Mythological serials

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में धार्मिक मुद्दों पर फिल्म बनाने पर हमेशा से ही जोर दिया जाता रहा है. एक समय था जब धार्मिक फ़िल्में दर्शकों को अपनी और खींचती थी. अब लगता है फिर वही दौर लौट आया है. छोटे परदे पर रामायण और महाभारत टीवी सीरियल ने तो सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं ठीक उसी तरह बड़ा पर्दा भी रामायण और महाभारत की घटना को नए नजरिए और नए अंदाज़ में पेश करने की तैयारी में हैं. पौराणिक कहानियों पर एक के बाद एक कई फ़िल्में पाइपलाइन में हैं..जिनमे रामायण और महाभारत की कहानियों को नए तरीके से दिखाया जायेगा.

Big Screen

आदिपुरुष-एक्टर प्रभास और सैफअली खान की फिल्म ‘आदिपुरुष’ की शूटिंग शुरू हो गयी है. दोनों की यह फिल्म रामायण से प्रेरित है. फिल्म में प्रभास भगवान श्रीराम की भूमिका में होंगे तो वहीँ सैफ अली खान रावण का किरदार निभाएंगे. फिल्म का लम्बे समय से इंतज़ार किया जा रहा है हालाँकि फिल्म के पहले दिन ही इसके सेट पर शार्ट सर्किट की वजह से आग लग गयी लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है. ख़बरें हैं की फिल्म में कृति सेनन सीता के किरदार में होंगी लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं है. फिल्म ‘आदिपुरुष’ हिंदी समेत कई भाषाओँ में रिलीज़ होगी. फिल्म में वीएफएक्स का भारी भरकम इस्तेमाल किया जायेगा. एक्टर प्रभास भी अपनी इस फिल्म की शुरुआत से काफी उत्साहित हैं.

Adipurush
फोटो सौजन्य:इंस्टाग्राम
Adipurush
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रामसेतु-एक्टर अक्षय कुमार की फिल्म ‘रामसेतु’ भी भगवान् राम पर आधारित है. अक्षय कुमार ने फिल्म का पोस्टर अपने सोशल अकॉउंट पर शेयर किया है. पोस्टर में प्रभु श्रीराम की तस्वीर लगी है उसके नीचे अक्षय कुमार की फोटो है. पोस्टर में अक्षय कुमार रामसेतु पर चलते दिखाई देते हैं. फिल्म की कहानी रामसेतु के आसपास घूमती है जो त्रेतायुग में भगवान श्रीराम द्वारा बनाया गया मानव निर्मित सेतु है. अक्षय ने जब इस फिल्म की जानकारी दी थी तो उन्होंने इस सेतु के बारे में कहा था की यह सेतु हमें भगवान श्रीराम से युगों युगों तक जोड़कर रखेगा और हमेशा प्रेरित करता रहेगा. उन्ही की पुण्य स्मृति में हमारा छोटा सा संकल्प है.

Ram Setu
फोटो सौजन्य:इंस्टाग्राम
Ram Setu
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रामायण-डायरेक्टर मधु मंतेना का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘रामायण’ भी जल्द ही शुरू होने वाला है.पिछले दिनों ख़बरें थी की फिल्म के लिए ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण को लेने की बात चल रही है.ऋतिक रोशन प्रभु श्रीराम और दीपिका पादुकोण माता सीता के किरदार में नज़र आ सकते हैं. बताया जा रहा है की मधु मंतेना इस फिल्म को बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं इसलिए इस फिल्म पर काफी रिसर्च कर रहे हैं. फिल्म का बजट 300 करोड़ का होगा. मधु मंतेना की ये फिल्म दो भागों में बनाई जा सकती है. हालाँकि मधु मंतेना ने इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन जिस तरह से उन्होंने अपनी टीम को इसके रिसर्च पर लगा रखा है उम्मीद है मधु फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी जानकरी जल्द साझा कर सकते हैं.

