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जब हो सात फेरों में हेरा-फेरी (Matrimonial Frauds In Hindu Marriages In India)

सात फेरों का बंधन सबसे पवित्र माना जाता है, लेकिन अगर शादी के बाद आपको पता चले कि इस पवित्र बंधन की नींव ही धोखे पर रखी गई है, तो आपका ही नहीं, बहुतों का इस रिश्ते से विश्‍वास ही उठ सकता है. बदलते समय और स्मार्ट होती टेक्नोलॉजी ने फ्रॉड करने के कई नए तरी़के इजाद कर दिए हैं. सात फेरों से जुड़े ऐसे ही फ्रॉड के बारे में हमने यहां जानने की कोशिश की है.

Hindu Marriages In India

फ्रॉड के बारे में क्या कहता है क़ानून?

शादी से जुड़े फ्रॉड का मतलब है, पति या पत्नी में से किसी एक का अपने बारे में ऐसी ज़रूरी बातों को छिपाना या उनके बारे में ग़लत जानकारी देना, जिनके बारे में अगर शादी से पहले पति या पत्नी को पता होता, तो वो हरगिज़ यह शादी न करती/करता.

हिंदू मैरिज एक्ट और फ्रॉड

हिंदू मैरिज एक्ट में शादी से जुड़े फ्रॉड यानी धोखाधड़ी को शादी अमान्य कराने के क़ानून के तहत रखा गया है यानी ऐसा क़ानून जो धोखाधड़ी होने पर आपकी शादी को निरस्त कर देता है और ऐसा माना जाता है कि आपकी शादी कभी हुई ही नहीं थी. धोखाधड़ी के मामले में धोखे के बारे में पता चलते ही आप एक्शन ले सकते हैं और उसकी वजह यह है कि धोखाधड़ी के ज़्यादातर मामले शादी की पहली रात या फिर कुछ ही दिनों में पर्दाफ़ाश हो जाते हैं, इसलिए क़ानून शादी को रद्द या अमान्य कराने का प्रावधान देता है.

शादी की अमान्यता और तलाक़ में फ़र्क़

–  शादी की अमान्यता यानी शादी को रद्द कराना, जिसके बाद आपका स्टेटस वही होगा, जो शादी के पहले था यानी अगर आप कुंवारी थीं, तो कुंवारी ही मानी जाएंगी, जबकि तलाक़ के बाद आपका स्टेटस तलाक़शुदा का हो जाता है.

–   शादी की अमान्यता के लिए कोई समयावधि नहीं है, आप जितनी जल्दी चाहें, अप्लाई कर सकते हैं, जबकि तलाक़ के लिए आपको पूरे एक साल तक इंतज़ार करना पड़ता है.

–  दोनों के लिए ही अप्लाई करने की विस्तृत वजहें क़ानून में दी गई हैं.

धोखाधड़ी के लिए सज़ा

अगर कोई अपनी पहली शादी के बारे में छिपाकर दूसरी शादी करता है, तो उसे 10 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है. इसके लिए आपको दो चीज़ें साबित करनी पड़ेंगी-

  1. ग़लत इरादे से शादी करना और
  2. पहली शादी के बारे में दूसरी पार्टी को जानकारी न होना.
किन मामलों में अमान्य हो सकती है शादी?

–  अगर शादी के समय पति या पत्नी में से कोई पहले से ही शादीशुदा है.

–   पति या पत्नी में से कोई किसी गंभीर मानसिक बीमारी से ग्रस्त है.

–   शादी के समय पति नपुंसक हो.

–   अगर लड़का या लड़की उस रिश्ते में आते हैं, जिनके बीच शादी करना मना है. लड़की अपनी मां के परिवार की तीन पीढ़ी और पिता के परिवार की पांच पीढ़ी के किसी भी सदस्य से शादी नहीं कर सकती. ऐसी शादी अमान्य मानी जाएगी.

–   अगर लड़की 18 साल से छोटी या लड़का 21 साल से कम उम्र का है.

–   शादी को पूरा करने के लिए पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध बनना बेहद ज़रूरी है. अगर पति या पत्नी में से कोई दूसरे को इस अधिकार से वंचित रखे.

–   अगर शादी के समय लड़की, लड़के के अलावा किसी तीसरे व्यक्ति से गर्भवती है, तो शादी अमान्य की जा सकती है.

–   शादी की सहमति धोखे से ली गई हो.

–   शादी के बाद पता चले कि पति या पत्नी ने अपने बारे में तथ्य छिपाए या फिर ग़लत तथ्य प्रस्तुत किए, जैसे- उम्र के बारे में, अपनी पहली शादी के बारे में, कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड आदि.

