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कैसे निपटें इन 5 मॉडर्न रिलेशनशिप चैलेंजेस से? (How To Manage These 5 Modern Relationship Challenges?)

मॉडर्न लाइफस्टाइल (Modern Lifestyle) ने हेल्थ और जीवन के साथ रिश्तों को भी प्रभावित किया है और कई चुनौतियां (Challenges) खड़ी कर दी हैं. आख़िर क्या हैं ये मॉडर्न रिलेशनशिप चैलेंजेज़ और इन्हें कैसे हैंडल करें? आइए जानें.

Relationship Challenges

चैलेंज 1ः लॉन्ग डिस्टेंस मैरेज

आजकल वर्किंग कपल का ज़माना है. चाहे इसे परिवार की ज़रूरत कहें या मॉडर्न सोसायटी का रिवाज़. जब तक पति-पत्नी एक ही शहर में नौकरी कर रहे हैं,  तब तक तो ठीक है. लेकिन किसी कारण से यदि दोनों को अलग-अलग शहरों में रहना पड़े तो  जटिलताएं आ सकती हैं, क्योंकि अलग शहरों में रहने से पति-पत्नी के रिश्ते में दूरियां बढ़ती हैं और संवादहीनता भी.

ऐसी परिस्थितियों में पति-पत्नी की जो एक-दूसरे से अपेक्षाएं होती हैं, वे पूरी नहीं हो पातीं, क्योंकि दोनों बहुत कम समय के लिए एक-दूसरे से मिलते हैं और इतने कम समय में दोनों एक-दूसरे को समझने के बजाय अपनी-अपनी अपेक्षाओं को पूरा करने की मांग करते हैं और असंतुष्ट रहते हैं.

कैसे निपटें?

– रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स कहते हैं कि लॉन्ग डिस्टेंस मैरेज में अपेक्षाएं ़ज़्यादा होती हैं. ऐसे कपल्स स़िर्फ छुट्टियों में ही मिलते हैं. इसलिए दोनों को मानसिक रूप से ज़्यादा परिपक्व होना पड़ेगा. आपको स़िर्फ अपनी ही नहीं, बल्कि अपने पार्टनर की मुश्किलों को भी समझना पड़ेगा.

–  ह़फ़्ते में कम से कम 2 दिन साथ में बिताएं. जब भी दोनों साथ में हों तो ऑफ़िस की बातें न करें.

– दिन में जब भी समय मिले, अपने पार्टनर से बात करें.

– पार्टनर से बात करके छुट्टियों की प्लानिंग पहले ही कर लें, ताकि समय बरबाद न हो.

चैलेंज 2ः सेक्स के लिए व़क़्त नहीं

मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रमोद गुप्ता बताते हैं, “सेक्स वैवाहिक जीवन का प्राण है. इससे पति-पत्नी शारीरिक और मानसिक स्तर पर  एक-दूसरे से जुड़ते हैं. यही जुड़ाव दोनों के बीच में एक पुल का काम करता है.” आजकल नौकरियों के अलग-अलग समय, लॉन्ग डिस्टेंस मैरेज, अति व्यस्तता, तनाव आदि के कारण पति-पत्नी को सेक्स के लिए समय नहीं मिल पाता. यदि इच्छा होते हुए भी सेक्स के लिए समय न मिले तो दोनों को ही शारीरिक और मानसिक समस्याएं हो सकती हैं.

कैसे निपटें?

–  पति-पत्नी सेक्स को लेकर संकोच न करें.

– पार्टनर से अपनी सेक्स संबंधी इच्छाओं और सेक्स के टाइम मैनेजमेंट को लेकर खुलकर बात करें.

– दिन में दो-तीन घंटे नहीं, पर छोटे-छोटे लम्हे तो आप चुरा ही सकते हैं.

– सेक्स के लिए दो चीज़ें ज़रूरी हैं-सेक्स की इच्छा होना और समय. सेक्स-इच्छा के लिए ज़रूरी है हमेशा प्रेजेंटेबल रहना, साथ ही ऑफ़िस के तनाव को अपने और पार्टनर के बीच में न आने दें.

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Relationship Challenges
चैलेंज 3ः बच्चों को व़क़्त न दे पाना

पति-पत्नी की सबसे बड़ी समस्या है- बच्चों के लिए समय न दे पाना. ज्यादातर कपल्स अपने करियर और जॉब की वजह से बच्चे की प्लानिंग नहीं कर पाते हैं. यदि प्लान करते भी हैं तो उन्हें बच्चे की परवरिश के लिए समय नहीं मिलता. पैरेंट्स द्वारा बच्चों के साथ व़क़्त न बिताने पर कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. इन समस्याओं से बचने के लिए ज़रूरी है कि वे बच्चों के साथ समय बिताएं. ये स़िर्फ बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए बेहतर होगा.

