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नवरात्रि स्पेशल- तपस्या व त्याग की देवी मां ब्रह्मचारिणी (Navratri Special- Worship Devi Brahmcharini)

Devi Brahmcharini puja

Devi Brahmcharini puja

सिद्धि प्राप्ति के लिए नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की विशेष पूजा की जाती है.

या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप भक्तों व सिद्धों को अनंत फल देनेवाला है.
देवी ब्रह्मचारिणी हिमालय व मैना की पुत्री हैं.
इन्होंने भगवान शंकर को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी.
इस कठिन तपस्या के कारण ही इनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा.
इन्हें त्याग व तपस्या की देवी माना जाता है.
इनके दाहिने हाथ में अक्षमाला और बाएं हाथ में कमंडल है.

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इनकी पूजा-अर्चना करने से हमारे जीवन में तप, संयम, त्याग व सदाचार की वृद्धि होती है.
इनकी पूजा करने से पहले हाथ में एक फूल लेकर यह प्रार्थना करें-

दधाना करपप्राभ्यामक्षमालाकमण्डलू l
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्माचारिण्यनुत्तमा ll

इसके बाद देवी को पंचामृत से स्नान कराकर
फूल, अक्षत, रोली, चंदन, कुमकुम अर्पित करें.
देवी को अरूहूल (लाल रंग का एक विशेष फूल) का फूल विशेष रूप से पसंद है, इसलिए हो सके, तो इसकी माला बनाकर पहनाएं.
मान्यता के अनुसार, इस दिन ऐसी कन्याओं की पूजा व आवभगत की जाती है, जिनका विवाह तय हो गया है, पर अभी शादी नहीं हुई है. इन्हें घर बुलाकर पूजन के बाद भोजन कराकर वस्त्र उपहार स्वरूप दिया जाता है.

देवी ब्रह्मचारिणी ब्रह्म स्वरूप है. यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है यानी तपस्या का मूर्तिमान स्वरूप है.
ये कई नाम से प्रसिद्ध हैं, जैसे-
तपश्‍चारणी, अपर्णा, उमा आदि.

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नवरात्र 2020 शुभ मुहूर्त: कोरोना कर्फ्यू में ऐसे करें चैत्र नवरात्र की तैयारियां (Navratri 2020 Auspicious Time: How To Prepare For Chaitra Navratri In Corona Curfew)

चैत्र नवरात्र 2020 कल यानी 25 मार्च से शुरू हो रहे हैं. देश में कई राज्यों में कर्फ्यू के कारण कई लोग नवरात्र पूजा के लिए ज़रूरी सामान नहीं ख़रीद पा रहे हैं, जिसके चलते लोगों के मन में निराशा का भाव भी है. इस विपरीत परिस्थिति में जो भी संसाधन उपलब्ध हैं, उनसे आप किस तरह चैत्र नवरात्र की तैयारी कर सकते हैं, ये जानने के लिए हमने बात की एस्ट्रो-टैरो एक्सपर्ट व न्यूमरोलॉजिस्ट मनीषा कौशिक से. मनीषा कौशिक ने हमें कोरोना कर्फ्यू में नवरात्र की तैयारी करने के कुछ आसान उपाय बताए इस तरह बताए:

Chaitra Navratri



चैत्र नवरात्र 2020 का शुभ मुहूर्त
25 मार्च 2020 से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं. चैत्र नवरात्र 2020 का शुभ मुहूर्त है :

* घटस्थापना मुहूर्त सुबह 6.19 से 7.17 बजे तक
* यदि आप सुबह जल्दी घटस्थापना नहीं कर पा रहे हैं, तो सुबह 11 बजे से 12.31 बजे भी घटस्थापना कर सकते हैं. ये मुहूर्त शुभ कार्य की शुरुआत के लिए भी अच्छा है.

कोरोना कर्फ्यू में ऐसे करें चैत्र नवरात्र 2020 की तैयारियां
कई लोग इस बात से परेशान हैं कि कोरोना कर्फ्यू के चलते वो नवरात्र पूजा और घटस्थापना के लिए ज़रूरी सामान नहीं खरीद पा रहे हैं. यदि आपके साथ भी ऐसा ही हो रहा है, तो घबराएं नहीं. कोरोना कर्फ्यू में आप इस तरह चैत्र नवरात्र 2020 की तैयारियां कर सकते हैं:
* यदि आप नवदुर्गा को चढ़ाने के लिए नई चुनरी नहीं ख़रीद पा रहे हैं, तो आज यानी नवरात्र से एक दिन पहले घर की पुरानी चुनरी धोकर उसका प्रयोग करें.
* आज यानी 24 मार्च 2020 दोपहर 2. 57 बजे से प्रतिपदा तिथि शुरू हो चुकी है इसलिए आज से व्रत की तैयारियां शुरू की जा सकती हैं. जो लोग व्रत करने वाले हैं, वो आज रात से लहसुन-प्याज़ खाना बंद कर दें.
* यदि किसी कारणवश पुरानी चुनरी भी नहीं धो पाए, तो चुनरी पर गंगाजल छिड़ककर फिर उसे पूजा में प्रयोग में लाएं.
* यदि आपके पास चुनरी नहीं है, तो नवदुर्गा के सिर पर मौली का एक टुकड़ा रख दें, ये भी वस्त्र का ही काम करता है.
* यदि आप घटस्थापना के लिए श्रीफल यानी नारियल नहीं ख़रीद पा रही हैं, तो मंदिर में सिर्फ घी का दीया जलाकर भी अपने व्रत की शुरुआत कर सकती हैं.
* कोरोना कर्फ्यू के चलते आपको कन्या जिमाने में भी दिक्कत आ सकती है, क्योंकि लोग अपनी लड़कियों को नहीं भी भेज सकते हैं. यदि आपको कन्या जिमाने में दिक्कत आ रही है, तो आप पूजा का भोग-प्रसाद बनाकर उसे एक थाली में नौ भागों में रख दें और उस थाली को छत में रखें. ऐसा करने से पक्षी आपका भोग-प्रसाद खाएंगे, जिससे आपको उतना ही पुण्य मिलेगा. हां, भोग के साथ छत पर पानी भी ज़रूर रखें. जिस तरह खाने के बाद हमें पानी की ज़रूरत पड़ती है, उसी तरह पक्षियों को भी प्यास लगती है, इसलिए भोग के साथ एक बर्तन में पानी भी ज़रूर रखें.

चैत्र नवरात्र 2020 का व्रत रखते समय इस बात का रखें ख़ास ध्यान
किसी भी पूजा-अर्चना, व्रत-उपवास में उसकी सामग्री से कहीं ज्यादा भक्त की भावना मायने रखती है, इसलिए आपकी पूजा या उपवास में कोई कमी रह भी जाए, तो परेशान न हों, माता रानी आपकी भावना को समझेंगी और आपको ढेर सारा आशीर्वाद देंगी.

चैत्र नवरात्र 2020 आप सभी के जीवन सुख-सौभाग्य-समृद्धि लेकर आए!

– कमला बडोनी