newly married

शादी को आज भी हमारे समाज की सबसे अहम परंपरा माना जाता है. ऐसे में लोगों को लगता है कि बस शादी की उम्र हो रही है, तो शादी कर ही लेनी चाहिए. ऐसे में किसी के भी मन में यह बात तक नहीं आती कि क्या वो वाकई शादी करने के लिए तैयार है? जी हां, शादी करने से पहले आपको मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार होना चाहिए तभी आप इस रिश्ते की ख़ूबसूरती को समझेंगे और इसे निभा भी पाएंगे, इसलिए शादी करने जा रहे हैं, तो ज़रूर एक बार ख़ुद से पूछ लें कि क्या वाकई तैयार हैं आप?
– शादी क्यों करना चाह रहे हैं आप? क्योंकि घरवाले कह रहे हैं, बाकी दोस्तों की शादी हो चुकी है या फिर आप ख़ुद एक कंपैनियन यानी लाइफपार्टनर चाहते हैं? अक्सर लोग घरवालों और रिश्तेदारों के दबाव में आकर शादी के लिए हामी भर देते हैं या फिर दोस्तों को देखते हैं कि सबकी शादी हो गई तो हमें भी कर ही लेनी चाहिए, लेकिन बाद में ऐसा लगने लगता है कि गलत निर्णय ले लिया. बेहतर होगा कि जब आपको ख़ुद यह महसूस हो कि हां, अब मुझे पार्टनर की ज़रूरत है, तब ही शादी का निर्णय लें.
– शादी जीवनभर की ज़िम्मेदारी है और यह बंधन भी है. इसमें समर्पण और सामंजस्य बनाए रखना पड़ता है, तो क्या आप इस बंधन और ज़िम्मेदारी के लिए तैयार हैं? अगर हां, तो बेशक आगे बढ़ें, लेकिन ज़रा भी शंका हो, तो रुककर सोच लें.

– अक्सर लड़के यह सोचकर शादी कर लेते हैं कि उनकी देखभाल करनेवाली कोई आएगी, तो अच्छा है और लड़कियां अपनी सामाजिक व आर्थिक सिक्योरिटी के चलते यह फैसला लेती हैं. लेकिन लड़के यह समझ लें कि आप कोई दूध पीते बच्चे नहीं, तो आपको बेबी सिटिंग करनेवाली  चाहिए. वो आपकी पार्टनर होगी, न कि आया. दूसरी ओर लड़कियों को भी यह समझना होगा कि आपका पति आपका बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि आपका साथी है, आपको उसके सुख-दुख में साथ निभाना है, स़िर्फ अपनी सिक्योरिटी सोचकर शादी करेंगी, तो शादी के बाद हो सकता है आपको निराशा हाथ लगे. 
– अक्सर कई लड़कियां अपने घर के माहौल से इतनी उकता जाती हैं कि उन्हें शादी ही बेहतर विकल्प लगता है. वो सोचती हैं इस बहाने अपने घर की पाबंदियों से छुटकारा मिलेगा, शादी के बाद ज़िंदगी आसान हो जाएगी… वगैरह… वगैरह… लेकिन इस सोच के साथ की गई शादी आपको सुख नहीं देगी. 
– शादी के बाद बहुत कुछ बदल जाता है, आपकी बैचलर लाइफ से बिल्कुल अलग होता है शादीशुदा जीवन… इस पहलू पर पूरी तरह विचार करके और इसे पूरी तरह समझते हुए आपको शादी के लिए आगे बढ़ना चाहिए. 
– आप दो अलग व्यक्तित्व के लोग एक छत के नीचे रहेंगे, आपके विचार अलग हो सकते हैं और आपकी सोच से लेकर रहन-सहन तक का तरीका भी पूरी तरह अलग हो सकता है, ऐसे में क्या आप तैयार हैं सामनेवाले को उसके उस व्यक्तित्व के साथ अपनाने के लिए या फिर आप यह मानकर चल रहे हैं कि मैं उसे बदल दूंगा या बदल दूंगी? शादी का अर्थ अपनाना है, एक-दूसरे को बदलना नहीं.

Marriage Ready

– शादी के बाद आपको कई जगहों पर समझौते करने पड़ते हैं. अपना ईगो त्यागना पड़ता है, गुस्से पर काबू करना पड़ता है, गलत न होते हुए भी हो सकता है सॉरी बोलना पड़ जाए… इन सवालों को अपने ज़ेहन में रखकर ही आगे बढ़ें. 
– अगर आप बहुत मनचले हैं, तो शादी के बाद यह नहीं चलेगा. अपने मन की चंचलता और फ्लर्टिंग नेचर को क्या आप बदलने को तैयार हैं?
– अगर आप किसी फिल्मी कल्पना से अपनी शादी का भविष्य जोड़कर देखते हैं, तो ठोकर ही खाएंगे. शादी हक़ीक़त है और वो फिल्मी शादियों से बहुत अलग होती है. पूरी गंभीरता और ज़िम्मदारी से इन पहलुओं को अपने मन के तराज़ू में तौलें. 
– लड़कियां भी अगर यह सोचती हैं कि शादी के बाद बस अपने पति के साथ मज़े करेंगी, उनकी सैलरी पर उन्हीं का हक होगा, तो यह सोच आपके रिश्ते के लिए ही हानिकारक होगी. आपको भी पूरी शिद्दत से पति के परिवार को अपनाना होगा, उनके प्रति अपनी ज़िम्मेदारी व अपने पति की ज़िम्मेदारी न सिर्फ समझनी होगी, बल्कि सहयोग भी करना होगा. 
– मानसिक रूप से तैयार होने के अलावा आपको अपनी हेल्थ और शारीरिक रूप से भी तैयार होने के बारे में सोचना होगा. आपका स्वास्थ्य और सेहत ही आपके रिश्ते के स्वास्थ्य व सेहत को बनाए रखेगी. यदि आप किसी भी तरह के शारीरिक कष्ट या मानसिक बीमारी का शिकार हैं या आपको महसूस हो कि इससे उबरने के लिए आपको व़क्त चाहिए, तो यह व़क्त ज़रूर लें. 
– अक्सर लोग सोचते हैं कि डिप्रेशन है, तो शायद शादी के बाद मन लगने लगेगा, ख़ासतौर से परिवारवालों की यह सोच होती है, लेकिन इससे स़िर्फ सामनेवाले के साथ ही नहीं आपके साथ भी नाइंसाफी होगी. शादी के लिए पूरी तरह से मन व मस्तिष्क प्रसन्न व तैयार होना चाहिए.
– अफेयर है और परिवारवाले उसे छुड़ाने के लिए कहीं और शादी कर रहे हैं, तो आप ख़ुद सोचिए कि क्या यह सही होगा? 
– शादी टीनएज रोमांस नहीं, न ही परिकथा है… यह परिपक्वता का ही दूसरा नाम है. आपको नए रिश्तों को अपनाना होता है और नए तरीके से अपनी सोच रखनी होती है. क्या आप तैयार हैं? 
– क्या आप फाइनेंशियली सिक्योर हैं कि शादी की ज़िम्मदारी उठा सकें? इस पहलू पर भी विचार बहुत ज़रूरी है. अगर आप ससुराल से मिलनेवाले दहेज के लालच में शादी करेंगे, तो बहुत बड़ी ग़लती करेंगे.

