neck pain

पीठदर्द, घुटने का दर्द, गर्दन या फिर जोड़ों का दर्द, आजकल ज़्यादातर लोग किसी न किसी दर्द से परेशान ही रहते हैं. सही खान-पान और एक्सरसाइज़ की कमी के कारण शरीर में अकड़न व दर्द होना आम बात है. ऐसे में ज़रूरी है कि आप नियमित रूप से कुछ एक्सरसाइज़ करते रहें. 

Easy exercises for back, joint, knee pain

ग़लत बॉडी पोश्‍चर, हड्डियों में कमज़ोरी व शरीर की अकड़न के कारण शरीर में दर्द होता है. इसके अलावा घंटों बैठे रहने या खड़े रहने के कारण भी शरीर के कई हिस्सों में दर्द होने लगता है. रोज़मर्रा के ऐसे दर्द से छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीक़ा है
एक्सरसाइज़. यह शरीर की अकड़न को दूर कर शरीर को मज़बूत बनाता है. आइए जानें, ऐसी ही कुछ एक्सरसाइज़ के बारे में, जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करके हर दर्द से दूर रह सकते हैं.

 

वॉर्म अप के लिए

 

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एक्सरसाइज़ से पहले शरीर को वॉर्म अप करना बहुत ज़रूरी होता है. इससे शरीर का तापमान व रक्तसंचार दोनों ही बढ़ जाते हैं. इसके लिए आप क़रीब 5 मिनट तक वॉक करें.

 

अपर व लोअर बैक के लिए भुजंगासन

 

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– मैट पर सीधे लेट जाएं. अपने दोनों हाथों को चित्रानुसार कंधों के समानांतर रखें.

– अब धीरे-धीरे अपने सिर व छाती को उठाएं. सारा ज़ोर हाथों पर न डालें, बल्कि अपनी पीठ का सहारा लें. अब नीचे आ जाएं.
– इस प्रक्रिया को 16 बार दोहराएं.

 

फ़ायदा: इससे एब्डॉमिनल मसल्स और रीढ़ की हड्डी मज़बूत होती है.

 

हिप्स के लिए एक्सरसाइज़

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– पीठ के बल लेटकर हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. घुटनों को मोड़ लें.
– हिप्स को चित्रानुसार उठाएं. इसी अवस्था में कुछ देर रहें. फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं.
– इस एक्सरसाइज़ को रोज़ाना 16 बार करें.
फ़ायदा: इस एक्सरसाइज़ से पुट्ठे व पीठ मज़बूत होते हैं. शरीर की अकड़न दूर होती है और उन अंगों में लचीलापन भी आता है.

 

कंधों की कसरत

 

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– सीधे खड़े होकर दोनों हाथों में वेट्स पकड़ें. कोहनी को मोड़ते हुए वेट्स को कंधों के समानांतर रखें.
– हाथों को सीधा ऊपर उठाएं, फिर नीचे कंधों के समानांतर ले आएं.
– 16 बार इस एक्सरसाइज़ को करें.

 

फ़ायदा: इससे आपके कंधे व भुजाएं दोनों ही मज़बूत होते हैं.

 

घुटनों के लिए एक्सरसाइज़

 

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– सीधे खड़े हो जाएं. ख़ुद को बैलेंस करने के लिए किसी कुर्सी या दीवार का सहारा लें.

फ़ायदा: घुटनों व जांघों की मज़बूती के लिए यह काफ़ी फ़ायदेमंद एक्सरसाइज़ है.

 

गर्दन के लिए एक्सरसाइज़

 

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– सीधे बैठ जाएं. दोनों हाथों की हथेलियों को घुटनों के ऊपर उल्टा रखें. अब चित्रानुसार दाईं तरफ़ देखें. कुछ देर कंधें को देखें, फिर सामने देखें.
– यही प्रक्रिया अब बाईं तरफ़ भी दोहराएं.
–  दोनों तरफ़ यह प्रकिया 16-16 बार करें.
फ़ायदा: गर्दन की मज़बूती व लचीलेपन के लिए यह एक बेहतरीन एक्सरसाइज़ है.

कब करें एक्सरसाइज़?

