Nirbhaya

आज सिर्फ निर्भया को न्याय नहीं मिला है, निर्भया की मां (Nirbhaya’s Mother) आशा देवी (Asha Devi) के संघर्ष को भी न्याय मिला है. निर्भया की मां आशा देवी ने जिस तरह अपनी बेटी को खोने के बाद उसके दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए संघर्ष किया है, वो पूरे देश के लिए एक मिसाल है. निर्भया की मां आशा देवी ने भारतीय क़ानून व्यवस्था से सात साल बिना थके, बिना रुके, बिना डरे लड़कर देश को दी न्याय की आशा दी है. निर्भया के दोषियों को मिली सज़ा के बाद अब बलात्कारियों के मन में मौत का खौफ़ ज़रूर होगा और देश की बेटियां बेखौफ़ होकर घर से निकल सकेंगी.

asha devi Nirbhaya's Mother

ये है देश की बेटियों की जीत!
निर्भया के दोषियों को फांसी की सज़ा मिलने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, ये देश की बेटियों की जीत है. जैसा कि हम सब जानते हैं निर्भया के दोषियों के वकील ने दोषियों को बचाने की हर मुमकिन कोशिश की, निर्भया के केस को सात साल तक न्याय नहीं मिलने दिया, लेकिन निर्भया की मां आशा देवी ने हार नहीं मानी, वो अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करती रहीं.

सच की हमेशा जीत होती है
निर्भया के चारों दोषियों विनय कुमार शर्मा (Vinay Kumar Sharma), पवन कुमार गुप्ता (Pawan Kumar Gupta), मुकेश सिंह (Mukesh Singh) और अक्षय कुमार सिंह (Akshay Kumar Singh) को आज यानी शुक्रवार, 20 मार्च 2020 को सुबह 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया है. आज यानी 20 मार्च 2020 का दिन इतिहास में निर्भया न्याय दिवस के रूप में दर्ज हो गया है. आज का दिन सही मायने में बेटियों के नाम है. आज देश की सभी बेटियों और उनके माता-पिता का देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा और बढ़ जाएगा. निर्भया के दोषियों को फांसी की सज़ा मिलने पर देशभर में ख़ुशी की लहर देखने को मिल रही है.

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निर्भया की मां आशा देवी के संघर्ष को पूरे देश का सलाम!
आप निर्भया की मां आशा देवी के संघर्ष के लिए क्या कहना चाहते हैं, हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं!

निर्भया (Nirbhaya) को आखिरकार सात साल बाद न्याय मिल गया है. निर्भया के चारों दोषियों विनय कुमार शर्मा (Vinay Kumar Sharma), पवन कुमार गुप्ता (Pawan Kumar Gupta), मुकेश सिंह (Mukesh Singh) और अक्षय कुमार सिंह (Akshay Kumar Singh) को आज यानी शुक्रवार, 20 मार्च 2020 को सुबह 5:30 बजे फांसी पर लटका दिया गया. आज के दिन को निर्भया न्याय दिवस के रूप में मनाया जाएगा. आज का दिन सही मायने में बेटियों के नाम है. आज देश की सभी बेटियों और उनके माता-पिता का देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा और बढ़ जाएगा. निर्भया के दोषियों को फांसी की सज़ा मिलने पर देशभर में ख़ुशी की लहर देखने को मिल रही है.

निर्भया को सात साल बाद मिला न्याय
निर्भया केस में दोषियों को सज़ा न मिल पाने से लोगों के मन में आक्रोश था. आख़िरकार आज की सुबह निर्भया न्याय दिवस के रूप में बेटियों के लिए एक उम्मीद की किरण लेकर आई है. अब देश की बेटियां घर से बाहर निकलने से डरेंगी नहीं. देश की बेटियों के माता-पिता को भी इस बात की तसल्ली रहेगी कि भारत की न्याय व्यवस्था उनके और उनकी बेटियों के साथ है.

बलात्कारियों को सज़ा का डर होना ज़रूरी है
निर्भया के दोषियों को सज़ा मिलने से अब बलात्कारियों के मन में सज़ा का डर होगा और बलात्कार के मामले ज़रूर कम होंगे. देश की बेटियां बिना डरे घर से बाहर निकल सकेंगी. बेटियों के माता-पिता भी निश्चिंत होकर अपनी बेटियों को घर से बाहर भेज सकेंगे.