Marriage Ready


– क्या आपने सही प्लानिंग की है? अक्सर लोग सोचते हैं कि शादी के बाद सब अपने आप ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है. आपको अपने फाइनेंस से लेकर अपने करियर तक की सही प्लानिंग करनी होती है, ताकि शादी आपके लिए मात्र एक समझौता बनकर न रह जाए. आप शादी के बाद भी अपने सपने पूरे कर सकें और शिद्दत के साथ अपने रिश्ते को भी निभा सकें. 
– शादी के बाद सिर्फ लड़कियों की ही ज़िंदगी बदलती है या उन्हें ही ज़िम्मेदारी निभानी होती है, ये सोच लड़के अपने दिमाग से निकाल दें. उन्हें यह लगता है कि हमको क्या फर्क पड़ता है. शादी के बाद भी अपनी लाइफ तो वैसे ही मस्तमौला रहेगी. शादी के बाद अगर लड़की आपके घरवालों से जुड़ती है, तो आप भी तो उसके परिवारवालों से जुड़ते हैं. आपकी जवाबदेही बनती है और आप पर भी रिश्ता निभाने का उतना ही दबाव रहता है. आप शादी के बाद दोस्तों के साथ लेट नाइट पार्टीज़ करते रहें और पत्नी घर पर आपके इंतज़ार में नींद खराब करे इस उम्मीद में शादी कभी न करें. वैसे भी आजकल लोगों की सोच बदल चुकी है, तो आप भी समय के साथ बदलें.
– यह मान लें और जान लें कि अगर आपकी पत्नी भी वर्किंग है, तो आपको भी घर के काम में उसकी मदद करनी ही होगी. 
– यह मान लें कि आपको भी बच्चों की उतनी ही ज़िम्मेदारी लेनी होगी. 
– यह मान लें कि आपको भी ससुरालवालों के दुख-दर्द में सदा साथ निभाना होगा. 
– यह मान लें कि पत्नी को बराबरी का ही दर्जा देना होगा. वो बीमार हो, तो आपको भी उसकी उतनी ही देखभाल करनी होगी. 
अगर इन तमाम बातों को पूरी गंभीरता और परिपक्वता से समझते हैं आप तो बेशक आप हैं शादी के लिए पूरी तरह तैयार, वरना फिर सोच लें एक बार.

रिंकु शर्मा

यह भी पढ़ें: शादी से पहले और शादी के बाद, इन 15 विषयों पर ज़रूर करें बात! (15 Things Every Couple Should Discuss Before Marriage)

शादी एक ज़िम्मेदारी है और उससे जुड़ी बहुत-सी ज़िम्मेदारियां शादी के बाद अपने आप जुड़ती चली जाती हैं, इसलिए शादी के रिश्ते की गंभीरता को समझकर उससे जुड़े हर पहलू पर विचार किया जाना बेहद ज़रूरी है, ताकि रिश्ते में आगे चलकर समस्या न हो.

शादी से पहले
कुछ विषय ऐसे होते हैं, जिन पर शादी से पहले ही बात कर ली जाए, तो बेहतर होता है, ताकि आगे चलकर कोई विवाद न हो. 

अपने और होनेवाले पार्टनर का बेसिक नेचर: हर इंसान की सोच और नेचर अलग होता है, लेकिन क्या आप दोनों एक-दूसरे की सोच के साथ निबाह सकते हैं? कहीं आप दोनों में से कोई एक या दोनों ही बहुत ज़्यादा ईगोइस्ट, ग़ुस्सैल या ज़िद्दी तो नहीं, कहीं बहुत पिछड़े या पुराने विचारों का तो नहीं, कहीं बहुत ख़र्चीला या बहुत कंजूस तो नहीं, बहुत शककरनेवाला तो नहीं… कुल मिलाकर आपको एक-दूसरे के मूल स्वभाव को समझने की ज़रूरत है ताकि यह जाना जा सके कि आपसी सामंजस्य हो पाएगा या नहीं.

करियर: आप दोनों व आप दोनों के घरवाले भी करियर को लेकर क्या सोचते हैं, शादी के बाद करियर को आगे बढ़ाने केबारे में क्या राय है, एक-दूसरे से किस तरह का सहयोग चाहते हैं, इन बातों को पहले ही तय कर लें ताकि आगे चलकरकोई विवाद ना हो.

आर्थिक ज़िम्मेदारियां और फाइनेंशियल प्लानिंग: आपकी किस तरह की आर्थिक ज़िम्मेदारियां हैं, कोई लोन है, घर के सदस्यों की आर्थिक ज़िम्मेदारियां हैं इन पर खुलकर बात करें, वर्ना आगे चलकर परेशानी हो सकती है. इसके अलावा आपके जॉइंट अकाउंट्स, इंडिपेंडेंट अकाउंट्स, घर के ख़र्च व ज़िम्मेदारियां किस तरह से पूरी करनी हैं, किसके हिस्से कौन-सी ड्यूटी आएगी, किसको कितना ख़र्च करना होगा आदि बातों पर चर्चा करना बेहतर होगा.

कंट्रासेप्शन और फैमिली प्लानिंग: इन बातों पर चर्चा न करने का नतीजा ही होता है- एक्सिडेंटल प्रेग्नेंसी यानी अनचाहा गर्भ. ऐसा होने पर आपकी आगे की बहुत-सी प्लानिंग बदल जाती है, जिसमें फाइनेंस से लेकर करियर तक शामिल है. ऐसे में फैमली प्लानिंग से लेकर कंट्रासेप्शन यानी किस तरह का कंट्रासेप्शन यूज़ और किसे और कब तक यूज़ करना है इस पर चर्चा ज़रूर कर लें.

शादी का ख़र्च व लेन-देन: शादी सिंपल करनी है या कितना ख़र्च करना है और दोनों तरफ़ से कौन कितना ख़र्च करेगा इस पर सहमति ज़रूरी है. ऐसा न हो कि होनेवाला पार्टनर या उसकी फैमिली कुछ ज़्यादा ही उम्मीद लगाकर बैठी हो. बेहतर होगा कि लड़का और लड़की ख़ुद अपनी आर्थिक स्थिति की सही तस्वीर पेश करें. 

किसी भी तरह की लत, कमज़ोरी, आदतें, शौक, शारीरिक व मानसिक समस्या: शादी से पहले लोग सामनेवाले के बारे में कई जगहों से व रिश्तेदारों से पता करते ही हैं, तो किसी और से ग़लत बातें व ग़लत तरी़के से कोई बात पहुंचे उससे अच्छा होगा कि आप ख़ुद अपनी कमज़ोरियों, लत, आदतों व समस्याओं के विषय में बात कर लें. 
इसके अलावा आपके शौक़ और स्पेंडिंग हैबिट्स के बारे में भी चर्चा कर लें, ताकि बाद में कोई यह न कह सके कि पहले पता होता तो शादी ही न करता/करती.

सेक्स और वर्स्ट नाइट से जुड़े डर: यह बहुत ही अहम् विषय है, क्योंकि आपकी शादीशुदा ज़िदगी की ख़ुशियां बहुत हद तक इस पर ही टिकी होती हैं. बेहतर होगा इस पर भी बात करने से हिचकिचाएं नहीं. 

शादी के बाद
शादी तो हो गई, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि अब आप दोनों के कम्यूनिकेट करने की ज़रूरत ही नहीं. बल्कि अब तो और ज़्यादा ज़रूरत है, क्योंकि शेयरिंग ही आपके रिश्ते को अधिक केयरिंग बनाएगी. तो कुछ बातों पर ज़रूर बात करें. 

अपनी असहजता: आप दोनों ही नए रिश्ते में बंधे हो, तो ज़ाहिर है कि असहजता कहीं न कहीं होगी है, ऐसे में बिना एक-दूसरे को बताए कंफ्यूज़न पैदा होगा, क्योंकि आप दोनों ही एक-दूसरे से उम्मीदें लगाकर बैठे हो और जब वो पूरी होती नहीं दिखेंगी, तो लगेगा कि कुछ तो ग़लत है. आपको घर का माहौल या घरवालों का व्यवहार या फिर पार्टनर का ही व्यवहार अगर असहज कर रहा हो, तो बात करें और पार्टनर को बताएं, पता चला कि बात छोटी-सी है लेकिन उस पर चर्चा न करके वो बड़ी नज़र आने लगी. 

