Nawazuddin Siddiqui

करोड़ों रूपए बतौर फीस लेनेवाले बॉलीवुड एक्टर्स में से ऐसे भी कई स्टार्स हैं, जिन्होंने कभी फिल्म, तो कभी डायरेक्टर या प्रोड्यूसर की वजह से फिल्म में काम करने के लिए कोई फीस नहीं ली और फ्री में की ये फ़िल्में. बॉलीवुड में ऐसा कई बार देखा गया है, जब फिल्म के रोल के लिए कुछ कलाकारों ने सिर्फ़ टोकन अमाउंट लिया और पूरी शिद्दत के साथ अपनी भूमिका निभाई. आइए देखें कौन हैं वो बॉलीवुड स्टार्स जिन्होंने ऐसा भी किया है.

अमिताभ बच्चन

amitabh bachchan

फिल्म ब्लैक की स्क्रिप्ट से बिग बी इतने इम्प्रेस्ड हुए थे कि उन्होंने यह फिल्म फ्री में की थी. इस फिल्म को करने का एक और कारण संजय लीला भंसाली के साथ काम करना भी बताया था. इसके अलावा जब अमितजी के मेकअप मैन भोजपुरी फिल्मों के डायरेक्टर बने, तो उन्होंने अमितजी को अपनी फिल्म में रोल दिया, लेकिन अमितजी ने उनकी फिल्मों गंगा, गंगोत्री और गंगा देवी के लिए एक भी पैसा नहीं लिया.

दीपिका पादुकोण

deepika padukone

बॉलीवुड में अपनी डेब्यू फिल्म ओम शांति ओम में सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ काम करने की इतनी बड़ी ऑपर्चुनिटी के लिए दीपिका ने एक भी रुपया नहीं लिया. यह फिल्म उन्होंने फ्री में की थी, जो ब्लॉकबस्टर साबित हुई.

फरहान अख्तर

farhan akhtar

अपनी पूरी मेहनत और शिद्दत के साथ मिल्खा सिंह का किरदार निभानेवाले फरहान अख्तर ने इस फिल्म के लिए महज़ 11 रूपये का टोकन अमाउंट लिया था. इस फिल्म के लिए फरहान ने काफ़ी मेहनत की, जिसके कारण फिल्म सुपरहिट रही.

शाहिद कपूर

shahid kapoor

साल 2014 में आई फिल्म हैदर के लिए शाहिद कपूर ने कोई पैसे नहीं लिए और यह फिल्म फ्री में की. हैदर फिल्म में उनकी बेहतरीन अदाकारी के लिए शाहिद को काफ़ी सराहना भी मिली थी.

शाहरुख खान

shahrukh khan

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने भी अमिताभ बच्चन की फिल्म भूतनाथ में काम करने के लिए कोई फीस नहीं ली थी. इसके अलावा कमल हसन की फिल्म हे राम में भी उन्होंने फ्री में काम किया था.

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी

nawazuddin siddiqui

साल 2018 में नंदिता दास के डायरेक्शन में बनी फिल्म मंटो के लिए नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने सिर्फ़ 1 रूपये टोकन अमाउंट लिया था. नवाज़ुद्दीन के अलावा ऋषि कपूर, जावेद अख्तर, गुरदास मान, राजश्री देशपांडे, रणवीर शोरी और स्वानंद किरकिरे ने भी यह फिल्म फ्री में की थी. इसके अलावा नवाज़ुद्दीन ने फिल्म हरामखोर के लिए भी सिर्फ़ 1 रूपये टोकन अमाउंट लिया था.

मीना कुमारी

Meena Kumari

कमाल अमरोही की क्लासिक फिल्म पाकीज़ा के लिए मीना कुमारी ने सिर्फ़ 1 रूपये का टोकन अमाउंट लिया था. दुर्भाग्य से यह उनकी आख़िरी फिल्म साबित हुई. फिल्म की रिलीज़ के कुछ हफ़्ते बाद ही लिवर की बीमारी से उनका देहांत हो गया.

ओम पुरी

Om Puri

डेढ़ लाख के बजट में बनी फिल्म घासीराम कोतवाल ओम पुरी की डेब्यू फिल्म थी, जिसके लिए उन्होंने कोई फीस नहीं ली थी. यह एक मराठी फिल्म थी, जो मराठी नाटक पर आधारित थी.

इरफ़ान खान

irrfan khan

साल 2004 में आई फिल्म रोड टु लद्दाख एक ऐसी ही फिल्म थी, जिसे महज़ 16 दिनों में पूरा किया गया था. इस फिल्म के लिए इरफ़ान खान ने कोई अमाउंट नहीं लिया था.

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फिल्म इंडस्ट्री में आज भी कई ऐसे स्टार्स हैं जो अंग्रेजी बोलने में कतराते हैं, जो बेहद सक्सेसफुल हैं, पॉपुलर हैं, लेकिन उतनी अच्छी इंग्लिश नहीं बोल पाते जितनी उनसे सभी उम्मीद की जाती है.

कपिल शर्मा (Kapil Sharma)

Kapil Sharma


अपनी जबरदस्त कॉमेडी से सबको जीभर कर हंसानेवाले कॉमेडियन कपिल शर्मा के दीवाने बड़े बड़े फ़िल्म स्टार्स भी हैं. अपनी हाज़िरजवाबी और सीरियस बातों को भी मज़ेदार तरीके हैंडल करने में माहिर कपिल का इंग्लिश बोलने में हाथ तंग है. कॉमेडी शो ‘द कपिल शर्मा शो’ में भी कपिल को कई बार इस प्रॉब्लम का सामना करना पड़ा है. वे खुद कई बार ये बात कह चुके हैं कि उन्हें इंग्लिश नहीं आती है. शो में भी हर बार वो अपनी ही इंग्लिश का मज़ाक उड़ाते नज़र आ जाते हैं. ये बात अलग है कि इंग्लिश कभी उनकी सक्सेस के बीच नहीं आया और आज पूरी दुनिया में वे अपनी अलग पहचान बना चुके हैं और सफलता की ऊंचाइयों को छू रहे हैं.

कंगना रनौत (Kangana Ranaut)

Kangana Ranaut


बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं. बॉलीवुड में ऐसे कुछ ही कलाकार हैं जो बिना डरे, बेझिझक हर मुद्दे पर अपनी बात रखते हैं, कंगना भी उन्हीं में से एक हैं, बस उनकी एक ही प्रॉब्लम है वो दूसरे स्टार्स की तरह फर्राटेदार इंग्लिश नहीं बोल पातीं. दरअसल पैसा और नाम कमाने के लिए कंगना ने स्कूल से पास आउट होते ही एक्टिंग की दुनिया में कदम रख दिया था, जिस वजह से वे पढाई पूरी नहीं कर पाईं और इंग्लिश में कमजोर रह गईं. उनकी इंग्लिश का अक्सर ही मज़ाक उड़ाया जाता है. करण जौहर के टॉक शो ‘कॉफी विद करण’ में करण ने भी इस बात का खुलासा किया था कि काफी सारे बॉलीवुड सेलेब्स कंगना की इंग्लिश का मजाक बनाते हैं क्योंकि वो बाकि सेलेब्स जैसी अच्छी इंग्लिश नहीं बोल पातीं, पर कंगना को इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता. उल्टे वो कई बार लोगों को हिंदी की अहमियत समझाती नज़र आती हैं. पिछले साल हिंदी दिवस के अवसर पर तो कंगना ने अपनी फिल्म पंगा का प्रमोशन करने के लिए एक क्लिप शेयर करके सभी से हिंदी को महत्व देने की अपील भी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था, ”आज हिंदी दिवस के अवसर पर अंग्रेजी से लेते हैं ‘पंगा’, मगर प्यार से. हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, लेकिन राष्ट्र बोलने से कतराता है. जुबान से ए, बी, सी, डी, जिस विश्वास से फूटती है, क, ख, ग.. उस आत्मविश्वास से क्यों नहीं निकलता..मां-बाप भी चौड़े होकर बताते हैं, जब बच्चे फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं.”