निर्भया न्याय दिवस पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं.

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पूरे देश को झकझोर कर रख देनेवाले निर्भया रेप कांड को आज 4 साल पूरे हो गए हैं. 16 दिसंबर 2012 की काली रात को चलती बस में मासूम निर्भया के साथ हुई दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया, मगर दिल दहला देने वाली इस घटना के इतने साल बाद भी क्या महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में ठोस प्रयास हुए हैं? क्या महिलाएं अब ख़ुद को सुरक्षित महसूस करती हैं? क्या बिना डर के रात के अंधेरे में वो अकेली कहीं आ-जा सकती हैं? देर रात बेटी के आने पर क्या माता-पिता बेफिक्र रहते हैं? इन सारे सवालों का जवाब ‘नहीं’ है.

कहां हैं आरोपी?
निर्भया रेेप कांड के 6 गुनहगारों में से एक पहले ही सुसाइड कर चुका है और नाबालिग आरोपी 3 साल की मामूली सज़ा के बाद जेल से छूट चुका है. बाकी 4 गुनहगारों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हो रही है. चारों ने दिल्ली हाईकोर्ट के मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है. 2012 में इस घटना के ख़िलाफ़ पूरा देश एकजुट दिखा था, मगर लगता है अब लोगों की याददाश्त पर समय की धूल जम चुकी है. निर्भया के माता-पिता हर सुनवाई पर कोर्ट के चक्कर लगाते हैं, इस उम्मीद के साथ कि उनकी बेटी को शायद अब इंसाफ मिल पाए.

निर्भाया रेप कांड के बाद सरकार ने ये क़दम उठाए थे
* बलात्कार विरोधी विधेयक पारित करके रेप और गैंगरेप के लिए अधिकतम आजीवन कारावास की सज़ा का प्रावधान किया गया.
* यदि कोई आरोपी दोबारा ऐसा अपराध करता है, तो उसे मृत्युदंड का प्रावधान किया गया.
* चार साल पहले केंद्र ने 1000 करोड़ रुपए से ‘निर्भया फंड’ बनाया था.
* अब यह फंड 4 हजार करोड़ का हो चुका है. पर इसका 10% भी इस्तेमाल नहीं हुआ है.

अपराधियों के मन में सज़ा का ख़ौफ़ पैदा कर पाने में क्यों नाकाम है क़ानून?
स़िर्फ राजधानी दिल्ली ही महिलाओं के लिए असुरक्षित है ऐसा नहीं है, देश के तक़रीबन हर शहर, गांव-कस्बों में महिलाओं/बच्चियों के सेक्सुअल एब्यूज़ की ख़बरें आती रहती हैं और इन अपराधों में अभी तक किसी भी गुनहगार को ऐसी सख़्त सज़ा नहीं मिल पाई है, जो अन्य अपराधियों के लिए सबक बने या जिससे उनके मन में क़ानून का डर पैदा हो. नेशनल क्राइम ब्यूरो के आंकड़ों से साफ़ पता चलता है कि 16 दिसंबर की घटना के बाद भी कुछ बदला नहीं है.

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नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक साल 2015 में भी देश की राजधानी दिल्ली में रोज़ 6 बलात्कार और 15 मोलेस्टेशन के केस दर्ज होते रहे.

NCRB के मुताबिक भारत में हर साल हुए इतने रेप:
2011- 24,206
2012- 24,923
2013- 33,707
2014- 37,000
2015- 34,651