घर का काम और ज़िम्मेदारियों को बंटवारा: ऐसा नहीं होना चाहिए कि नई दुल्हन पर ही सारे काम का बोझ आ जाए और ऐसा भी नहीं होना चाहिए कि नई-नवेली होने का फ़ायदा उठाकर काम को हाथ ही न लगाया जाए. कोशिश करें कि साथ-साथ काम करते-करते ही सभी को अपनी ज़िम्मेदारियों का अंदाज़ा आप करा दें और स्वयं अपनी भी ज़िम्मेदारियों को आप समझें. यहां तक कि अपने पति को भी उनके हिस्से का काम व ज़िम्मेदारी सौंपें, क्योंकि आप दोनों वर्किंग हैं, तो घर का काम भी मिल-जुलकर करना ज़रूरी है.

शादी की गंभीरता को समझना: बैचलर लाइफ अलग होती है और शादी के बाद बहुत कुछ बदल जाता है. आप दोनों की ही ज़िम्मेदारियां बदलती व बढ़ती हैं, ऐसे में लापरवाही छोड़कर गंभीर और ज़िम्मेदार होना पड़ता है. हो सकता है अपनी आदतें व शौक़ भी बदलने पड़ें, ऐसे में मुंह फुलाने की बजाय या दुखी होने की बजाय आपसी सहयोग से काम लें. इन बातों पर आपस में बैठकर चर्चा करें और समझें कि अब हम अकेले नहीं बल्कि एक परिवार हो गए हैं, ऐसे में यह बदलाव होने लाज़िमी हैं, तो दुख कैसा. दोस्तों व सहेलियों के साथ अधिक टाइम बिताने से अच्छा है आपस में एक-दूसरे के साथ समय बिताएं और अगर एक पार्टनर यह न समझ रहा हो, तो दूसरा उसे समझाए. 

बचत और फ्यूचर प्लानिंग: भविष्य के लिए और बेहतर भविष्य के लिए बचत बेहद ज़रूरी है. माना नई-नई शादी हुई है, तो इसका यह मतलब नहीं कि बस घूमो-फिरो, मूवीज़ देखो, पार्टीज़ करो. हनीमून के बाद ख़्वाबों के आसमान से ज़मीन पर आ जाना ही बेहतर होता है. आप दोनों को इस पर खुलकर न स़िर्फ बात करनी होगी, बल्कि प्लानिंग भी मिलकर करनी होगी कि कहां और कैसे सेविंग्स हों. 

बच्चे: माना फैमिली प्लानिंग कर ली, लेकिन हालातों के मद्देनज़र उसे बदलना भी पड़ सकता है, तो आप दोनों में से किसी एक को भी लग रहा हो कि इसमें बदलाव की ज़रूरत है, तो मन ही मन कुढ़ने की बजाय चर्चा करें और दूसरे पार्टनर को भी यह समझना होगा कि पहले जो प्लानिंग पर हो चुकी वो पत्थर की लकीर नहीं है, अगर इसमें बदलाव करने से आपका रिश्ते व भविष्य बेहतर हो सकता है, तो क्यों नहीं?
एक्सीडेंटल प्रेग्नेंसी: यह किसी के भी साथ हो सकता है, तमाम प्रयासों के बाद भी अगर यह हो जाता है, तो एक-दूसरे पर दोषारोपण या ग़ुस्सा करने की बजाय बात करें, क्योंकि बातचीत ही एकमात्र विकल्प है. एक-दूसरे का संभालें और समझाएं कि यह समान्य सी बात है और ऐसा हो जाता है. तनाव लेने से समस्या का समाधान नहीं होता.

बैकअप प्लान और इमर्जेंसी फंड्स: यह कभी भी काम आ सकता है, क्योंकि इमर्जेंसी भी कभी भी हो सकती है. कभी कोई दुर्घटना या बीमारी या फिर किसी भी तरह की समस्या आने पर आपके पास बैकअप प्लान होना चाहिए, तो वो प्लान क्या हो, किस रूप में हो और उस पर किस तरह से अमल हो इस पर बात और प्लानिंग ज़रूरी है. यह भी ज़रूरी नहीं कि इमर्जेंसी फंड्स स़िर्फ बीमारी या समस्या पर ही काम आए, अगर घर में, रिश्तेदारी में कोई शादी प्लान हो गई या बच्चे की किसी हॉबी क्लास के लिए पैसों की ज़रूरत हुई, तो उन्हें वहां भी यूज़ किया जा सकता है. लेकिन यह सब कुछ बातों के ज़रिए ही संभव है, क्योंकि बात होगी, तो ही तो प्लानिंग हो पाएगी. 

एंटरटेनमेंट को इग्नोर न करें: रिफ्रेश फील करने के लिए कभी बाहर खाना, हॉलिडे प्लान करना भी ज़रूरी है. अगर हॉलिडे प्लान करना है, तो सालभर मूवीज़ व बाहर डिनर डेट और गैरज़रूरी शॉपिंग पर थोड़ा ब्रेक लगा लें और अगर इस साल हॉलिडे नहीं जाना, तो अपने फंड्स को किसी अन्य काम पर खर्च करें.  

बेहतर होगा कि अपने आइडियाज़, अपने डर, अपनी ख़ुशियां, अपने ग़म आपस में साझा करें, क्योंकि बिना बात के बात नहीं बनेगी और बात होगी, तभी तो बात बनेगी.

– गणपति  

यह भी पढ़ें: नई दुल्हन के लिए संकोच-शर्मो-हया किन मामलों में ज़रूरी, किनमें ग़ैरज़रूरी! (Dos And Don’ts For Newlywed Bride)

शादी ज़िंदगी का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय होता है और शादी के बाद बहुत कुछ बदल भी जाता है. लेकिन अक्सर लड़कियोंको शादी को लेकर एक ही तरह की सीख दी जाती है और वो यह कि लाज ही औरत का गहना है, नई दुल्हन को हमेशाशर्माते और सकुचाते हुए ही नज़र आना चाहिए. 

यह सही है कि शर्म-हया एक तरह से समानेवाले को सम्मान देने के लिए भी ज़रूरी होती है लेकिन हर वक़्त और हर जगहही आप शर्माती रहेंगी तो हो सकता है आपको आगे चलकर परेशानी हो जाए. बेहतर होगा कि आप भी समझें कि शर्म-हया एक सीमा तक तो ठीक है लेकिन कहीं-कहीं संकोच छोड़कर सही बात कहनी भी ज़रूरी होती है.

Newlywed Bride

किन मामलों में ज़रूरी है संकोच?