रजनीकांत (Rajnikanth)

Rajnikanth

साउथ के मेगास्टार कहे जाने वाले रजनीकांत को आज पूरी दुनिया जानती है. लेकिन बहुत ही कम लोगों को पता है कि रजनीकांत इंग्लिश नहीं बोल पाते हैं. बता दें कि गरीब परिवार में जन्मे रजनीकांत का जीवन बहुत संघर्षपूर्ण रहा. एक्टर बनने से पहले उन्होंने कुली, कारपेंटर और बस कंडक्टर के रूप में भी काम किया. इस वजह से रजनीकांत को कभी पढ़ने का मौका ही नहीं मिल पाया. इसलिए वे इंग्लिश नहीं बोल पाते. लेकिन बड़ी से बड़ी बात वो अपनी जानदार एक्टिंग के ज़रिए लोगों तक पहुंचाने में माहिर हैं और वर्ल्ड के मोस्ट सक्सेसफुल और टैलेंटेड एक्टर्स में उनका शुमार किया जाता है.

नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui)

Nawazuddin Siddiqui

नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवुड के टैलेंटेड एक्टर्स में से एक हैं और वह हिंदी बोलना ही पसंद करते हैं, विशेष कर मीडिया इंटरेक्शन में क्योंकि उनकी इंग्लिश भी कमजोर है. दरअसल नवाजुद्दीन एक बेहद ही गरीब परिवार से आए हैं. ऐसे में उन्हें ज्यादा पढ़ाई करने का मौका नहीं मिला और वो इंग्लिश सीख ही नहीं पाए. इसीलिए वो भी ज्यादातर हिंदी ही बोलते हैं. हिंदी में ही डायलॉग डिलीवरी के अपने खास अंदाज से उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई है.

करिश्मा कपूर (Karishma Kapoor)

Karishma Kapoor

कपूर खानदान की बड़ी बेटी और मशहूर एक्ट्रेस करिश्मा कपूर भी इंग्लिश स्पीकिंग के मामले में थोड़ी पीछे हैं. उन्होंने स्कूली पढ़ाई भी बीच में ही छोड़ दी थी. उन्होंने सिर्फ छठवीं क्लास तक पढ़ाई की है, इसलिए करिश्मा को यूं तो इंग्लिश आती है, लेकिन जब बात परफेक्ट इंग्लिश की हो तो वो भी पीछे रह जाती हैं.

अक्षय कुमार (Akshay Kumar)

Akshay Kumar

बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार को इंग्लिश आती तो है, लेकिन वो हिंदी में कम्यूनिकेट करने में ज्यादा कंफर्टेबल महसूस करते हैं. हालांकि वो हिंदी-इंग्लिश दोनों में रिप्लाई करते हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि वे अपनी बात हिंदी में ज्यादा बेहतर ढंग से कह पाते हैं, इसलिए वो ज़्यादातर हिंदी ही बोलते हैं.

गोविंदा (Govinda)

Govinda

गोविंदा उन सेलेब्स की सूची में से एक हैं जो कि पंजाबी हैं और फर्राटेदार इंग्लिश नहीं बोल पाते. अनगिनत हिट फिल्में देने वाले अपने ज़माने के सुपरस्टार गोविंदा को इंग्लिश आती तो है, लेकिन उतनी सहजता से वे इंग्लिश बोल नहीं पाते. इसलिए जब तक बहुत ज़रूरी न हो, वो इंग्लिश बोलने से बचते हैं. उन्हें अपनी मातृभाषा हिंदी में बोलना ही पसंद है.

राखी सांवत (Rakhi Sawant)

Rakhi Sawant

आइटम गर्ल और बॉलीवुड की हॉट एंड बोल्ड और मोस्ट कंट्रोवर्शियल क्वीन राखी सावंत के इंग्लिश एक्सेंट को लेकर अक्सर उनका मजाक बनाया जाता रहा है. ये बात अलग है कि लोगों की परवाह न करते हुए वे आये दिन गलत शलत इंग्लिश बोलने की कोशिश में लगी रहती हैं. खबर तो यहां तक आई थी कि अपनी इंग्लिश सुधारने के लिए राखी ने इंग्लिश स्पीकिंग क्लासेस भी जॉइन की थी, क्योंकि वो हॉलीवुड की फिल्मों में काम करना चाहती हैं.

धर्मेंद्र (Dharmendra)

Dharmendra


बॉलीवुड के लीजेंड धर्मेंद्र को बॉलीवुड का सबसे हैंडसम हीरो कहा जाता है. अपनी शानदार एक्टिंग से सिने जगत में अपनी खास पहचान बनानेवाले धरम पाजी की इंग्लिश कमज़ोरी है, इसलिए वे हिंदी और पंजाबी में बोलना पसन्द ही करते हैं.

कैलाश खेर (Kailash Kher)

Kailash Kher


गायक कैलाश खेर भी हमेशा ही हिंदी में ही बोलना पसंद करते हैं. किसी भी इंटरेक्शन में आप उन्हें हिंदी में ही बात करते हुए देखेंगे, क्योंकि उन्हें फर्राटेदार इंग्लिश बोलना नहीं आता.

भारतीय समाज में आज भी गोरे रंग को ही सुंदरता की पैमाना माना जाता है. वैवाहिक विज्ञापनों में भी ‘गोरी और सुन्दर’ वधु की ही डिमांड होती है. और ये हाल सिर्फ इंडियन फैमिली का नहीं है. ‘गोरी और सुन्दर’ वाला फार्मूला बॉलीवुड में भी चलता है. हालांकि पिछले कुछ सालों में लोगों की सोच थोड़ी बदली है, फिर भी ऐसे कई एक्टर एक्ट्रेसेस हैं, जिन्हें डार्क कॉम्प्लेक्शन की वजह से भेदभाव झेलना पड़ा, लोगों के ताने सुनने पड़े.

