल्म- नया दौर (1957)

फिल्म- एक मुसाफिर एक हसीना (1962)

फिल्म- मिस्टर एंड मिसेज़ 55 (1955)

फिल्म- मेरे सनम (1965)

 

हमेशा याद रहेगा पंचम दा का संगीत (Top 10 Songs: Remembering Pancham da)

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संगीत के जादूगर पंचम दा को आज भी म्यूज़िक इंडस्ट्री का गुरु माना जाता है. म्यूज़िक के साथ जो एक्सपेरिमेंट्स उन्होंने किए हैं, वो शायद ही किसे ने किए होंगे. संगीतकार एस. डी बर्मन के बेटे आर. डी बर्मन यानी पंचम दा संगीत की दुनिया में तब क्रांति ले आए, जब उन्होंने गानों में अलग तरह की आवाज़ें, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट्स से अलग-अलग तरह की धुनें बनाने लगे. पंचम दा ने ऐसा संगीत बनाया, जिसकी कल्पना किसेे ने नहीं की थी. महज़ नौ साल की उम्र में अपना पहला गाना कंपोज़ करने वाले पंचम दा ने कैबरे को भी अपने गाने के ज़रिए एक नई पहचान दी. उन्होंने अपने 33 साल के करियर में हर तरह का संगीत बनाया और आज की जेनेरेशन के लिए एक मिसाल कायम कर गए. उनकी आख़िरी फिल्म रही 1942 ए लव स्टोरी, जिसके गानों ने सबके दिलों को एक बार फिर छू लिया था. 4 जनवरी 1994 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनके गाने हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे.

आज पंचम दा की पुण्यतिथि है. आइए, उन्हें याद करते हुए उनके कुछ बेहतरीन गाने देखते हैं.

फिल्म- हरे रामा हरे कृष्णा (1971)

फिल्म-  कटी पतंग (1970)

फिल्म-  इजाज़त (1987)

फिल्म-  अमर प्रेम (1972)

फिल्म-  आंधी (1975)

फिल्म- हम किसी से कम नहीं (1977)

फिल्म- कारवां (1971)

फिल्म- शोले (1975)

फिल्म- आप की कसम (1974)

फिल्म- 1942 ए लव स्टोरी (1994)

 

हैप्पी बर्थ डे किशोर दा…देखिए उनके दिल को छू लेने वाले गाने (Happy Birthday Kishore Da … see their touching songs)

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किशोर कुमार का आज जन्मदिन है. 4 अगस्त १९२९ को मध्य प्रदेश के खंडवा गाँव में जन्में किशोर दा एक बेहतरीन गायक, ऐक्टर, राइटर और म्यूज़िक डायरेक्टर थे. हमेशा मस्ती के मूड में रहने वाले किशोर दा सही मायनों में एक कंप्लीट एंटरटेनर थे. किशोर दा भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें हैं, उनकी आवाज़ और उनके गाये अनगिनत मस्ती भरे और दर्द भरे गाने हमारे साथ ज़रूर हैं.

फिल्म- मि. एक्स इन बॉम्बे (1964)

 

फिल्म- मेरे जीवन साथी (1972)

 

फिल्म- नौ दो ग्यारह (1957)

 

फिल्म- ज़हरीला इंसान (1974)

 

फिल्म- चोर मचाए शोर (1974)