वैसे तो माना जाता है कि सुबह-सुबह एक्सरसाइज़ करना बहुत फ़ायदेमंद होता है, लेकिन अगर सुबह आपके पास समय नहीं है, तो ये ईज़ी एक्सरसाइज़, आप अपनी सुविधानुसार कभी भी कर सकते हैं. उदाहरण के लिए लंच बे्रक के दौरान या किसी अपॉइन्टमेंट के लिए इंतज़ार करते समय आप ये एक्सरसाइज़ कर सकते हैं, या फिर सुबह-शाम किसी भी व़क्त कर सकते हैं.
फिटनेस फॉर्मूला
– डीप ब्रीदिंग करें. डीप ब्रीदिंग से शरीर में ऑक्सीजन की भरपूर पूर्ति होती है और कार्बन डाई ऑक्साइड व वेस्ट प्रोडक्ट्स शरीर से बाहर निकाल देती है. इससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है.
– हमेशा पॉज़ीटिव रहें. मेडिटेशन व सकारात्मक सोच से शरीर व दिमाग़ दोनों रिचार्ज होते रहते हैं.
– पर्याप्त नींद लें. हर किसी के लिए पर्याप्त नींद की पूर्ति अलग-अलग होती है. किसी के लिए 6 घंटे काफ़ी होते हैं, तो किसी के लिए 8 घंटे की नींद पर्याप्त होती है.
– न्यूट्रीशन पर ध्यान दें. अपने डेली डायट में साबुत अनाज, फल, सब्ज़ियां, बींस, स्प्राउट्स, सोया और लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स ज़रूर शामिल करें.
– अपने वज़न को नियंत्रित रखें. यह न तो कम हो और न ही ज़्यादा. इसके लिए आपको लो फैट न्यूट्रीशियस डायट के साथ पर्याप्त फिज़िकल एक्टीविटी का भी ध्यान रखना होगा.
– शरीर को हाइड्रेटेड रखें. रोज़ाना 8-10 ग्लास पानी पीएं. आपके शरीर का लगभग 60-70% वज़न पानी के कारण होता है. डिहाइड्रेशन के कारण सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, अपच जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं.
– रोज़ाना नियत समय पर ही खाना खाएं. अगर एक टाइम का भी खाना रह जाता है, तो आपको बहुत ज़्यादा भूख लगती है, जिससे आप ज़रूरत से ज़्यादा खाना खा लेते हैं. यह शरीर के लिए नुक़सानदायक हो सकता है.
– कभी-कभार ख़ुद को रिलैक्स और पैम्पर करने के लिए स्पा ज़रूर जाएं.

 

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सोते समय पोश्‍चर का सही होना बेहद ज़रूरी है, ख़ासकर तब जब आप पीठ, गर्दन, कंधे के दर्द से परेशान हों. सही तरी़के से न सोने पर शरीर की मांसपेशियों में तनाव, खिंचाव आदि बढ़ जाता है और इससे आपकी नींद भी प्रभावित होती है. आइए जानें, ऐसे में आप किस पोज़ीशन (Sleeping positions) में सोएं, जिससे आपको आराम मिल सके व आप अच्छी नींद ले सकें.

Sleeping positions

जब हो पीठदर्द

– क़रीब 50% महिलाएं सुबह उठकर फ्रेश महसूस करने की बजाय सुस्ती महसूस करती हैं, जिससे शरीर व दिमाग़ पर तनाव बढ़ता है. इससे डायबिटीज़ व डिप्रेशन की संभावना भी बढ़ जाती है.
– यदि आप पीठ के बल सोती हैं, तो दोनों घुटनों के नीचे छोटा-सा तकिया रखें, इससे पीठ को आराम मिलेगा.
– यदि आप करवट लेकर सोना चाहती हैं, तो करवट लेकर घुटनों को थोड़ा-सा मोड़ लें. इससे स्पाइन (रीढ़ की हड्डी) अपनी नेचुरल पोज़ीशन में आ जाएगी. अब एक सख़्त-सा छोटा तकिया दोनों घुटनों के बीच रखें. इससे रीढ़ की हड्डी पर प्रेशर नहीं आएगा. हाथों को आप कमर पर या जैसा चाहें वैसा रख सकती हैं. इससे काफ़ी आराम मिलेगा और अच्छी नींद आएगी.

जब हो शोल्डर पेन

– शोल्डर पेन यानी कंधे के दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- पीठ झुकाकर चलना या बैठना, भारी हैंडबैग उठाना आदि. कई बार सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस से भी शोल्डर पेन होता है.
– अक्सर महिलाएं सोते समय दोनों हथेलियां सिर के नीचे रखकर सोती हैं, जो सही नहीं है. इससे कंधों, बांहों व हाथों की नसों पर दबाव पड़ता है. इससे कंधे का दर्द और बढ़ जाता है.
– इसलिए सोते समय दर्दवाले कंधे की तरफ़ करवट करके न सोएं. इसकी बजाय दूसरी तरफ़ करवट लेकर सोएं और घुटनों को
थोड़ा-सा मोड़ लें. दोनों बांहों को अपने सामने सीधा रखकर, सीने के पास एक तकिया रखकर उसे बांहों में भरकर यानी भींचकर सोएं.
– यदि दोनों कंधों में दर्द है, तो पीठ के बल सोएं और दोनों बांहों को अपनी दोनों तरफ़ यानी साइड में रखें. इससे रिलैक्स महसूस करेंगे.