आवाज़ उठाना है ज़रूरी
आमतौर पर महिलाएं ऐसे मामलों में जल्दी आवाज़ नहीं उठा पातीं, वो डरती हैं. ख़ासतौर पर अपने ही घर व रिश्तेदारों द्वारा सेक्सुअली एब्यूज़ होने पर अक्सर उन्हें चुप रहने की सलाह दी जाती है, जो ग़लत है. यदि बेटी मां से कहती है कि फलां चाचा/मामा या व्यक्ति ने मुझे गंदी निगाह से देखा, ग़लत तरी़के से छुआ, कुछ कमेंट किया… तो उससे ये न कहें, ‘छोड़ो न बेटी’, बल्कि उसकी बात को गंभीरता से सुनें और उसे विरोध करना सिखाएं. उसमें इतनी हिम्मत और आत्मविश्‍वास जगाएं कि यदि कोई भीड़ में उसके साथ छेड़खानी करने की कोशिश करे, तो वो चिल्लाकर उसका विरोध कर सके. यदि आज आप एक व्यक्ति द्वारा की गई ग़लत हरकत को बर्दाश्त करती हैं, तो कल को चार और लोगों की हिम्मत बढ़ जाएगी, लेकिन आप यदि उसी वक़्त विरोध करती हैं, तो दोबारा कोई ऐसा करने से पहले 10 बार सोचेगा ज़रूर. अपने ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए बहुत ज़रूरी है कि महिलाएं अपनी चुप्पी तोड़ें.

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ख़ुद करें अपनी हिफाज़त
अपनी सुरक्षा सुनिश्‍चित करने के लिए ख़ुद महिलाओं को भी पहल करनी होगी. सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग के साथ ही हर समय अलर्ट व जागरूक भी रहना होगा. अपनी सेफ्टी के लिए इन बातों का ख़्याल रखें.

* सड़क पर चलते समय अपनी ही धुन में न रहें, अपने आसपास की चीज़ों व लोगों पर नज़र रखें.

* अपने परिवार वालों और क़रीबी दोस्तों को इस बात की जानकारी अवश्य दें कि आप कहां और किसके साथ हैं.

* महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग भी ज़रूरी है.

* कहते हैं, महिलाओं का सिक्स्थ सेंस (छठी इंद्रिय) बहुत स्ट्रॉन्ग होती है. अतः आपको किसी व्यक्ति की हरकत या बातचीत के तरी़के पर यदि किसी  तरह का संदेह होता है, तो उस व्यक्ति से दूर रहें. संभव हो, तो वहां से चली जाएं.

* रास्ते में किसी भी अनजान शख़्स से भले ही वो कितना भी सभ्य दिखे, लिफ्ट लेने की ग़लती न करें.

* रात में रास्ते से कोई भी कैब लेने की बजाय टैक्सी स्टैंड से ही कैब लें. ऑटो भी प्री-पेड बूथ से लें, तो अच्छा रहेगा.

* यदि बस से जाना हो, तो ऐसी बस में न चढ़ें, जिसमें स़िर्फ ड्राइवर व कंडक्टर हों. 4-5 लोग हों तो, भी बस में न चढ़ें. कई बार ये लोग ड्राइवर-कंडक्टर  के दोस्त या जानकार ही होते हैं.

* ऑटो/कैब से जा रही हैं, तो आपको रास्ते की जानकारी होनी चाहिए. जिस इलाके में आपको जाना है, उसके बारे में जान लें और रोड मैप अपने पास  रखें या अपने स्मार्ट फोन में गूगल मैप का इस्तेमाल करें.

* ऑटो या टैक्सी का नंबर अपने मोबाइल में टेक्स्ट के रूप में तैयार रखें. थोड़ी भी गड़बड़ी लगे, तो अपने किसी दोस्त या जानकार को नंबर एसएमएस  कर दें.

* आजकल कई सेफ्टी ऐप्स भी मौजूद हैं, जिसे आप अपने स्मार्टफोन पर डाउलोड करके ख़ुद को प्रोटेक्ट कर सकती हैं. अपने स्मार्टफोन पर ये आप ये  ऐप्स डाउनलोड कर सकती हैं – Safetipin, Raksha – women safety alert, Himmat, Women safety, Smart 24×7, Shake2Safety, bSafe.

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कार चलाते समय रहें सावधान

* गाड़ी में सेंट्रल लॉक लगाकर ड्राइव करें. एसी है तो शीशे चढ़ाकर रखें. यदि न हो, तो खिड़की लॉक करके रखें. बस, एक ही शीशा खोलें.

* गाड़ी में तेज़ म्यूज़िक न चलाएं. ड्राइव करते समय फोन पर बात न करें.

* रात के व़क्त बेसमेंट में कार पार्क करने से बचें. वहां मोबाइल काम करना बंद कर सकता है. गाड़ी रोशनी वाली जगह पर पार्क करें.