बिपाशा बासु
Bipasha basu

बिपाशा बासु को भले ही इंडस्ट्री की हॉट एंड सेक्सी गर्ल कहा जाता हो, एक समय था जब लोग उनके सांवले रंग पर बुली करते थे यहां तक कि करीना ने बिपाशा को काली बिल्ली तक कह दिया था. आज भले ही अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत उनके समर्थन में उतरीं करीना ने लिखा हो कि ‘सभी रंग खूबसूरत हैं और हम भले ही अलग-अलग रंगों में पैदा हुए हों लेकिन हम सब एक ही चीज की ख्वाहिश रखते हैं और वो है फ्रीडम और रिस्पेक्ट.’ लेकिन इसी करीना ने बिपाशा पर रेसिस्ट कमेंट करके उनके सांवले रंग को निशाना बनाया था. दरअसल फिल्म अजनबी में बिपाशा और करीना ने साथ काम किया था. उस दौरान खबर थी कि करीना और बिपाशा में कॉस्टयूम को लेकर कुछ विवाद हो गया था. इससे करीना इतनी नाराज हो गई थीं कि उन्होंने बिपाशा को काली बिल्ली कह दिया था और उन्हें थप्पड़ भी जड़ दिया था, ज़ाहिर है ये बिपाशा के डार्क कॉम्प्लेक्शन पर कमेंट था. ये बात और है कि बिपाशा ने कभी किसी कमेंट को सीरियसली नहीं लिया और बॉलीवुड की सेक्सिएस्ट एक्ट्रेस कहलाईं.

प्रियंका चोपड़ा

Priyanka Chopra


प्रियंका खुद कई बार ये कह चुकी हैं कि सांवलेपन की वजह से उन्हें यंग एज में कई बार तकलीफ झेलनी पड़ी. यहां तक कि जब वो यूएस में पढ़ाई के लिए गई थीं तो उनके सांवले रंग को लेकर लोग उनपर कमेंट किया करते थे. एक बार तो प्रियंका की इस बात पर किसी शख्स से लड़ाई भी हो गई थी. एक इंटरव्यू के दौरान प्रियंका ने कहा, “जब मैं बड़ी हो रही थी, तब टीवी पर मैंने कभी किसी को अपने स्किन टोन से मैच करते नहीं देखा. तब कॉस्मेटिक कंपनियां ऐसे शेड्स या प्रोडक्ट्स लाती ही नहीं थीं, जो एशियन या इंडियन स्किन टोन से मैच हो. पता नहीं क्यों सांवली लड़कियों पर सोसायटी का दबाव हमेशा रहता है कि खूबसूरती का पैमाना गोरी त्वचा ही होती हैं.” हालांकि अपने टैलेंट और मेहनत के बलबूते प्रियंका ने इन तमाम बातों को झुठला दिया है और आज बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि हॉलीवुड का भी पॉपुलर फेस बन चुकी हैं.

मलाइका अरोड़ा

malaika arora


मलाइका ने एक शो में खुद खुलासा करते हुए बताया था कि करियर के शुरुआती दौर में डार्क रंग की वजह से उनका खूब मजाक उड़ाया जाता था. इंडस्ट्री में उनके साथ भेदभाव किया जाता था. उन्होंने बताया कि लोग डार्क स्किन और फेयर स्किन के बीच भेदभाव करते थे. मलाइका का इस बारे में कहना है, “मैं उस समय इंडस्ट्री में आई थी जब गोरी त्वचा को ही सुंदर माना जाता था और वहीं सांवली रंगत वाले को काम तक नहीं मिलता था. मुझे हमेशा डार्क कॉम्प्लेक्शन की कैटेगरी में रखा जाता था. त्वचा के रंग को लेकर खुले तौर पर पक्षपात हुआ करता था.”

नवाजुद्दीन सिद्दीकी

Nawazuddin Siddiqui


एक समय ऐसा था जब नवाजुद्दीन के लिए टेलीविजन की दुनिया में भी रोल पाना कितना मुश्किल था. वह काले रंग के कारण लोगों के मजाक और हंसी का पात्र बनते थे. नवाजुद्दीन कई इंटरव्यू में बता चुके हैं कि किस तरह गोरी अभिनेत्रियां उनके साथ काम करने से ही इनकार कर देती थीं और कई प्रोड्यूसर्स उन्हें फेयरनेस क्रीम लगाने की सीख दे देते थे. इसी से दुखी होकर एक बार नवाज ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक ट्वीट करते हुए लिखा था कि मुझे यह एहसास दिलाने के लिए शुक्रिया कि मैं किसी गोरे और हैंडसम के साथ काम नहीं कर सकता, क्योंकि मैं काला हूं और मैं दिखने में भी अच्छा नहीं. लेकिन मैंने कभी उन चीजों पर खास ध्यान ही नहीं दिया. ये ट्वीट उन्होंने फिल्म बाबूमोशाय बंदूकबाज़ के निर्देशक संजय चौहान के उस कथित बयान से दुखी होकर किया था, जिसमें संजय ने कहा था, ‘हम नवाज़ के साथ गोरे और सुंदर लोगों को कास्ट नहीं कर सकते. ये बहुत ख़राब लगेगा. उनके साथ जोड़ी बनाने के लिए आपको अलग नैन नक्श और व्यक्तित्व वाले लोगों को लेना होगा.’ ये बात अलग है कि नवाज ने इन सारी बातों को झुठलाते हुए खुद को बतौर एक्टर साबित किया और आज उनकी गिनती इंडस्ट्री के बेहतरीन एक्टरों में होती है.

शिल्पा शेट्टी

Shilpa Shetty


शिल्पा शेट्टी कुंद्रा आज चाहे फिटनेस और ब्यूटी क्वीन कहलाती हैं, लेकिन एक टाइम ऐसा भी था जब लोग उनके संवाले रंग का मजाक उड़ाते थे. बॉलीवुड में तो उन्हें सांवले रंग पर कमेंट सुनने ही पड़ते थे, आम जीवन में भी वो इसका शिकार हो चुकी हैं. एक बार तो वो सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) एयरपोर्ट पर रेसिज्म (रंगभेद) का शिकार हुई थीं. इस बारे में उन्होंने एक पोस्ट भी शेयर की थी जिसमें लिखा था  ‘इस पर आपको ध्यान देना चाहिए!… मैं सिडनी से मेलबर्न की यात्रा पर गई थी. इसी दौरान एयरपोर्ट पर चेकइन काउंटर पर मुझे मेल नाम की एक एरोगेंट सी महिला मिली. उसका मानना था कि हमसे यानी ब्राउन लोगों के साथ बदतमीजी से ही बात की जाती है.’

स्वरा भास्कर

swara Bhaskar


स्वरा अपने बेबाक बयानों की वजह से सुर्ख़ियों में बनी रहती हैं. स्वरा के डस्की कॉम्प्लेक्शन का भी बहुत मज़ाक उड़ाया गया, लेकिन उन्होंने कभी किसी की बात पर ध्यान दिया ही नहीं. बल्कि उन्होंने तो कई फेयरनेस क्रीम ब्रांड्स के ऐड करने से मना कर दिया और ऐसा आफर लाने वालों को खरी खोटी भी सुना दी. उनका कहना है, ‘हमें गोरेपन की सनक को बढ़ावा नहीं देना चाहिए. चाहे आप सांवले हों, गेहुआं रंग के या डार्क, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.” 