जब हो सीने में जलन

– जब हम पीठ के बल या दाहिनी ओर करवट लेकर सोते हैं, तब हमारी पाचन क्रिया की नली के ऊपरी सिरे पर दबाव पड़ता है. इससे पेट में भोजन को डायजेस्ट करने के लिए पाया जानेवाला एसिड पीछे की ओर आता है, जिससे गले व सीने में जलन होती है.
– इन सबसे बचने के लिए बायीं ओर करवट लेकर सोएं. दोनों घुटनों को ऊपर पेट की ओर मोड़कर रखें. हाथों को सामने की ओर मोड़ें. ऐसी पोज़ीशन होनी चाहिए, जैसे गर्भस्थ शिशु की होती है. आराम मिलेगा.
– यदि उपरोक्त पोज़ीशन से भी आराम न मिले और ज़्यादा जलन हो रही हो, तो पीठ के बल लेट जाएं. अपनी पीठके पीछे कुछ तकिए रखें या अपने पलंग का सिरहाना ऊंचा कर लें. इस तरह छाती का हिस्सा उठ जाने से जलन नहीं होगी.

जब हो सर्दी-साइनस

– सर्दी-साइनस की शिकायत होने पर पीठ के बल न सोएं. इससे नाक बंद हो जाती है और गला सूखने लगता है.
– आरामदायक नींद के लिए करवट लेकर सोएं. सिर के नीचे एक अतिरिक्त तकिया और लगा लें. नाक खुल जाएगी व सांस लेने में भी आसानी होगी.
– ध्यान रहे, सिर ऊंचा होने पर बांहों को एक्स्ट्रा सपोर्ट की ज़रूरत होती है, इसलिए बांहों में तकिया ले लें.
– इन सबके अलावा बेहतर होगा कि पैरों को हल्का मोड़कर सोएं.

जब हो गदर्र्न में दर्द

– यदि सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की वजह से गर्दन में दर्द है, तो सिर के नीचे तकिया लगाकर न सोएं. इससे गर्दन की मसल्स पर तनाव पड़ता है और दर्द बढ़
जाता है.
– गर्दन के लिए तकिए की बजाय एक तौलिया लें. उसे रोल करें और गर्दन के नीचे रखें. इससे मसल्स को सपोर्ट मिलेगा और दर्द कम हो जाएगा.
– यदि चाहें तो सिर के नीचे बिना कुछ रखे सोएं, इससे भी दर्द नहीं होता.

जब हो दांत या जबड़े में दर्द

– कई बार रात में ही दांत या जबड़े में दर्द होने लगता है. इसका संबंध तनाव, बेचैनी व स्लीपिंग डिसऑर्डर से होता है.
– पीठ के बल सीलिंग की ओर मुंह करके सोएं. इससे जबड़ा अपनी नेचुरल पोज़ीशन में रहेगा, जिससे चेहरे की मसल्स रिलैक्स हो जाएंगी. दोनों हाथों को साइड में रखें.
– ध्यान रहे, होंठ बंद हों, पर दांतों को भींचें नहीं. आरामदायक नींद आएगी.

जब हो हिप पेन

– हमारे देश में लगभग 15% महिलाएं हिप पेन से पीड़ित हैं.
– हिप पेन करवट लेकर सोने से बढ़ जाता है, इसलिए पीठ के बल सोएं.
– यदि ज़रूरत हो, तो घुटनों के नीचे तकिया रखें. सपोर्ट मिलेगा.

जब हो पीएमएस का दर्द

– इस अवस्था में महिलाएं चिड़चिड़ी और दर्द से परेशान होती हैं. ऐसे में पेट के बल सोने से यूटरस पर अतिरिक्त दबाव आता है, जिससे दर्द व क्रैम्प्स बढ़ जाते हैं.
– अक्सर इस अवस्था में ब्रेस्ट पेन भी होता है और करवट लेकर सोने से वो बढ़ जाता है.
– ऐसे में पीठ के बल सोना ही सही पोज़ीशन है. दोनों घुटनों के नीचे छोटा-सा तकिया रख लें, तो कमर को सपोर्ट मिलेगा. यदि चाहें तो एक एक्स्ट्रा तकिया भी रख सकती हैं. इससे कमरदर्द कम हो जाएगा. दोनों बांहों को साइड में रखें. दर्द कम हो जाएगा और आरामदायक
नींद आएगी.

– डॉ. सुषमा श्रीराव