कैसे निपटें?

– पति-पत्नी जब पूरी तरह से तैयार हों तभी बच्चे की प्लानिंग करें.

– ऑफ़िस से आने के बाद बच्चों के साथ पर्याप्त समय बिताएं.

– बच्चों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछें. उनके साथ खेलें, घूमने जाएं.

– बच्चों को टीवी, वीडियो गेम्स या फिर इंटरनेट की लत से बचाएं.

चैलेंज 4ः ऑफ़िस रोमांस

पार्टनर के पास समय न होने, ऑफ़िस का तनाव आदि कारणों से आजकल ऑफ़िसरोमांस व विवाहेेतर संबंध बनते देर नहीं लगती. मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, वर्कप्लेस पर अ़फेयर होने पर लोग मानसिक तौर पर तरोताज़ा महसूस करते हैं. पर यह क्षणिक होता है, जिसके कारण आगे चलकर मानसिक अवसाद भी उत्पन्न होता है.

कैसे निपटें?

– अगर अपनी शादी बचाना चाहते हैं तो आपको ही ख़ुद पर नियंत्रण रखना होगा.

– अपने पार्टनर के प्रति वफ़ादार रहें.

– ऑफ़िस रोमांस को रोकने के लिए पार्टनर से खुलकर बातें करें, उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करें.

– ऑफ़िस के काम से समय निकालकर अपने पार्टनर से फ़ोन पर बातें करें, ताकि उन्हें दूसरों की ज़रूरत महसूस ही न हो.

चैलेंज 5ः मनी मैटर्स

बढ़ती महंगाई और अच्छी लाइफ़ स्टाइल दोनों के लिए पैसा ज़रूरी है. इसलिए कपल्स का वर्किंग होना भी ज़रूरी है, पर पति-पत्नी के झगड़े अक्सर पैसे को लेकर ही होते हैं, जैसे- घर का बजट, इन्वेस्टमेंट प्लानिंग आदि, क्योंकि उन्हें अपने वर्तमान के साथ भविष्य को भी सुरक्षित करना होता है.

कैसे निपटें?

– मनी मैटर्स को पति-पत्नी अपने रिश्ते के बीच में न आने दें.

– घर के बजट और महीने के ख़र्च दोनों एक साथ बैठकर तय करें.

– ख़र्चों की प्राथमिकता तय करें और मनी मैटर्स को लेकर एक-दूसरे से कुछ भी न छिपाएं.

– विजया कठाले निबंधे

यह भी पढ़े: ऑफिस रोमांस के साइड इफेक्ट्स (Side Effects Of Office Romance)

ऑफिस रोमांस के साइड इफेक्ट्स (Side Effects Of Office Romance)

कहते हैं इश्क़ और मुश्क छिपाए नहीं छिपते… और इश्क़ यदि ऑफिस कलीग से हो जाए, तो इसकी ख़बर आग की तरह पूरे ऑफिस में फैल जाती है… और फिर शुरू होता है ऑफिस रोमांस (Office Romance) के साइइ इफेक्ट्स (Side Effects) का सिलसिला…

Side Effects Of Office Romance

बढ़ते कॉम्पटीशन ने ऑफिस में काम के घंटे बढ़ा दिए हैं, जिसके कारण लोग अपना ज़्यादातर समय ऑफिस में ही बिताते हैं. ऐसे में लंबे समय तक साथ काम करते हुए अपने सहकर्मी से प्यार हो जाना कोई आश्‍चर्य की बात नहीं है. साथ काम करते हुए हम कलीग से अपने सुख-दुख बांटते हैं, एक-दूसरे की रुचियों को जानते हैं. ऐसे में जब कोई मनचाहा सहकर्मी मिलता है, तो उसके प्रति आकर्षण बढ़ जाता है. हम उसके साथ ज़्यादा से ज़्यादा समय बिताना पसंद करते हैं और ऐसा करते हुए अक्सर कलीग से प्यार हो जाता है. लेकिन ऑफिस रोमांस की राह इतनी आसान नहीं है. यदि आपको अपने सहकर्मी से इश्क़ हो जाए, तो ये एहसास आपके लिए जितना रूमानी होगा, उतनी ही मुश्किलें भी खड़ी कर सकता है.