hrithik roshan and deepika padukone
फोटो सौजन्य:इंस्टाग्राम

महाभारत- रामायण की तरह ही फिल्म ‘महाभारत’ की चर्चा जोरो पर है. काफी समय से कयास लगाए जा रहे हैं की फिल्म में दीपिका द्रौपदी का किरदार निभाने वाली हैं. दीपिका भी अपने इस किरदार को लेकर काफी उत्साहित हैं. यह फिल्म एक नावेल ‘पैलेस ऑफ़ इलूजन’ पर बन रही है जिसमे ‘महाभारत’ की कहानी द्रौपदी के नजरिए से सुनाई गयी है. फिल्म के डायरेक्टर मधु मंतेना होंगे. फिल्म ‘महाभारत’ को कई पार्ट्स में बनाया जायेगा. दीपिका के साथ दर्शकों को भी इस फिल्म का बेसब्री से इंतज़ार है.

deepika padukone
फोटो सौजन्य:इंस्टाग्राम

‘द इमोर्टल अश्वत्थामा’- एक्टर विक्की कौशल की अगली फिल्म ‘द इमोर्टल अश्वत्थामा’ का पोस्टर बेहद ही आकर्षक लग रहा है. विक्की कौशल की ये फिल्म महाभारत की कहानी से प्रेरित है. विक्की ने अपनी इस फिल्म का पोस्टर जारी किया जिसमे एक तस्वीर में अश्वत्थामा भगवान शिव की पूजा करते हुए दिखाई दे रहे हैं. लेकिन दूसरा पोस्टर हाईटेक वर्ल्ड पर आधारित नज़र आ रहा है. ‘द इमोर्टल अश्वत्थामा’ फिल्म महाभारत के अध्याय के एक चरित्र पर आधारित फ्यूचरिस्टिक साइंस -फाई है. फिल्म को आदित्य धर डायरेक्ट करेंगे। आदित्य के लिए यह फिल्म एक ड्रीम प्रोजेक्ट है,तो वही विक्की भी इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं.

Ashwatthama
फोटो सौजन्य:इंस्टाग्राम
Ashwatthama
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ब्रह्मास्त्र-फैमिली ड्रामा और कॉलेज लाइफ पर कई फ़िल्में बना चुके करण जोहर इस बार ‘ब्रह्मास्त्र’ से दर्शकों के लिए कुछ अनोखी कहानी लेकर आ रहे हैं. उनका दवा है की बॉलीवुड में अब तक ऐसी कहानी नहीं बनी है. फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ एक सुपरनैचरल फिल्म है जो पुराणों में दर्ज भगवान के एक शक्तिशाली शस्त्र ब्रह्मास्त्र के बारे में है. फिल्म के सारे किरदार इस शास्त्र को पाने के लिए संघर्ष करते दिखाई देते हैं. फिल्म में आलिया ने ईशा नाम की एक लड़की का किरदार अदा किया हैं. फिल्म में अमिताभ बच्चन रणबीर के गुरु की भूमिका में हैं,तो वहीँ नागार्जुन फिल्म में एक पुरातत्ववेत्ता का रोल अदा करेंगे. जिसका सिद्धांत वाराणसी के पुराने मंदिरों को दुबारा जीवित करना है.

Brahmastra
फोटो सौजन्य:इंस्टाग्राम
Brahmastra
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पौराणिक कहानियों पर बनी फ़िल्में दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचती आयी हैं.अयोध्या के राम मंदिर के निर्माण के चलते प्रभु श्रीराम की कहानी आज हर घर में चर्चा का विषय है ऐसे में उनपर आधारित फ़िल्में खूब पसंद की जाएँगी. जिसका फायदा फिल्म वाले भी उठाने से चूक नहीं रहे हैं। रामायण और महाभारत काल की घटनाओं को नए तरीके से पेश करने की चुनौती फिल्म निर्माताओं के लिए जितनी बड़ी है उतने ही दर्शक उत्साहित हैं इन फिल्मों को बड़े परदे पर देखने के लिए.

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सीरियल्स में दर्शकों को कब, क्या पसंद आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. कभी सास-बहू का कॉन्सेप्ट हिट रहता है, तो कभी परंपरागत क़िस्से-कहानियां. लेकिन इन सबके साथ इन दिनों हर चैनल्स पर धार्मिक सीरियल्स की धूम मची हुई है. आइए, इस पर एक नज़र डालते हैं.

