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जायफल के औषधीय 21 गुण (21 Surprising Ways Nutmeg Can Improve Your Health)

Nutmeg

भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए जायफल (Nutmeg) का इस्तेमाल किया जाता रहा है. मिठाइयों और पकवानों में इसका उपयोग किया जाता है. यह फाइबर, पोषक तत्व, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, मिनरल्स व एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है. लेकिन औषधीय तत्वों से भरपूर जायफल कई बीमारियों को भी दूर करता है. यह अस्थमा, पेट के कीड़े, खांसी, उल्टी, सर्दी-ज़ुकाम, बवासीर आदि में लाभप्रद हैै.

* जायफल और सोंठ को गाय के घी में घिसकर चटाने से बच्चों को ज़ुकाम के कारण होनेवाले दस्त बंद हो जाते हैं.

* यदि बवासीर की समस्या है, तो जायफल को देसी घी में भूनकर सुखा लें. इसे पीसकर आटे में मिलाकर दोबारा देसी घी में सेंक लें. इसमें शक्कर मिलाकर हर रोज़ एक टीस्पून खाली पेट लें.

* 10 ग्राम जायफल के चूर्ण को गुड़ में मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें. एक-एक गोली आधे-आधे घंटे पर देकर ऊपर से थोड़ा गर्म पानी पीने से हैजे के दस्त बंद होते हैं.

* 100 मि.ली. तेल में एक टीस्पून जायफल का चूर्ण मिलाकर धीमी आंच पर गर्म करें. ठंडा होने पर यह तेल हैजे के रोगी के हाथ-पैर पर मलने से दर्द में राहत मिलती है.

* जायफल का एक-दो बूंद तेल, शक्कर या बताशे में डालकर सेवन करने से पेटदर्द व पेट की गैस से छुटकारा मिलता है.

* जायफल के तेल को सरसों के तेल में मिलाकर जोड़ों की पुरानी सूजन पर मलने से त्वचा में गर्मी पैदा होती है. पसीना निकलता है, संधिवात के कारण अकड़े हुए संधि-स्थान खुलते हैं और संधिवात मिटता है.

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* जायफल के तेल का फाहा दांत में रखने से दांत के कीड़े मर जाते हैं और दांत की पीड़ा शांत होती है.

* यदि सिरदर्द हो, तो कच्चे दूध में जायफल घिसकर लेप की तरह माथे पर लगाएं. सिरदर्द में राहत मिलेगी.

* जायफल का तेल मिलाकर बनाया हुआ मलहम घाव पर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाता है.

* जायफल का काढ़ा बनाकर 3-4 बार कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं.

* जायफल, जावित्री व सोंठ को एक साथ पीसकर किसी कपड़े में बांधकर सूंघने से सर्दी-ज़ुकाम की समस्या दूर होती है.

* खांसी से परेशान हैं, तो जायफल को पीसकर इसमें शहद मिला लें. इसे पानी के साथ चाटें.

* जायफल के तेल से मालिश करने पर गठिया रोग की समस्या के साथ-साथ हाथ-पैरों की ऐंठन भी दूर हो जाएगी.

* जायफल को चावल के धोवन में घिसकर पीने से हिचकी व उल्टी बंद हो जाती है.

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* जायफल व लौंग का काढ़ा पीने से भी जोड़ों के दर्द मेंं आराम मिलता है.

* यदि गैस व एसिडिटी की समस्या हो, तो जायफल, जीरा व सोंठ को पीसकर पाउडर बना लें. भोजन के बाद इसे पानी के साथ लें.

* जायफल के टुकड़े को पांच मिनट दांतों के नीचे रखने से दांत के कीड़े मर जाते हैं और कैविटी की समस्या भी दूर होती है.

* आधा टीस्पून जायफल के चूर्ण में आधा टीस्पून लौंग, एक टीस्पून शहद व चुटकीभर बंग भस्म मिलाकर खाने से सांस संबंधी समस्या दूर होती है.

* कान में सूजन हो, तो जायफल को घिसकर लगाने से आराम मिलता है.

* जायफल चेहरे की ख़ूबसूरती भी बढ़ाता है. यदि कील-मुंहासों की समस्या है, तो हर रोज़ चुटकीभर जायफल का सेवन करना चाहिए.

* यदि आपको नींद न आने की समस्या है, तो गाय के घी में जायफल घिसकर पैर के तलुवों और पलकों पर लगाने से अच्छी नींद आती है.

– ऊषा गुप्ता

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