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Matrimonial Frauds

किन-किन तरीक़ों से होते हैं फ्रॉड?
  1. साल 2016 में मीडिया ने तन्मय गोस्वामी के मैट्रीमोनियल फ्रॉड को काफ़ी हाइलाईट किया था, ताकि लोग मैट्रीमोनियल साइट्स के ज़रिए हो रहे धोखे से बच सकें. अलग-अलग मैट्रीमोनियल साइट्स पर फेक प्रोफाइल बनाकर तन्मय गोस्वामी ने क़रीब 30 लड़कियों को शादी के झांसे में फांसकर करोड़ों रुपए लूट लिए थे. इनमें से कई लड़कियों से उसने मंदिरों में शादी भी की थी. तन्मय के ख़िलाफ़ आईटी एक्ट और आईपीसी के तहत धोखाधड़ी के मामले चल रहे हैं. मैट्रीमोनियल साइट्स पर फेक प्रोफाइल बनाकर फ्रॉड करनेवालों के ख़िलाफ़ लड़कियों और उनके परिवारवालों दोनों को सावधान रहना चाहिए.
  2. संगीता और अतुल की शादी के दो सालों बाद भी जब संगीता मां नहीं बन पाई, तब अतुल उसे डॉक्टर के पास ले गया, जहां उसे पता चला कि संगीता का यूटेरस ही नहीं है. इतनी बड़ी बात उससे छिपाई गई, इसलिए उसने कोर्ट में अपनी पत्नी और उसके परिवारवालों के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी का केस फाइल किया, साथ ही शादी को अमान्य करने की मांग भी की.
  3. एक लड़का और लड़की मैट्रीमोनियल साइट के ज़रिए मिलते हैं. लड़की के घरवाले लड़के को बताते हैं कि उसका तलाक़ हो चुका है, पर लड़के को कोई ऐतराज़ नहीं होता, क्योंकि वो ख़ुद तलाक़शुदा होता है. शादी के तुरंत बाद लड़की के घरवाले लड़के को बताते हैं कि दरअसल लड़की की शादी दो बार टूट चुकी है. लड़के के लिए चौंकानेवाली बात थी, क्योंकि वो एक ही शादी टूटने की बात को जानता था. उसे लगता है उसके साथ धोखा हुआ है. अपनी पत्नी से वह बात करने की कोशिश करता है, पर वो वहां से चली जाती है. किसी भी तरह से लड़की और उसके घरवालों से संपर्क न हो पाने के कारण लड़का तथ्यों को छिपाने और शारीरिक संबंध न बनने के कारण शादी पूरी न हो पाने के आधार पर शादी को अमान्य कराने में सफल हो जाता है.
  4. कनाडा से एनआरआई इंडिया आता है, शादी करके एक हफ़्ते हनीमून मनाकर वापस अपने देश लौट जाता है और पत्नी उसकी वापसी का इंतज़ार करती रह जाती है. पिछले कुछ सालों में इस तरह के हज़ारों मामले सामने आए, जिनके बाद उनके लिए ‘हनीमून हसबैंड्स’ शब्द का इस्तेमाल होने लगा. हालांकि इस फ्रॉड से मासूम लड़कियों को बचाने के लिए इंडियन पासपोर्ट ऑफिसर्स ने कई कड़े नियम लागू किए हैं, फिर भी इन मामलों पर अभी तक पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई है. आज भी विदेशों से एनआरआई लड़के हिंदुस्तानी लड़कियों से शादी करने देश आते हैं और यह बदस्तूर जारी है.
  5. आजकल बहुत-से ऐसे भी धोखाधड़ी के मामले देखने को मिलते हैं, जहां लड़के की नौकरी, बिज़नेस, काम, प्रॉपर्टी, इन्वेस्टमेंट्स, सेविंग्स, डिग्रीज़ आदि को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है, पर शादी के बाद सारा झूठ सामने आ जाता है.
  6. राजू ने परिवार की सहमति से अपनी पसंदीदा लड़की पूजा से अरेंज मैरिज की. शादी के बाद पूजा ने कभी किसी मन्नत, तो कभी देवी के व्रत के बहाने राजू से दूरी बनाए रखी. शादी के महीने भर बाद जब उसे उल्टियां होने लगीं और डॉक्टर के पास ले गए, तो पता चला, वो प्रेग्नेंट है. इतनी बड़ी धोखाधड़ी से आहत राजू ने तुरंत एक्शन लिया और शादी को अमान्य कराने के लिए कोर्ट में याचिका दाख़िल की, जहां ़फैसला उसके हक़ में हुआ.
शादी से पहले यूं रहें अलर्ट

–   मैट्रीमोनियल साइट्स पर वर/वधू पसंद आने पर उसके बारे में पूरी तरह छानबीन कर लें. पूरी तरह तसल्ली होने के बाद ही रिश्ते में आगे बढ़ें.

–   धोखाधड़ी से बचने के लिए ज़्यादातर लोग रिश्तेदारों के ज़रिए से वर/वधू की तलाश करते हैं, पर यहां भी धोखे की गुंजाइश रहती है, इसलिए शादी से पहले वर/वधू दोनों का किसी प्रतिष्ठित अस्पताल से कंप्लीट मेडिकल चेकअप करवाएं, ताकि नपुंसकता, मानसिक रोग, प्रेग्नेंसी या यूटेरस का न होना जैसी धोखाधड़ी पकड़ी जा सके.

–   शादी से पहले घरवाले भी एक-दो बार लड़के/लड़की से मिलें. अक्सर जो बातें यंगस्टर पकड़ नहीं पाते, वो अनुभवी आंखें पता कर लेती हैं.

–  शादी से पहले वर/वधू में से कोई एक-दूसरे से पैसे, महंगे गिफ्ट्स, कार आदि की मांग करता हैं, तो सतर्क हो जाएं.

–  बहुत बार फ्रॉड करनेवाले सगाई तक का इंतज़ार करते हैं और उसके बाद कभी नौकरी में प्रॉब्लम, तो कभी कोई घरेलू समस्या सुनाकर पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं. ज़्यादातर मामलों में देखा गया है कि बात मोबाइल रिचार्ज से शुरू होती है, जो धीरे-धीरे बढ़ने लगती है. अगर आपके साथ ऐसा कुछ हो रहा हो, तो सतर्क हो जाएं.

–  क़ानून भी आपकी मदद तभी कर सकता है, जब आप अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे और बदमानी के डर को भूलकर धोखेबाज़ के ख़िलाफ़ तुरंत एक्शन लेंगे.

– अनीता सिंह  

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