 

एक वक़्त था, जब टीवी पर सीरियल्स हिट होने का पैमाना धार्मिक सीरियल्स को माना जाता था, जैसे- रामायण, महाभारत, श्रीकृष्ण, ओम नमः शिवाय, जय हनुमान, माता की चौकी आदि. निर्माता-निर्देशक भी इस बात से आश्‍वस्त रहते थे कि पौराणिक कथाओं पर बने धारावाहिक दर्शकों को पसंद ज़रूर आएंगे. इन विषयों पर उस समय रामानंद सागर, बी. आर. चोपड़ा, धीरज कुमार जैसे फिल्ममेकर्स का दबदबा था. लेकिन धीरे-धीरे छोटे पर्दे का रंग-रूप बदलने लगा. फैमिली ड्रामा का दौर धार्मिक-पौराणिक कथाओं से हटकर फैमिली ड्रामा अधिक पसंद किया जाने लगा. फिर एक ऐसा दौर आया कि रोमांटिक, सास-बहू, पारिवारिक सीरियल्स का ख़ुमार दर्शकों पर छाने लगा. इसमें एकता कपूर के सीरियल्स की ख़ास भूमिका रही, जहां पर सास-बहू ड्रामा, रोना-धोना, प्रेम त्रिकोण, ईर्ष्या-प्रतिशोध से भरी विलेन महिलाओं की झड़ी-सी लग गई. इमोशनल अत्याचार का यह सिलसिला क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कहानी घर-घर की, कसौटी ज़िंदगी की से लेकर ये रिश्ता क्या कहलाता है, दीया और बाती हम, बालिका वधू आदि धारावाहिकों के ज़रिए बदस्तूर जारी रहा.
एक बार फिर वक़्त व लोगों की पसंद ने करवट बदली. अब हम लव व फैमिली स्टोरी, जिसमें एक्शन, ड्रामा, डांस, सॉन्ग सब कुछ होता है, से लेकर मायथोलॉजिकल्स यानी पौराणिक कथाओं पर आधारित सीरियल्स की वापसी को भी देखते हैं.
जब लंबे अंतराल के बाद दूरदर्शन ने फिर से धारावाहिक संकट मोचन हनुमान लेकर आए थे, जिसमें महाभारत में द्रोणाचार्य की यादगार भूमिका निभानेवाले सुरेंद्र पाल सूत्रधार (पंडित) की भूमिका में थे. लोगों ने इसे ख़ूब पसंद किया था. इसमें हनुमानजी के पूर्वजन्म से लेकर बचपन, युवावस्था, प्रौढ़ावस्था व कई कालों व युग-युगान्तर की महिमा की कथाएं दिखाई गई थीं. वहीं कलर्स पर दिखाए गए जय जग जननी मां दुर्गा में मां दुर्गा के जन्म से लेकर उनके तमाम अवतारों की कथाओं का चित्रण किया गया था. साथ ही इस सीरियल में नारी शक्ति के संदेश को भी ख़ूबसूरती से प्रसारित किया गया था. ऐसा भव्य पौराणिक धारावाहिक टीवी के स्क्रीन पर पहली देखा गया. दर्शकों ने पहली बार महिषासुरमर्दिनी, गौरी, चामुंडा, भवानी या काली दुर्गा आदि अवतारों को देखा. किस प्रकार देवी दुर्गा तीनों देव- ब्रह्मा, विष्णु व महेश का सृजन करती हैं, इसमें यह भी दिलचस्प ढंग से दिखाया गया था.