हां, वो मुश्किल दौर था मेरे लिए…

28 वर्षीया सुहानी ने बताया, वो मेरी पहली जॉब थी और मैं अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थी. फिर एक प्रोजेक्ट में मुझे रोहित के साथ काम करने का मौक़ा मिला. रोहित का सुलझा हुआ व्यवहार और अपने काम के प्रति लगन मुझे बहुत पसंद आई. मैं रोहित से काम को लेकर कई सवाल पूछती और वो पूरे धैर्य के साथ मेरे हर सवाल का जवाब देता. शायद रोहित को भी अब मेरा साथ अच्छा लगने लगा था. फिर प्रोजेक्ट पूरा होने की ख़ुशी में रोहित ने मुझे ट्रीट दी और उसी दिन अपने प्यार का इज़हार भी कर लिया. मैं तो जैसे तैयार बैठी थी रोहित का साथ पाने के लिए. रोहित का साथ पाकर मुझे ऑफिस और भी अच्छा लगने लगा था, लेकिन उसके बाद हम ऑफिस में नॉर्मल व्यवहार नहीं कर पाते थे. हमारा प्यार हमारी बॉडी लैंग्वेज से झलकने लगा था. हम रोज़ सुबह साथ ऑफिस आते और शाम को भी ऑफिस से जल्दी निकलने के बहाने तलाशते. ऑफिस में भी लंच ब्रेक, टी ब्रेक के बहाने बाहर निकल जाते. ऑफिस टाइम में एक-दूसरे को मैसेज करते. धीरे-धीरे हमारे इश्क़ के चर्चे पूरे ऑफिस में चर्चा का विषय बन गए. रोहित सीनियर था, इसलिए वो अपना काम संभाल लेता था, लेकिन मेरे काम में अब शिकायतें आने लगी थीं. बॉस और सीनियर्स से अब मुझे वॉर्निंग मिलने लगी थी. ऑफिस में हम दोनों की इमेज ख़राब होने लगी थी. मैं समझ गई थी कि अब हमें एक ऑफिस में काम नहीं करना चाहिए. इससे पहले कि बात और बिगड़ जाती, मैंने दूसरी नौकरी तलाश ली. ये हम दोनों के लिए मुश्किल ज़रूर था, लेकिन हमारे रिश्ते के लिए यही सही फैसला था.

ऑफिस रोमांस की वजहें

ऑफिस कलीग से प्यार हो जाने की कई वजहें हैं और ऐसा होना स्वाभाविक है. आमतौर पर इन वजहों से ऑफिस रोमांस शुरू होता है:

लंबे समय तक साथ काम करना

आजकल काम के घंटे बढ़ते जा रहे हैं और शिफ्ट ड्यूटी, नाइट शिफ्ट में साथ काम करते हुए सहकर्मी आपस में भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं. ऐसे में उनके बीच अफेयर या रोमांस होना आम बात है.

समानताएं

एक ही प्रोफेशन में काम करनेवाले लोगों की कई आदतें और पसंद-नापसंद भी आपस में मेल खाती हैं, इसलिए ऐसे व्यक्ति से प्रभावित होना या उससे प्यार हो जाना स्वाभाविक है. साथ काम करते हुए ऐसे सहकर्मी कई बार एक-दूसरे के इतने क़रीब आ जाते हैं कि उन्हें प्यार हो जाता है और फिर वो एक-दूसरे से दूर नहीं रह पाते.

भावनात्मक लगाव

भावनात्मक लगाव हमें किसी से भी हो सकता है. साथ काम करते हुए कुछ लोगों से हम बहुत ज़्यादा घुल-मिल जाते हैं, ऐसे में उस शख़्स से प्यार हो जाना कोई आश्‍चर्य की बात नहीं है.

ऑफिस रोमांस के साइड इफेक्ट्स

ऑफिस कलीग से प्यार हो जाना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन आप जब ऑफिस के काम और अपने इस रिश्ते को सही तरह से बैलेंस नहीं कर पाते, तब ऑफिस रोमांस के साइड इफेक्ट्स दिखने शुरू हो जाते हैं.

काम पर होता है असर

जब ऑफिस में दो लोगों के बीच रोमांस चल रहा होता है, तो वो हर पल साथ रहना चाहते हैं. साथ रहने के बहाने तलाशने के लिए वो बार-बार टी ब्रेक लेते हैं या आपस में मैसेज करते रहते हैं. इससे उनका काम पर से ध्यान हटता है और इसका उनके परफॉर्मेंस पर असर होता है.