काजोल

Kajol


काजोल की गिनती भी बॉलीवुड की डार्क एंड ब्यूटीफुल एक्ट्रेसेस में होती है. शुरुआती फिल्मों में उनके कॉम्प्लेक्शन ही नहीं, बल्कि चेहरे पर थ्रेडिंग न करवाने के लिए भी काफी कुछ कहा सुना गया. हालांकि काजोल ने इस बारे में कभी कोई कमेंट नहीं किया, लेकिन बाद में उन्होंने मेलानिन सर्जरी करवा ली, जो स्किन व्हाइटनिंग सर्जरी होती है. इसके बाद काजोल का कम्पलीट मेकओवर ही हो गया.

नन्दिता दास

Nandita das


नन्दिता दास को इंडस्ट्री की ब्लैक ब्यूटी कहा जाता है और अपने लिए ये शब्द ही उन्हें रेसिस्ट कमेंट लगता है,”पता नहीं क्यों जब भी मेरे बारे में कोई कुछ लिखता है, तो ये ज़रूर लिखता है कि ‘ब्लैक एंड डस्की’…क्या ये लिखे बिना मेरी पहचान नहीं हो सकती.” एक इंटरव्यू में अपने सांवलेपन पर नन्दिता ने खुलकर बोला था, “चूंकि मैं खूद सांवली हूं और आप जब खुद सांवले होते हैं तो आपको बचपन से ही कोई न कोई याद दिलाता रहता है कि आपका रंग औरों से कुछ कम है. या आपसे कहा जाता है कि धूप में मत जाओ और गहरी हो जाओगी या यह क्रीम इस्तेमाल करके देखो. कुल मिलाकर खूबसूरती की जो परिभाषा गढ़ी गई है, अगर आप उसमें आप फिट नहीं हो रहे, तो फिर आपका कोई काम नहीं है.” नंदिता दास ने साल 2009 में ‘डार्क इज ब्यूटीफ़ुल’ नाम से एक अभियान की शुरुआत भी की थी और इसी अभियान के तहत रंगभेद की समस्या को केंद्रित करके उन्होंने ‘इंडिया गॉट कलर’ नामक वीडियो भी बनाया था, जिसमें उन्होंने गोरे सांवले मुद्दे को बहुत इफेक्टिवली हैंडल किया था. उनका साफ कहना था कि हमारे समाज में गोरे व सांवले जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना ही बंद हो जाना चाहिए. यह बात समझाना ज़रूरी है कि किसी व्यक्ति की त्वचा  का रंग उसके चरित्र और व्यक्तित्व को नहीं दर्शाता है.

स्मिता पाटिल 

smita patil


ये सच है कि स्मिता की फिल्में और उनकी एक्टिंग देखकर उनकी खूबसूरती के बहुत-से दीवाने बने. मगर फिल्मों में आने से पहले लोग उन्हें ‘काली’ कहकर बुलाते थे. मगर इन बातों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता था. कॉलेज के दिनों में ही वो मुंबई आ गई थीं. एक दूरदर्शन डायरेक्टर ने उनकी तस्वीरें देखीं और उन्हें ‘मराठी न्यूज रीडर’ की नौकरी दे दी. लेकिन कहते हैं तब उन्हें काली कहे जाने का डर इस कदर परेशान करता था कि पहले वो जींस पहनती थीं, फिर उसके ऊपर साड़ी पहना करती थीं. ऐसा वो अपने सांवले पैरों को छुपाने के लिए करती थीं. लेकिन सारी बातों को झुठलाते हुए अपने टैलेंट के दम पर उन्होंने इंडस्ट्री में ऐसी जगह बनाई कि आज उनकी मौत के इतने सालों बाद भी लोग उन्हें याद करते हैं.

अपनी बेहतरीन एक्टिंग और एक से बढ़कर एक अच्छी फिल्में देने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी आजकल अपनी फैमिली लाइफ को लेकर खूब चर्चा में हैं. इससे पहले तक लोग यही समझते थे कि उनकी मैरिड लाइफ में सब ठीक ठाक चल रहा है, लेकिन जब पिछले दिनों उनके बर्थडे पर उनकी पत्नी आलिया ने उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तलाक की नोटिस भेजी, तब से नवाजुद्दीन तलाक की खबरों की वजह से खबरों में हैं.
और उनकी पत्नी आलिया सिद्दीकी करीब 15 सालों से साथ हैं, लेकिन अब आलिया ने अलग होने का फैसला किया है. आलिया सिद्दीकी ने ईमेल और व्हाट्सएप्प के ज़रिए लीगल नोटिस भेजकर तलाक और मैटेनेंस मांगा है. साथ ही उन्होंने नवाजुद्दीन के परिवार पर टॉर्चर करने के आरोप लगाए हैं.

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आज भले ही आलिया और नवाजुद्दीन अलग होने जा रहे हों, लेकिन एक समय था जब उनकी लव स्टोरी काफी इंटरेस्टिंग हुआ करती थी और दोनों एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करते थे.

पहले थीं अंजना किशोर पांडेय, फिर बनीं आलिया

आलिया सिद्दीकी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कई सालों के लंबे रिलेशनशिप के बाद शादी की थी. आलिया सिद्दीकी का असली नाम अंजना किशोर पांडेय है. उन्होंने शादी के बाद अपना नाम आलिया सिद्दीकी कर लिया. दोनों 15 सालों से साथ थे. शादी से पहले भी दोनों लंबे वक्त तक लिव इन में भी रहे थे.

काफी ट्विस्ट भी रहा दोनों की लव लाइफ में
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक इंटरव्यू में इस बारे में बताया था कि शादी से पहले वह अंजली के साथ रिलेशनशिप में थे, लेकिन अंजली काफी गुस्सा करती थीं और कई बार नाराज होकर अपने दोस्त के यहां चली जाती थीं और लंबे वक्त तक वापस नहीं आती थीं. एक बार ऐसी ही किसी बात पर बात बढ़ गई और उनका ब्रेकअप हो गया. इसके बाद उनकी मां ने उनकी शीबा से शादी तय कर दी और शादी हो भी गई. लेकिन यह शादी ज्यादा दिन नहीं चल पाई और दोनों का तलाक हो गया. शीबा से तलाक होने के बाद नवाज और आलिया फिर से मिले और दोनों ने शादी का फैसला किया. शादी के बाद अंजली ने अपना नाम आलिया कर लिया. उनके दो बच्चे भी हैं.

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5 रुपये उधार लेकर किया खिलाया थे ब्रेकफास्ट
नवाज़ुद्दीन ने खुद एक बार कहा था- हम दोनों एक बहुत खुश हैं. आलिया और मेरी बहुत अच्छी ट्यूनिंग है. हमने बुरे से बुरा समय साथ बिताया है. एक समय ऐसा भी था जब मैं उससे दूर था और उसके पास मुझे कॉल करने के लिए एक रुपये भी नहीं होते थे. एक बार तो मैंने खुद अपने दोस्त से 5 रुपए उधार लेकर आलिया को ब्रेकफास्ट खिलाया है.’ 