  • जहां बड़े लोग आपस में बात कर रहे हों तो बेवजह बीच में ना बोलें.
  • मेहमानों के सामने ना तो ज़्यादा बात करें और ना ही ज़ोर-ज़ोर से हंसें.
  • भले ही आप कितनी भी मॉडर्न हों लेकिन पति के दोस्तों के साथ बहुत ज़्यादा हंसी-मज़ाक़ करने से बचें, क्योंकि जोभी हो आप यह ना भूलें कि आपकी अभी-अभी शादी हुई है और आप सबको बहुत ज़्यादा जानती भी नहीं हैं.
  • ताने देने से बचें. हर बात की शिकायत ना करती रहें और पति से भी छोटी छोटी बातों की रोज़ रोज़ शिकायत नाकरें.
  • घर के कामों में हाथ बटाएं.
  • नए घर में हैं तो ज़ाहिर है अपना टाइम टेबल बदलना होगा, सुबह जल्दी उठें.
  • नॉनवेज जोक्स करने से बचें.
  • स्मोक या ड्रिंक करती हैं या ओकेज़नली भी की है कभी तो उसकी चर्चा ना करें और अपनी आदतें बदलें.
  • फ़िज़ूलखर्ची से बचें.
  • बहुत ज़्यादा सोशल मीडिया पर ना रहें.
  • हमेशा अपनी सहेलियों या दोस्तों से फोन पर बात ना करती रहें.
  • ज़्यादातर वक्त पति के साथ कमरे में बंद ना रहें, बाक़ी घरवालों के साथ भी बैठें, वक़्त गुज़ारें, उनसे बातें करके उन्हेंसमझने की कोशिश करें ताकि वो भी आपको समझ सकें.
  • बात-बात पर मायके का ज़िक्र, यहां के रहन सहन की वहां से तुलना, हर बात मां को बता देना… इनसे बचें, ससुरालपक्ष का का लिहाज़ करें, अब इस घर की इज़्ज़त आपकी इज़्ज़त है तो सम्मान बनाए रखें. 
  • सबसे प्यार से व सामान्य आवाज़ में बात करें.
  • चेहरे पर स्वीट स्माइल बनाए रखें और अगर किसी बात से चिढ़ हो भी रही है तो एक्सप्रेशन से ज़ाहिर ना होने दें, भलेही बाद में पति से अलग से इस विषय पर बात कर लें.
  • बड़ों का आदर-सम्मान हमेशा बनाए रखें. अगर वो कुछ टीका-टिप्पणी या रोक-टोक करते भी हैं तो भी पलटकरफ़ौरन जवाब ना दें. 
  • दूसरों के सामने पति का लिहाज़ व सम्मान बनाए रखें, उसे ताने ना दें, अगर आप किसी बात को लेकर उनसे ख़फ़ाभी हैं तो सबके सामने उन्हें ज़लील ना करें.
  • बेवजह रोज़-रोज़ बाहर घुमाने की ज़िद ना करें.
Newlywed Bride

किन मामलों में बोलना ज़रूरी हो जाता है?

  • अगर कोई आपका बार-बार अपमान करे और यह मानने लगे कि ये तो नई नवेली है इसको दबाया जाए, तो ज़रूरबोलें. आराम से, प्यार से अपना पक्ष रख दें.
  • आपके घरवालों को बुरा-भला कहे तो ज़रूर टोकें कि मुझसे शिकायत है तो मुझे बोलें मेरे घरवालों को बीच में नालाएं.
  • अगर सब लोग अपनी ज़िम्मेदारी और काम अकेले आप पर ही थोप दें तो समझदारी से बात करके अपनी परेशानीरखें कि इतने लोगों का काम एक अकेले इंसान नहीं कर सकता. आप कहें कि मैं मदद ज़रूर करूंगी लेकिन चूंकीआप नई हैं तो आपको बोलना नहीं है या चुप रहना चाहिए यह सोचकर सारा काम खुद ही ओढ़ ना लें, वर्ना एक बारआपने सब कुछ करना शुरू कर दिया तो आगे लोगों की उम्मीद यही रहेगी कि ये काम आप ही के हैं और अगर बादमें आप बोलेंगी तो उन्हें लगेगा कि आप अपना काम उन पर थोप रही हैं.
  • अगर आपसे पैसों की मांग की जाती है तो चुप ना रहें.
  • अगर आपका शोषण होता है तो बोलें ज़रूर और ज़रूरत पड़े तो एक्शन भी लें.
  • अगर दहेज या शादी के सामान को लेकर आपके घरवालों को कुछ कहा जाता है तो बोलना ज़रूरी हो जाता है.
  • अगर आपके हर काम में, खाने के स्वाद में या किसी भी और काम में रोज़-रोज़ मीनमेख निकला जाए तो इसे उनकीआदत ना बनने दें, बेहतर होगा समय रहते समझा दें या पति से बात करें, ताकि वो बोल सकें.
  • अगर घर में भी किसी अन्य सदस्य के साथ कुछ ग़लत या अन्याय होता दिखे तो मूक दर्शक ना बनी रहें, सच कासाथ दें.
  • बात-बात में आपसे बेटा पैदा करने की बात कही जाए तो शांति से अपना पक्ष aur अपनी राय रख दें.
  • अगर पति आपसे ठीक से पेश ना आते हों, आपकी राय, आपकी बात को तवज्जो ना देते हों, उन्हें कोई लत हो, उनका कोई अफ़ेयर हो तो चुपचाप बर्दाश्त ना करके समय रहते हल निकालें वर्ना एक बार आपने सहन करना शुरूकर दिया और इसको अपनी नियति मान लिया तो भविष्य अंधकारमय होगा आपका भी और आपके रिश्ते का भी.
Newlywed Bride

बोलने का अर्थ यह नहीं कि आपको झगड़ा करना है या चिल्ला-चिल्लाकर गाली-गलौज करनी है, संतुलित शब्दों में धीमेस्वर में भी अपनी बात रखी जा सकती है और जहां ज़रूरी हो वहां अपनी बात बेझिझक बिना हिचके रखें. सिर्फ़ इसलिएकि आपकी नई-नई शादी हुई है तो आपको चुपचाप सब बर्दाश्त करना चाहिए यह सोच पुरानी है, अपने सम्मान के लिएकई बार बोलना ज़रूरी हो जाता है और अगर आप खुद अपना सम्मान नहीं करेंगी तो दूसरे क्यों करेंगे भला. 

भोलू शर्मा 

यह भी पढ़ें: नए जमाने के सात वचन… सुनो, तुम ऐसे रिश्ता निभाना! (7 Modern Wedding Vows That Every Modern Couple Should Take)

अपनी रोमांटिक लव लाइफ और सेक्स लाइफ को लेकर हर न्यूली मैरिड कपल बेहद एक्साइटेड रहता है. दोनों यही सोचते हैं कि सेक्स लाइफ को और बेहतर कैसे बनाएं, क्या करें कि पार्टनर आपके प्यार और रोमांस से हर व़क्त सराबोर रहे. यहां हम आपको कुछ ऐसे ही लेटेस्ट सेक्स फॉर्मूले बता रहे हैं, जिससे आपकी सेक्स लाइफ में रोमांच हमेशा बना रहेगा.

Sex Formulas For Newly Married

सुहागरात को हौवा न बनाएं

–     सबसे पहले तो अपने दिमाग़ से यह निकाल दीजिए कि सुहागरात में आपको सेक्स करना ही है, क्योंकि ज़्यादातर कपल्स शादी की रस्मों में इतने थक जाते हैं कि वो सेक्स को एंजॉय ही नहीं कर पाते.

–     बेहतर होगा कि आप सुहागरात को स़िर्फ रिलैक्स करें और अगली सुबह जब सोकर उठें, तब एक नए जोश और जुनून के साथ रिश्ता बनाएं. यक़ीनन इस सेक्सुअल एक्टिविटी को आप ज़्यादा एंजॉय करेंगे.

–     अगर आप सुहागरात को यादगार बनाना चाहते हैं, तो कमरे में मुहब्बत का ऐसा समां बांधें कि आपका पार्टनर ख़ुद आपकी तरफ़ खिंचता चला आए.

–     रोमांटिक म्यूज़िक, फूलों से सजी सेज के साथ, एसेंशियल ऑयल्स की ख़ुशबू पूरे कमरे में आपके प्यार को महकाएगी.

फोरप्ले से शुरू करें लव गेम

–     फोरप्ले यानी सेक्सुअल रिलेशन के पहले का वॉर्मअप है. एक-दूसरे को बांहों में भरकर प्यार करना, किस करना, एक-दूसरे को हग करना, नॉटी बातें करना ही फोरप्ले है.

