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इन दिनों ऐसे कई विज्ञापन आ रहे हैं जो विवादों में घिर जाते हैं. पिछले दिनों आलिया भट्ट का विज्ञापन और उसके बाद आमिर खान का दीवाली वाला ऐड और अब एक और विज्ञापन आया है जिसका सोशल मीडिया पर एक तरफ़ तो काफ़ी विरोध हो रहा है, लेकिन वहीं कुछ लोग हैं जिनको इसमें कोई विवाद नज़र नहीं आ रहा और वो उसको खूब सराह रहे हैं.

Karva Chauth Ad

इस विज्ञापन में समलैंगिक जोड़े को करवा चौथ मनाते दिखाया गया है. इसमें दो लड़कियां हैं और दोनों पहले तैयार होती हैं, सजती-संवरती हैं और फिर एक महिला उन दोनों के लिए साड़ी लाती है. रात का सीन आता है जिसमें वो दोनों एक दूसरे को छलनी से देखती हैं, जिससे ये पता चलता है कि वो दोनों एक कपल हैं और कपल के तौर पर उन दोनों ने एक-दूसरे के लिए करवा चौथ का व्रत रखा है. डाबर के इस विज्ञापन में एक वॉइस ओवर भी है जिसमें अंत में लड़की की आवाज़ आती है कि जब ऐसा हो निखार आपका तो दुनिया की सोच कैसे न बदले! गर्व से ग्लो करें.

Karva Chauth Ad

इस एड का एक तबका काफ़ी विरोध कर रहा है और लोग उसको बॉयकॉट करने की बात कह रहे हैं.
लोगों का कहना है कि ऐसे विज्ञापन और ऐसी सोच बर्दाश्त के क़ाबिल नहीं. इसको फ़ौरन बंद करना चाहिए.

Karva Chauth Ad

वहीं कुछ लोग इसे विकसित और विस्तृत सोच बताकर सराह भी रहे हैं. इनका कहना है कि शादी की पारंपरिक सोच से हटकर सच दिखाया गया है, जिसे समाज को स्वीकारना चाहिए. ये एड प्रोग्रेसिव सोच को दिखाता है और समाज आगे चलकर इसको मानेगा भी. लोग डाबर को इस विज्ञापन के लिए बधाई दे रहे हैं.

Karva Chauth Ad
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वहीं विरोध कर रहे लोगों का ये आरोप है कि सिर्फ़ हिंदुओं के त्योहारों को लेकर ही इस तरह के ओछे एक्सपेरिमेंट क्यों किए जाते हैं और इस तरह के नए-नए प्रयोगों की आख़िर ज़रूरत ही क्या है. ये संस्कृति और परंपरा पर हमला है. इस तरह ये हिंदू त्योहारों को ही लगातार टारगेट कर रहे हैं और इस तरह के घटिया विज्ञापन बंद होने चाहिए. लोगों का ये भी कहना है कि ये प्लान करके जानबूझकर किया जा रहा है!

इसका समर्थन कर रहे लोग कह रहे हैं कि लोगों को अपना नज़रिया बदलने की ज़रूरत है. ये एक सिंपल सा विज्ञापन है, इतना क्यों विरोध करना…

Karva Chauth Ad

Photo/Video Courtesy: Twitter/Fem/Dabur

यह भी पढ़ें: ‘ये सेंट्रल एजेन्सी का दफ़्तर है, कोई प्रोडक्शन हाउस नहीं…’ NCB दफ़्तर देर से पहुंचने पर समीर वानखेड़े ने अनन्या पांडे को लगाई फटकार (‘NCB Is Not A Production House But Office Of Central Agency’ Sameer Wankhede Reprimands Ananya Panday For Arriving Late)

आलिया भट्ट इन दिनों शादी के एक विज्ञापन को लेकर काफ़ी चर्चा में हैं, जिसमें वो दुल्हन के रूप में नज़र आ रही हैं लेकिन कन्यादान जैसी परंपरा से वो सहमत नहीं हैं. लोगों ने जबसे ये विज्ञापन देखा है इस पर चर्चा शुरू हो गई और साथ ही विवाद भी. कुछ लोगों को ये सोच सही लग रही तो कुछ को ये हमारी परंपरा विरोधी.