जासूसी का भी आरोप लग चुका है
एक बार नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर अपनी पत्नी की जासूसी का आरोप भी लगा था, लेकिन तब आलिया खुद एक फेसबुक पोस्ट कर नवाजुद्दीन के साथ खड़ी हो गई थीं और सभी का मुंह बंद कर दिया था और तब आलिया ने जमकर नवाज़ुद्दीन की तारीफ भी की थी.
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आखिर क्यों बिगड़े दोनों के संबंध?
सूत्रों के अनुसार इसकी वजह है दो-तीन साल पहले नवाजुद्दीन की आत्मकथा, जिसमें उन्होंने खुलकर अपने विवाहेतर संबंधों का जिक्र किया था. बताया जाता है कि यह बात उनकी पत्नी को बहुत नागवार गुजरी और तभी से उनके संबंध बुरी तरह बिगड़ते चले गए.

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आलिया तलाक की वजह ‘टॉर्चर’ बताती हैं
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में आलिया ने इस रिश्ते के टूटने के बारे में खुलकर बात की, “हमारी शादी में काफी पहले से ही प्रॉब्लम शुरू हो गई थी, लेकिन मैंने इस मामले को सुलझाने की कोशिश की, चीजों के ठीक होने का इंतजार किया, लेकिन कुछ नहीं बदला. मेरा आत्मसम्मान पूरी तरह से खत्म हो गया था. उनके परिवार के शारीरिक और मानसिक टॉर्चर से मैं थक चुकी थी. जब आप किसी रिश्ते को 10 साल देते हैं और इतने सालों बाद आपको ये एहसास होता है कि उसकी जिंदगी में आपके लिए खास जगह ही नहीं है, तो बहुत कुछ बदल जाता है. हालांकि नवाज ने मुझ पर कभी हाथ नहीं उठाया, लेकिन उनका हमेशा चिल्लाना और झगड़ा मेरी सहनशक्ति के बाहर हो गया था.”

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एक अच्छे इंसान नहीं बन पाए नवाज
आलिया ने नवाजुद्दीन के बारे में बताते हुए ये भी कहा, “भले ही कितने बड़े एक्टर आप बन गए हों, लेकिन अगर आप अच्छे इंसान नहीं बन पाए या अगर आप अपने बच्चों और पत्नी का सम्मान नहीं कर सकते तो क्या फायदा. मेरे बच्चों को याद भी नहीं है कि उनके पिता उनसे आखिरी बार कब मिलने आए थे. मेरे बच्चों को अपने पिता से मिले हुए 3-4 महीने हो गए हैं, लेकिन उन्हें इस बात की परवाह नहीं है. कुछ लोग फेम नहीं झेल पाते और नवाज उनमें से एक हैं. “
आलिया ने तलाक की नोटिस में अपने बच्चों की कस्टडी भी मांगी है और मेंटेनेन्स की भी मांग कर रही हैं.

बता दें कि 45 वर्षीय अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी फिलहाल अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के अपने गांव बुढाना में हैं और उनकी तरफ से अब तक इस बारे में कोई बयान नहीं आया है.

नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी मां व परिवार के साथ 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन में है. जानकारी के लिए बता दें कि मां की तबीयत ख़राब होने पर पिछले दिनों 12 मई को उन्हें लेकर नवाजुद्दीन उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के अपने गांव बुढाना गए थे. पूरा सफ़र उन्होंने कार से किया था. मुंबई से जाने से पहले उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से अनुमति पत्र भी लिया था. साथ ही उनका, उनकी मां, भाई और भाभी सभी का कोरोना वायरस का टेस्ट भी हुआ था, जो निगेटिव पाया गया था. इसके बाद वे सड़क मार्ग से अपने निजी वाहन से बुढाना के लिए रवाना हुए. रास्ते में उन्हें कई जगह पर चेकअप के लिए रोका गया और उनकी थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई. बकौल उनके कम-से-कम 25 बार स्क्रीनिंग हुई थी उनकी.
घर पहुंचने पर उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इसके बारे में जानकारी दी. उनकी टीम आई और उन्होंने उनका और साथ में आए सभी लोगों का कोविड-19 का टेस्ट करवाया. सब की रिपोर्ट निगेटिव आई. इसके बावजूद एहतियात के तौर पर 14 दिन के लिए नवाजुद्दीन सिद्दीकी और उनके परिवार को क्वारंटाइन किया गया है.
अफ़वाह यह भी फैली थी कि नवाजुद्दीन ईद मनाने के लिए अपने गांव गए हैं. उनके भाई शम्स सिद्दीकी ने इस तरह की बातों को खारिज करते हुए सफ़ाई दी कि वह मां की तबीयत ठीक ना होने की वजह से उनकी इच्छा के कारण उन्हें गांव लेकर गए हैं. साथ ही यह भी बताया कि पिछ्ले साल दिसंबर में उनकी बहन का कैंसर के कारण देहांत हो गया था. तब से मां की तबीयत ठीक नहीं रहती थी. इस करके उनकी तबीयत को ध्यान में रखते हुए अपने पुश्तैनी मकान में लेकर गए हैं.
नवाजुद्दीन सिद्दीकी के काम की बात करें तो उनकी फिल्म धूमकेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 22 मई को रिलीज होनेवाली है. इसमें उनके साथ अनुराग कश्यप, स्वानंद किरकिरे, रागिनी खन्ना व रघुवीर यादव हैं. इसका टीजर लोगों को काफ़ी पसंद आया था और नवाजुद्दीन का किरदार भी मज़ेदार है. लोगों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतज़ार है.
इन सब के बीच नवाजुद्दीन की पत्नी आलिया ने उन्हें तलाक का नोटिस भेज दिया है. कोरोना वायरस और लॉकडाउन की मुश्किल घड़ी में नवाजुद्दीन की व्यक्तिगत परेशानियां दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है. आलिया ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उस आरोपों को मद्देनजर रखते हुए लीगल नोटिस लॉकडाउन के कारण रजिस्ट्री तो नहीं की जा सकी, इसलिए ईमेल के जरिए उन्हें नोटिस भेजा गया है.
मुरादाबाद के वकील अभय सहाय के ज़रिए नवाजुद्दीन की पत्नी आलिया सिद्दीकी ने तलाक का नोटिस भेजा है. उनके वकील के अनुसार, देशभर में लॉकडाउन के चलते डाक बंद होने के चलते नोटिस रजिस्ट्री कराकर नहीं भेजा जा सका, अतः ईमेल और व्हाट्सएप के ज़रिए नोटिस भेजा गया है. वैसे भी नवाजुद्दीन की अपनी पत्नी के साथ तनातनी की समस्या काफ़ी दिनों से चल रही थी और तलाक के भी चर्चे थे, जो आख़िरकार हकीक़त का रूप ले ही लिए. अब तक इस पर नवाजुद्दीन की तरफ से कोई सफ़ाई या कोई बात हुई नहीं है. जल्द ही इस बारे में भी कुछ बातें सामने आएंगी.

Nawazuddin Siddiqui

निज़ामुद्दीन में तबलीगी जमात के मामले पर ऐक्टर नवाजुद्दीन ने अपनी राय रखते हुए कहा कि लॉकडाउन का मतलब लॉकडाउन होता है, उसको तोड़ने का मतलब है ना सिर्फ़ खुद को बल्कि दूसरों को भी ख़तरे में डालना.

ऐसा करके लोग अपनी ज़िंदगी से तो खिलवाड़ करते ही हैं बल्कि दूसरों की ज़िंदगी को भी कोरोना जैसी महामारी के घोर संकट में डालते हैं.