एक साथ छुट्टी लेना

दो प्यार करनेवाले हमेशा मिलने के बहाने तलाशते रहते हैं और जब किसी को अपने ऑफिस कलीग से प्यार हो जाता है, तो वो भी डेट पर जाने के बहाने तलाशते रहते हैं. ऐसे में दोनों के एक साथ छुट्टी लेने से ऑफिस के काम पर असर पड़ता है.

ब्रेकअप का दर्द

ज़रूरी नहीं कि ऑफिस की हर लव स्टोरी सक्सेसफुल ही हो, ऐसे में जब दोनों का ब्रेकअप होता है, तो उनका काम में मन नहीं लगता. वो ऑफिस में एक-दूसरे को देखकर डिस्टर्ब हो जाते हैं. इससे भी ऑफिस का ही नुक़सान होता है.

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Office Romance Effects
कैसे बचें ऑफिस रोमांस के साइड इफेक्ट्स से?

कॉलेज के बाद ऑफिस ही एक ऐसी जगह है, जहां पर सबसे ज़्यादा अफेयर होते हैं. ऑफिस में हमउम्र सहकर्मी के प्रति आकर्षित होना आम बात है. लेकिन जब आपको ऑफिस में किसी से प्यार हो जाए, तो आपको ऑफिस के नियमों का पालन करते हुए अपनी लव स्टोरी को आगे बढ़ाना चाहिए. ऑफिस रोमांस के साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें.

* ऑफिस में भले ही आपका अपने कलीग के साथ अफेयर चल रहा हो, लेकिन काम के समय स़िर्फ अपने काम पर ध्यान दें. अपने इस ख़ास रिश्ते के लिए ऑफिस के पहले और बाद का समय रखें.

* काम के समय आपस में मैसेज द्वारा या इशारों में बात न करें. इससे आपका काम प्रभावित होगा और ऑफिस में आपकी इमेज भी ख़राब होगी.

* आपके अफेयर की ख़बर आपके अन्य सहकर्मियों या बॉस तक न पहुंचे तो ही अच्छा है, वरना आपकी हर गतिविधि पर नज़र रखी जाएगी और हर बात को आपके अफेयर से जोड़कर देखा जाएगा. इससे आपकी नौकरी ख़तरे में पड़ सकती है.

* बार-बार टी ब्रेक के बहाने या लंच के लिए बाहर न जाएं, रोज़ ऐसा करने से आपके अफेयर की बात सबको पता चल जाएगी और फिर आपके ब्रेक लेने पर भी पाबंदी लग सकती है.

* डेट पर जाने का प्रोग्राम छुट्टी के दिन बनाएं. ऑफिस में एक साथ दोनों की ग़ैरहाज़िरी से एक तो आपके अफेयर के बारे में सबको पता चल जाएगा और इससे ऑफिस का काम भी प्रभावित होगा.

* अपने पर्सनल रिश्ते को ऑफिस के काम पर हावी न होने दें. यदि किसी बात पर डिबेट चल रहा हो, तो बिना सोचे-समझे स़िर्फ अपने पार्टनर का सपोर्ट न करें, वो जहां पर ग़लत हों, वहां पर उनका विरोध अवश्य करें.

ऑफिस रोमांस के आंकड़े
सुहानी और रोहित की कहानी आपको लगभग हर ऑफिस में मिल जाएगी, क्योंकि एक साथ काम करने वाले सहकर्मियों के बीच प्यार हो जाना कोई नई बात नहीं है. एक सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 58 प्रतिशत लोगों का ये मानना है कि वे या तो ऑफिस रोमांस में शामिल रहे हैं या उन्हें ऐसा करने में कोई आपत्ति नहीं है.
ऑफिस रोमांस के फ़ायदे

माना ऑफिस रोमांस आपके काम या जॉब के लिए हानिकारक हो सकता है, लेकिन आप यदि समझदारी से काम लें और काम पर फोकस करते हुए अपने रिश्ते को भी बैलेंस करते जाएं, तो ऑफिस रोमांस आपके लिए एक सुखद अनुभव हो सकता है. ऑफिस रोमांस के अपने ही फ़ायदे हैं-

* रोज़ ऑफिस आने का मन करता है.

* आप ऑफिस में ख़ुश रहते हैं, इसलिए काम अच्छा करते हैं

* ऑफिस के काम में आपका मन लगता है.

* आप ऑफिस में हमेशा प्रेज़ेंटेबल रहते हैं.

* पार्टनर पर अपना इंप्रेशन जमाने के लिए आप हर काम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं.

* वर्क प्रेशर में भी ख़ुशी से मिल-जुलकर काम करते हैं.

* ऑफिस अफेयर की वजह से आप घर की समस्याएं ऑफिस तक नहीं लाते.

– कमला बडोनी

 

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