* यदि सड़क पर अचानक कार ख़राब हो जाए, तो सबसे पहले अपने घरवालों या किसी ऐसे दोस्त/जानकार को फोन करके अपनी स्थिति के बारे में  बताएं, जो पास में रहता हो. तुरंत कार हेल्पलाइन को बुलाएं. ये नंबर हमेशा मोबाइल में होना चाहिए.

* अगर कोई कार या बाइक लगाकर, पेड़ आदि गिराकर या फिर एक्सीडेंट का बहाना बनाकर आपका रास्ता रोक ले, तो घबराकर गाड़ी से उतरें नहीं.  खिड़की-दरवाज़े लॉक करके कार में ही बैठी रहें और पुलिस को कॉल करें. यदि सामने वाला उतरकर आपकी कार की तरफ़ आने लगे, तो जल्दी से  कार रिवर्स करके भगा लें.

हिफ़ाज़त के हथियार
अपने पास हमेशा कुछ ऐसी चीज़ें रखें, जिससे अचानक अपराधी से सामना होने पर आप उस पर हमला करके ख़ुद को बचा सकें.

* हमलावर की आंखों पर डियोड्रेंट स्प्रे करें.

* अपने पास पेपर स्प्रे (मिर्च का स्प्रे) रखें. इसे हमलावर की आंखों पर स्प्रे करें.

* पर्स में नेल फाइलर, नेलकटर, पेपर कटर आदि रखें.

* पर्स भी आपका हथियार बन सकता है. पर्स को घुमाकर कसकर हमलावर के मुंह पर मारें.

* यदि आपने हाई हील सैंडल पहन रखी हैं, तो उनसे हमलावर के चेहरे पर ज़ोर से मारें.

* बेल्ट से भी ज़ोरदार वार किया जा सकता है.

– कंचन सिंह

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हाल ही में महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ रहे आपराधिक मामलों से निपटने और उनकी सुरक्षा के लिए कई मोबाइल और सॉफ्टवेयर कंपनियों ने सेफ्टी ऐप्स लॉन्च किए हैं. सावधानी और सुरक्षा के ज़रिए ही हम किसी भी अनजाने ख़तरे से ख़ुद को बचा सकते हैं. इसीलिए हम अपने पाठकों के लिए ख़ासतौर पर कुछ चुनिंदा सेफ्टी ऐप्स लेकर आए हैं, जिन्हें ऑपरेट करना बेहद आसान है. आइए, जानें ऐसे ही कुछ लेटेस्ट सेफ्टी ऐप्स के बारे में.

 

निर्भया

दिसंबर, 2012 में दिल्ली में दिल दहला देनेवाली घटना के बाद स्मार्टक्लाउड इंफोटेक ने निर्भया नामक सेफ्टी ऐप बनाया. यह एक एन्ड्रॉइड ऐप है यानी जिनके फोन में एंड्रॉइड है, वो ही इसे डाउनलोड कर सकते हैं. इसे आप बड़ी ही आसानी से स्टेप-बाई-स्टेप फॉलो करके डाउनलोड कर सकते हैं. एक बार ऐप आपके मोबाइल में इंस्टॉल हो गया, तो किसी भी आपातकालीन स्थिति में निर्भया शॉर्ट कट हॉट की पर एक बार क्लिक करने मात्र से यह हॉट की में स्टोर कॉन्टैक्ट्स को मदद के लिए मैसेज और आपकी लोकेशन भेज देता है, ताकि जल्द से जल्द आप तक मदद पहुंच सके.

फाइट बैक

यह ऐप जीपीएस यानी ग्लोबल पोज़ीशनिंग सिस्टम के माध्यम से मोबाइल यूज़र को ट्रैक करता है और किसी भी आपातकालीन स्थिति में पैनिक बटन प्रेस करने पर आपकी लोकेशन को आपके कॉन्टैक्ट्स को एसएमएस या ईमेल के ज़रिए भेज देता है. साथ ही यह गूगल मैप पर भी आपकी लोकेशन भेज देता है. इस ऐप के लिए आपका मोबाइल ऑनलाइन मोड पर होना चाहिए. साथ ही इसमें वैलिड सिमकार्ड व जीपीआरएस कनेक्शन होना चाहिए.