Alia Bhatt

इस विज्ञापन में आलिया शादी के मंडप में बैठ कुछ बातें कहती हैं, जैसे- लड़कियों को पराया धन क्यों कहा जाता है, नानी कहती हैं जब अपने घर जाएगी… तो क्या ये घर मेरा नहीं, मां की चिड़िया हूं, पर चिड़िया का तो पूरा आसमान होता है… कन्यादान क्यों, क्या मैं कोई चीज़ हूं जिसे दान में दिया जाए, कन्यादान नहीं, कन्यामान हो… यहां देखिए वो विज्ञापन…

Video Credit: YouTube

इस तरह इस विज्ञापन के ज़रिए रूढ़िवादी सोच को बदलने की बात कही गई है, लेकिन इस विज्ञापन पर कंगना रनौत भड़क गई हैं और उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने लिखा है- हम अक्सर टीवी पर देखते हैं कि जब भी सीमा पर कोई जवान शहीद हो जाता है, तो उसके पिता गर्व से गरजते हुए कहते हैं कि कोई बात नहीं, मेरा एक बेटा और है मैं धरती मां के लिए उसे भी दान करूंगा. कन्यादान हो या पुत्रदान, समाज इस तरह की संकल्पना को जैसे देखता है, उससे हमारे मूल संस्कारों का पता चलता है… कंगना की ये पोस्ट काफ़ी लंबी है और इसके साथ ही कंगना ने कैप्शन में लिखा है कि सभी ब्रैंड्स से विनम्र निवेदन है कि चीज़ें बेचने के लिए धर्म, अल्पसंख्यक, बहुसंख्यक राजनीति का इस्तेमाल न करें. इस तरह के विज्ञापनों से भोले-भाले ग्राहकों को भ्रमित न करें जिनमें बांटने वाले विचार हों.

ये विज्ञापन एक मशहूर ब्राइडल आउटफिट ब्रांड का है और कंगना ने कैप्शन में उनको व आलिया को भी टैग किया है. सोशल मीडिया पर भी इस विज्ञापन पर विवाद हो रहा है, कोई इसको सराह रहा है तो कोई इसको फेक फ़ेमिनिज़्म कह रहा है, लोगों का कहना है कि हिंदू धर्म को ही निशाना बनाया जाता है और हमारी परम्पराओं को ग़लत तरीक़े से प्रस्तुत किया जाता है, क्योंकि हम सब सहते हैं इसलिए ये सबको आसान लगता है.

Kangana Ranaut
Kangana Ranaut
Kangana Ranaut

कुछ लोग इस विज्ञापन को बैन करने की भी मांग के रहे हैं और कंगना का समर्थन कर रहे हैं.

Kangana Ranaut

Photo Courtesy: Instagram (All Photos)

Aamir Khan

फिल्म दंगल में अपनी बेटियों को पलवान बनाने के लिए पूरे गांव से भिड़ जाने वाले बापू आमिर ख़ान एक बार फिर बेटियों के हक़ में आवाज़ उठा रहे हैं. इस बार आमिर सरदार जी के गेटअप में हैं. जी नहीं, ये उनकी किसी फिल्म का लुक नहीं है, बल्कि एक ऐड है.

डायरेक्टर नितेश तिवारी की इस शॉर्ट फिल्म में जेंडर इक्वालिटी के मुद्दे को उठाया गया है. क़रीब 50 सेकेंड के इस विडियो में आमिर सरदार गुरिंदर सिंह के गेटअप में है, जो एक मिठाई की दुकान का मालिक है. एक दिन एक ग्राहक उनकी मिठाइयों की तारीफ़ करता है, तो आमिर उन्हें बताते हैं कि ये सब मेरे बच्चों का कमाल है. इस पर ग्राहक बोलता है किस्मत वाले हैं कि ऐसे बेटे मिले हैं आपको. तभी आमिर कहते हैं, “बेटे नहीं ये मेरी बेटियों का कमाल है.” आमिर की दुकान का नाम भी है गुरदीप सिंह एंड डॉटर्स. है न कमाल का ऐड.

https://youtu.be/chhFmgcpT90

 

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