धर्म चाहे जो भी हो क़ानून का पालन सबको करना चाहिए. ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों तबलीगी जमात के निज़ामुद्दीन मरकज में दो हज़ार से भी अधिक लोगों के छुपने की बात सामने आई थी जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया है. इसमें कई विदेशी भी थे जो देश के अलग अलग राज्यों में गए और मस्जिदों में छुप भी रहे हैं. इनमें से कई लोग कोरोना से ग्रसित थे और इनकी लापरवाही के चलते अब देश में कई लोग कोरोना से ग्रसित हो गए हैं.
इन्हें उकसाने वाला मौलाना साद के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हो चुका है.

आमतौर पर लोग फिल्में (Movies) मनोरंजन (Entertainment) के लिए देखना पसंद करते हैं, लेकिन कुछ ऐसे विषय भी होते हैं, जिनके बारे में जानना-समझना भी ज़रूरी होता है.

Meaningful Movies

बत्ती गुल मीटर चालू

बिजली विभाग की ग़लती और भ्रष्टाचार के चलते किस तरह एक आम इंसान को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसे ही फिल्म में मुख्य रूप से दिखाया गया है. यह उत्तराखंड के टिहरी जिले में रहनेवाले तीन मित्रों- शाहिद, श्रद्धा और दिव्येंदु की कहानी है. दिव्येंदु के प्रिंटिंग प्रेस का हमेशा बेहिसाब बिजली का बिल आता रहता है. वो इससे बेहद परेशान है. कई बार बिजली विभाग के चक्कर लगाने के बावजूद न ही न्याय मिल पाता है और न ही सुनवाई होती है. आख़िरकार तंग आकर वो आत्महत्या कर लेता है. शाहिद दोस्त की मौत से सकते में आ जाता है और उसे न्याय दिलाने की ठानता है और तब शुरू होती है क़ानूनी लड़ाई व संघर्ष. चूंकि फिल्म में शाहिद कपूर वकील बने हुए है, तो वे पूरा ज़ोर लगा देते हैं अपने दोस्त को इंसाफ़ दिलाने के लिए.

श्रद्धा कपूर फैशन डिज़ाइनर हैं. दो दोस्तों के बीच में फंसी एक प्रेमिका, पर उन तीनों की बॉन्डिंग देखने काबिल है. यामी गौतम एडवोकेट की छोटी भूमिका में अपना प्रभाव छोड़ती हैं. कोर्ट के सीन्स दिलचस्प हैं. शाहिद कपूर, श्रद्धा कपूर, यामी गौतम, दिव्येंदु शर्मा सभी कलाकारों ने सहज और उम्दा अभिनय किया है. श्रीनारायण सिंह टॉयलेट- एक प्रेम कथा के बाद एक बार फिर गंभीर विषय पर सटीक प्रहार करते हैं. अनु मलिक व रोचक कोहली का संगीत और संचित-परंपरा के गीत सुमधुर हैं. अंशुमन महाले की सिनेमैटोेग्राफी लाजवाब है. निर्माताओं की टीम भूषण कुमार, कृष्ण कुमार व निशांत पिट्टी ने सार्थक विषय को पर्दे पर लाने की एक ईमानदार कोशिश की है.

मंटो

जब कभी किसी विवादित शख़्स पर फिल्म बनती है, तब हर कोई उसे अपने नज़रिए से तौलने की कोशिश करने लगता है. मंटो भी इससे जुदा नहीं है. निर्देशक नंदिता दास ने फिराक फिल्म के बाद मंटो के ज़रिए अपने निर्देशन को और भी निखारा है. उस पर मंटो की भूमिका में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का बेमिसाल अभिनय मानो सोने पे सुहागा. मंटो की पत्नी के रूप में रसिका दुग्गल ने भी ग़ज़ब की एक्टिंग की है. वैसे फिल्म में कुछ कमियां हैं, जो मंटो को जानने व समझनेवालों को निराश करेगी.

सआदत हसन मंटो की लेखनी हमेशा विवादों के घेरे में रही, विशेषकर ठंडा गोश्त, खोल दो, टोबा टेक सिंह. उन पर उनकी लेखनी में अश्‍लीलता का भरपूर इस्तेमाल करने का आरोप ज़िंदगीभर रहा, फिर चाहे वो आज़ादी के पहले की बात हो या फिर देश आज़ाद होने पर उनका लाहौर में बस जाना हो. इसी कारण उन पर तमाम तरह के इल्ज़ामात, कोर्ट-कचहरी, अभावभरी ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव का दौर सिलसिलेवार चलता रहा. रेसुल पुक्कुटी का संगीत ठीक-ठाक है. साथी कलाकारों में ऋषि कपूर, जावेद अख़्तर, इला अरुण, ताहिर राज भसीन व राजश्री देशपांडे ने अपने छोटे पर महत्वपूर्ण भूमिकाओं के साथ न्याय किया है. निर्माता विक्रांत बत्रा और अजित अंधारे ने मंटो के ज़रिए लोगों तक उनकी शख़्सियत से रू-ब-रू कराने की अच्छी कोशिश की है.

– ऊषा गुप्ता

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आज फिल्मी फ्राइडे है और सोनाक्षी सिन्हा की हैप्पी फिर भाग जाएगी (Happy Phirr Bhag Jayegi) के साथ फिल्म गदर-एक प्रेमकथा में सनी देओल के बेटे का किरदार निभा चुके उत्कर्ष शर्मा की फिल्म जीनियस (Genius) रिलीज़ हुई है. बता दें कि फिल्म हैप्पी फिर भाग जाएगी साल 2016 में आई फिल्म हैप्पी भाग जाएगी का सिक्वल है, जबकि गदर के डायरेक्टर अनिल शर्मा ने अपने बेटे उत्कर्ष शर्मा को लीड रोल में लेकर फिल्म जीनियस को डायरेक्ट किया है. बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हुई ये दोनों फिल्में दर्शकों को पसंद आ रही हैं या उन्हें निराश कर रही है, चलिए जानते हैं.

Happy Phirr Bhag Jayegi and Genius Movie

मूवी- हैप्पी फिर भाग जायेगी

डायरेक्टर- मुदस्सर अज़ीज़

स्टार कास्ट- सोनाक्षी सिन्हा, जिम्मी शेरगिल, पीयूष मिश्रा, डेंजिल स्मिथ, डायना पेंटी, अली फ़ज़ल

रेटिंग- 3/5

Happy Phirr Bhag Jayegi

कहानी-

साल 2016 में आई डायरेक्टर मुदस्सर अज़ीज़ की फिल्म हैप्पी भाग जाएगी के बाद, उन्होंने एक बार फिर नई स्क्रिप्ट के साथ हैप्पी फिर भाग जाएगी फिल्म बनाई है. पिछली फिल्म में हैप्पी पाकिस्तान भाग जाती हैं, लेकिन इसके सीक्वल में दो-दो हैप्पी हैं जो चीन का सफर तय करती दिखाई देंगी. फिल्म की कहानी की शुरुआत चीन जा रही प्रोफेसर हरप्रीत कौर (सोनाक्षी सिन्हा) यानी हैप्पी और उनके पति गुड्डू (अली फज़ल) से शुरू होती है. इसी बीच दूसरी हरप्रीत कौर (डायना पेंटी) ऊर्फ हैप्पी भी एक स्टेज शो के लिए चीन के सफर पर निकल जाती हैं.