पौराणिक कथाओं की बहार

आज हर चैनल पर धार्मिक सीरियल्स की बाढ़-सी आ गई है. और मज़ेदार बात यह है कि इन सभी को दर्शक पसंद भी ख़ूब कर रहे हैं. सिया के राम, सूर्यपुत्र कर्ण, जय संतोषी मां, संकट मोचन महाबली हनुमान आदि धारावाहिक इसके उदाहरण हैं.
सूर्यपुत्र कर्ण सीरियल में सूत पुत्र कहलाने जाने से लेकर एक योद्धा बनने तक की कर्ण की अनूठी यात्रा है. बेहतरीन परफॉर्मेंस, उत्कृष्ट विज़ुअल्स व दिलचस्प कहानी इस शो को अन्य धार्मिक सीरियल्स से अलग कर देती है.
सिया के राम धारावाहिक का दिलचस्प पहलू यह है कि इसमें मिथिला की सीता के दृष्टिकोण से कहानी कही गई है. इसके निर्माता-निर्देशक निखिल सिन्हा के अनुसार, जब भी पौराणिक कहानियों पर कुछ बनाया जाता है, तब हम वो ही लेते हैं, जो लिखा होता है. वक़्त बदल रहा है, आज का युवा वर्ग भी काफ़ी समझदार है. वो पौराणिक कथाओं से जुड़े क़िरदारों, क्यों व कैसे के बारे में जानना चाहता है. इसलिए आज की संस्कृति को देखते हुए सीता के व्यक्तित्व को समझने की काफ़ी ज़रूरत है. बहुत कम लोग जानते हैं कि सीता बेहद मज़बूत शख़्सियत थीं.

सीरियल्स का प्रभाव

भारतीय लोगों की ईश्‍वर व ग्रंथ-पुराणों में अटूट आस्था से इंकार नहीं किया जा सकता. यही धार्मिक जुड़ाव इस तरह के धारावाहिकों के सफल होने का कारण भी बनते हैं. इतिहास गवाह है कि पौराणिक सीरियल्स ने दर्शकों को हमेशा प्रभावित किया है. हम कैसे भूल सकते हैं उस दौर को जब रामायण, महाभारत जैसे धारावाहिक को रविवार की सुबह देखने के लिए हर वर्ग के लोग टीवी के सामने बैठ जाते थे. उस समय सड़कें-गलियां सुनसान-सी हो जाती थीं. आज के इस आधुनिक दौर में भले ही प्राइवेट एंटरटेनमेंट चैनल्स ख़ूब चल रहे हों, पर धार्मिक व पौराणिक धारावाहिकों के प्रसारण में दूरदर्शन का दबदबा हमेशा ही रहा है. समय-समय पर देश के लगभग सभी बड़े प्राइवेट एंटरटेनमेंट चैनल्स, मसलन- स्टार प्लस, ज़ी टीवी, सोनी, सहारा वन, कलर्स आदि ने पौराणिक व धार्मिक धारावाहिकों का निर्माण किया, पर वह दूरदर्शन पर लंबे अर्से पहले प्रसारित हुए धारावाहिकों रामायण, महाभारत, ओम नमः शिवाय, जय हनुमान की लोकप्रियता को कभी भी दोहरा नहीं पाए.

आज पौराणिक, ऐतिहासिक व मिथक के चरित्र टीवी के दर्शकों को काफ़ी पसंद आ रहे हैं. हर चैनल धार्मिक विषयों पर सीरियल्स बनाकर फ़ायदा उठा रहे हैं. लेकिन धार्मिक ग्रंथ-पुराण और इससे जुड़े विषयों पर सीरियल बनाना अच्छी बात है, पर हर प्रोड्यूसर-डायरेक्टर की यह ज़िम्मेदारी भी बन जाती है कि वो विषय व तथ्यों के साथ पूरा न्याय करें, वरना विवादों को उठते देर नहीं लगती.

– महाभारत में धृतराष्ट्र का क़िरदार निभानेवाले ठाकुर अनूप सिंह ने मिस्टर वर्ल्ड 2015 का ख़िताब जीता.
– अफगानिस्तान में एक टाइम वेल है, जिसमें 12 फीट का एक विमान फंसा हुआ है. यह वही विमान है, जिसका ज़िक्र हिंदू धार्मिक ग्रंथों व पौराणिक कथाओं में मिलता है.
– रामायण, महाभारत, लव-कुश सीरियल्स के अलावा लव-कुश फिल्म में भी हनुमान का क़िरदार दारा सिंह ने निभाया था.

– ऊषा गुप्ता

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