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हेल्प अलर्ट

इमर्जेंसी में यह आपके कॉन्टैक्ट्स पर आपकी लोकेशन के साथ-साथ आपकी वॉइस रिकॉर्डिंग भी भेजता है. साथ ही एक क्लिक के साथ यह आपके फेसबुक स्टेटस को मदद के लिए अपडेट कर देता है. अलर्ट मैसेजेस आपके कॉन्टैक्ट्स को तब तक जाते रहेंगे, जब तक कि मोबाइल यूज़र ख़ुद कोड डालकर उसे बंद न कर दे.

गो सुरक्षित

इस ऐप की ख़ास बात यह है कि इसमें आप 10 लोगों को एक साथ मैसेज भेज सकते हैं. मुसीबत के व़क्त पावर बटन को 4 बार दबाने से यह ऐप एक्टीवेट हो जाएगा और आपके कॉन्टैक्ट्स पर एसएमएस भेजने लगेगा. एसएमएस में आपकी लोकेशन के साथ-साथ मैसेज और लिंक के ज़रिए मैप पर एक्ज़ैक्ट लोकेशन भी जाएगा. इसमें मौजूद लाउड अलार्म के ज़रिए आप शोर मचाकर आस-पास से मदद भी मांग सकती हैं.

दामिनी

इस ऐप की ख़ास बात है इसके वीडियोज़. ऐप एक्टीवेट करने पर मोबाइल का कैमरा भी अपने आप ऑन हो जाता है, जो वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर देता है. मैसेज के साथ-साथ यह आपके कॉन्टैक्ट्स को वीडियो लिंक्स भी भेजता रहता है. इस ऐप में आप अपना अलर्ट ग्रुप भी बना सकते हैं.

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स्क्रीम अलार्म

जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि यह औरत की चिल्लाने की ऊंची आवाज़वाला ऐप है. इसके लिए आपको स़िर्फ ऐप का बटन प्रेस करना होगा और किसी के कान के पास लगा देना है. इससे उसका कान डैमेज हो जाएगा. साथ ही इतना शोर होगा कि अगल-बगल के लोगों को इसकी ख़बर हो जाएगी. इसकी मदद से आप किसी भी ख़तरे को ख़ुद से दूर कर सकती हैं.

विद यू

यह चैनल वी के प्रोग्राम गुमराह द्वारा शुरू किया गया ऐप है. बाकी ऐप्स की तरह इसे भी डाउनलोड करके एक्टिवेट करें. ज़रूरत के व़क्त मदद के लिए एक्टिवेट बटन पर दो बार क्लिक करें. एक्टिवेट होते ही ऐप आपके सेव किए हुए कॉन्टैक्ट्स को ऑटोमैटिकली मदद के लिए मैसेज और लोकेशन भेजना शुरू कर देता है और जब तक स्टॉप न किया जाए, हर दो मिनट में मैसेज भेजता रहता है. इसके अलावा इस ऐप में कई सेफ्टी टिप्स भी दिए गए हैं, जो महिलाओं के लिए काफ़ी उपयोगी सिद्ध होंगे.

आईफॉलो

यह ऐप एक्टिवेट करने के बाद अपने प्राइम कॉन्टैक्ट्स को कॉल करने के लिए आपको अपने मोबाइल को स़िर्फ हिलाना होगा और आपका कॉल लग जाएगा. प्राइम कॉन्टैक्ट्स में आप तीन लोगों के नंबर ऐड कर सकती हैं. अगर कभी
किसी मुसीबत में फंस जाएं, तो आपको स़िर्फ अपने मोबाइल को 5 सेकंड के भीतर तीन बार हिलाना होगा और आपके पहले कॉन्टैक्ट को कॉल जाएगा, अगर उन्होंने तुरंत रिस्पॉन्स नहीं दिया, तो ऐप तीनों कॉन्टैक्ट्स पर मैसेज और लोकेशन भेज देगा. इसके साथ ही जैसे-जैसे आपका लोकेशन बदलेगा, हर 10 मीटर पर आपके कॉन्टैक्ट्स को मैसेज जाता रहेगा.

– संतारा सिंह

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