एयरपोर्ट पर कुछ चीनी किडनैपर दूसरी हैप्पी (डायना पेंटी) को किडनैप करने के लिए आते हैं, लेकिन एक जैसे नाम की वजह से वो पहली हैप्पी (सोनाक्षी सिन्हा) को ग़लती से किडनैप कर लेते हैं. कहानी में पवन सिंह बग्गा (जिम्मी शेरगिल) और पाकिस्तान के अफसर अफरीदी (पीयूष मिश्रा) भी हैप्पी की तलाश में चीन जाते हैं. इस बार फिल्म में मौजूद दोनों हैप्पी को किन-किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, यह सब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

एक्टिंग- 

इस फिल्म में समय-समय पर आने वाले कॉमेडी के पंच दर्शकों को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर सकते हैं. बात करें इस फिल्म के सितारों की तो सोनाक्षी सिन्हा ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है. हिंदी-पंजाबी में अपनी डायलॉग डिलीवरी से सोनाक्षी अमृतसर की हरप्रीत कौर को पर्दे पर जीवंत करती दिखाई देती हैं. वहीं जिम्मी शेरगिल और पीयूष मिश्रा के बीच नोकझोंक और कॉमेडी के पंचेस दर्शकों को काफ़ी हंसाते हैं. जस्सी गिल, डायना पेंटी और अली फज़ल जैसे कलाकारों की मौजूदगी इस फिल्म को और भी दिलचस्प बनाती है.

डायरेक्शन-

स्क्रिप्टिंग में डायरेक्टर मुदस्सर अज़ीज़ की मेहनत साफ़ दिखाई देती है. फिल्म की कहानी और उसे पर्दे पर दिखाने का तरीक़ा भी कमाल का है. फिल्म का डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफी और लोकेशंस काफ़ी बढ़िया हैं. फिल्म भले ही चीन पर बेस्ड हो, लेकिन पूरी फिल्म दर्शकों को बेहद ख़ूबसूरती से पटियाला, अमृतसर, दिल्ली, कश्मीर और पाकिस्तान से भी जोड़कर रखती है. फिल्म के राइटर और डायरेक्टर मुदस्सर अज़ीज़ ने पूरी फिल्म में दमदार डायलॉग से भारत-पाकिस्तान और चीन के बीच की पूरी तनातनी पर व्यंग्य भी किया है जो दर्शकों को बहुत हंसाते हैं.

Genius Movie

मूवी- जीनियस

डायरेक्टर- अनिल शर्मा

स्टार कास्ट- उत्कर्ष शर्मा, इशिता चौहान, नवाज़ुद्दीन सिद्दिकी, मिथुन चक्रवर्ती

रेटिंग- 2/5 

कहानी- 

गदर- एक प्रेम कथा, अपने और वीर जैसी फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर अनिल शर्मा ने इस बार अपने बेटे उत्कर्ष शर्मा को लीड रोल में लेकर फिल्म जीनियस बनाई है. इस फिल्म की कहानी मथुरा के रहने वाले वासुदेव शास्त्री (उत्कर्ष शर्मा) से शुरू होती है, जो पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसी रॉ के लिए काम करता है. इसमें नंदिनी (इशिता चौहान) उनकी प्रेमिका का किरदार निभा रही हैं. जब वासुदेव रॉ के लिए काम करते हैं, उसी दौरान उनकी मुलाक़ात दोबारा उनके कॉलेज का प्यार रह चुकीं नंदिनी से होती है. फिल्म की कहानी में दिलचस्प मोड़ तब आता है, जब नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की एंट्री होती है. ऐसे में वासुदेव के सामने मुश्किल तब आती है जब उसे अपने प्यार या देश की रक्षा में से किसी एक को चुनना पड़ता है. हालांकि पूरी फिल्म के दौरान कई ट्विस्ट और टर्न आते हैं, जिन्हें जानने के लिए आपको सिनेमाघरों का रूख़ करना पड़ेगा.

एक्टिंग-

फिल्म गदर-एक प्रेम कथा में सनी देओल के बेटे का किरदार निभा चुके उत्कर्ष शर्मा इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. हालांकि उन्होंने फिल्म में अच्छा काम किया है, लेकिन उन्हें अभी एक्टिंग में और निखार लाने की ज़रूरत है. जबकि नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने हर बार की तरह इस बार भी अच्छी एक्टिंग की है, बावजूद इसके फिल्म की कमज़ोर कहानी और स्क्रीनप्ले के कारण जीनियस दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ने में नाकाम होती दिखाई दे रही है.

डायरेक्शन-

इस दौर के हिसाब से फिल्म की कहानी काफ़ी कमज़ोर है और जिस तरह से इसका डायरेक्शन किया गया है उसमें कोई नयापन नहीं दिखाई दे रहा है. कहानी को पर्दे पर उतारने का तरीक़ा भी काफ़ी पुराना लगता है और इसके क्लाइमेक्स में भी कोई नयापन दिखाई नहीं देता है. वहीं मिथुन चक्रवर्ती जैसे कलाकारों का भी सही तरीक़े से इस्तेमाल इस फिल्म में नहीं किया गया है.

ग़ौरतलब है कि पहले से ही बॉक्स ऑफिस पर जॉन अब्राहम की सत्यमेव जयते, अक्षय कुमार की गोल्ड चल रही है. इसी बीच हैप्पी फिर भाग जाएगी की एंट्री दर्शकों को हंसाने में क़ामयाब होती दिख रही है, ऐसे हालात में जीनियस का जादू दर्शकों पर चल पाना थोड़ा मुश्किल लगता है. अब यह आपको तय करना है कि इस वीकेंड परिवार के साथ आप कौन सी फिल्म देखना पसंद करेंगे.

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नवाज़ुद्दीन सिद्दिकी (Nawazuddin Siddiqui) बॉलीवुड के एक ऐसे अभिनेता हैंं, जो किसी भी किरदार में बेहद आसानी से ढल जाते हैं. अपनी बेमिसाल एक्टिंग के दम पर ही नवाज़ुद्दीन ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. आज वो अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं. मुज़फ्फरनगर के एक छोटे से गांव बुढ़ाना में 19 मई 1974 को जन्में नवाज़ुद्दीन ने 19 साल पहले आमिर खान की फिल्म ‘सरफरोश’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी, लेकिन उन्हें पहचान मिली अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से. चलिए उनके जन्मदिन के इस ख़ास मौके पर जानते हैं एक चौकीदार से दमदार कलाकार बनने तक का दिलचस्प सफर….

नवाज़ुद्दीन के पिता एक किसान थे और वो कुल आठ भाई-बहन थे, जिसके चलते परिवार का खर्च उठाना उनके पिता के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था. लिहाजा ख़राब आर्थिक स्थिति के चलते नवाज़ ने छोटी सी उम्र से ही नौकरी करना शुरू कर दिया. साइंस में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद वो दिल्ली आ गए, जहां दो वक़्त की रोटी का जुगाड़ करने के लिए उन्होंने चौकीदारी की नौकरी भी की.