–     फोरप्ले को स़िर्फ बेडरूम में ही सीमित न रखें. दिनभर में पार्टनर को नॉटी मैसेजेस भेजकर भी उनका मूड रोमांटिक बनाए रख सकते हैं.

–     किस करते व़क्त कभी-कभार आंखें खोलकर अपने पार्टनर को देखें. किस करते हुए पूरी तरह खोया हुआ पार्टनर बहुत प्यारा लगता है. उस पर और प्यार लुटाने का मन करता है.

–     पार्टनर से पूछें कि उसे क्या पसंद है. सेक्स के दौरान आपकी कौन-सी हरकत उसे सबसे ज़्यादा अच्छी लगती है.

–     शुरुआत में ही लंबे सेशन की उम्मीद न करें. आप दोनों नए हैं, इसलिए शुरू-शुरू में रिलेशन बनाने में आपको थोड़ा व़क्त लगेगा. इसे किसी तरह की कमी या कमज़ोरी न समझें, ऐसा सभी कपल्स के साथ होता है.

–     फोरप्ले के व़क्त एक्ट में खोने के साथ-साथ यह भी देखें कि आपके पार्टनर का रिएक्शन क्या है. क्या वो पूरी तरह इन्वॉल्व हो गया है या वो स़िर्फ आपकी ख़ुशी के लिए ज़बर्दस्ती एक्ट में बना हुआ है.

न्यूली मैरिड के लिए सेक्स फॉर्मूले

–     शादी के शुरुआती दिनों में कपल एक-दूसरे के साथ के लिए हर पल एक्साइटेड रहते हैं. हर पल एक-दूसरे में खोए रहने का जुनून, एक-दूसरे को निहारते रहना, एक-दूसरे की गोद में सिर रखकर पूरी दुनिया को भुला देने का उत्साह इसी समय चरम पर होता है.

–     हर दिन की शुरुआत ‘गुड मॉर्निंग किस’ से करें. शाम को काम पर से लौटने पर एक-दूसरे को गले ज़रूर लगाएं. जब भी मौक़ा मिले ‘आई लव यू’ ज़रूर कहें.

–     बहुत-से कपल्स अपने पार्टनर से अपनी इच्छाओं और चाहतों को बयां नहीं कर पाते, जिससे उन्हें एक कमी का एहसास होता है. आप अपने पार्टनर से उनके दिल की बातें जानें और अपनी ख़्वाहिशों की बातें करें.

–     सेक्सुअल लाइफ जितनी रोमांटिक होगी, आपकी मैरिड लाइफ उतनी ही ख़ुशहाल होगी, इसलिए एक-दूसरे की केयर करें. एक-दूसरे का ख़्याल रखने से प्यार और गहरा होता है.

–     शादी के शुरुआती कुछ महीने बहुत रोमांटिक होते हैं. हर रात कुछ अलग और नया करने का दोनों में बेहद उत्साह रहता है, लेकिन ज़रूरी नहीं कि हर रात आपका परफॉर्मेंस बेस्ट हो. कभी-कभार कम-ज़्यादा हो सकता है.

–     किसी दिन पार्टनर का मूड अच्छा न हो, तो उसे मनाने की पूरी कोशिश करें, लेकिन उसके लिए नाराज़ न हों.

–     शुरू-शुरू में ऑर्गैज़्म पर बहुत ज़्यादा फोकस न करें. बस, एक-दूसरे को प्यार करें और एक-दूसरे को ख़ुश रखने की कोशिश करें, बाकी सब अपने आप हो जाएगा.

–     दोनों के लिए ही ज़रूरी है कि अपनी सेक्सुअल हाइजीन का ख़्याल रखें. अपने प्राइवेट पार्ट्स को हमेशा क्लीन और हाइजीनिक बनाए रखें.

–     बेडरूम और बेड के अलावा भी अलग-अलग जगहों पर एडवेंचरस सेक्स ट्राई करें. आप चाहें, तो सोफे पर, शावर में और किचन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं.

–     रात को ग़ुस्सा होकर कभी न सोने जाएं. मन में जो भी शिकायतें हों कह दें और उनकी भी सुनें. अक्सर सुननेभर से बहुत-से मामले सुलझ जाते हैं. छोटी-छोटी अनबन को अपने रिश्ते पर हावी न होने दें.

–     आप दोनों को ही अपने पार्टनर के कामोत्तेजक अंगों के बारे में पता होना चाहिए, ताकि दोनों को ही बेस्ट सेक्सुअल एक्सपीरियंस मिले.

–     सेक्स लाइफ को रूटीन न बनाएं. रोज़ाना एक ही सेक्स पोज़ीशन ट्राई करने की बजाय कुछ नया करें.

–     शादी के पहले ही रिलेशनशिप के बारे में कुछ अच्छी किताबें पढ़ें.

–     सुहागरात के लिए फिल्मी ख़्वाब न पालें. फिल्मों और हक़ीक़त में बहुत फ़र्क़ होता है. अगर फिल्मोंवाली चीज़ें रियल लाइफ में एक्सपेक्ट करेंगे, तो आपको निराशा ही हाथ लगेगी.

–     अधिकांश पुरुषों को यह भ्रम होता है कि उन्हें पता है कि उनकी पार्टनर क्या चाहती है, जबकि उन्हें पता नहीं होता. इस भ्रम से बाहर निकलें और पार्टनर से बात करें.

–     महिलाओं के लिए सेक्स शारीरिक रूप से जुड़ने की बजाय भावनात्मक रूप से जुड़ना है, इसलिए पार्टनर से पहले इमोशनली जुड़ें.

यह भी पढ़ें: सेक्स से पहले ग़लती से भी न खाएं ये 6 चीज़ें (6 Foods You Should Never Eat Before Sex)

Sex Formulas
आफ्टरप्ले भी है बहुत ज़रूरी

–     सेक्स के बाद कहीं आप भी तो मुंह घुमाकर सो नहीं जाते, क्योंकि सेक्सुअल एक्टिविटी के बाद भी एक्ट तब तक पूरा नहीं होता, जब तक आफ्टरप्ले न हो.

–     एक्ट के बाद पार्टनर को गले लगाएं, प्यार से किस करें और उसकी ज़ुल्फ़ों को सहलाएं.

–     एक्ट के बाद महिलाओं को सहज होने में पुरुषों से ज़्यादा समय लगता है, इसलिए जब आप उसे प्यार से सहलाते हैं, तो उसे आपका प्यार महसूस होता हैै.

–     एक-दूसरे को बताएं कि आपको आज का सेशन कितना अच्छा लगा. इससे पार्टनर का कॉन्फिडेंस और बढ़ता है.

–     रिसर्च में यह बात सामने आई है कि महिलाएं इंटरकोर्स से ज़्यादा फोरप्ले और आफ्टरप्ले एंजॉय करती हैं, इसलिए इन्हें कभी अनदेखा न करें.

–     कभी-कभार आपका आफ्टरप्ले फोरप्ले बन जाता है और आप दूसरे राउंड के लिए भी तैयार हो जाते हैं, इसलिए आफ्टरप्ले में हमेशा कुछ सेंसुअल और अलग करने की कोशिश करें.

हनीमून गाइड

–     महीनों की शादी की प्लानिंग और रस्मों-रिवाज़ में कपल्स काफ़ी थक जाते हैं, इसलिए इस समय को टूरिज़्म की बजाय स़िर्फ ‘चिल आउट’ के लिए रखें.

–     हनीमून के लिए मोस्ट पॉप्युलर डेस्टिनेशन की बजाय किसी ऐसी जगह जाएं, जहां बहुत ज़्यादा भीड़-भाड़ न हो.

