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न्यूज़ टाइम- आज की 5 ख़ास ख़बरें (Today’s Updates: Top 5 Breaking News)

हॉकी के जादूगर की जादूगरी
हॉकी के जादूगर कहे जानेवाले खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर हर साल 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है. आज उनकी 113 वीं जयंती है. हर साल आज ही के दिन खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करनेवाले खिलाड़ियों को द्रोणाचार्य, अर्जुन, खेल रत्न, राजीव गांधी आदि पुरस्कार दिए जाते हैं. यूं तो ध्यानचंदजी को लेकर कई क़िस्से मशहूर हैं, आइए, उन पर एक नज़र डालते हैं-
* 1936 के बर्लिन ओलिंपिक के फाइनल में मेज़बान जर्मनी को भारत ने हराकर गोल्ड जीता था. इस मैच में घायल होने व खेल के समय दांत टूटने के बावजूद ध्यानचंदजी न केवल मैदान में वापस आए, बल्कि अपनी कप्तानी में 8-1 से जीत दर्ज की. इसमें 3 गोल ध्यानचंदजी ने और 2 उनके भाई रूपसिंह ने किए थे.
* उनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए हिटलर ने उन्हें जर्मन नागरिकता व आर्मी में कर्नल के पद का प्रस्ताव दिया था, जिसे 31 साल के ध्यानचंदजी ने विनम्रता से मना कर दिया था.
* इसके अलावा हिटलर उनका हॉकी स्टिक भी ख़रीदने की ख़्वाहिश रखते थे.
* इस ओलिंपिक सबसे ख़ास बात यह रही थी कि इसमें भारत ने कुल 38 गोल किए थे, जिसमें 11 गोल ध्यानचंद ने किए थे.
* इसके पहले इंटरनेशनल मैचों में उन्होंने 59 गोल किए थे.
* 1928 के एम्सटर्डम ओलिंपिक में ध्यानचंद ने 5 मैचों में कुल 14 गोल किए थे. फाइनल में मेज़बान हॉलैंड को 3-0 से हराकर गोल्ड जीता था. इसमें 2 गोल ध्यानचंद ने किए थे.
* नीदरलैंड्स में उनके हॉकी स्टिक को तोड़कर इसकी जांच की गई थी कि कहीं उनके स्टिक में चुंबक यानी मैग्नेट तो नहीं है.
* हॉकी के इस महान खिलाड़ी ने अपने करियर में 400 से भी अधिक गोल किए थे.
* उनके नाम साल 1928, 1932 व 1936 में जीते गए 3 ओलिंपिक गोल्ड मेडल है.

Today's News

हेल्थ इंश्योरेंस का बढ़ता दायरा
आईआरडीआई (इंश्योरेंस एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने हेल्थ इंश्योरेंस के ऑप्शनल कवर से कई बीमारियों को हटा दिया है. उनके अनुसार, इसमें से अब डेंटल, इंफर्टिलिटी, स्टेम सेल, हार्मोंस रिप्लेसमेंट थरेपी, साइकेट्रिक व ओबेसिटी ट्रीटमेंट, सेक्सुअली ट्रांसमिटेड आदि जैसी बीमारियों को अलग कर दिया गया है. इसके पहले अधिकतर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनिया उपरोक्त ऑप्शनल कवर का इंश्योरेंस नहीं करवाती थीं. लेकिन अब आईआरडीआई के निर्देश पर सभी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को इन्हें शामिल करना होगा. यदि एक नज़र नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस रिकॉर्ड पर डालें, तो अब तक देश के केवल 34 प्रतिशत जनता यानी क़रीब 43 करोड़ लोगों ने ही अपना हेल्थ इंश्योरेंस करवाया है. इसमें कोई दो राय नहीं कि इस उल्लेखनीय क़दम के कारण अब अधिक से अधिक लोग अपना हेल्थ इंश्योरेंस करवाने के लिए आगे आएंगे.

विदेशियों को ड्रोन उड़ाने की मनाही
भारतीयों को दिसंबर से ड्रोन उड़ाने की मंजूरी मिल जाएगी, पर विदेशी ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि उनको इसकी अनुमति नहीं दी गई है. देशवासियों के लिए रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम चलाने के नियमों को भी जारी किया गया है, जो दिसंबर महीने से लागू हो जाएगा. ड्रोन उड़ान के लिए विमानन नियामक डीजीसीए से एक ख़ास पहचान नंबर (यूआईएन) प्राप्त करना होगा. इसके अलावा नागर विमानन महानिदेशालय से हर उड़ान के लिए परमिट भी लेना ज़रूरी होगा. ड्रोन प्लेन को उनके वज़न उठाने के सार्मथ्य के अनुसार 5 कैटेगरी में रखा गया है, जिसमें अति सूक्ष्म, सूक्ष्म, लघु, मध्यम व दीर्घ हैं.

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हिट होता सॉन्ग हार्ड हार्ड
शाहिद-श्रद्धा कपूर स्टारर बत्ती गुल मीटर चालू के कॉन्सेप्ट, गाने व ट्रेलर को दर्शक बेहद पसंद कर रहे हैं. इसके ट्रेलर को तो अब तक 28 मिलियन से भी अधिक लोगों ने देखा है. अब इसका रिलीज नया गाना हार्ड हार्ड ख़ूब धूम मचा रहा है. इसमें शाहिद-श्रद्धा के अलावा दिव्येंदू शर्मा की गज़ब की जुगलबंदी देखने को मिलती है. उस पर मीका सिंह व सचेत टंडन की सुमधुर आवाज़ सोने पे सुहागा है. बिजली की समस्या और उसमें होनेवाले करप्शन पर आधारित यह फिल्म 21 सितंबर को रिलीज़ होनेवाली है. इसमें शाहिद कपूर व यामी गौतम एडवोकेट के रोल में दमदार डॉयलाग्स बोलते नज़र आएंगे.

मनजीत ने जीता सबका मन
इंडोनेशिया में हो रहे एशियाई खेल में भारत के मनजीत सिंह ने तो हर किसी दिल व मन दोनों ही जीत लिया. उन्होंने 800 मीटर की दौड़ में गोल्ड जीता. साथ ही इसी स्पर्धा में भारत के ही जिनसन जॉनसन ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया. साल 1962 के बाद पहली बार भारतीय खिलाड़ियों ने यह कमाल दोबारा दिखाया है. इसके अलावा भारतीय बॉक्सर विकास कृष्ण ने 75 किग्रा के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं. गौर करनेवाली बात यह है कि लगातार तीन एशियन गेम्स में मेडल जीतनेवाले वे पहले भारतीय बॉक्सर होंगे. विकास ने साल 2010 के ग्वांग्झू एशियन में 60 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड और साल 2014 के इंचियोन में मिडिलवेट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. उनके अलावा अमित पंघाल ने भी 49 किग्रा में सेमीफाइनल में पहुंच अपना मेडल पक्का कर लिया है. इसी साल कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेहल जीतनेवाले विकास ने बाईं आंख घायल होने उसमें कट लगने के बावजूद चीन के तूहेता इर्बीके टी को 3-2 से हराकर जीत हासिल की.

– ऊषा गुप्ता