बताया जाता है कि नवाज के गांव में एक भी थिएटर नहीं था इसलिए उन्हें फिल्म देखने के लिए 45 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था. आपको जानकर हैरानी होगी कि फिल्मों में आने से पहले उन्होंने सिर्फ़ 5 फिल्में ही देखी है. हालांकि उन्हें एक्टिंग का शौक तो था लेकिन गरीबी उनके सपनों के बीच दीवार बनकर खड़ी थी, लेकिन वो रोज़ाना शीशे के सामने खड़े होकर एक्टिंग की रिहर्सल करते थे. इतना ही नहीं दिल्ली में चौकीदारी की नौकरी करने के साथ-साथ उन्होंने वहां थिएटर में दाखिल भी ले लिया था.

आख़िरकार वो दिन आ ही गया जब नवाज़ुद्दीन को पहली बार पेप्सी के कैंपेन विज्ञापन में काम करने का मौका मिला. इसके लिए उन्हें 500 रुपए फीस के तौर पर दिए गए थे, लेकिन फिल्मों में अपनी पहचान बनाने के लिए उन्हें 12 साल तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी. उन्हें पहली बार आमिर की फिल्म ‘सरफरोश’ में एक छोटा सा किरदार निभाने का मौका मिला, लेकिन ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में फैज़ल का किरदार निभाकर नवाज़ुद्दीन ने ख़ूब नाम कमाया. इस फिल्म के बाद से नवाज़ के पास फिल्मों की झड़ी लगने लगी और वो एक चौकीदार से दमदार कलाकार बन गए. अब बॉलीवुड का यह दमदार कलाकार एक फिल्म के लिए 6 करोड़ रुपए बतौर फीस लेते हैं.

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 शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के जीवन पर बन रही नई फिल्म ‘ठाकरे’  में बाला साहेब ठाकरे का किरदार निभा रहे नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui)  अपनी पत्नी की जासुूसी कराने के मामले में फंसते नज़र आ रहे हैं. ताज़ा खबरों के अनुसार इस मामले में ठाणे की क्राइम ब्रांच ने 11 लोगों को हिरासत में लेते हुए अभिनेता नवाज़ुद्दीन को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है.
Nawazuddin Siddiqui, summoned, thane crime branch CDR case

दरअसल गैरकानूनी तरीके से पत्नी के कॉल डेटा रिकॉर्ड्स निकलवाने के मामले में उन्हें समन जारी किया गया है. इसके साथ ही पुलिस ने उनकी पत्नी और एक वकील को भी समन जारी किया है. इस मामले में पुलिस के हाथ कई ऐसे सबूत लगे हैं जिनके आधार पर 11 संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस की जांच के मुताबिक नवाज़ुद्दीन ने अपनी पत्नी की जासूसी कराने के लिए एक प्राइवेट जासूस से संपर्क किया था और कॉल रिकॉर्ड्स भी निकलवाया था.

Nawazuddin Siddiqui, summoned, thane crime branch CDR case

बता दें कि 24 जनवरी को इस सीडीआर रैकेट का पता तब चला था, जब एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ज़िले के कलवाक्षेत्र से चार निजी जासूसों को पकड़ा था, फिर रजनी पंडित नाम की एक महिला जासूस को भी गिरफ्तार किया था. हालांकि नवाज़ुद्दीन ने क्यों और किस वजह से अपनी पत्नी के कॉल डेटा रिकॉर्ड्स को निकलवाने के लिए जासूसी करवाई, इसपर अभी भी सस्पेंस बरकरार  है. 
Nawazuddin Siddiqui, summoned, thane crime branch CDR case
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इन दिनों बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी बायोग्राफी ‘एन ऑर्डिनरी लाइफ’ के कारण चर्चे में हैं. इस किताब में उन्होंने कई महिलाओं के साथ अपने रिश्‍ते पर खुलकर बात की है. इन्हीं में से एक हैं फिल्म ‘मिस लवली’ में उनकी को स्टार रहीं पूर्व मिस इंडिया निहारिका सिंह. उन्होंने अपनी बायोग्राफी में बताया है कि उनके और निहारिका के काफ़ी क़रीबी संबंध थे, लेकिन नवाजुद्दीन की ये बातें निहारिका को बिल्कुल रास नहीं आ रही हैं. बायोग्राफ़ी पर हुए चर्चे और उसमें अपना जिक्र आने के बाद इस मामले पर निहारिका सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि,” नवाजुद्दीन अपनी आत्मकथा बेचने के लिए एक महिला का शोषण और अपमान कर रहे हैं.”

Nawazuddin Siddiqui is disrespecting a woman

निहारिका ने एक बयान जारी कर स्वीकार किया कि नवाजुद्दीन के साथ उनके रिश्ते थे लेकिन उनका कहना है कि नवाजुद्दीन के द्वारा दी गई जानकारियां हास्यास्पद हैं. निहारिका ने साफ़ शब्दों ने कहा कि,” नवाज कहानियों को रसीले तरीक़े से कहने की कोशिश की है. किताब में जो भी कुछ लिखा गया है वह मेरी जानकारी में नहीं है. दरअसल यही नवाज का वह पक्ष है, जिसके चलते मैंने उससे अपना रिश्‍ता ख़त्‍म किया था. मैं हमेशा कहूंगी कि वह एक शानदार एेक्‍टर हैं. पर मैं आशा करती हूं कि उनकी एेक्टिंग की यह कला सिर्फ पर्दे पर ही नजर आए.”

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आपको बता दें कि नवाज ने किताब में लिखा है कि निहारिका के साथ उसका संबंध लगभग डेढ़ वर्ष तक चला, जबकि निहारिका इससे साफ़ इंकार करती हैं. निहारिका ने  कहा, “नवाज और मैं वर्ष 2009 में ‘मिस लवली’ की शूटिंग के दौरान रिश्ते में थे और यह कुछ ही महीने चला, इसलिए जब उन्होंने मुझे बेडरूम में मोमबत्तियों की रौशनी में मोहित करने वाली बताया तो इस पर मैं केवल हंस सकती हूं.”

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मुन्ना माइकल का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है. एमजे स्टाइल में डांस करते नज़र आएंगे टाइगर श्रॉफ. एक तरह से इस फिल्म के ज़रिए डांस के किंग माइकल जैक्सन को ट्रिब्यूट दिया गया है. प्रोमो में ज़बरदस्त डांस करते नज़र आ रहे हैं टाइगर. फिल्म में नवाज़ुद्दीन सिद्दिक़ी भी हैं, जो डॉन है और मु्न्ना यानी टाइगर से डांस सीखना चाहता है. टाइगर सिर्फ़ डांस ही नहीं, बल्कि कई ख़तरनाक स्टंट्स से भी कर रहे हैं. फिल्म की ऐक्ट्रेस निधी अग्रवाल हैं और मुन्ना माइकल का निर्देशन शब्बीर खान ने किया है. शब्बीर के साथ टाइगर श्रॉफ की ये तीसरी फिल्म होगी. इससे पहले वो हीरोपंति और बागी में शब्बीर के साथ काम कर चुके हैं.

फिल्म 21 जुलाई को रिलीज़ होगी.

ट्रेलर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
Munna Michael Official Trailer