–     हनीमून पैकेज लेते व़क्त ध्यान रखें कि आपके टूर का शेड्यूल बहुत टाइट न हो. सुबह जल्दी निकलकर दिनभर घूमना, फिर देर रात लौटकर आना काफ़ी थकानेवाला होता है. ऐसे पैकेज लेने से बेहतर होगा, आप ख़ुद गाड़ी किराए पर लेकर एक्सप्लोर करें.

–     सुबह देर तक आराम से सोकर उठें, ब्रेकफास्ट रूम में ही ऑर्डर करें. ज़्यादा-से-ज़्यादा समय एक-दूसरे के साथ रिलैक्स करने में बिताएं.

–     हनीमून का सामान पैक करते व़क्त लुब्रिकेशन कभी न भूलें. शुरुआती दिनों में यह आपके बहुत काम आता है.

–     सेक्सी लॉन्जरी और परफ्यूम से अपने हनीमून को और रोमांटिक बनाएं.

–     हनीमून की तैयारी भी शादी की तैयारी के साथ ही कर लें. कपड़ों से लेकर लॉन्जरी तक में क्या ख़रीदना है, पहले से ही ले लें.

एक्सपर्ट एडवाइस

–    सेक्स को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो एक्ट से पहले शावर ज़रूर लें.

–    रिलेशनशिप से पहले बहुत हैवी न खाएं.

–    परफ्यूम या डियो का इस्तेमाल ज़रूर करें.

–    इलायची या कोई माउथ फ्रेशनर खाएं.

–    अपनी फिटनेस का ध्यान रखें.

 

– सुनीता सिंह

यह भी पढ़ें: सुहागरात में काम आएंगे ये सुपर सेक्स टिप्स (Super Sex Tips For Your First Night)

यह भी पढ़ें: लव बाइट से जुड़ी से 5 दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे आप (5 Surprising Facts About Love Bites You Didn’t Know

मैं 23 वर्षीया नवविवाहिता हूं. पिछले कुछ ह़फ़्तों से मेरा जी मिचला रहा है और उल्टियां भी हो रही हैं.  मुझे पीरियड्स भी नहीं आए. मैंने घर पर प्रेग्नेंसी टेस्ट किया, तो वह भी पॉज़ीटिव आया है. कृपया बताएं, मेरी वॉमिटिंग कब तक रुकेगी और ऐसी अवस्था में मुझे क्या करना चाहिए?
                  – आरती जोशी, देहरादून.

प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीने में जी मिचलाना, उल्टियां होना, भूख न लगना आदि शिकायतें होती ही हैं. सबसे पहले आप गायनाकोलॉजिस्ट के पास जाकर अपना पूरा चेकअप कराएं. जांच करने के बाद प्रेग्नेंसी कंफर्म पर वो आपको कुछ मेडिसिन देंगे. इसके अलावा सुबह चाय के साथ बिस्किट या ड्राय टोस्ट लें. थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद कुछ न कुछ खाते रहें. स्पाइसी और ऑयली खाने से बचें. ज़्यादा से ज़्यादा पानी व जूस पीएं. समय-समय पर डॉक्टर आपके सभी टेस्ट्स- ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, सोनोग्राफी आदि भी कराएंगे. आप रिलैक्स रहें और अपनी प्रेग्नेंसी को एन्जॉय करें.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: प्रेग्नेंसी के दौरान वज़न को कैसे मैनेज करूं? (How Should I Manage Weight During Pregnancy?)

Pregnant

मेरी उम्र 26 साल है. पहले मेरे पीरियड्स रेग्युलर थे. कुछ ह़फ़्ते पहले मैंने अपने बॉय फ्रैंड के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे और पूरी सावधानी भी बरती थी. उसके बाद मुझे अभी तक पीरियड्स नहीं आए. कहीं मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हो गई?
                   – मोना सावंत, चंडीगढ़.

संबंध बनातेे समय आपने कंडोम का प्रयोग किया होगा. कई बार कंडोम सफल नहीं  होता और गर्भ ठहर जाता है. इसके लिए आप घर पर होम प्रेग्नेंसी टेस्ट कर सकती हैं या गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें.  टेस्ट से पीरियड्स न होने की वजह स्पष्ट हो जाएगी. कई बार हार्मोन्स में गड़बड़ी, ज़्यादा भागदौड़ के कारण भी पीरियड्स देर से आते हैं. अगर आप प्रेग्नेंट नहीं हैं, तो डॉक्टर पीरियड्स के लिए हार्मोन्स पिल्स देंगे.

यह भी पढ़ेंPersonal Problems: पीरियड्स में होनेवाले दर्द के लिए क्या कोई ख़ास टेस्ट कराना होगा? (Menstrual Cramps- Diagnosis And Treatments)

Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा ऐप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

 

बदलते समय के साथ शादी का ट्रेंड (Wedding Trend) काफ़ी बदला है, तो भला दूल्हा-दुल्हन के सात वचन वही क्यों रहें? पहले लड़कियां कामकाजी नहीं थीं, तो घर के सदस्यों की देखभाल और अपने भरण-पोषण का वचन दूल्हे से लेती थीं, लेकिन अब तो वो भी कमाने लगी हैं, कामकाजी हैं, तो घर पर भी उन्हें हेल्पिंग हैंड की ज़रूरत पड़ती है. ऐसे में वचनों में थोड़ा बदलाव होना चाहिए. शादी के बाद सभी न्यूली मैरिड कपल्स को मॉडर्न ज़माने के ये सात वचन निभाने का वादा करना चाहिए.

Modern Wedding Vows

क्या हैं शादी के पारंपरिक सात वचन?

शादी के व़क्त अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कन्या वर से ये सात वचन लेती है, जिसकी पूर्ति का आश्‍वासन देने पर ही वह अर्द्धांगिनी बनने के लिए राज़ी होती है.

1. पहले वचन में कन्या वर से कहती है कि आप कभी तीर्थयात्रा पर जाओ, तो मुझे भी अपने संग ले जाना. किसी भी व्रत
उपवास और धार्मिक कार्यों में मुझे भी
वामांगी बनाना.

2. जिस प्रकार आप अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, उसी प्रकार मेरे माता-पिता का भी सम्मान करना.

3. तीसरे वचन में भी कन्या वर से वचन लेती है कि अगर आप जीवन की तीनों अवस्थाओं में मेरा पालन करने के लिए तैयार हैं, तभी मैं आपकी वामांगी बनूंगी.

4. अब तक आप घर-परिवार की ज़िम्मेदारियों से मुक्त थे, लेकिन अब शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं, तो परिवार की सभी ज़रूरतों को पूरा करने की ज़िम्मेदारी आपके कंधों पर होगी.

5. अपने घर के कार्यों में, लेन-देन या किसी भी चीज़ के लिए ख़र्च करते समय मुझसे विचार-विमर्श करेंगे.

6. अगर मैं अपनी सहेलियों के साथ बैठी हूं, तो वहां आकर आप मेरा अपमान नहीं करेंगे.

7. पराई स्त्रियों को मां के समान मानेंगे और पति-पत्नी के प्रेम के बीच किसी को नहीं आने देंगे.

मॉडर्न ज़माने के सात वचन

अब ये तो हो गए पारंपरिक सात वचन, जो कन्या वर से मांगती है, लेकिन आज ज़माना बराबरी और समानता का है. लड़कियां अब कमज़ोर नहीं, बल्कि लड़कों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं, ऐसे में घर-गृहस्थी की ज़िम्मेदारी भी दोनों मिलकर उठाते हैं.

1. घर का काम बांटकर करेंगे

आज ज़्यादातर शादीशुदा कपल्स वर्किंग हैं और अकेले रहते हैं. ऐसे में दोनों को ही घर के सभी काम ख़ुद करने पड़ते हैं. खाना
बनाने से लेकर घर की साफ़-सफ़ाई और देखभाल की ज़िम्मेदारी एक की न होकर दोनों की है, इसलिए दोनों को एक-दूसरे को यह वचन देना चाहिए कि वो घर के सारे काम मिल-बांटकर करेंगे.

2. एक-दूसरे की भावनाओं का  ख़्याल रखेंगे

शादी के शुरुआती दिनों में कपल्स की दुनिया काफ़ी अलग होती है. लविंग, केयरिंग और शेयरिंग में उनका पूरा समय बीतता है, लेकिन जब वो वापस काम पर लौटते हैं, तब असली परीक्षा शुरू होती है. घर-बाहर की ज़िम्मेदारी अक्सर कपल्स को चिड़चिड़ा बना देती है. शादी से पहले जहां पैरेंट्स सब कुछ संभाल लेते थे, वहीं अपनी गृहस्थी में सब कुछ
ख़ुद करना आसान नहीं होता. ऐसे में दोनों को एक-दूसरे की भावनाओं को समझना होगा.

3. एक-दूसरे के दोस्तों की रिस्पेक्ट करेंगे

माना कि शादी के बाद सब कुछ बदल जाता है, पर दोस्तों के साथ हमारी दोस्ती तो वही रहती है. शादी के बाद जब दोस्त मिलने आते हैं और कहीं बाहर मिलने भी बुलाते हैं, तो उन बातों को लेकर अक्सर कपल्स में नोंक-झोंक होने लगती है. हर किसी को हक़ है कि अपने दोस्तों के साथ समय बिताएं. ऐसे में आपको अपने पार्टनर को इतनी आज़ादी देनी होगी और उनके दोस्तों की भी रिस्पेक्ट करनी होगी. दोनों को ही यह याद रखना चाहिए कि दोस्तों की एक स्पेशल जगह होती है, जिससे किसी को भी महरूम नहीं करना चाहिए. तो आप दोनों भी वचन दें कि एक-दूसरे के दोस्तों की रिस्पेक्ट करेंगे.

यह भी पढ़ें:  शादी के बाद क्यों बढ़ता है वज़न? जानें टॉप 10 कारण (Top 10 Reasons For Weight Gain After Marriage)

यह भी पढ़ें:  मायके की तरह ससुराल में भी अपनाएं लव डोज़ फॉर्मूला (Love Dose Formula For Happy Married Life)

Wedding Vows

4. अपनी-अपनी हाइजीन का ख़्याल रखेंगे

कहते हैं कि मैरिड लाइफ की नींव हेल्दी सेक्स लाइफ पर टिकी होती है, इसलिए दोनों को ही अपने सेक्सुअल हेल्थ का ख़ास ख़्याल रखना चाहिए. रात को सोने से पहले ब्रश करना और प्राइवेट पार्ट्स को अच्छी तरह क्लीन करना दोनों की ही ज़िम्मेदारी है. पार्टनर को किसी तरह का सेक्सुअल इंफेक्शन न हो, इस बात को आप हाइजीन का ख़्याल रखकर ही सिक्योर कर सकते हैं.

5. एक-दूसरे के ऊपर अपनी मर्ज़ी नहीं थोपेंगे

प्यार में अक्सर कपल्स एक-दूसरे को ख़ुश करने के लिए पार्टनर की हर इच्छा को पूरी करते हैं, पर इस ख़ुशी को मजबूरी कभी न बनने दें. कैसे कपड़े पहनने हैं, कैसा व्यवहार करना है, किस तरह बातचीत करनी है… जैसी हज़ार चीज़ें हैं, जो न्यूली मैरिड कपल्स
एक-दूसरे पर थोपते हैं. पार्टनर की मर्ज़ी, हो न हो, अपनी मर्ज़ी चलाना अच्छी बात नहीं. आप दोनों इंडिपेंडेंट हो, वर्किंग हो, तो ज़ाहिर है,
बहुत-सी चीज़ें जानते हैं. ऐसे में यह ध्यान रखें कि कुछ भी करने से पहले पार्टनर की सलाह लें, चाहे बात सेक्सुअल रिलेशन की ही क्यों न हो. आपकी मर्ज़ी है, स़िर्फ इसलिए कुछ भी न करें.

6. हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करने में एक-दूसरे की मदद करेंगे

आज की हमारी लाइफस्टाइल में हेल्थ और फिटनेस बहुत ज़रूरी हो गया है, ऐसे में डायट से लेकर एक्सरसाइज़ तक दोनों को
एक-दूसरे को फिट रखने में मदद करनी होगी. यहां प्रॉब्लम तब आएगी, जब एक पार्टनर फूडी और दूसरा बहुत ही ज़्यादा फिटनेस कॉन्शियस होगा. यहां आप दोनों को बैलेंस करना होगा. और बात तब भी बिगड़ सकती है, अगर आप दोनों ही फूडी और आलसी हैं. ऐसे में दोनों को ही एक-दूसरे को मोटिवेट करना होगा. सुबह या शाम की रोज़ाना वॉक आप दोनों के साथ-साथ आपकी मैरिड लाइफ को भी हेल्दी बनाए रखेगी. तो आज ही एक-दूसरे से वचन लें कि दोनों मिलकर हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएंगे.

7. सभी ख़र्चों की ज़िम्मेदारी दोनों की बराबर होगी

हैप्पी मैरिड लाइफ में फाइनेंस की भी अहम् भूमिका होती है. घर ख़र्च से लेकर इन्वेस्टमेंट और सेविंग्स दोनों की ही ज़िम्मेदारी है, क्योंकि यह आप दोनों की गृहस्थी है. सेविंग्स की ज़िम्मेदारी स़िर्फ पति की नहीं, बल्कि पत्नी की भी है. पति-पत्नी चाहें, तो ज़िम्मेदारियां बांट लें, जैसे पत्नी घर ख़र्च देखेगी, पति इन्वेस्टमेंट और सेविंग्स. और जो भी
इमर्जेंसी ख़र्च होगा, उसके लिए एक अलग से अकाउंट बनाकर कुछ पैसे दोनों रखते जाएंगे. ऐसे में किसी एक पर फाइनेंशियल प्रेशर नहीं होगा और आप दोनों की ही ज़िंदगी स्ट्रेस फ्री और ख़ुशहाल होगी.

सात फेरे के ये सात क़दम भी ज़रूर लें

1. अगर पत्नी का मायका और ससुराल एक ही शहर में है, तो महीने में कम से कम एक बार पत्नी को न स़िर्फ मायके जाने देंगे, बल्कि उसके साथ ख़ुद भी सास-ससुर का
हालचाल लेने जाएंगे.

2. जॉइंट फैमिली में नहीं रहते हैं, तो हर हफ़्ते अपने पैरेंट्स से मिलें. नई बहू के लिए सास-ससुर और ससुराल के बाकी सदस्यों से मेल-मिलाप बहुत ज़रूरी है.

3. हर दूसरे या तीसरे महीने कोई नई जगह देखने जाएं, क्योंकि एक बार बच्चे हो गए, तो कुछ समय के लिए घूमना-फिरना कम हो जाएगा, इसलिए अभी एक-दूसरे के साथ नई-नई जगहें देखें और क्वालिटी समय बिताएं.

4. वैसे तो हर हफ़्ते एक नई फिल्म रिलीज़ होती है, लेकिन महीने में कोई न कोई ख़ास फिल्म होती है, जिसे देखने ज़रूर जाएं.

5. 15-20 दिन या महीने में एक बार कैंडल लाइट डिनर पर जाने से मैरिड लाइफ में रोमांस बना रहता है और डेली रूटीन से भी ब्रेक मिल जाता है.

6. किसी दोस्त या रिश्तेदार से अपने पार्टनर को मिलाने ले जाएं. नए-नए लोगों से मिलने से मैरिड लाइफ में रोमांच बना रहता है.

7. ख़ुद को और पार्टनर को स्ट्रेस फ्री और पैंपर करने के लिए किसी स्पा ज़रूर ले जाएं.

– संतारा सिंह

यह भी पढ़ें: किस राशिवाले किससे करें विवाह? (Perfect Life Partner According To Your Zodiac Sign)

नए रिश्तों से भरे-पूरे परिवार को ख़ुश रखने की ज़िम्मेदारी नई बहू पर होती है. सभी की उम्मीदों पर ख़री उतर पाऊंगी या नहीं, जैसे कई सवाल उसके मन में उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं. दुल्हन की इन्हीं उलझनों को सुलझाने (Happy Tips For NewlyWeds) के लिए हमने बात की मैरिज काउंसलर ज़ीनत भारद्वाज से.

Happy Tips For NewlyWeds

हैप्पी टिप्स नई दुल्हन के लिए (Happy Tips For NewlyWeds)

1. बच्चों को दें भरपूर प्यार

सबसे पहले परिवार के बच्चों से दोस्ती करें. उनकी फेवरेट चीज़ें देकर उन्हें ख़ुश रखें और ढेर सारा प्यार करें. बच्चे ख़ुश रहेंगे, तो घर के बाकी सदस्य अपने आप ख़ुश रहेंगे.

2. बड़े-बुज़ुर्गों के लिए बच्चे बन जाएं

घर के बड़े-बुज़ुर्गों के साथ थोड़ी देर बैठें, उनसे बातें करें. उनसे बात करते समय बहुत ज़्यादा मैच्योरिटी की बजाय थोड़ा बचपना दिखाएं और अपनी शरारतों के बारे में उन्हें बताएं, उन्हें बहुत अच्छा लगेगा.

3. हमउम्र को बनाएं दोस्त

ननद, देवर, रिश्तेदारों के बच्चे, जो भी आपके हमउम्र हैं, उनसे दोस्तों की तरह ही व्यवहार करें. बहुत ज़्यादा दिखावा करने की बजाय, जैसी हैं, वैसी ही रहें. याद रखें, आपकी इन्हीं ख़ूबियों के कारण आपके ससुरालवाले आपको पसंद करते हैं.

4. हर व़क्त हो चेहरे पर मुस्कान

हंसता हुआ चेहरा किसी भी उदास चेहरे को मुस्कुराने पर मजबूर कर देता है. आपके चेहरे की मुस्कान देखकर परिवार के हर सदस्य का चेहरा खिल उठेगा.

5. रिश्तेदारों को घरवालों जैसा प्यार दें

शादी में दूर-दूर के रिश्तेदार इकट्ठा होते हैं. उनसे परिवार के सदस्यों जैसा व्यवहार करें. रिश्तेदारों को यह बहुत अच्छा लगता है कि नई बहू उनसे अजनबियों जैसा व्यवहार नहीं कर रही.

6. नए घर की ख़ुशहाली की ज़िम्मेदारी आपकी है

आपको यह समझना होगा कि आपकी शादी स़िर्फ एक पुरुष से नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार से हुई है. इसलिए स़िर्फ पति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी आपकी है.

7. आपका ख़ुश रहना ख़ुद आपके हाथ में है

ख़ुशियां आपको अपनी शादी से मिली हैं, उन्हें ताउम्र बनाए रखना आपके ही हाथ में है. आपकी ही तरह आपके ससुराल वाले भी काफ़ी दुविधा में होंगे कि नई दुल्हन उन्हें दिल से अपनाएगी या नहीं. इसलिए अपने नए घर को प्यार और ख़ुशियों से भर दें. सास-ससुर को माता-पिता मानें, इससे आप भी ख़ुश रहेंगी और आपके ससुरालवाले भी.

8. हर पल को एंजॉय करें

भविष्य की चिंता छोड़कर इन सुनहरे पलों को एंजॉय करें. परिवार को संभालना, ज़िम्मेदारियां पूरी करना, सभी की उम्मीदों पर खरी उतरना, तो उम्रभर लगा रहेगा. फ़िलहाल जो व़क्त है, उसे एंजॉय करें और ख़ुद के साथ-साथ दूसरों को भी ख़ुश रखें.

9. सुपरवुमन बनने की कोशिश न करें

नई बहू के लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि वह उतनी ही ज़िम्मेदारियां उठाए, जितना वह निभा सकती है. सारी ज़िम्मेदारियां लेकर चिड़चिड़ी होने की बजाय परिवार में बांटना सीखें. सुपरवुमन बनने के चक्कर में अपनी सेहत की दुश्मन न बनें.

यह भी पढ़ें: हर किसी को जाननी चाहिए सेक्स से ज़ुड़ी ये 35 रोचक बातें

Happy Tips For NewlyWeds

कुछ टिप्स दूल्हे राजा के लिए भी (Happy Tips For NewlyWeds)

10. नई-नवेली दुल्हन को इस नए माहौल में सहज महसूस करवाना आपका फ़र्ज़ है. उसने आंखों में कई सपने संजो रखे हैं, जिन्हें वो आपके साथ पूरा करना चाहती है. उसकी हर छोटी-बड़ी ख़ुशियों का ध्यान रखना अब आपकी ज़िम्मेदारी है.

11. पत्नी को पत्नी न समझकर दोस्त समझें. उससे कुछ दुराव-छिपाव न करें, जो भी है, खुले दिल से उसे बताएं. ग सभी के दिलों में अपनी जगह बनाने के लिए उसे हर व़क्त आपकी ज़रूरत पड़ेगी. उसका सपोर्ट सिस्टम बनकर उसकी मदद करें.

12. कमियां हर किसी में होती हैं, इसलिए उसकी अच्छाइयों को देखें और परिवारवालों के सामने उन्हें दिखाने की कोशिश करें.

13. उसकी छोटी-छोटी ग़लतियों को नज़रअंदाज़ करें, फ़िर देखें कि कैसे आपकी शादी दूसरों के लिए एक उदाहरण बन सकती है.

14. ससुराल में अपनी पत्नी के लिए एक सम्माननीय स्थान बनाना आपका काम है. आप जिस नज़र से अपनी पत्नी को देखेंगे, जिस तरह उसके साथ व्यवहार करेंगे, परिवार के बाकी सदस्य भी वही फॉलो करेंगे.

ये भी पढें: ज़िद्दी पार्टनर को कैसे हैंडल करेंः जानें ईज़ी टिप्स

Happy Tips For NewlyWeds

ससुरालवाले भी समझें (Happy Tips For NewlyWeds)

15. बहू को बेटी कहने भर से वह बेटी नहीं हो जाती, उसके साथ बेटी जैसा व्यवहार भी करना होता है.

16. जो छूट और आज़ादी आप अपनी बेटी को देते थे, वही बहू को भी दें. बहू का टैग लगाकर रिश्ते को बोझिल न बनाएं.

17. अगर आप अपनी बहू को भरपूर प्यार और अपनापन देंगे, तो वह भी आपकी और आपके बेटे की ज़िंदगी को ख़ुशियों से भरने में कोई कमी नहीं रखेगी.

18. घर के बड़े होने के नाते छोटों के लिए प्रेरणा स्रोत व उदाहरण बनें. अगर आप अपनी पत्नी की इज़्ज़त करेंगे, तो बेटा कभी भी अपनी पत्नी की बेइज़्ज़ती नहीं करेगा.

19. छोटा-बड़ा कोई भी निर्णय लेते समय बहू की राय ज़रूर मांगें. इससे उसका आत्मविश्‍वास बढ़ेगा और परिवार के लिए बेहतर सोच की उसमें भावना बढ़ेगी.

– अनीता सिंह

ये भी पढें: बेहतर रिश्ते के लिए पति-पत्नी जानें एक-दूसरे के ये 5 हेल्थ फैक्ट्स